Posted on Leave a comment

तीन दोस्तों द्वारा शुरू की गयी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी को मिला 1 अरब डॉलर का निवेश। जानें कैसे मिली इन्हें सफलता!

देश की सबसे बड़ी फ़ूड डिलीवरी कंपनी स्विगी को हाल ही में 1 अरब डॉलर का निवेश मिला है। इस निवेश में 66 करोड़ डॉलर साउथ अफ्रीका की कंपनी नैस्पर ने किया जबकि बाकी निवेश टेनसेंट & हेज फंड्स और कैपिटल & वेलिंगटन मैनेजमेंट ने किया है। इस नई फंडिंग के समय पांच साल पुरानी स्विगी की कीमत 3.3 अरब डॉलर लगाई गई। इसके साथ ही अब स्विगी भारतीय कंपनियों में वैल्यूएशन के हिसाब से छठे नंबर की स्टार्टअप कंपनी बन गयी है।

Swiggy,team,men,behind
Swiggy team

Swiggy को तीन दोस्तों ने मिलकर 5 साल पहले शुरू किया था। इस तिकड़ी में राहुल जैमिनी IIT खड़कपुर से, श्रीहर्ष IIT कलकत्ता से जबकि नंदन रेड्डी बिट्स से स्नातक हैं। 5 डिलीवरी बॉयज़ से शुरू हुई स्विगी में अब 1.2 लाख डिलीवरी पार्टनर्स हैं और 42 शहरों के 50 हजार से ज्यादा रेस्ट्रोंस स्विगी के साथ जुड़ चुके हैं।

फ़ूड डिलीवरी मार्केट में स्विगी ने जोमाटो से जंग जीत ली है। गुरुग्राम की जोमाटो को इस साल दो फंडिंग राउंड्स में 41 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली है जबकि स्विगी ने इस साल तीन फंडिंग राउंड्स में 1.31 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल की है।

Swiggy, slogan, tagline, mantra
Swiggy Slogan

Swiggy में प्रारम्भ में निवेश करने वाली एस्सेल पार्टनर्स, सैफ पार्टनर्स, बेसेमर वेंचर पार्टनर्स और नॉर्वेस्ट वेंचर्स ने इस राउंड में अपनी होल्डिंग्स करीब 20 करोड़ डॉलर में बेची है जबकि किसी भी कंपनी ने अपना पूरा हिस्सा नहीं बेचा है। एवेंडस कैपिटल इस राउंड की फाइनेंशल एडवाइजर रही।

इस फंडिंग के बाद स्विगी ने बताया की ताजा फंडिंग से वो अपने डिलीवरी ओन्ली किचेंस का विस्तार करेंगे, टीम को और मजबूती देंगे। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित नेक्स्ट जेनेरेशन प्लेटफॉर्म बनाया जायेगा।

आपको बता दें स्विगी फिलहाल हर महीने 2.5 करोड़ से ज्यादा ऑर्डर पूरे कर रही है जबकि जोमाटो ने अक्टूबर में 2.1 करोड़ ऑर्डर पूरा करने का दावा किया था।

Posted on Leave a comment

अंग्रेज भारत से कितना धन लूट के ले गए थे, जानें अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक की अनोखी खोज

इस बात को हर भारतीय कभी न कभी सोचता होगा कि अंग्रेजी शासन में जो लूट हुई उससे भारतीय अर्थव्यवस्था को कितनी हानि हुई। सोने की चिड़िया हिन्दुस्तान क्यों अभी भी विकासशील देश ही है।

ब्रिटिश शासन के औपनिवेश के समय की अर्थव्यवस्था पर शोध कर रहीं अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक के लिखे थीसिस से बताया है आखिर ब्रिटिश शासकों ने भारत से कितना धन लूटा है। ब्रिटिश शासकों की ओर से लूटे गए खजाने की वजह से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा है200 साल तक देश में अत्याचार करने वाले अंग्रेज वापस लौट तो गए, लेकिन इतने समय में उन्होंने हमारा काफी धन लूट लिया। जानी-मानी अर्थशास्त्री उत्सा पटनायक ने अपने निबंध में लिखा कि अंग्रेज़ों ने भारत का करीब 45 ट्रिलियन डॉलर (3,19,29,75,00,00,00,000.50 रुपये) लूटा
इस निबंध को कोलंबिया यूनिवर्सिटी प्रेस ने प्रकाशित किया है। आगे उत्सा ने बताया कि अंग्रेज़ों ने भारत को लूटकर बर्बाद कर दिया और अपनी शान-ओ-शौकत के लिए कभी भी भारत का नाम तक नहीं लिया.

Posted on Leave a comment

खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।

Posted on Leave a comment

जानिए भारत में कैसे बढ़ती-घटती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमत

आइये जानते हैं वे कौन से फैक्टर हैं जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव डालते हैं।

कैसे तय होते हैं दाम

सबसे पहले खाड़ी या दूसरे देशों से तेल खरीदते हैं, फिर उसमें ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़ते हैं। क्रूड आयल यानी कच्चे तेल को रिफाइन करने का व्यय भी जोड़ते हैं। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और डीलर का कमीशन जुड़ता है। राज्य वैट लगाते हैं और इस तरह आम ग्राहक के लिए कीमत तय होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बदलाव घरेलू बाजार में कच्चे तेल की कीमत को सीधे प्रभावित करता है। भारतीय घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार यह सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से है। अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि, कम उत्पादन दर और कच्चे तेल के उत्पादक देशों में किसी तरह की राजनीतिक हलचल पेट्रोल की कीमत को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

बढ़ती मांग

भारत और अन्य विकासशील देशों में आर्थिक विकास ने भी पेट्रोल और अन्य आवश्यक ईंधन की मांग में वृद्धि की है। हाल ही में निजी वाहनों के मालिकों की संख्या बढ़ी है, जिससे भारत में पेट्रोल की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

आपूर्ति और मांग में असंतुलन
कच्चे तेल के इनपुट मूल्य की उच्च लागत के कारण भारत में तेल रिफाइनरी कंपनियों को बाजार की मांगों को पूरा करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। जिससे देश में पेट्रोल की कम आपूर्ति और अधिक मांग होती है।

टैक्स रेट
पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स पर भी काफी हद तक निर्भर करती हैं। सरकार की ओर से टैक्स दरें बढ़ाने की स्थिति में कंपनियां अक्सर उसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होती है।

चार साल में 12 बार बढ़ीं कीमतें
बीते चार साल में सरकार ने कम से कम एक दर्जन बार ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क में इजाफा किया है। नतीजतन मौजूदा सरकार को पेट्रोल पर मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में 2014 में मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के मुकाबले 10 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसी तरह डीजल में सरकार को पिछली सरकार के मुकाबले 11 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मिल रहे हैं।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105. 49 फीसदी और डीजल में 240 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दरअसल, फिलहाल पेट्रोल डीजल में कई सारे टैक्स शामिल हैं। मसलन, एक्साइज ड्यूटी और वैट (मूल्य संवर्धित कर)। इसके अलावा डीलर की ओर से लगाया गया रेट और कमीशन भी कीमतों में जुड़ते हैं। एक्साइज ड्यूटी तो केंद्र सरकार लेती है, जबकि वैट राज्यों की आमदनी (राजस्व) में जुड़ता है।

89.97 प्रति लीटर
महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल सोमवार को हो गया। यह पूरे देश में पेट्रोल की सर्वाधिक कीमत है।

रुपये की हालत
डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत भी उन प्रमुख कारकों में से एक है, जो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत को प्रभावित करती हैं। भारतीय तेल कंपनियां अन्य देशों से आयातित तेल का भुगतान डॉलर में करती हैं। लेकिन उनके खर्च रुपये में दर्ज होते हैं। जब डॉलर की तुलना में रुपये में गिरावट आती है, तो कंपनियों के लाभ पर असर पड़ता है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। इसी तरह रुपया मजबूत होने पर कीमतों में राहत मिलती है।

Posted on Leave a comment

अमेजन एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी

amazon head quarter

अमेजन 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली अमेरिका की दूसरी और दुनिया की तीसरी कंपनी बन गई। इसका शेयर मंगलवार को 2% तेजी के साथ 2050.50 डॉलर पर पहुंच गया। इस बढ़त से मार्केट वैल्यू में इजाफा हुआ।

amazon jeff bezos

एपल दो अगस्त को 1 ट्रिलियन डॉलर की पहली अमेरिकी कंपनी बनी थी। अमेजन का मार्केट कैप एपल से 9900 करोड़ डॉलर कम है। एपल से पहले 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंचा था।

दुनिया की टॉप-3 मार्केट कैप वाली कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (डॉलर)
एपल 1099 अरब
अमेजन 1000 अरब
माइक्रोसॉफ्ट 856 अरब

एक साल में शेयर 100% से ज्यादा चढ़ा: पिछले 12 महीने में अमेजन के शेयर ने 108% रिटर्न दिया। इस साल जनवरी से अब तक इसमें 74% तेजी आई। पिछले तीन महीने में निवेशकों को 20% और एक महीने में करीब 12% मुनाफा दिया।

21 साल में शेयर प्राइस बढ़कर 114 गुना: 15 मई 1997 को 18 डॉलर पर अमेजन के शेयर की लिस्टिंग हुई। मंगलवार की तेजी के बाद शेयर 2050 के ऊपर चला गया। आईपीओ में 1000 डॉलर के निवेश की वैल्यू अब 13 लाख 41 हजार डॉलर से भी ज्यादा हो गई।

तारीख शेयर प्राइस
15 मई 1997 18 डॉलर
23 अक्टूबर 2009 100 डॉलर
27 अक्टूबर 2017 1000 डॉलर
30 अगस्त 2018 2000 डॉलर

जेफ बेजोस दुनिया में सबसे अमीर: अमेजन के फाउंडर और सीईओ लंबे समय से दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 166 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बेजोस नंबर-1 हैं। शेयर में तेजी से इस साल उनकी दौलत में 66.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। बिलेनियर इंडेक्स में 98.1 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बिल गेट्स दूसरे नंबर पर हैं। एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी 47.7 अरब डॉलर के साथ 12वें नंबर पर हैं।

 

अमेजन का सफर

1994 किताब बेचने से शुरुआत
मई 1997 अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग
जून 1998 आईएमडीबी का अधिग्रहण

ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर की शुरुआत

दिसंबर 2000 कैमरा, फोटो स्टोर शुरू किया

अमेजन मार्केटप्लेस लॉन्च

फरवरी 2005 अमेजन प्राइम लॉन्च
नवंबर 2007 अमेजन किंडल, अमेजन म्यूजिक शुरू
सितंबर 2011 किंडल फायर, किंडल टच, किंडल टच 3जी बाजार में उतारे
दिसंबर 2016 अमेजन वीडियो लॉन्च

ड्रोन सर्विस प्राइम एयर से पहली डिलीवरी

अगस्त 2017 13 अरब डॉलर में होल फूड्स का अधिग्रहण
Posted on Leave a comment

विदेश व्यापार में इजाफे का जरिया बनी भारत की बदली रणनीति, बढ़ रहा निर्यात

साल 2014 में सत्ता में आने के बाद ही भारत के सभी विदेशी दूतावासों और राजदूतों व उच्चायुक्तों को उन देशों में भारतीय वस्तुओं/उत्पादों की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया था। यहां तक कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए होने वाली बातचीत में भी आपसी कारोबार को बढ़ाने के उपायों को शामिल करने पर जोर दिया गया। पूर्वी यूरोप के एक देश में रह चुके एक राजदूत के मुताबिक सरकार का यह स्पष्ट संदेश था कि भारतीय निर्यात की संभावनाओं को सदैव ध्यान में रखा जाए।

बीते चार साल में सरकार को तमाम दूतावासों से विदेश व्यापार को लेकर तमाम सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। सभी दूतावासों से यह जानकारी मांगी गई थी कि उन देशों में किन भारतीय उत्पादों की मांग की संभावना है। सरकार ने अपने दूतावासों की मदद से बीते चार साल में काफी जानकारी जुटाई है। कुछ उत्पादों के संबंध में मसलन इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के मामले में तो वाणिज्य मंत्रालय ने तत्काल कदम उठाए हैं जिनका असर निर्यात पर दिखा भी है। बीते छह महीने में निर्यात में वृद्धि का जो सिलसिला शुरू हुआ है, इसमें दूतावासों की तरफ से प्राप्त सूचनाओं का भी योगदान है।

इस पूरी एक्सरसाइज का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि सरकार को भविष्य के लिए अपनी निर्यात रणनीति तैयार करने में काफी मदद मिल रही है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इन सूचनाओं के आधार पर एक मैट्रिक्स तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जिस देश में जिस वस्तु या उत्पादों की मांग सामने आई है वहां उसके निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मैट्रिक्स विभिन्न देशों के आधार के साथ साथ दुनिया के विभिन्न जोनों में उत्पादों की मांग के आधार पर तैयार किया जा रहा है।

दूतावासों की सूचना के आधार पर इस मैट्रिक्स में कई ऐसे देशों के नाम भी जोड़े जा रहे हैं जो अभी तक भारत की निर्यात सूची में प्राथमिकता पर नहीं थे। लेकिन वहां से भी भारतीय वस्तुओं की मांग की सूचना मिली है। इन सूचनाओं के आधार पर ही सरकार निर्यातकों और उनके संगठनों को जानकारी उपलब्ध करा रही है ताकि भारतीय निर्यात को तेज वृद्धि की राह पर लाया जा सके। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु की निर्यात संगठनों के साथ हुई बातचीत में भी यह मुद्दा चर्चा में आया है।

Posted on Leave a comment

TVS Motors Makes Its Second Bet On EBikes Startup UAPL With Additional 10.98% Stake, Holding around 25% Currently

Bengaluru-based Ultraviolette Automotive Pvt Ltd (UAPL), which is developing electric two-wheelers, has raised $862K (INR 6 Cr) in a Series A funding round from TVS Motors Company.

This is TVS’s second investment in UAPL and has increased its holding in the startup to 25.76%, according to a stock exchange filing. In 2017, TVS invested $700K (INR 5 Cr) for a 14.78% stake in UAPL. With the latest investment, UAPL’s total funding has touched close to $2.5 Mn, the founder of the startup revealed.

The UAPL was founded in 2016 by Niraj Rajmohan and Narayan Subramaniam. They plan to utilise the funds to fine-tune UAPL’s product engineering work and also to expand its core R&D team and facility.

The startup is engaged in developing an electric motorcycle equivalent of conventional bikes in the 200-250 cc segment. It plans to launch its first two-wheeler by the end of 2019, the founders said.

Posted on Leave a comment

बिना नौकरी के कमाना चाहते हैं अच्छी रकम, आजमाएं ये 4 आसान ऑनलाइन तरीके

जानें सोशल मीडिया पर आप क्या कुछ कर कमा सकते हैं पैसे:

ब्लॉंगिंग: लिखने का हुनर जानने वाले और भाषायी व्याकरण पर अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए ब्लॉगिंग कमाल की चीज है। यानी अगर आपको लिखना पसंद है तो आप इसके जरिए कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको गूगल की ब्लॉ गिंग साइट ‘ब्लॉ गर’ पर अकाउंट बनाना होगा और इसके बाद आप वहां लिखना शुरू कर दीजिए। बेहतर होगा कि आप अपने ब्लॉग पर जो कुछ भी लिखते हैं उसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपका लिखा पहुंचे सके। इससे एक फायदा यह होगा कि आप अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा पाएंगे, आपकी प्रसिद्धी बढ़ेगी साथ ही आपके ब्लॉग को कई लोग जान पाएंगे। जब आपके पेज व्यूदज का काउंट काफी ज्या दा बढ़ जाएगा, तब आप गूगल एडसेंस के लिए अप्लाजई कर दें और अप्रूवल मिलते ही आपकी कमाई शुरू हो जाएगी।

वीडियो ब्लॉागिंग: फोटोग्राफी का शगल रखने वाले और इसे जज्बे के साथ अंजाम देने वालों के लिए इससे कमाल की कोई चीज नहीं हो सकती है। वीडियो ब्लॉकगिंग से भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। आप किसी एक टॉपिक को चुन लें और उस पर वीडियो बनाना शुरू कर दें। मान लीजिए आपको बाइक पसंद है तो आप उसके किसी खास टॉपिक पर रिव्यू देकर उसे हाईलाइट कर सकते हैं।

इसके लिए आपको फेसबुक और यू ट्यूब पर लगातार सक्रिय रहना होगा। आप जो भी वीडियो बनाएं उसे फेसबुक और यू ट्यूब पर शेयर करें। इससे आपके वीडियो को देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और लोग आपके यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करेंगे। जब आपके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ जाएगी फिर आपके पास पैसे आने लगेंगे। इतना ही नहीं इसके अलावा जो कंपनियां अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करना चाहती हैं वह आपके वीडियो का सहारा ले सकती हैं। इससे भी आपकी कमाई बढ़ जाएगी।

फ्रीलांसिंग: अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं लेकिन आपको मिलने वाली सैलरी आपके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है तो यह भी पैसे कमाने का अच्छा जरिया है। यदि आपके भीतर हुनर है तो आप फ्रीलांसिंग का काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं। बहुत सारी ऐसी वेबसाइट हैं जो फ्रीलांस का काम करने का मौका देती हैं। इनके टास्क अलग अलग कैटिगरी के हिसाब से लिस्ट होते हैं। आप जो काम बेहतर कर सकते हैं उनके लिए अप्लाई कर दें। फ्रीलांसिंग से प्रति असाइनमेंट 5 डॉलर से 100 डॉलर तक की कमाई की जा सकती है।

ऑनलाइन सर्वे: ऑनलाइन वर्ल्ड में यह कमाई के लिए एक नए तरीके का आसान काम है। इसमें बस आपको कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन सर्वे आयोजित कराना होता है। दैनिक आधार पर जिन सर्वे को आप पढ़ते हैं वे बाजार अनुसंधान फर्मों और मेगा-कॉरपोरेशन द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं। दरअसल सर्वे वाले ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जो अच्छे पैसे के बदले उत्पादों और सेवाओं पर सर्वे करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं।

Posted on Leave a comment

जियो और BSNL को टक्कर देने मार्केट में उतरी यह कंपनी, दे रही 1 साल तक अनलिमिटेड डाटा

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर स्पेक्ट्रा ने कुछ समय पहल ही हाई-स्पीड गीगा ब्रॉडबैंड प्लान किफायती कीमत में लॉन्च किया था। अब कंपनी एक नया प्लान लेकर आई है जिसके तहत 6 महीने या एक साल के लिए अनलिमिटेड डाटा दिया जा रहा है। इससे पहले न BSNL ने भी अपने प्लान्स की FUP लिमिट में बदलाव किए थे।

spectra,spectranet,internet,plans,service,provider

जानें इस प्लान के बारे में:

स्पेक्ट्रा ने अपने टैरिफ प्लान्स को रिवाइज किया है। नए प्लान्स और बेनिफिट्स केवल नए ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। पुराने यूजर्स को पुराने प्लान के बेनिफिट मिलते रहेंगे। नए प्लान के तहत यूजर्स को बिना FUP लिमिट के 6 महीने के लिए अनलिमिटेड डाटा उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्लान तभी वैध होगा जब यूजर्स कंपनी की वायर्ड ब्रॉडबैंड सर्विस लेंगे।

अगर यूजर्स कंपनी के मासिक प्लान का चुनाव करते हैं तो उन्हें FUP लिमिट के साथ प्लान दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर: बेंगलुरु में यूजर्स को तीन प्लान दिए जा रहे हैं। पहला प्लान 899 रुपये का है जिसके तहत 250 Mbps की स्पीड पर 100GB डाटा दिया जा रहा है। वहीं, 1,249 रुपये के प्लान में 500 Mbps की स्पीड पर 250GB और 1,549 रुपये के प्लान पर 1 Gbps के साथ 500GB तक डाटा दिया जाएगा।

नए प्लान के तहत यूजर्स को 6 महीने या 1 साल का प्लान लेना होगा। जिसके तहत 1,249 और 1,549 रुपये के प्लान के साथ अनलिमिटेड डाटा दिया जाएगा। इसके अलावा 899 रुपये के प्लान के तहत यूजर्स को 400 जीबी डाटा प्रति महीने दिया जाएगा। ये प्लान्स उन सभी शहरों में उपलब्ध हैं जहां स्पेक्ट्रा अपनी सर्विस उपलब्ध कराता है।

BSNL ने भी किए ब्रॉडबैंड प्लान में बदलाव:

BSNL ने रिलायंस जियो की GigaFiber ब्रॉडबैंड सर्विस को टक्कर देने के लिए अपने ब्रॉडबैंड प्लान की FUP लिमिट में बदलाव किया है। कंपनी ने 4,999 रुपये के प्लान में जहां पहले 1 टीबी की डाटा लिमिट थी। वहीं, अब इसे बढ़ाकर 1.5 टीबी कर दिया गया है। यह बदलाव चेन्नई के यूजर्स के लिए है। चेन्नई के अलावा दूसरे शहरों के लिए कंपनी अलग-अलग प्लान्स ऑफर कर रही है। इस प्लान की जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Posted on Leave a comment

जानें कौन हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

ये हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली टॉप 7 बाइक्स

1. हीरो स्प्लेंडर

देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक की लिस्ट में सबसे ऊपर हीरो स्प्लेंडर का नाम आता है। मई 2018 में कंपनी ने इस बाइक की कुल 2,80,763 यूनिट्स बेचीं थी। स्प्लेंडर एक लम्बे समय से अपने सेगमेंट में अच्छा परफॉर्म कर रही है।

2. हीरो HF Deluxe

दूसरे नंबर पर भी हीरो मोटोकॉर्प की ही HF Deluxe बाइक रही है। मई महीने में इसकी 1,84,131 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इस बाइक की लगातार बिक्री बढ़ रही है। डेली यूज के लिए इसे अच्छी बाइक कह सकते हैं। यह एक किफायती बाइक है।

3. होंडा CB शाइन

तीसरे नंबर पर होंडा की CB शाइन है। मई महीने में कंपनी ने इसकी 99812 यूनिट्स की बिक्री की। 125cc सेगमेंट में होंडा की CB शाइन एक अच्छी बाइक साबित हुई है। इस बाइक का मुकाबला हीरो की ग्लैमर, बजाज डिस्कवर से होगा। साल-दर-साल के आधार पर इस बाइक की बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है।

4. हीरो पैशन

हीरो मोटोकॉर्प की पैशन बाइक एक बार फिर से टॉप 7 की रेस में अपना दबदबा बनाये हुए है। मई महीने में कंपनी ने पैशन की 96389 यूनिट्स बेचीं। हाल ही में हीरो ने पैशन सीरिज को पूरी तरह से अपग्रेड किया है। इस समय बाजार में पैशन सीरिज को काफी पसंद किया जा रहा है। भारतीय बाजार में पैशन 110cc में दो वेरिएंट – प्रो और एक्सप्रो में उपलब्ध है।

5. हीरो ग्लैमर

नंबर 5 पर एक बार फिर से हीरो मोटोकॉर्प की बाइक है। मई में 72102 यूनिट्स बेच कर ग्लैमर ने यह स्थान हांसिल किया है। 125cc सेगमेंट में यह बेहद पॉपुलर बाइक है।

6. बजाज पल्सर

छठे स्थान पर बजाज ऑटो की सबसे ज्यादा बिकने वाली पल्सर मौजूद है। बजाज पल्सर की मई 2018 में 70056 यूनिट्स की बिक्री हुई है। अभी हाल ही में बजाज ने पल्सर को अपग्रेड किया है।

7. बजाज CT100

सातवें नंबर पर बजाज की CT100 बाइक है, कंपनी ने मई महीने में इसकी 64,622 यूनिट्स की बिक्री की है।CT100 अपने सेगमेंट की सबसे किफायती बाइक है और इसको चलाना भी सस्ता पड़ता है। इस बाइक में 100cc का इंजन लगा है।