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Box Office Report: आलिया की राज़ी ने चार दिन में इतना पैसा कमाया

राज़ी ने बॉक्स ऑफ़िस पर चौथे दिन भी कमाल का प्रदर्शन किया है। हरिंदर सिक्का ने उस दौरान हुई एक सच्ची घटना को किताब के पन्नों में कैद किया था। सहमत का वो किरदार आलिया भट्ट ने निभाया और फिल्म में विक्की कौशल, रजित कपूर, सोनी राजदान, अमृता खानविलकर, शिशिर शर्मा और जयदीप अहलावत ने काम किया है। करीब दो घंटे 18 मिनट की इस फिल्म को प्रचार के खर्च के साथ 30 करोड़ रूपये में बनाया गया और देश में 1200 व वर्ल्ड वाइड 450 स्क्रीन्स में रिलीज़ किया गया।

पाकिस्तानी हरकतों की जासूसी कर भारत को ख़ुफ़िया जानकारी देने की बहादुरी करने वाली सहमत का रोल निभा कर आलिया भट्ट इन दिनों देश-दुनिया में अपने नाम की तालियां बजवा रही हैं और यही कारण हैं कि उनकी फिल्म राज़ी ने सोमवार को भी कलेक्शन का कमाल दिखाया है। मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी फिल्म राज़ी ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ के चौथे दिन छह करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया है। राज़ी ने सात करोड़ 53 लाख से ओपनिंग ली थी यानि हफ़्ते के पहले सामान्य दिन पर सिर्फ साढ़े 16 प्रतिशत की गिरावट आई है जो बेहतरीन मानी जा रही है। सबसे बड़ी बात कि फिल्म को देश के सभी इलाकों में सराहा गया है और तगड़ी माउथ पब्लिसिटी भी मिल रही है। राज़ी को चार दिनों में अब 39 करोड़ 24 लाख रूपये का कलेक्शन हासिल हो चुका है।

राज़ी के पास अब ये पूरा हफ़्ता है, शुक्रवार के पहले तक जब वो अपना कलेक्शन और बेहतर साबित कर सकती है। शुक्रवार को हॉलीवुड की फिल्म डेडपूल रिलीज़ हो रही है और माना जा रहा है कि एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर की तरह इस फिल्म को भी जबरदस्त सफलता मिल सकती है। राज़ी का 75 करोड़ लाइफ़ टाइम कलेक्शन होने का अनुमान लगाया गया है। फिल्म राज़ी पहले ही इस साल की पांचवी सबसे अधिक वीकेंड कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। राज़ी, साल 2008 में आई हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ की कहानी पर आधारित है। राज़ी कहानी है साल 1971 की जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर था। तभी आये एक ‘सीक्रेट कोड’ ने भारतीय सेना के हौसलों को बुलंद कर दिया था। कश्मीर की कॉलेज जाने वाली एक लड़की सहमत ने ऐसा कर दिखाया था। पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने निकली वो लड़की अपनी देशभक्ति के लिए जासूस बन जाती है। पाकिस्तान के आर्मी जनरल के लड़के से शादी कर लेती है और उसका मिशन होता है कि वो हर रोज़ भारतीय ख़ुफ़िया तंत्र को पाकिस्तान गतिविधियों की जानकारी पहुंचाये।

 

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Black Buck Poaching Case: सलमान खान को 5 साल की सजा

सुपरस्टार सलमान खान को आज (पांच अप्रैल) तगड़ा झटका लगा है। काले हिरण (ब्लैक बक) के शिकार मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। कोर्ट में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सजा के ऐलान के बाद सलमान को कोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया। आज की रात सलमान यहीं गुजारेंगे। चूंकि सजा की समयावधि तीन साल से अधिक है। ऐसे में उन्हें जमानत सिर्फ सेशन कोर्ट से ही मिलेगी। वक्त की कमी के कारण सेशन कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार (छह अप्रैल) को अब इस पर सुनवाई होगी।

कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाने के लिए लंच ब्रेक भी नहीं लिया, जो कि डेढ़ बजे होना था। कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों (सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम) को बरी कर दिया। काले हिरण शिकार मामले में 20 साल बाद सलमान को सजा का ऐलान हुआ है। राजस्थान के जोधपुर कोर्ट में सीजेएम देव कुमार खत्री ने इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया। सलमान इससे पहले इस संबंध में अपने होटल से कोर्ट के लिए रवाना हुए थे। वे कोर्ट पहुंच थे, जहां कार्रवाई शुरू हुई थी। सलमान यहां के ताज हरि महल होटल में ठहरे थे। उनके अलावा फैसले के लिए बॉलीवुड एक्टर सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम भी जोधपुर पहुंचे थे।

आपको बता दें कि कांकाणी काला हिरण शिकार केस साल 1998 का है। सलमान समेत पांच बॉलीवुड सितारों पर इस मामले में दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप है। अन्य कलाकारों में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर भी आरोप था। ये कलाकार उस दौरान हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के लिए जोधपुर में थे।

यहां पढ़िए Salman Khan Blackbuck Poaching Case Verdict UPDATES

– सजा के ऐलान पर सलमान के वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है। लेकिन आज उस पर सुनवाई होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोर्ट के पास वक्त की कमी है। ऐसे में आज की रात सलमान को जेल में ही गुजारनी पड़ेगी।

– पुलिस हिरासत में सलमान को कोर्टरूम से बाहर लाया गया, जिसके बाद उन्हें जेल की ओर लेकर जाया जा रहा है। सलमान की गाड़ी व पुलिस की अन्य गाड़ियों का काफिला निकालने के लिए रास्ता खाली कराया गया था।

– सलमान को सजा के ऐलान के बाद उनके वकील सेशन कोर्ट जाना चाहते हैं। लेकिन वहां सुनवाई होना मुश्किल नजर आ रहा है। अगर आज सुनवाई नहीं हुई तो सल्लू को जेल में रात गुजरनी पड़ेगी। जेल ले जाने के पहले सलमान का मेडिकल कराया जाएगा।

– सलमान को जेल भेजने की तैयारियां हो चुकी हैं। उन्हें सेंट्रल जेल ले जाने के लिए वैन बुलाई गई है। जेल के बैरक नंबर एक या दो में से किसी एक में उन्हें रखा जाएगा। ये दोनों ही बैरक इसी बाबत खाली करा लिए गए हैं।

– सलमान को 5 साल की सजा सुनाए जाने के उनकी बहनें बुरी तरह रोने लगीं। पुलिस ने उन्हें सलमान से अलग कर दिया है। इस दौरान सलमान की आंखों में भी आंसूं छलक उठे थे। अब सलमान को सीधे जेल ले जाया जाएगा, जबकि कोर्ट के बाहर ‘सलमान हाय-हाय’ के नारे लग रहे हैं।

– सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सजा के रूप में अगर सलमान को जेल हुई तो वह जोधपुर जेल नहीं जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें उदयपुर भेजा जा सकता है।

– दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान तनाव में नजर आए। उनके चेहरे पर शिकन देखते बन रही थी। बता दें कि कोर्टरूम में ठीक डेढ़ बजे लंच होता है। सलमान को सजा के ऐलान के लिए इसे स्थगित कर दिया गया। कोर्टरूम में फिलहाल फैसले की फोटोकॉपी आने का इंतजार हो रहा है। सलमान इस दौरान अपने वकील से बात कर रहे हैं।

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुईं आरोपी नीलम के पति समीर सोनी ने इस बारे में एक न्यूज चैनल से बातचीत की। उन्होंने कहा, “जो बरी हुए उनके लिए खुशी है, मगर सलमान के दोषी ठहराए जाने पर मुझे निराशा हाथ लगी।”

– बिश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवड़ ने कहा, “हम फैसले का आंकलन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ एक याचिका दायर की जाए और सलमान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान को तीन साल से कम की सजा हुई तो इसी कोर्ट से जमानत मिल जाएगी। अगर तीन साल से अधिक की सजा हुई, तब सुपरस्टार को सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

– सुपरस्टार सलमान इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं। वह सजा का ऐलान होने से पहले कोर्ट परिसर को छोड़कर नहीं जा सकते हैं। सजा के फैसले की कॉपी की फोटो-स्टेट कराई जा रही है।

– जज साहब कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान के लिए सजा लिखी जा चुकी है। कभी भी इसका ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सरकारी वकील इसके ऐलान होने में आधा घंटा बता रहे हैं।

– सजा के ऐलान को लेकर कोर्ट परिसर के बाहर भारी सुरक्षबल तैनात किया गया है। वहीं, बरी किए गए सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं। वे दोपहर एक बजकर मिनट की फ्लाईट से निकलेंगे।

– सलमान को दोषी करार दिए जाने के दौरान बहन अलवीरा भी कोर्टरूम में थीं। वह इस वक्त कोर्टरूम में हैं। फैसले के बाद वह बेहद दुखी हैं और बुरी तरह से रो रही हैं।

– जज कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान भी यहीं मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर दो बजे तक सलमान को सजा का ऐलान हो जाएगा। वहीं, सैफ अली खान कोर्ट से बाहर निकल चुके हैं।

– सलमान की सजा पर बहस पूरी हो गई है। जज थोड़ी देर के लिए अपने चैंबर में गए हैं। थोड़ी देर बाद सलमान को सजा सुनाई जाएगी।

– सरकारी वकील ने कहा कि सलमान आदतन अपराधी हैं। उन्हें अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए। जवाब में सलमान के वकील ने पूछा है कि बाकी लोगों को बरी कर दिया गया है। ऐसे में सलमान को ही दोषी क्यों ठहराया गया है?

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुए सैफ, नीलम, तब्बू और सोनाली कोर्ट के दूसरे कमरे में मौजूद है। वहीं, सलमान की सजा पर अभी भी बहस जारी है। सलमान इस दौरान कोर्टरूम में अकेले हैं।

– सलमान कोर्टरूम में शांत बैठे हैं। वह अपना चेहरा नीचे किए हुए हैं। वहीं, उनके वकील उनके लिए कम से कम सजा की मांग कर रहे हैं। कोर्ट में वह सलमान को तीन साल से कम की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

– अब सलमान की सजा पर बहस शुरू हो गई है। सुपरस्टार को तीन साल की सजा पर इसी कोर्ट से जमानत मिल सकती है। सल्लू को एक से छह साल तक की सजा का ऐलान हो सकता है। सलमान पर इस मामले में 50 हजार रुपए का जुर्मान भी लग सकता है।

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान के अलावा अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, सल्लू को दोषी करार दिया गया है।

– सलमान के अलावा बाकी मामले में आरोपी बाकी कलाकार कोर्टरूम के अंदर मौजूद हैं। जज भी कोर्टरूम के भीतर हैं। थोड़ी देर में वह अपना फैसला सुनाएंगे। कोर्ट की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

Blackbuck Poaching Case: काला हिरण शिकार मामले पर फैसले को लेकर जोधपुर कोर्ट के अंदर जाते एक्टर सलमान खान। (फोटोः पीटीआई)

– सलमान खान अपने होटल से कोर्ट पहुंच चुके हैं। उनके पीछे पीछे-पीछे सैफ और नीलम भी कोर्ट पहुंचे। इनके बाद तब्बू और सोनाली बेंद्रे भी आ गई हैं।

– सलमान होटल से कोर्ट के लिए निकल चुके हैं। उनके अलावा बहनें भी कोर्ट के लिए रवाना हुई हैं। अर्पिता और अलवीरा कोर्ट परिसर में पहुंच गई हैं।

– मामले पर फैसले को लेकर सुपस्टार सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने पूजा-अर्चना की है और उनके बरी होने के लिए दुआएं मांगी हैं। बुधवार (तीन अप्रैल) को कटरीना रैफ मुंबई में सिद्धीविनायक मंदिर सलमान के लिए दुआ मांगने गई थीं।

– काला हिरण शिकार केस पर फैसला आने के लेकर जोधपुर कोर्ट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। सैफ, नीलम और सोनाली के वकीलों का कहना है कि अगर वे दोषी पाए गए तो सभी को बराबर की सजा मिले। अधिकतम सजा छह साल के लिए होगी, जबकि न्यूनतम सजा एक साल है।

क्या है 1998 का काला हिरण शिकार केस? आरोप था कि तब एक और दो अक्टूबर की रात सलमान समेत सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम देर रात लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव पहुंचे थे। यहां इन्होंने दो काले हिरणों का शिकार किया था। ये सभी कलाकार उस दौरान जीप में बैठे थे। हिरणों के झुंड पर सलमान ने गोली चलाई थी, जिसके लिए उन्हें अन्य सितारों ने उकसाया था। गोली चलने के बाद आवाज सुनकर ग्रामीण वहां जुटे थे। ऐसे में सलमान दो मृत हिरणों को छोड़कर वहां से गाड़ी सहित फरार हो गए थे। बता दें कि काला हिरण लुप्तप्राय जाति है और इसके शिकार पर रोक है। बीते दिनों इस मामले पर सुनवाई होने के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खन्नी ने फैसला सुरक्षित रखा था।

सलमान पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/51 में आरोप लगे हैं, जबकि सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/52 व भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के अंतर्गत आरोप हैं। सलमान व अन्य सितारों को अगर सजा होगी तो उन्हें वाल्ड लाइफ एक्ट 9/51 और 9/52 के तहत एक साल से छह साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है। याद दिला दें कि संरक्षित जानवरों के शिकार से संबंधित तीन मामलों में दो बार सलमान खान जेल जा चुके हैं। साल 2006 और 2007 में उन्हें जोधपुर जेल की हवा खानी पड़ी थी।

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अब से आपके वाहन में पड़ेगा नए किस्म का पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों है खास

राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चुनौती से निपटने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एक अप्रैल से राजधानी में यूरो-6 मानक के  डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर देंगी। कंपनियां इसके लिये कोई अतिरिक्त कीमत नहीं वसूलेंगी।

दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां यूरो-4  मानक ईंधन का प्रयोग बंद कर सीधे यूरो-6  मानक ईंधन को इस्तेमाल में लाया जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा मुंबई, चेन्नई,  बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे समेत 13 प्रमुख शहरों में यूरो-6 मानक ईंधन की आपूर्ति अगले साल एक जनवरी से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह अप्रैल 2020 से शुरू होगा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)  के निदेशक (रिफाइनरी) बी. वी. रामगोपाल ने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड  कल से दिल्ली के अपने सभी 391 पेट्रोल पंपों पर यूरो-छह उत्सर्जन मानक वाले ईंधन की आपूर्ति शुरू कर देंगी।

उन्होंने कहा कि भले ही कंपनियों ने स्वच्छ ईंधन उत्पादन के लिए भारी निवेश किया है, उपभोक्ताओं के ऊपर अभी कुछ समय तक इसका बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आश्वस्त रहिये, खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोई योजना नहीं है।  अभी उपभोक्ताओं से तत्काल लागत वसूलने की कोई योजना नहीं है।

लागत के हिसाब से स्वच्छ ईंधन50  पैसे प्रति लीटर महंगाहोना चाहिये। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में यूरो-6  मानक के ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी तब लागत वसूलने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

रामगोपाल ने कहा कि दिल्ली की 9.6 लाख टन पेट्रोल तथा 12.65 लाख टन डीजल की सालाना खपत देखते हुए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा परिशोधन संयंत्र, हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी, मध्य प्रदेश के बिना संयंत्र तथा पंजाब के बठिंडा  संयंत्र ने स्वच्छ ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अकेले पानीपत संयंत्र पर ही करीब 183  करोड़ रुपये खर्च किये गये।

उन्होंने कहा कि बाकी के संयंत्रों के उन्नयन का काम चल रहा है। वर्ष 2015 में निर्णय लिया गया था कि यूरो6  मानक के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति पूरे देश में एक अप्रैल 2020 से शुरू की जायेगी  हालांकि, जहरीली धुंध की समस्या को देखते हुए दिल्ली में इसे पहले ही किया जा रहा है।

गोपाल ने कहा कि स्वच्छ यूरो6  मानक के ईंधन तथा पुराने इंजन के इस्तेमाल से पार्टिकुलेट उत्सर्जन में10 से 20  प्रतिशत की कमी आएगी। इसका पूरा लाभ उठाने के लिए यूरो6 मानक के इंजनों की भी जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, यूरो6 मानक के ईंधन की आपूर्ति कल से शुरू हो जाने से वाहन निर्माता कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में सुचारू आपूर्ति के लिए आईओसी मथुरा और पानीपत संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन मंगाएगी। एचपीसीएल की बठिंडा स्थित संयुक्त संयंत्र तथा बीपीसीएलबीना  संयंत्र से ईंधन मंगाएगी।

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भारत ने साउथ अफ्रीका को 8 विकेट से हराया, सीरीज पर किया 5-1 से कब्जा

कप्तान विराट कोहली की रिकार्डतोड़ पारी और 35वें वनडे शतक की मदद से भारत ने छठे और आखिरी मैच में आज दक्षिण अफ्रीका को आठ विकेट से हराकर श्रृंखला 5.1 से जीत ली । दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर भारत ने यह पहली श्रृंखला जीती है और उपमहाद्वीप के बाहर यह सबसे बड़ी जीत है । भारत ने जीत के लिये 205 रन का लक्ष्य 32.1 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया । कोहली ने 96 गेंद में नाबाद 129 रन बनाये जो इस श्रृंखला में उनका तीसरा शतक है । दक्षिण अफ्रीका को पिछले 17 साल में अपनी धरती पर द्विपक्षीय श्रृंखला में सबसे करारी हार मिली है । पिछली बार वह 2001-02 में आस्ट्रेलिया से 1-5 से हारी थी ।

सीरीज में कुलदीप आैर चहल ने निभाया बखूबी साथ
भारतीय कप्तान ने दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण को धता बताते हुए गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर धुना । वह द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में 558 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने रोहित शर्मा का 491 रन का रिकार्ड तोड़ा जो उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था । वह वनडे क्रिकेट में सिर्फ 200 पारियों में सबसे तेजी से 9500 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए । कोहली ने अपना 35वां शतक सिर्फ 82 गेंदों में पूरा किया जिसमें 19 चौके और दो छक्के लगाये । टेस्ट श्रृंखला में मिली हार के बाद आलोचना झेल रहे कोहली ने वनडे श्रृंखला में मोर्चे से अगुवाई की । कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने क्रमश: 16 और 17 विकेट लेकर उनका बखूबी साथ निभाया ।

204 पर ढेर हुई अफ्रीकी टीम
इससे पहले युवा तेज गेंदबाज शरदुल ठाकुर ने श्रृंखला में पहली बार खेलते हुए चार विकेट लिये जिसकी मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 204 रन पर आउट कर दिया। ठाकुर ने 52 रन देकर चार विकेट लिये । उन्हें भुवनेश्वर कुमार की जगह उतारा गया था । स्पिनर कुलदीप यादव ने एक और युजवेंद्र चहल ने दो विकेट लिये । दोनों ने मिलकर छह मैचों की श्रृंखला में 33 विकेट ले लिए हैं । एडेन मार्करेम ( 24 ) और हाशिम अमला ( 10 ) ने धीमी शुरूआत की । ठाकुर ने पहले स्पैल में ही अपने तेवर जाहिर कर दिये थे हालांकि मार्करेम ने उन्हें दो चौके जड़े थे । जसप्रीत बुमराह ने दूसरे छोर से रनगति पर अंकुश लगाये रखा । दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिये 23 रन जोड़े लेकिन अमला को ठाकुर ने विकेट के पीछे लपकवाकर पवेलियन भेजा ।  मार्कराम कवर में श्रेयस अय्यर को कैच देकर लौटे । इसके बाद एबी डिविलियर्स ( 30 ) और खाया जोंडो ( 54 ) ने तीसरे विकेट के लिये 62 रन जोड़े । दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन बनाये ।  जोंडो ने चहल को एक ओवर में दो छक्के लगाये । दोनों ने 50 रन की साझेदारी 52 गेंद में पूरी की । दक्षिण अफ्रीका ने 19वें ओवर में 100 रन पूरे किये ।

ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका बड़े स्कोर की ओर बढ रहा है लेकिन चहल ने 21वें ओवर में डिविलियर्स को बोल्ड करके मेजबान के मंसूबों पर पानी फेर दिया । इस बीच 57 गेंदों में कोई चौका नहीं लगा और डिविलियर्स के आउट होने के बाद रनगति पर अंकुश लग गया । इस बीच जोंडो और हेनरिच क्लासेन ( 22 ) ने 58 गेंद में सिर्फ 30 रन जोड़े ।  क्लासेन को बुमराह ने रवाना किया जिनका कैच शार्टकवर पर विराट कोहली ने लपका । इसके बाद फरहान फरहान बेहार्डियन को ठाकुर ने आउट किया । बुमराह ने उनका शानदार कैच थर्डमैन पर पकड़ा । दक्षिण अफ्रीका ने छह गेंद के भीतर दो विकेट गंवा दिये और 32वें ओवर में स्कोर पांच विकेट पर 136 रन था । क्रिस मौरिस ( 4 ) को दो ओवर बाद यादव ने आउट किया । जोंडो और एंडिले पी ( 34 ) ने अपनी ओर से रनगति बढाने की कोशिश की । जोंडो ने अपना पहला वनडे अर्धशतक 67 गेंद में पूरा किया ।

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INDvsSA : 5 हीरो जिन्होंने दिलाई टीम इंडिया को कभी न भूलने वाली जीत

टीम इंडिया को आखिरकार वह जीत मिल ही गई, जिसके लिए टीम पिछले 26 साल से इंतजार कर रही थी. टेस्ट सीरीज में पहले दो टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद टीम इंडिया का टेस्ट सीरीज जीतने का सपना टूट गया. लेकिन जोहानिसगबर्ग में तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया को मिली जीत के बाद सब कुछ बदल गया. टीम ने छह मैचों की सीरीज के 5वें मैच में ही सभी हार और इतिहास को भुलाते हुए अफ्रीका को पहली बार उसकी ही धरती पर धूल चटा दी. टीम को इस जीत के लिए 26 साल लंबा इंतजार करना पड़ा.

टीम इंडिया की इस जीत में अगर ध्यान से देखें तो 5 खिलाड़ियों का सबसे अहम योगदान रहा. विराट कोहली, शिखर धवन, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और पांचवें मैच में फॉर्म में लौटे रोहित शर्मा. एक मैच में रहाणे का बल्ला भी बोला. हालांकि टीम का मध्यक्रम इस पूरी सीरीज में बुरी तरह नाकाम साबित हुआ. ये टीम के लिए चिंता की बात होगी.

वैसे देखे जाए तो इस पूरी सीरीज में अगर शिखर धवन और विराट कोहली का बल्ला अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं गरजता तो भारत को ये ऐतिहासिक जीत शायद ही मिलती. टीम इंडिया के इन दो बल्लेबाजों ने अफ्रीका में सबसे ज्यादा रन बनाए. यही हाल गेंदबाजी में रहा. टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज इस सीरीज में कुछ खास कमाल नहीं कर सके.

1. विराट कोहली : इस सीरीज के सबसे बड़े हीरो विराट कोहली ही रहे. टेस्ट के बाद वनडे सीरीज में भी वह 5 मैचों में सबसे ज्यादा रन बना चुके हैं. उनके बल्ले ने अब तक 2 शतक और दो अर्धशतकों की मदद से 429 रन बनाए हैं. विराट दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 350 से अधिक रन बनाने वाले एबी डिविलियर्स के बाद दूसरे बल्लेबाज बन गए. डिविलियर्स ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ 367 रन बनाये थे.

2. शिखर धवन : 5 मैचों में शिखर धवन अब तक 305 रन बना चुके हैं. इसमें 2 अर्धशतक और 1 शतक शामिल है. चौथे मैच में उन्होंने अपने 100वें मैच में शतक जड़कर पहले भारतीय होने का गौरव पाया. इससे पहले अपने 100वें मैच में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शतक नहीं जड़ पाया था. इस पूरी सीरीज में वह शानदार रहे हैं.

3. युजवेंद्र चहल : युजवेंद्र चहल 5 मैचों की 5 पारियों में 14 विकेट ले चुके हैं. अफ्रीका की तेज पिचों पर किसी स्पिनर का इस तरह से विकेट लेना अचंभित कर रहा है. एक बार वह 5 विकेट भी ले चुके हैं. वह इस सीरीज में विदेशी दौरे पर किसी भी भारतीय द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं. मैच अभी बाकी हैं, हो सकता है वह इसमें कामयाब हो जाएं.

4. कुलदीप यादव : चहल और कुलदीप यादव में अफ्रीका में सबसे ज्यादा विकेट लेने की होड़ मची हुई है. कुलदीप भी 16 विकेट हासिल किए हैं.  पांचवें मैच में कुलदीप ने 4 विकेट झटके. एक ही ओवर में उन्होंने 3 विकेट लेकर अफ्रीका की कमर तोड़ दी. दोनेां की बेखोफ गेंदबाजी मैदान के अंदर ही नहीं मैदान के बाहर भी क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.

5. रोहित शर्मा : वैसे तो रोहित सीरीज के चार मैचों बुरी तरह असफल रहे, लेकिन पांचवें मैच में टीम इंडिया को जीत उन्हीं के शतक की बदौलत मिली. उन्होंने मैच में सभी नाकामियों को भुलाकर 115 रनों की पारी खेली. 5 मैचों में रोहित ने 155 रन बनाए. सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के ही पहले 3 बल्लेबाज रहे.

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सुंजवान अटैक: PAK को इस हमले की कीमत चुकानी होगी, वहां बैठा अजहर मसूद है मास्टर माइंड- सीतारमण

सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमले का मास्टर माइंड पाकिस्तान बेस्ड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ अजहर मसूद है,जिसे वहां पर सपोर्ट मिलता है। रक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तान को सबूत देना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। ये हर बार साबित हुआ है कि वे ही जिम्मेदार हैं। पाकिस्तान को इस हरकत की कीमत चुकानी होगी।” रक्षामंत्री का ये सख्त वॉर्निंग मुफ्ती के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से बातचीत करना चाहिए। सोमवार को सीतारमण ने मुफ्ती से भी मुलाकात की। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 3 दिन में दो आतंकी हमले हुए। पहला हमला शनिवार को जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप और दूसरा सोमवार को श्रीनगर के सीआरपीएफ कैंप पर हुआ। जिसमें 5 जवान शहीद हुए और एक सिविलियन की मौत हो गई। सीआरपीएफ कैंप हमले में एक जवान शहीद हो गया।

सुंजवान अटैक पर क्या बोलीं रक्षा मंत्री सीतारमण?

1) जैश-ए-मोहम्मद के थे आतंकी
– निर्मला सीतारमण ने कहा, “सुंजवान में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन सुबह 10.30 पर खत्म हो गया है। लेकिन, सेनिटेशन ऑपरेशन जारी है। आतंकियों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद से था, जिसे पाकिस्तान में बैठा अजहर मसूद ऑपरेट करता है और जिसे वहां से सपोर्ट मिलता है।”

2) आतंकियों को लोकल सपोर्ट की आशंका

“आतंकियों ने मिलिट्री स्टेशन को हमले के लिए चुना जहां इंडियन आर्मी के जवानों और उनकी फैमिली के घर थे। ये जगह इंटरनेशनल बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां काफी घनी आबादी है। कैंटोंमेंट की डेमोग्राफी और आसपास के इलाके से ये लगता है कि आतंकियों को लोकल सपोर्ट मिला।”

3) फैमिली क्वॉर्टर्स की ओर भागे आतंकी
– “इस हमले के मद्देनजर एक अलर्ट जारी हुआ। इसके बाद क्विक रिएक्शन टीमों को जरूरी जगहों पर तैनात किया गया। ऐसा महसूस हुआ कि पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड
टेरिरिस्ट सॉफ्ट टारगेट की ओर जाएंगे इसलिए QRT को सुंजवान की फैमिली एकोमडेशन में भी भेजा गया। आतंकियों की घुसपैठ को संतरी ने रोका और QRT ने भी तुरंत इसका जवाब दिया। दोनों के बीच भारी गोलीबारी हुई। इस फायरिंग के चलते आतंकियों को बिखरना पड़ा और वे कोऑर्डिनेटेड हमले नहीं कर पाए। इसके बाद आतंकी फैमिली क्वॉर्टर्स की तरफ भागे और कुछ ब्लॉक्स पर कब्जा कर लिया।”

4) 189 फ्लैट्स से फैमलीज को सुरक्षित निकाला
– “आतंकवादी सेना की वर्दी में थे और उनकी पहचान मुश्किल थी इसलिए ऑपरेशन को इस तरह से अंजाम दिया गया, ताकि मिस्टेकन आइडेंटिटी की वजह से किसी की जान पर जोखिम ना हो। ऑपरेशन के दौरान 26 ब्लॉक्स को सर्च किया गया और 189 फ्लैट्स से फैमिलीज को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसमें वक्त लगा और ये काफी चुनौतीभरा भी था।”

5) आतंकियों ने निहत्थे जवानों पर फायरिंग की
– “काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन के दौरान एक सिविलियन समेत 6 जवानों की जान गई। आतंकियों ने निहत्थे जवानों और उनकी फैमिली पर फायरिंग की। वे फैमिली क्वॉर्टर्स में जबरदस्ती घुसने की कोशिश कर रहे थे।”

6) 4 में से 3 आतंकी मार गिराए
– “3 आतंकियों को सेना ने मार गिराया। इलाके में 4 टेररिस्ट होने की इन्फर्मेशन थी। हो सकता है कि चौथा आतंकी गाइड हो और वो कैम्प में ना घुसा हो।”

7) सीमा पार से हैंडलर्स आतंकियों को कंट्रोल कर रहे थे
– रक्षा मंत्री बोलीं, “जैश के जिस मॉड्यूल ने हमले को अंजाम दिया है, हो सकता है कि वो कुछ अरसा पहले भारत में दाखिल हुआ हो। इसकी भी संभावना है कि उन्हें ऑपरेशन से पहले लोकल सपोर्ट भी मिला हो। हमारे इंटेलिजेंस इनपुट इशारा करते हैं कि इन टेररिस्ट को सीमा पार बैठे हैंडलर्स कंट्रोल कर रहे थे। सबूतों की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी ने की, जो जल्द ही डिटेल रिपोर्ट देगी।”

8) घुसपैठ रोकने में कामयाबी मिली है
– “पाकिस्तान पीरपंजाल के दक्षिण में टेररिज्म को स्पॉन्सर कर रहा है और घुसपैठ के लिए सीजफायर वॉयलेशन कर रहा है। इन कोशिसों का माकूल जवाब दिया गया। लाइन ऑफ कंट्रोल पर घुसपैठ रोकने के लिए हमारे सिस्टम के जरिए बड़ी कामयाबी मिली है। सिक्युरिटी फोर्सेस की लगातार कोशिशों के चलते आतंकी गतिविधियों पर रोक लगी है। मौसम और बर्फबारी के चलते घुसपैठ को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए सरकार मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एडिशनल सेंसर्स, यूएवी और लॉन्ग रेंज सर्विलांस डिवाइसेस को लाइन ऑफ कंट्रोल को कवर करने के लिए लगाया गया है।’

9) जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा
– “आखिर में मैं अपने बहादुर जवानों की जान जाने पर और उनके परिवारों पर कायराना हमले के लिए शोक जाहिर करती हूं। मैं देश को ये भरोसा दिलाती हूं कि उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। हम पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड टेररिज्म के जरिए देश में हिंसा फैलाने की हर कोशिश को रोकेंगे और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’

10) मुफ्ती के साथ हालात पर चर्चा की
– सीतारमण ने कहा, “मैं घायलों से मिलिट्री हॉस्पिटल में मुलाकात की। मैंने चीफ मिनिस्टर (महबूबा मुफ्ती) से भी मुलाकात की, उनके साथ मैंने विस्तार से हालात पर चर्चा की। उन्होंने इतने शॉर्ट नोटिस पर मुलाकात की, इसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं।”

पांच शहीदों में दो सूबेदार, 1 हवलदार

– सूबेदार मदन लाल चौधरी
– सूबेदार मोहम्मद अशरफ मीर
– हवलदार हबीबुल्लाह कुरैशी
– नायक मंजूर अहमद
– लांस नायक मोहम्मद इकबाल
– लांस नायक मो. इकबाल के पिता (सिविलियन)

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तो क्या अगले साल फरवरी से पहले हो जायेगी कंगना रनौत की शादी!

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि वह जल्द शादी करेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें अगले साल फरवरी तक का टाइम दिया जाय।

मुंबई में हुए फैशन वीक में एक शो के लिए शो स्टॉपर बनने के बाद मीडिया के सामने आईं कंगना रनौत ने जब शादी की बात पर जवाब देना शुरू किया तो वो ख़ूब खिलखिला कर हंस रही थीं। ऐसे में उनकी बात का मतलब क्या निकाला जाय ये वहीं बता सकती हैं। कंगना ने कहा कि अपनी शादी के लिए वो फरवरी 2019 तक की डेडलाइन चाहती हैं ताकि वह उस बीच शादी कर सकें। शादी का सवाल आते ही कंगना ने कहा “ बहुत जल्द, मुझे आशा है बहुत जल्द। यह कौन सा महीना है। जनवरी या फरवरी। फरवरी। तो मुझे अगले साल फरवरी तक की डेडलाइन दीजिये।“ कंगना रनौत उनकी बेबाकी के लिए जानी जाती है। इसके पहले भी वह ऐसे कई मुद्दों पर खुलकर उनकी राय रख चुकी है। जिसके चलते वह कई बार सुर्ख़ियों में भी आ चुकी है। वंशवाद के मामले में उनकी बयानबाजी के चलते ही उनका और करण जौहर का मनमुटाव हुआ था।

कंगना रनौत इन दिनों फिल्म ‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ़ झाँसी ‘ की शूटिंग में व्यस्त है। इस फिल्म में वह रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभा रही है। इस फिल्म का निर्देशन कृष कर रहे हैं और फिल्म अब संभवतः जून में रिलीज़ होगी।

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संसद के अपने पहले भाषण में अमित शाह ने इंदिरा गांधी को सराहा…

बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह राज्‍यसभा सांसद चुने जाने के बाद पहली बार सदन में बोले. उन्‍होंने इस दौरान इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि 1969 में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण का सराहनीय काम किया. इसी तरह उन्‍होंने लालबहादुर शास्‍त्री को याद करते हुए कहा कि 1965 में भारत-पाक युद्ध के बाद जब देश में अनाज का संकट पैदा हुआ तो तत्‍कालीन प्रधानमंत्री ने लोगों से सोमवार को एक वक्‍त का भोजन छोड़ने का आग्रह किया. उनकी अपील का व्‍यापक असर हुआ और जनता की उनके आग्रह का सम्‍मान किया. उसके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी का ही व्‍यक्तित्‍व ऐसा है कि उनके आग्रह पर कई लोगों ने कई किस्‍म की सब्सिडी छोड़ी. मसलन एक बड़े तबके ने गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ी.

पकौड़ा पॉलिटिक्‍स पर जवाब
बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने विपक्ष की ‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स पर जवाब देते हुए कहा है कि पकौड़ा बेचना कोई शर्म की बात नहीं है. यह कम से कम बेरोजगारी से तो अच्‍छा है. दरअसल कांग्रेस नेता पी चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं के पकौड़ा बेचने संबंधी पीएम के बयान पर निशाना साधा था. इसी कड़ी में अमित शाह ने कहा कि जिस तरह एक चायवाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, उसी तरह एक पकौड़े वाले की भी अगली पीढ़ी उद्योगपति बन सकती है.

‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स- पकौड़ा बेचना शर्म की बात नहीं, यह बेरोजगारी से तो अच्‍छा है: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ”अभी मैं चिदंबरम साहब का ट्वीट पढ़ रहा था कि मुद्रा बैंक के साथ किसी ने पकौड़े का ठेला लगा दिया, इसको रोजगारी कहते हैं? हां मैं मांगता हूं कि भीख मांगने से तो अच्‍छा है कि मोई मजदूरी कर रहा है. उसकी दूसरी पीढ़ी आगे आएगी तो उद्योगपति बनेगी.”

इसके साथ ही अमित शाह ने कहा, ‘हमारी सरकार को विरासत में गड्ढे मिला, जिसे भरने में वक्‍त लग रहा है’. उन्‍होंने आगे कहा कि, ‘2013 में देश के लोगों में भय का माहौल था. सीमा पर असुरक्षा का माहौल था. 30 साल से इस देश में अस्थिरता थी’.
राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘2013 में घोटालों-घपलों की सीरीज लोगों के दिमाग में घर कर गई थी. देश को समस्‍याओं को दूर करने के लिए हमें बहुमत मिला’.

अमित शाह द्वारा कही गईं मुख्‍य बातें…

  •     अंत्‍योदय के लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.
  •     देश में 31 करोड़ बैंक खाते खोले गए.
  •     आजादी के बाद 55 साल एक ही परिवार का देश में राज रहा.
  •     देश में 60 फीसदी लोगों के पास बैंक खाते ही नहीं थे.
  •     देश का गरीब खुद को अर्थतंत्र से जोड़ने लगा है.
  •     शास्‍त्री जी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाया.
  •     पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाने की हिम्‍मत की.
  •     घर में शौचालय न होना बड़ी त्रासदी है.
  •     लुटियंस में रहने वालों को इस दर्द का अहसास नहीं.
  •     गैस सब्सिडी छोड़ने का सार्थक अभियान चलाया गया.
  •     गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ, लेकिन गरीबी को करीब से देखा है.
  •     देश के हर गरीब के लिए घर होना बहुत जरूरी.
  •     देश में बेरोजगारी की समस्‍या है और इससे इंकार नहीं किया जा सकता है.
  •     55 साल तक राज करने वाले बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हैं.
  •     पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण कर सराहनीय काम किया.
  •     देश में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण के बाद भी गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाए.
  •     देश के हर गरीब को घर देना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     बेरोजगारी से अच्‍छा है कोई युवा मेहनत कर पकौड़े बेचे.
  •     पकौड़े बेचना कोई शर्म की बात नहीं है.
  •     पकौड़ा बेचने वाले की अगली पीढ़ी उद्योगपति बनेगी.
  •     चाय बेचने वाले का बेटा इस सदन में प्रधानमंत्री बनकर बैठा है.
  •     गरीब के घर बिजली, स्‍वास्‍थ्‍य पहुंचाना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     50 करोड़ लोगों को बीमा देना का साहस किसी सरकार में नहीं था.
  •     देश में भाजपा सरकार को आने के बाद नदियों को जोड़ने का काम दोबारा शुरू किया गया.
  •     गरीबों का जीवन स्‍तर उठाने का काम बीजेपी ने किया.
  •     गरीबी हटाओ के नारे के साथ बहुत सरकारें आई, लेकिन गरीबों का जीवन स्‍तर सुधारने का काम बीजेपी ने किया.
  •     पहले यूरिया की कालाबाजारी होती थी. हमारी सरकार के एक फैसले ने सारी दिक्‍कतें दूर कीं.
  •     5 करोड़ 70 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला.
  •     देश में यूरिया के 6 कारखाने बीजेपी ने शुरू किए.
  •     कई सुधार किए गए, जिसकी वजह से भारत की अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर रेटिंग सुधरी.
  •     हम ऐसे फैसले लेते हैं, जो लोगों के लिए अच्‍छे हों.
  •     किसानों को डेढ़ गुना समर्थन मूल्‍य दिया जाना.
  •     पूरे देश में जीएसटी पर राजनीति की गई.
  •     बीजेपी ने कभी जीएसटी का विरोध नहीं किया.
  •     कांग्रेस जब जीएसटी की बात करती थी, हमने विरोध नहीं किया.
  •     हम बजट भी एक फरवरी को लेकर आए, जिससे उसे लागू करने के लिए वक्‍त मिल सके.
  •     बीजेपी सरकार संवेदनशील है.
  •     कांग्रेस ने जीएसटी को गब्‍बर सिंह टैक्‍स कहा.
  •     कांग्रेस की सहमति से ही जीएसटी बिल पास हुआ.
  •     जीएसटी काउंसिल में कांग्रेस शामिल राज्‍यों ने भी अपनी राय रखी.
  •     कुछ मुद्दों पर राजनीति करने से ऊपर उठना पड़ता है.
  •     देश की सुरक्षा तब तक नहीं हो सकती, जब तक उसका जवान गरिमा से न जिए.
  •     हमारा चुनावी वादा था और हमने एक ही साल में ओआरओपी का वादा पूरा किया.
  •     सेना ने दस दिन में आतंकियों से बदला लिया.
  •     सरकार ने सर्जिकल स्‍ट्राइक की और सीमापार घुसकर अपना बदला लेकर जवान वापस आए.
  •     मोदी सरकार में सर्जिकल स्‍ट्राइक का फैसला लिया गया.
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चारा घोटाला: चाइबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू को पांच साल की सजा, 10 लाख रुपये जुर्माना

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के मामले में पांच साल सजा सुनाई है. इसके साथ ही लालू यादव पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. लालू यादव के अलावा बिहार के ही पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है.

इन्हें भी कोर्ट ने सुनाई सजा

इसके अलावा कोर्ट ने ध्रुव भगत को तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा दी. अदालत ने विद्यासागर निषाद को तीन साल और जगदीश शर्मा को पांच साल कैद की सजा सुनायी. अदालत ने तीन पूर्व आईएएस फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, सजल चक्रवर्ती को चार-चार साल की कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं देने पर उन्हें तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. अदालत ने छह लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

अदालत ने सभी राजनीतिक कैदियों और अधिकारियों को तीन से पांच साल की कैद, महिला आरोपियों को तीन साल की कैद और चारा आपूर्तिकर्ताओं को तीन से पांच साल कैद की सजा सुनायी. कोर्ट ने तीन साल की सजा पाने वाले आरोपियों को जमानत के लिए जमानत पत्र भरने के निर्देश दिये. इससे पूर्व देवघर कोषागार मामले में सीबीआई अदालत ने जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया था.

तेजस्वी यादव ने दिया ये बयान

इस बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमत्री तेजस्वी यादव और आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद यादव ने कहा कि लालू यादव को फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

फिलहाल बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं लालू यादव

ये मामला चारा घोटाले के तीसरे केस चाईबासा कोषागार मामले से जुड़ा है. इससे पहले छह जनवरी को रांची में ही सीबीआई के विषेष न्यायाधीष षिवपाल सिंह की अदालत ने लालू यादव को देवघर कोषागार से जुड़े चारा घोटाले के एक मामले में साढ़े तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दस लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी. इस मामले में अब तक जमानत न मिल पाने से लालू यादव बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.

इससे पहले चाईबासा कोषागार से ही गबन के एक दूसरे मामले में लालू यादव को साल 2013 में पांच साल कैद की सजा सुनायी जा चुकी है. जिस मामले में वह सुप्रीम कोर्ट से जमानत पाकर रिहा हो चुके हैं.

डोरंडा कोषागार से फर्जी निकासी का मामला

इसके अलावा लालू यादव के खिलाफ रांची में डोरंडा कोषागार से 184 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी से जुड़ा और दुमका कोषागार से तीन करोड़ 97 लाख रुपये निकासी का मामला चल रहा है जिनकी सुनवाई अंतिम दौर में है. वहीं दुमका कोषागार से जुड़े मामले में भी गवाहियां लगभग पूरी हो गयी हैं और इस मामले में भी फरवरी में फैसले आने की उम्मीद की जा रही है.

केवल डोरंडा कोषागार से फर्जीवाड़ा कर 184 करोड़ रुपये गबन करने के मामले में चूंकि सौ से अधिक लोगों की गवाही होनी है लिहाजा वहां अभी भी गवाहियां जारी हैं. इसमें कुछ समय लग सकता है. दुमका कोषागार का मामला भी सीबीआई के विषेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में ही चल रहा है जिसने छह जनवरी को लालू यादव और 15 अन्य अभियुक्तों को देवघर मामले में सजा सुनायी थी.

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नॉर्थ कोरिया से हुई बड़ी गलती, अपने ही शहर पर दागी मिसाइल

लगातार अपनी मिसाइल का परीक्षण कर पूरी दुनिया में हड़कंप मचानवाले उत्तरी कोरिया से एक बुरी ख़बर सामने आ रही है। ख़बरों के मुताबिक, उत्तर कोरिया की एक मिसाइल लांच करने के फौरन बाद ही इसके अपने ही एक शहर के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल 28 अप्रैल को ह्वासोंग-12 नाम की यह अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएण) के बारे में शुरूआत में यह समझा गया कि वह फटकर बेकार हो गई थी। लेकिन, जो नए तथ्य सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक वह मिसाइल उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग से करीब 90 मील दूल टोकचोन शहर के ऊपर जाकर गिरी है। टोकचोन शहर की कुल आबादी करीब दो लाख से ज्यादा है।

डिप्लोमेट मैग्जीन ने अमेरिकी खुफिया सूत्रों और सैटेलाइट तस्वीर के हवाले से बताया है कि ऐसा माना जा रहा है कि इस शहर के ऊपर मिसाइल के आकर फटने से इंडस्ट्रियल और एग्रीकल्चरल बिल्डिंग्स को काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुकचांग हवाईक्षेत्र से इस मिसाइल को छोड़े जाने के बाद ये उत्तर-पूरब की दिशा में 24 मील तक गयी। उसके बाद यह 43 मील से ज्यादा नहीं नहीं जा पायी। अमेरिकी सरकार के सूत्र ने बताया कि इस मिसाइल के छोड़े जाने के बाद पहले ही चरण में इसका इंजन फेल हो गया।

ऐसा माना जा रहा है कि इस मिसाइल के गिरने के बाद उसमें से निकले लिक्विड के चलते बड़ा धमका हुआ है। मिसाइल परीक्षण के बाद गूगल अर्थ की तरफ से ली गई तस्वीर से यह साफ पता चलता है कि जिस जगह पर ये मिसाइल गिरी वह जगह साफ है जहां ऐसा माना जा रहा है कि पहले एक बिल्डिंग थी। इसके साथ ही एक ग्रीन हाउस को भी क्षति पहुंची है।

हालांकि, पब्लिकेशन की तरफ से ये साफ कहा गया है कि नॉर्थ कोरिया के तानाशाह की सीक्रेसी के चलते यह पुष्टि करना संभव नहीं है कि इसके चलते कितनी मौत हुई है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि एक और मिसाइल गलत समय पर फेल हुई है। अगर ये मिसाइल जापान में गलती से गिरी होती तो इसकी प्रतिक्रिया में टोक्यो से हमला तक किया जा सकता था।