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वाराणसी फ्लाइओवर हादसे में 18 की मौत, 4 अधिकारी सस्पेंड, योगी ने किया दौरा

वाराणसी में मंगलवार शाम को बड़ा हादसा हुआ । कैंट रेलवे स्टेशन के समीप एईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर की दो बीम मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे सड़क पर गिर पड़ीं।

बीम के नीचे एक महानगर सेवा की बस सहित एक दर्जन वाहन दब गए। रात नौ बजे तक 18 लोगों के मरने की खबर है। 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बीम के नीचे दबे वाहनोें को गैस कटर से काट कर सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने 16 शव और छह घायलों को बाहर निकाल लिया है।

घायलों का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर सहित शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शहर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देर रात पहुंचे। अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।

इधर बीच,  हादसे के बाद यहां पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सेतु निगम के चार अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और केआर सुदन व अवर अभियंता लालचंद पर यह कार्रवाई की गई है। वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में तकनीकी टीम का गठन किया गया है। यह 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।

कैंट-लहरतारा मार्ग पर एईएन कॉलोनी के सामने शाम साढ़े पांच बजे के लगभग निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान सड़क की दाईं लेन पर पिलर के ऊपर रखी 50-50 फीट लंबी दो बीम तेज धमाके और धूल के गुबार के साथ सड़क पर गिर पड़ीं।

तेज धमाका सुनकर वसुंधरा और एईएन कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल कर भागे। राहगीरों में भी भगदड़ मच गई। हादसे के लगभग आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची और तकरीबन डेढ़ घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।

जिन बीम के नीचे वाहन दबे थे, उसे हटाने के लिए एक-एक कर नौ क्रेन आईं लेकिन उठा नहीं सकीं। सभी नौ क्रेन की मदद से बीम को हल्का सा उठाया गया तो दो ऑटो, दो बोलेरो, एक कार और एक अप्पे को बाहर निकाल कर महानगर बस को खींचा गया।

इस दौरान देरी से राहत और बचाव कार्य शुरू होने के कारण भीड़ में मौजूद लोगों ने पुलिस-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों से नोकझोंक हुई। हादसे के बाद इंग्लिशिया लाइन और लहरतारा चौराहे के बीच वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

ये दुर्घटना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास जीटी रोड पर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने घटित हुई है। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। पूरे शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है।

अस्पतालों को अलर्ट मोड पर

हादसे में घायलों की अधिक संख्या को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। कबीरचौरा अस्पताल में डॉक्टरों और कंपाउंडरों की इमरजेंसी टीम तैनात किया गया है। इसके अलावा अस्पतालों में इमरजेंसी के मद्देनजर अतिरिक्ति ओटी की व्यवस्था की गई है। हादसे के कारण उधर जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के कैंट एरिया में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मदद के लिए दो मंत्रियों को रवाना किया है। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व मंत्री नीलकंठ तिवारी को मदद के लिए भेजा है।

वाराणसी में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ही ठीक हो जाएं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से बात की और मदद करने के निर्देश दिए हैं।

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ऑटो एक्सपो 2018 : एक साथ लॉन्च होंगे 50 इलैक्ट्रिक व हाइब्रिड व्हीकल्स

9 से 14 फरवरी तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित हो रहे ऑटो एक्सपो 2018 के दौरान इस बार 50 इलैक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों को पेश किया जाएगा। इस शो में इस बार मारुति, हुंडई, टोयोटा, महिंद्रा और अन्य विदेशी कम्पनियां भी अपने वाहनों की प्रदर्शनी लगाएंगी।

ये कम्पनियां उटाठाएंगी इलैक्ट्रिक टैक्नोलॉजी से पर्दा
ऑटो एक्सपो 2018 में मारुति सुजुकी, हुंडई मोटर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टोयोटा मोटर्स, रेनो, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज की इलैक्ट्रिक टैक्नोलॉजी को शोकेस किया जाएगा। इसके अलावा होंडा अपनी नई मोटरसाइकिल्स को भी पेश करेगी जो संभावित इलेक्ट्रॉनिक होगी।

एक दर्जन स्टार्टअप पेश करेंगे वाहन
इस शो में करीब एक दर्जन नए स्टार्टअप्स भाग लेंगे जो अपने बेहतरीन वाहनों को पेश करेंगे। आपको बता दें कि ऑटो एक्सपो 2016 में सिर्फ 12 स्टार्टअप्स को शामिल किया गया था।

प्रदर्शनी में बढ़ रही कम्पनियां
आपको बता दें कि वर्ष 2016 में 65 कम्पनियों की 108 गाड़ियों का प्रदर्शन किया गया था जबकि 2018 में 52 कम्पनियों की 100 कारों को दिखाया जाएगा। वर्ष 2016 में कुल 88 कम्पनियां शामिल थी वहीं 2018 में 101 कम्पनियां शामिल हो रही है।

ये कम्पनियां नहीं बन रही शो का हिस्सा
ऑटो एक्सपो में इस बार कुछ कम्पनियां हिस्सा नहीं ले रही है। इनमें बजाज ऑटो, आयशर मोटर्स, वॉक्सवैगन ग्रुप, हार्ले डेविडसन व फोर्ड आदि शामिल है।

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53 सर्विसेज और 29 आइटम्स पर GST रेट घटा, अब पुरानी कारें और डायमंड भी हो जाएंगे सस्ते

जीएसटी काउंसिल ने गुरुवार को 53 सर्विसेज और 29 आइटम्स पर जीएसटी रेट घटाने का फैसला लिया। मीटिंग के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि काउंसिल ने जीएसटी रिटर्न फाइलिंग की प्रोसेस को आसान बनाने पर चर्चा की। हालांकि, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने पर कोई फैसला नहीं हो सका। नई टैक्स रेट 25 जनवरी से लागू होंगे। रिवाइज्ट रेट लागू होने से पुरानी कारें और डायमंड भी सस्ते हो जाएंगे। जीएसटी रेेट में बड़े पैमाने पर की गई कटौती से करीब 1000-1200 करोड़ रुपए का रेेेवेन्यू नुकसान होगा।

 

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर टला फैसला 

– पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने का फैसला फिलहाल पेंडिंग है, इसकी डिमांड काफी समय से हो रही है। जेटली ने कहा कि इस मसले पर मीटिंग में कोई चर्चा नहीं हुई। संभव है कि अगली मीटिंग में इस पर चर्चा हो।

 

 

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इन पर 28% से कम जीएसटी 
-बायो डीजल से चलनेवाली पुरानी बसें।
-पुराने लग्जरी यात्री वाहनों को छोड़कर सभी पुराने वाहनों पर जीएसटी 28 से घटकर 12 प्रतिशत होगी।

इन सामानों पर 18 से घटकर 5% 
-इमली बीज पाउडर।
-कोन में पैक मेंहदी।
-निजी रसोई गैस आपूर्तिकताओं द्वारा रसोई गैस की आपूर्ति।
-प्रक्षेपण वाहन, उपग्रह और पेयलोड के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपकरण, असेसरीज, कलपुर्जे, स्पयेर टूल्स।

12 से घटकर 5% जीएसटी 
-वेल्वेट फैब्रिक पर भी जीएसटी 12 प्रतिशत से कम कर पांच प्रतिशत हो जाएगी।

इन पर 18 % से घटकर 12% 
-चीनी वाली कंफेक्शनरी।
-20 लीटर के जार में बंद पेयजल।
-उर्वरक योग्य फॉस्फेरिक एसिड।
-बायो डीजल।
-12 तरह के बॉयो कीटनाशक।
-बांस के घर बनाने के लिए उपयोगी कनेक्टर।
-ड्रिप सिंचाई उपकरण और मैकेनिकल स्प्रेयर।

हीरे और कीमती पत्थर पर टैक्स में कटौती
हीरे और कीमती पत्थरों पर जीएसटी की दर को तीन फीसदी से कम कर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया है।

टैक्स फ्री हुए ये सामान
– कान की मशीनों के निमार्ण के लिए उपकरण।

-तेल निकाला हुआ चावल का छिलका।
-हस्तशिल्प उत्पादों की श्रेणी में शामिल 40 वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं।

 

बढ़ गया टैक्स 
-बिना तेल निकाले गए चावल के छिलके पर जीएसटी दर शून्य से बढ़ाकर 5% हो गई।
-सिगरेट फिल्टर पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की गई है।

 

ये सेवाएं सस्तीं 
18% से घटकर 5% जीएसटी 
कपड़ों की सिलाई से जुड़ी सेवाओं पर।
चमड़े के सामान, फुटवियर का उत्पादन।

 

18% से घटकर 12% 
-मेट्रो और मोनो रेल निर्माण प्रॉजेक्ट।
-पेट्रोलियम पदार्थों और नैचरल गैस की माइनिंग, ड्रिलिंग सर्विसेज।
-पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स के ट्रांसपोर्टेशन पर टैक्स क्रेडिट के साथ जीएसटी घटाकर 12% और टैक्स क्रेडिट के बिना 5% किया गया है।
-मिड डे मील के लिए बननेवाली बिल्डिंग पर 12 फीसदी जीएसटी।

 

28 से 18% 

-थीम पार्क, वॉटर पार्क, जॉय राइड, मेरी गो राउंड, गो कार्टिंग बैलेट जैसी सेवाओं पर 18% जीएसटी लगेगा, जो पहले 28% था।

 

इन सेवाओं पर भी राहत 
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी भवन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी दरें कम होंगी।
सभी तरह के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए फी और सेवाओं पर जीएसटी में छूट।
आरडब्ल्यूए मेंबर्स को दी जा रही सर्विसेज पर छूट सीमा 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए कर दी गई है।
छात्रों, शिक्षकों या स्टाफ के यातायात सेवाओं पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, यह छूट हायर सेकंडरी तक ही लागू होगी।
आरटीआई ऐक्ट के तहत सूचना मुहैया करानेवाली सेवाओं को जीएसटी से छूट दे दी गई है।
भारत से बाहर प्लेन के जरिए सामान भेजने पर ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को जीएसटी से छूट दी गई है।
समुद्री जहाज से सामान भेजने पर भी छूट दी गई है। यह छूट 30 सितंबर, 2018 तक रहेगी।
क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए बननेवाले एयरपोर्ट को मिलनेवाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की सीमा को 1 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है।

 

एंट्रेंस फीस पर भी नहीं लगेगा GST 

– सभी एजुकेशन इंस्‍टीट्यूट में एडमिशन या एग्‍जाम कराने के लिए दी जा रही सर्विसेस को GST से छूट दे दी गई है। उन्‍हें एंट्रेंस इग्‍जाम के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी से छूट दी गई है।

-स्‍टूडेंट्स, फैकल्‍टी या स्‍टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर भी जीएसटी से छूट दी गई है, लेकिन यह छूट हायर सेकेंडरी तक के एजुकेशनल इंस्‍टीट्यूट को दी गई है।

 

राइस ब्रान पर लगेगा टैक्स 

– राइस ब्रान पर टैक्स रेट बढ़ाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, जिस पर पहले कोई टैक्स नहीं था। इसके अलावा डि-ऑयल्ड राइस ब्रान पर रेट शून्य कर दिया गया।

 

रिटर्न फाइलिंग को आसान बनाने पर हुई चर्चा 

-मीटिंग के दौरान छोटे कारोबारियों पर से कंप्लायंस का बोझ कम करने के लिए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई।

-इस क्रम में ऐसा सिस्टम बनने तक जीएसटीआर 3बी में रिटर्न फाइलिंग को जारी रहने पर सहमति बनी, जहां सप्लायर इनवॉइस में ट्रांजैक्शन की डिटेल शामिल हो।

-जेटली ने कहा कि नए प्रोसेस को जीएसटी काउंसिल की अगली मीटिंग में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए राज्यों के बीच लिखित फॉर्म्यूलेशन बांट दिया गया है। काउंसिल की अगली मीटिंग की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

 

केंद्र और राज्यों के बीच बंटेंगे IGST के 35 हजार करोड़ 

– जेटली ने आगे कहा कि मीटिंग में आईजीएसटी में क्रेडिट लाइन की भारी धनराशि के मसले पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जीएसटी पैनल ने आईजीएसटी कलेक्शन के 35 हजार करोड़ रुपए को केंद्र और राज्यों के बीच बांटने का फैसला किया।

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खोजी गई दुनिया की सबसे लंबी सुरंग, अब सामने आएंगे प्राचीन दुनिया के कई राज!

दुनिया अपने अंदर तमाम रहस्य समेटे हुए है। हमने कई लंबी सुरंगों के बारे में पढ़ा है जिनमें कई प्राकृतिक तो कई मानव निर्मित हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई सुरंग सैकड़ों किलोमीटर लंबी हो सकती है? गोताखोरों के एक समूह ने पूर्वी मेक्सिको में दुनिया की सबसे लंबी जलमग्न सुरंग खोज निकाली है जिसकी लंबाई 347 किलोमीटर है। इस खोज के बाद मेक्सिको के आसपास के क्षेत्रों में विकसित हुई प्राचीन माया सभ्यता के बारे में और जानकारी प्राप्त हो सकती है।

दक्षिण-पूर्वी मेक्सिको में स्थित युकाटन प्रायद्वीप में पानी के नीचे स्थित सुरंग ढूंढने के लिए ग्रैन एक्युफेरो माया (GAM) अभियान चलाया जा रहा था। इस सुरंग को सैक एकटन नाम दिया गया है। शुरुआत में इस सुरंग की लंबाई 263 किलोमीटर मापी गई थी। तुलुम स्थित जलमग्न सुरंगों की श्रृंखला डॉस ओजोस से जोड़ने पर इसकी लंबाई करीब 347 किमी हो गई। यह सुरंग लगभग 12 हजार साल पुरानी है। सबसे बड़ी बात तो यह कि इस सुरंग में  कब्र भी मिली हैं, जिनमें मानव अस्थियां संग्रहित हैं।

GAM के निदेशक गुलेरमो डी एंडा ने कहा, ‘यह बड़ी खोज है। स्पेन के कब्जे में आने से पहले माया सभ्यता कैसी थी, इस बारे में यह सुरंग कई राज खोल सकती है। इसके अतिरिक्त उस काल में बसाई गई बस्तियों और तीर्थस्थलों की जानकारी भी मिल सकती है।’ ऐसा माना जा रहा है कि उस काल में बसाई गई बस्तियों और तीर्थस्थल यहां हुआ करते होंगे। कुछ पुरातत्ववादियों का मानना है कि माया सभ्यता का प्राचीन मंदिर सुरंग से जुड़ा हुआ था। मालूम हो कि माया सभ्यता के सबसे अधिक अवशेष युकाटन प्रायद्वीप में ही पाए गए हैं।

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माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ

 

  • दुनिया की सबसे ठंडी जगह साइबेरिया जहां इस बार रिकॉर्डतोड़ ठंड पड़ रही है. लगातार लुढ़कते पारे की वजह से थर्मामीटर भी जवाब देकर टूट गया है. और तो और लोगों की पलकों पर बर्फ जम गई है. तापमान माइनस 60 डिग्री के नीचे पहुंच गया है. लगातार लुढ़कते पारे के बीच स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    रूस के साइबेरिया में याकुटिया इलाके का एक छोटा सा गांव- ओम्याकोन है. इस जनवरी के महीने में यहां सब कुछ फ्रीज हो गया है. कई दिनों से सूर्य की रोशनी नसीब नहीं हुई है.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    ओम्योकोन की आबादी करीब 500  है. 13 जनवरी को यहां पर तापमान माइनस 62 डिग्री के नीचे तक गिर गया. इसके साथ ही तापमान मापने के लिए लगाया गया थर्मामीटर भी जवाब दे गया. थर्मामीटर टूट गया. वहीं यहां के निवासियों का दावा है कि पारा माइनस 67 डिग्री तक लुढ़का.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    बता दें कि इससे पहले 1933 में इतना न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    तापमान गिरने के कारण यहां नल से पानी निकलना बंद हो गया है. गाड़ियों को एक्टिव मोड में रखने के लिए गैराज में हीटर का इंतजाम करना पड़ रहा है. या फिर जरूरत ना होने पर भी उन्हें स्टार्ट रखा जा रहा है. मोबाइल फोन का सिग्नल भी दम तोड़ चुका है.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    फ्रीज करने वाली जिंदगी की वजह से ही इसका नाम ‘पोर्ट सिटी ऑफ कोल्ड’ पड़ गया है.

  • माइनस 60 डिग्री तापमान: टूटा थर्मामीटर, पलकों पर जमी बर्फ
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    यहां का इमरजेंसी विभाग लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है. लेकिन साइबेरिया के मंत्रालय ने आशंका जताई है कि फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही.

    (PHOTO CREDIT: INSTAGRAM- anastasiagav)

 

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परमाणु क्षमता से लैस अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने स्वदेशी ज्ञान कौशल से निर्मित अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का आज सुबह 9:54 बजे सफलता पूर्वक परीक्षण किया है। इस मिसाइल का यह पांचवां सफल परीक्षण था। इसके विकसित होने से भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है। अभी तक अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन के पास ही ऐसी मिसाइल हैं। तीन चरणों में ठोस प्राणोदक से चलने वाले अग्नि-5 को एकीकृत परीक्षण क्षेत्र के परिसर चार से सुबह 9:43 बजे हवा में उड़ाया गया।

आज इस मिसाइल के परीक्षण के मौके पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा अंतरिम परीक्षण परिषद (आईटीआर) से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी एवं वैज्ञानिकों का दल मौके पर मौजूद था। सूत्रों की माने तो अब्दुल कलाम द्वीप से उड़ा यह अग्नि-5 मिसाइल हिन्द महासागर में अचूक निशाना लगाने में सफल हुआ है।

सूत्रों की माने तो इसके प्रक्षेपण के बाद यह आकाश में सीधे उड़ान भरने लगी तथा उड़ान के दौरान इसका अनेक मान दंडों पर अध्ययन किया गया। अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) के एलसी-4 से किए गए इसके पांचवें परीक्षण को पूरी तरह से सफल बताया गया है। 17.5 मीटर लंबी, 2 मीटर चौड़ी, 50 टन वजन की यह मिसाइल डेढ़ टन वजन तक विस्फोटक ढोने की क्षमता रखती है।

इसका पहला परीक्षण सन 2012, दूसरा परीक्षण 2013, तीसरा परीक्षण 2015, चौथा परीक्षण 2016 और आज 18 जनवरी 2018 को इसका सफल परीक्षण किया गया है।

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पद्मावत फैसला: कोर्ट ने कहा पूरे देश में कहीं रोक नहीं, करणी सेना बोली हम तो रोकेंगे

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय लीला भंसाली की फिल्म फिल्म ‘पद्मावत’ को 25 जनवरी को पूरे देश में रिलीज़ किये जाने का रास्ता साफ़ हो गया है। कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात सरकार के उस आदेश और नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है जिसके तहत पद्मावत को इन राज्यों ने अपने यहां रिलीज़ करने पर रोक लगाई थी। इस बीच शुरू से ही इस फिल्म का विरोध कर रही करणी सेना ने कहा है कि उनका विरोध जारी रहेगा और वो फिल्म को रिलीज़ नहीं होने देंगे।

सुप्रीम कोर्ट में आज तीन सदस्यीय बेंच ने,(न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड) जिसके प्रमुख मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिसरा थे, ये कहा कि अपने यहां कानून और व्यवस्था को बनाये रखना राज्यों का कर्तव्य है। सिर्फ राजस्थान और गुजरात ही नहीं बल्कि उन सभी राज्यों ने जिन्होंने पद्मावत की रिलीज़ को रोके जाने संबंधी आदेश दिया है, उसे खारिज़ किया जाता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के तरीके ने उन्हें स्तब्ध कर दिया है। इस दौरान वायकॉम 18 की तरफ़ से कोर्ट में मौजूद वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने बेंच को बताया कि जब सेंसर ने इस फिल्म को रिलीज़ के लिए पास कर दिया है तो राज्यों के पास उसे रोकने के कोई अधिकार नहीं हैं। साल्वे ने 2011 के प्रकाश झा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट का उदहारण देते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था बनाये रखना राज्यों का संवैधानिक कर्तव्य है।

बता दें कि फिल्म के निर्माता ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा सरकार की तरफ़ से अपने यहां फिल्म को रिलीज़ न होने देने के ख़िलाफ़ अदालत में याचिका दाखिल की थी। इन राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे एडिशनल सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बेंच को बताया कि सिर्फ दो राज्यों(गुजरात और राजस्थान) ने ही इस तरह के आदेश जारी किये हैं । उन्होंने सुनवाई को आगे बढ़ाने की भी गुजारिश की और कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों में पद्मावत रिलीज़ होने की स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर की बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके बारे में संभवतः सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देते समय संज्ञान में नहीं लिया । फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन का मतलब चीजों को तोड़ मरोड़ कर पेश किये जाने से नहीं हो सकता। सेंसर, सुपर सेंसर बोर्ड नहीं बन सकता। इस बीच राजपूत करणी सेना ने अदालत के फैसले के बाद भी अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है। राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेन्द्र सिंह कलवी ने कहा है कि किसी भी हालत में पद्मावत को रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा। राजस्थान में सिनेमाहाल मालिको ने लेटर के जरिये भरोसा दिलाया है कि वो इस बारे में करणी सेना से पूछेंगे। राजस्थान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार इस मामले को लेकर विचार विमर्श कर रही है। उधर राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेडी ने इस मामले में राष्ट्रपति से गुहार लगाने की बात कही है।

24 जनवरी को भी दिखाई जायेगी

पद्मावत संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत 25 जनवरी को देश भर में रिलीज़ होगी लेकिन ये फिल्म कुछ लोग 24 जनवरी को भी देख सकते हैं। फिल्म की निर्माता कंपनी ने 24 जनवरी को पेड-प्रीव्यू रखने का फ़ैसला किया है। आमतौर पर बड़ी फिल्मों के पेड-प्रीव्यू किये जाते हैं। 25 जनवरी को अक्षय कुमार की पैड मैन भी रिलीज़ हो रही है, यानि बॉक्स ऑफ़िस पर बड़ा मुकाबला होने वाला है।

सशर्त पास है पद्मावत

सेंसर बोर्ड ने दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म को 30 दिसंबर को यू/ए सर्टिफिकेट के साथ पास कर दिया था, लेकिन साथ में पांच शर्ते भी थीं, जिसमें फिल्म का नाम बदल कर पद्मावती से पद्मावत करना और डिस्क्लेमर लगाना शामिल था। दरअसल पद्मावती का विरोध, चित्तौड़ की महारानी रानी पद्मिनी के गलत चरित्र चित्रण को लेकर शुरू हुआ था और उसके बाद पूरे देश में फिल्म के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए।

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जांबाजी की अनोखी मिसाल : 8 लोगों की जिंदगी बचाने वाले कांस्‍टेबल ने कहा, 14 लोगों की जान जाने का दुख

मुंबई के कमला मिल्स कॉम्प्लेक्स गुरुवार देर रात रूफटॉप पर स्थित एक पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई. वहीं मुबंई पुलिस के एक कांस्‍टेबल ने आठ लोगों की जिंदगी बचाई और 200 लोगों को बाहर निकाला. वहीं एक फोटोग्राफर ने कांस्‍टेबल सुदर्शन शिवाजी शिंदे एक फोटो खींची जो इन दिनों वायरल हो गई है. इस फोटो में पुलिस कांस्‍टेबल अपने कंधों में एक महिला को आग की लपटों से निकालकर लेकर आ रहा है. मुंबई पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय पदललगीकर और महापौर विश्वनाथ महादेववार ने सोमवार कांस्‍टेबल के प्रयासों की प्रशंसा की.

कांस्‍टेबल सुदर्शन शिवाजी शिंदे ने कहा कि यह अच्‍छी बात है कि साल के पहले दिन मेरी प्रशंसा की गई लेकिन मैं दुखी हूं कि 14 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी. कमला मिल्‍स के रूफ टॉप पर स्थि‍त 1 अबव रेस्‍टोरेंट में पार्टी के दौरान आग लगी और देखते ही देखते मोजो बिस्‍तरो समेत कई ऑफिस और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया.

इस हादसे में अपना 29वां जन्‍मदिन मानने पहुंची खुशबू मेहता समेत 11 महिलओं की मौत हुई थी. इस हादसे में मरने वालों की उम्र 20 से 30 साल थी. डॉक्‍टरों का कहना था कि मरने वाले सभी लोगों की मौत दम घुटने के चलते ही हुई है.

रात करीब 12.30 कांस्‍टेबल शिंदे को वायरलेस पर आग लगने की सूचना मिली. वह अपने साथियों के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे. उन्‍होंने वहां कई एंबुलेंस, फायर की गाड़ियां और पुलिस की कार देखी. लोग मदद के लिए चिल्‍ला रहे थे. कमला मिल्‍स की छत पर आग बहुत भयंकर थी जिसके चलते काफी दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. शिंदे ने एनडीटीवी को बताया कि उसने फायरकर्मियों के साथ सीढ़ियों की मदद से कमला मिल्‍स की छत पर जाने का फैसला लिया.

उन्‍होंने कहा कि जब मैं ऊपर पहुंचा तो सब जगह धुंआ था और कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. इतना ही नहीं सांस लेना और आंखें खुला रखना एक चुनौती थी. इसके फायर की टीम ने एक्जिट वाले दरवाजे को तोड़ा ताकि आग पर काबू पाया जा सके. वहां हमने वॉशरूम के पास कुछ महिलाएं देखी और इसके बाद हमने एक-एककर उन महिलाओं को नीचे उतारा. उन्‍होंने बताया कि उस वक्‍त उन महिलाओं को वहां से ले जाने के लिए उनके पास कोई स्‍ट्रेचर नहीं था इसलिए उन्‍होंने उन महिलाओं को कंधों पर लादकर वहां से बाहर निकाला.

वहीं इस मामले में 18 वर्षीय एक छात्र ने बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर मध्य मुंबई में कमला मिल परिसर में एक पब में गत 29 दिसंबर को लगी भीषण आग की घटना की सीबीआई जांच कराने का निर्देश देने की मांग की है. ब्रिटेन में पढ़ रहे गर्व सूद ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि कमला मिल्स के मालिकों के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोप लगाये जाएं.

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2G स्पेक्ट्रम घोटाले ने ऐसे बदल दी देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की सूरत

2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में गुरुवार को सीबीआई विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है. इस मामले में फंसे सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है. करीब 6 साल बाद इस मामले में फैसला आया है.

इन 6 सालों के दौरान टेलीकॉम सेक्टर भी काफी बदल चुका है. 2जी स्पेक्ट्रम ने टेलीकॉम सेक्टर को लेकर जहां सरकार को अपनी नीतियां बदलने पर मजबूर किया है वहीं, कॉरपोरेट्स ने भी अपनी रणनीत‍ि में भी बड़ा बदलाव किया है.

बदला स्पेक्ट्रम बेचने का तरीका

2-जी स्पेक्ट्रम से जुड़े इस घोटाले के सामने आने के बाद सरकार ने अपनी नीत‍ियों में बड़ा बदलाव किया और स्पेक्ट्रम बेचने का तरीका बदल दिया. अब स्पेक्ट्रम नीलामी के जरिये बेचे जाते हैं. 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने कई के टेलीकॉम लाइसेंस रद्द कर दिए थे. इसकी वजह से विदेशी टेलीकॉम कंपनियों ने भी भारत में अपना कारोबार शुरू करने से अपने हाथ पीछे खींचना शुरू कर दिया था.

बैंक लोन पर भी पड़ा असर

इस घोटाले का असर बैंकों की तरफ से टेलीकॉम कंपनियों को मिलने वाले लोन पर भी पड़ा. इसी साल की शुरुआत में भारतीय र‍िजर्व  बैंक ने टेलीकॉम सेक्टर को लेकर रेड फ्लैग जारी किया था.

उसने इस दौरान बैंकों से कहा था कि टेलीकॉम सेक्टर को लेकर अपने रुझान की समीक्षा करें. इसके अलावा सरकार ने अंतर-मंत्रालयी समित‍ि का गठन भी किया है, जो टेलीकॉम सेक्टर का दबाव कम करने के लिए उपाय ढूंढ़ने में जुटी हुई है.

मर्जर की ओर बढ़ी कंपनियां

2012 में जब सु्प्रीम कोर्ट ने 18 ऑपरेटर्स का लाइसेंस कैंसल कर दिया गया था. वर्तमान में 11 ऑपरेटर्स देश में मोबाइल सर्विस मुहैया करते हैं. 2012 के बाद  से टेलीकॉम सेक्टर पर जिस तेजी से दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही  रिलायंस जियो की एंट्री ने यह दबाव बढ़ा दिया है. इसकी वजह से मर्जर की नई बयार भी  इस सेक्टर में चल पड़ी है.

भारत में रह जाएंगे सिर्फ 5 प्रमुख प्लेयर

अगर प्रस्तावित मर्जर होता है, तो भारत में भी विकसित देशों की तरह ही 5 प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स रह जाएंगे. इसमें भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, रिलायंस जियो, बीएसएनएल और एमटीएनएल जैसे प्रमुख प्लेयर हो सकते हैं.

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योगी सरकार ने पेश किया 11 हजार 3 सौ 88.17 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट

योगी सरकार विधानसभा में आज 2017-18 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। ये योगी सरकार का पहला अनुपूरक बजट है। योगी सरकार ने अपना पहला अनुपूरक बजट 11 हजार 3 सौ 88.17 करोड़ रुपए का पेश किया है।

बजट की खास बातें-

-अंतरष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के लिए 1.3 करोड़,
आगरा एक्सप्रेसवे के लिए सिम्बोलिक 1000 रुपया
, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के करीब 4 करोड़ रुपए।
-दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 58 करोड़।
-स्वच्छ भारत के तहत ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण के लिए।
-गन्ना भुगतान के लिए 200 करोड़।
-जेलों में बिजली बिल के भुगतान के लिए 7 करोड़।
-एटीएस, एसटीएफ समेत पुलिस महकमे के लिए 164 करोड़।
-मेडिकल कॉलेजों के लिए 425 करोड़।
-नागरिक उड्डयन विभाग को 200 करोड़।
-स्वच्छ भारत मिशन में 522 करोड़।
-कैलाश मानसरोवर भवन के लिए करीब 11 करोड़।
-चित्रकूट में रामघाट समेत पर्यटन स्थलों के लिए 12 करोड़।
-बनारस में विश्वनाथ मंदिर मार्गो के निर्माण के लिए 40 करोड़।
-अल्पसंख्यको के लिए 84 करोड़।
-प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1125 करोड़।

अनुपूरक बजट में क्या होगा खास

-योगी सरकार वित्त वर्ष 2017-18 का पहला अनुपूरक बजट सोमवार को पेश करेगी। बजट 12 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा विधानसभा में पेश होने वाले इस बजट में कुछ नई योजनाओं का एलान भी हो सकता है।
-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, खादी व पर्यटन को मिल सकता है। पैसा केंद्र की योजनाओं से बनने वाली सड़कों के लिए गठित यूपी सड़क निर्माण निगम, खादी ग्रामोद्योग के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से प्रस्तावित नई योजना, नैमिषारण्य विकास, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, कृषि, दुग्ध विकास, पंचायतीराज, आईटी, गन्ना आदि विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर बजट का एलान हो सकता है।
-केंद्रीय योजनाओं के लिए केंद्र से मिली रकम का बजटीय प्रावधान कराने, प्रदेश सरकार की चालू योजनाओं को पूरा करने के लिए जरूरी रकम के बंदोबस्त के साथ आकस्मिक निधि से लिए गए 200 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं।

-बीजेपी सरकार विधानमंडल के दोनों सदनों में अनुपूरक बजट पेश करेगी। विकास योजनाएं के लिए धनराशि का इंतजाम होगा इस अनुपूरक बजट में। योगी सरकार का यह पहला अनुपूरक बजट है। इसमें केंद्रीय योजनाओं के लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है।

-डेढ़ दर्जन ऐसी योजनाएं हैं, जहां बजट की दरकार, अनुपूरक बजट में इन योजनाओं के लिए भी बजट की इंतजाम किया जा सकता