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पूरी दुनिया में आतंकवादी संगठनों ने आतंकवादी वारदात की जो लोन वुल्फ अटैक की नई रणनीति अपनाई है, वह भारत में कामयाब नहीं होगी. क्योंकि हमारे NSG कमांडोज आतंकवाद की इस नई चुनौती से निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं. पश्चिमी देशों में किसी एक आतंकवादी द्वारा वाहन को भरी भीड़ पर चढ़ा देना या चाकू से हमला कर लोगों को मार देने जैसे आतंकवादी वारदात तेज हो गए हैं. जिसे देखते हुए भारत में इस तरह के आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए NSG कमांडोज को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. सेना के सूत्रों का भी कहना है कि किसी अकेले आतंकवादी द्वारा बिना ज्यादा पैसा खर्च किए किसी भीड़-भाड़ भरी जगह में इस तरह का लोन वुल्फ अटैक कहीं अधिक खतरनाक है. फ्रांस के नीस में हाल ही में इसी तरह के आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया, जब एक आतंकवादी ने भीड़ से भरे बाजार में छुट्टियां मना रहे लोगों पर ट्रक चढ़ा दी. इस आतंकी हमले में 86 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक घायल हुए थे. भारत में अमूमन इस तरह के हमलों से निपटने के लिए ब्लैक कैट कमांडोज को ट्रेन किया जाता है. इस आतंकवाद-रोधी फोर्स के जवानों को कई देशों की सेनाएं ट्रेनिंग देती हैं. सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने फ्रांस और जर्मनी में हाल के दिन में हुए इस तरह की लोन वुल्फ अटैक घटनाओं और लंदन ट्यूब में विस्फोटक रखे जाने की घटनाओं का अध्ययन किया. NSG के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया, "अकेले आतंकवादी द्वारा चाकू से हमला करना या ट्रक चढ़ा देने जैसे आतंकवादी हमलों की गंभार संभावनाएं हैं, क्योंकि पूरी दुनिया में यह तेजी से हो रहा है. हम इससे निपटने के लिए अपनी तकनीक खुद इजाद कर रहे हैं, साथ ही दूसरे देशों के सुरक्षाबलों की भी मदद ले रहे हैं कि कैसे इस तरह के हमले से बेहतर तरीके से निपटा जा सके."
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