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अमेरिका के प्रतिबंध पर करारा जवाब देगा रूस, दूसरे शीत युद्ध का हो सकता है आगाज

रूस ने अमेरिका के लगाए नए प्रतिबंधों पर हाथ पर हाथ रख बैठने की जगह मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है। दरअसल, पूर्व जासूस सरगेई स्क्रीपाल को जहर देने के बाद से दोनों के बीच राजनयिक संकट पैदा हो गया। इसके बाद अमेरिका ने रूस के सात सबसे प्रभावशाली कुलीनों, 12 कंपनियों, 17 वरिष्ठ अधिकारियों और हथियार निर्यातक सरकारी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

2016 में राष्ट्रपति चुनाव, साइबर युद्ध और यूक्रेन व सीरिया में दखल के लिए अमेरिका ने रूस को सजा देने के लिए कानून बनाया था। इसी आधार पर शुक्रवार को प्रतिबंध लगाया गया।

इसपर सख्त रुख अपनाते हुए रूस ने कहा, हम रूस के खिलाफ लिए गए हर कदम का करारा जवाब देंगे। रूस के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘अमेरिका पहले भी 50 चरणों में प्रतिबंध लगाकर भी कुछ हासिल नहीं कर पाया। इसलिए वह वीजा जारी न करने और रूसी औद्योगिक कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रहा है। शायद वह भूल गया है कि निजी संपत्ति जब्त करना चोरी है। प्रतिबंध लगाने से अमेरिका खुद ही बाजार अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा का दुश्मन बन रहा है।’

दूसरे शीत युद्ध का हो सकता है आगाज
अमेरिका ने अल्यूमीनियम कारोबारी ओलेग डेरीपास्का और सरकारी उर्जा कंपनी गजप्रौम के निदेशक एलेक्सी मिलर पर प्रतिबंध लगाया है। ओलेग पर रूसी सरकार के लिए काम करने का आरोप है। ये दोनों राष्ट्रपति पुतिन के करीबी माने जाते हैं। अमेरिका के इस कदम से एक बार फिर शीत युद्ध हो सकता है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि किसी तरह का दबाव हमें अपने मकसद से नहीं भटका सकता है।
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Kawasaki की दमदार बाइक भारत में लॉन्च, कीमत 15.3 लाख

जापान की मोटरसाइकल निर्माता कंपनी Kawasaki ने भारत में अपनी नई Z900RS रेट्रो नेकिड बाइक को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस बाइक की कीमत 15.3 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है. इस बाइक को Z900 की तुलना में इंजन और टेक्नोलॉजी के लिहाज से अपग्रेड किया गया है.

Z900RS में लिक्विड-कूल्ड, फोर सिलिंडर, इन लाइन 948cc डिस्प्लेमेंट इंजन दिया गया है जो 8500 rpm पर 111hp का मैक्जिमम पावर और 6500 rpm पर 98.5Nm का पिक टॉर्क पैदा करेगा. ट्रांसमिशन के लिए इंजन को 6 स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है.

इसके फ्रंट में 41mm इंवर्टेड फोर्क्स और रियर में गैस चार्ज्ड मोनो-शॉक दिया गया है. सेफ्टी के लिहाज से Z900RS बाइक के लिए फ्रंट व्हील में 300mm डिस्क डिस्क और (एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) ABS के साथ रियर में 250mm डिस्क दिया गया है.

डिजाइन की बात करें तो इस मोटरसाइकल 17 लीटर टियरड्रॉप शेप वाले फ्यूल टैंक के साथ राउंड LED लैम्प दिया गया है. इसके अलावा रैडियल माउंडेट ब्रेक कैलिपर्स और स्लिप असिस्ट कल्च भी दिए गए हैं. Z900RS में Z1 से मिलता जुलता फ्लैट सीट भी दिया गया है.

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आप सांसद पर 5000 करोड़ की मानहानि का मुकदमा

फ्रांस से खरीदे गए लड़ाकू विमान राफेल के सौदे को लेकर देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी ने आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर 5000 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अंबानी का आरोप है कि संजय सिंह ने झूठे आरोप लगाकर उनकी कंपनी को राफेल सौदे में खींचा था। उद्योगपति ने यह भी दलील दी है कि आप सांसद संजय सिंह के आरोपों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। उद्योगपति अंबानी दिल्ली के दो तिहाई हिस्से में बिजली की आपूर्ति करने वाली निजी बिजली कंपनी बीएसईएस के मालिक भी हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता व सांसद संजय सिंह ने बीते 13 फरवरी को कहा था कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों को लेकर 56000 करोड़ रुपए का सौदा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें रिलायंस डिफेंस लिमिटेड फ्रांस की एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन को 22000 करोड़ का ठेका मिला। उन्होंने सौदे की गोपनीयता पर भी सवाल उठाए थे। इस सौदे पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा- राफेल डील ही साबित होगी मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील, 500 करोड़ का जहाज 1500 करोड़ में, अनुभवहीन रिलायंस कंपनी को जहाज के पार्ट बनाने का 22000 करोड़ का ठेका मिला।

सांसद के इसी आरोप को अपनी मानहानि करार देते हुए अंबानी ने संजय सिंह को मानहानि का नोटिस भेजा है। मानहानि का दावा किए जाने पर संजय सिंह ने अंबानी पर पलटवार किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उद्योगपतियों की दबंगई चरम पर है, पहले घोटाला करेंगे, फिर उसके खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मानहानि करेंगे। राफेल रक्षा सौदे का घोटाला उजागर करने पर अंबानी ने मेरे ऊपर देश का सबसे बड़ा 5000 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। मैं अपनी बात पर कायम हूं। बंदर घुड़की नहीं चलेगी। पार्टी के एक अन्य नेता आशतोष ने ट्वीट करके कहा कि अब तो डर लग रहा है कहीं नीरव मोदी भी 11400 करोड़ का मानहानि का मुकदमा न कर दे।

बता दें कि राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस ने भी केंद्र की राजग सरकार को लगातार कठघरे में खड़ा कर रखा है। खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी बार-बार, संसद के भीतर और बाहर आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जवाब मांग रहे हैं। आम आदमी पार्टी नेताओं ने भी इस मुद्दे को बार-बार उठाया है। अब पार्टी सांसद पर मानहानि का मुकदमा होने के बाद इस मुद्दे पर नए सिरे से सियासत गरमा गई है।

उद्योगपतियों की दबंगई चरम पर है। पहले घोटाला करेंगे, फिर उसके खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मानहानि करेंगे। राफेल रक्षा सौदे का घोटाला उजागर करने पर अंबानी ने मेरे ऊपर देश का सबसे बड़ा 5000 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। मैं अपनी बात पर कायम हूं।

– संजय सिंह का ट्वीट

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IND VS SA: भारतीय महिलाओं की दूसरे टी-20 में नौ विकेट से जीत

मिताली राज (नाबाद 76) और स्मृति मंधाना (57) की बल्लेबाजी के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए शुक्रवार को बफेलो पार्क में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम को नौ विकेट से हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीकी टीम 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 142 रन ही बना सकी थी. इस आसान से लक्ष्य को भारतीय महिलाओं ने एक विकेट खोकर 19.1 ओवर में हासिल कर लिया. भारतीय कप्तान मिताली राज लगातार दूसरे मैच में वीमैन ऑफ द मैच रहीं. अब भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे हो गई है.

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मैच की बात करें, तो आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ने मंधाना के रूप में एकमात्र विकेट गंवाया. मंधाना ने मिताली के साथ पहले विकेट के लिए 106 रन जोड़े. उनका विकेट मोसेलिने डेनियल्स ने लिया. मंधाना ने 42 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए. इसके बाद मिताली ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 7) के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई. मिताली ने अपनी पारी में 61 गेंदों का सामना किया और आठ चौके जड़े.

 

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इससे पहले, भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और उनकी गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया. 29 के कुल स्कोर पर लिजेली ली (15) को शिखा पांडे ने अपना शिकार बनाया. कप्तान डेन वान निएकेर्क भी सिर्फ 15 रन ही बना सकीं और पूजा वस्त्राकर का शिकार बनीं. यहां से भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट लेती रहीं और मेजबान टीम बड़ा स्कोर बनाने से चूक गई. उसके लिए सबसे ज्यादा 26 रन नेडलिने डी केर्क ने बनाए. भारत के लिए अनुजा पाटिल और पूनम यादव ने दो-दो विकेट लिए। वस्त्राकर और शिखा को एक-एक विकेट मिला
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जांच एजैंसियों की साख पर धब्बा है पी.एन.बी. घोटाला

बगैर सोचे-समझे उद्योगपतियों के आगे लाल कालीन बिछाने की सरकारी प्रवृत्ति का ही नतीजा है कि नीरव मोदी पी.एन.बी. से 11 हजार 300 करोड़ रुपए लेकर चम्पत हो गया। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने बगैर देरी किए भगौड़े हीरा व्यापारी की सम्पत्ति जब्त करने का काम शुरू कर दिया। सवाल यह नहीं है कि मोदी देश को चूना लगा कर कैसे फरार हो गया।

बड़ा प्रश्न यह है कि अरबों-खरबों कमाने वाले उद्यमियों का ऐसा दुस्साहस कैसे हो जाता है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मिलीभगत से देशद्रोह जैसा कृत्य करें। इससे पहले विजय माल्या और ललित मोदी भी सरकारी बैंकों से हजारों करोड़ का ऋण लेकर सरेआम सरकारों को अंगूठा दिखाते हुए देश छोड़ चुके हैं। हर्षद मेहता, सत्यम कम्प्यूटर, शारदा गु्रप घोटाला सहित दर्जनों चिटफंड कम्पनियों की ठगी जगजाहिर है। इन घोटालों ने न केवल देश की वित्तीय नींव हिला दी, बल्कि वित्तीय अंतर्राष्ट्रीय साख को भी भारी नुक्सान पहुंचाया। ऐसे घोटालों से ही विदेशी निवेशकों का विश्वास टूटता है।

सरकारें चाहे किसी भी दल की सत्ता में रही हों, देश के नागरिकों की खून-पसीने की कमाई पर ऐसे धोखेबाजों ने डाका डालने में कसर नहीं रखी। बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मिलीभगत से अरबों-खरबों के वारे-न्यारे किए गए। सत्ता में चाहे कांग्रेस रही हो या भाजपा, सबकी नींद तभी खुली जब आम लोगों की कमाई बड़े पैमाने पर लुट गई। ऐसा भी नहीं है कि आंखों में धूल झोंक कर लूटने का यह सिलसिला यकायक हुआ है। बाकायदा सुनियोजित तरीके से इन्हें अंजाम दिया गया। ठगी के इन आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण हर दल ने दिया।

हद तो यह है कि तृणमूल कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दल तो शारदा के घोटालेबाजों के समर्थन में आ खड़े हुए हैं। लोगों की मेहनत की कमाई को बचाने की उम्मीद सरकारों से की जाती है। इसके विपरीत तृणमूल ने केन्द्र सरकार पर दुर्भावना से कार्रवाई के आरोप लगाए। आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई में बाधाएं खड़ी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राजनीतिक दलों की धनकुबेरों के समक्ष समर्पण करने की दुष्प्रवृत्तियों ने ऐसे घोटालों का बीजारोपण किया है। राजनीतिक दल उद्योगपतियों के पलक-पांवड़े बिछाने को तत्पर रहते हैं। भले ही उन पर कितने ही गंभीर आरोप क्यों न लगे हों।

ऐसे घोटालेबाजों को अच्छी तरह पता रहता है कि नौकरशाही और नेताओं को अपने स्वार्थों के लिए किस तरह इस्तेमाल करना है। सत्ता के करीबी होने का फायदा उठाते हुए मिलीभगत से ऐसे दगाबाज देश से धोखाधड़ी कर गए। राजनीतिक दलों के नेताओं और नौकरशाहों को विदेशों मेंं शाही दावतें चॢचत रही हैं। सिद्धांतों और कानून की दुहाई देने वालों को माल्या आईना दिखाते हुए अपना उल्लू सीधा कर गया। माल्या को पाला-पोसा कांग्रेस ने और राज्यसभा का सदस्य बनवा कर सिर पर चढ़ाया भाजपा ने। अब दोनों ही दल हीरा व्यापारी के घोटाले को लेकर एक-दूसरे पर आरोपों का कीचड़ उछालने का काम कर रहे हैं।

जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि देश को ठगने वाले ऐसे धोखेबाजों से राजनीतिक दलों ने कितना चंदा लिया। राजनीतिक दलों से करीबियां बढ़ाने के लिए ऐसे लोग चंदे का इस्तेमाल हथियार की तरह करते रहे हैं। व्यापार की आड़ में ऐसे फरेबियों की जानकारी निगरानी करने वाली सरकारी एजैंसियों को रहती है। नौकरशाही चेहरा देख कर तिलक करने में माहिर है। यह जानते हुए भी गैर-कानूनी काम हो रहा है, नौकरशाही सत्ता के करीब होने के कारण कार्रवाई करने से कतराती है। नीरव मोदी, ललित मोदी हो या माल्या सभी के मामलों में सरकारी एजैंसियों को पहले ही वित्तीय हेराफेरी की सूचना मिल चुकी थी। यही वजह रही नीरव मोदी प्रधानमंत्री के साथ दावोस यात्रा में जाने में कामयाब हो गया जबकि इसके विरुद्ध मामला दर्ज हो चुका था।

केन्द्र सरकार के भ्रष्टाचार से लडऩे के इरादों के विपरीत निगरानी और सुरक्षा एजैंसियों ने आरोपी को यात्रा से रोका नहीं। ऐसा भी नहीं है कि मोदी को यात्रा में साथ ले जाने से रोकने का एजैंसियां गंभीरता से प्रयास करतीं तो सरकार अड़ंगा लगा देती। बावजूद इसके अफसरों ने घुटने टेक दिए। किसी ने उसे रोकने का साहस नहीं दिखाया। यही वजह रही है कि वित्तीय भ्रष्टाचारों के ज्यादातर मामलों में आरोपी निगाहों से काजल चुरा कर देश छोडऩे में कामयाब हो गए।

प्रवर्तन निदेशालय ने मोदी की संपत्ति जब्त करने का काम किया है। यही काम उसके फरार होने से पहले भी किया जा सकता था। यदि कड़ी कार्रवाई की जाती तो मोदी के साथ ऐसे दूसरे लोगों को भी सीख मिल जाती। केन्द्र सरकार मोदी के प्रत्यार्पण का प्रयास कर रही है। ललित मोदी और माल्या को वापस लाने में अभी तक सफलता नहीं मिली है। ऐसे में नीरव मोदी के प्रत्यार्पण के प्रयास भी केवल प्रयास ही लगते हैं। ऐसे धोखेबाज देश छोडऩे से पहले ही चाक-चौबंद इंतजाम करके जाते हैं। जिन देशों में शरण लेते हैं, यहां का धन वहां निवेश करते हैं। भारत की दोहरी नागरिकता की नीति का बेजा फायदा उठाते हुए दूसरे देश की नागरिकता ले लेते हैं। भारी पूंजी निवेश और नागरिकता लेने से भारतीय एजैंसियों के लिए उनका प्रत्यार्पण करना आसान नहीं होता।

सरकारी एजैंसियां जो तत्परता इनके प्रत्यार्पण के लिए कर रही हैं, यदि वही देश छोड़ कर फरार होने से पहले की जाती तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।

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भारत ने साउथ अफ्रीका को 8 विकेट से हराया, सीरीज पर किया 5-1 से कब्जा

कप्तान विराट कोहली की रिकार्डतोड़ पारी और 35वें वनडे शतक की मदद से भारत ने छठे और आखिरी मैच में आज दक्षिण अफ्रीका को आठ विकेट से हराकर श्रृंखला 5.1 से जीत ली । दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर भारत ने यह पहली श्रृंखला जीती है और उपमहाद्वीप के बाहर यह सबसे बड़ी जीत है । भारत ने जीत के लिये 205 रन का लक्ष्य 32.1 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया । कोहली ने 96 गेंद में नाबाद 129 रन बनाये जो इस श्रृंखला में उनका तीसरा शतक है । दक्षिण अफ्रीका को पिछले 17 साल में अपनी धरती पर द्विपक्षीय श्रृंखला में सबसे करारी हार मिली है । पिछली बार वह 2001-02 में आस्ट्रेलिया से 1-5 से हारी थी ।

सीरीज में कुलदीप आैर चहल ने निभाया बखूबी साथ
भारतीय कप्तान ने दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण को धता बताते हुए गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर धुना । वह द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में 558 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने रोहित शर्मा का 491 रन का रिकार्ड तोड़ा जो उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था । वह वनडे क्रिकेट में सिर्फ 200 पारियों में सबसे तेजी से 9500 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए । कोहली ने अपना 35वां शतक सिर्फ 82 गेंदों में पूरा किया जिसमें 19 चौके और दो छक्के लगाये । टेस्ट श्रृंखला में मिली हार के बाद आलोचना झेल रहे कोहली ने वनडे श्रृंखला में मोर्चे से अगुवाई की । कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने क्रमश: 16 और 17 विकेट लेकर उनका बखूबी साथ निभाया ।

204 पर ढेर हुई अफ्रीकी टीम
इससे पहले युवा तेज गेंदबाज शरदुल ठाकुर ने श्रृंखला में पहली बार खेलते हुए चार विकेट लिये जिसकी मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 204 रन पर आउट कर दिया। ठाकुर ने 52 रन देकर चार विकेट लिये । उन्हें भुवनेश्वर कुमार की जगह उतारा गया था । स्पिनर कुलदीप यादव ने एक और युजवेंद्र चहल ने दो विकेट लिये । दोनों ने मिलकर छह मैचों की श्रृंखला में 33 विकेट ले लिए हैं । एडेन मार्करेम ( 24 ) और हाशिम अमला ( 10 ) ने धीमी शुरूआत की । ठाकुर ने पहले स्पैल में ही अपने तेवर जाहिर कर दिये थे हालांकि मार्करेम ने उन्हें दो चौके जड़े थे । जसप्रीत बुमराह ने दूसरे छोर से रनगति पर अंकुश लगाये रखा । दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिये 23 रन जोड़े लेकिन अमला को ठाकुर ने विकेट के पीछे लपकवाकर पवेलियन भेजा ।  मार्कराम कवर में श्रेयस अय्यर को कैच देकर लौटे । इसके बाद एबी डिविलियर्स ( 30 ) और खाया जोंडो ( 54 ) ने तीसरे विकेट के लिये 62 रन जोड़े । दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन बनाये ।  जोंडो ने चहल को एक ओवर में दो छक्के लगाये । दोनों ने 50 रन की साझेदारी 52 गेंद में पूरी की । दक्षिण अफ्रीका ने 19वें ओवर में 100 रन पूरे किये ।

ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका बड़े स्कोर की ओर बढ रहा है लेकिन चहल ने 21वें ओवर में डिविलियर्स को बोल्ड करके मेजबान के मंसूबों पर पानी फेर दिया । इस बीच 57 गेंदों में कोई चौका नहीं लगा और डिविलियर्स के आउट होने के बाद रनगति पर अंकुश लग गया । इस बीच जोंडो और हेनरिच क्लासेन ( 22 ) ने 58 गेंद में सिर्फ 30 रन जोड़े ।  क्लासेन को बुमराह ने रवाना किया जिनका कैच शार्टकवर पर विराट कोहली ने लपका । इसके बाद फरहान फरहान बेहार्डियन को ठाकुर ने आउट किया । बुमराह ने उनका शानदार कैच थर्डमैन पर पकड़ा । दक्षिण अफ्रीका ने छह गेंद के भीतर दो विकेट गंवा दिये और 32वें ओवर में स्कोर पांच विकेट पर 136 रन था । क्रिस मौरिस ( 4 ) को दो ओवर बाद यादव ने आउट किया । जोंडो और एंडिले पी ( 34 ) ने अपनी ओर से रनगति बढाने की कोशिश की । जोंडो ने अपना पहला वनडे अर्धशतक 67 गेंद में पूरा किया ।

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अमेरिका: पूर्व छात्र ने गुस्से में स्कूल में की अंधाधुंध गोलीबारी, 17 की मौत; 14 घायल

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित हाईस्कूल में एक पूर्व छात्र ने अचानक फायरिंग कर दी। इस हमले में 17 लोगों के मारे जाने की खबर है और 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार घटना  देर रात हुई। स्थानीय पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

यह घटना पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल में हुई। यह शहर मियामी से 80 किलोमीटर उत्तर की ओर है। गोलीबारी के दौरान छात्र बुरी तरह डर गए थे और चीखने लगे थे। उन्होंने अपने दोस्तो और परिवार के लोगों को बचाने के लिए संदेश भेजे।

आरोपी छात्र की पहचान 19 साल के निकोल्स क्रूज के रुप में की गई है। क्रूज इसी स्कूल में पढ़ता था। कुछ दिन पहले ही उसकी गलत आदतों और गलत व्यवहार के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद से वह गुस्सा में था। आरोपी छात्र के पास स्कूल से संबंधित सभी जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले स्कूल का फायर अलार्म बजाया। फायर अलार्म बजते ही स्कूल में अफरा तफरी मच गई जिसके बाद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी छात्र ने इस वारदात में AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया।

ब्रोवर्ड काउंटी स्कूल के सुपरिटेंडेंट रॉबर्ट रुन्सी ने कहा कि घटनास्थल पर स्थिति भयावह है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संभावित हमलावर की कोई जानकारी नहीं थी। बंदूकधारी हमलावर ने चुपचाप पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया। हमले में घायल 14 लोगों को इलाज के लिए नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमेरीकी टीवी चैनलों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के परिवार के लोग बड़ी संख्या में पुलिस परिसर के बाहर जमा हो गए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं जतायीं। उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं फ्लोरिडा में हुई गोलीबारी में पीड़ितों के साथ हैं।’

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India’s Most Wanted के होस्‍ट रहे सुहैब इलियासी को उम्रकैद, 17 साल बाद फैसला

चर्चित शो ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के जरिये अपराधियों की नींद उड़ाने वाले सुहैब इलियासी को पत्नी अंजू की हत्या के मामले में दिल्‍ली की कड़कड़ड़ूमा अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। शनिवार (16 दिसंबर) को कोर्ट ने सुहेब इलियासी को पत्नी की हत्या में दोषी करार दिया था।

गौरतलब है कि 11 जनवरी, 2000 को सुहैब के घर पर पत्नी अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए दोषी ने कैंची का इस्तेमाल किया था।

28 मार्च, 2000 को पुलिस ने सुहेब को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सुहेब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के तहत आरोप तय किए गए थे।

जांच में सामने आया था कि दोनों के बीच दहेज को लेकर आपसी झगड़े की वजह से सुहेब ने पत्नी की हत्या कर दी थी। हत्या को अंजाम देने के दौरान उसने अंजू की महिला मित्र रीता को फोन कर कहा कि अंजू ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद सुहेब की साली और सांस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसको लेकर भी दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा चल रहा था।

90 के दशक में सुहैब का था जलवा

दरअस, इंडियाज मोस्ट वांटेड फेम सुहैब इलियासी उस वक्त इतने फेमस इसलिए भी हो गये थे क्योंकि यह टीवी शो भगोड़े अपराधियों पर आधारित था और यह देश का इस तरह का पहला टीवी शो था। इनके शो से पुलिस को केस समझने में भी काफी आसानी होती थी। इलियासी का जन्म 15 नवंबर 1966 को हुआ था।

पढ़ाई के दौरान ही सुहैब की अंजू से मुलाकात

सुहैब की पढ़ाई जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय से हुई है। 1989 में पत्राकारिता की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही सुहैब अंजू से मिले थे। जामिया में मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुहैब लंदन चले गए, जहां उन्होंने 1991 में टीवी एशिया में काम किया। इसी बीच 1993 में सुहैब और अंजू ने स्पेशल कोर्ट मैरिज एक्ट के तहत शादी रचा ली।

1995 में पत्नी अंजू के साथ मिलकर सुहैब ने क्राइम शो बनाया, मगर इंडिया में सभी चैनलों ने उसे दिखाने से इनकार कर दिया। नब्बे के दशक में कोई भी टीवी चैनल इस तरह के शो को दिखाने के लिए तैयार नहीं था। मगर बाद में काफी मान-मनौव्वल के बाद जी टीवी ने उनके शो को प्रसारित करने के लिए तैयार हो गया।

जी टीवी पर शुरू हुआ इंडियाज मोस्ट वांटेड शो

सुहैब इलियास ने जी टीवी पर अपना शो इंडियाज मोस्ट वांटेड प्रारंभ किया। कहा जाता है कि करीब 30 अपराधी के बारे में शो चलाया गया और बाद में कई पकड़े भी गये। ऐसे कई अपराधी थे जिनके ऊपर शो करने के बाद पुलिस हरकत में आती थी।

एक बार तो एक अपराधी के ऊपर शो फीचर किया गया, तब जाकर पुलिस उसे मार पाई। हालांकि, बाद में इलियासी को पुलिस ने क्रेडिट भी दिया था। शुरुआत में इस शो की योजना महज 52 एपिसोड के लिए थी, मगर बाद में जीटीवी ने शो के एपिसोडो को और बढ़ा दिया। इस शो की लोकप्रियता इतनी हो गई थी कि अक्सर इसकी टीआरपी अव्वल होती थी।

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शोपियां में गुस्साए ग्रामीणों ने पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही को मारा डाला

कश्मीर के लोग अब न आतंकियों के फरमानों से डरते हैं और न ही उनके नापाक इरादों से। कश्मीरियों में आतंकियों के खिलाफ गुस्सा इतना अधिक है कि वे उनसे भिड़ने से नहीं घबराते। सोमवार देर शाम आतंकियों ने शोपियां में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के हलका प्रधान व पूर्व सरपंच की उसके घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इससे गुस्साए ग्रामीण और नेता के परिजन आतंकियों पर टूट पड़े और उन्होंने बी श्रेणी के पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही को मारा डाला।

उसके दो अन्य साथियों को जान बचाकर भागना पड़ा। शौकत 25 अक्टूबर 2016 को आतंकी बना था। बीते 15 सालों मेंजम्मू-कश्मीर में यह तीसरा मौका है जब ग्रामीणों ने किसी आतंकी को मौत के घाट उतारा है। इससे पूर्व दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बक्करवाल ने एक आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था। जम्मू संभाग के राजौरी जिले में भी एक बहादुर लड़की रुखसाना ने आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी ट्वीट कर इस घटना पर कहा कि तीन आतंकियों ने शोपियां में पूर्व सरपंच की हत्या कर दी। इस दौरान हुई हाथापाई में एक आतंकी भी मारा गया, लेकिन उन्होंने हाथापाई की प्रकृति या उसके कारणों का रहस्योद्घाटन नहीं किया है।

रात करीब आठ बजे स्वचालित हथियारों से लैस हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकी शोपियां जिले के जेनपोरा इमामसाहब के साथ सटे होमुन गांव में पहुंचे। आतंकी पीडीपी नेता मुहम्मद रमजान शेख (50) के घर में घुसकर उसे बाहर ले आए। पीडीपी नेता के परिजन भी घर के बाहर आ गए। इस बीच, आतंकियों ने पीडीपी नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्होंने उस पर सुरक्षा बलों का मुखबिर होने का आरोप लगाया।

कुछ लोगों ने दावा किया है कि ग्रामीणों व पीडीपी नेता के परिजनों ने आतंकियों का प्रतिरोध किया और इस दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें पीडीपी नेता की जान चली गई। इससे गुस्साए ग्रामीण और परिजन आतंकियों के साथ भिड़ गए। इस दौरान एक ग्रामीण ने कथित तौर पर आतंकी शौकत से उसकी राइफल छीनकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि ग्रामीणों के प्रतिरोध पर आतंकी शौकत ने भी अपने साथियों से कहा था कि वह पीडीपी नेता को मारने के बजाय उसकी टांगों में गोली मार उसे छोड़ दें। इस पर उसकी अपने साथियों के साथ बहस व धक्कामुक्की के दौरान चली गोली से वह मारा गया।

शोपियां के एसएसपी एसआर अंबरकर के अनुसार, आतंकियों व ग्रामीणों के बीच हुई धक्का-मुक्की में आतंकी शौकत मारा गया। उन्होंने बताया कि शौकत के अन्य दो साथियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी अभियान जारी है।

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धनतेरस के दिन राशि के हिसाब से कौन सी चीज खरीदना आपके लिए फायदेमंद होगा

दिवाली से पहले लोग सुख समृद्धि के लिए धनतेरस के दिन कई चीजें खरीदते है और दिवाली के दिन पूजा करते है। आज हम आपको बताएंगे कि राशि के हिसाब से कौन सी चीज खरीदना आपके लिए फायदेमंद होगा। आइए जानते है धनतेरस के दिन किन राशि के लोगों को क्या खरीदना चाहिए।
1. मेष राशि
मेष राशि के लोगों को धनतेरस पर लोहें, चांदी, सोना और बर्तन खरीदना चाहिए। इस दिन केमिकल वाली चीजें खरादने से आपको नुकसान हो सकता है।

2. वृषभ राशि
इस राशि के लोगों को इस दिन सोना, चांदी, पीतल और कांसे से बनी चीजें खरीदना चाहिए।

3. मिथुन राशि
इस राशि के लोगों को इस दिन प्लाट, जमीन और घर खरीदा चाहिए। इसके अलावा आप पुखराज सोना भी निश्चित होकर खरीद सकते है।

4. कर्क राशि
इस दिन कर्क राशि के लिए सफेद वस्तु, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक और नए वाहन खरादना अच्छा रहेंगा।

5. सिंह राशि
इस राशि के लोग जो भी खरीदे उसे अपने नाम पर ना लें। इससे आपकी बस्तु ज्यादा देर तक नहीं टिकेगी।

6. कन्या राशि
नए वस्त्रों को छोड़ कर चांदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन और फर्नीचर खरीदना आपके लिए लाभदायक होगा।

7. तुला राशि
इस राशि के लोग चांदी, सोने और कांसे से बनी चीजें खराद सकते है।

8. वृश्चिक राशि
इस राशि पर बुरा प्रभाव होने के कारण सिर्फ चांदी, बर्तन और पीतल की वस्तुएं ही खरीद सकते है।

9. धनु राशि
इस दिन आप पीले कपड़े, दवाई, सोना, गेहूं आदि खरीद सकते हैं।

10. मकर राशि
इस राशि के लोगों को इस दिन वस्त्र दान करने से फायदा होगा। इसके अलावा आप इस दिन प्राप्टी खरीद सकते है।

11. कुंभ राशि
इस दिन आपको किसी भी चीज में निवेश करने से धन का फायदा होगा। इस दिन आप सोना व किमती पत्थर न खरीदें।

12. मीन राशि
इस दिन निजी प्राप्टी और सोना खरीदना आपके लिए अच्छा होगा। इस दिन भूलकर भी आप किसी को पैसे उधार न दें।