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PAK को ब्रह्मोस की जानकारी देता था DRDO का यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड हासिल कर चुके रुड़की के निशांत अग्रवाल, गिरफ्तार

वह ब्रह्मोस मिसाइल की गुप्त जानकारियां पाकिस्तान को पहुंचा रहा था। आशंका यह भी जताई जा रही है कि आईएसआई और अमेरिकी इंटेलिजेंस के लिए वह काम करता था। हाल ही यंग साइंटिस्ट का अवॉर्ड हासिल कर चुके निशांत अग्रवाल पर कई सनसनीखेज आरोप उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) की ओर से लगाए गए हैं। आइए, जानते हैं कथित ISI एजेंट की पूरी कहानी..
ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत हुआ अरेस्ट
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सोमवार को निशांत अग्रवाल नाम के साइंटिस्ट को नागपुर स्थित ब्रह्मोस ऐरोस्पेस सेंटर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को उत्तर प्रदेश एटीएस और मिलिटरी इंटेलिजेंस के अधिकारियों द्वारा ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
‘पाक’ के साथ इस मुल्क के लिए काम करने का आरोप
'पाक' के साथ इस मुल्क के लिए काम करने का आरोप
निशांत अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने खुफिया जानकारी को पाकिस्तान के साथ-साथ अमेरिका को भी साझा किया है। एक टीम ने उन्हें रविवार रात ट्रैक किया और सोमवार को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया।
2013 में मिशन ब्रह्मोस से जुड़े थे निशांत
2013 में मिशन ब्रह्मोस से जुड़े थे निशांत
रुड़की के रहने वाले निशांत अग्रवाल मिशन ब्रह्मोस में 31 जुलाई 2013 से काम कर रहे थे। ब्रह्मोस से पहले उन्होंने मुंबई में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ भी काम किया। निशांत ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से पढ़ाई पूरी की है।
यंग साइंटिस्ट से बन गया ISI एजेंट?
यंग साइंटिस्ट से बन गया ISI एजेंट?
कथित तौर पर आईएसआई एजेंट निशांत अग्रवाल ब्रह्मोस ऐरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजिनियर के रूप में काम करते थे। उनके पास सिस्टम इंजिनियरों, टेक्निकल सुपरवाइजर्स और टेक्निशन समेत 40 लोगों के प्रबंधन की जिम्मेदारी थी। निशांत को 2017-2018 का यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड भी मिला था।
साढ़े 11 घंटे तक ISI कनेक्शन खंगालती रही टीम
साढ़े 11 घंटे तक ISI कनेक्शन खंगालती रही टीम
निशांत के मकान मालिक मनोहर काले ने बताया कि यह इंजिनियर वर्धा रोड पर पिछले वर्ष (2017) से किराये के मकान में रह रहा था। काले ने बताया कि पुलिस टीम सुबह 5:30 बजे इमारत में पहुंची और शाम 5 बजे तक वहां रुकी।
जानिए, क्या है ब्रह्मोस ऐरोस्पेस
जानिए, क्या है ब्रह्मोस ऐरोस्पेस
ब्रह्मोस ऐरोस्पेस का गठन भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के ‘मिलिटरी इंडस्ट्रियल कंसोर्टियम’ (एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया) के बीच संयुक्त उद्यम के रूप में किया गया है। भारत और रूस के बीच 12 फरवरी, 1998 को हुए एक अंतर-सरकारी समझौते के माध्यम से यह कंपनी स्थापित की गई थी।
निशांत के मकान मालिक ने बताई यह बात
निशांत के मकान मालिक ने बताई यह बात
पाकिस्तान के साथ अहम जानकारी साझा करने के आरोपी निशांत अग्रवाल के मकान मालिक ने यह भी कहा, ‘निशांत यहां पत्नी के साथ रह रहा था और उसने यहां आने पर मुझे अपने आधार कार्ड की प्रति और अपने नियोक्ता का एक प्रमाणपत्र दिया था।’

पाकिस्तान में चैटिंग, कंप्यूटर में संदिग्ध चीजें और…

पाकिस्तान में चैटिंग, कंप्यूटर में संदिग्ध चीजें और...
यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया, ‘उसके निजी कंप्यूटर में कई संदिग्ध चीजें मिली हैं। हमें उसके खिलाफ सबूत मिला है कि वह फेसबुक पर पाकिस्तान से जुड़ी कुछ आईडी के संपर्क में है।’
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UPSC 2017 RESULT: उन होनहारों की कहानी जिन्होंने UPSC में लहराया परचम

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टि्वटर ने IIT मुंबई के एक्स स्टूडेंट पराग अग्रवाल को बनाया अपना CTO

माइक्रोब्लॉगिग साइट ट्विटर इंक ने भारत के पराग अग्रवाल को अपना चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ) नियुक्त किया है। ये जानकारी कंपनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी। बता दें कि पराग आईआईटी, मुंबई के स्टूडेंट रह चुके हैं।

– पराग ने 2011 में बतौर एड्स इंजीनियर टि्वटर को ज्वॉइन किया था। इससे पहले इस पोजिशन पर एडम मेसिंजर थे।

– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, टि्वटर के पहले सीटीओ एंटनी नोटो ने बीते महीने रिजाइन कर दिया था। अब उन्होंने ऑनलाइन लेंडर सोशल फाइनेंस (SoFi) में बतौर सीईओ ज्वाइन किया है।