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देश भर में जल्द सस्ती होगी शराब, GST काउंसिल की बैठक में होगा फैसला

शनिवार को गुड्स एंड सर्विस काउंसिल की 26वीं बैठक होने जा रही है। इस बैठक में काउंसिल कई अहम मुद्दों पर फैसला लेगी। जहां कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न को 3बी के जरिए फाइल करने के लिए अनुमोदन मिल सकता है, वहीं शराब को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

शराब होगी जीएसटी में शामिल
शराब को जीएसटी के दायरे में लाने की दिशा में पहला कदम उठा सकती है। अगर आम राय बनती है तो राज्यों की ओर से प्रतिरोध के बावजूद एल्कोहल युक्त पेय बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल या ‘मानव के उपयोग वाले एल्कोहल’ को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है।

इससे व्हिस्की, रम और बियर आदि एल्कोहॉलिक पेय बनाए जाते हैं। शेष 30 प्रतिशत ईएनए का प्रयोग दवा या फिर सौंदर्य प्रसाधन बनाने के काम में लाया जाता है।एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ईएनए) पर जीएसटी लगाने की केंद्र सरकार की यह दूसरी कवायद है, जिस पर इस समय राज्य सरकारें कर लगाती हैं।

पीने वाले एल्कोहल को जीएसटी के बाहर रखा गया है, जबकि इसका कच्चा माल ईएनए अपरिभाषित क्षेत्र में है।

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