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ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल में फ्लिपकार्ट ने मारी बाजी

► पिछले साल के मुकाबले ई-कॉमर्स की बिक्री 40 फीसदी बढ़ी
► 58 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रही फ्लिपकार्ट
► एमेजॉन 26 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर
► स्नैपनडील, पेटीएम मॉल, शॉपक्लूज ने हासिल की कुल 16 फीसदी हिस्सेदारी

ई-कॉमर्स कंपनियों की पांच दिनों की सेल 24 सितंबर को खत्म हो गई और इस दौरान ग्राहकों ने करीब 9,000 करोड़ रुपये (करीब 1.5 अरब डॉलर) की ऑनलाइन खरीदारी की। ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस की ओर से दी गई छूट से भी कंपनियों को बिक्री बढ़ाने में मदद मिली। 2016 में त्योहारी सेल के दौरान 1.05 अरब डॉलर की बिक्री हुई थी यानी इस बार ऑनलाइन बिक्री में 40 फीसदी बढ़ी है, वहीं 2015 की तुलना में बिक्री करीब दोगुनी रही।

बाजार विशेषक रेडसियर कंसल्टिंग के आंकड़ों के अनुसार घरेलू ई-कॉमर्स फ्लिपकार्ट समूह का त्योहारी सेल के दौरान दबदबा रहा और उसने 5,200 करोड़ रुपये मूल्य का सामान बेचा, जिससे सेल के दौरान ऑनलाइन रिटेल बाजार में उसकी हिस्सेदारी 58 फीसदी रही। दूसरी ओर प्रतिस्पर्धी कंपनी एमेजॉन को 26 फीसदी से ही संतोष करना पड़ा। रेडसियर कंसल्टिंग के मुख्य कार्याधिकारी अनिल कुमार ने कहा, ‘धमाकेदार विज्ञापन, बेहतर ऑफर और सुगम क्रियान्वयन से ई-रिटेलर बिक्री से पहले लगाए गए अपने अनुमान को हासिल करने में सफल रहे।’

फ्लिपकार्ट ने अपनी हिस्सेदारी पिछले साल के 50 फीसदी से बढ़ाकर इस बार 58 फीसदी कर लिया, वहीं एमेजॉन की हिस्सेदारी 32 फीसदी से घटकर 26 फीसदी रह गई। पांच दिनों के सेल में अन्य रिटेलरों- स्नैपडील, पेटीएम मॉल और शॉपक्लूज की कुल हिस्सेदारी 16 फीसदी रही।

रेडसियर ने कहा कि इस साल त्योहारी सेल की सफलता में ग्रााहकों के बीच जागरूकता बढऩे, बेहतर ऑफर और छूट के साथ ही सुगम आपूर्ति का भी अहम योगदान रहा। इस साल फ्लिपकार्ट के पास 4 अरब डॉलर की नकदी थी, जिसके दम पर वह अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनी को पीछे छोडऩे में सफल रही। बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ साक्षात्कार में फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्याधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा था कि कंपनी ने नकदी फूंके बिना विकास करने के उपाय तलाश लिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले साल अपने बाजार का अच्छी तरह से विस्तार किया, नए उत्पाद में प्रवेश किया और नवोन्मेष पर जोर दिया और इस पर वास्तव में ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़े। हम स्पष्टï तौर पर बेवजह पैसे खर्च करने में यकीन नहीं करते हैं।’ रेडसियर ने स्पष्टï किया है कि भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में उसका अनुमान एकीकृत शोध दृष्टिïकोण को अपनाकर लगाया गया है, जिसमें उसने 9,000 ग्राहकों, 1,000 विक्रेताओं के बीच सर्वेक्षण किए। इसके साथ ही उसने ऑनलाइन डील वेबसाइटों के साथ साझेदारी कर 1 लाख से ज्यादा डेटा पाइंट जुटाए हैं।

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