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आरुषि हत्याकांड में तलवार दंपति बरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में तलवार दंपति को बरी कर दिया है.

मामले से जुड़े वकील एके निगम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तलवार दंपति की अपील मंजूर कर ली है.

अभी तक कोर्ट के फ़ैसले की तफसील से जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उनकी उम्र कैद की सजा रद्द हो गई है.

2008 के आरुषि हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तलवार दंपत्ति की याचिका मंजूर करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है.

16 मई 2008 को दिल्ली से सटे नोएडा के एक घर में 14 साल की आरुषि का शव मिला था. अगले दिन घर में काम करने वाले हेमराज का शव घर की छत पर मिला.

शुरुआत में उत्तर प्रदेश पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया और राजेश तलवार के नौकरों को संदिग्ध माना. इसके बाद पुलिस ने कहा कि राजेश तलवार ने कथित तौर पर आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखा और गुस्से में दोनों की हत्या कर दी.

मामला सीबीआई के पास पहुंचा. 26 नवंबर 2013 को सीबीआई की अदालत ने तलवार दंपति को दोषी करार दिया. तलवार दंपति सभी आरोपों से इनकार करते हैं.

तलवार दंपति पर क्या फ़ैसला?

हाई कोर्ट ने कहा कि तलवार दंपति को संदेह का लाभ मिलना चाहिए.

इस मामले में तलवार दंपति को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराया था.

इससे पहले 25 नवंबर 2013 को सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपति को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी उसके बाद दोनों गाज़ियाबाद की डासना जेल में सज़ा काट रहे थे.

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