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एबी डिविलियर्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, इनके नाम दर्ज़ है ये विश्व रिकॉर्ड

डिविलियर्स ने द. अफ्रीका के लिए 114 टेस्ट 228 वनडे और 78 टी 20 मैच खेले हैं। 114 टेस्ट मैचों में 8765 रन बनाए हैं जिसमें 22 शतक और 46 अर्धशतक बनाए हैं। वे एक बेहतरीन बल्लेबाज के साथ ही एक शानदार विकेट कीपर भी रह चुके हैं।

एक वीडियो संदेश में कहा कि वे दक्षिण अफ्रीका और दुनियाभर में अपने फैंस के शुक्रगुजार हैं। एबी ने कहा अब समय आ गया है जब दूसरे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। ईमानदारी से कहूं तो मैं अब थक गया हूं। ये एक मुश्किल निर्णय है और मैने ये फैसला काफी सोच समझकर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि  मैं अपने संन्यास का एलान बेहतरीन क्रिकेट खेलते हुए करना चाहता था। हालांकि वे घरेलू क्रिकेट के लिए उपलब्ध रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक लगाने का रिकॉर्ड भी ए बी डिविलियर्स के नाम ही है। ये कमाल उन्होंने 18 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 31 गेंदों में शतक लगाकर किया था। डीविलियर्स ने कोरी एंडरसन के 36 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर ये रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 16 छक्कों और 9 चौके की मदद से वनडे का यह कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मैच में कुल 149 रन बनाए थे।

एबी डीविलियर्स के नाम 31 गेंदों में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तो है ही इसके अलावा सबसे तेज 150 रनों का रिकॉर्ड भी डीविलियर्स के ही नाम पर है। साल 2015 विश्व कप में डीविलियर्स ने सिडनी के मैदान पर 64 गेंदों में 150 रन ठोककर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। उन्होंने इस दौरान नाबाद 66 गेंदों में 162 रन बनाए थे जिसमें 17 चौके और 8 छक्के शामिल थे।

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Resume of Elon Musk: ऐसा है एलन मस्क का एक पेज का रिज्यूमे, 13 हजार करोड़ के हैं मालिक

कहा जाता है कि रेज्यूमे हमेशा साधारण और सरल भाषा में होना चाहिए. जी हां दुनिया के 54वें अमीर आदमी ने भी कुछ ऐसा ही रेज्यूमे बनाया है. आइए देखते हैं कैसा है इस शख्स का रेज्यूमे

हम बात कर रहे हैं दुनिया के 54वें अमीर आदमी एलन मस्क की, जो अमेरिकी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स और टेस्ला के संस्थापक हैं. उन्होंने अपना रेज्यूमे एक पेज का बना रखा है, जो आपको प्रभावित कर सकता है.

एलन मस्क ने अपने रेज्यूमे में एजुकेशन क्वालीफिकेशन, स्किल्स, प्रोफेशनल एचीवमेंट्स और इंट्रेस्ट के बारे में भी लिखा है. उन्होंने अपने रेज्यूमे को इस तरह से डिजाइन किया है कि एक पेज में उन्होंने अपनी सारी जानकारी डाल दी.

इस बात पर भले ही लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर उन्हें रेज्यूमे की क्या आवश्यकता है, लेकिन नोवोरेज्यूमे की ओर से पोस्ट किया गया ये रेज्यूमे आपको भी प्रेरित कर सकता है. साथ ही इस रेज्यूमे की डिजाइन से आप भी अपना रेज्यूमे बना सकते हैं.

मस्क की कुल संपति 20.3 बिलियन डॉलर यानि करीब 13 हजार करोड़ रुपये है.

वे साउथ अफ्रीका में बड़े हुए और 17 साल की उम्र में कनाडा आ गए. उसके बाद अमेरिका में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्नसेलवेनिआ में पढ़ाई की है.

मस्क पहले पे-पाल के को-फाउंडर थे.

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India vs South Africa 3rd T20: निर्णायक मैच में भारत ने दर्ज की 7 रन से जीत, सीरीज पर किया 2-1 से कब्जा

गेंदबाजों के संघर्ष भरे प्रदर्शन के दम पर भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार (24 फरवरी) को न्यूलैंड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को सात रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन टी-20 मैचों की सीरीज पर 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में दक्षिण अफ्रीका को 173 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे हासिल करने में मेजबान टीम केवल सात रनों से चूक गई।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने अपना पहला विकेट जल्द ही गंवा दिया। रीजा हैंड्रिक्स (7) भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर शिखर धवन के हाथों कैच आउट हुए। सलामी बल्लेबाज डेविड मिलर (24) ने इसके बाद कप्तान जीन पॉल ड्युम्नी (55) के साथ मिलकर 35 रनों की साझेदारी की, लेकिन यहां सुरेश रैना ने मिलर को 45 के कुल योग पर अक्षर पटेल के हाथों कैच आउट करवाकर मेजबान टीम का दूसरा विकेट गिराया। इस बीच, 12वें ओवर में गेंदबाजी करने आए अक्षर पटेल ने पहली ही गेंद पर हेनरिक क्लासेन (7) को लगभग पवेलियन भेज दिया था, लेकिन शार्दूल ठाकुर के हाथों से कैच छूटने के साथ ही अक्षर की सारी मेहनत पर पानी फिर गया।

पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले क्लासेन के भाग्य ने दूसरी बार उनका साथ नहीं दिया। 13वें ओवर में वह हार्दिक पांड्या की गेंद पर लंबा शॉट मारने के कराण बाउंड्री के पास खड़े भुवनेश्वर के हाथों में कैच थमा बैठे। कप्तान ड्युम्नी (55) ने इसके बाद इस मैच से टी-20 प्रारूप में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी क्रिस्टियन जोंकर (49) के साथ मिलकर 30 रनों की साझेदारी की और टीम को 100 के आंकड़े के पार पहुंचाया।

इस बीच, ड्युम्नी ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया। हालांकि, वह अर्धशतक के बाद ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। शार्दूल ने भारत की जीत में परेशानी बनकर खड़े ड्युम्नी को रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट करा मेहमान टीम को बड़ी सफलता दिलाई। जसप्रीत बुमराह ने क्रिस मौरिस को 114 के स्कोर पर बोल्ड कर मेजबान टीम का पांचवां विकेट भी गिरा दिया। दक्षिण अफ्रीका अब अपने लक्ष्य से दूर होती जा रही थी। यहां अपना पहला टी-20 मैच खेल रहे जोंकर ने 18वें ओवर में 18 रन बनाने के साथ ही मेजबान टीम को एक आस दे दी।

दक्षिण अफ्रीका को अब 12 गेंदों में 35 रन बनाने थे। ऐसे में उसे हर गेंद में तीन रन बनाने थे। जोंकर ने फरहान बेहरदीन (नाबाद 15) के साथ 51 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी की, लेकिन वह अपने लक्ष्य को हासिल करने से केवल सात रन दूर रह गए। अंतिम गेंद पर भुवनेश्वर ने जोंकर रोहित के हाथों कैच आउट करा दिया। उन्होंने 24 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए।

भारत के लिए भुवनेश्वर ने सबसे अधिक दो विकेट लिए, वहीं बुमराह, शार्दूल, पांड्या और रैना को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले, बल्लेबाजी करने वाली भारतीय टीम के लिए पारी की शुरूआत डगमगाई हुई रही। विराट कोहली के स्थान पर टीम की कमान संभाल रहे रोहित (11) जल्दी ही पवेलियन लौट गए। उन्हें जूनियर डाला ने पगबाधा आउट कर मेहमान टीम की पहला विकेट गिराया।

इस बीच, क्रिस मौरिस ने छठे ओवर में शिखर धवन (47) को लगभग पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन शम्सी ने कैच चूक कर धवन को जीवनदान दिया। इसके बाद, धवन ने रैना (43) के साथ 65 रनों की शानदार अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को 79 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर रैना को तबरेज शम्सी ने आउट किया। रैना लंबा शॉट मारने की कोशिश में बाउंड्री पर खड़े बेहरादीन के हाथों लपके गए। एक बार फिर धवन की किस्मत मे उनका साथ दिया। 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर एक बार फिर शम्सी धवन को कैच करने का अवसर चूक गए। हालांकि, पिछले मैच में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले मनीष पांडे (13) को जीवनदान नहीं मिल पाया।

पिछले दो मैचों में भारतीय बल्लेबाजों के लिए परेशानी का सबब बने रहने वाले डाल की गेंद पर पांडे लंबा शॉट लगाकर चौका लगाने की आस में मिलर के हाथों लपके गए। दो बार अच्छी किस्मत से बचने वाले धवन भी इसके बाद ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक पाए। वह डाला की ही गेंद पर रन आउट हो गए। धवन के आउट होने के बाद पांड्या (21) और महेंद्र सिंह धौनी (12) ने टीम की पारी संभाली। दोनों ने 25 रन ही जोड़े थे कि एक बार फिर परेशानी बनकर खड़े हुए डाला ने इस बार धौनी को अपना शिकार बनाया। धौनी मिलर के हाथों कैच आउट हुए। धौनी जब आउट हुए, तब टीम का स्कोर 151 था।

धौनी के आउट होने के बाद मौरिस ने पांड्या को अधिक देर तक मैदान पर नहीं टिकने दिया। पांड्या विकेट के पीछे खड़े हेनरिक क्लासेन के हाथों लपके गए। मौरिस ने इसके बाद दिनेश कार्तिक (13) को भी पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद अक्षर पटेल (नाबाद 1) और भुवनेश्वर (नाबाद 3) ने टीम को निर्धारित ओवर समाप्त होने तक 172 के स्कोर तक पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका के लिए इस पारी में डाला ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। इसके अलावा, मौरिस को दो और शम्सी को एक सफलता मिली।

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IND VS SA: भारतीय महिलाओं की दूसरे टी-20 में नौ विकेट से जीत

मिताली राज (नाबाद 76) और स्मृति मंधाना (57) की बल्लेबाजी के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए शुक्रवार को बफेलो पार्क में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम को नौ विकेट से हरा दिया. पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीकी टीम 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 142 रन ही बना सकी थी. इस आसान से लक्ष्य को भारतीय महिलाओं ने एक विकेट खोकर 19.1 ओवर में हासिल कर लिया. भारतीय कप्तान मिताली राज लगातार दूसरे मैच में वीमैन ऑफ द मैच रहीं. अब भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे हो गई है.

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मैच की बात करें, तो आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ने मंधाना के रूप में एकमात्र विकेट गंवाया. मंधाना ने मिताली के साथ पहले विकेट के लिए 106 रन जोड़े. उनका विकेट मोसेलिने डेनियल्स ने लिया. मंधाना ने 42 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए. इसके बाद मिताली ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 7) के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई. मिताली ने अपनी पारी में 61 गेंदों का सामना किया और आठ चौके जड़े.

 

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इससे पहले, भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और उनकी गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया. 29 के कुल स्कोर पर लिजेली ली (15) को शिखा पांडे ने अपना शिकार बनाया. कप्तान डेन वान निएकेर्क भी सिर्फ 15 रन ही बना सकीं और पूजा वस्त्राकर का शिकार बनीं. यहां से भारतीय गेंदबाज लगातार विकेट लेती रहीं और मेजबान टीम बड़ा स्कोर बनाने से चूक गई. उसके लिए सबसे ज्यादा 26 रन नेडलिने डी केर्क ने बनाए. भारत के लिए अनुजा पाटिल और पूनम यादव ने दो-दो विकेट लिए। वस्त्राकर और शिखा को एक-एक विकेट मिला
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भारत ने साउथ अफ्रीका को 8 विकेट से हराया, सीरीज पर किया 5-1 से कब्जा

कप्तान विराट कोहली की रिकार्डतोड़ पारी और 35वें वनडे शतक की मदद से भारत ने छठे और आखिरी मैच में आज दक्षिण अफ्रीका को आठ विकेट से हराकर श्रृंखला 5.1 से जीत ली । दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर भारत ने यह पहली श्रृंखला जीती है और उपमहाद्वीप के बाहर यह सबसे बड़ी जीत है । भारत ने जीत के लिये 205 रन का लक्ष्य 32.1 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया । कोहली ने 96 गेंद में नाबाद 129 रन बनाये जो इस श्रृंखला में उनका तीसरा शतक है । दक्षिण अफ्रीका को पिछले 17 साल में अपनी धरती पर द्विपक्षीय श्रृंखला में सबसे करारी हार मिली है । पिछली बार वह 2001-02 में आस्ट्रेलिया से 1-5 से हारी थी ।

सीरीज में कुलदीप आैर चहल ने निभाया बखूबी साथ
भारतीय कप्तान ने दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण को धता बताते हुए गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर धुना । वह द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला में 558 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने रोहित शर्मा का 491 रन का रिकार्ड तोड़ा जो उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था । वह वनडे क्रिकेट में सिर्फ 200 पारियों में सबसे तेजी से 9500 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए । कोहली ने अपना 35वां शतक सिर्फ 82 गेंदों में पूरा किया जिसमें 19 चौके और दो छक्के लगाये । टेस्ट श्रृंखला में मिली हार के बाद आलोचना झेल रहे कोहली ने वनडे श्रृंखला में मोर्चे से अगुवाई की । कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने क्रमश: 16 और 17 विकेट लेकर उनका बखूबी साथ निभाया ।

204 पर ढेर हुई अफ्रीकी टीम
इससे पहले युवा तेज गेंदबाज शरदुल ठाकुर ने श्रृंखला में पहली बार खेलते हुए चार विकेट लिये जिसकी मदद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 204 रन पर आउट कर दिया। ठाकुर ने 52 रन देकर चार विकेट लिये । उन्हें भुवनेश्वर कुमार की जगह उतारा गया था । स्पिनर कुलदीप यादव ने एक और युजवेंद्र चहल ने दो विकेट लिये । दोनों ने मिलकर छह मैचों की श्रृंखला में 33 विकेट ले लिए हैं । एडेन मार्करेम ( 24 ) और हाशिम अमला ( 10 ) ने धीमी शुरूआत की । ठाकुर ने पहले स्पैल में ही अपने तेवर जाहिर कर दिये थे हालांकि मार्करेम ने उन्हें दो चौके जड़े थे । जसप्रीत बुमराह ने दूसरे छोर से रनगति पर अंकुश लगाये रखा । दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिये 23 रन जोड़े लेकिन अमला को ठाकुर ने विकेट के पीछे लपकवाकर पवेलियन भेजा ।  मार्कराम कवर में श्रेयस अय्यर को कैच देकर लौटे । इसके बाद एबी डिविलियर्स ( 30 ) और खाया जोंडो ( 54 ) ने तीसरे विकेट के लिये 62 रन जोड़े । दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन बनाये ।  जोंडो ने चहल को एक ओवर में दो छक्के लगाये । दोनों ने 50 रन की साझेदारी 52 गेंद में पूरी की । दक्षिण अफ्रीका ने 19वें ओवर में 100 रन पूरे किये ।

ऐसा लग रहा था कि दक्षिण अफ्रीका बड़े स्कोर की ओर बढ रहा है लेकिन चहल ने 21वें ओवर में डिविलियर्स को बोल्ड करके मेजबान के मंसूबों पर पानी फेर दिया । इस बीच 57 गेंदों में कोई चौका नहीं लगा और डिविलियर्स के आउट होने के बाद रनगति पर अंकुश लग गया । इस बीच जोंडो और हेनरिच क्लासेन ( 22 ) ने 58 गेंद में सिर्फ 30 रन जोड़े ।  क्लासेन को बुमराह ने रवाना किया जिनका कैच शार्टकवर पर विराट कोहली ने लपका । इसके बाद फरहान फरहान बेहार्डियन को ठाकुर ने आउट किया । बुमराह ने उनका शानदार कैच थर्डमैन पर पकड़ा । दक्षिण अफ्रीका ने छह गेंद के भीतर दो विकेट गंवा दिये और 32वें ओवर में स्कोर पांच विकेट पर 136 रन था । क्रिस मौरिस ( 4 ) को दो ओवर बाद यादव ने आउट किया । जोंडो और एंडिले पी ( 34 ) ने अपनी ओर से रनगति बढाने की कोशिश की । जोंडो ने अपना पहला वनडे अर्धशतक 67 गेंद में पूरा किया ।

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INDvsSA : 5 हीरो जिन्होंने दिलाई टीम इंडिया को कभी न भूलने वाली जीत

टीम इंडिया को आखिरकार वह जीत मिल ही गई, जिसके लिए टीम पिछले 26 साल से इंतजार कर रही थी. टेस्ट सीरीज में पहले दो टेस्ट बुरी तरह हारने के बाद टीम इंडिया का टेस्ट सीरीज जीतने का सपना टूट गया. लेकिन जोहानिसगबर्ग में तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया को मिली जीत के बाद सब कुछ बदल गया. टीम ने छह मैचों की सीरीज के 5वें मैच में ही सभी हार और इतिहास को भुलाते हुए अफ्रीका को पहली बार उसकी ही धरती पर धूल चटा दी. टीम को इस जीत के लिए 26 साल लंबा इंतजार करना पड़ा.

टीम इंडिया की इस जीत में अगर ध्यान से देखें तो 5 खिलाड़ियों का सबसे अहम योगदान रहा. विराट कोहली, शिखर धवन, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और पांचवें मैच में फॉर्म में लौटे रोहित शर्मा. एक मैच में रहाणे का बल्ला भी बोला. हालांकि टीम का मध्यक्रम इस पूरी सीरीज में बुरी तरह नाकाम साबित हुआ. ये टीम के लिए चिंता की बात होगी.

वैसे देखे जाए तो इस पूरी सीरीज में अगर शिखर धवन और विराट कोहली का बल्ला अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं गरजता तो भारत को ये ऐतिहासिक जीत शायद ही मिलती. टीम इंडिया के इन दो बल्लेबाजों ने अफ्रीका में सबसे ज्यादा रन बनाए. यही हाल गेंदबाजी में रहा. टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज इस सीरीज में कुछ खास कमाल नहीं कर सके.

1. विराट कोहली : इस सीरीज के सबसे बड़े हीरो विराट कोहली ही रहे. टेस्ट के बाद वनडे सीरीज में भी वह 5 मैचों में सबसे ज्यादा रन बना चुके हैं. उनके बल्ले ने अब तक 2 शतक और दो अर्धशतकों की मदद से 429 रन बनाए हैं. विराट दक्षिण अफ्रीका में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में 350 से अधिक रन बनाने वाले एबी डिविलियर्स के बाद दूसरे बल्लेबाज बन गए. डिविलियर्स ने 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ 367 रन बनाये थे.

2. शिखर धवन : 5 मैचों में शिखर धवन अब तक 305 रन बना चुके हैं. इसमें 2 अर्धशतक और 1 शतक शामिल है. चौथे मैच में उन्होंने अपने 100वें मैच में शतक जड़कर पहले भारतीय होने का गौरव पाया. इससे पहले अपने 100वें मैच में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शतक नहीं जड़ पाया था. इस पूरी सीरीज में वह शानदार रहे हैं.

3. युजवेंद्र चहल : युजवेंद्र चहल 5 मैचों की 5 पारियों में 14 विकेट ले चुके हैं. अफ्रीका की तेज पिचों पर किसी स्पिनर का इस तरह से विकेट लेना अचंभित कर रहा है. एक बार वह 5 विकेट भी ले चुके हैं. वह इस सीरीज में विदेशी दौरे पर किसी भी भारतीय द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा विकेटों के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं. मैच अभी बाकी हैं, हो सकता है वह इसमें कामयाब हो जाएं.

4. कुलदीप यादव : चहल और कुलदीप यादव में अफ्रीका में सबसे ज्यादा विकेट लेने की होड़ मची हुई है. कुलदीप भी 16 विकेट हासिल किए हैं.  पांचवें मैच में कुलदीप ने 4 विकेट झटके. एक ही ओवर में उन्होंने 3 विकेट लेकर अफ्रीका की कमर तोड़ दी. दोनेां की बेखोफ गेंदबाजी मैदान के अंदर ही नहीं मैदान के बाहर भी क्रिकेट विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.

5. रोहित शर्मा : वैसे तो रोहित सीरीज के चार मैचों बुरी तरह असफल रहे, लेकिन पांचवें मैच में टीम इंडिया को जीत उन्हीं के शतक की बदौलत मिली. उन्होंने मैच में सभी नाकामियों को भुलाकर 115 रनों की पारी खेली. 5 मैचों में रोहित ने 155 रन बनाए. सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के ही पहले 3 बल्लेबाज रहे.

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भारतीय क्रिकेट की धरोहर साबित हो सकते हैं पांड्या : क्लूसनर

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व हरफनमौला लांस क्लूसनर ने कहा कि हार्दिक पांड्या भारत के लिए बेहतरीन हरफनमौला साबित हो सकते हैं । पांड्या ने पहले टेस्ट में 95 गेंद में 93 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में 27 रन देकर 2 विकेट लिए ।

क्लूसनर ने कहा कि भारत की पहली पारी में उसकी बल्लेबाजी बेहतरीन थी । उसने टीम को दबाव से निकालकर दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाया । वह भारत के लिये धरोहर साबित होगा । अभी वह सीख रहा है और अगर अपनी गेंदबाजी में रफ्तार शामिल कर ले तो उम्दा हरफनमौला बन सकता है। पांड्या अपने संक्षिप्त कैरियर में ही टीम का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेटमें उनका रिकार्ड बल्ले और गेंद दोनों से शानदार है।   क्लूसनर ने कहा कि वह भविष्य में शानदार हरफनमौला साबित होगा। कई मौकों पर नाकामी भी मिलेगी लेकिन उसे सकारात्मक सोच के साथ हौसलाअफजाई की जरूरत है ।

उन्होंने कहा कि वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेले या भारतीय टीम के लिए उसके पास पास अच्छे लोग है और यह उनकी जिम्मेदारी है कि उसकी प्रतिभा को तराशें।  पांड्या ने टेस्ट श्रृंखला से पहले एकमात्र अभ्यास मैच नहीं खेला और क्लूसनर इसके हिमायती नहीं हैं ।  उन्होंने कहा कि अभ्यास मैच खेलना हमेशा अच्छा होता है । यदि भारतीय टीम उपमहाद्वीप के दौरे पर होती तो अभ्यास मैच नहीं खेलने से कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन दक्षिण अफ्रीका में खेलने से पहले अभ्यास मैच से अनुकूलन में मदद मिलती।