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कौन हैं संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आईना दिखाने वाली ये महिला?

संयुक्त राष्ट्र में एक गलत तस्वीर दिखाकर मुश्किल में फंसे पाकिस्तान पर भारत ने एक बार फिर पलटवार किया.

यूएन में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भारत पर इल्ज़ाम लगाते हुए एक तस्वीर दिखाई थी जिसमें एक लड़की का चेहरा पेलेट गन से ज़ख़्मी दिख रहा है.

तस्वीर को कश्मीर का बताया गया जबकि ये फ़लस्तीन की थी.

अब बारी भारत की थी और उसने ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत पाकिस्तान की तस्वीर के बदले एक और तस्वीर दिखाई.

भारत ने दिया पाकिस्तान को जवाब

पॉलोमी त्रिपाठी
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यूएन में भारत की परमानेंट मिशन के साथ नियुक्त सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने जवाब देते हुए लेफ़्टिनेंट उमर फ़य्याज़ की तस्वीर दिखाई.

इस साल मई में जम्मू कश्मीर के अफ़सर उमर फ़य्याज़ को अगवा कर बाद में हत्या कर दी गई थी.

भारत की तरफ़ से संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली के 72वें सत्र में भारत की तरफ़ से पॉलोमी त्रिपाठी ने जवाब दिया.

इस जवाब में कहा गया है, ”मैं यहां पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि के 23 सितंबर, शनिवार को पटल पर रखे गए बयान का जवाब देने के लिए हूं.”

कौन हैं उमर फ़य्याज़?

पॉलोमी त्रिपाठी
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पोलॉमी ने कहा, ”पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि ने एक बार फिर वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की भूमिका से ध्यान हटाने की कोशिश की. ऐसा उन्होंने एक ज़ख़्मी लड़की की तस्वीर दिखाते हुए किया.”

”ये फ़लस्तीन की लड़की राव्या अबु जॉम है और तस्वीर अमरीकी फ़ोटोग्राफ़र हेदी लेवाइन ने जुलाई 2014 में ली थी. 24 मार्च 2015 को ये फ़ोटो न्यूयॉर्क टाइम्स ने छापी और कैप्शन था ‘कंफ़्लिक्ट, करेज एंड हीलिंग इन गाज़ा.”

”पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि ने इस तस्वीर के ज़रिए भारत के बारे में झूठ फैलाने की कोशिश की. फ़र्ज़ी तस्वीर के ज़रिए फ़र्ज़ी नेरेटिव गढ़ने का प्रयास किया.”

पाकिस्तान ने दिखाई थी गलत तस्वीर

पॉलोमी त्रिपाठी
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”पाकिस्तान की इस झूठी कोशिश के सामने हम असेंबली को उस दर्द की सच्ची तस्वीर दिखाना चाहते हैं जो पाकिस्तान की साज़िशों की वजह से भारत को भुगतने पड़ रहे हैं.”

”ये नकली नहीं बल्कि लेफ़्टिनेंट उमर फ़य्याज़ की असली तस्वीर है. वो भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के एक नौजवान अफ़सर थे.”

एक शादी समारोह से उन्हें अगवा किया गया. और पाकिस्तान के समर्थन वाले आतंकवादियों ने मई 2017 में उन्हें बर्बर तरीके से प्रताड़ित कर मार डाला.”

”ये असली तस्वीर है, जो कड़वी हक़ीक़त दिखाती है…पाकिस्तान का असली चेहरा अब किसी से छिपा नहीं है.”

कौन हैं पॉलोमी त्रिपाठी?

पॉलोमी त्रिपाठी
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ज़ाहिर है यूएन में भारत का रुख़ इस बार काफ़ी कड़ा दिख रहा है. सोशल मीडिया पर भी संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दल की तारीफ़ हो रही है.

कामयाबी टीम वर्क की है लेकिन पॉलोमी सामने हैं, ऐसे में उनकी प्रशंसा होना लाज़िमी है.

पॉलोमी त्रिपाठी ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए और एमफ़िल किया है. वो सेंटर फॉर स्टडी ऑफ़ रीजनल डेवलपमेंट में पढ़ाई किया करती थीं.

साल 2006 में वो रेवेन्यू सर्विस में चुनी गईं और उसके बाद साल 2007 में फ़ॉरेन सर्विसेज़ में.

जून में पहुंची हैं यूएन

पॉलोमी त्रिपाठी
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मूल रूप से कोलकाता की रहने वालीं पॉलोमी का विवाह साल 2007 में हुआ और उनके पति दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं.

वो शुरू से ही फॉरेन सर्विस में जाना चाहती थीं. उनका परिवार इस बात पर काफ़ी गर्व महसूस कर रहा है लेकिन उनका कहना है कि ये टीम वर्क है.

पॉलोमी इसी साल जून में यूएन में गई और उन्हें मौजूदा ज़िम्मेदारी संभाले हुए कुछ ही महीने हुए हैं.

रेवेन्यू से फ़ॉरेन सर्विस तक

पॉलोमी त्रिपाठी
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वो इससे पहले चार साल साउथ ब्लॉक में डिप्टी सेक्रेटरी (एडमिनिस्ट्रेशन) रह चुकी हैं. साल 2007 से 2009 के बीच वो अंडर ट्रेनिंग रहीं और साल 2009 से 2013 के बीच स्पेन में पोस्टेड रहीं.

साल 2013-14 के बीच आसियान मल्टी लेटरल में उन्होंने अहम ज़िम्मेदारी संभाली और साल 2014 से जून तक एडमिनिस्ट्रेशन में रहीं. साल 2017 में जून में वो यूएन पहुंचीं.

दिलचस्पी की बात करें तो पॉलोमी को पढ़ना और पसंद है और ऐसा बताया जाता है कि वो बिना पढ़ें सोती नहीं हैं. ऐसे में किताबें उनकी सबसे अच्छी दोस्त हैं.

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