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एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, इनके नाम दर्ज़ है ये विश्व रिकॉर्ड

डिविलियर्स ने द. अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट 228 वनडे और 78 टी 20 मैच खेले हैं। 114 टेस्ट मैचों में 8765 रन बनाए हैं जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक बनाए हैं। वे एक बेहतरीन बल्लेबाज के साथ ही एक शानदार विकेट कीपर भी रह चुके हैं।

एक वीडियो संदेश में कहा कि वे दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर में अपने फैंस के शुक्रगुजार हैं। एबी ने कहा अब समय आ गया है जब दूसरे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। ईमानदारी से कहूं तो मैं अब थक गया हूं। ये एक मुश्किल निर्णय है और मैने ये फैसला काफी सोच समझकर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  मैं अपने संन्यास का एलान बेहतरीन क्रिकेट खेलते हुए करना चाहता था। हालांकि वे घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ए बी डिविलियर्स के नाम ही है। ये कमाल उन्होंने 18 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 31 गेंदों में शतक लगाकर किया था। डीविलियर्स ने कोरी एंडरसन के 36 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 16 छक्कों और 9 चौके की मदद से वनडे का यह कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मैच में कुल 149 रन बनाए थे।

एबी डीविलियर्स के नाम 31 गेंदों में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तो है ही इसके अलावा सबसे तेज 150 रनों का रिकॉर्ड भी डीविलियर्स के ही नाम पर है। साल 2015 विश्व कप में डीविलियर्स ने सिडनी के मैदान पर 64 गेंदों में 150 रन ठोककर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। उन्होंने इस दौरान नाबाद 66 गेंदों में 162 रन बनाए थे जिसमें 17 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

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आयकर विभाग ने शाहरुख का घर किया सील, ये सितारे भी कर चुके हैं इस परेशानी का सामना

आयकर विभाग ने बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान का मुंबई स्थित अलीबाग में बने फार्म हाउस को सील कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख़ पर आरोप है कि उन्होंने खेती की जमीन पर जालसाजी से एक फार्म हाउस बना लिया था। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने इस मामले में शाहरुख को नोटिस भेजकर 90 दिन के भीतर जवाब मांगा है। अगर तय तारीख तक एक्टर जवाब नहीं देते हैं तो विभाग द्वारा उनपर कार्रवाई भी की जा सकती है। खैर, शाहरुख अकेले ऐसे बॉलीवुड सेलेब्रिटी नहीं हैं, जिनपर आयकर विभाग का रेड पड़ा है, इससे पहले ये सेलेब्रिटी भी इस परेशानी का सामना कर चुके हैं।

सलमान खान पर आय से अधिक संपत्ति का मामला 
बॉलीवुड के दबंग कहे जाने वाले सुपरस्टार सलमान खान भी एक बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2000 में आयकर विभाग ने सलमान के मुंबई स्थित पनवेल प्रॉपर्टी पर छापा मारा था, जिसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। उस दौरान विभाग ने सलमान के साथ उनके भाई अरबाज से भी इस मामले में पूछताछ की थी।

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प्रियंका चोपड़ा के घर विभाग का छापा 
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा भी आयकर मामले में फंस चुकी हैं। बताया जाता है कि प्रियंका के घर पर साल 2011 में आयकर विभाग ने छापा मारा था, जिसमें 7.5 करोड़ की बेनामी संपति बरामद हुई थी। इस मामले को लेकर प्रियंका और विभाग के बीच काफी दिनों तक विवाद चला था।

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कैटरीना के घर विभाग का छापा 
प्रियंका चोपड़ा के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ भी एक बार आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंस चुकी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2011 में आयकर विभाग द्वारा कैटरीना के घर पर भी छापा मारा गया था। इस छापे में कई चीजें बरामद हुई, जिसको लेकर उनसे काफी सवाल जवाब किये गए, लेकिन उस समय उनके घर को सील नहीं किया गया।

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संजय दत्त के घर छापा 
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त भी आयकर मामले से बच नहीं पाए हैं। साल 2012 में आयकर विभाग ने संजय दत्त के मुंबई में बांद्रा स्थित घर पर छापा मारा था, जिसके बाद उनसे कुछ संपत्ति को लेकर पूछताछ भी की गई थी।

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माधुरी दीक्षित के घर छापा 
बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित के घर पर भी आयकर विभाग का छापा पड़ चुका है। बताया जाता है कि विभाग ने पैसे खोजने के लिए अभिनेत्री के निवास की दीवारों और फर्नीचर को भी तोड़ दिया था।

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जिया खान केस में आरोप तय होने के बाद सलमान के इस ‘हीरो’ का फिल्मी भविष्य खतरे में

मुंबई के सत्र न्यायालय ने जिया खान आत्महत्या मामले में आरोपी अभिनेता सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए हैं। और इस कारण हिंदी फिल्मों में बतौर हीरो लॉन्च हुए सूरज का फिल्मी करियर अब खतरे में नज़र आ रहा है।

मंगलवार को मुंबई की एक अदालत ने सूरज के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप तय कर दिया और अब इस मामले में गवाहों की तफ़तीश 14 फरवरी से शुरू होगी। सूरज ने अदालत में ख़ुद को निर्दोष बताया है। अमिताभ बच्चन के साथ निशब्द सहित कई फिल्मों में काम कर चुकी जिया खान साल 2013 में तीन जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फ़ांस लगा कर ख़ुदकुशी की थी लेकिन उनकी माँ ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। उसने सूरज की वजह से मौत को गले लगाया है। उसी साल अक्टूबर में जिया खान ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की ह्त्या की गई है।

अभी हाल ही में जिया ख़ान की मां राबिया ख़ान की याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने सूरज के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए निचली अदालत को निर्देश दिए थे। अपनी जांच के दौरान सीबीआई ने भी बताया कि सूरज ने पूछताछ में तथ्यों को छिपाया और मनगढ़ंत जानकारी दी। केस की जांच के दौरान सूरज ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने से भी मना कर दिया था।

अब सवाल उठता है कि सूरज पंचोली के फिल्मी करियर का क्या होगा? आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे सूरज ने साल 2015 में फिल्म हीरो से बॉलीवुड में एंट्री ली थी। ये सलमान खान प्रोडक्शन की फिल्म थी और इस फिल्म में उन्होंने सूरज के साथ सुनील शेट्टी की बेटी अतिया को भी लांच किया था। सूरज की अब तक वो पहली और आख़िरी फिल्म है क्योंकि उसके बाद से उनके नेक्स्ट प्रोजेक्ट को लेकर कई तरह की ख़बरें आई लेकिन कुछ फाइनल नहीं हुआ। अभी हाल ही में एक अवॉर्ड शो में आये सूरज ने बताया था कि उनकी अगली फिल्म की शूटिंग 20 से 25 दिनों में शुरू हो रही है। ये फिल्म भी प्रेम कहानी है। जिसमें अधिक एक्शन भी होगा। बताया जाता है कि ये फिल्म रेमो डिसूज़ा निर्देशित करने वाले हैं, जिसमें अजय देवगन भी होंगे लेकिन इस फिल्म का क्या हुआ कुछ पता नहीं क्योंकि रेमो इन दिनों सलमान खान की रेस 3 को डायरेक्ट कर रहे हैं।

पिछले साल जून में सूरज ने ट्विट कर बताया था कि वो प्रभुदेवा की फिल्म में काम करने जा रहे हैं, हालांकि उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि प्रभुदेवा कुछ महीनों बाद सलमान खान के साथ दबंग 3 को डायरेक्ट करेंगे। ऐसे में माना जा सकता है कि इस केस के चलते सूरज के फिल्मी भविष्य पर अभी संकट के बादल हैं।

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पूर्ण चंद्रग्रहण आज: 150 साल बाद ऐसा नाजारा दिखेगा; आज जानें सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मून क्या होता

यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा यानी इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से कुछ देर के लिए पूरी तरह ढक जाएगा। यह पूरे देश में दिखाई देगा। यह स्थिति 35 साल बाद बनी है। इस साल का पहला चंद्रग्रहण आज है। इसके साथ ही एशिया में 35 सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब ब्लू मून ब्लड मून और सुपर मून एक साथ दिखेगा।

सुपर मून क्या होता है?
चंद्रमा का अपने सामान्य आकार से ज्यादा बड़ा दिखाई देना सुपर मून कहलाता है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के नजदीक होता है। सुपर मून का आकार सामान्य से 10 से 14 फीसदी बड़ा होता है।

ब्लू मून क्या होता है?
एक महीने में जब दो पूर्णिमा पड़ती हैं तो इस स्थिति को ब्लू मून कहते हैं। इस बार 2 जनवरी को भी पूर्णिमा थी। दूसरी 31 जनवरी को है। NASA के ब्लू मून हर ढाई साल में एक बार नजर आता है। इस दौरान चंद्रमा का नीचे का हिस्सा ऊपरी हिस्से से ज्यादा चमकीला दिखाई देता है और नीली रोशनी देता है।

ब्लड मून क्या होता है?

बीएम बिरला साइंस सेंटर के डायरेक्टर बीजी सिद्धार्थ ने न्यूज एजेंसी को बताया जब तीनों (सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा) एक सीध में होंगे तो यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इस दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के एटमॉस्फेयर से होकर चंद्रमा पर पड़ती हैं। इस दौरान वह हल्का भूरे और लाल रंग में चमकता है। कुछ लोग इसे ब्लड मून भी कहते हैं।

शाम 5:20 से रात 8:43 बजे तक नजर आएगा
यह चंद्रग्रहण शाम 5.20 बजे शुरू होगा। यह ठीक ढंग से सूर्यास्त के बाद 6:25 बजे से नजर आएगा और 8.43 बजे तक रहेगा।

भारत के अलावा यह एशिया रूस मंगोलिया जापान आस्ट्रेलिया आदि में चंद्रमा के उदय के साथ ही शुरू हो जाएगा। नॉर्थ अमेरिका कनाडा और पनामा के कुछ हिस्सों में चंद्रमा के अस्त होते वक्त दिखाई देगा।

इस साल भारत में सूर्यग्रहण नहीं दिखेगा
इस साल 2 चंद्रग्रहण और 3 सूर्यग्रहण होंगे। भारत में दोनों चंद्रग्रहण दिखाई देंगे लेकिन सूर्यग्रहण नहीं दिखाई देगा। इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण 27 जुलाई को है।

19 साल बाद नजर आएगा ब्लू-ब्लड मून
ब्लड-ब्लू मून की स्थिति इससे पहले 1982 में बनी थी।
सुपर ब्लू-ब्लड मून के दिन चंद्रमा सामान्य से 10 फीसदी या इससे ज्यादा बड़ा नजर आएगा। यह 30 फीसदी ज्यादा चमकदार भी दिखाई देता है।
इसके बाद 31 जनवरी 2037 को भी सुपर ब्लू-ब्लड मून नजर आएगा।

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जानिए आखिर क्यों दिल्ली में क्यों बार-बार आते भूकंप, इलाकों में भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा…

दिल्ली भूकंपीय क्षेत्रों के जोन 4 में स्थित है देश को इस तरह के चार जोन में बांटा गया है जोन-4 में होने की वजह से दिल्ली भूकंप का एक भी भारी झटका बर्दाश्त नहीं कर सकती। दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

दिल्ली हिमालय के निकट है जो भारत और यूरेशिया जैसी टेक्टॉनिक प्लेटों के मिलने से बना था धरती के भीतर की इन प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से दिल्ली कानपुर और लखनऊ जैसे इलाकों में भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है।

दिल्ली के पास सोहना मथुरा और दिल्ली-मुरादाबाद तीन फॉल्ट लाइन मौजूद हैं जिसके चलते भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

दिल्ली रिज क्षेत्रकम खतरे वाला क्षेत्र है वहीं मध्यम खतरे वाले क्षेत्र हैं दक्षिण पश्चिम उत्तर पश्चिम और पश्चिमी इलाका सबसे ज्यादा खतरे वाले क्षेत्र हैं उत्तर पूर्वी क्षेत्र।

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भारत की नई पनडुब्बी INS करंज कितनी ताकतवर है!

भारतीय नौसेना ने बुधवार को भारत में बनने वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज को पानी में उतारा.

आईएनएस करंज स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है.

इस पनडुब्बी को मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप (पहले डीसीएनएस) के साथ ट्रांसफर ऑफ़ टेक्नोलॉजी के क़रार के तहत बनाया है.

इस डील के तहत कुल छह पनडुब्बियां बनाई जानी हैं. इस श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवरी की लंबाई 61.7 मीटर, चाल 20 नॉट और वजन 1565 टन था.

पनडुब्बीइमेज कॉपीरइटTWITTER/INDIANNAVY

नौसेना के एडमिरल सुनील लांबा ने कहा है, “आईएनएस करंज अब से लगभग एक साल तक बंदरगाह से लेकर खुले समुद्र में कई तरह के परीक्षणों से गुज़रेगी.”

कितनी ताक़तवर है ये पनडुब्बी?

आईएनएस करंज में सतह और पानी के अंदर से टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल दागने की क्षमता है.

ऐसा दावा है कि आईएनएस करंज में सटीक निशाना लगाकर दुश्मन की हालत खराब करने की क्षमता है.

इसके साथ ही इस पनडुब्बी में एंटी-सरफेस वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, खुफ़िया जानकारी जुटाने, माइन लेयिंग और एरिया सर्विलांस जैसे मिशनों को अंजाम देने की क्षमता है.

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दुश्मन की नज़रों से रहेगी ओझल?

स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस करंज में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जिससे दुश्मन देशों की नौसेनाओं के लिए इसकी टोह लेना मुश्किल होगा.

इन तकनीकों में अत्याधुनिक अकुस्टिक साइलेंसिंग तकनीक, लो रेडिएटेड नॉइज़ लेवल, हाइड्रो डायनेमिकली ऑपटिमाइज़्ड शेप शामिल है.

पनडुब्बी को बनाते हुए पनडुब्बियों का पता लगाने वाले कारणों को ध्यान में रखा गया है जिससे ये पनडुब्बी ज़्यादातर पनडुब्बियों की अपेक्षा सुरक्षित हो गई है.

रक्षा मामलों के जानकार उदय भास्कर ने बीबीसी से बात करते हुए बताया, “पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए सोनार तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इस पनडुब्बी के लक्षण कुछ बेहतर हैं. मेटलर्जी से स्टेल्थ तकनीक के लक्षण बढ़ाए जा सकते हैं. सामान्य रूप से पनडुब्बी अपनी आवाज़ की वजह से पकड़ा जाता है, लेकिन इस पनडुब्बी में आवाज़ को काफ़ी कम किया गया है”

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पनडुब्बी में ऑक्सीज़न बनाने की क्षमता

ये एक ऐसी पनडुब्बी है जिसे लंबी दूरी वाले मिशन में ऑक्सीजन लेने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं है. इस तकनीक को डीआरडीओ के नेवल मैटेरियल्स रिसर्च लैब ने विकसित किया है.

उदय भास्कर बताते हैं, “इस सबमरीन में एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन तकनीक है जिसकी मदद से सबमरीन के अंदर ही ऑक्सीज़न बनाई जा सकती है. ये हमारे डीआरडीओ ने विकसित की है. पुरानी पनडुब्बी करंज के मुकाबले नई करंज में एआईपी को शामिल किया गया है. दरअसल, जब हम पनडुब्बी को बैटरी से चलाते हैं तो बैटरी को रिचार्ज करने के लिए पनडुब्बी को सतह पर आना पड़ता है. क्योंकि डीज़ल इंजन से हम बैटरी को चार्ज करते हैं और डीज़ल इंजन चलाने के लिए आपको ऑक्सीज़न की जरूरत होती है. लेकिन एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन एक ऐसी तकनीक है जिसकी मदद से पनडुब्बी को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आने की ज़रूरत नहीं पड़ती है.”

क्या दोहरे मोर्चे पर युद्ध में होगी मददगार?

उदय भास्कर बताते हैं, “ये अजीब बात की जा रही है कि इससे चीन और पाकिस्तान परेशान हो जाएंगे. भारत की पनडुब्बी शक्ति काफ़ी कम हो गई थी. पिछले साल दो एक्सीडेंट हो गए थे. 15 साल तक हमने नई पनडुब्बी शामिल नहीं की थी. ऐसे में हम इस समय बेहद नाज़ुक स्थिति में पहुंच गए थे. इसलिए पाकिस्तान और चीन इस पनडुब्बी से डरने वाले नहीं हैं. वे इसकी निगरानी ज़रूर रखेंगे.”

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AdTo पर अब किसी भी भाषा में ले सकेंगे आनंद: 15 क्षेत्रीय भाषाओँ सहित 103 भाषाओँ में अनुवाद संभव

आदतों पर अब किसी भी भाषा में ले सकेंगे आनंद: 15 क्षेत्रीय भाषाओँ सहित 103 भाषाओँ में अनुवाद संभव हो गया है। गूगल के सहयोग से अब आप किसी भी मनचाही भाषा में वेबसाइट का अनुवाद कर आनंद उठा सकते हैं। साथ ही फेसबुक पेज को भी वेबसाइट से लिंक किया गया है।

विदित हो की अभी तक हमारी वेबसाइट ने किसी भी प्रचार के उपयोग के बिना ही अपना हर कार्य सुचारु रूप से किया है। केवल सबसे पहले ही नहीं वरन सूचनाओं की गुणवत्ता और सत्यता पर हमारा विशेष जोर रहा है। हम आप तक किसी भी ऐसी सुचना या खबर से वंचित नहीं रखना चाहते जिससे आपके जीवन में सकारात्मकता आये और नई ऊर्जा का संचार हो।

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इस घटना ने एडोल्फ हिटलर को बनाया जर्मनी का नाजी तानाशाह

दुनिया को अपनी तानाशाही और क्रूरता से लोगों पर शासन करने वाले एडोल्फ हिटलर को यदि जर्मनी की सोशलिस्ट पार्टी में सदस्यता मिल गई होती तो शायद दूसरा विश्व युद्ध नहीं होता और न ही नाजीवाद का उदय हो पाता. ये दावा अबेरदीन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर थॉमस वेबर ने सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक हैंस जॉर्ज के बयान से जुड़े अप्रकाशित ऐतिहासिक दस्तावेजों के हवाले से किया है. ये दस्तावेज म्यूनिख स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्पररी हिस्ट्री में सुरक्षित रखा गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थॉमस वेबर का दावा है कि हिटलर के तानाशाह बनने के पीछे उसे सोशलिस्ट पार्टी में जगह न मिलना सबसे बड़ी वजह है. उन्हें मिले दस्तावजों में इस बात का जिक्र है कि 1919 में जर्मन सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ था. इससे प्रभावित युवा एडोल्फ पार्टी का हिस्सा बनना चाहता था. इसके लिए वो पार्टी के प्रकाशन गृह में ग्रेसिंगर से मिलने पहुंचा और पार्टी में शामिल होने के साथ ही उसके मुख्यपत्र के लिए लिखने की इच्छा जताई.

ग्रेसिंगर ने एडोल्फ को शामिल करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उसके लिए पार्टी या मुख्यपत्र में कोई जगह नहीं है. इसके बाद उन्होंने एडोल्फ को पैसे दिए और वहां से जाने के लिए कह दिया. 1920 में एडोल्फ नाजी पार्टी में शामिल हो गया, जिसका कद सोशलिस्ट पार्टी से काफी छोटा था. लेकिन 1921 में स्थिति बदली और सोशलिस्ट पार्टी को भंग कर दिया गया.

थॉमस की माने तो यदि हिटलर को सोशलिस्ट पार्टी में जगह मिल गई होती तो उसे कोई छोटा पद मिलता और वो इतना बड़ा नेता नहीं बन पाता. नाजी पार्टी से जुड़ने के बाद एक साल तक वो छोटे पद पर ही खुशी से काम करता रहा. 1921 में वो पार्टी में नेता बना, जिसके बाद उसने मुड़कर नहीं देखा.

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खंडन: चीन बोला, झूठी है हजार किलोमीटर लंबी सुरंग से ब्रह्मपुत्र का पानी रोकने की रिपोर्ट

चीन ने उस मीडिया रिपोर्ट को ‘झूठी और गलत’ बताते हुए मंगलवार को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि अरूणाचल प्रदेश की सीमा से लगे तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी के जलप्रवाह को शिनजियांग की तरफ मोड़ने के लिए 1,000 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना बनाई जा रही है।

हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि चीनी इंजीनियर ऐसी तकनीकों का परीक्षण कर रहे है जिनका इस्तेमाल विश्व की सबसे लम्बी सुरंग बनाने में किया जा सकता है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा, यह असत्य है। यह झूठी रिपोर्ट है। उन्होंने कहा कि चीन सीमा पार नदी सहयोग को महत्व देता रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित सुरंग चीन के सबसे बड़े प्रशासनिक क्षेत्र, सूखी पटिटयों और रेगिस्तानी भूमि को पानी उपलब्ध कराएगी।

रिपोर्ट में कहा गया था कि दक्षिणी तिब्बत की यारलुंग सांगपो नदी के जलप्रवाह को शिनजियांग के ताकलामाकान रेगिस्तान की तरफ मोड़ा जायेगा। भारत में इस नदी को ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है।

भारत ब्रह्मपुत्र नदी पर चीन की ओर से कई बांध बनाए जाने को लेकर बीजिंग को पहले ही अपनी चिंताओं से अवगत करा चुका है। चीन में ब्रह्मपुत्र नदी को यारलुंग सांगपो के नाम से जाना जाता है। चीन ने भारत और बांग्‍लादेश को आश्वस्त किया है कि उसके बांध पानी के संग्रह करने के लिए नहीं बनाये गये है।

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व्हाइट हाउस में भूतों की पार्टी, खिड़की में जालों से लटक रही थीं मकड़ियां

व्हाइट हाउस में भूतों की पार्टी

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पहला हैलोवीन आयोजित किया. हैलोवीन की पूर्व संध्या पर ट्रंप और मेलेनिया ने करीब 6000 बच्चों और वयस्कों के साथ ट्रिक और ट्रीट का गेम खेला.

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    इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप अपनी ट्रेड मार्क लाल टाई में नजर आए.

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    व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में हैलोवीन कार्यक्रम आयोजित किया गया.

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    इस कार्यक्रम में कोलंबिया, मैरीलैंड और वर्जीनिया जिलों के करीब 20 स्कूलों के बच्चों ने सैनिकों के परिवारों और अन्य लोगों के साथ हिस्सा लिया.

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    पूरे लॉन में भूतों वाले गाने बज रहे थे. फॉग मशीनें लगाई गई थीं.

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    लॉन के प्रवेश को कद्दू से सजाया गया था, जिसमें सभी पूर्व राष्ट्रपतियों के चेहरे बनाए हुए थे.

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    व्हाइट हाउस में चारों ओर जालों सहित काली मकड़ियां लटक रही थीं.

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    ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया ने हैलोवीन भोज में डायनोसोर सहित तमाम तरह के जानवरों, कंकालों, भूतों, पिशाचों का स्वागत किया.

    • बता दें कि कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों को विशेष उपहार सहित घर में बने बिस्किट और टॉफी-चॉकलेट दिए गए.