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"जब मैं हवा-हवाई गाना शूट कर रहा था तो मुझे समझ नहीं आता था कि मैं श्रीदेवी का क्लोज़ अप लूँ या फिर दूर से शूट करूँ." श्रीदेवी के साथ फ़िल्म 'मिस्टर इंडिया' में काम करते वक़्त अपनी उलझन निर्देशक शेखर कपूर ने बरसों पहले कुछ यूँ बयां की थी. "उनके चेहरे के भाव, उनकी आँखें इतनी मोहक थीं कि लगता था कि इन्हीं को दिखाता रहूँ जो क्लोज़ अप में ही मुमकिन था, लेकिन इसमें उनका डांस छूट जाता था. उनका डांस ऐसा ग़ज़ब था कि लगता था, दूर से कैमरे में हर एक अदा कैद कर लूँ." अलग अलग फ़िल्मों में कुछ ऐसा था श्रीदेवी का करिश्मा..
श्री देवीइमेज कॉपीरइटSADMA MOVIE POSTER

'सदमा' की वो श्रीदेवी

'सदमा' की वो 20 साल की लड़की जो पुरानी ज़िंदगी भूल चुकी है और वो सात साल की मासूमियत लिए एक छोटी बच्ची की तरह कमल हसन के साथ उसके घर पर रहने लगती है. रेलवे स्टेशन का वो सीन जहाँ याददाश्त वापस आने के बाद ट्रेन में बैठी श्रीदेवी कमल हसन को भिखारी समझ बेरुख़ी से आगे बढ़ जाती है और कमल हसन बच्चों-सी हरकतें करते हुए श्रीदेवी को पुराने दिन याद दिलाने की कोशिश और करतब करते हैं- शायद हिंदी फ़िल्मों के बेहतरीन दृश्यों में होगा. एक ऐसी अदाकारा जो मोम की तरह किसी भी रोल में बख़ूबी ढल जाया करती थीं- 11 साल की उम्र में उन्होंने तेलुगू फ़िल्म में एक ऐसी बच्ची का रोल किया था जो देख नहीं सकती थी.
श्री देवीइमेज कॉपीरइटCHANDNI MOVIE POSTER/YASHRAJ FILMS
या सफ़ेद लिबास में ढली 'चांदनी' जो अपने मंगेतर के ठुकराए जाने से दुखी तो हैं पर किसी और के साथ दोबारा ज़िंदगी शुरू करने से हिचकिचाती नहीं भले ही वो कोशिश नाकाम रही. या फिर अपनी उम्र से दोगुने व्यक्ति से प्रेम करने का साहस करने वाली 'लम्हे' की पूजा. या फिर एक ही फ़िल्म में नरम और लड़क मिज़ाज वाली दो बहनों का रोल 'चालबाज़' की मंजू और अंजू . या फ़िल्म 'मॉम' में अपनी बेटी के गैंगरेप का बदला लेने निकली माँ का वो रूप जिसमें वो पूछती हैं कि अगर ग़लत और बहुत ग़लत में से चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे?
श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटLAMHE FILM POSTER/YASHRAJ FILMS

पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों के नाम

ये पिछले ही साल की बात है कि श्रीदेवी ने फ़िल्मों में 50 साल पूरे किए और 54 साल की उम्र में उन्होंने जीवन को अलविदा कह दिया है. जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगभग पूरी ज़िंदगी फ़िल्मों में लगा दी. 51 साल पहले चार साल की एक छोटी-सी बच्ची तमिल सिनेमा की स्क्रीन पर नज़र आई थी. दरअसल पर्दे पर उन्होंने एक छोटे लड़के का रोल किया था. नाम था श्रीदेवी. तमिल-तेलुगू में चाइल्ड आर्टिस्ट का काम करते करते हुए वो हिंदी सिनेमा तक आ पहुँची जब लोगों ने 1975 में उन्हें 'जूली' में बाल कलाकार के तौर पर देखा.
श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटSOLVA SAWAN MOVIE POSTER
और यही श्रीदेवी हिंदी सिनेमा की पहली सुपरस्टार कहलाईं हालांकि उन्होंने बतौर लीड एक्टर सबसे पहले रजनीकांत के साथ 1976 में तमिल फ़िल्म में काम किया था जिसमें कमल हासन की ख़ास भूमिका थी. 1978 में जब भारतीराजा की हिंदी फ़िल्म 'सोलवां सावन' में श्रीदेवी पर्दे पर आईं तो शायद ही किसी की नज़र फ़िल्म पर पड़ी. श्रीदेवी का वज़न उस समय था कोई 75 किलो और लोग उन्हें 'थंडर थाइज़' कहते थे. फिर 1983 में 'हिम्मतवाला' रिलीज़ हुई. बड़ी-बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी ने धीमे-धीमे अपने काम और अभिनय से सबका मुँह बंद करा दिया. उस ज़माने में लोग उन्हें 'लेडी अमिताभ' भी कहते थे.
श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटNAGINA FILM POSTER

शुरुआती जीवन

उनके परिवार की बात करें तो पिता के. अयप्पन एक वकील थे और घर में बहन श्रीलता और भाई सतीश किसी ज़माने में उनके पिता ने कांग्रेस के टिकट पर शिवकासी से चुनाव भी लड़ा था और श्रीदेवी ने अपने पिता के लिए चुनाव अभियान में हिस्सा भी लिया था. श्रीदेवी की माँ ने शुरुआती दौर में उनके करियर में अहम रोल निभाया. कम्प्लीट एक्टर को बयां करते हुए जिन लोगों का नाम ज़हन में आता है- उसमें श्रीदेवी ज़रूर से एक हैं. कॉमेडी, एक्शन, डांस, ड्रामा -हर विधा में वो माहिर थीं. 'मिस्टर इंडिया' के एक सीन में जहाँ वो चार्ली चैपलिन जैसे गेट अप में एक होटल में जाती हैं, उस सीन में अपनी कॉमिक टाइमिंग के ज़रिए उन्होंने सबको चारों खाने चित्त कर दिया था.
श्रीदेवीइमेज कॉपीरइटCHAALBAAZ MOVIE POSTER

अव्वल डांसर

डांस के मामले में भी वो अव्वल थीं, फिर वो 'हवा हवाई हो', 'मेरे हाथों में नौ नौ चूड़ियाँ हों' या 'नैनों में सपना' हो या फ़िल्म 'नगीना' का वो क्लाइमेक्स डांस जिसमें वो नागिन बनी थीं. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे फ़िल्म 'नगीना' में क्लाइमेक्स गाना और डांस शूट होना था और सेट एक ही दिन के लिए उपलब्ध था. सुबह उन्होंने डांस शूट करना शुरू किया और साथ ही सेट को तोड़ने का काम शुरू हो गया. खाली एक दीवार बची थी और उसी दायरे में श्रीदेवी को डांस करना था, लेकिन गाना देखने के बाद कभी इस बात का एहसास नहीं होता. हालांकि अपनी आवाज़ के लिए शुरू में उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी.

जब श्रीदेवी ने शादी का फ़ैसला किया

निजी ज़िंदगी की बात करें तो 90 के दशक में उनके जीवन में उथल पुथल मची जब बोनी कपूर के साथ उनकी शादी हुई जो पहले से शादीशुदा थे.
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बतौर निर्देशक बोनी कपूर के साथ वे कई फ़िल्में कर चुकी थीं और 1997 में फ़िल्म 'जुदाई' के बाद उन्होंने लंबा ब्रेक लिया. लेकिन 2012 में जब वो 'इंग्लिश विंग्लिश' में हिंदी फ़िल्मों में लौटीं तो ऐसा लगा ही नहीं कि वो कभी पर्दे से गई थीं. "मर्द खाना बनाए तो कला है, औरत बनाए तो उसका फ़र्ज़ है"- फ़िल्म में जब वो ये डायलॉग बोलती हैं तो शशि के रोल में एक घरेलू महिला की दबी इच्छाओं, उसकी अनदेखी को बयां कर जाती हैं. पिछले साल 2017 में आई 'मॉम' उनकी आख़िरी फ़िल्म रही. अपनी दोनों बेटियों के साथ श्रीदेवी का बड़ा लगाव था-किसी भी माँ की तरह. सोशल मीडिया पर अकसर वो अपनी बेटियों के साथ अपनी तस्वीरें डाला करती थीं.
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उनकी बेटी जाह्नवी की पहली फ़िल्म 'धड़क' पाँच महीने बाद 20 जुलाई 2018 को रिलीज़ होने वाली है. अक्सर जब भी श्रीदेवी के ट्विटर पेज पर जाओ तो उनकी बेटी की पहली फ़िल्म धड़क का पोस्टर सबसे ऊपर मिलता है जिसे उन्होंने पिन टू टॉप करके रखा था. वो अक्सर कहा करती थीं कि 'मदर इंडिया' उनका ड्रीम रोल था. 'मॉम' उनके करियर की आख़िरी और 300वीं फ़िल्म थी. मुझे पिछले साल का एक इंटरव्यू याद है जब पति बोनी कपूर ने बहुत नाज़ से कहा था, 'श्रीदेवी ने एक्टिंग में 50 साल पूरे कर लिए हैं, उनकी 300वीं फ़िल्म आ रही है. आप जानती हैं और किसी ऐसे एक्टर को. ऐसे एक्टर और भी होंगे शायद.' लेकिन 'चांदनी' की सी रोशनी बिखेरनी वाली, बड़ी बड़ी आँखों वाली श्रीदेवी एकदम जुदा थीं जिनकी फ़िल्में चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट छोड़ जाती हैं. फ़िल्म 'चालबाज़' के एक सीन में रजनीकांत श्रीदेवी से तंग होकर उन्हें ताने मारते हैं- ये रोज़-रोज़ नाच गाना तेरे बस का नहीं है. और श्रीदेवी चैलंज करते हुए कहती हैं- तुझे तो मैं ऑल इंडिया स्टार बनकर दिखाऊँगी....ज़िंदगी में उन्होंने ऐसा ही कर दिखाया.
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वो उन चंद अभिनेत्रियों में से थीं जिन्हें हिंदी, तमिल, तेलुगू फ़िल्मों के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला. यहाँ तक कि केरल फ़िल्म इंडस्ट्री में भी उन्हें 1970 में बतौर बाल कलाकार सम्मानित किया गया था. (हिंदी ही नहीं उन्होंने तेलुगू, तमिल, कन्नड और मलायलम फ़िल्मों में भी ख़ूब काम किया. )
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