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मेक्सिको भूकंप: क्यों नहीं सुन पाए लोग भूकंप का अलार्म?

सेंट्रल मेक्सिको में मंगलवार आए शक्तिशाली भूकंप के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिकायतें की कि देश की सिस्मिक अलर्ट सिस्टम यानी भूकंप की चेतावनी देने वाली व्यवस्था ठीक काम नहीं कर रही है.

मेक्सिको सिटी की रोमा कॉलोनी में रहने वाली रोबर्टो रेन्टेरिया ने बीबीसी को बताया कि इमारतों के गिरने की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि “भूकंप अलार्म काफी देर में सुनाई दिया.”

मेक्सिको में आए शक्तिशाली भूकंप में लगभग 149 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों इमारतें जमींदोज़ हो गई हैं. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है

भूकंप की चेतावनी

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में कई लोगों ने कहा है कि उन्होंने भूकंप अलार्म की आवाज़ सुनी और झटके आने से पहले इमारतों से निकल कर बाहर खुले में आ गए.

भूगर्भ में होने वाली हलचल पर नज़र रखने वाली संस्था सेंटर ऑफ़ इंस्ट्रूमेन्टेशन एंड सिस्मिक रिकॉर्ड (सीआईआरईएस) के अधिकारी का कहना है, “सही समय पर रेडियो, टेलीविज़न और लाउडस्पीकर के ज़रिए भूकंप की चेतावनी जारी की गई थी.”

बीबीसी ने इस बात की जांच की अलग-अलग इलाकों में रहने वालों को भूकंप अलार्म जल्दी या देर में क्यों सुनाई दिया.

सीआईआरईएस के शोधकर्ता आर्मेन्डो कुएयर मार्टिनेज़ ने बीबीसी को बताया, “मेक्सिको सिटी में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरह की मिट्टी पाई जाती है. ये एक वजह हो सकती है कि क्यों कुछ लोगों को भूकंप अलार्म की आवाज़ थोड़ी देर से सुनाई पड़ी.”

राजधानी के रोमा कॉलोनी जैसे इलाके जहां पर ‘नरम मिट्टी’ है वहां दूसरी जगहों की तुलना में भूकंप का झटका पहले महसूस हुआ.

कुएयर मार्टिनेज़ कहते हैं, “हालांकि अलार्म काम कर रहा था, लेकिन इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ज़मीन का ऊपर उठना पहले महसूस हुआ जिस कारण लोगों में अचानक डर पैदा हो गया. कठोर मिट्टी वाली ज़मीन पर इस तरह हलचल देर में महसूस होती है.”

जानकार मानते हैं कि भूकंप की स्थिति में जान बचाने के लिए पहले कुछ सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. वो कहते हैं कि ऐसे वक्त में अलार्म सिस्टम के अनुसार घबराहट और तैयारी के लिए जो समय माना गया है वो सामान्य है या नहीं इस पर काफी कुछ निर्भर करता है.

भूकंप का केंद्र

कुएयर मार्टिनेज़ कहते हैं, “इसी साल 8 सितंबर को आए अलार्म को भूकंप आने के करीब 2 मिनट पहले सुना गया. इसका कारण था कि ये भूकंप मेक्सिको से दूर टुआंटेपेक की खाड़ी में आया था. लेकिन आज का भूकंप का केंद्र राजधानी से महज 170-180 किलोमीटर दूर ही था.”

कम शब्दों में कहा जाए तो भूकंप का केंद्र अलार्म सिस्टम से जितना नज़दीक होगा, सिस्टम के पास चेतावनी देने के लिए और आपके पास झटके महसूस करने के लिए उतना ही कम वक्त होगा.

 

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