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अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में अपनी 634.96 करोड़ की संपति का ब्यौरा देते हुए 20 रीजनल पार्टियों की सूची में टॉप करते हुए सबसे अमीर रीजनल पार्टी साबित हुई है. उसके बाद डीएमके 257.18 करोड़ और एआईएडीएमके 224.84 करोड़ की संपति के साथ है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म यानी एडीआर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2011-12 में सपा की कुल संपत्ति 212.86 करोड़ थी, जो वर्ष 2015-16 में 198 प्रतिशत बढ़कर 634.96 करोड़ हो गई है. वित्तीय वर्ष 2011-12 में एआईएडीएमके की कुल संपत्ति 88.21 करोड़ थी, जो वर्ष 2015-16 में 155 प्रतिशत बढ़कर 224.87 करोड़ हो गई है. रीजनल पार्टियों की कुल संपत्ति को 6 मुख्य आधारों पर गिना गया है जिसमें, लोन, एडवांस, डिपॉज़िट्स, फिस्क्सड असेट्स, टीडीएस, इन्वेस्टमेंट्स और दूसरी संपतियां आती हैं. लिस्ट में जुड़ी नई राजनीतिक पार्टियों में मार्च 2011 में रजिस्टर हुई YSR कांग्रेस और नवंबर 2012 में रजिस्टर हुई आम आजमी पार्टी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2012-13 में इन पार्टियों की कुल संपत्ति 1.165 करोड़ बताई गई, जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर 3.765 करोड़ हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, लिस्ट में तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ऋण के मामले में टॉप टू पर बनी हुई है. वित्तीय वर्ष 2015-16 में टीआरएस द्वारा कुल ऋण 15.97 करोड़ बताया गया. जबकि वर्ष 2011-12 में टीआरएस ने कोई ऋण नहीं दिखाया था. दूसरा सबसे बड़ ऋण 8.186 करोड़ का टीडीपी पार्टी ने दिखाया.
इसके अलावा शिवसेना ने पॉज़िटिव ट्रेंड दिखाते हुए वर्ष 2015-16 में अपने ऋणों को कम किया है.
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