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SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर विरोध में हिंसक प्रदर्शन, 8 की मौत; कई शहरों में कर्फ्यू

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एसएसी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुअा। कई जगह तोड़फोड़ व अगजनी की घटनाएं सामने अाई है। वहीं मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई है।

कई जगह ट्रेनें रोकी गई हैं। इसके अलावा कुछ शहरों में झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट में कई बदलाव हुए थे। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।

पुनर्विचार याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
केन्द्र सरकार ने एससी एसटी एक्ट में तत्काल एफआइआर और तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। सरकार ने कोर्ट से याचिका पर खुली अदालत में बहस और सुनवाई की मांग की है। याचिका में सरकार ने तर्क दिया कि फ़ैसले से कानून का उद्देश्य कमज़ोर होगा। पुनर्विचार याचिका मे सरकार ने अभियुक्त के लिए अग्रिम जमानत के रास्ते खोलने का विरोध किया और कहा कि इसका अभियुक्त दुरुपयोग करेगा और पीड़ित को धमका सकता है, साथ ही जांच भी प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कहा कि इस कानून मे अभियुक्त को अग्रिम जमानत का हक न देने से अनुच्छेद 21 में उसे मिले जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन नही होता। एससीएसटी कानून में ये 1973 मे नये अधिकार के तौर पर जोड़ा गया था।उधर एससी एसटी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आल इंडिया फ़ेडरेशन आफ एससी एसटी आर्गनाइजेशन की ओर से आज सुप्रीम कोर्ट मे अलग से नई याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट से फ़ैसले पर रोक लगाने और मामले पर विचार कर फ़ैसले मे बदलाव की मांग की गई है। याचिका पर वकील मनोज गोरकेला ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराते हुए कहा कि मामले पर नियमित क्रम मे ही सुनवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक की मौत, लगाया गया कर्फ्यू

मुरैना में विरोध प्रदर्शन में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। हिंसा के उग्र होने के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश के मुरैना शहर में जमकर हिंसा हुई। यहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की वजह से हालात बेकाबू हो गए। मुरैना में बंद समर्थकों ने बस स्टैंड, बैरियर चौराहे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो मुरैना रेलवे स्टेशन पर उपद्रव शुरू हो गया। बंद समर्थकों ने यहां पटरियों पर डेरा जमा लिया, जिसके बाद ट्रेनों की आवाजाही थम गई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, ग्‍वालियर में भारत बंद के दौरान हुई हिंसक झड़पों में 19 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई है। आईजी कानून एवं व्यवस्था मकरंद देउस्कर ने बताया कि मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर और मुरैना में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभी तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

दिल्ली में पुलिस बल पर पथराव, ठप हुए राजमार्ग

एसटी-एसी एक्ट 1989 में संशोधन के खिलाफ दिल्‍ली एनसीआर में भारत बंद ने हिंसा का रूप अख्तियार कर लिया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें हुई। इससे निपटने के लिए पुलिस ने हल्‍के बल का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने एनएच 24 और दिल्ली-देहरादून हाइवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा दिया। इससे कई राजमार्ग पर यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ठप हो गई। गाजियाबाद में रेलवे फटकी पर जाम के कारण ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

बिहार में दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जा रहा भारत बंद का असर
बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बिहार में पंजाब जाने वाली ट्रेन को रोक दिया गया है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इस बंद को राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप

राजस्थान में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। राजस्‍थान के डीजीपी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अलवर में फायरिंग हुई, जिसमें एक शख्‍स की मौत हो गई है। कुछ क्षेत्रों में पत्‍थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। हिंसक प्रदर्शन कर रहे काफी लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और धारा 144 लगा दी गई है, ताकि हालात ज्‍यादा न बिगड़ें। बाड़मेर में दलित और पुलिस में झड़प हो गई है। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू के गोले दागे। दूसरी तरफ करणी सेना भी दलितों के प्रदर्शन के विरोध में सड़कों पर उतर आई है। जिसकी वजह से दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। सड़क पर दोनों गुट भिड़ गए। बाड़मेर में वाहनों को आग लगा दी गई।

उत्तर प्रदेश में जोरदार विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में हालात बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के मरने की सूचना है। मृतक का नाम अमरीश निवासी गादला, थाना भोपा है। इसकी बॉडी जिला अस्पताल लाई गई है। रेलवे के कर्मचारी प्रताप की कमर में भी गोली लगी है, उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। उत्‍तर प्रदेश के डीआइजी ने बताया कि प्रदेश के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्‍से में ही हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 2 शख्‍स की मौत हो गई है और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश के 90 प्रतिशत हिस्‍से में शांति का माहौल है। प्रदर्शनकारियों से सख्‍ती से निपटा जा रहा है। पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। हम विश्‍वास दिलाते हैं कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। आजमगढ़ में एक बस पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी गई। मेरठ तथा आगरा व मैनपुरी में दलित संगठन से जुड़े लोग सड़क पर उतर आए हैं। कई जगह पर प्रदर्शनकारी ट्रेन के सामने खड़े हो गए हैं। एससी-एसटी एक्ट पर फैसले का आगरा में भी कई संगठनों ने काफी विरोध किया है। बसपा के कार्यकर्ता यहां शहर के सभी बाजारों में भीड़ जबरन बाजार बंद करा रही है। यह लोग विरोध में लाठी-डंडे के साथ सड़क पर उतरे और दुकानों में काफी लूटपाट करने के साथ ही महिलाओं से भी छेड़छाड़ की। एंबुलेंस में फंसे मरीजों के साथ अभद्रता की गई। शाहगंज क्षेत्र के बारह खंभा के पास लोग रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके साथ ही यहां एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में चक्का जाम किया गया है। करीब एक घण्टे से जाम के चलते रामबाग तक बड़ी संख्या में वाहनों की कतार लग गई है। जगह-जगह पर इसको लेकर प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी है।

एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद दलित संगठनों के दो अप्रैल को भारत बंद के मद्देनजर पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने चौकसी कड़ी कर दी है। पंजाब मे सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालय व बैंक सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद करने के आदेश हैं।

पंजाब में दलितों के बंद का मिलाजुला असर
एससी-एसटी एक्‍ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों द्वारा किए गए बंद के आह्वान का पंजाब के अधिकांश इलाकों में मिलाजुला असर दिख रहा है। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, बरनाला, पटियाला सहित अन्य जिलों में दलित संगठनों के लोग सक्रिय हैं। संगठनों के कार्यकर्ता तड़के से ही सड़कों पर उतर आए। अमृतसर में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने सचखंड एक्सप्रेस रोक दी, जिससे यात्री परेशान रहे। किसी भी आशंका से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के क़ड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने कल ही प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज, विश्वविद्यालयों को सोमवार को बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। सरकारी व प्राइवेट बस सेवा के साथ ही कल रात 11 बजे तक मोबाइल व डोंगल इंटरनेट सेवाएं तथा एसएमएस सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के 12 हजार अतिरिक्त जवानों को फील्ड में उतारा गया है।

झारखंड में पुलिस ने किया लाठी चार्ज
रांची में बंद समर्थक सड़क पर उतर चुके हैं। दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, रांची के आदिवासी हॉस्टल के बंद समर्थकों ने जमकर उपद्रव किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठी चार्ज किया।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट 1989 में सीधे गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला किया था। कोर्ट ने कहा था कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच हो। कोर्ट ने कहा था कि केस दर्ज करने से पहले डीएसपी स्तर का अधिकारी पूरे मामले की प्रारंभिक जांच करेगा और साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि कुछ मामलों में आरोपी को अग्रिम ज़मानत भी मिल सकती है।

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद का समर्थन

सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को बिहार में राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है। दलित संगठनों ने भी अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद का समर्थन किया है।

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कनिष्‍क गोल्‍ड के डायरेक्‍टर भूपेश जैन, नीता जैन से CBI ने की पूछताछ, 824Cr का है फ्रॉड

करीब 824 करोड़ रुपए के एसबीआई फ्रॉड मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने कनिष्‍क गोल्‍ड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्‍टर्स भूपेश जैन और नीता जैन से पूछताछ की। साथ ही सीबीआई ने कनिष्‍क गोल्‍ड के प्रमोटर्स और डायरेक्‍टर्स के खिलाफ लूक-आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। चेन्‍नई की कंपनी कनिष्‍क गोल्‍ड को 14 बैंकों के कंसोर्टियम ने लोन दिया था, जिसमें एसबीआई सबसे आगे है। यह लोन अब एनपीए घोषित हो चुका है। इस मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने एसबीआई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पीएनबी में करीब 13 हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आने के बाद फ्रॉड का यह दूसरा बड़ा मामला है।

2007 से कनिष्‍क गोल्‍ड ने लोन लेना शुरू किया 
एसबीआई की ओर से कहा गया, कनिष्क गोल्ड ने 2007 से कर्ज लेना शुरू किया और बाद में उसने अपनी क्रेडिट की सीमा बढ़वा लिया। कनिष्क का रजिस्टर्ड ऑफिस चेन्नई में है। इसके मालिक और प्रमोटर-डायरेक्टर भूपेश कुमार जैन और उनकी पत्नी नीता जैन हैं। एसबीआई ने शिकायत में कहा कि ज्वैलर ने सबसे पहले मार्च 2017 में ब्याज भुगतान में 8 सदस्य बैंकों से डिफॉल्ट किया। अप्रैल 2017 तक कनिष्क ने सभी 14 बैंकों को पेमेंट रोक दी। 5 अप्रैल 2017 को स्टॉक ऑडिट की शुरुआत के समय बैंकर्स प्रमोटर से संपर्क करने में असफल रहे।

मार्च 2017 में सामने आया डिफॉल्‍ट 
एसबीआई के मुताबिक, मार्च 2017 में कनिष्क ज्वैलरी का डिफॉल्ट सामने आया था। जब उसने 8 सदस्य बैंकों का ब्याज नहीं चुकाया। इसके बाद अप्रैल 2017 में सभी 14 बैंकों का ब्याज चुकाने में असमर्थता जताते हुए पेमेंट रोक दी। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर से संपर्क किया लेकिन वह नहीं मिले। 25 मई 2017 को कनिष्क के कॉर्पोरेट ऑफिस का दौरा करने बैंकर्स पहुंचे, लेकिन फैक्ट्री और शोरूम दोनों ही बंद थे। भूपेश जैन ने उसी दिन बैंकों को लेटर लिखकर दस्तावेजों में फर्जीवाड़े और सभी स्टॉक को हटाने के बारे में बताया। मद्रास ज्वैलर्स एंड डायमंड मर्चेंट एसोसिएशन के एक सदस्य के मुताबिक, कनिष्क गोल्ड लगातार घाटे में जा रही थी और उसके लिए काम जारी रखना संभव नहीं हो पा रहा था। मई 2017 में ही उसने घाटे से बचने के लिए अपने सभी आउटलेट्स बंद कर दिए।

SBI ने अकेले 240 करोड़ का लोन दिया
जानकारी के अनुसार एसबीआई ने ज्वैलरी कंपनी को 240 करोड़ रुपए लोन दिया था। इसके अलावा पीएनबी ने 128 करोड़, आईडीबीआई ने 49 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया ने 46 करोड़, सिंडिकेट बैंक ने 54 करोड़, यूनियन बैंक ने 53 करोड़, यूकों बैंक ने 45 करोड़, सेंट्रल बैंक ने 22 करोड़, कॉरपोरेशन बैंक ने 23 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 32 करोड़, तमिलनाडु बैंक ने 27 करोड़, एचडीएफसी बैंक ने 27 करोड़, आईसीआईसीआई बैंक ने 27 करोड़ और आंध्रा बैंक ने 32 करोड़ रुपए लोन दिया था।

नीरव मोदी केस से कैसे अलग है ये फ्रॉड?
यह मामला नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पीएनबी में किए गए फ्रॉड से अलग है। पीएनबी के मामले में लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का गलत इस्तेमाल कर बैंक से पैसे लिए गए। कनिष्‍क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के मामले में बैंक को गलत फाइनेंशियल एस्टेमेंट और रिकॉर्ड दिखाकर लोन लिया गया। कुल लोन 824 करोड़ रुपए का है, लेकिन ब्याज सहित यह र‍कम इससे कहीं ज्यादा बताई जा रही है।

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GES में हिस्सा लेने पहुंची डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका, पीएम मोदी से की मुलाकात

आठवें वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (जीईसी 2017) में भाग लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप आज तड़के हैदराबाद पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इवांका ट्रंप के साथ ‘वीमेन फर्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल’ (महिला पहले, सबके लिए समृद्धि) विषय पर आधारित तीन दिवसीय सम्मेलन का आज उद्घाटन करेंगे। सभी की निगाहें इवांका की स्पीच पर टिकी हैं। 

इसके साथ ही समिट में हिस्सा लेने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ भी मुलाकात की है। इवांका विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हाथों में हाथ डाले हुए नजर आईं। 

हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एचआईसीसी)में होने वाले इस सम्मलेन में 150 देशों के 1,500 उभरते हुए उद्यमी, निवेशक और पारिस्थिकि तंत्र के समर्थक हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मलेन को अमेरिकी विदेश विभाग व अमेरिका की अन्य एजेंसियां भारत के नीति आयोग के साथ मिलकर आयोजित कर रही हैं।

इवांका ट्रंप के स्वागत के लिए हैदराबाद पूरी तरह सजकर तैयार है। हैदराबाद के सड़क, प्लाईओवर को खूबसूरत ढंग से सजाया गया है। समिट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी अतिथियों को रॉयल डिनर देंगे। इसके लिए ताज फलकनुमा होटल दुल्हन की तरह सजा है। सम्मेलन में 52.5 प्रतिशत प्रतिभागी शामिल होंगे, जो जीईएस के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा दर है। अफगानिस्तान, सऊदी अरब और इजरायल उन 10 देशों में शामिल हैं, जिनका प्रतिनिधित्व सर्व-महिला प्रतिनिधिमंडल करेंगे।

इवांका ट्रंप और पीएम मोदी करेंगे सम्मेलन का उद्धाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इवांका तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। नीति आयोग अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अन्य अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इवांका उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। वह उद्घाटन सत्र के अलावा बुधवार को भी एक अन्य सत्र को संबोधित करेंगी। सम्मेलन में महिला उद्यमियों पर फोकस किया गया है। इस बार के सम्मेलन का विषषय भी ‘वीमेन फ‌र्स्ट, प्रॉस्पेरिटी फॉर ऑल (महिला पहल, सबके लिए खुशहाली)’ रखा गया है।
चार उद्योगों पर फोकस
सम्मेलन में नवोन्मेषषकों खासकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए माहौल बनाने पर जोर होगा। चार नवोन्मेषषी और उच्च विकास वाले उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ये हैं स्वास्थ्य सेवा एवं जीव विज्ञान, डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं वित्तीय तकनीक, ऊर्जा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर और मीडिया एवं मनोरंजन। सम्मेलन में करीब 100 नवोन्मेषषी स्टार्टअप, उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रमुख वक्ता
सम्मेलन को कई जानीमानी हस्तियां संबोधित करेंगी। इनमें यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष जॉन चैंबर्स, चेरी ब्लेयर फाउंडेशन फॉर वीमेन की संस्थापक चेरी ब्लेयर, फेयरफैक्स फिनांशियल होल्डिंग्स लि. के अध्यक्ष एवं सीईओ प्रेम वत्स, आईसीआईसीआई बैंक की एमडी एवं सीईओ चंदा कोचर और डीआरडीओ निदेशक टेसी थॉमस प्रमुख हैं।
मानुषी छिल्लर भी होंगी शामिल
नई मिस व‌र्ल्ड मानुषी छिल्लर, अभिनेत्री सोनम कपूर एवं अदिति हैदरी, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज भी सम्मेलन की रौनक ब़़ढाएंगी।