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कट्टर देश रहे सऊदी अरब में अब बदलाव की बयार, 5 बड़े फैसले

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रूढ़िवादी मुस्लिम देश सऊदी अरब तेजी से सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है. इस बदलाव की नई फेहरिस्त में वहां सिनेमाघरों पर लगे 3 दशक पुराने प्रतिबंध को हटाना शामिल है. वहां के संस्कृति और सूचना मंत्रालय का कहना है कि विभाग तत्काल प्रभाव से सिनेमाघरों को लाइसेंस जारी करना शुरू कर देगा और अगले साल मार्च तक पहला सिनेमाघर शुरू हो सकता है.

 

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    बदलाव के राजकुमारपिछले कुछ समय में सऊदी अरब के 32 वर्षीय राजकुमार मुहम्मद बिन सलमान ने कई साहसिक फैसले लिए हैं जिसकी दुनियाभर में तारीफ हुई, खासकर महिलाओं की स्थिति में सुधार वास्ते. वह अपने उस वादे पर आगे बढ़ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका देश अब उदारवादी इस्लाम को अपनाएगा. आइए, जानते हैं कुछ ऐसे ही बड़े बदलाव के बारे में जिसका फायदा यह मुल्क उठाएगा.

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    महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमतिसऊदी अरब ने इस साल सितंबर में एक आदेश जारी कर महिलाओं को पहली बार ड्राइविंग की अनुमति दी थी. यह आदेश जून, 2018 से लागू होगा. सऊदी अरब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश था जहां महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध लगा हुआ था. अब इस बैन के हटते ही यहां की महिलाएं भी सड़क पर गाड़ी चला सकेंगी. हालांकि महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति इतनी आसानी से नहीं मिली. महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष चला. कई महिलाओं को बैन के खिलाफ गाड़ी चलान पर सजा भी दी गई. अब 2018 के मध्य से महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसे ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे.

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    स्टेडियम में मैच देखने की इजाजतसऊदी अरब बदल रहा है, इसकी मिसाल इस बात से मिलती है कि वह लगातार अपनी परंपराओं में सुधार ला रहा है. सऊदी अरब ने महिलाओं को स्टेडियम में खेल मुकाबले देखने की अनुमति दी है. हालांकि इसकी शुरुआत भी अगले साल से ही हो सकेगी. इस देश के तीन बड़े शहरों रियाद, जेद्दा और दम्माम में लोग महिलाओं के साथ स्टेडियम में मैच देखने जा सकेंगे. यहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी समाज के आधुनिकीकरण और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए लगातार सुधार कर रहे हैं, इससे पहले वहां पर सिर्फ पुरुष ही स्टेडियम जा सकते थे.

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    व्हॉट्सएप और स्काइप से हटी पाबंदी सुधारों की दिशा में सऊदी अरब ने सितंबर, 2017 में एक और ऐतिहासिक फैसला लिया. यह फैसला था व्हॉट्सएप और स्काइप जैसी वॉइस और वीडियो कॉल ऐप से पाबंदी हटाने का. वहां के लोगों के लिए इससे पहले वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के इस्तेमाल पर बैन था, अब वे इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. 2011 में चर्चित अरब क्रांति के बाद सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन के बाद सऊदी अरब सरकार ने इंटरनेट पर सेंसर लगा दिया था. जिस कारण करीब चार लाख वेबसाइट लोगों की पहुंच से दूर हो गया था.

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    खेलों में महिला भागीदारीसऊदी अरब सरकार ने 2013 में पहली बार निजी स्कूलों में लड़कियों के लिए खेल में भाग लेने की अनुमति दे दी. वहीं 2012 में इस देश ने पहली बार किसी महिला खिलाड़ी को किसी ओलंपिक में भाग लेने की अनुमति दी. लंदन ओलंपिक में सराह अतर ने महिलाओं की 800 मीटर रेस में भाग लिया था. सराह ने इस्लामी परंपराओं की तरह सिर तक कपड़े ढंक रेस में भाग लिया था. प्रिंसेज रीमा को नई गठित विभाग महिला खेल प्राधिकरण का मुखिया नियुक्त किया गया.

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    स्टॉक बाजार में महिला बॉसइसी साल सऊदी अरब के स्टॉक बाजार को भी महिलाओं की मौजूदगी का एहसास हुआ. फरवरी, 2017 में सऊदी स्टॉक एक्सचेंज तडावुल ने पहली महिला चेयरपर्सन सराह अल सुहैमी के रूप में चुना. तडावुल अपने क्षेत्र का सबसे बड़ा और दुनिया में 26वें नंबर पर है यह स्टॉक बाजार.

 

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