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अमेजन एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी

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अमेजन 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली अमेरिका की दूसरी और दुनिया की तीसरी कंपनी बन गई। इसका शेयर मंगलवार को 2% तेजी के साथ 2050.50 डॉलर पर पहुंच गया। इस बढ़त से मार्केट वैल्यू में इजाफा हुआ।

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एपल दो अगस्त को 1 ट्रिलियन डॉलर की पहली अमेरिकी कंपनी बनी थी। अमेजन का मार्केट कैप एपल से 9900 करोड़ डॉलर कम है। एपल से पहले 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंचा था।

दुनिया की टॉप-3 मार्केट कैप वाली कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (डॉलर)
एपल 1099 अरब
अमेजन 1000 अरब
माइक्रोसॉफ्ट 856 अरब

एक साल में शेयर 100% से ज्यादा चढ़ा: पिछले 12 महीने में अमेजन के शेयर ने 108% रिटर्न दिया। इस साल जनवरी से अब तक इसमें 74% तेजी आई। पिछले तीन महीने में निवेशकों को 20% और एक महीने में करीब 12% मुनाफा दिया।

21 साल में शेयर प्राइस बढ़कर 114 गुना: 15 मई 1997 को 18 डॉलर पर अमेजन के शेयर की लिस्टिंग हुई। मंगलवार की तेजी के बाद शेयर 2050 के ऊपर चला गया। आईपीओ में 1000 डॉलर के निवेश की वैल्यू अब 13 लाख 41 हजार डॉलर से भी ज्यादा हो गई।

तारीख शेयर प्राइस
15 मई 1997 18 डॉलर
23 अक्टूबर 2009 100 डॉलर
27 अक्टूबर 2017 1000 डॉलर
30 अगस्त 2018 2000 डॉलर

जेफ बेजोस दुनिया में सबसे अमीर: अमेजन के फाउंडर और सीईओ लंबे समय से दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 166 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बेजोस नंबर-1 हैं। शेयर में तेजी से इस साल उनकी दौलत में 66.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। बिलेनियर इंडेक्स में 98.1 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बिल गेट्स दूसरे नंबर पर हैं। एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी 47.7 अरब डॉलर के साथ 12वें नंबर पर हैं।

 

अमेजन का सफर

1994 किताब बेचने से शुरुआत
मई 1997 अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग
जून 1998 आईएमडीबी का अधिग्रहण

ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर की शुरुआत

दिसंबर 2000 कैमरा, फोटो स्टोर शुरू किया

अमेजन मार्केटप्लेस लॉन्च

फरवरी 2005 अमेजन प्राइम लॉन्च
नवंबर 2007 अमेजन किंडल, अमेजन म्यूजिक शुरू
सितंबर 2011 किंडल फायर, किंडल टच, किंडल टच 3जी बाजार में उतारे
दिसंबर 2016 अमेजन वीडियो लॉन्च

ड्रोन सर्विस प्राइम एयर से पहली डिलीवरी

अगस्त 2017 13 अरब डॉलर में होल फूड्स का अधिग्रहण
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3rd Day of Navratri: आज करें माँ चंद्रघंटा देवी की आराधना।

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ये है भैयाजी जोशी के फिर से सरकार्यवाह बनने के पीछे की कहानी

तमाम कयासों के बाद आज आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में 70 साल के भैयाजी जोशी को चौथी बार सर्वसम्मति से सरकार्यवाह चुना गया. भैयाजी जोशी 2009 से सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शनिवार को दोपहर 3.40 बजे  सरकार्यवाह के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई. मध्य क्षेत्र के अशोक सोनी को चुनाव अधिकारी बनाया गया. पश्चिम क्षेत्र के जयंती भाई भदेसिया ने भैयाजी के कार्यकाल में जो काम हुए उसका उल्लेख करते भैयाजी जोशी का नाम फिर से सरकार्यवाह के लिए प्रस्तावित किया. उसके बाद जयंती भाई भदेसिया के प्रस्ताव का विरेंद्र सिंह पराक्रमदित्य, दक्षिण क्षेत्र रजेंद्रन, विठ्ठल जी और उमेश चक्रवर्ती ने समर्थन किया.

मजेदार बात ये है कि भैयाजी जोशी के अलावा किसी और उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की और प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से भैयाजी जोशी को एक बार फिर से 3 साल के लिए सरकार्यवाह के लिए चुन लिया.

हर तीन साल में नागपुर में होने वाली बैठक में सरकार्यवाह का चुनाव होता है. सूत्रों की माने तो संघ के कुछ नेता चाहते थे कि इस बार सरकार्यवाह भैयाजी जोशी की जगह सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दी जाए. लेकिन दूसरी तरफ संघ प्रमुख मोहन भागवत और संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी चाहते थे कि भैयाजी जोशी को एक और सरकार्यवाह का कार्यकाल देना चाहिए.

पिछली बार की ही तरह भैयाजी जोशी ने सरकार्यवाह के चुनाव में भावुक भाषण दिया और कहा कि दो बार से मैं कह रहा हूं कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए और यंग ब्लड को आगे लाकर जिम्मेदारी दी जाये. तब आप लोगों ने मेरी बात को नहीं माना लेकिन इस बार मान लीजिए. लेकिन भैयाजी जोशी के कहने के बाद भी प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से उनको ही सरकार्यवाह चुना.

2015 में प्रतिनिधि सभा की बैठक में सरकार्यवाह के चुनाव के समय भैयाजी जोशी के स्वास्थ को लेकर संघ के वरिष्ठ नेताओं को चिंता थी लेकिन उसके बावजूद, उन्हें ही तीसरी बार सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

सूत्रों की माने तो संघ के कई नेताओं का मानना है कि सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की ज़िम्मेदारी दी तो वो वैसी ही परिस्तिथि पैदा होगी जैसी अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के समय में केसी सुदर्शन संघ प्रमुख और मोहन भागवत सरकार्यवाह के रहते समय आयी थी. सुदर्शन पद में बड़े जरूर थे, लेकिन वो उम्र और तजुर्बे में कम थे. इस बार संघ नहीं चाहता था कि दोबारा ऐसी समस्या खड़ी हो.

सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को संघ के कई बड़े नेता इसीलिए सरकार्यवाह बनाने के पक्ष में नहीं थे क्योंकि उनका इतिहास संघ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का रहा है और संघ में हमेशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को एक राजनीतिक संगठन के तौर पर ही देखा जाता है. दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह का इतिहास कभी संघ के सह सरकार्यवाह रहे मदनदास देवी का भी रहा है.

दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह मदनदास देवी में सरकार्यवाह बनने की योग्यताएं थीं लेकिन उसके बाद भी उन्हें सरकार्यवाह की जिम्मेदारी नहीं दी गई. सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह नहीं बनाने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि मोदी सरकार और बीजेपी संगठन में उनके अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समकालीन जुड़े नेता से अच्छे रिश्ते भी हैं.

मतलब साफ है कि संघ भले ही परदे के पीछे से राजनीति से जुड़ा हो लेकिन अभी संघ अपने दो सर्वोच्च पदों को राजनीति से जुड़ाव रखने वाले अपने नेताओं को ये पद नहीं देना चाहता था.

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दुनिया का 16वां महंगा शहर है मुंबई, जानें 1m डॉलर में कहां खरीद सकते हैं कितनी जगह

दुनिया के 20 महंगे शहरों की सूची जारी की गई है जिसमें मुंबई को 16वां स्थान दिया गया है। यह जानकारी नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2018 के जरिए सामने आई है। आपको बता दें कि साल 2016 में मुंबई को 15वां स्थान हासिल हुआ था। साल 2016 में आप मुंबई के भीतर 1 मिलियन डॉलर में 990.28 वर्गफीट जमीन खरीद सकते थे।

देश की वित्तीय राजधानी कही जाने वाली मुंबई की रैंकिंग में यह सुधार देश में धन के तेज सृजन के चलते देखने को मिला है। इस सूचकांक में चार प्रमुख संकेतकों को शामिल किया गया है: धन, निवेश, जीवनशैली और भविष्य। आपको बता दें कि साल 2016 के दौरान मुंबई 15वां सबसे महंगा शहर था। एक अनुमान के मुताबिक धनी आबादी के मामले में साल 2022 तक भारत चीन और जापान के बाद तीसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा।

साल 2016-17 के दौरान हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल में बढ़त देखने को मिली। करीब 21 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटवर्थ 5 मिलियन डॉलर या उससे ऊपर थी, वहीं 21 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटलर्थ 50 मिलियन डॉलर और उससे ऊपर की थी और करीब 18 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटवर्थ 500 मिलियन डॉलर और उससे ऊपर की थी।

जानिए 1 मिलियन डॉलर में आप दुनियां में कहां कहां कितनी जमीन खरीद सकते हैं

जर्मनी को पछाड़ धनकुबेरों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर:

प्रतिष्ठित अमेरिकी बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने 2018 में विश्व के 2,208 धनकुबेरों की सूची जारी की है। सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिनकी संपत्ति एक अरब डॉलर (करीब 6,500 करोड़ रुपये) से अधिक है। 121 धनकुबेरों के साथ भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गया है। भारत ने जर्मनी को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। 585 अमीरों के साथ अमेरिका पहले नंबर और 373 धनकुबेरों के साथ चीन दूसरे स्थान पर है।

पिछले साल के मुकाबले भारत में 19 धनकुबेर बढ़े हैं। सूची में 110 अरब डॉलर (करीब 7.15 लाख करोड़ रुपये) मूल्य की संपत्ति के साथ ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के मालिक जेफ बेजोस पहले स्थान पर रहे हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स को पछाड़ा है। भारतीयों में सबसे अमीर का ताज मुकेश अंबानी के सिर पर सजा है। उनके पास कुल 40.1 अरब डॉलर (करीब 2.61 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति है। वैश्विक सूची में उन्हें 19वें स्थान पर रखा गया है।

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हिमयुग की शुरुआत : दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ

 

  • दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फबारी हुई है. सहारा रेगिस्तान का प्रवेश द्वार माने जाने वाले उत्तरी अल्जीरिया के ऐन सफेरा में लाल रेत पर सफेद बर्फ की चादर गिरी है. रविवार को यहां 16 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है. करीब 38 साल पहले फरवरी 1979 में यहां कुछ घंटे तक बर्फबारी हुई थी. पिछले साल दिसंबर में भी हल्की बर्फबारी हुई थी. लेकिन, इस बार यहां पूरे दिन बर्फबारी हुई. आइए देखते हैं दुनिया के अन्य शहरों में हुई बर्फबारी की PHOTOS…

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    एलटल माउंटेन से घिरा अल्जीरिया का ये इलाका समुद्र तल से करीब 1000 मीटर ऊंचा है. गर्मियों में यहां का तापमान 48 डिग्री सेल्‍सियस तक चला जाता है. वहीं मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए वैज्ञानिकों के इस अनुमान को बल मिला है कि अगले करीब 15 हजार सालों में सहारा रेगिस्तान फिर से हरा भरा हो जाएगा.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    दूसरी ओर दुनिया के अन्य शहरों में भी बर्फबारी देखने को मिल रही है. बता दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई बड़े शहर डीप फ्रीजर में तब्दील हो गए हैं. वहीं चीन में जमीन से लेकर ऊंची इमारतों तक बर्फ का कब्जा है. (फोटो- कनाडा के ओटावा की है)

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    इटली में भी बर्फबारी हो रही है. ये तस्वीर सेस्त्रियेर नाम के इलाके की है.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर कनाडा के ओन्टरियो के नियाग्रा फॉल्स की है. कनाडा में काफी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    ये तस्वीर स्विटजरलैंड के जरमैट की है. यहां इतनी बर्फबारी हुई है कि सड़क मार्ग बंद हो गया है. सिर्फ हवाई सफर से ही टूरिस्ट यहां आ सकते हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर इटली की है. इटली में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है.

 

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रोहित शर्मा की ऐतिहासिक उप्लब्धि! जड़ा तीसरा दोहरा शतक