Views 359
0 0
Read Time5 Minute, 27 Second
बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग में गुजरात-हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत के लिए बुधवार को नरेंद्र मोदीऔर अमित शाह का सम्मान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी नेताओं से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बूथ लेवल पर बीजेपी को मजबूत करने की बात कही। नए चेहरों को पार्टी में अहम जिम्मेदारियां दी जाएं। इस दौरान गुजरात में पार्टी के संघर्ष के दिनों और अटल बिहारी वाजपेयी के कामकाज को याद करते हुए नरेंद्र मोदी कुछ देर के लिए भावुक हो गए। मोदी ने कहा कि एक वक्त इंदिरा गांधी की 18 राज्यों में सरकार थी, अब हमारी 19 राज्यों में है। वहीं, मीटिंग में जाते वक्त केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज गिर गए। उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।

बूथ लेवल कैंपेन चुनाव के लिए मां की तरह

- मीटिंग के बाद पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर अनंत कुमार ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने 2019 का लोकसभा इलेक्शन जीतने के लिए देशभर में बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत करने की बात कही है। यह चुनाव में जीत के लिए मां की तरह होता है। - साथ ही मोदी ने कहा कि बीजेपी में युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां दी जाएं। सभी नेता सरकार के 2022 के न्यू इंडिया विजन के लिए साथ मिलकर काम करें। पीएम ने पार्टी नेताओं से कहा कि गुजरात और हिमाचल के चुनावों में विपक्ष के झूठे प्रचार से डरने की जरूरत नहीं है।

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मोदी भावुक हुए

- पार्टी सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी गुजरात में पार्टी के संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कुछ वक्त के लिए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि एक वक्त 18 राज्यों में इंदिरा गांधी (कांग्रेस) की सरकार थी। आज बीजेपी इससे आगे 19 राज्यों तक पहुंच चुकी है। - मोदी ने बताया कि अटलजी ने कैसे युवाओं में नई जान फूंकी थी। उन्होंने मुझे लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी। तब मैं आरएसएस में स्टेट जनरल सेक्रेटरी था और बीजेपी में नई भूमिका मिली थी। मोदी ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने से 14 साल छोटे अमित शाह को पॉलिटिक्स के लिए ग्रूम किया। - केंद्र में सरकार चलाते हुए बीजेपी ने पिछले तीन सालों में विधानसभा चुनावों जिस प्रकार से जीत हासिल की। अब तक कोई पार्टी ऐसा नहीं कर पाई।

रूपाणी अभी भी पहली पसंद

- गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर अटकलें तेज हैं। गुजरात में सीटें कम होने के बावजूद मौजूदा सीएम विजय रूपाणी पहली पसंद बताए जा रहे हैं।फिर भी 2012 से इस बार सीटें कम होने के बाद दबी जुबान में उठ रहे सवालों की वजह से यहां बदलाव भी मुमकिन है। सीएम की रेस में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का भी नाम है।स्मृति अभी गुजरात से ही राज्यसभा सांसद हैं। स्मृति इसलिए रेस में - बीजेपी उत्तर प्रदेश की तरह गुजरात में भी नया चेहरा दे सकती है। संगठन क्षमता और गुजराती भाषा जानने की वजह से स्मृति और पाटीदार कम्युनिटी से आने वाले केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का नाम भी सीएम रेस में चल रहा है। हालांकि, बीजेपी में ये ट्रेंड रहा है कि जिनके नाम सामने आते हैं, वो मुख्यमंत्री नहीं बनते। हिमाचल में धूमल की हार से बढ़ी मुश्किल - हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हार जाने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और 5 बार के विधायक जयराम ठाकुर रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। - हालांकि, सातवीं बार चुनाव जीतने वाले मोहिंदर सिंह, पांचवीं बार विधायक बने राजीव बिंदल, हिमाचल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज और चौथी बार चुनाव जीतने वाले कृष्ण कपूर के नाम भी चल रहे हैं।
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %