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सुप्रीम कोर्ट में टुकड़े-टुकड़े में सहारा की एंबी वैली नीलाम होगी. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मंजूरी दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने एंबी वैली की नीलामी के लिए और वक्त दिया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त रिसीवर ने कोर्ट में कहा कि एक साथ पूरी एंबी वैली को बेचना संभव नहीं है. इसके अलग-अलग हिस्सों को चल और अचल संपत्ति के हिसाब से बेचा जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि जैसे गोल्फ कोर्स, इंटरनेशनल स्कूल, रेस्तरां, कान्वेंशन हॉल, हवाई पट्टी आदि हैं जिन्हें अलग-अलग बेचा जा सकता है. सहारा की सभी 48 संपत्तियों को बेचा नहीं जा पा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने रिसीवर को कहा कि पहले चल संपत्ति को बेचा जाए इसके बाद अचल को. बॉम्बे हाईकोर्ट लिक्विडेटर ने कोर्ट को बताया कि एंबी वैली की संपत्ति को पहले बेचा जाए. कोर्ट को बताया गया कि दो बड़ी कंपनियां महिंद्रा और पिरामल एंबी वैली को खरीदने में रुचि दिखा रही हैं. सहारा की तरफ से कहा गया कि हमने डिजिटलाइजेशन में 50 करोड़ रुपये खर्च किया है, जिन्हें पैसा दिया है उनका वैरिफिकेशन किया जाए और जल्द मामले की सुनवाई हो. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई 19 अप्रैल को करेंगे. बता दें कि सहारा सेबी विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को कहा कि वो एंबी वैली की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाए. सुप्रीम कोर्ट ने एंबी वैली की नीलामी के लिए रिसीवर नियुक्त किया था. बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को ऑफिसियल लिक्विडेटर को नियुक्त किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीलामी सही तरीके से हो ये रिसीवर की जिम्मेदारी होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को कहा कि आप नीलामी प्रकिया में बाधा न डाले, एंबी वैली प्रोपेर्टी को सुप्रीम कोर्ट ने अटैच की हुई है, अब आप प्रॉपर्टी से बाहर हैं.
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