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पीएम मोदी बोले, कर्तव्य के बिना अधिकार की मांग संविधान की भावना के खिलाफ

अपने कर्तव्य का निर्वाह किये बिना सिर्फ अधिकार की मांग करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। लोगों को सूचना के अधिकार के साथ-साथ ‘एक्ट राइटली’ के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। केंद्रीय सूचना आयोग के नए भवन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सशक्त और जागरूक नागरिक लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आरटीआइ कानून की तरह ही ‘एक्ट राइटली’ यानी लोगों को उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। बिना कर्तव्य के अहसास के सिर्फ अधिकार की बात करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उनके अनुसार संविधान ने नागरिकों को मौलिक अधिकार के साथ-साथ उनके कर्तव्य भी तय कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीआइसी जैसी संस्थाएं, जहां आम जनता के साथ संपर्क बहुत ज्यादा होता हो, उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने आयोग को आरटीआइ का व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल होने के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि इसे रोकने की जिम्मेदारी आयोग की है।

प्रधानमंत्री ने सशक्त और जागरूक नागरिक को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार की ओर इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इंफोर्मेशन हाईवे की दिशा में काम कर रही है। जिसमें जनता और सरकार दोनों ओर से संवाद होता है। उन्होंन इस इंफोर्मेशन हाईवे के पांच स्तंभों के बारे में विस्तार से बताया। जो सवाल, सुझाव, संवाद, काम और सूचना पर आधारित हैं।

उन्होंने बताया कि माइ गोव दुनिया का सबसे बड़ा सिटिजन इंगेजमेंट प्लेटफार्म है, जहां लोग सीधे सरकार से सवाल पूछते हैं और हमारी सरकार उनकी बात सुनने के लिए लालायित रहती है। आम लोगों के इन सुझाव पर कई बार नीतियों में बदलाव भी किये गए हैं। जनता के संवाद और उसके अनुसार काम करने के बारे में बताते हुए उन्होंने जीएसटी लागू करने के अनुभवों को साझा किया। उनके अनुसार जीएसटी के बारे में सुबह कोई शिकायत मिलती, तो शाम को ठीक करने की कोशिश की गई। हमारी सरकार के मंत्री और मंत्रालय सिर्फ एक ट्वीट पर कई समस्याओं का निपटारा कर रहा है।

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देशभर के लाखों छात्रों के लिए 10वीं में पास होना हुआ आसान, बदला गया है यह नियम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के पास होने का मानदंड बदल दिया है। अब आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी पास हो जाएंगे।

पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करने होते थे। शैक्षणिक सत्र 2017- 18 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में विभिन्न मूल्यांकन पृष्ठभूमि से आए परीक्षार्थियों की परिस्थतियों को देखते हुए सीबीएसई की परीक्षा समिति ने 16 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया है। हालांकि, पास होने का यह मानदंड सिर्फ इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए लागू रहेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष अनिता करवल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2018 में परीक्षा दे रहे दसवीं के विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव किया गया है। इसके तहत 20 अंक वाली आंतरिक परीक्षा व 80 अंक वाली विषय परीक्षा के अंकों को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।

यह नियम पांचों मुख्य विषयों के लिए लागू होगा। अगर किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय के तौर पर छठा या सातवां विषय भी लिया है, तो उन विषयों के पास होने का मानदंड भी अन्य पांचों विषयों की तरह ही रहेगा।

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GES में हिस्सा लेने पहुंची डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका, पीएम मोदी से की मुलाकात

आठवें वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (जीईसी 2017) में भाग लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप आज तड़के हैदराबाद पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इवांका ट्रंप के साथ ‘वीमेन फर्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल’ (महिला पहले, सबके लिए समृद्धि) विषय पर आधारित तीन दिवसीय सम्मेलन का आज उद्घाटन करेंगे। सभी की निगाहें इवांका की स्पीच पर टिकी हैं। 

इसके साथ ही समिट में हिस्सा लेने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ भी मुलाकात की है। इवांका विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हाथों में हाथ डाले हुए नजर आईं। 

हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एचआईसीसी)में होने वाले इस सम्मलेन में 150 देशों के 1,500 उभरते हुए उद्यमी, निवेशक और पारिस्थिकि तंत्र के समर्थक हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मलेन को अमेरिकी विदेश विभाग व अमेरिका की अन्य एजेंसियां भारत के नीति आयोग के साथ मिलकर आयोजित कर रही हैं।

इवांका ट्रंप के स्वागत के लिए हैदराबाद पूरी तरह सजकर तैयार है। हैदराबाद के सड़क, प्लाईओवर को खूबसूरत ढंग से सजाया गया है। समिट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी अतिथियों को रॉयल डिनर देंगे। इसके लिए ताज फलकनुमा होटल दुल्हन की तरह सजा है। सम्मेलन में 52.5 प्रतिशत प्रतिभागी शामिल होंगे, जो जीईएस के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा दर है। अफगानिस्तान, सऊदी अरब और इजरायल उन 10 देशों में शामिल हैं, जिनका प्रतिनिधित्व सर्व-महिला प्रतिनिधिमंडल करेंगे।

इवांका ट्रंप और पीएम मोदी करेंगे सम्मेलन का उद्धाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इवांका तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। नीति आयोग अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अन्य अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इवांका उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। वह उद्घाटन सत्र के अलावा बुधवार को भी एक अन्य सत्र को संबोधित करेंगी। सम्मेलन में महिला उद्यमियों पर फोकस किया गया है। इस बार के सम्मेलन का विषषय भी ‘वीमेन फ‌र्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल (महिला पहल, सबके लिए खुशहाली)’ रखा गया है।
चार उद्योगों पर फोकस
सम्मेलन में नवोन्मेषषकों खासकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए माहौल बनाने पर जोर होगा। चार नवोन्मेषषी और उच्च विकास वाले उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ये हैं स्वास्थ्य सेवा एवं जीव विज्ञान, डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय तकनीक, ऊर्जा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर और मीडिया एवं मनोरंजन। सम्मेलन में करीब 100 नवोन्मेषषी स्टार्टअप, उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रमुख वक्ता
सम्मेलन को कई जानीमानी हस्तियां संबोधित करेंगी। इनमें यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स, चेरी ब्लेयर फाउंडेशन फॉर वीमेन की संस्थापक चेरी ब्लेयर, फेयरफैक्स फिनांशियल होल्डिंग्स लि. के अध्यक्ष एवं सीईओ प्रेम वत्स, आईसीआईसीआई बैंक की एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर और डीआरडीओ निदेशक टेसी थॉमस प्रमुख हैं।
मानुषी छिल्लर भी होंगी शामिल
नई मिस व‌र्ल्ड मानुषी छिल्लर, अभिनेत्री सोनम कपूर एवं अदिति हैदरी, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज भी सम्मेलन की रौनक ब़़ढाएंगी।