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अफगानिस्तान ने लगाई शर्मनाक रिकॉर्ड्स की झड़ी, तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।

भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।

चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।

पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन खेलने पर मजबूर कर दिया और दूसरी पारी में मेहमान टीम 38.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर ऑल आउट हो गई। टेस्ट मैच में ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले भारत ने वर्ष 2017 में बांग्लादेश को पारी और 239 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और उसके बाद गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में विराट की जगह रहाणे ने कप्तानी की थी और उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने इस एतिहासिल टेस्ट मैच में जीत हासिल की। इस टेस्ट मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अफगानिस्तान को भारत ने एक पारी और 262 रन से हराया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार किसी टीम के खिलाफ सिर्फ दो दिनों में ही टेस्ट मैच जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

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UPSC 2017 RESULT: उन होनहारों की कहानी जिन्होंने UPSC में लहराया परचम

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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अब से आपके वाहन में पड़ेगा नए किस्म का पेट्रोल-डीजल, जानें क्यों है खास

राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने की चुनौती से निपटने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने एक अप्रैल से राजधानी में यूरो-6 मानक के  डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर देंगी। कंपनियां इसके लिये कोई अतिरिक्त कीमत नहीं वसूलेंगी।

दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां यूरो-4  मानक ईंधन का प्रयोग बंद कर सीधे यूरो-6  मानक ईंधन को इस्तेमाल में लाया जायेगा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा मुंबई, चेन्नई,  बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे समेत 13 प्रमुख शहरों में यूरो-6 मानक ईंधन की आपूर्ति अगले साल एक जनवरी से शुरू होगी। देश के बाकी हिस्सों में यह अप्रैल 2020 से शुरू होगा।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)  के निदेशक (रिफाइनरी) बी. वी. रामगोपाल ने कहा कि सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियां आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड  कल से दिल्ली के अपने सभी 391 पेट्रोल पंपों पर यूरो-छह उत्सर्जन मानक वाले ईंधन की आपूर्ति शुरू कर देंगी।

उन्होंने कहा कि भले ही कंपनियों ने स्वच्छ ईंधन उत्पादन के लिए भारी निवेश किया है, उपभोक्ताओं के ऊपर अभी कुछ समय तक इसका बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, आश्वस्त रहिये, खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की कोई योजना नहीं है।  अभी उपभोक्ताओं से तत्काल लागत वसूलने की कोई योजना नहीं है।

लागत के हिसाब से स्वच्छ ईंधन50  पैसे प्रति लीटर महंगाहोना चाहिये। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में यूरो-6  मानक के ईंधन की आपूर्ति शुरू हो जाएगी तब लागत वसूलने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

रामगोपाल ने कहा कि दिल्ली की 9.6 लाख टन पेट्रोल तथा 12.65 लाख टन डीजल की सालाना खपत देखते हुए उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा परिशोधन संयंत्र, हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी, मध्य प्रदेश के बिना संयंत्र तथा पंजाब के बठिंडा  संयंत्र ने स्वच्छ ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अकेले पानीपत संयंत्र पर ही करीब 183  करोड़ रुपये खर्च किये गये।

उन्होंने कहा कि बाकी के संयंत्रों के उन्नयन का काम चल रहा है। वर्ष 2015 में निर्णय लिया गया था कि यूरो6  मानक के अनुकूल ईंधन की आपूर्ति पूरे देश में एक अप्रैल 2020 से शुरू की जायेगी  हालांकि, जहरीली धुंध की समस्या को देखते हुए दिल्ली में इसे पहले ही किया जा रहा है।

गोपाल ने कहा कि स्वच्छ यूरो6  मानक के ईंधन तथा पुराने इंजन के इस्तेमाल से पार्टिकुलेट उत्सर्जन में10 से 20  प्रतिशत की कमी आएगी। इसका पूरा लाभ उठाने के लिए यूरो6 मानक के इंजनों की भी जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, यूरो6 मानक के ईंधन की आपूर्ति कल से शुरू हो जाने से वाहन निर्माता कंपनियों को यह भरोसा मिलेगा कि स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में सुचारू आपूर्ति के लिए आईओसी मथुरा और पानीपत संयंत्रों से स्वच्छ ईंधन मंगाएगी। एचपीसीएल की बठिंडा स्थित संयुक्त संयंत्र तथा बीपीसीएलबीना  संयंत्र से ईंधन मंगाएगी।

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।

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सरकार ने चीनी पर खत्म की एक्सपोर्ट ड्यूटी, इंडस्ट्री को मिली राहत

सरकार ने डॉमेस्टिक मार्केट में चीनी की गिरती कीमतों को थामने के लिए उस पर 20 फीसदी एक्सपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। सरकार के इस फैसले से शुगर इंडस्ट्री को खासी राहत मिली है, जो इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने कहा कि ड्यूटी खत्म होने से सरकार को मौजूदा एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर सालाना 75 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

 

इंडस्ट्री ने की थी डिमांड
इंडस्ट्री ने डॉमेस्टिक सप्लाई को थामने और इस सीजन रिकॉर्ड आउटपुट को देखते हुए कीमतों को सही लेवल पर बनाए रखने में मदद करने के लिए ड्यूटी हटाने की मांग की थी। चीनी पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को हटाने की मांग को लेकर खाद्य मंत्रालय ने दो बार अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी थी। चीनी मिलों के ऑर्गनाइजेशन ने भी  सरकार से एक्सपोर्ट ड्यूटी हटाने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कुछ दिन पहले कहा था कि रिकॉर्ड प्रोडक्शन को देखते हुए उन्होंने फरवरी में चीनी का निर्यात शुल्क घटाने की अपनी सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजी है।

 

इस साल चीनी के रिकॉर्ड प्रोडक्शन की उम्मीद
चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के मुताबिक देश में इस साल चीनी का उत्पादन 2.95 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जो गत साल से 92 लाख टन ज्यादा है। चीनी के तीन प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में क्रमश: 93.8 लाख टन, 84.3 लाख टन और 35.1 लाख टन चीनी का प्रोडक्शन हुआ है। पिछले शुगर सीजन 2016-17 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में 2.03 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

 

किसानों का बकाया हुआ 20 हजार करोड़ रु
इस्मा ने कहा कि चीनी का स्टॉक बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमत घटकर काफी कम हो गई है जिससे मिलों का घाटा लगातार बढ़ रहा है। इस्मा के मुताबिक, जनवरी तक गन्ने की बकाया राशि बढ़कर 14,000 करोड़ रुपए थी जो इस महीने के अंत तक बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है।

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Box Office पर इस हफ़्ते पड़ेगी Raid, जानिये कितना माल बरामद होगा

अजय देवगन ने रोमांटिक फिल्मों से अपना फिल्मी सफ़र शुरू किया था और फिर एक्शन, इमोशन से लेकर कॉमेडी में भी हाथ आजमाया। रियलिस्टिक फिल्मों में भी उनका खासा दखल रहा और अब वो बड़े परदे पर एक और सच्ची कहानी लेकर आ रहे हैं फिल्म रेड के जरिये।

‘नो वन किल्ड जेसिका और आमिर जैसी फिल्म बनाने वाले निर्देशक राजकुमार गुप्ता रेड (Raid) इसी हफ़्ते यानि 16 मार्च रिलीज़ हो रही है। फिल्म के नाम से ही तय है कि ये कहानी छापामारी की है। इस बार मामला आयकर विभाग से जुड़ा है और कहानी भी उसी इनकम टैक्स के रेड की है, जिसके बारे में सुनकर बड़े बड़े मालदार हिल जाते हैं। फिल्म रेड, 1981 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है। फिल्म में अजय इनकम टैक्स ऑफिसर बने हैं और उनकी भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम है।

…ये कहानी है लखनऊ के इनकम टैक्स कमिश्नर शारदा प्रसाद पांडे की, जिसने साल 1981 में लखनऊ के बड़े उद्योगपति सरदार इंदर सिंह के यहां छापा मारा था। इस दौरान 420 करोड़ रूपये मूल्य के गहने और कैश की संपत्ति बरामद की गई। करीब 18 घंटे तक चली इस रेड में नोट गिनने के लिए 45 लोग लगे थे।…

फिल्म में इलियाना डिक्रूज़, अजय की पत्नी के किरदार में हैं और फिल्म सौरभ शुक्ला, अमित सयाल और पुष्पा जोशी का बड़ा रोल है। इस फिल्म की कहानी ‘पिंक’ जैसी बेहतरीन फिल्म के राइटर रितेश शाह ने लिखी है। फिल्म रेड में अजय का काफ़ी इंटेंस लुक दिख रहा है। अजय की पिछली फिल्म गोलमाल रिटर्न्स के फैन्स के लिए ये काफ़ी अलग फिल्म होगी लेकिन अजय देवगन को ऐसे किरदार बहुत सूट करते हैं ये सभी जानते हैं। करीब दो घंटे की इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने यू/ए सर्टिफिकेट के साथ पास किया है।

पाकिस्तान ने फिल्म रेड को अपने यहाँ रिलीज़ की हरी झंडी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक रेड को दस करोड़ के प्रचार खर्च के साथ करीब 40 करोड़ रूपये में बनाया गया है और इसे देश भर में 2500 से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया जाएगा। ट्रेड सर्किल के मुताबिक फिल्म को पहले दिन 10 से 12 करोड़ रूपये के कलेक्शन का अनुमान है। रेड के लिए सबसे ख़ास बात ये है कि इसके साथ इस हफ़्ते को भी आल इंडिया रिलीज़ नहीं है और अगले हफ़्ते भी रानी मुखर्जी की हिचकी को छोड़ कर कोई बड़ी फिल्म नहीं है। हां, सोनू के टीटू की स्वीटी का अच्छा बिज़नेस थोड़ा प्रभावित कर सकता है।

अजय देवगन की पिछले साल आई फिल्म गोलमाल अगेन ने पहले दिन 30 करोड़ 14 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।

अजय देवगन-इलियाना डिक्रूज़ के कम्बीनेशन वाली बादशाहो ने पहले दिन 12 करोड़ 60 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।

राजकुमार गुप्ता की नो वन किल्ड जेसिका को पहले दिन तीन करोड़ 25 लाख रूपये की कमाई हुई थी।

वैसे अजय देवगन, अक्षय कुमार की तरह सोशल रेस्पोंसिबिल्टी निभाने वाली फिल्मों की तरफ़ तो नहीं मुड़े हैं लेकिन सच्ची घटनाओं से जुड़े सस्पेंस और थ्रिलर में उनकी ख़ासी दिलचस्पी रही है।

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काठमांडू विमान हादसा: तो क्या पायलट की ग़लती से गई 49 लोगों की जान?

नेपाल की राजधानी काठमांडू में त्रिभुवन एयरपोर्ट पर सोमवार को हुए विमान हादसे में 49 लोग मारे गए.

ये हादसा बांग्लादेश की निजी एयरलाइन ‘यूएस-बांग्ला’ के एक विमान के एयरपोर्ट पर हुई क्रैश लैंडिंग की वजह से हुआ.

हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू होने से पहले आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं.

हादसे के लिए नेपाल एयरपोर्ट अथॉरिटी और यूएस बांग्ला एयरलाइंस एक-दूसरे को ज़िम्मेदार बता रहे हैं. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के मद्देनज़र जिस एक शख़्स की तरफ सबकी निगाहें जा रही हैं, वो हैं दुर्घटनाग्रस्त विमान से ज़िंदा बच निकले पायलट आबिद हसन.

विमान हादसाइमेज कॉपीरइटAFP

किस बात को लेकर खींचतान?

यूएस बांग्ला एयरलाइंस का कहना है कि फ्लाइट के पायलट ने किसी तरह की कोई ग़लती नहीं की, नेपाल के एयरपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी से मिली जानकारी के आधार पर ही पायलट ने विमान लैंड करवाने की कोशिश की.

लेकिन नेपाल एयरपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोल इस हादसे के लिए पायलट आबिद को ज़िम्मेदार बता रहा है.

एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल संजीव गौतम ने कहा, “विमान को एयरपोर्ट के दक्षिण से रनवे पर उतरने की इजाज़त दी गई थी. लेकिन विमान उत्तर की तरफ से रनवे पर उतरा. क्योंकि विमान की असामान्य लैंडिंग हुई है, ऐसे में अभी ज़्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता.”

नेपाल में विमान हादसाइमेज कॉपीरइटAFP

विमान हादसा: पायलट और ट्रैफिक कंट्रोल की बातचीत

ढाका में यूएस बांग्ला एयरलाइंस के सीईओ आसिफ़ इमरान ने हादसे के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

आसिफ इमरान ने कहा, “हादसे से पहले विमान पायलट और काठमांडू एयर ट्रैफिक कंट्रोल की बातचीत की एक क्लिप मिली है. ये क्लिप यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध है.

  • एयरपोर्ट ट्रैफिक कंट्रोल की तरफ से पायलट को गलत संदेश दिए गए, जिसके चलते ये एक्सीडेंट हुआ है. कंट्रोलर की तरफ से गड़बड़ी की गई.
  • तीन मिनट के भीतर ट्रैफिक कंट्रोल की तरफ से कई मैसेज पायलट को दिए गए. मुझे लगता है कि इन मैसेज के चलते पायलट उलझन में आ गया. ये भी हादसे की वजह हो सकती है.
  • पायलट को गलत दिशा में रनवे से घुसने के लिए कहा गया था.

कुछ चश्मदीदों के अलावा नेपाल मीडिया का भी कहना है कि हादसे से पहले विमान सामान्य तरीके से रनवे की तरफ नहीं आता दिखा था.

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क्या पायलट से हुई ग़लती?

अब तक मिली जानकारी की मानें तो हादसे की वजह ट्रैफिक कंट्रोल और पायलट के बीच बेहतर संवाद न होना हो सकती है.

यूएस बांग्ला की तरफ से हादसे के लिए पायलट के दोषी नहीं होने की बात कही जा रही है.

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आसिफ़ इमरान कहते हैं, ‘कैप्टन आबिद हसन ज़िंदा हैं. वो इससे पहले एयरफोर्स में थे. इससे पहले वो इंस्ट्रक्टर थे. हमने अब तक ट्रैफिक कंट्रोल और पायलट की जो बात सुनी है, हमें नहीं लगता कि पायलट ने कोई ग़लती की है. अगर आप भी वो बातचीत सुनेंगे, तो आप भी यही कहेंगे.’

बांग्लादेश सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन नईम हसन ने हादसे के बाद तीन सदस्यों की कमेटी बना दी है. ये टीम जल्द ही काठमांडू में जांच शुरू करेगी.

दुर्घटनाग्रस्त विमान हादसे के वक्त अचानक कितने नीचे आ गया था, इसकी एक झलक फ्लाइट रडार 24 के शेयर किए हुए ग्राफ से मिलती है.

फ्लाइट रडार 24 लिखता है, ‘ग्राफ से पता चलता है कि क़रीब 8 बजकर 26 मिनट पर विमान 4400 फीट की ऊंचाई पर आ गया और फ़िर 6600 फीट की ऊंचाई तक गया. और फ़िर क़रीब आठ बजकर 33 मिनट पर क्रैश हो गया.’

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हादसे के बाद विमान से ब्लैक बॉक्स को भी बरामद कर लिया गया है. ब्लैक बॉक्स के खुलने के बाद ही हादसे की सही वजह पता चल सकती है.

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मोदी से लेकर ट्रंप तक, जानें ये बड़ी हस्तियां किन स्मार्टफोन्स का करते हैं इस्तेमाल

तकनीक के क्षेत्र में स्मार्टफोन्स ने जितनी तरक्की की है वो दूसरे किसी भी गैजेट्स के लिए एक मिसाल है। स्मार्टफोन्स में आए दिन हो रहे बड़े बदलावों ने यूजर्स को हैरान कर दिया है। ऐसे में यूजर्स के दिमाग में हमेशा सवाल उठाता है कि जिन हस्तियों को वो फॉलो करते हैं वो कौन सा स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं? हम आपको कुछ चुनिंदा हस्तियों के स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहे हैं, तो डालते हैं इन नामों पर एक नजर।

नरेन्द्र मोदी- भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के उन लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं जिन्हें तकनीक के काफी लगाव है। पीएम मोदी अक्सर सुनहरे पलों को अपने फोन के कैमरे में कैद करते दिखाई देते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि भारत में सेल्फी का प्रचलन पीएम मोदी ने ही शुरू किया। पीएम मोदी को अक्सर आईफोन का इस्तेमाल करते देखा गया है। पीएम मोदी आईफोन 6 के साथ कई जगहों पर देखे गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप- दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एंड्रायड फोन का इस्तेमाल करते देखा गया है। एक खबर के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप सैमसंग गैलेक्सी एस3 का इस्तेमाल करते पाए गए हैं लेकिन हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उन्होने आईफोन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस खबर की अभी कोई भी पुष्टी नहीं हुई है।

बराक ओबामा- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और नोबेल पुरस्कार विजेता बराक ओबामा अपने कार्यकाल के दौरान ब्लैकबेरी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते नजर आए।

किम जोंग उन- उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन को अक्सर किसी मिसाइल के लॉन्च पर खुशी से झूमते देखा गया है। लेकिन फोन की बात करें जो किम जोंग उन HTC Butterfly फोन के साथ देए गए हैं। ये स्मार्टफोन HTC One का लिमिटेड एडिशन फ्लैगशिप फोन है।

यिंगलक शिनावात्रा- थाईलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा को उनके कार्यकाल के वक्त पांच स्मार्टफोन के साथ देखा गया है।

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कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा

  • फोर्ब्स जैसी तमाम मैग्जीन में आए दिन हमारे बॉलीवुड सेलेबस भी दुनियाभर के सबसे अमीर एक्टर्स की लिस्ट में कहीं ना कहीं जगह बना ही लेते हैं. बॉलीवुड स्टार्स फिल्मों के अलावा अपनी शानो-शौकत और शोहरत के लिए भी चर्चाओं में रहते हैं. प्रशंसकों की दिलचस्पी अपने चहेते सितारों की संपत्ति में भी होती है. अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन के प्रशंसक जान सकते हैं कि इस वक्त उनके फेवरेट सितारे कितनी संपत्ति के मालिक हैं…
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    दरअसल, शुक्रवार को जया बच्चन ने राज्यसभा के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल किया. नामांकन के दौरान जया की ओर से दाखिल शपथपत्र में संपत्त‍ि का विवरण भी दिया गया है. इसके मुताबिक, जया और उनके पति अमिताभ बच्चन के पास 10.01 अरब रुपये की संपत्ति है.
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    इस आधार पर कहा जा रहा है कि पिछले छह सालों के दौरान अमिताभ और जया की प्रॉपर्टी डबल हो चुकी है. 2012 में इस स्टार कपल की संपत्ति करीब 500 करोड़ रुपये थी और इस साल प्रॉपर्टी 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू चुकी है.
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    शपथ पत्र के मुताबिक, कपल के पास 460 करोड़ रुपये से ज्यादा की अचल संपत्ति है, जो 2012 के मुकाबले 152 करोड़ रुपये से दोगुनी से कुछ ज्यादा है. इसी तरह, उनके चल संपत्ति का मूल्य 2012 में करीब 343 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 540 करोड़ रुपये हो चुका है. दोनों के कई देशों के कई बैकों में अकाउंट हैं जिसमें करोड़ों रुपये जमा हैं.
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    रिपोर्ट के मुताबि‍क जया और अमिताभ के पास करीब 62 करोड़ रुपये का गोल्ड और ज्वैलरी मौजूद है. हैरानी की बात ये है कि इस मामले में अमिताभ ने जया को भी पीछे छोड़ दिया है. जहां जया के नाम पर 26 करोड़ रुपये की ज्वैलरी है वहीं अमिताभ के नाम पर 36 करोड़ रुपये से भी ज्यादा ज्वैलरी बताई जा रही है.
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    यही नहीं अमिताभ और जया के पास करीब 3.4 करोड़ और 51 लाख रुपये की घड़ि‍यां हैं. अमिताभ के पास 9 लाख रुपये से ज्यादा के पेन भी हैं.
  • कितनी प्रॉपर्टी के मालिक हैं अमिताभ-जया? शपथ पत्र में खुलासा
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    मुंबई और दिल्ली के अर्बन एरिया में कई बंगलों के अलावा इस कपल का फ्रांस में 3175 वर्ग मीटर में फैली रॉयल प्रॉपर्टी भी है. उनके पास नोएडा, भोपाल, पुणे, अहमदाबाद और गांधीनगर में संपत्ति भी मौजूद है.