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भारत बंद के दौरान बिहार में हिंसा, आरा में फायरिंग और गया में लाठीचार्ज

SC/ST एक्ट में हुए बदलावों के विरोध में 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. अब आरक्षण के विरोध में आज भारत बंद बुलाया गया है. इस बंद को लेकर देश के सभी राज्यों की पुलिस हाईअलर्ट पर है, गृहमंत्रालय ने भी सभी राज्यों को सख्ती बरतने के लिए कहा है. कई राज्यों में भारत बंद के चलते धारा 144 लागू की गई है. ये भारत बंद आरक्षण के विरोध में बुलाया गया है.

बिहार – आरा नगर थाने में आनंदनगर इलाके में बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुई है. दोनों तरफ से फायरिंग की जा रही है. इसके अलावा आरा में ही सैकड़ों युवाओं ने पटना पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया. आक्रोशित युवाओं ने रेल पटरी पर उतरकर आरक्षण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरा में पत्थरबाजी के दौरान सात लोग घायल हुए हैं. घायल में एसडीओ भी शामिल हैं. गया में भारत बंद के दौरान उपद्रवियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. कई उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया है. आरा में धारा 144 लागू की गई है.

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 बिहार के वैशाली में भी आरक्षण के विरोध में बंद के दौरान कई जगह से प्रदर्शन और जाम की तस्वीर सामने आई हैं. आरक्षण विरोधियों ने कई जगह रेल ट्रैक पर आगजनी कर परिचालन को भी बाधित किया है.

इसके अलावा पटना-कोलकाता रेलखंड का परिचालन ठप हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने बरौनी पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया है. कई लोग रेल पटरी पर बैठकर ही प्रदर्शन कर रहे हैं. दरभंगा की ललित नारायण मिश्रा यूनिवर्सिटी ने अपने बीए के पेपर को टाल दिया है. इसके अलावा कई प्राइवेट स्कूलों को भी बंद किया गया है.

आरक्षण के खिलाफ भारत बंद के दौरान भोजपुर में आक्रोशित युवाओं ने सड़क पर आगजनी कर आवागमन बाधित कर दिया. नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा मोड़ के समीप आरक्षण के खिलाफ नारे लगा रहे युवाओं ने 84 आरा बक्सर मुख्य मार्ग को सुबह से ही जाम लगाना शुरू कर दिया.

बिहार के मुजफ्फरपुर में हिंसा के दौरान लोगों ने तीन राउंड फायरिंग की है. समर्थकों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की.

केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में दिख रहा है. इस दौरान हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा जाम में फंस गए. बंद समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी भी की गई. ये घटना हाजीपुर के शुभाई की है.

जो युवा नारेबाजी कर रहे थे उनका कहना था कि आरक्षण जाति के हिसाब से नहीं बल्कि आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए ताकि हर वर्ग के लोग समाज की मुख्यधारा में आ सके. इसके अलावा बिहार में NH 219 के पास रतवार गांव में लोगों ने सड़क को जाम कर दिया है और नारेबाजी कर रहे हैं. मुजफ्फरपुर में मंगलवार सुबह पटना रोड के पास टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा भगवानपुर में मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया गया है.

बिहार में भी भारत बंद के चलते सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज बिहार में ही हैं, इसलिए सुरक्षा वैसे ही बढ़ाई गई है. केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि केंद्र सरकार की एंटी-दलित छवि बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि एक साल में सबकुछ ठीक हो जाएगा, सरकार दलितों के लिए बहुत कुछ कर रही है.

उत्तर प्रदेश –

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में दिख रहा है. मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में रविवार से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सहारनपुर में अग्रिम आदेशों तक इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा हापुड़ और मुजफ्फरनगर में भी इंटरनेट की सेवा बंद है. वहीं फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर में स्कूलों को भी बंद रखा गया है. रविवार रात से ही कई इलाकों में पुलिस ने मार्च किया. अभी शुरुआत में मेरठ में भारत बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है.

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 No impact of #BharatBandh call seen as yet in Meerut. MHA had issued an advisory that some groups would be protesting against caste-based reservations in jobs and education.

पंजाब

 पंजाब के फिरोजपुर में भारत बंद के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई. दुकान बंद करवाने के दौरान लोगों ने मोटरसाइकिल पर पथराव किया. इस दौरान लोगों ने तलवारों से हमला किया, जिसमें दो घायल हुए हैं.

मध्य प्रदेश –

2 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा मध्यप्रदेश में ही हुई थी. इस बार भारत बंद को देखते हुए राज्य के कई शहरों में धारा 144 लागू की गई है. भिंड, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, श्योपुर, शिवपुरी में इंटरनेट की सुविधा पर रोक लगा दी गई है. भिंड और मुरैना में कर्फ्यू लगा दिया हया है. पैरामिलिट्री फोर्स की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है.

ग्वालियर में उपद्रवियों से निपटने के लिए 2 हज़ार से ज्यादा पुलिस बलों को तैनात किया गया है. इसके अलावा सीआरपीएफ को भी तैनात किया गया है. भोपाल, रायसेन, टीकमगढ़ में धारा 144 को लागू किया गया है. वहीं सागर में किसी भी तरह के धरने, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना और भिंड में हुई हिंसा के बाद, उच्च जातियों के संगठनों द्वारा 10 अप्रैल को प्रस्तावित भारत बंद और 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है.

राजस्थान –

राजस्थान में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है. जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सुविधा पर रोक लगा दी गई है और शहर में धारा 144 लागू की गई है.

केरल – 

केरल में आज CPIM भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. CPIM राज्य के हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी. CPIM का आरोप है कि बीजेपी के राज में दलितों पर अत्याचार बढ़ा है.

गृह मंत्रालय ने मुहैया कराई सुरक्षा

आपको बता दें कि भारत बंद को देखते हुए देशभर में गृहमंत्रालय ने 30 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया है. इसमें 14 कंपनी अर्धसैनिक बल की उत्तर प्रदेश में, 4 कंपनी सीआरपीएफ की मध्यप्रदेश में, 8 कंपनी CRPF की राजस्थान में और बिहार में CRPF की 4 कंपनियां तैनात की गई हैं.

गृह मंत्रालय ने सोमवार को ही सभी राज्यों को एडवाइज़री जारी की थी. इसमें राज्यों के डीएम और एसपी को अलर्ट जारी किया गया था और बंद के दौरान सतर्क रहने को कहा गया था. आपको बता दें कि ये बंद किसी संगठन के द्वारा नहीं बुलाया गया है. बल्कि 2 अप्रैल के बाद लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों के जरिए ही बुलाया गया है.

आपको बता दें कि बीते 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट में बदलावों के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. इस भारत बंद में काफी हिंसा हुई थी, जिसमें करीब 10 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. इस दौरान उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में काफी हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी.

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