Posted on

अंडर 19 वर्ल्डकप विजेता बना भारत: टीम के जूनियर ”ब्रैडमैन” का जलवा, बने ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’

अंडर 19 वर्ल्डकप के फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया. मनजोत कालरा ने बेहतरीन पारी खेलते हुए शतक जड़ा. पृथ्वी शॉ की कप्तान में टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के पहले मैच में भी ऑस्ट्रेलिया को ही हराया था. मनजोत को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया. वहीं टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले शुभमन गिल को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया. भारत ने ‘मैन ऑफ द मैच’ सलामी बल्लेबाज मंजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत शनिवार को यहां बे ओवल मैदान पर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मनजोत कालरा के नाबाद 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया. कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए.

‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुने जाने के बाद शुभमन ने कहा, ‘मैं अपनी टीम पर गर्व करता हूं. हम भाग्यशाली हैं कि हमें राहुल (द्रविड़) सर कोच के रूप में मिले. उन्होंने मुझे सिर्फ खेल पर ध्यान देने की सलाह दी. यह मेरे लिए रोमांचित कर देने वाला समय है. मुझे उम्मीद है कि आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन करूंगा.’

भारत ने टूर्नामेंट का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें शुभमन ने 63 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. वहीं इसके बाद जिम्बावे के खिलाफ 59 गेंदों का सामना करते हुए 13 चौकों और 1 छक्के की मदद से 90 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 86 रन की पारी खेली. शुभमन ने पाकिस्तान के खिलाफ 102 रन की नाबाद पारी खेली.

बता दें कि शुभमन ने इस टूर्नामेंट के 6 मुकाबलों में 372 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. शुभमन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उनसे पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ी ए एंथाजे हैं. एंथाजे ने 6 मुकाबलों में 418 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 2 अर्धशतक जड़े हैं. शुभमन ने 112.38 के एवरेज से रन बनाए. उन्होंने वर्ल्डकप 2018 में 40 चौके और 2 छक्के जड़े हैं.

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया. ईशान पोरेल ने उसे 32 के कुल स्कोर पर पहला झटका दिया. उन्होंने मैक्स ब्रायंट (14) को अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया. ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका भी ईशान ने दिया. उन्होंने दूसरे सलामी बल्लेबाज जैक एडवर्ड्स (28) को पवेलियन भेज दिया. 59 के कुल स्कोर पर कप्तान जेसन संघा (13) को कमलेश नागरकोटी ने पवेलियन भेजा.

यहां ऑस्ट्रेलिया मुश्किल में थी. मेर्लो और उप्पल ने उसे संभाला और चौथे विकेट के लिए 75 रनों की साझेदारी की. उप्पल को अनुकूल रॉय ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर उनकी पारी का अंत किया. मेर्लो को फिर नाथन मैक्स्वीनी का साथ मिला और दोनों ने टीम को 183 के स्कोर पर पहुंचा दिया. लेकिन शिवा सिंह ने अपनी ही गेंद पर मैक्स्वीनी का कैच पकड़ इस साझेदारी को तोड़ा. यहां से ऑस्ट्रेलिया ने लगातार विकेट खो दिए और जल्दी पवेलियन में लौट गई. मेर्लो 212 के कुल स्कोर पर सातवें विकेट के रूप में पवेलियन लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 102 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले वो, 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में, 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में और 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है. वहीं भारत ने लगातार दूसरी बार फाइनल में आस्ट्रेलिया को मात दी. 2012 में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की थी.

Leave a Reply