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भारत बंद के दौरान बिहार में हिंसा, आरा में फायरिंग और गया में लाठीचार्ज

SC/ST एक्ट में हुए बदलावों के विरोध में 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. अब आरक्षण के विरोध में आज भारत बंद बुलाया गया है. इस बंद को लेकर देश के सभी राज्यों की पुलिस हाईअलर्ट पर है, गृहमंत्रालय ने भी सभी राज्यों को सख्ती बरतने के लिए कहा है. कई राज्यों में भारत बंद के चलते धारा 144 लागू की गई है. ये भारत बंद आरक्षण के विरोध में बुलाया गया है.

बिहार – आरा नगर थाने में आनंदनगर इलाके में बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुई है. दोनों तरफ से फायरिंग की जा रही है. इसके अलावा आरा में ही सैकड़ों युवाओं ने पटना पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया. आक्रोशित युवाओं ने रेल पटरी पर उतरकर आरक्षण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. आरा में पत्थरबाजी के दौरान सात लोग घायल हुए हैं. घायल में एसडीओ भी शामिल हैं. गया में भारत बंद के दौरान उपद्रवियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. कई उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया है. आरा में धारा 144 लागू की गई है.

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ANI

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 बिहार के वैशाली में भी आरक्षण के विरोध में बंद के दौरान कई जगह से प्रदर्शन और जाम की तस्वीर सामने आई हैं. आरक्षण विरोधियों ने कई जगह रेल ट्रैक पर आगजनी कर परिचालन को भी बाधित किया है.

इसके अलावा पटना-कोलकाता रेलखंड का परिचालन ठप हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने बरौनी पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया है. कई लोग रेल पटरी पर बैठकर ही प्रदर्शन कर रहे हैं. दरभंगा की ललित नारायण मिश्रा यूनिवर्सिटी ने अपने बीए के पेपर को टाल दिया है. इसके अलावा कई प्राइवेट स्कूलों को भी बंद किया गया है.

आरक्षण के खिलाफ भारत बंद के दौरान भोजपुर में आक्रोशित युवाओं ने सड़क पर आगजनी कर आवागमन बाधित कर दिया. नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा मोड़ के समीप आरक्षण के खिलाफ नारे लगा रहे युवाओं ने 84 आरा बक्सर मुख्य मार्ग को सुबह से ही जाम लगाना शुरू कर दिया.

बिहार के मुजफ्फरपुर में हिंसा के दौरान लोगों ने तीन राउंड फायरिंग की है. समर्थकों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की.

केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर बिहार में दिख रहा है. इस दौरान हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा जाम में फंस गए. बंद समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री से बदसलूकी भी की गई. ये घटना हाजीपुर के शुभाई की है.

जो युवा नारेबाजी कर रहे थे उनका कहना था कि आरक्षण जाति के हिसाब से नहीं बल्कि आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को मिलना चाहिए ताकि हर वर्ग के लोग समाज की मुख्यधारा में आ सके. इसके अलावा बिहार में NH 219 के पास रतवार गांव में लोगों ने सड़क को जाम कर दिया है और नारेबाजी कर रहे हैं. मुजफ्फरपुर में मंगलवार सुबह पटना रोड के पास टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा भगवानपुर में मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया गया है.

बिहार में भी भारत बंद के चलते सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज बिहार में ही हैं, इसलिए सुरक्षा वैसे ही बढ़ाई गई है. केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि केंद्र सरकार की एंटी-दलित छवि बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि एक साल में सबकुछ ठीक हो जाएगा, सरकार दलितों के लिए बहुत कुछ कर रही है.

उत्तर प्रदेश –

भारत बंद का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में दिख रहा है. मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में रविवार से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सहारनपुर में अग्रिम आदेशों तक इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा हापुड़ और मुजफ्फरनगर में भी इंटरनेट की सेवा बंद है. वहीं फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर में स्कूलों को भी बंद रखा गया है. रविवार रात से ही कई इलाकों में पुलिस ने मार्च किया. अभी शुरुआत में मेरठ में भारत बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है.

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ANI UP

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 No impact of #BharatBandh call seen as yet in Meerut. MHA had issued an advisory that some groups would be protesting against caste-based reservations in jobs and education.

पंजाब

 पंजाब के फिरोजपुर में भारत बंद के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई. दुकान बंद करवाने के दौरान लोगों ने मोटरसाइकिल पर पथराव किया. इस दौरान लोगों ने तलवारों से हमला किया, जिसमें दो घायल हुए हैं.

मध्य प्रदेश –

2 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा मध्यप्रदेश में ही हुई थी. इस बार भारत बंद को देखते हुए राज्य के कई शहरों में धारा 144 लागू की गई है. भिंड, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, श्योपुर, शिवपुरी में इंटरनेट की सुविधा पर रोक लगा दी गई है. भिंड और मुरैना में कर्फ्यू लगा दिया हया है. पैरामिलिट्री फोर्स की 6 कंपनियों को तैनात किया गया है.

ग्वालियर में उपद्रवियों से निपटने के लिए 2 हज़ार से ज्यादा पुलिस बलों को तैनात किया गया है. इसके अलावा सीआरपीएफ को भी तैनात किया गया है. भोपाल, रायसेन, टीकमगढ़ में धारा 144 को लागू किया गया है. वहीं सागर में किसी भी तरह के धरने, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना और भिंड में हुई हिंसा के बाद, उच्च जातियों के संगठनों द्वारा 10 अप्रैल को प्रस्तावित भारत बंद और 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है.

राजस्थान –

राजस्थान में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है. जयपुर में मोबाइल इंटरनेट सुविधा पर रोक लगा दी गई है और शहर में धारा 144 लागू की गई है.

केरल – 

केरल में आज CPIM भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. CPIM राज्य के हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेगी. CPIM का आरोप है कि बीजेपी के राज में दलितों पर अत्याचार बढ़ा है.

गृह मंत्रालय ने मुहैया कराई सुरक्षा

आपको बता दें कि भारत बंद को देखते हुए देशभर में गृहमंत्रालय ने 30 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया है. इसमें 14 कंपनी अर्धसैनिक बल की उत्तर प्रदेश में, 4 कंपनी सीआरपीएफ की मध्यप्रदेश में, 8 कंपनी CRPF की राजस्थान में और बिहार में CRPF की 4 कंपनियां तैनात की गई हैं.

गृह मंत्रालय ने सोमवार को ही सभी राज्यों को एडवाइज़री जारी की थी. इसमें राज्यों के डीएम और एसपी को अलर्ट जारी किया गया था और बंद के दौरान सतर्क रहने को कहा गया था. आपको बता दें कि ये बंद किसी संगठन के द्वारा नहीं बुलाया गया है. बल्कि 2 अप्रैल के बाद लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों के जरिए ही बुलाया गया है.

आपको बता दें कि बीते 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट में बदलावों के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद बुलाया था. इस भारत बंद में काफी हिंसा हुई थी, जिसमें करीब 10 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. इस दौरान उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में काफी हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी.

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SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 8 की मौत; कई शहरों में कर्फ्यू

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुअा। कई जगह तोड़फोड़ व अगजनी की घटनाएं सामने अाई है। वहीं मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई है।

कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं। इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच भी प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कहा कि इस कानून मे अभियुक्त को अग्रिम जमानत का हक न देने से अनुच्छेद 21 में उसे मिले जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन नही होता। एससीएसटी कानून में ये 1973 मे नये अधिकार के तौर पर जोड़ा गया था।उधर एससी एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आल इंडिया फ़ेडरेशन आफ एससी एसटी आर्गनाइजेशन की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट मे अलग से नई याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट से फ़ैसले पर रोक लगाने और मामले पर विचार कर फ़ैसले मे बदलाव की मांग की गई है। याचिका पर वकील मनोज गोरकेला ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराते हुए कहा कि मामले पर नियमित क्रम मे ही सुनवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक की मौत, लगाया गया कर्फ्यू

मुरैना में विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हिंसा के उग्र होने के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में जमकर हिंसा हुई। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। मुरैना में बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही थम गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, ग्‍वालियर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने बताया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभी तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में पुलिस बल पर पथराव, ठप हुए राजमार्ग

एसटी-एसी एक्ट 1989 में संशोधन के खिलाफ दिल्‍ली एनसीआर में भारत बंद ने हिंसा का रूप अख्तियार कर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने हल्‍के बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे कई राजमार्ग पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

बिहार में दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जा रहा भारत बंद का असर
बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बिहार में पंजाब जाने वाली ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। राजस्‍थान के डीजीपी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अलवर में फायरिंग हुई, जिसमें एक शख्‍स की मौत हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पत्‍थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। हिंसक प्रदर्शन कर रहे काफी लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और धारा 144 लगा दी गई है, ताकि हालात ज्‍यादा न बिगड़ें। बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। जिसकी वजह से दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई।

उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है। इसकी बॉडी जिला अस्पताल लाई गई है। रेलवे के कर्मचारी प्रताप की कमर में भी गोली लगी है, उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। उत्‍तर प्रदेश के डीआइजी ने बताया कि प्रदेश के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्‍से में ही हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 2 शख्‍स की मौत हो गई है और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 90 प्रतिशत हिस्‍से में शांति का माहौल है। प्रदर्शनकारियों से सख्‍ती से निपटा जा रहा है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। हम विश्‍वास दिलाते हैं कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। आजमगढ़ में एक बस पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी गई। मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है। बसपा के कार्यकर्ता यहां शहर के सभी बाजारों में भीड़ जबरन बाजार बंद करा रही है। यह लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। जगह-जगह पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है।

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

पंजाब में दलितों के बंद का मिलाजुला असर
एससी-एसटी एक्‍ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का पंजाब के अधिकांश इलाकों में मिलाजुला असर दिख रहा है। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के लोग सक्रिय हैं। संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी, जिससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कल ही प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालयों को सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही कल रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

झारखंड में पुलिस ने किया लाठी चार्ज
रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठी चार्ज किया।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

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Congress poster spotted in Cambridge Analytica CEO Nix’s London office

Though the Congress has denied it has any links with Cambridge Analytica, the company accused of stealing Facebook data to influence elections, a documentary released last year by journalist and tech blogger Jamie Bartlett throws up an image the Congress may have hard time to explain.

The Persuasion Machine, the last of the two-part documentary series for the BBC, ‘Secrets of the SIlicon Valley’, shows Bartlett meeting Cambridge Analytica’s now-suspended CEO Alexander Nix in his London office. As Bartlett enters Nix’s room, he stands up and greets him. Right behind Nix, on the wall, is a poster showing the ‘hand’ symbol of the Congress party. Below the hand is written “Congress” in bold letters. The poster carries the slogan ‘Development for all’.

Bartlett’s documentary probes the role of technology in the election campaign of US President Donald Trump. Nix is one of the many people he interviews. Though Nix says nothing about the operations of Cambridge Analytica in India and talks about only the Trump campaign, the Congress poster on the wall behind him looks like proud showcasing of a big client.

In ‘The Persuasion Machine’, Bartlett narrates how Silicon Valley has opened a new frontier—controlling political expression and behaviour of the masses. “It was the biggest political earthquake of the century. But just how did Donald Trump defy the predictions of political pundits and pollsters?” begins Bartlett.

BJP Minister Smriti Irani shares this picture from her official Twitter handle and disclose this important news with mentioning economictimes article.

After Nix explains how the company created psychographic profiles of voters, Bartlett asks, “Where did all the information to predict voters’ personalities come from?” Nix says,”Very originally, we used a combination of telephone surveys and then we used a number of online platforms for gathering questions. As we started to gather more data, we started to look at other platforms such as Facebook, for instance.”

When Bartlett wonders if some people would find it a little bit creepy to predict a voter’s personality to persuade him, Nix says, “No, I can’t. Quite the opposite. I think that the move away from blanket advertising, the move towards ever more personalised communication is a very natural progression. I think it is only going to increase.”

Justifying the company using personal data people put in the public domain, Nix gives the example of a supermarket loyalty card where people get points and the company gathers the data on consumer behaviour. But Bartlett is puzzled. “I mean, we are talking about politics and we’re talking about shopping. Are they really the same thing?” he asks. Nix replies, “The technology is the same. In the next 10 years, the sheer volumes of data that are going to be available, that are going to be driving all sorts of things including marketing and communications, is going to be a paradigm shift from where we are now and it’s going to be a revolution, and that is the way the world is moving. And, you know, I think, whether you like it or not, it is an inevitable fact.”

For more than a week, the Congress and the Bharatiya Janata Party (BJP) have traded charges, accusing each other of having been clients of Cambridge Analytica. Christopher Wylie, the Cambridge Analytica whistleblowerat the heart of the Facebook privacy scandal, told British lawmakers yesterday that he “believes” Congress was the company’s client.

The Congress denies it has anything to do with Cambridge Analytica. However, Alexander Nix was not shy of displaying the Congress poster in his own office.

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DGCA ने इंडिगो की 8 और गो एयर की 3 विमानों की उड़ान पर लगाई रोक, IndiGo की 47 उड़ानें रद्द

डीजीसीए ने खास सीरीज के प्रैट एण्ड व्हिटनी इंजन वाले 11 A-320 नियो विमानों की उड़ानों पर सोमवार को तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी. इन इंजनों में उड़ान के दौरान फेल होने की कुछ घटनाएं सामने आईं हैं. इन 11 विमानों में से आठ का संचालन इंडिगो और तीन का संचालन गो-एयर करती है. वहीं, डीजीसीए के इस फैसले के चलते इंडिगो ने मंगलवार को अपनी 47 उड़ानें रद्द कर दीं. इससे यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बड़े शहरों की रद्द की गई उड़ानें
इंडिगो ने अपनी 47 डोमेस्टिक उड़ानें रद्द करने की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की है. जिन शहरों के लिए ये उड़ानें रद्द की गई हैं, उनमें दिल्‍ली, मुंबई, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्‍वर, अमृतसर और गुवाहाटी प्रमुख हैं. इन शहरों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इस फैसले से समस्‍या हो रही है.

घटना के बाद लिया फैसला
डीजीसीए ने इंडिगो के A-320 नियो विमान के उड़ान के दौरान आसमान में ही इंजन फेल हो जाने की घटना के कुछ घंटों बाद ही यह फैसला लिया. इस विमान को इंजन फेल होने के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपातस्थिति में उतारना पड़ा था. इंडिगो के इस विमान का इंजन सोमवार को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद फेल हो गया था. विमान में 186 लोग सवार थे. यह विमान अहमदाबाद से लखनऊ जा रहा था. इसे सुबह करीब 5:30 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतारा गया था. डीजीसीए ने इस घटना को गंभीरता से लिया. विमान संचालन में सुरक्षा का हवाला देते हुए डीजीसीए ने कहा कि ईएसएन 450 से अधिक क्षमता वाले प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजन वाले A320 नियो विमानों की उड़ान पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं- डीजीसीए
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दोनों एयरलांइस इंडिगो और गो एयर से कहा है कि वे प्रैट एण्ड व्हिटनी 1100 इंजनों को विमान में नहीं लगाएं. डीजीसीए के मुताबिक, ये इंजन उनके पास स्टॉक में अतिरिक्त संख्या में उपलब्ध हैं. नियामक ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर सभी संबंद्ध पक्षों के साथ संपर्क में रहेगा. जब यूरोपीय नियामक ईएएसए और प्रैट एण्ड व्हिटनी इस मुद्दे का समाधान करेंगे वह भी स्थिति की समीक्षा करेगा.

इंडिगो के 7% विमान नहीं भर रहे उड़ान
मौजूदा समय में इंडिगो का मार्केट शेयर करीब 40% है. यह एयरलांइस 155 A320 विमानों को संचालित कर रही है. इनमें 45 A320 नियो विमान हैं, लेकिन इनमें से अब 7% विमान अब उड़ान नहीं भर रहे. वहीं गो एयर के पास 32 A320 विमान हैं. साथ ही कंपनी का मार्केट शेयर 9.6% है. डीजीसीए के गो एयर के इनमें से तीन विमानों की उड़ानों पर रोक लगाई गई है.

पहले भी हुई घटनाएं
12 मार्च को इंडिगो के अहमदाबाद से लखनऊ जा रही उड़ान को आपातस्थिति में उतारने की घटना से पहले भी ऐसे इंजनों वाले विमानों के साथ ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं. पांच मार्च को इंडिगो के A320 नियो विमान ने मुंबई से शाम को 6:40 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद 7:10 पर वापस एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग की थी. उस विमान का एक सिर्फ एक ही इंजन काम कर रहा था. 24 फरवरी को गो एयर के A320 विमान के साथ भी लेह में घटना हुई थी. उसका इंजन उड़ान के दौरान ही फेल हो गया था.