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चेन्नई बनी आइपीएल 2018 की चैंपियन, तीसरी बार जीता खिताब

IPL 2018 के फाईनल मैच में मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में सीएसके ने सनराइजर्स हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर आइपीएल 2018 का खिताब अपने नाम कर लिया। धौनी की कप्तानी में चेन्नई ने तीसरी बार आइपीएल खिताब पर कब्जा जमाया।

इससे पहले चेन्नई ने धौनी की कप्तानी में ही वर्ष 2010 और 2011 में लगातार दो बार आइपीएल खिताब पर कब्जा किया था। इसके सात वर्ष बाद एक बार फिर से धौनी ने अपना दम दिखाते हुए टीम को खिताब दिलाया। अब धौनी आइपीएल खिताब जीतने के मामले में रोहित शर्मा की बराबरी पर आ गए हैं जिन्होंने तीन बार मुंबई को खिताब दिलाया था। आइपीएल 2018 में जीत हासिल करने वाली टीम चेन्नई को 20 करोड़ रुपए पुरस्कार के तौर पर दिया गया जबकि रनर-अप रही टीम हैदराबाद को 12 करोड़ 50 लाख रुपए मिले।

फाइनल मैच में सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने टॉस जीता और हैदराबाद के कप्तान केन विलियमसन को बल्लेबाजी का न्योता दिया। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने कप्तान केन और यूसुफ पठान की अच्छी पारियों के दम पर 20 ओवर में 6 विकेट पर 178 रन बनाए। चेन्नई को जीत के लिए 179 रन बनाने थे और जीत के लिए मिले इस लक्ष्य को सीएसके ने शेन वॉटसन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी के दम पर 18.3 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया। चेन्नई ने 18.3 ओवर में 2 विकेट पर 181 रन बनाए।

शेन वॉटसन की तूफानी शतकीय पारी

आइपीएल 2018 के फाइनल मैच की दूसरी पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज फॉफ डू प्लेसिस ने 11 गेंदों पर 10 रन बनाए और संदीप शर्मा की गेंद पर उन्हें ही कैच थमा बैठे। सुरेश रैना ने 24 गेंदों पर 32 रन की पारी खेली और वो ब्रेथवेट की गेंद पर विकेट के पीछे श्रीवत्स गोस्वामी के हाथों लपके गए। रैना ने वॉटसन के साथ दूसरे विकेट के लिए 117 रन की साझेदारी कर टीम के जीत की नींव रखी। शेन वॉटसन ने टीम के लिए 57 गेंदों पर 117 रन की नाबाद तूफानी शतकीय पारी खेली और टीम को जीत दिला दी। अंबाती रायडू 19 गेंदों पर 16 रन बनाकर नाबाद रहे।

हैदराबाद की तरफ से संदीप शर्मा और कार्लोस ब्रेथवेट को एक-एक सफलता मिली।

केन और पठान ने खेली तेज पारी

फाइनल मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी हैदराबाद टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। एसआरएच ने अपना पहला विकेट 13 रन के स्कोर पर गवां दिया। ओपनिंग बल्लेबाजी करने आए श्रीवत्स गोस्वामी 5 रन बनाकर रन आउट हो गए। करन शर्मा ने धौनी को थ्रो दिया और उन्होंने कोई गलती ना करते हुए विकेट उखाड़ दिया। शिखर धवन 25 गेंद पर 26 रन बनाकर अहम मौके पर आउट हो गए। रवींद्र जडेजा ने शिखर धवन को क्लीन बोल्ड कर दिया। धवन ने केन के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की। केन विलियमसन ने 36 गेंदों पर 47 रन की बेहतरीन पारी खेली। केन को धौनी ने करन शर्मा की गेंद पर स्टंप आउट किया। केन ने तीसरे विकेट के लिए शाकिब के साथ 37 रन की साझेदारी की। शाकिब अल हसन ने 15 गेंदों पर 23 रन की पारी खेली। उन्हें डीजे ब्रावो ने सुरेश रैना के हाथों कैच आउट करवा दिया। दीपक हुडा 3 रन बनाकर कैच आउट हो गए। कार्लोस ब्रेथवेट ने 11 गेंदों पर 21 रन बनाए और शर्दुल ठाकुर की गेंद पर अंबाती रायडू के हाथों कैच आउट हुए। यूसुफ पठान 25 गेंद पर 45 रन बनाकर नाबाद रहे।

चेन्नई की तरफ से दीपक चाहर को छोड़कर सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए। चेन्नई के गेंदबाज लुंगी नजीडी, शर्दुल ठाकुर, करन शर्मा, ड्वेन ब्रावो और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

टॉस को लेकर हुआ ड्रामा

आइपीएल फाइनल से पहले टॉस को लेकर बड़ा ड्रामा देखने को मिला। सिक्का उछलने के बाद केन विलियसमन ने टेल कहा लेकिन हेड आने के बाद धौनी ने टॉस जीत लिया। इसके बाद जब एंकर के तौर पर वहां मैजूद संजय मांजरेकर ने धौनी से पूछा किया आप क्या करेंगे तो धौनी बार-बार केन की तरफ उंगली करके मजाक करने लगे और कहा कि उन्होंने टेल बोला है। धौनी के इस तरह बोलने से मांजरेकर भी परेशान हो गए लेकिन आखिरकार धौनी ने हंसते हुए इस मजाक का अंत किया और कहा कि वो टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करेंगे।

सातवीं बार चेन्नई ने खेला फाइनल

चेन्नई की टीम ने सातवीं बार आइपीएल फाइनल खेला और तीसरी बार उन्होंने खिताब जीता। सनराइजर्स हैदाराबाद की बात करें तो ये टीम एक बार आइपीएल का खिताब डेविड वार्नर की कप्तानी में जीत चुका है और केन विलियमसन की कप्तानी में दूसरी बार इस खिताब को जीतने की दहलीज पर थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

धौनी के अनुभव के सामने नहीं टिके केन

इस आइपीएल में इन दोनों टीमों के बीच चार बार मैच खेला गया और हर बार चेन्नई को ही जीत मिली। लीग मुकाबले में पहले चेन्नई ने हैदराबाद को दोनों बार हराया। इसके बाद मुंबई में ही पहले क्वालीफायर में चेन्नई ने हैदराबाद को हराकर फाइनल में सीधे जगह बनाई और इसके बाद फाइनल में फिर से चेन्नई के हाथों हैदराबाद को हार झेलनी पड़ी और दूसरी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया।

बॉलीवुड स्टार्स के साथ कमेंट्री भी रही काफी दिलचस्प

इस मैच में कमेंट्री के द्वारा दर्शकों का दिल लुभाने के लिए कई बॉलीवुड स्टार्स भी कॉमेंट्री बॉक्स में दिखाई दिए। जहां एक और बॉबी देओल ने काफी समय बाद ऑन स्क्रीन शेयर की वहीं सलमान खान और अनिल कपूर की दिलचस्प बातों से फाइनल का अंत भी अत्यंत रोमांचकहो गया।

इन खिलाड़ियों को मिले ये अवॉर्ड

दिल्ली के बल्लेबाज रिषभ पंत को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन का खिताब दिया गया। ट्रेंट बोल्ट को परफेक्ट कैच ऑफ दी सीजन चुना गया जबकि सुनील नरेन सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन रहे। रिषभ पंत स्टाइलिश प्लेयर ऑफ द सीजन रहे। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले एंड्रयू टे (24 विकेट) को पर्पल कैप सौंपा गया जबकि सबसे केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वो औरेंज कैप विनर रहे।

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कोलकाता ने बैंगलोर को 4 विकेट से हराया

आइपीएल 2018 के तीसरे मुकाबले में बैंगलोर और कोलकाता आमने-सामने थे। इस मैच में कोलकाता के लिए पहली बार कप्तानी कर रहे दिनेश कार्तिक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया।

बैंगलोर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 176 रन बनाए। कोलकाता को जीत के लिए 177 रन बनाने थे। जीत के इस आंकड़े को कोलकाता ने 18.5 ओवर में 4 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। दिनेश कार्तिक पहली बार आइपीएल में कप्तानी करने मैदान पर उतरे और पहले ही मैच में उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई।

कार्तिक की कमाल की कप्तानी

जीत के लिए मिले 177 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता की टीम का पहला विकेट क्रिस लीन के तौर पर जल्दी ही गिर गया। 8 गेंदों पर 5 रन बनाने वाले क्रिस लीन को क्रिेस वोक्स ने अपनी गेंद पर एबी के हाथों कैच आउट करवा दिया। सुनील नरेन ने तूफानी अंदाज में 19 गेंदों पर 50 रन बनाए। उन्हें उमेश यादव ने क्लीन बोल्ड कर दिया। रॉबिन उथप्पा 13 रन बनाकर उमेश यादव की गेंद पर कैच आउट हुए। उथप्पा का कैच ब्रैंडन मैकुलम ने पकड़ा। नितिश राणा ने 25 गेंदों पर 34 रन की अच्छी पारी खेली। उन्हें वाशिंगटन सुंदर ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। रिंकू सिंह 6 रन बनाकर क्रिस वोक्स का शिकार बने। रिंकू का कैच वोक्स की गेंद पर डी कॉक ने विकेट के पीछे पकड़ा। आंद्रे रसेल 15 रन बनाकर क्रिस वोक्स की गेंद पर एबी डीविलियर्स के हाथों लपके गए। कप्तान दिनेश कार्तिक 35 रन बनाकर नाबाद रहे और विनय कुमार की 6 रन पर नाबाद पवेलियन लौटे।

बैंगलोर की तरफ से क्रिस वोक्स ने तीन, उमेश यादव ने दो जबकि कुलवंत खेजरोलिया ने एक विकेट लिए।

ऐसी रही बैंगलोर की पारी

मैच की पहली पारी में कोलकाता को पीयूष चावला ने पहली सफलता दिलाई। पीयूष ने अपने पहले ओवर की चौथी गेंद पर क्विंटन डिकॉक को विनय कुमार के हाथों कैच आउट कर आरसीबी को पहला झटका दिया। डिकॉक ने 4 रन बनाए। टीम के धुरंधर बल्लेबाज बैंडन मैकुलम को सुनीन नरेन के क्लीन बोल्ड कर दिया। मैकुलम ने 27 गेंदों पर 43 रन बनाए। एबी नितिश राणा की गेंद पर 44 रन बनाकर मिचले जॉनसन के हाथों कैच आउट हुए। टीम के कप्तान विराट कोहली को नितिश राणा ने 31 क्लीन बोल्ड कर दिया। सरफराज खान 6 रन बनाकर मिचेल जॉनसन की गेंद पर रिंकू सिंह के हाथों कैच आउट हुए। मनदीप सिंह ने 18 गेंदों पर 37 रन की पारी खेली। वो विनय कुमार की गेंद पर कुलदीप यादव के हाथों कैच आउट हुए। क्रिेस वोक्स 5 रन बनाकर विनय कुमार की गेंद पर अांद्रे रसेल के हाथों कैच आउट हुए।

कोलकाता की तरफ से विनय कुमार और नितिश राणा ने दो-दो, पीयूष चावला, सुनील नरेन और मिचेल जॉनसन ने एक-एक विकेट लिए।

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ये है भैयाजी जोशी के फिर से सरकार्यवाह बनने के पीछे की कहानी

तमाम कयासों के बाद आज आरएसएस की प्रतिनिधि सभा की बैठक में 70 साल के भैयाजी जोशी को चौथी बार सर्वसम्मति से सरकार्यवाह चुना गया. भैयाजी जोशी 2009 से सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शनिवार को दोपहर 3.40 बजे  सरकार्यवाह के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई. मध्य क्षेत्र के अशोक सोनी को चुनाव अधिकारी बनाया गया. पश्चिम क्षेत्र के जयंती भाई भदेसिया ने भैयाजी के कार्यकाल में जो काम हुए उसका उल्लेख करते भैयाजी जोशी का नाम फिर से सरकार्यवाह के लिए प्रस्तावित किया. उसके बाद जयंती भाई भदेसिया के प्रस्ताव का विरेंद्र सिंह पराक्रमदित्य, दक्षिण क्षेत्र रजेंद्रन, विठ्ठल जी और उमेश चक्रवर्ती ने समर्थन किया.

मजेदार बात ये है कि भैयाजी जोशी के अलावा किसी और उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की और प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से भैयाजी जोशी को एक बार फिर से 3 साल के लिए सरकार्यवाह के लिए चुन लिया.

हर तीन साल में नागपुर में होने वाली बैठक में सरकार्यवाह का चुनाव होता है. सूत्रों की माने तो संघ के कुछ नेता चाहते थे कि इस बार सरकार्यवाह भैयाजी जोशी की जगह सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दी जाए. लेकिन दूसरी तरफ संघ प्रमुख मोहन भागवत और संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी चाहते थे कि भैयाजी जोशी को एक और सरकार्यवाह का कार्यकाल देना चाहिए.

पिछली बार की ही तरह भैयाजी जोशी ने सरकार्यवाह के चुनाव में भावुक भाषण दिया और कहा कि दो बार से मैं कह रहा हूं कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए और यंग ब्लड को आगे लाकर जिम्मेदारी दी जाये. तब आप लोगों ने मेरी बात को नहीं माना लेकिन इस बार मान लीजिए. लेकिन भैयाजी जोशी के कहने के बाद भी प्रतिनिधि सभा ने सर्वसम्मति से उनको ही सरकार्यवाह चुना.

2015 में प्रतिनिधि सभा की बैठक में सरकार्यवाह के चुनाव के समय भैयाजी जोशी के स्वास्थ को लेकर संघ के वरिष्ठ नेताओं को चिंता थी लेकिन उसके बावजूद, उन्हें ही तीसरी बार सरकार्यवाह की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

सूत्रों की माने तो संघ के कई नेताओं का मानना है कि सहसरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह की ज़िम्मेदारी दी तो वो वैसी ही परिस्तिथि पैदा होगी जैसी अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के समय में केसी सुदर्शन संघ प्रमुख और मोहन भागवत सरकार्यवाह के रहते समय आयी थी. सुदर्शन पद में बड़े जरूर थे, लेकिन वो उम्र और तजुर्बे में कम थे. इस बार संघ नहीं चाहता था कि दोबारा ऐसी समस्या खड़ी हो.

सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को संघ के कई बड़े नेता इसीलिए सरकार्यवाह बनाने के पक्ष में नहीं थे क्योंकि उनका इतिहास संघ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का रहा है और संघ में हमेशा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को एक राजनीतिक संगठन के तौर पर ही देखा जाता है. दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह का इतिहास कभी संघ के सह सरकार्यवाह रहे मदनदास देवी का भी रहा है.

दत्तात्रेय होसबोले की ही तरह मदनदास देवी में सरकार्यवाह बनने की योग्यताएं थीं लेकिन उसके बाद भी उन्हें सरकार्यवाह की जिम्मेदारी नहीं दी गई. सूत्रों की मानें तो दत्तात्रेय होसबोले को सरकार्यवाह नहीं बनाने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि मोदी सरकार और बीजेपी संगठन में उनके अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समकालीन जुड़े नेता से अच्छे रिश्ते भी हैं.

मतलब साफ है कि संघ भले ही परदे के पीछे से राजनीति से जुड़ा हो लेकिन अभी संघ अपने दो सर्वोच्च पदों को राजनीति से जुड़ाव रखने वाले अपने नेताओं को ये पद नहीं देना चाहता था.

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दुनिया का 16वां महंगा शहर है मुंबई, जानें 1m डॉलर में कहां खरीद सकते हैं कितनी जगह

दुनिया के 20 महंगे शहरों की सूची जारी की गई है जिसमें मुंबई को 16वां स्थान दिया गया है। यह जानकारी नाइट फ्रैंक वेल्थ रिपोर्ट 2018 के जरिए सामने आई है। आपको बता दें कि साल 2016 में मुंबई को 15वां स्थान हासिल हुआ था। साल 2016 में आप मुंबई के भीतर 1 मिलियन डॉलर में 990.28 वर्गफीट जमीन खरीद सकते थे।

देश की वित्तीय राजधानी कही जाने वाली मुंबई की रैंकिंग में यह सुधार देश में धन के तेज सृजन के चलते देखने को मिला है। इस सूचकांक में चार प्रमुख संकेतकों को शामिल किया गया है: धन, निवेश, जीवनशैली और भविष्य। आपको बता दें कि साल 2016 के दौरान मुंबई 15वां सबसे महंगा शहर था। एक अनुमान के मुताबिक धनी आबादी के मामले में साल 2022 तक भारत चीन और जापान के बाद तीसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा।

साल 2016-17 के दौरान हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल में बढ़त देखने को मिली। करीब 21 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटवर्थ 5 मिलियन डॉलर या उससे ऊपर थी, वहीं 21 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटलर्थ 50 मिलियन डॉलर और उससे ऊपर की थी और करीब 18 फीसद लोग ऐसे थे जिनकी नेटवर्थ 500 मिलियन डॉलर और उससे ऊपर की थी।

जानिए 1 मिलियन डॉलर में आप दुनियां में कहां कहां कितनी जमीन खरीद सकते हैं

जर्मनी को पछाड़ धनकुबेरों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर:

प्रतिष्ठित अमेरिकी बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने 2018 में विश्व के 2,208 धनकुबेरों की सूची जारी की है। सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिनकी संपत्ति एक अरब डॉलर (करीब 6,500 करोड़ रुपये) से अधिक है। 121 धनकुबेरों के साथ भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गया है। भारत ने जर्मनी को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। 585 अमीरों के साथ अमेरिका पहले नंबर और 373 धनकुबेरों के साथ चीन दूसरे स्थान पर है।

पिछले साल के मुकाबले भारत में 19 धनकुबेर बढ़े हैं। सूची में 110 अरब डॉलर (करीब 7.15 लाख करोड़ रुपये) मूल्य की संपत्ति के साथ ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के मालिक जेफ बेजोस पहले स्थान पर रहे हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स को पछाड़ा है। भारतीयों में सबसे अमीर का ताज मुकेश अंबानी के सिर पर सजा है। उनके पास कुल 40.1 अरब डॉलर (करीब 2.61 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति है। वैश्विक सूची में उन्हें 19वें स्थान पर रखा गया है।

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हिमयुग की शुरुआत : दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ

 

  • दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फबारी हुई है. सहारा रेगिस्तान का प्रवेश द्वार माने जाने वाले उत्तरी अल्जीरिया के ऐन सफेरा में लाल रेत पर सफेद बर्फ की चादर गिरी है. रविवार को यहां 16 इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है. करीब 38 साल पहले फरवरी 1979 में यहां कुछ घंटे तक बर्फबारी हुई थी. पिछले साल दिसंबर में भी हल्की बर्फबारी हुई थी. लेकिन, इस बार यहां पूरे दिन बर्फबारी हुई. आइए देखते हैं दुनिया के अन्य शहरों में हुई बर्फबारी की PHOTOS…

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    एलटल माउंटेन से घिरा अल्जीरिया का ये इलाका समुद्र तल से करीब 1000 मीटर ऊंचा है. गर्मियों में यहां का तापमान 48 डिग्री सेल्‍सियस तक चला जाता है. वहीं मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए वैज्ञानिकों के इस अनुमान को बल मिला है कि अगले करीब 15 हजार सालों में सहारा रेगिस्तान फिर से हरा भरा हो जाएगा.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    दूसरी ओर दुनिया के अन्य शहरों में भी बर्फबारी देखने को मिल रही है. बता दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क, शिकागो समेत कई बड़े शहर डीप फ्रीजर में तब्दील हो गए हैं. वहीं चीन में जमीन से लेकर ऊंची इमारतों तक बर्फ का कब्जा है. (फोटो- कनाडा के ओटावा की है)

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    इटली में भी बर्फबारी हो रही है. ये तस्वीर सेस्त्रियेर नाम के इलाके की है.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर कनाडा के ओन्टरियो के नियाग्रा फॉल्स की है. कनाडा में काफी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    ये तस्वीर स्विटजरलैंड के जरमैट की है. यहां इतनी बर्फबारी हुई है कि सड़क मार्ग बंद हो गया है. सिर्फ हवाई सफर से ही टूरिस्ट यहां आ सकते हैं.

  • PICS: दुनिया के सबसे गर्म रेगिस्तान में 40 सालों में तीसरी बार बर्फ
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    यह तस्वीर इटली की है. इटली में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है.

 

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रोहित शर्मा की ऐतिहासिक उप्लब्धि! जड़ा तीसरा दोहरा शतक

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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे बना Battlefield, जमीन से लेकर आसमान तक हुई भयंकर गर्जन

आगरा एक्सप्रेस-वे आज कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जहां वायु सेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े की रीढ़ माने जाने वाले प्रमुख विमानों और विशालकाय हरक्यूलिस विमान ने अपने जौहर तथा हैरतअंगेज कौशल का नमूना पेश करते हुए देशवासियों को आश्वस्त किया कि वे युद्ध तथा शांति के समय में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वायुसेना के जगुआर, मिराज और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों तथा विशाल मालवाहक विमान सी-130 ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर उन्नाव के बांगरमऊ के पास तीन किलोमीटर हिस्से का हवाई पट्टी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए इस पर ‘लैंडिंग तथा टेक ऑफ’ कर वायु सेना की तैयारियों का नमूना पेश किया।

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15 लड़ाकू विमानों ने दिखाए करतब
उत्तर प्रदेश सरकार और वायु सेना के इस संयुक्त अभियान के तहत 15 लड़ाकू विमानों तथा एक हरक्यूलिस विमान ने अपने करतब दिखाए जिससे एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा जमीन से लेकर आसमान तक थर्रा उठा। एक्सप्रेस-वे के 3.3 किमी़ लंबे तथा 33 मीटर चौड़े हिस्से को खासतौर पर तैयार किया गया था। विशाल हरक्यूलिस विमान सी-130 ने अभियान की शुरुआत करते हुए वायु सेना के जांबाज दस्ते गरूड़ के कमांडो तथा उनके वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर उतारा। कमांडो ने पलक झपकते ही दुश्मन के खिलाफ एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर अपने मोर्चे संभाल लिए और स्थिति को काबू में करते हुए घेराबंदी कर ली।

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मिराज ने दिखाई बाज जैसी फुर्ती
रक्षा-एक्सप्रेस-वे लड़ाकू विमान दो अंतिम उन्नाव इसके बाद वायु सेना के 15 घातक लड़ाकू विमानों ने एक्सप्रेस वे पर आपात स्थिति में उतरने तथा उड़ान भरने के असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया। सबसे पहले छह मिराज लड़ाकू विमानों ने बाज जैसी फुर्ती के साथ लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेस-वे को छुआ और पलक झपकते ही उड़ान भर हैरतअंगेज कारनामा किया। इसके बाद तीन-तीन के समूह में छह सुखोई विमानों और तीन जगुआर विमानों ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले करतब का अछ्वुत नजारा पेश किया। विमानों ने हवा में मार करने वाले अंदाज में आक्रामक रूख अपनाते हुए जमीन से लेकर आसमान तक भयंकर गर्जन किया।

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हरक्यूलिस-हिंडन ने भरी उड़ान
वायु सेना के हरक्यूलिस विमान ने हिंडन एयरबेस गाजियाबाद, मिराज ने ग्वालियर, जगुआर ने गोरखपुर और सुखोई ने बरेली एयरबेस से उड़ान भरी। अभियान में हिस्सा लेने वाले गरुड़ कमांडो वायुसेना के आगरा एयरबेस से आए थे। यह समूचा अभियान वायुसेना की मध्य कमान की देखरेख में हुआ और इसका नेतृत्व एयर मार्शल ए़ एस़ बुटौला ने किया। एयर मार्शल बुटौला ने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य वायुसेना की क्षमता और रणकौशल को बढाना है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से को हवाई पट्टी के रुप में विकसित करना बहुत अच्छी पहल है। इससे वायुसेना को कम लागत में सामरिक महत्व की जगहों पर सस्ती और टिकाऊ हवाई पट्टी मिलती हैं। जिनका युद्ध और शांति के समय किसी भी आपात स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की भविष्य में अन्य एक्सप्रेस-वे पर भी इस तरह की हवाई पट्टियां बनाने की योजना है और इसे केवल युद्ध की दृष्टि से देखा जाना सही नहीं है। इस अभ्यास को एक साथ दो मोर्चों पर लड़ाई की आशंका के मद्देनजर किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की वायु सेना की तैयारियों के रूप में भी देखा जा रहा है। साथ ही इसका उद्देश्य मानवीय सहायता या आपदा राहत जैसी स्थितियों में वायु सेना की तैयारियों को कसौटी पर परखने का भी है।

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आपात लैडिंग के लिए 12 राजमार्गों पर मिली मंजूरी
सरकार ने विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने की रणनीति के तहत लगभग 12 राजमार्गों में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए मंजूरी दी थी लेकिन अभी तक केवल दो में इसका परीक्षण किया गया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान, चीन और स्विटजरलैंड जैसे देश युद्ध और आपात स्थितियों में हवाई आपरेशन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभ्यास करते रहे हैं। सबसे पहले यह अभ्यास मिराज-2000 लड़ाकू विमान ने मई 2015 में यमुना एक्सप्रेस-वे पर किया। इसके बाद नवंबर 2016 में सुखोई और मिराज विमानों ने लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर इस कारनामे को दोबारा अंजाम देकर देशवासियों को आश्वस्त किया कि वायु सेना किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अभ्यास के लिए एक्सप्रेस-वे के इस हिस्से को विशेष रूप से तैयार किया गया था और एक्सप्रेस को दो दिन पहले वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था।

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‘I was groped on campus, but BHU guards did nothing’

‘I was groped on campus, but BHU guards did nothing’

HIGHLIGHTS

  • Two motorcycle-borne youth came and inserted their hands inside my suit, says the molestation victim in her complaint.
  • She also says that desperate pleas by her and her friends before the BHU guards to recognise the men despite sharing their description invoked scornful remarks.

The complaint also makes startling revelation that the guards stationed on BHU campus kept on questioning the movement by the victim's friends after 6pm at the campus. (Photo: PTI)The complaint also makes startling revelation that the guards stationed on BHU campus kept on questioning the … Read More

VARANASI: Even as the BHU crisis entered into the third day, the detailed three-page complaint of the molestation victim at the university has made shocking disclosure on how men on a motorcycle had groped her.

The complaint also makes startling revelation that the guards stationed on BHU campus kept on questioning the movement by the victim’s friends after 6pm at the campus.

According to the FIR, the incident had taken place at 6.20 pm on September 21, on the eve of Prime Minister Narendra Modi’s arrival in his Lok Sabha constituency for a two-day tour. The FIR was lodged on September 22. TOI has accessed the detailed complaint by the second year student whose molestation has triggered widespread protests, leading to arson and clashes between police and students. The 21-year-old girl had come to BHU from the national capital. “I was passing by Bharat Kala Bhawan at 6.20 pm. I was wearing salwar suit. Suddenly, two motorcycle-borne youth came and inserted their hands inside my suit. They then sped away. Due to fading light, I could not recognise the registration numbers,” the complaint reads. She reveals how desperate pleas by her and her friends before the BHU guards to recognise the men despite sharing their description invoked scornful remarks. “While I was almost unconscious and weeping, my friends, approached guards but their reaction was strange. They made sarcastic remarks on why we move outside after 6pm.

This even as the incident took place hardly 10 metres away from where the guards stood,” the complaint adds.

The girl has also disclosed that one of the male students, who had seen the incident, showed up the courage to describe assailants as “one man in white and other in red shirt” but security guards did not bother to make any attempts to find them.
The girl has further appealed in the complaint that she wants harshest punishment for the molesters so that “such an incident may not happen with any other girl.”

Her friends have now taken a swipe at the Uttar Pradesh government’s anti-Romeo force. “When this government came, we were happy that it wants to eliminate stalkers who have become tormentors of many of us in the past. But here we realise, that neither the guards, nor the police, even the SSP has done anything since last six months to even frisk men at BHU if they are consuming liquor or moving around with weapons. Had their anti-Romeo force been working, we wouldn’t have to face this situation,” said girl’s classmate at BHU, who comes from a south Indian state.
Her friends describe the molestation victim as a feisty woman who often egged them to bravely undertake solo train trips, drive, attend seminars and participate in social media campaigns on In one of her recent Twitter posts, she shared a photograph with caption “See my dress as Muslim, my forehead as Hindu, my chest as Christian, but I am human.”

Though her parents have taken her back to Delhi, the girl’s kin and friends have now begun to share SMS-based Android and iphone apps that come handy for solo women travellers. “Soochna, akele safar karne wali mahilao ke hit mai zaari. Aap jab bhi akele raat mai auto ya taxi mai baithe, toh uska number 9969777888 par SMS karde, aapke vahan par GPRS nazar rakhi jaayegi” reads her family member’s shared post. The post has tagged the fan pages of Uttar Pradesh chief minister Aditya Nath Yogi and UP Police.

Rohan Dua| TNN | Updated: Sep 26, 2017

Source: TOI