Posted on

तमिलनाडु, बिहार, सहित 5 राज्यों को मिले नए राज्यपाल

बनवारी लाल पुरोहित को शनिवार (30 सितंबर) को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया और भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्य पाल मलिक बिहार के नये राज्यपाल होंगे. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जगदीश मुखी, पुरोहित के स्थान पर असम के नये राज्यपाल होंगे. इसके अनुसार, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय सहित पांच राज्यों में राज्यपाल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल की नियुक्ति की घोषणा की.

बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य गंगा प्रसाद को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. पुरोहित मेघालय के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार देख रहे थे. राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार एडमिरल (सेवानिवृत्त) देवेंद्र कुमार जोशी अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल होंगे. वह मुखी का स्थान लेंगे. महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव के पास तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार था. दिसंबर में जे. जयललिता के निधन के बाद उत्पन्न राजनीतिक हालात के मद्देनजर तमिलनाडु में पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति की मांग की जा रही थी.

पूर्व सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मलिक को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति पद के लिये कोविंद के भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकित किये जाने के बाद से यह पद रिक्त था. इस साल जुलाई में वह राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुए.

इसके अनुसार ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी डी मिश्रा अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे. नगालैंड के राज्यपाल पद्मनाभ बालकृष्ण आचार्य अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे. तमिलनाडु के नये राज्यपाल पुरोहित एक सार्वजनिक हस्ती रहे हैं और वह महाराष्ट्र के विदर्भ में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में अभिन्न रूप से शामिल रहे हैं.

वर्ष 1977 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और वर्ष 1978 में वह नागपुर पूर्वी सीट से पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिये चुने गये थे. पुरोहित को अंग्रेजी अखबार ‘द हितवाद’ को फिर से शुरू करने का भी श्रेय जाता है, जिसके संस्थापक महात्मा गांधी के मार्गदर्शक गोपाल कृष्ण गोखले थे. बिहार के नये राज्यपाल मलिक पार्टी के किसान मोर्चा के प्रभारी हैं और वह केंद्र एवं राज्य दोनों जगह अहम पद पर रहे हैं. वह केंद्रीय राज्य मंत्री, संसदीय मामलों के मंत्री एवं पर्यटन मंत्री रह चुके हैं.

मेघालय के नये राज्यपाल प्रसाद वर्ष 1994 में पहली बार बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने गये थे और वह 18 वर्ष तक विधान परिषद के सदस्य रहे. उन्होंने विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं, वह विधान परिषद में भाजपा के नेता के तौर पर भी सेवा दे चुके हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिये विशेष तौर पर आमंत्रित प्रसाद पांच वर्ष तक विधान परिषद में विपक्ष के नेता के तौर पर कार्य कर चुके हैं. असम के नये राज्यपाल मुखी आपातकाल के बाद सक्रिय राजनीति में उतरे थे. वह दिल्ली में जनकपुरी विधानसभा सीट से सात बार विजयी रहे हैं. मुखी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और वह दिल्ली विधानसभा में मंत्री एवं विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं.

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार नये उपराज्यपाल जोशी अगस्त 2012 से 26 फरवरी 2014 तक चीफ ऑफ नवल स्टाफ रह चुके हैं. पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरत्ना में आग लगने की घटना के बाद इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.

इसके अनुसार जोशी नेशनल डिफेंस एकेडमी के पूर्व छात्र रहे हैं और उन्हें भारतीय नौसेना के एग्जेक्युटिव ब्रांच में एक अप्रैल, 1974 को नियुक्त किया गया था. उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, नौसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है.

अरुणाचल प्रदेश के नये राज्यपाल मिश्रा एनएसजी (ब्लैक कैट कमांडोज) काउंटर हाईजैक टास्क फोर्स के कमांडर थे. यह टास्क फोर्स वर्ष 1993 में इंडियन एयरलाइंस के एक विमान के अपहरण के बाद बचाव अभियान में शामिल था.उन्होंने देश के लिये विभिन्न युद्धों एवं अभियान में भूमिका निभायी है. सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने करगिल युद्ध के दौरान अपनी सेवाएं दी थीं और आतंकवाद रोधी अभियोनों में अपनी साहसिक भूमिकाओं के लिये वह प्रशंसा भी पा चुके हैं.

Leave a Reply