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पेट के दर्द, गैस, ब्लोटिंग और अनियमित मलत्याग. इन सभी परेशानियों से राहत दिला सकती है ये एक चीज़

अगर आपको 3 महीने से ज्यादा पेट में दर्द और अनियमित मलत्याग हो तो आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम हो सकता है. एक रिसर्च में पता लगा है कि विटामिन-डी की खुराक का नियमित सेवन आपको इसके दर्द से छुटकारा दिला सकता है. इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम पेट और आंत के विकार से संबंधित है और इससे पीड़ित शख्स को पेट में सूजन और दर्द सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

क्या है आईबीएस?
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) का मतलब है अनियमित मलत्याग. यह एक बीमारी नहीं बल्कि एक साथ होने वाले कई लक्षणों का समूह है. इसमें बड़ी आंत (कोलन) और छोटी आंत में अवरोध होता है. लगभग 10 से 15 प्रतिशत वयस्क इससे प्रभावित होते हैं.

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शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि आईबीएस रोगियों में विटामिन-डी की कमी सामान्य है.

विटामिन-डी की खुराक के सेवन से पेट में दर्द, सूजन, दस्त और कब्ज जैसे लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है.

शोध में पता चलता है कि विटामिन-डी आईबीएस के रोगियों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी कारगर है.

इंग्लैंड की शेफील्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के मुख्य लेखक बर्नार्ड कॉर्फे ने कहा, “इन निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि आईबीएस से पीड़ित सभी लोगों को अपने विटामिन-डी के स्तर का परीक्षण करना चाहिए और इनमें से अधिकांश को इसके सप्लीमेंट से फायदा हो सकता है.”

इन निष्कर्षों के लिए शोध दल ने सात अध्ययनों का आकलन किया था, जिनमें विटामिन-डी और आईबीएस के बीच संबंधों पर आधारित चार अवलोकन और तीन सर्वेक्षण आधारित अध्ययन शामिल थे.

यह शोध ‘यूरोपीयन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन’ में प्रकाशित हुआ है.

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मेरठ में एंबुलेंस में शराब और रशियन डांस, रसिया डॉक्टरों के खिलाफ जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में भले ही गंभीर मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस न मिले, लेकिन जलवा तो डाक्टर्स का हैं। इनके फंक्शन हो तो शराब एंबुलेंस में भरकर लाई जाती है। इसके साथ ही मेडिकल कालेज प्रांगण में रशियन डांसर के बैले भी होता है। जमकर जाम झलकाए जाते हैं और मामला बढऩे पर कॉलर भी पकड़े गए।

मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कल 1992 बैच के डाक्टर्स का वार्षिक समारोह था। मेरठ के मेडिकल कालेज में बीते दो दिन से ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन 1992 बैच के डाक्टरों का सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन हुआ। भयंकर ठंड में यहां पर रशियन डांसरों के नाच पर डॉक्टरों ने जमकर ठुमके लगाए. इतना ही नहीं जिन वाहनों में मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है उनमें मेडिकल कॉलेज के परिसर में शराब ढोकर लाई गई। मेडिकल कालेज परिसर में इस दौरान कल जमकर धमाल हुआ. खुले आसमान में शराब के जाम छलके, नाच-गाना हुआ. मनोरंजन के लिए रशियन डांसरों का डांस भी रखा गया और इस सबके बीच मरीजों से जुड़े संसाधन शराब ढोने में लगाये गये।

चिकित्सा के मंदिर मे सरेआम मदिरापान ने मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज के 1992 बैच की रजत जयंती मे विदेशी महंगी शराब परोसी गई। अपने वरिष्ठों के सामने डाक्टरो ने न सिर्फ जमकर शराब पी, बल्कि कैपस मे मारपीट भी हो गई।

लाला लाजपत राय की मूर्ति के पायदान पर बैठकर शराब पी गई। शराब परोसने के लिए बाहर से बुलाई गई लड़कियां भी चर्चा का विषय बनी रही। उधर, कैपस मे खुलेआम शराब छलकाने की शिकायत शासन तक पहुंच गई।

मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने इस बार तो दो पायदान आगे बढ़कर रजत जयंती मनाया।

इससे पहले डाक्टर कैंपस में गीत-संगीत, डांस और कामेडी तक सीमित थे, जबकि इस वर्ष पहली बार बेली डांस की थिरकन आकर्षक का केंद्र बनी।

एल्युमनी मीट में शराब का सेवन कोई नई बात नहीं है लेकिन प्रशासनिक ब्लाक के सामने स्थित कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में पहली बार विदेशी बालाएं भी नजर आईं। इस दौरान बेली डांस के तीन आयटम पेश किए गए। यही आयोजन खासा चर्चा में रहा।

कुछ लोगों ने इसे लेकर असहजता भी दिखाई। मेडिकल कालेज परिसर में आयोजन में इस तरह के कार्यक्रमों को शामिल न करने की भी सलाह दी। यही वजह रही कि जब डाक्टर बेली डांस का आनंद उठा रहे थे, वहीं वरिष्ठ चिकित्सक दूसरे लान में चले गए।

कैंपस की एक वीडियो वायरल हुई और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। सीएम कार्यालय से प्रशासन से जवाब-तलब की भी सूचना है। कार्यक्रम के दौरान कई बार लोग एक दूसरे से उलझते नजर आए।

आयोजन कमेटी के अध्यक्ष डा. परवेज अहमद ने एक व्यक्ति को बाहर निकाला, जिसके बाद कैंपस में कुछ देर के लिए तनाव बढ़ा। नौबत मारपीट की भी आ गई थी। इस पर डा. परवेज का कहना था कि जो गलत ढंग से कार्यक्रम में पहुंचा था, उसे बाहर निकाला गया।

दिनभर गुलजार रहा कैंपस

मेडिकल कैंपस में रजत जयंती कार्यक्रम में 1992 के डाक्टरों के अलावा करीब तीन हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। व्यंजनों की खुशबू थी तो महंगी शराब का भी खुमार छाया हुआ था।

 

मेहमानों के साथ तमाम डाक्टर भी लडख़ड़ाते नजर आए। कैंपस में क्रिसमस का भी रंग था, इसलिए कई परिवार-बच्चों को भी लेकर पहुंचे।

सभी ने पल्ला झाड़ा अब जांच का आदेश 

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की इस भद्दी तस्वीर को जब मीडिया ने दिखाया तो कॉलेज प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल ने इस मामले में जांच करने के आदेश दे दिए। उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनकी जानकारी के बिना मेडिकल कॉलेज में रशियन बालाएं नचाई गई हैं। साथ ही एंबुलेंस में शराब ढोकर लाई गई। डॉक्टरों ने जाम छलकाते हुए फूहड़ गानों पर डांस किया।

सीएमओ मेरठ बेहद नाराज

सीएमओ मेेरठ, राजकुमार ने बताया मुझे पता चला कि कार्यक्रम में रूसी बैली नर्तकियों को बुलाया गया था।

कार्यक्रम के लिए शराब की पेटियां लाने को एंबुलेंस वैन का प्रयोग किया है। यह बिल्कुल गलत है, यह किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में नहीं होना चाहिए था। इस मामले में जांच का आदेश दिया गया है।

मामले की जांच होनी चाह‍िए

इस मामले में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि यह घटना शर्मनाक है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। विहिप के प्रांत प्रवक्ता शीलेंद्र कुमार ने कहा, डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यदि वो ही ये सब करेंगे तो हमारे समाज पर इसका क्या असर होगा। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कहा कि है कि भविष्य में ऐसा फिर न हो, इसकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

बैले डांस में मानक का उल्लंघन नहीं

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. परवेज अहमद ने कहा कि आबकारी एवं फायर समेत सभी संबंधित विभागों से परमीशन ली गई। कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित रहा। बेली डांस में किसी मानक का उल्लंघन नहीं हुआ। सभी ने पूरा सहयोग दिया। परिवार के जनों के साथ हम सभी ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।

मेरे सामने तो सब ठीक था

कार्यवाहक प्रिसिंपल डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि मेरे सामने तो सबकुछ ठीक था। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने शिकायतें की। हालांकि शासन से अब तक कोई पूछताछ नहीं हुई है।

आबकारी विभाग की अनुमति थी

जिला आबकारी अधिकारी मोहम्मद असलम ने कहा कि मेडिकल कालेज परिसर में सोमवार को चिकित्सकों के कार्यक्रम के लिए जिला आबकारी विभाग से अनुमति ली गई थी। डा. परवेज की ओर से अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था।

जिला प्रशासन की अनुमति 

एडीएम सिटी, मुकेश चंद्र ने कहा कि मेडिकल कालेज में चिकित्सकों के सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ली गई थी। इस कार्यक्रम के बाबत कोई शिकायत आदि अभी जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री बेहद गंभीर

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेडिकल कालेज में दारू पार्टी तथा अश्लील डांस के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में डांस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, यह प्रकरण बेहद ही गंभीर है। डॉक्टर्स की शराब पार्टी बेहद शर्मनाक कृत्य है। फूहड़ डांस के साथ ही मैदान में दारू परोसा जाना निंदनीय है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी मामले की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट 48 घंटे में मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी, यह तय है।

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जानें भारतवर्ष को और नजदीक से: 15 रोचक तथ्य

 

I bet you didn’t know

“So far as I am able to judge, nothing has been left undone, either by man or nature, to make India the most extraordinary country that the sun visits on his rounds. Nothing seems to have been forgotten, nothing overlooked.”

Such a proud feeling when you hear these words by the famous writer Mark Twain. India is truly the mother of birthplace, the mother of history, the grandmother of legends, and the great-grandmother of tradition. With so many innovations, exotic architectures, a burst of cultures, religions and selfless brotherhood, it is what makes India, an Incredible India.

India is not just about cricket and celebrities. There are some unknown, unheard and unbelievable facts about our country which I bet you are not much aware of.

#1. Now you can float and post!

We all know that India has the largest number of post offices in the world but did you know that there

is a floating post office in India too? wow now my mind is floating. This post office is located in the

heaven of earth ‘Srinagar’. It was inaugurated by former Chief Minister Omar Abdullah in August 2011. Since then, it has been attracting tourists from all across the country.

Source: NDTV

#2. Can you please rub me well?

In Tamil Nadu, all the elephants receive a sumptuous and nutritious diet after a detailed and well-massaged bath in the ponds of Punnathoor Cotta Elephant Yard Rejuvenation Center. I too need a spa therapy after reading this.

Source: New York Post

#3. Kudos, India!

I can shout from any rooftop and proudly say that India has won all six men’s Kabaddi World Cups (circle style) held till now and have been undefeated throughout these tournaments.

Source: Wikipedia

#4. From Richest to Richer to Rich!

Apart from the ‘Golden bird’ we were also a ‘Diamond machine’. I can not believe how affluent we were. Initially, diamonds were only found in the deposits Krishna River. Until these rocks were found in Brazil during the 18th century, India ruled the world in diamond production.

Source: Wikipedia

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टॉप -10 अमीरों की सूची में पतंजलि के बालकृष्ण, मुकेश अंबानी पहले नंबर पर

बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और डी-मार्ट के राधाकिशन दमनी का नाम भारत के अमीरों की सूची में शामिल हो गया है. उद्योगपति मुकेश अंबानी अब भी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं.पिछले छह साल से अमीरों की सूची तैयार कर रही शोध इकाई हुरन ने बयान में कहा, एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बालकृष्ण अब देश के शीर्ष 10 अमीरों में शामिल हो गये हैं. रिटेल सेक्टर के नये सितारे दमनी सबसे लंबी छलांग लगाने वाले अमीर रहे. उनकी संपत्ति में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शानदार सूचीबद्धता से अमीरों की सूची में आठ नये लोगों को जगह मिली.

बालकृष्ण पिछले साल 25वें स्थान पर थे जबकि इस बार वह आठवें स्थान पर पहुंच गये हैं. उनकी संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गयी है. पिछले वित्त वर्ष में पतंजलि का कारोबार 10,561 करोड रुपये पर पहुंच गया. वह कई विदेशी ब्रांडों को टक्कर दे रही है. मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने रहे. वैश्विक स्तर पर वह पहली बार शीर्ष 15 में जगह बनाने में कामयाब रहे. शेयर बाजार में आये उछाल से रिलायंस के शेयर बढ़ गये. इससे अंबानी की संपत्ति 58 प्रतिशत बढकर 2,570 अरब रुपये पर पहुंच गयी है. उनकी यह संपत्ति यमन देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 50 प्रतिशत अधिक है.

कौन हैं आचार्य  बालकृ्ष्ण
आचार्य बालकृष्ण पतंजलि आयुर्वेद के एमडी है. बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि देश के शीर्ष एफएमसीजी सेक्टर में शामिल हो गया है.मूल रूप से नेपाल के रहने वाले बालकृ्ष्ण को शुरू से ही आयुर्वेद में रूचि थी. उन्होंने सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय बनारस से आचार्य की डिग्री भी ली है. पतंजलि का प्रमुख चेहरा भले ही रामदेव हो लेकिन सारे कामकाज में बालकृष्ण की भूमिका अहम होती है.
बता दें कि बाबा रामदेव का पतंजलि कंपनी में बालकृ्ष्ण की 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है. 10 साल पहले 50 -60 करोड़ के बैंक कर्ज से शुरू होने वाली यह कंपनी हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी कंपनियों की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी बन गयी है. 15 घंटा हर दिन काम करने वाले बालकृ्ष्ण किसी बिजनेस कॉलेज से एमबीए नहीं हैं और धोती – कुर्ता पहनते हैं. बाबा रामदेव जहां मीडिया में खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं. वहीं बालकृ्ष्ण अकसर पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं. दोनों की मुलाकात 30 साल पहले हरियाणा के गुरूकुल में हुई थी. जहां वे एक दूसरे के दोस्त बने.
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जानें, महिषासुर मर्दिनी कात्यायनी माता के जन्म का रहस्य

आज नवरात्रि का छठा दिन है और इस दिन देवी मां के छठे स्वरूप यानी मां कात्यायनी की उपासना होती है.

कहते हैं कि जिसने मां कात्यायनी को प्रसन्न करके उनकी कृपा प्राप्त कर ली, उसमें असंभव को भी संभव करने की शक्ति आ जाती है. मां कात्यायनी के भक्त दृढ़ प्रतिज्ञ होते हैं और अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करते हैं.

आज हम आपको मां कात्यायनी से जुड़े अद्भुत रहस्यों के बारे में बताएंगे, लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर मां कात्यायनी का स्वरूप कैसा है…

मां कात्यायनी का शरीर स्वर्ण के समान चमकीला है. चार भुजाओं वाली मां कात्यायनी की सवारी सिंह हैं. मां के एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में उनका प्रिय पुष्प कमल है. बाकी दो हाथ वरमुद्रा और अभयमुद्रा में सुशोभित होते हैं.

कहते हैं मां कात्यायनी की उपासना से भक्तों को अमोघ फल प्राप्त होता है. यानी मां की उपासना का फल कभी नष्ट नहीं होता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर मां कात्यायनी की उत्पत्ति कैसे हुई और देवी के इस स्वरूप का नाम कात्यायनी क्यों पड़ा. आइए हम आपको बताते हैं…

मां कात्यायनी के जन्म का रहस्य

एक वन में कत नाम के एक महर्षि रहते थे. उनका एक पुत्र था, जिसका नाम कात्य रखा गया. कात्य गोत्र में ही महर्षि कात्यायन का जन्म हुआ, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी.

उनकी तीव्र कामना थी कि मां भगवती उनको पुत्री के रूप में प्राप्त हों. इसके लिए महर्षि कात्यायन ने देवी पराम्बा की कठोर तपस्या की. महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी पराम्बा ने उन्हें वरदान दिया और उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुईं.

महर्षि कात्यायन की पुत्री होने के कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा. मां कात्यायनी ने ही आगे चलकर राक्षस महिषासुर का वध किया था.

पूजन विधि

– पीले या लाल वस्त्र धारण करके मां कात्यायनी की पूजा करना उत्तम होगा

– मां कात्यायनी को पीले सुगंधित फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें

– मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है

– इसके बाद मां कात्यायनी के मन्त्र का जाप करें

इस मंत्र का करें जाप…

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना|

कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि||