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DGCA ने इंडिगो की 8 और गो एयर की 3 विमानों की उड़ान पर लगाई रोक, IndiGo की 47 उड़ानें रद्द

डीजीसीए ने खास सीरीज के प्रैट एण्ड व्हिटनी इंजन वाले 11 A-320 नियो विमानों की उड़ानों पर सोमवार को तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी. इन इंजनों में उड़ान के दौरान फेल होने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं. इन 11 विमानों में से आठ का संचालन इंडिगो और तीन का संचालन गो-एयर करती है. वहीं, डीजीसीए के इस फैसले के चलते इंडिगो ने मंगलवार को अपनी 47 उड़ानें रद्द कर दीं. इससे यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बड़े शहरों की रद्द की गई उड़ानें
इंडिगो ने अपनी 47 डोमेस्टिक उड़ानें रद्द करने की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की है. जिन शहरों के लिए ये उड़ानें रद्द की गई हैं, उनमें दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्‍वर, अमृतसर और गुवाहाटी प्रमुख हैं. इन शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इस फैसले से समस्‍या हो रही है.

घटना के बाद लिया फैसला
डीजीसीए ने इंडिगो के A-320 नियो विमान के उड़ान के दौरान आसमान में ही इंजन फेल हो जाने की घटना के कुछ घंटों बाद ही यह फैसला लिया. इस विमान को इंजन फेल होने के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातस्थिति में उतारना पड़ा था. इंडिगो के इस विमान का इंजन सोमवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद फेल हो गया था. विमान में 186 लोग सवार थे. यह विमान अहमदाबाद से लखनऊ जा रहा था. इसे सुबह करीब 5:30 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतारा गया था. डीजीसीए ने इस घटना को गंभीरता से लिया. विमान संचालन में सुरक्षा का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि ईएसएन 450 से अधिक क्षमता वाले प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजन वाले A320 नियो विमानों की उड़ान पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं- डीजीसीए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों एयरलांइस इंडिगो और गो एयर से कहा है कि वे प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं. डीजीसीए के मुताबिक, ये इंजन उनके पास स्टॉक में अतिरिक्त संख्या में उपलब्ध हैं. नियामक ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंद्ध पक्षों के साथ संपर्क में रहेगा. जब यूरोपीय नियामक ईएएसए और प्रैट एण्ड व्हिटनी इस मुद्दे का समाधान करेंगे वह भी स्थिति की समीक्षा करेगा.

इंडिगो के 7% विमान नहीं भर रहे उड़ान
मौजूदा समय में इंडिगो का मार्केट शेयर करीब 40% है. यह एयरलांइस 155 A320 विमानों को संचालित कर रही है. इनमें 45 A320 नियो विमान हैं, लेकिन इनमें से अब 7% विमान अब उड़ान नहीं भर रहे. वहीं गो एयर के पास 32 A320 विमान हैं. साथ ही कंपनी का मार्केट शेयर 9.6% है. डीजीसीए के गो एयर के इनमें से तीन विमानों की उड़ानों पर रोक लगाई गई है.

पहले भी हुई घटनाएं
12 मार्च को इंडिगो के अहमदाबाद से लखनऊ जा रही उड़ान को आपातस्थिति में उतारने की घटना से पहले भी ऐसे इंजनों वाले विमानों के साथ ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं. पांच मार्च को इंडिगो के A320 नियो विमान ने मुंबई से शाम को 6:40 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद 7:10 पर वापस एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की थी. उस विमान का एक सिर्फ एक ही इंजन काम कर रहा था. 24 फरवरी को गो एयर के A320 विमान के साथ भी लेह में घटना हुई थी. उसका इंजन उड़ान के दौरान ही फेल हो गया था.

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हिमयुग की शुरुआत : दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ

 

  • दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फबारी हुई है. सहारा रेगिस्तान का प्रवेश द्वार माने जाने वाले उत्तरी अल्जीरिया के ऐन सफेरा में लाल रेत पर सफेद बर्फ की चादर गिरी है. रविवार को यहां 16 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है. करीब 38 साल पहले फरवरी 1979 में यहां कुछ घंटे तक बर्फबारी हुई थी. पिछले साल दिसंबर में भी हल्की बर्फबारी हुई थी. लेकिन, इस बार यहां पूरे दिन बर्फबारी हुई. आइए देखते हैं दुनिया के अन्य शहरों में हुई बर्फबारी की PHOTOS…

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    एलटल माउंटेन से घिरा अल्जीरिया का ये इलाका समुद्र तल से करीब 1000 मीटर ऊंचा है. गर्मियों में यहां का तापमान 48 डिग्री सेल्‍सियस तक चला जाता है. वहीं मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए वैज्ञानिकों के इस अनुमान को बल मिला है कि अगले करीब 15 हजार सालों में सहारा रेगिस्तान फिर से हरा भरा हो जाएगा.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    दूसरी ओर दुनिया के अन्य शहरों में भी बर्फबारी देखने को मिल रही है. बता दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई बड़े शहर डीप फ्रीजर में तब्दील हो गए हैं. वहीं चीन में जमीन से लेकर ऊंची इमारतों तक बर्फ का कब्जा है. (फोटो- कनाडा के ओटावा की है)

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    इटली में भी बर्फबारी हो रही है. ये तस्वीर सेस्त्रियेर नाम के इलाके की है.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर कनाडा के ओन्टरियो के नियाग्रा फॉल्स की है. कनाडा में काफी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    ये तस्वीर स्विटजरलैंड के जरमैट की है. यहां इतनी बर्फबारी हुई है कि सड़क मार्ग बंद हो गया है. सिर्फ हवाई सफर से ही टूरिस्ट यहां आ सकते हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर इटली की है. इटली में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है.

 

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विश्व बैंक ने कहा- 2018 में चीन को पछाड़ आगे निकल जाएगी भारतीय इकोनॉमी

आम बजट से ठीक पहले भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि 2018 में भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहेगी, जबकि इसके बाद के दो साल तक यह 7.5 फीसदी के स्तर पर रहेगी और चीन को इस मामले में काफी पीछे छोड़ देगी। बैंक के अनुसार चीन की विकास दर 2017 में 6.8 फीसदी रहेगी जो इस दौरान भारत की 6.7 फीसदी से 0.1 फीसदी ज्यादा है, लेकिन इसके बाद 2018 में यह 6.4 फीसदी और 2019 व 2020 में क्रमश: 6.3 और 6.2 फीसदी पर सिमट जाएगी।

बैंक ने बुधवार को जारी ग्लोबल इकोनामिक्स प्रॉस्पेक्ट में कहा है कि व्यापक सुधार की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए महत्वाकांक्षी कदमों के साथ भारत के अंदर अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले विकास की अपार संभावनाएं हैं। नोटबंदी और जीएसटी के कारण प्रारंभिक झटकों से उबरते हुए यह 2017 में 6.7 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही है।

विश्व बैंक के निदेशक ऐहान कोसे ने कहा, ‘इस बात की भरपूर संभावना है कि अगले दशक में भारत अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले तेज गति से विकास करेगा। इसलिए मैं निकट भविष्य में आर्थिक विकास के अनुमानों को लेकर चिंतित नहीं हूं। अगले दस साल की बात की जाए तो भारत के अंदर जबर्दस्त संभावनाएं हैं।’

कोसे के अनुसार संभावनाओं को हकीकत में तब्दील करने के लिए भारत को निवेश बढ़ाने के उपाय करने होंगे। श्रम बाजार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े सुधारों को लागू करने और निवेश के रास्ते की बाधाओं को दूर करने से भारत को काफी लाभ होगा। भारत युवाओं का देश है और इस मामले में कोई भी देश उसके आसपास भी नहीं ठहरता है। इन खूबियों के दम पर भारत अगले दस साल तक औसतन सात फीसदी की विकास दर हासिल करने की क्षमता रखता है।