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New FDI rules for Ecommerce Marketplace: महत्वपूर्ण जानकारी और इसके प्रभाव। जानें क्यों हुआ अमेज़न को 45 अरब डॉलर का नुकसान!

The FDI changes in ecommerce policy came into effect from February 1.

According to the new guidelines, ecommerce marketplaces will not be allowed to sell products in which they own a stake.

Some of the other major changes include:

  • Ecommerce companies are allowed to do transactions with sellers only on a B2B basis
  • Ecommerce marketplaces will not exercise ownership or control over the inventory
  • Cash back provided by group companies of marketplace entity to buyers shall be fair
  • Etailers are not allowed to mandate any seller to sell any product exclusively on its platform
  • Bar sellers who drive more than 25% of the etailers overall sales from a single marketplace as entities

Following the implementation of the new rules, Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon & Flipkart together lost $50 Bn in market capitalisation this week.

Amazon’s shares fell by 5.38% to $1,626.23, losing $45.22 Bn, Walmart’s share price fell by 2.06% to $93.86 on the New York Stock Exchange, losing $5.7 Bn in market capitalisation.

Amazon India has also removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

removed all the product listings from its preferred sellers such as Cloudtail and Appario Retail in India to comply with the rulings.

During Amazon’s earnings call, Amazon’s CFO Brian Olsavsky had said that the company was uncertain about the impact that these new rules would have on the ecommerce sector and is currently analysing the situation to comply with the new rules.

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CBSE PAPER LEAK 2018 दिल्ली पुलिस ने बतायी इकोनॉमिक्स पेपर लीक करने वाले रोहित-ऋषभ व तौकीर की साठ-गांठ की कहानी

कड़कड़डूमा कोर्ट से पुलिस को पर्चा लीक करने वाले तीनों लोगों की दो दिन की पुलिस कस्टडी मिल गयी है.

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

ANI @ANI_news

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

सीबीएसइ पेपर लीक मामले में आज दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर इस संंबंध में मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा आज तड़के रोहित व ऋषभ नाम के दो स्कूल टीचर और कोचिंग के एक ट्यूटर तौकीर को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रश्न खुलने के समय पौने दस बजे से 30 से 40 मिनट पहले 12वीं इकोनॉमिक्स का प्रश्न पत्र खोल लिया गया और रोहित व ऋषभ नामक टीचर ने उसे कोचिंग ट्यूटर तौकीर को वाट्सएप पर भेजा, जिसने उसे बच्चों को भेज दिया. उन्होंने कहा कि एक बच्चे से इस संबंध में पूछताछ की गयी थी. डीसीपी ने यह नहीं बताया कि इस मामले का मास्टमाइंड तीनों में कौन है, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि ऋषभ के कहने पर रोहित ने प्रश्नपत्र तौकीर को भेजा और इन तीनों में अच्छी पहचान व दोस्ती है.

डीसीपी आलोक कुमार ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच की दो हिस्सों में हो रही है. इकोनॉमिक्स पेपर लीक की जांच डॉ रामगोपाल नायक व दसवीं मैथ्स पेपर लीक की जांच जॉय तिर्की की अगुवाई में हो रही है और पूरी जांच का सुपरविजन डॉ रामगोपाल नायक कर रहे हैं.

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 Two teachers and a tutor were arrested. Police custody remand of all three has been taken, they will be questioned: Delhi Police Joint CP Crime Branch on #CBSEPaperLeak

उन्होंने दसवीं पेपर लीक मामले की जांच के संबंध में अभी कोई तथ्य बताने से इनकार करते हुए कहा कि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि कोर्ट से दो दिन की पुलिस कस्टडी मिली है, पुलिस दो दिन इनसे पूछताछ करेगी और मामले के तह तक जाने का प्रयास करेगी. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि तौकीर 26-27 साल का एक युवक है, जो कोचिंग में पढ़ाता है.

ऐसे लीक किया इकोनॉमिक्स का पेपर 

नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीबीएसइ पेपर लीक मामले में दो टीचर व एक कोचिंग सेंटर के मालिक सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, दोनों शिक्षकों ने 9.15 बजे सुबह हाथ से लिखे प्रश्न पत्र की तसवीर उतारी थी और फिर उसे कोचिंग सेंटर के ट्यूटर को भेज दिया था. फिर कोचिंग सेंटर के ट्यूटर ने उसे स्टूडेंट्स को भेज दिया. कोचिंग ट्यूटर एनसीआर के बवाना का है, जबकि दोनों टीचर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं. 26 मार्च को 12वीं इकोनॉमिक्स पेपर लीक की पूरी घटना परीक्षा शुुरू होने के समय 9.45 बजे के डेढ़ घंटे पहले तक में घटी. यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है. इन पर आरोप है कि उन्होंने 26 मार्च को परीक्षा के  पहले इकोनाॅमिक्स के पेपर को लीक किया. हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है वे दोनों टीचर किस स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार शनिवार रात मीडिया को जानकादी देते हुए.


उधर, क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार रात इस मामले में सीबीएसइ के मुख्यालय भी पहुंची थी. सूत्रों का कहना है कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स एवं 10वीं के मैथ्स पेपर लीक मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम को कुछ अहम तथ्यों की जानकारी हाथ लगी है. पुलिस ने अबतक इस मामले में 60 लोगों से पूछताछ की है. इसमें वे दस वाट्सएप ग्रुप के संचालक भी शामिल हैं, जिनके ग्रुप में प्रश्न वायरल किया गया था.

दिल्ली के प्रीत विहार स्थित सीबीएसइ मुख्यालय पहुंची पुलिस. 

इस पूरे मामले में पुलिस को उस विह्सलब्लोअर की भी जानकारी मिली है, जिन्होंने मेल के जरिये सीबीएसइ प्रमुख को गणित के प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी दी थी. पुलिस ने उस शख्स का पता लगाने के लिए गूगल की मदद मांगी थी, क्योंकि उस व्यक्ति ने जीमेल से मेल भेजा था.

ध्यान रहे कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को ली जाएगी.

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुई मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री। आज ही आर्डर करें!

मशरूम में जहा आपको तंदुरुस्त रखने की सभी खूबियां होती हैं वही कीड़ा-जड़ी एक अत्यंत लाभकारी और दुर्लभता से पायी जाने वाली औषिधीय गुणों से युक्त विशिष्ट मशरूम प्रजाति है। हमारी कंपनी ने देहरादून की मशरूम उत्पादक और शोध कार्य करने वाली अग्रणी कंपनी सौम्या फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर मशरूम और कीड़ा-जड़ी की ऑनलाइन बिक्री करने हेतु हाथ मिलाया है।

हमारे माध्यम से कीड़ा-जड़ी को वास्तविक रूप में आप तक पहुँचाने का ये प्रयास अपने आप में अनोखा है। हमारे पास उपयुक्त स्रोत हैं जिसका लाभ आप भी उठा सकते हैं। आपको अब हिमालय के वन क्षेत्रों में कीड़ा-जड़ी को खोजने की आवश्यकता नहीं है। आपको ऍफ़ एस एस ए आई द्वारा स्वीकृत एवं प्रमाणित 100% शुद्ध मशरूम व कीड़ा-जड़ी घर बैठे ही मिल सकती है।
हमारा प्रयास आपको स्वस्थ और प्रसन्न रखने का है। ईश्वर का ये जीवन अनमोल है और कीड़ा-जड़ी इस जीवन को और मनोरंजक व आसान बनाने के लिए रामबाण उपाय है।


सौम्या फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर दिव्या रावत जी के अथक परिश्रम और शोध के फलस्वरूप ये मुमकिन हो पाया है। हमारा प्रयास है की पहाड़ों में होने वाला पलायन रोका जा सके और वहां के लोगों को वह व्यवसाय दिया जाये जिससे उनका जीवन यापन आसानी से हो सके। इन अभूतपूर्व प्रयासों के फलस्वरूप दिव्या जी को राष्ट्रपति से नारीशक्ति पुरुस्कार मिल चुका है और नित नए प्रयासों के लिए इनकी जितनी सराहना की जाये कम है।

हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं ओएस्टर मशरुम सौ ग्राम के पैक में, तथा जल्द ही शिटाके और गैनोडर्मा मशरुम भी हमारे पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मशरुम के विभिन्न आचार का भी आनंद आप घर बैठे ले सकेंगे।

Oyster Mushrooms 100 Grams

 

कीड़ा-जड़ी हमारे पास दस ग्राम के पैक से शुरू है जोकि आपको तीन सौ रूपये प्रति ग्राम की साधारण राशि में मिल जाएगी। इसके अलावा पचीस ग्राम का पैक तथा पचास ग्राम का पैक भी उपलब्ध है। पचास ग्राम के पैक में आपको 1250 रूपये की बचत होगी। इसलिए इंतिजार मत कीजिये, आर्डर कीजिये।

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जाने मशरुम और कीड़ा-जड़ी की अनमोल खूबियों के बारे में, सिर्फ एक क्लिक में। STAY HEALTHY! STAY BLESSED!

ॐ नमः शिवाय !

 

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हिन्दू शास्त्रों से चुराए थे न्यूटन ने तीनों नियम: मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी

Manchester University confirms:

How Isaac Newton Stole Gravity concept

from a Gurukul Book

 

A little known school of scholars in south India discovered one of the founding principles of modern mathematics hundreds of years before Isaac Newton according to this new finding by Manchester University. Many would not believe how christian missionaries also helped in transporting this Information to Britian in 15th Century.

Dr George verghese Joseph from The University of Manchester says the ‘Kerala School’ identified the ‘infinite series’- one of the basic components of calculus – in about 1350. The discovery is currently and wrongly attributed in books to Sir Isaac Newton and Gottfried Leibnitz at the end of the seventeenth centuries.

The team from the Universities of Manchester and Exeter reveal the Kerala School also discovered what amounted to the Pi series and used it to calculate Pi correct to 9, 10 and later 17 decimal places.
And there is strong circumstantial evidence that the Indians passed on their discoveries to mathematically knowledgeable Jesuit missionaries who visited India during the fifteenth century. That knowledge, they argue, may have eventually been passed on to Newton himself.
Dr Joseph made the revelations while trawling through obscure Indian papers for a yet to be published third edition of his best selling book ‘The Crest of the Peacock: the Non-European Roots of Mathematics’ by Princeton University Press.

He said: “The beginnings of modern maths is usually seen as a European achievement but the discoveries in medieval India between the fourteenth and sixteenth centuries have been ignored or forgotten.
The brilliance of Newton’s work at the end of the seventeenth century stands undiminished – especially when it came to the algorithms of calculus. But other names from the Kerala School, notably Madhava and Nilakantha, should stand shoulder to shoulder with him as they discovered the other great component of calculus- infinite series.
There were many reasons why the contribution of the Kerala school has not been acknowledged – a prime reason is neglect of scientific ideas emanating from the Non-European world – a legacy of European colonialism and beyond. But there is also little knowledge of the medieval form of the local language of Kerala, Malayalam, in which some of most seminal texts, such as the Yuktibhasa, from much of the documentation of this remarkable mathematics is written.

He added: “For some unfathomable reasons, the standard of evidence required to claim transmission of knowledge from East to West is greater than the standard of evidence required to knowledge from West to East.
Certainly it’s hard to imagine that the West would abandon a 500-year-old tradition of importing knowledge and books from India and the Islamic world. But we’ve found evidence which goes far beyond that: for example, there was plenty of opportunity to collect the information as European Jesuits were present in the area at that time.
They were learned with a strong background in maths and were well versed in the local languages. And there was strong motivation: Pope Gregory XIII set up a committee to look into modernizing the Julian calendar.

On the committee was the German Jesuit astronomer/mathematician Clavius who repeatedly requested information on how people constructed calendars in other parts of the world. The Kerala School was undoubtedly a leading light in this area.
Similarly there was a rising need for better navigational methods including keeping accurate time on voyages of exploration and large prizes were offered to mathematicians who specialized in astronomy. Again, there were many such requests for information across the world from leading Jesuit researchers in Europe. Kerala mathematicians were hugely skilled in this area.

(Ref: http://mailonnews.com/2017/09/19)

 

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टोक्यो मोटर शो: गाड़ी जो स्पीड में शेप बदल ले!

जापान में टोक्यो मोटर शो का आयोजन चल रहा है। 45वें एडिशन में कई कॉन्सेप्ट कारें पेश की गई हैं।

जापान की ऑटो पार्ट मेकर टोयोडा गोसेई की ये पेशकश ‘फ्लेश्बी’ केवल एक सीट वाली है। कंपनी का दावा है कि ‘फ्लेश्बी’ ई-रबर की खूबियां लिए हुए है और हाई स्पीड में ड्राइविंग करते वक्त इसकी बॉडी ज़रूरत के मुताबिक़ अपनी शेप बदल सकती है।

तस्वीर में टोयोटा की कॉन्सेप्ट-आई जिसे 25 अक्टूबर को पेश किया गया।

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टोक्यो मोटर शो 5 नवंबर तक चलेगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर कंपनियां की दुनिया की बड़ी कंपनियों अपने नए प्रोडक्टश इस इवेंट में पेश करती हैं। तस्वीर में सुज़ुकी मोटर्स की ई-सर्वाइवर।

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यामाहा की ये हाई टेक बाइक ‘मोटरआईडी’ भी टोक्यो मोटर शो का एक ख़ास आकर्षण रहा।

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दिखने में बाइक जैसी लगती है लेकिन इसमें ज्यादा पहिए हैं। टोक्यो मोटर शो में यामाहा की एमडब्लूसी-4।

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टोयोटा मोटर्स ने अपनी इस कॉन्सेप्ट कार को वंडर-कैप्सूल का नाम दिया है।

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सुपर-30 के आनंद कुमार बने ऋतिक रोशन, क्लियर करवाएंगे IIT Exam!

खास बातें

  1. विकास बहल करेंगे डायरेक्ट
  2. क्वीन के डायरेक्टर हैं विकास बहल
  3. ऋतिक बनेंगे मैथेमेटिशियन

ऋतिक रोशन ने कुछ समय पहले इस बात का खुलासा किया था कि सुपर-30 के आनंद कुमार की बायोपिक के लिए उनसे बातचीत चल रही है. अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि ऋतिक रोशन को मैथेमेटिशियन आनंद कुमार के रोल के लिए फाइनल कर लिया गया है. ऋतिक रोशन की इस फिल्म को विकास बहल डायरेक्टर करेंगे. विकास बहल इससे पहले कंगना रनोट की ‘क्वीन’ को डायरेक्ट किया था. यह पहला मौका होगा जब ऋतिक रोशन किसी बायोपिक को करेंगे. इससे पहले वे ‘जोधा अकबर’ और ‘मोहनजोदाड़ो’  जैसी पीरियड फिल्में कर चुके हैं.

Video: पटना: सुपर-30 के सभी छात्रों ने क्रैक किया IIT JEE

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taran adarsh 

@taran_adarsh

#BreakingNews: Hrithik Roshan to play mathematician #AnandKumar in his biopic, titled #Super30… Vikas Bahl will direct the film.

आनंद कुमार पटना के रहने वाले मैथेमेटिशियन हैं. कुमार पटना में आईआईटी प्रतिभागियों के लिए ‘सुपर 30’ नाम से कोचिंग चलाते हैं. वह आईआईटी-जेईई के लिए मुख्य तौर पर आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को प्रशिक्षित करते हैं. उन्होंने 2002 में इस कोचिंग की शुरुआत की थी.

कुछ दिन पहले वे अमिताभ बच्चन के साथ कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर भी नजर आए थे और उन्होंने 25 लाख रु. जीते थे. उन्होंने उस समय बताया था, ‘पिताजी चाहते थे कि हम और पढ़े लिखें, लेकिन उनका अचानक देहांत हो गया. इसके बाद हमारे घर की हालत बिगड़ गई. तब मां ने पापड़ बनाना शुरू किया. मैं और मेरा भाई पापड़ बेचने जाते थे.’ सुपर 30 के अभी तक 450 में से 390 स्‍टुडेंट आईआईटी में चुने जा चुके हैं.