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स्पेशल रिपोर्ट: जम्‍मू-कश्‍मीर में भाजपा ने पीडीपी से समर्थन लिया वापस, महबूबा मुफ्ती ने दिया इस्‍तीफा

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भाजपा द्वारा राज्य में सत्तासीन गठबंधन सरकार से अलग होने का एलान करने के बाद अपना इस्तीफा राज्यपाल एनएन वोहरा को सौंप दिया। राज्य सरकार के प्रवक्ता और सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने महबूबा मुफ्ती द्वारा इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि की है। इस बीच, उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता ने भी भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री महबूबा मुफती के मंत्रीमंडल में शामिल सभी मंत्रियों के इस्तीफों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब हम गठबंधन से अलग हो चुके हैं। इसलिए मंत्रीमंडल और सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं हैं। हमने अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं।

भाजपा के महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने कहा, ‘हम खंडित जनादेश में साथ आए थे। लेकिन मौजूदा समय के आकलन के बाद इस सरकार को चलाना मुश्किल हो गया था। महबूबा मुफ्ती हालात संभालने में नाकाम साबित हुईं। हम एक एजेंडे के तहत सरकार बनाई थी। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार की हर संभव मदद की। गृहमंत्री समय पर राज्य का दौरा करते रहे। सीमा पार से जो भी पाकिस्तान की सभी गतिविधियों को रोकने के लिये सरकार और सेना करती रही। लेकिन हालात सुधर नहीं रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या कर दी गई। राज्य में बोलने और प्रेस की आजादी पर खतरा हो गया है। राज्य सरकार की किसी भी मदद के लिये केंद्र सरकार करती रही। लेकिन राज्य सरकार पूरी तरह से असफल रही। जम्मू और लद्दाख में विकास का काम भी नहीं हुआ। कई विभागों ने काम की दृष्टि से अच्छा काम नहीं किया। भाजपा के लिये जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन आज जो स्थिति है उस पर नियंत्रण करने के लिये हमने फैसला किया है कि हम शासन को राज्यपाल का शासन लाएं।

राम माधव ने कहा कि रमजान के महीने में हमने सीजफायर कर दिया था। हमें उम्मीद थी कि राज्य में इसका अच्छा असर दिखेगा। यह कोई हमारी मजबूरी नहीं थी। हमने अमन के लिए ये कदम उठाया था। लेकिन इसका असर ना तो आतंकवादियों पर पड़ा और ना हुर्रियत पर। केंद्र सरकार ने घाटी में हालात संभालने के लिये पूरी कोशिश की है। आतंकवाद के खिलाफ हमने व्यापक अभियान चलाया था, जिसका हमें फायदा भी हुआ। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। घाटी में शांति स्थापित करना हमारा एजेंडा था और रहेगा।

भाजपा नेता ने मुफ्ती सरकार पर जम्‍मू-कश्‍मीर में काम ना करने देने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि पीडीपी ने विकास के कामों में अड़चन डालने का काम किया। कश्मीर में जो परिस्थिति है उसे ठीक करने के लिए, उसे काबू में करने के लिए राज्य में राज्यपाल का शासन लाया जाए। पीडीपी ने विकास के कामों में अड़चन डालने का काम किया जम्मू-कश्मीर में सीजफायर लागू करना हमारी मजबूरी नहीं थी।

जम्मू कश्मीर विधानसभा में सीटों की स्थिति
पीडीपी- 28
भाजपा- 25
नेशनल कॉन्फ्रेंस- 15
कांग्रेस- 12
अन्य- 07
कुल सीटें 87

 

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भाजपा का ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू, 50 लोगों से मिलेंगे शाह

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में केंद्र सरकार के चार साल पूरे होने पर भाजपा ने ‘संर्पक फॉर समर्थन’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से उनके घर जाकर मुलाकात की। शाह ने सुहाग को केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार की उपलब्धियों पर एक बुकलेट, एक पेन ड्राइव और इससे जुड़े अन्य साहित्य भी भेंट किये।

भाजपा के इस अभियान को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी माना जा रहा है। इसके तहत पार्टी के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और पंचायत सदस्य समेत करीब 4000 कार्यकर्ता-नेता लोगों से खुद मिलेंगे। केंद्रीय आलाकमान ने पार्टी के हर एक कार्यकर्ता को कम से कम 25 लोगों से संपर्क कर सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक भाजपा के नेता देश के एक लाख प्रमुख व्यक्तियों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे, जिसमें कला जगत, संविधान विशेषज्ञ, सेना के रिटायर्ड अधिकारी, फिल्म और धर्म जगत की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होगी।

इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के इन चार सालों के दौरान विशेषकर दो क्षेत्रों – ग्रामीण जीवन से असुविधाओं को समाप्त कर उन्हें प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने और गरीबों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में बहुत बड़ा काम हुआ है। साथ ही आने वाले पांचवें साल में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार का लक्ष्य लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देकर किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने और देश के लगभग 50 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक का बीमा देकर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करने का है।

शाह ने विगत चार वर्षो के बारे मे बताया कि दुनिया में देश के गौरव को आजादी के बाद सबसे ऊँची सतह पर प्रतिष्ठित करने का काम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है।

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Tata Motors की ई-विजन कॉम्पैक्ट सेडान से उठा पर्दा। जानिए खूबियां!?

88th जिनेवा मोटर शो में टाटा मोटर्स ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट सेडान ई-विजन को शोकेस किया है। इस मौके पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और रतन टाटा भी मौजूद थे। इस कार को टाटा मोटर्स ने ओमेगा प्लैटफॉर्म पर बनाया है। इस कार की टॉप-स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा है और कंपनी का दावा है कि यह 0-100 किलोमीटर की रफ़्तार पकड़ने के लिए सिर्फ 7 सेकेंड का समय लेगी।

ई-विजन में कंपनी ने स्लो और फास्ट चार्जिंग की सुविधा दी है। सोर्स की माने तो नई ई-विजन 2022 तक कार बाजार में दस्तक दे देगी लेकिन इसे सबसे पहले कहां लॉन्च किया जायेगा इस पार कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

टाटा मोटर्स ने नई ई-विजन सेडान को नए इंपैक्ट डिजाइन 2.0 पर बनाया है जिसकी वजह से यह फ्रेश लुक्स के साथ स्टाइलिश नज़र आती है और यहां पर कंपनी कामयाब भी हुई है। नई ई-विजन को देखकर साफ़ लगता है कि टाटा मोटर्स अपने डिजाइन सेक्शन पर काफी सीरियस होकर काम कर रही है।

नई ई-विजन कॉन्सेप्ट के साथ ही टाटा मोटर्स ने जिनेवा मोटर शो में अपने 20 साल भी पूरे कर लिए हैं। ई-विजन कॉन्सेप्ट से पहले टाटा इस ऑटो शो में आरिआ, नैनो, नैनो पिक्सल,मेगा पिक्सल और टामो रेसिमो कॉन्सेप्ट को भी उतार चुकी है।

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मेघालय में 2 सीट वाली बीजेपी बना रही NDA सरकार, आज CM पद की शपथ लेंगे कोनराड संगमा

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में आए चुनावी नतीजों के बाद अब सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मंगलवार को कोनराड संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. गौरतलब है कि एनपीपी की अगुवाई में बन रही सरकार में बीजेपी भी हिस्सेदार है. संगमा करीब सुबह 10 बजे शपथ लेंगे. कोनराड के साथ करीब 11 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले गठबंधन में हिस्सेदार HSPDP की मांग थी कि वे गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस सरकार का गठन चाहते हैं.

कोनराड संगमा, मुख्यमंत्री समेत 7 मंत्री NPP के, दोनकुपर रॉय (यूडीपी) के दो मंत्री, बीजेपी की तरफ से ए.एल. हेक मंत्री पद की शपथ लेंगे.

ऐसी है विधानसभा की स्थिति

3 मार्च को आए नतीजों में 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के खाते में 21 , एनपीपी के खाते में 19 और बीजेपी के खाते में दो सीटें आई थीं. वहीं, यूनाईटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के छह विधायक और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के दो विधायक चुने गए थे. एनसीपी और खुन हनीट्रैप नेशनल अवेकिंग मूवमेंट के खाते में एक-एक सीट आई है. इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भी चुनाव जीते हैं.

पिछड़ गई कांग्रेस

मेघालय में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 21 सीटें मिली हैं, लेकिन वह 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने से 10 सीट पीछे रह गई. कांग्रेस की ओर से पार्टी के बड़े नेता अहमद पटेल, कमलनाथ समेत चार नेता वहां पर सरकार बनाने की संभावना तलाशने गए थे, लेकिन सफल नहीं हो सके.

और बन गई बीजेपी सरकार!

वहीं, दूसरे नंबर पर रही नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के पास 19 विधायक हैं. बीजेपी (2 विधायक), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (6 विधायक), एचएसपीडीपी (2 विधायक), पीडीएफ (4 विधायक) और 1 निर्दलीय विधायक के साथ आने से इस गठबंधन के पास 34 विधायकों का समर्थन हो गया है.

कोनराड संगमा कौन हैं?

मेघालय में मजबूत नेता के रूप में सामने आए कोनराड संगमा राज्य में आठवीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं. उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक के रूप में सदन में विपक्ष का नेतृत्व किया. 27 जनवरी 1978 को जन्मे कोनराड संगमा वेस्ट गारो हिल्स जिले के सेलसेल्ला निर्वाचन क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया. इससे पहले कोनराड संगमा 2008 में मेघालय के सबसे युवा वित्त मंत्री बने थे और अभी वह मेघालय की तुरा सीट से लोकसभा सदस्य हैं.

सियासी करियर की शुरुआत

अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कोनराड संगमा 1990 दशक के अंतिम दिनों में पिता पीए संगमा के प्रचार प्रबंधक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की. उस समय पीए संगमा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में थे. बता दें कि राकांपा से विवाद के बाद अलग होकर पीए संगमा ने जुलाई 2012 में नेशनल पीपुल्स पार्टी का गठन किया था.

मेघालय विधानसभा में 2009-2013 तक कोनराड संगमा विपक्ष के नेता रहे. वह अभी तुरा सीट से लोकसभा सांसद हैं, जो उनके पिता पीए संगमा के निधन के बाद खाली हुई थी.

मेघालय में बन रही बीजेपी सरकार को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि मेघालय में बीजेपी धोखे से सत्ता आ रही है. उन्होंने कहा है कि इसी तरह से बीजेपी गोवा और मणिपुर में भी सत्ता में आई थी. राज्य के विधानसभा चुनावों में केवल दो सीटें पाने वाली बीजेपी सरकार में शामिल होने जा रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘सिर्फ 2 सीटों के साथ ही बीजेपी मेघालय में अपनी सरकार बनाने में कामयाब रही. मणिपुर और गोवा की तरह, मेघालय में भी जनादेश का अपमान हुआ. सत्ता के लालच में बीजेपी बड़े पैमाने पर पैसों का इस्तेमाल करके एक अवसरवादी गठबंधन बनाने में कामयाब रही है.’

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LIVE विधानसभा चुनाव परिणाम: लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है- अमित शाह

  • त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के रुझानों में बीजेपी को भारी बढ़त25 साल से है लेफ्ट की सरकार.
  • मेघालय में रुझानों में कांग्रेस को बढ़त. राज्य में अभी है कांग्रेस की सरकार.
  • नागालैंड में बीजेपी गठबंधन और नगा पीपुल्स फ्रंट में कांटे का मुकाबला.

पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है. त्रिपुरा विधानसभा में बीजेपी की कामयाबी के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस जीत के लिए जनता का धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली है. साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में वामपंथी हिंसा में मारे गए बीजेपी के नौ कार्यकर्ताओं को यह जीत एक श्रद्धांजली है.

अमित शाहइमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
Image captionबीजेपी अध्यक्ष ने त्रिपुरा की जीत को जनता की जीत बताया है

2013 के चुनावों की बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस समय पार्टी को 1.3 फ़ीसदी वोट मिले थे और एक सीट छोड़कर सारे उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी. उन्होंने आगे कहा कि इस बार बीजेपी गठबंधन को 50 फ़ीसदी से अधिक वोट मिले हैं.

अमित शाह ने वामपंथी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “लेफ़्ट भारत के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है.”

मेघालय के चुनाव परिणामों को अमित शाह ने त्रिशंकु बताया है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि जहां विधयाक बीजेपी के साथ होंगे वहां उनकी पार्टी की सरकार बनेगी. बीजेपी के गोल्डन पीरियड पर अमित शाह ने कहा कि वह कर्नाटक, केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद आएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

त्रिपुरा

त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं. त्रिपुरा की 59 सीटों पर वोटिंग हुई है.

राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से 59 पर मतगणना हो रही है. चारीलाम सीट से मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार रामेंद्र नारायण देबर्मा के निधन की वजह से इस सीट पर 12 मार्च को मतदान होगा.

माणिक सरकार, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018
Image captionमाणिक सरकार

त्रिपुरा में साल 1993 से ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है और पिछले 20 सालों से राज्य की बागडोर मुख्यमंत्री माणिक सरकार के हाथों में है. हालांकि इस बार शुरुआती रुझानों में इस बार बीजेपी माकपा को टक्कर देती दिख रही है. यहां बीजेपी ने क्षेत्रीय दल इंडीजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है.

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी. तब बीजेपी को यहां केवल 1.87 फ़ीसदी वोट मिले थे और वो एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. वहीं माकपा को 49 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस को 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था.

पूर्वोत्तर विधानसभा चुनाव नतीजे, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018

नागालैंड

नागालैंड में 59 सीटों के लिए हुए चुनाव में 193 उम्मीदवार मैदान में हैं.

नगालैंड में बीजेपी इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी. बीजेपी ने 20 जबकि एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे.

विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया.

कांग्रेस राज्य पर एक दशक से राज कर रही है. पार्टी ने इस बार भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे.

कांग्रेस ने 2013 चुनाव में 29 सीटें हासिल की थी. राज्य के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा इस बार दो विधानसभाओं अमपाती और सोंगसक से चुनाव में उतरे और दोनों ही सीटें उन्होंने जीत लीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDILEEP SHARMA-BBC

मेघालय

मेघालय विधानसभा की 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवार मैदान में हैं.

मेघालय में इस बार 84 फ़ीसदी मतदान हुआ है. सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा बीजेपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में है.

साल 2013 के चुनाव में भाजपा ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था. एनपीपी को 32 में से मात्र दो सीटें मिली थीं.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC

सभी राज्यों में मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई. त्रिपुरा में 18 फ़रवरी को वोट डाले गए थे, जबकि मेघालय और नगालैंड में 27 फ़रवरी को मतदान हुआ था.

तीनों राज्यों में कुल 857 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है.

इन राज्यों में सबसे ज्यादा नज़रें त्रिपुरा पर टिकी हैं, जहां पिछले 25 सालों से वाम दलों का शासन है. केरल के अलावा लेफ्ट की सरकार बस इसी राज्य में है. अगर त्रिपुरा में वामपंथियों की हार होती है तो उनके लिए यहां एक युग का अंत हो जाएगा.

त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड विधानसभा चुनाव 2018इमेज कॉपीरइटDEBALIN ROY/BBC
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टेरर से जंग किसी धर्म के खिलाफ नहीं: मोदी

कट्टरपंथ और आतंक के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ लड़ाई किसी पंथ के खिलाफ नहीं बल्कि युवाओं को गुमराह करने वाली मानसिकता के खिलाफ है।

पूरी खुशहाली, समग्र विकास तभी संभव है, जब मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान शरीफ हो और दूसरे हाथ में कंप्यूटर। मोदी ने यह बात एक सम्मेलन में कही, जिसमें जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय भी मौजूद थे।

शाह ने कहा कि कट्टरपंथ चिंता का विषय है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है।

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VIDEO: जब अमित शाह ने उतारी राहुल गांधी की नकल

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जंग तेज हो गई है जिसके मद्देनजर सभी राजनीतिक दल एक-दूसरे की चुटकी लेने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इन चुनावों के मद्देनजर सोमवार को कर्नाटक का दौरा किया। यहां बीदर में आयोजित नवशक्ति समावेश कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नकल उतारी। यही नहीं, उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश की जनता आपके पास 4 पीढ़ी का हिसाब मांग रही है।

‘जनता चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही’

शाह ने राहुल के अंदाज में कहा, ‘अभी राहुल बाबा कर्नाटक में घूम रहे हैं, और बड़े जोर-जोर से बोल रहे थे, मोदी जी बताओ आपने चार साल में क्या किया। शाह ने अंत में कहा “अरे राहुल बाबा क्यों इतने चिल्ला रहे हो, आप हमें पूछ रहे हो कि “मोदी जी ने चार साल में क्या किया” हमारे से हिसाब मांग रहे हो। शाह ने कहा, “राहुल बाबा इस देश की जनता आपसे चार पीढ़ी का हिसाब मांग रही है।

अमित शाह ने जनसभा में कहा कि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनती है तो पड़ोसी राज्य गोवा के साथ महादयी नदी विवाद का हल निकाला लिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने नदी के विवाद का समाधान में देरी के लिए कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र का सहयोग किया होता तो अब तक इसका हल निकल गया होता।

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PNB और Rotomac के बाद अब CBI ने तीन नए घोटालों से उठाया पर्दा, मामला दर्ज

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले और रोटोमैक घोटाले से अभी देश ठंग से उबरा भी नहीं था कि अब सीबाआई ने कई और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को उजागर किया है। इन तीन मामलों में सीबीआई ने एक ज्वैलर, एक बिजनेस मैन और एक पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है क्योंकि इनके खिलाफ तीन अलग अलग बैंकों ने शिकायत दर्ज कराई है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है।

ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में हुआ 3.9 बिलियन का फ्रॉड

गुरुवार को सीबीआई ने कथित धोखाधड़ी के इस मामले में द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। 389.85 करोड़ रुपये का यह कथित कर्ज घोटाला ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में हुआ है। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने आरोप लगाया है कि दिल्ली जौहरी द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल और उसके मालिक सभ्या सेठ ने उन्हें धोखा दिया। उनको दिया गया लोन 2014 में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गया, लेकिन बैंक ने पिछले साल 16 अगस्त को ही एजेंसी से संपर्क किया था, जब कंपनी ने अपना कारोबार समेट लिया और सेठ देश से भाग गए। सभ्या की कंपनी ने ओबीसी से 2007 से 2012 के दौरान कुल 389 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। बैंक की ओर से कराई गई जांच में पाया गया कि कंपनी ने लेटर ऑफ क्रेडिट का इस्तेमाल सोने और दूसरे कीमती रत्नों की खरीद का भुगतान करने के लिए किया। कंपनी ने फर्जी लेनदेन का उपयोग कर सोने और धन को देश से बाहर भेजा।

पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से नीरव मोदी और रोटोमैक ग्लोबाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पीएनबी के बाड़मेर ऑफिस ने सीबीआई का दरवाजा खटखटाया, धोखाधड़ी की शिकायतों के साथ-साथ, इन्होंने एजेंसी के समक्ष ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज कराए।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र बैंक घोटाला: सीबीआई ने बुधवार को बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत के आधार पर व्यापारी अमित सिंगला और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। बैंक ने आरोप लगाया कि जाली दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया गया और इसका गलत गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने दिल्ली के कारोबारी अमित सिंगला के खिलाफ 9.5 करोड़ रुपए के गबन का मामला दर्ज कराया है। शिकायत के मुताबिक सिंगला की कंपनी आशीर्वाद चेन ने बैंक से लोन लिया, लेकिन अब चुकाने में वो टालमटोल कर रहे हैं। सिंगला ने ये लोन कैश क्रेडिट फैसिलिटी के जरिए साल 2010 और 2012 में लिया था। आरोपी ने दिल्ली और हरियाणा में एक ही परिवार की तीन संपत्तियों को पेश किया था। लोन लेने के दौरान इन तीनों संपत्तियों का कुल मूल्य टेक महिंद्रा इंटरनेशनल की ओर से 180 मिलियन लगाया गया था।

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संसद के अपने पहले भाषण में अमित शाह ने इंदिरा गांधी को सराहा…

बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह राज्‍यसभा सांसद चुने जाने के बाद पहली बार सदन में बोले. उन्‍होंने इस दौरान इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि 1969 में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण का सराहनीय काम किया. इसी तरह उन्‍होंने लालबहादुर शास्‍त्री को याद करते हुए कहा कि 1965 में भारत-पाक युद्ध के बाद जब देश में अनाज का संकट पैदा हुआ तो तत्‍कालीन प्रधानमंत्री ने लोगों से सोमवार को एक वक्‍त का भोजन छोड़ने का आग्रह किया. उनकी अपील का व्‍यापक असर हुआ और जनता की उनके आग्रह का सम्‍मान किया. उसके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी का ही व्‍यक्तित्‍व ऐसा है कि उनके आग्रह पर कई लोगों ने कई किस्‍म की सब्सिडी छोड़ी. मसलन एक बड़े तबके ने गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ी.

पकौड़ा पॉलिटिक्‍स पर जवाब
बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने विपक्ष की ‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स पर जवाब देते हुए कहा है कि पकौड़ा बेचना कोई शर्म की बात नहीं है. यह कम से कम बेरोजगारी से तो अच्‍छा है. दरअसल कांग्रेस नेता पी चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं के पकौड़ा बेचने संबंधी पीएम के बयान पर निशाना साधा था. इसी कड़ी में अमित शाह ने कहा कि जिस तरह एक चायवाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, उसी तरह एक पकौड़े वाले की भी अगली पीढ़ी उद्योगपति बन सकती है.

‘पकौड़ा’ पॉलिटिक्‍स- पकौड़ा बेचना शर्म की बात नहीं, यह बेरोजगारी से तो अच्‍छा है: अमित शाह

अमित शाह ने कहा, ”अभी मैं चिदंबरम साहब का ट्वीट पढ़ रहा था कि मुद्रा बैंक के साथ किसी ने पकौड़े का ठेला लगा दिया, इसको रोजगारी कहते हैं? हां मैं मांगता हूं कि भीख मांगने से तो अच्‍छा है कि मोई मजदूरी कर रहा है. उसकी दूसरी पीढ़ी आगे आएगी तो उद्योगपति बनेगी.”

इसके साथ ही अमित शाह ने कहा, ‘हमारी सरकार को विरासत में गड्ढे मिला, जिसे भरने में वक्‍त लग रहा है’. उन्‍होंने आगे कहा कि, ‘2013 में देश के लोगों में भय का माहौल था. सीमा पर असुरक्षा का माहौल था. 30 साल से इस देश में अस्थिरता थी’.
राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘2013 में घोटालों-घपलों की सीरीज लोगों के दिमाग में घर कर गई थी. देश को समस्‍याओं को दूर करने के लिए हमें बहुमत मिला’.

अमित शाह द्वारा कही गईं मुख्‍य बातें…

  •     अंत्‍योदय के लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.
  •     देश में 31 करोड़ बैंक खाते खोले गए.
  •     आजादी के बाद 55 साल एक ही परिवार का देश में राज रहा.
  •     देश में 60 फीसदी लोगों के पास बैंक खाते ही नहीं थे.
  •     देश का गरीब खुद को अर्थतंत्र से जोड़ने लगा है.
  •     शास्‍त्री जी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाया.
  •     पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान को सबक सिखाने की हिम्‍मत की.
  •     घर में शौचालय न होना बड़ी त्रासदी है.
  •     लुटियंस में रहने वालों को इस दर्द का अहसास नहीं.
  •     गैस सब्सिडी छोड़ने का सार्थक अभियान चलाया गया.
  •     गरीब के घर में पैदा नहीं हुआ, लेकिन गरीबी को करीब से देखा है.
  •     देश के हर गरीब के लिए घर होना बहुत जरूरी.
  •     देश में बेरोजगारी की समस्‍या है और इससे इंकार नहीं किया जा सकता है.
  •     55 साल तक राज करने वाले बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हैं.
  •     पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण कर सराहनीय काम किया.
  •     देश में बैंकों के राष्‍ट्रीयकरण के बाद भी गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाए.
  •     देश के हर गरीब को घर देना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     बेरोजगारी से अच्‍छा है कोई युवा मेहनत कर पकौड़े बेचे.
  •     पकौड़े बेचना कोई शर्म की बात नहीं है.
  •     पकौड़ा बेचने वाले की अगली पीढ़ी उद्योगपति बनेगी.
  •     चाय बेचने वाले का बेटा इस सदन में प्रधानमंत्री बनकर बैठा है.
  •     गरीब के घर बिजली, स्‍वास्‍थ्‍य पहुंचाना हमारी सरकार का लक्ष्‍य है.
  •     50 करोड़ लोगों को बीमा देना का साहस किसी सरकार में नहीं था.
  •     देश में भाजपा सरकार को आने के बाद नदियों को जोड़ने का काम दोबारा शुरू किया गया.
  •     गरीबों का जीवन स्‍तर उठाने का काम बीजेपी ने किया.
  •     गरीबी हटाओ के नारे के साथ बहुत सरकारें आई, लेकिन गरीबों का जीवन स्‍तर सुधारने का काम बीजेपी ने किया.
  •     पहले यूरिया की कालाबाजारी होती थी. हमारी सरकार के एक फैसले ने सारी दिक्‍कतें दूर कीं.
  •     5 करोड़ 70 लाख किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिला.
  •     देश में यूरिया के 6 कारखाने बीजेपी ने शुरू किए.
  •     कई सुधार किए गए, जिसकी वजह से भारत की अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर रेटिंग सुधरी.
  •     हम ऐसे फैसले लेते हैं, जो लोगों के लिए अच्‍छे हों.
  •     किसानों को डेढ़ गुना समर्थन मूल्‍य दिया जाना.
  •     पूरे देश में जीएसटी पर राजनीति की गई.
  •     बीजेपी ने कभी जीएसटी का विरोध नहीं किया.
  •     कांग्रेस जब जीएसटी की बात करती थी, हमने विरोध नहीं किया.
  •     हम बजट भी एक फरवरी को लेकर आए, जिससे उसे लागू करने के लिए वक्‍त मिल सके.
  •     बीजेपी सरकार संवेदनशील है.
  •     कांग्रेस ने जीएसटी को गब्‍बर सिंह टैक्‍स कहा.
  •     कांग्रेस की सहमति से ही जीएसटी बिल पास हुआ.
  •     जीएसटी काउंसिल में कांग्रेस शामिल राज्‍यों ने भी अपनी राय रखी.
  •     कुछ मुद्दों पर राजनीति करने से ऊपर उठना पड़ता है.
  •     देश की सुरक्षा तब तक नहीं हो सकती, जब तक उसका जवान गरिमा से न जिए.
  •     हमारा चुनावी वादा था और हमने एक ही साल में ओआरओपी का वादा पूरा किया.
  •     सेना ने दस दिन में आतंकियों से बदला लिया.
  •     सरकार ने सर्जिकल स्‍ट्राइक की और सीमापार घुसकर अपना बदला लेकर जवान वापस आए.
  •     मोदी सरकार में सर्जिकल स्‍ट्राइक का फैसला लिया गया.
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जय शाह ने वेब पोर्टल द वायर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ की आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया

खास बातें

  1. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जय शाह ने कुछ भी ग़लत नहीं किया है
  2. गुजरात चुनावों से पहले इस विवाद के जल्दी खत्म होने के आसार नहीं
  3. इस मामले पर असली लड़ाई सियासत के मैदान में लड़ी जाएगी

नई दिल्‍ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह ने वेब पोर्टल द वायर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ की आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया है. रविवार को को जय शाह के बचाव में उतरे बीजेपी के बड़े नेता सोमवार को इस मुद्दे पर दिल्ली में ख़ामोश रहे, जबकि विपक्ष हमले पर हमला बोलता रहा. हमले की जद में अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक हैं. कांग्रेस को लग रहा है कि गुजरात चुनाव से पहले उसे वो मुद्दा मिल गया जिसकी तलाश थी. अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार में नाटकीय उछाल को लेकर दिल्ली, जयपुर और लखनऊ तीनों शहरों में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पार्टी ने अमित शाह से इस्तीफा मांगा और प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ते हुए इस मामले की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार पर ख़बर लिखने के मामले में जय शाह ने न्यूज़ वेबसाइट द वायर के ख़िलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है.

सोमवार को अपने ख़िलाफ़ छपी रिपोर्ट को लेकर जय शाह ने अहमदाबाद की कोर्ट में 100 करोड़ का केस कर दिया. रविवार को ही बीजेपी की तरफ़ से रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जय शाह ने कुछ भी ग़लत नहीं किया है, उन्होंने सारे लोन चुकाए हैं और कुछ भी ग़लत नहीं किया है. उधर सोमवार को उनके बचाव में उतरी बीजेपी दिल्ली में चुप रही, लेकिन लखनऊ में उसने जवाबी हमला बोला.

योगी सरकार में स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि गुजरात चुनावों से पहले कांग्रेस जानबूझ कर इस मामले को तूल दे रही है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल पूछा कि क्यों नेशनल हेराल्ड मामले में उन्होंने डिफेमेशन केस दायर किया था. इस राजनीतिक बयानबाज़ी से साफ है कि गुजरात चुनावों से पहले ये विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल दिखाई नहीं देते. मामला अदालत में है, लेकिन इसकी असली लड़ाई सियासत के मैदान में लड़ी जानी है, ये एहसास अब सबको है.