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मिलिए विजय से जिन्होने तय किया दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल से आइपीएस तक का सफर

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले विजय मूलत: एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब और अभावग्रस्त छात्रों के लिए एक ट्रस्ट भी बनाया है। ट्रस्ट के माध्यम से वह छात्रों को न सिर्फ प्रोत्साहित करते हैं बल्कि आर्थिक सहायता भी देते हैं।

दसवीं में वह महज 55 फीसद अंक से पास हुए। बारहवीं में उनके 67 फीसद अंक आए। वह किसी नौकरी की तलाश में थे। इसमें सफलता न मिलने पर वह टाइल्स का कारोबार कर रहे दोस्त के साथ व्यवसाय करने की सोच रहे थे। उनके पास व्यवसाय के लिए पैसा नहीं था।

इस कारण पिता लक्ष्मण सिंह ने नौकरी की तलाश करने को कहा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। जून 2010 में उनका चयन दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर हो गया। दिल्ली आकर उन्हें पता चला कि एक आइपीएस अफसर के पास समाज सेवा के तमाम अवसर होते हैं। उन्होंने उसी दिन ठान लिया कि अब आइपीएस ही बनना है। हालांकि, इसकी तैयारी में खर्च होने वाले पैसे का इंतजाम उनके पास नहीं था। इस कारण उन्होंने पहले दारोगा की तैयारी की। कड़ी मेहनत से दिसंबर 2010 में उनका चयन दिल्ली पुलिस में दारोगा के पद पर हो गया।

इसपद पर रहते हुए उन्हें तैयारी का समय नहीं मिल रहा था। फिर भी उन्होंने एसएससी की तैयारी प्रारंभ कर दी। उनका चयन सेंट्रल एक्साइज में हो गया, लेकिन तैनाती केरल के त्रिवेंद्रम में हो गई। सिविल सेवा की तैयारी दिल्ली में चल रही थी। त्रिवेंद्रम चले जाने से उनकी तैयारी प्रभावित होने लगी। उन्होंने फिर एसएससी की परीक्षा दी। इस बार उनका चयन इनकम टैक्स विभाग में हो गया और उनकी दिल्ली में तैनाती हो गई। इनकम टैक्स की नौकरी करने के साथ ही वह सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। 2016 उन्होंने तीसरी बार सिविल सेवा की परीक्षा दी।

संस्कृत जैसे कठिन विषय से मुख्य परीक्षा देने के बाद भी उनका साक्षात्कार के लिए चयन हो गया। वह साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन आठ अंक कम होने के कारण उनका चयन न हो सका। इसके बाद भी विजय हार नहीं माने। वह लगातार 10 घंटे की पढ़ाई नौकरी के साथ करते रहे। जिसका नतीजा है कि पांचवें प्रयास में 2018 में उनका चयन आइपीएस के लिए हुआ। उनकी इस सफलता ने न सिर्फ परिवार का बल्कि पूरे गुर्जर समाज का नाम रोशन कर दिया। रविवार को नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र में गुर्जर समाज के सफल युवाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में विजय गुर्जर को सम्मानित कर समाज खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।

अभाव व कम संसाधन कभी विजय रथ को रोक नहीं सकते। यह जरूर है कि अभाव के कारण सफलता पाने में समय लग जाता है। मेरी मां चंदा देवी और पत्नी सुनीता लगातार मेरा मनोबल बढ़ाती रहीं। अब मैं पत्नी सुनीता को सिविल सेवा की तैयारी करा रहा हूं। मैं सिपाही भी रहा हूं। इस कारण मुझे उनका दर्द पता है।

विजय गुर्जर, आइपीएस

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यात्रा तुंगनाथ-चंद्रशिला: रोमांच से भरपूर हैं तृतीय केदार के दर्शन

तुंगनाथ बहुत ही जाना-माना मंदिर है। तुंगनाथ, पंच केदार ( केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रूद्रनाथ और कल्पेश्वर) में से एक है और यह तीसरे स्थान पर आता है। ज्यादातर लोग सिर्फ केदारनाथ के बारे में ही जानते हैं लेकिन ये पांचों केदार भी उतना ही महत्व रखते हैं, जितना केदारनाथ। तुंगनाथ मंदिर से चंद्रशिला एक किलोमीटर दूर है, लेकिन चढ़ाई बहुत खड़ी है। कई बार तो लोग सिर्फ तुंगनाथ से ही वापस लौट जाते हैं। बर्फबारी की वजह से रास्ता और भी फिसलन वाला हो जाता है। चंद्रशिला पीक पर मां गंगा का मंदिर बना हुआ है और यहां से चारों तरफ बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियां दिखाई देती हैं। यहां से नंदादेवी चोटी को साफ-साफ देखा जा सकता है।

कब और कैसे पहुंचे

मार्च से नवंबर तक यहां आने के लिए सही समय है। हालांकि आ तो कभी भी सकते है, लेकिन सर्दियों में बर्फ ज्यादा होने की वजह से रास्ता बंद हो जाता है, जिससे ट्रैकिंग बढ़ जाती है।

यहां पहुंचने के दो रास्ते हैं

1. ऋषिकेश से गोपेश्वर 212 किमी और गोपेश्वर से चोपता 40 किमी।

2. ऋषिकेश से ऊखीमठ 183 किमी और ऊखीमठ से चोपता 25 किमी। ऋषिकेश से गोपेश्वर के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है। इससे आगे बस व शेयरिंग जीप व प्राइवेट टैक्सी करके भी जाया जा सकता है। नज़दीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार है जो देश के सभी हिस्सों से जुड़ा है। नज़दीकी एयरपोर्ट जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून में है।

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इटली के डॉक्टर ने किया सिर्फ 10 रुपये में हर स्टेज का कैंसर खत्म करने का दावा

इटली के एक डॉक्टर ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि कैंसर का इलाज आपके घर में ही मौजूद है। डॉक्टर टुलियो का कहना है कि कैंसर एक तरह का फंगल है और इसे बेकिंग सोडा की मदद से आसानी से खत्म किया जा सकता है। हमारे घर में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बेकिंग सोडा कैंसर को खत्म करने के लिए रामबाण है। महज 2 से 10 रुपए की कीमत पर मिलने वाले बेकिंग सोडा की मदद से इटली के डॉ टुलियो सिमोनसिनी सैकड़ों मरीजों का इलाज कर चुके हैं। उनका दावा है कि इस तरीके के उपायोग से वो अब तक सभी स्टेज के कैंसर मरीजों का इलाज कर चुके हैं और सभी लोगों पर यह दवा 100 फीसद प्रभावी है।

डॉ. टुलियो कहते हैं कि यह थेरेपी बिल्कुल हानिकारक नहीं है। अधिक से अधिक कैंसर के मामलों की दर्दनाक वास्तविकता किसी न किसी तरह से ऑन्कोलॉजी की विफलताओं से जुड़ी हुई है। हमें यह साबित करना है कि आधुनिक ऑन्कोलॉजी कैंसर रोगियों के सभी सवालों के जवाब देने में असमर्थ है। यह हमारे समय की सबसे कठिन और घातक बीमारी है, जिसके असली इलाज खोजना हमारी नैतिक जिम्मेदारी और नैतिक प्रतिबद्धता है।

उनके मुताबिक, बेकिंग सोडा की मदद से हम जो इलाज कर रहे हैं उससे 10 दिन में किसी भी स्टेज के कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि फंगी हमेशा अपने साथ एक ट्यूमर लेकर आते हैं। यह विवो और इन विट्रो, दोनों तरह के अध्ययनों में साबित हुआ है। हालांकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि वे बीमारी के बाद विकसित होते हैं। मगर, डॉ. टुलियो का मानना है कि वे पहले से ही मौजूद होते हैं।

उनके अनुसार, फंगस कैंसर को पैदा करते हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं और इसके बाद पूरे शरीर पर हमला करते हैं। हर तरह का कैंसर कैंडिडा फंगस की वजह से ही होता है। इसकी कई अध्ययनों से पुष्टि भी हो चुकी है। समय के साथ-साथ हमारी कोशिकाएं कमजोर और थकी हुई हो जाती हैं और अज्ञात कोशिकाओं को उत्पादन शुरू कर देती हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर एक अल्सर है, जिसमें विकृत कोशिकाएं जमा होती हैं और कॉलोनीज बना लेती हैं।

डॉ. टुलियो ने कहा कि सामान्य एंटी फंगल दवाएं कैंसर के खिलाफ अप्रभावी होती हैं क्योंकि वे केवल कोशिकाओं की सतह पर ही काम करती हैं। मुख्य संक्रमण एक बैक्टीरिया से अधिक शक्तिशाली है। यही कारण है कि फंगल संक्रमण इतने लंबे समय तक शरीर में बना रहता है। डॉ. टूलिओ का दावा है कि उन्होंने उन चीजों की पहचान की है, जो फंगस की कॉलोनीज पर हमला कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि स्किन कैंसर के लिए बेकिंग सोडा और आयोडीन टिंचर सबसे अच्छा पदार्थ है। कई अध्ययनों में यह बात साबित हुई है कि कैंसर के खिलाफ बेकिंग सोडा ने इंट्रासेल्यूलर एक्शन किया है। उन्होंने कहा कि मैंने 20 से अधिक वर्षों से अपने मरीजों पर इलाज का उपयोग किया है। इन रोगियों में से कई ऐसे रोगी भी थे, जिन्हें डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी बीमारी लाइलाज है, लेकिन वे पूरी तरह से ठीक हो गए। ट्यूमर को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका बेकिंग सोडा के संपर्क में आना है।

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Bollywood: ये हैं 2018 के Top 10 Opening Weekends, जानिए कहां है ‘धड़क’

‘धड़क’ से बॉलीवुड विश्लेषकों को काफ़ी उम्मीदें थीं और ओपनिंग वीकेंड में फ़िल्म उस पर खरी भी उतरी है। फ़िल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ₹33.67 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है। ‘धड़क’ इस कलेक्शन के साथ साल 2018 के ”Top 10 Opening Weekend Collections” की लिस्ट में एंटर हो गयी है। इसके साथ जॉन अब्राहम की फ़िल्म ‘परमाणु द स्टोरी ऑफ़ पोखरण’ लिस्ट से बाहर हो गयी है, जिसने ₹20.78 करोड़ का कलेक्शन ओपनिंग वीकेंड में किया था। ‘धड़क’ की रिलीज़ के बाद इस साल के टॉप 10 ओपनिंग वीकेंड कलेक्शंस की लिस्ट इस प्रकार है-

10. दसवें स्थान पर इस साल की सरप्राइज़ हिट ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ है। इस फ़िल्म को लव रंजन ने डायरेक्ट किया है, जो इससे पहले प्यार का पंचनामा सीरीज़ बनाते रहे हैं। लव की इसी विश्वसनीयता ने सोनू के टीटू की स्वीटी को शानदार ओपनिंग वीकेंड दिया। फ़िल्म ने ₹26.57 करोड़ पहले तीन दिन में जमा किये। ₹100 करोड़ से ज़्यादा जमा करके फ़िल्म सुपरहिट घोषित की गयी।

9. नौवें स्थान पर आलिया भट्ट की ‘राज़ी’ है, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹32.94 करोड़ जमा किये। मेघना गुलज़ार निर्देशित ‘राज़ी’ इस साल की शानदार फ़िल्मों में शामिल है। हरिंदर सिक्का के नॉवल कॉलिंग सहमत पर बनी फ़िल्म में आलिया ने कश्मीरी लड़की का रोल निभाया, जो जासूसी के लिए पाकिस्तान जाती है।

8. आठवें स्थान पर आ गयी है धड़क, जिसने ₹33.67 करोड़ रिलीज़ के पहले तीन दिनों में जमा किये हैं। शशांक खेतान निर्देशित फ़िल्म को करण जौहर ने प्रोड्यूस किया है। जाह्नवी-ईशान की धड़क ने आलिया भट्ट की राज़ी को ओपनिंग वीकेंड में तो नीचे धकेला ही है, साथ ही ओपनिंग डे कलेक्शंस की लिस्ट में भी फ़िल्म ने आलिया की पहली फ़िल्म स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर को पीछे छोड़ा है। 2012 में आयी स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर ने ₹7.48 करोड़ का कलेक्शन पहले दिन किया था, जबक धड़क ने 8.71 करोड़ ओपनिंग डे पर बटोरे हैं। स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर के करण जौहर निर्माता-निर्देशक थे, वहीं धड़क के वो निर्माता हैं।

7. सातवें स्थान पर आ गयी है ‘वीरे दी वेडिंग’, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹36.52 करोड़ जमा किये। एक जून को रिलीज़ हुई फ़िल्म को शशांक घोष ने डायरेक्ट किया है। चार दोस्तों की इस कहानी में करीना कपूर, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा तलसानिया और सुमित व्यास ने मुख्य भूमिकाएं निभायी हैं।

6. ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन की लिस्ट में छठे नंबर पर ‘पैडमैन’ है, जिसने ₹40.05 करोड़का कलेक्शन किया था। इस बायोपिक फ़िल्म में अक्षय कुमार ने अरुणाचलम मुरुगनाथम का किरदार निभाया, जबकि राधिका आप्टे उनकी पत्नी के किरदार में थीं। सोनम कपूर ने भी फ़िल्म में एक अहम किरदार प्ले किया था। अक्षय और निर्देशक आर बाल्की का ये पहला एसोसिशन था। ‘पैडमैन’ हिट रही।

5. पांचवें स्थान पर है राजकुमार गुप्ता निर्देशित‘रेड’, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹41.01 करोड़ जमा किये। इस फ़िल्म में अजय देवगन ने इनकम टैक्स अधिकारी का रोल निभाया। इलियाना डिक्रूज़ ने उनकी पत्नी का किरदार प्ले किया। 100 करोड़ से अधिक कमाकर ये फ़िल्म भी हिट रही।

4. ओपनिंग वीकेंड की लिस्ट में चौथे स्थान पर टाइगर श्रॉफ़ की ‘बाग़ी2’ है, जिसे अहमद ख़ान ने डायरेक्ट किया। इस एक्शन-रोमांटिक फ़िल्म में दिशा पाटनी पहली बार टाइगर के साथ आयीं। एक्शन को लेकर टाइगर की इमेज के चलते फ़िल्म ने ₹73.10 करोड़ का शानदार ओपनिंग वीकेंड किया।

3. तीसरे स्थान पर आ गयी है रेस 3, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹106.47 करोड़ जमा किया है। रेमो डिसूज़ा निर्देशित फ़िल्म में सलमान के अलावा बॉबी देओल, जैकलीन फ़र्नांडिस, अनिल कपूर, साक़िब सलीम और डेज़ी शाह ने मुख्य किरदार निभाये हैं।

2. लिस्ट में ‘पद्मावत’ दूसरे स्थान पर आ गयी है। संजय लीला भंसाली की इस मैग्नम ओपस ने ₹114 करोड़ का कलेक्शन किया, जिसमें ₹19 करोड़ पेड प्रीव्यूज़ का भी शामिल है। पद्मावत काफ़ी समय तक विवादों में भी रही थी, जिसकी वजह से इसे 2017 से हटाकर 2018 में रिलीज़ किया गया। फ़िल्म में दीपिका पादुकोण ने चित्तौड़ की रानी पद्मावती, शाहिद कपूर ने राजा महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह ने दिल्ली सल्तनत के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था। पद्मावत 2018 की पहली ₹300 करोड़ की फ़िल्म भी है। हालांकि बजट अधिक होने की वजह से फ़िल्म बहुत फ़ायदे में नहीं माना गया है।

1. ₹120.06 करोड़ के साथ Top 10 Opening Weekend Collections की लिस्ट में टॉप पर आ गयी है संजू। राजकुमार हिरानी निर्देशित संजय दत्त की इस बायोपिक में रणबीर कपूर, परेश रावल, सोनम कपूर, विक्की कौशल और मनीषा कोईराला ने मुख्य किरदार निभाये।

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स्काई डाइविंग के लिए इंडिया की ये 5 जगहें हैं बेस्ट

स्काई डाइविंग, सिंपल पैराशूटिंग का मॉर्डन रूप है जिसमें एयरक्रॉफ्ट द्वारा एक तय ऊंचाई से खुली हवा में जंप करना होता है और उसके कुछ समय बाद अपना पैराशूट खोलकर लैंड करना होता है।

इस एडवेंचर में एन्जॉयमेंट के साथ सुरक्षा के लिए आपको कुछ रूल्स भी फॉलो करने पड़ते हैं। जिसके लिए ट्रैनर्स मौजूद होते हैं। जहां कई जगहों पर 1-2 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है वहीं कुछ जगहों पर महज कुछ घंटों की। जिसके बाद आप तैयार होते हैं खुली हवा में आजाद चीड़िया की तरह उड़ने के लिए। तो आज हम इंडिया की ऐसी ही जगहों के बारे में जानेंगे, जहां जाकर आप अपने स्काई डाइविंग के शौक को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

इंडिया की ये 5 जगहें हैं स्काई डाइविंग के बेस्ट

मैसूर, कर्नाटक- बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स की लिस्ट में मैसूर सबसे ज्यादा पॉप्युलर है। बैंगलुरू से कुछ ही घंटे की दूरी पर बसे मैसूर में बहुत सारे स्काई डाइविंग कैंप्स मिलेंगे। यहां आकर स्काई डाइविंग करना बिल्कुल अलग ही तरह का एक्सपीरियंस होता है। टैंडेम से लेकर स्टेटिक और एक्सीलेरेटेड हर तरह के जंप्स के लिए प्रोफेशनल ट्रेनर्स द्वारा आपको 2-3 दिन की ट्रैनिंग दी जाती है। इसके बाद ही आप स्काई डाइविंग का मजा ले सकते हैं। हवा में फ्री होकर उड़ते हुए आसपास के खूबसूरत नजारों को देखने का एहसास अलग ही होता है

धाना, मध्यप्रदेश- धाना में इंडिया का पहला स्काई डाइविंग कैंप शुरू हुआ था। यहां आपको स्टेटिक और टैंडेम जंप्स के ऑप्शन्स मिलते हैं। 4000 फीट से जंप करते हुए यहां की खूबसूरती देखना वाकई बहुत अद्भुत होता हैशायद इसलिए ही धाना को इंडिया के बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन्स में शामिल किया गया है

एंबी वैली, महाराष्ट्र- अगर आपको एंडवेंचर करना पसंद है तो महाराष्ट्र के एंबी वैली में स्काई डाइविंग जरूर ट्राय करें। 45 मिनट की ये डाइविंग आपको लाइफटाइम याद रहेगी। फिलहाल यहां 10,000 फीट से टैंडेम जंप की सुविधा अवेलेबल है जिसमें बेशक मज़ा तो आता है लेकिन उतना ही डर भी लगता है। तो अगर आप थ्रील के साथ इस एडवेंचर को वाकई एन्जॉय करना चाहते हैं तो फिर वीकेंड में महाराष्ट्र आने का प्लान करें

दीसा, गुजरात- एक्सपीरियंस्ड हो या फिर नौखिसिया, गुजरात का दीसा हर किसी को लाइफटाइम एक्सपीरियंस देने के लिए बेस्ट स्काई डाइविंग डेस्टिनेशन है।हां गुजरात स्पोर्ट्स अथॉरिटी और इंडियन पैराशूटिंग फेडरेशन द्वारा भी स्काई डाइविंग के कैंप्स लगाए जाते हैं

पांडिचेरी- इंडिया के खूबसूरत शहरों में शामिल पांडिचेरी सिर्फ स्कूवा ही नहीं स्काई डाइविंग के लिए भी बेस्ट डेस्टिनेशन है. ट्रैवलिंग के साथ एंडवेंचर पसंद वालों की तो ये सबसे पसंदीदा जगह है। पांडिचेरी में आपको स्टेटिक, टैंडेम और एक्सीलिरेटेड हर तरह के जंप्स के ऑप्शन मिलेंगे। फ्री बर्ड की तरह हवा में उड़ते हुए नैचुरल ब्यूटी को एक्सप्लोर करना है तो पांडिचेरी का ट्रिप रहेगा बेस्ट

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प्रारंभ हो गया है सावन, जानें भगवान शिव के प्रिय बेलपत्र की विशेषताएं

ह‍िंदू शास्‍त्रों में भी मान्‍यता है क‍ि भगवान श‍िव को बेलपत्र बहुत पसंद हैं। ज‍िससे श‍िव पूजन में इसे शाम‍िल करना अन‍िवार्य माना जाता है। इससे भगवान श‍िव बहुत जल्‍दी पसंद होते हैं आैर भक्‍तों को मनचाहा वरदान देते हैं।

बेलपत्र से जुड़े हैं ये तीन तथ्य

1- मान्‍यता है कि‍ बेलपत्र चढ़ाने से शि‍व जी का मस्‍तक शीतल रहता है। यदि बेलपत्र में तीन पत्‍त‍ियां हों तो वो सर्वोत्तम माना जाता है। इसके अलावा पत्‍त‍ियां खराब नही होनी चाहिए। बेलपत्र चढ़ाते समय जल की धारा साथ में अर्पि‍त करने से इसका प्रभाव कर्इ गुना बढ़ जाता है।

2- सोमवार, अष्टमी, चतुर्दशी, अमावस्या, पूर्णिमा और सं‍क्रांति को बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। सावन माह में इन दिनों की पूजा के लिए इन्हें पहले तोड़कर रख लें। बेलपत्र कभी भी खरीदकर लाया गया हो श‍िव जी पर चढ़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं एक बेलपत्र को कई बार धोकर भी चढ़ा सकते हैं।

3- कहते हैं जि‍न घरों बेलवृक्ष लगा होता हैं वहां श‍िव कृपा बरसती है। बेलवृक्ष को घर के उत्तर-पश्चिम में लगाने से यश कीर्ति की प्राप्‍त‍ि होती है। वहीं उत्तर-दक्षिण में लगे होने पर भी सुख-शांति और मध्‍य में लगे होने से घर में धन और खुश‍ियां आती हैं।

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बेहद आसानी से घर पर डोनट बनाएं

कितने लोगों के लिए : 4

सामग्री :

मैदा 1 कप, यीस्ट 1 चम्मच, चीनी 1/3 कप (पिसी हुई आटे में डालने के लिए), नमक 2 चुटकी, बेकिंग पाउडर आधा चम्मच, बटर 1 बड़ा चम्मच, तलने के लिए रिफाइंड ऑयल, आधा कप पिसी चीनी ऊपर से लगाने के लिए

विधि :

-यीस्ट को गुनगुने पानी में भिगा दें।

-मैदे को छान ले उसमे बटर, चीनी, नमक, बेकिंग पाउडर, और यीस्ट मिला के मुलायम आटा गूंध ले।

-फिर उस आटे की एक बड़ी सी मोटी रोटी बेल ले, और उसे डोनट कटर या फिर किसी ग्लास से -गोल काट ले बीच से भी काट के डोनट का शेप बना दे।

-इसी तरह से सारे डोनट तैयार कर ले।

-फिर उसे ढककर चार घंटे के लिए रख दे या फिर जब तक डोनट फूल के दोगने मोटे न हो जाये तब तक उसे रखे।

-एक कड़ाही में तेल गरम करे और डोनट को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तल ले।

फिर ऊपर से पिसी हुई चीनी चारों तरफ से लगा दे।

-आप चाहे तो चाकलेट और क्रीम भी डोनट पर लगा सकते हैं।

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मॉब लिंचिंग पर मोदी सरकार का बड़ा कदम, बनेगा सख्त कानून

सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त रूख अख्तियार करते हुए सरकार को कड़े कानून बनाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कई दिशा-निर्देश भी जारी किये थे। गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति का गठन सुप्रीम कोर्ट के इसी आलोक के मद्देनजर किया गया है।

गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में गठित समिति में न्यायिक विभाग के सचिव, विधायी विभाग के सचिव, विधि मामलों के सचिव और समाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सचिव इसके सदस्य होंगे।

यह समिति को चार हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट पर विचार करने के लिए राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अलग से मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया गया है। इसमें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को सदस्य बनाया गया है। मंत्रिमंडलीय समिति अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देगी।

गृहमंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि कानून व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है और मंत्रालय की ओर से उन्हें इस मामले में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गए हैं। इसके साथ ही कथित गोरक्षकों के उत्पाद और बच्चा चोरी की अफवाहों से जुड़े मॉब लिंचिंग को लेकर भी राज्यों के अलग एडवाइजरी जारी की गई थी। इन एडवाइजरी में राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किये गए हैं।

लोकसभा में गूंजा अलवर कांड, सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा
राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे एक मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सोमवार को लोकसभा के साथ देश के सियासी मंच पर गूंजा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया में मानवता का स्थान नफरत ने ले लिया है। यह मोदी का ‘क्रूर न्यू इंडिया’ है। राहुल के इस बयान पर दो केंद्रीय मंत्रियों ने जमकर पलटवार किया और विपक्ष के नेता को ‘नफरत का सौदागर’ और ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ (गिद्ध की तरह हर शिकार पर झपटने की प्रवृत्ति) करार दिया। इस बीच केंद्र ने भीड़ की हिंसा के बढ़ते मामलों पर काबू के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह और गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में अफसरों की कमेटी गठित कर दी है।

अलवर में कुछ कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार रात रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वह गाय लेकर जा रहा था, इसलिए उसे गो तस्कर माना गया था। राहुल गांधी ने इस मामले में ट्विटर पर न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने सवाल किया कि अलवर में पुलिस ने मॉब लिंचिंग के शिकार रकबर खान को 6 किमी दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगाए, क्यों? उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक भी लिया। यह मोदी का क्रूर ‘न्यू इंडिया’ है, जहां मानवता की जगह नफरत ने ले ली है और लोगों को कुचला जा रहा है, मरने के लिए छोड़ा जा रहा है।’

चुनावी लाभ के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे राहुल : गोयल
पीएम मोदी पर राहुल के हमले का जवाबी हमला दो केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल व स्मृति ईरानी ने दिया। गोयल ने कहा कि हर अपराध के बाद खुशी के मारे झूमना छोड़े राहुल। राज्य सरकार कठोर व तुरंत कार्रवाई के लिए आश्वस्त कर चुकी है। आप चुनावी लाभ के लिए हर संभावित तरीके से समाज को तोड़ने का प्रयास करते हो और फिर घड़ियाली आंसू बहाते हो। आप ‘नफरत के सौदागर’ हो। गोयल के इस बयान ने 2007 के गुजरात चुनाव के वक्त तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस बयान की याद दिला दी, जिसमें उन्होंने राज्य के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा था।

गिद्धिया राजनीति छोड़े राहुल : स्मृति
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाबी हमले में आरोप लगाया, ‘राहुल गांधी ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ (गिद्धिया राजनीति) करना छोड़े। वह चुनावी लाभ के लिए ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं जो सामाजिक ताने-बाने को तोड़ता न हो। राहुल गांधी के परिवार ने 1984, भागलपुर समेत कई अन्य दंगों के जरिए देश में नफरत की आग फैलाई। ये शर्मनाक है कि अब वह इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।’

जब स्पीकर ने सिंधिया से कहा-राजनीति मत करो
अलवर मामला लोकसभा में भी गूंजा। कांग्रेस सांसद करण सिंह यादव ने कहा कि यह राज्य में चौथी घटना है। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस सांसदों में तकरार भी हुई। इसी बीच कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कठुआ कांड व महिलाओं से दुष्कर्म के मामले उठाए। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मंत्री ने आरोपितों के समर्थन में जुलूस निकाला था, जबकि उप्र के उन्नाव कांड में भाजपा के एक विधायक आरोपित हैं। उन्होंने मप्र के मंदसौर दुष्कर्म कांड को भी उठाया, लेकिन स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उन्हें रोका और ऐसी घटनाओं के लिए राजनीति करने पर उन्हें फटकारा। गुस्से महाजन ने कहा, ‘हर चीज पर राजनीति मत कीजिए, मैं भी महिला हूं। ‘

अवमानना याचिका दायर
उधर अलवर कांड को लेकर महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी व कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानन याचिका दायर कर दी। कोर्ट इस पर 28 अगस्त को सुनवाई करेगी।

पुलिस की भूमिका जांचने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी
अलवर मामले में पुलिस की भूमिका की जांच के लिए राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अफसरों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह टीम सोमवार को ही मौके पर पहुंची और जांच भी शुरू कर दी। राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि डीजीपी को तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

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केंद्रीय सुरक्षा बलों में होंगी 54 हजार से ज्‍यादा नियुक्तियां #Defence #Jobs

स्टॉफ सेलेक्शन कमीशन (एसएससी) ने कुल 54,953 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकाला है। लेकिन इसमें सर्वाधिक सरकारी नौकरियां देश के सबसे बड़े अ‌र्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ के लिए है। सीआरपीएफ में 21,566 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। सरकारी नौकरियों के ताजा विज्ञापन में सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), आइटीबीपी, सीआइएसएफ, सशस्त्र सीमा बल, असम राइफल्स (पद राइफलमैन), एनआइए और सचिवालय सुरक्षा बल में पुरुषों के लिए कुल 47,307 रिक्त पद निकाले गए हैं। जबकि महिला कांस्टेबलों (जनरल ड्यूटी) के लिए 7,646 रिक्तियां हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार नई बटालियनों का गठन करके केंद्रीय बलों (सेंट्रल आर्मड पुलिस फोर्सेज और सेंट्रल पुलिस आर्गिनाइजेशंस) के विस्तार की तैयारी में है। इसीलिए सरकार ने गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद इन नई रिक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया है।

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 18 से 23 वर्ष तक के आयु समूह का होना होगा। कम से कम वह दसवीं पास हों। एसएससी के विज्ञापन के अनुसार इन पदों के लिए वेतन 21,700-69,100 रुपये के बीच होगा। परीक्षार्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा देनी होगी। उनकी शारीरिक क्षमता का परीक्षण होगा। फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट के साथ ही अंत में मेडिकल परीक्षण भी होगा। इन रिक्तियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 अगस्त है।

उल्लेखनीय है कि देश में केंद्रीय सुरक्षा बलों को सीमा की निगरानी के लिए तैनात किए जाने के अलावा नक्सल रोधी अभियानों का भी जिम्मा सौंपा गया है। वह कानून-व्यवस्था कायम करने की जिम्मेदारी के साथ ही बेहद महत्वपूर्ण ढांचों की भी सुरक्षा करते हैं। इसमें एनआइए आतंकवाद का मुकाबला करने वाली संघीय जांच एजेंसी है। एसएसएफ केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करता है।

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WhatsApp पर पाएं ट्रेनों का लाइव स्टेटस, जानें कैसे

आपको अब रेलवे के पूछताछ नंबर 139 पर फोन करने की या फिर इंटरनेट से पीएनआर के जरिए जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको ट्रेन के डिपार्चर से लेकर उसके स्टेशन के बारे में भी जानकारी व्हाट्सऐप के जरिए मिल जाएगी। इसके अलावा इससे टैक्सी, लाने-ले जाने की सुविधा, रिटायरिंग रूम, होटल, टूर पैकेज, ई-कैटरिंग और यात्रा से जुड़ीं अन्य जानकारियां भी हासिल की जा सकती हैं।

बस इस नंबर को करें सेव और..
ट्रेन का लाइव स्टेट्स जानने के लिए आपको अपने मोबाइल में 7349389104 नंबर को सेव करना होगा। इसके बाद आप किसी भी ट्रेन का नंबर इस नंबर पर सेंड कर उसके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। आपको ट्रेन की अपटेड स्थिति इस नंबर से मिल जाएगी। 10 सेकंड में आपको आपकी ट्रेन का लाइव स्टेटस उसी ग्रुप में मिल जाएगा। इस तरीके को अपनाकर आप महसूस करेंगे कि पहले से काफी आसान हो गया है ट्रेन का स्टेटस जानना।

पश्चिमी रेलवे के वरिष्ठ डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर आरती सिंह परीर ने कहा, ‘आम यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति के बारे में अपडेट के लिए रेलवे ने इस नंबर को लॉन्च किया है। हमारा प्रयास यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। यह यात्रियों के लिए एक बहुत उपयोगी सुविधा है और उन्होंने इसकी सराहना की है।’

10 सेकंड में रेलवे की तरफ से आएगा जवाब
आपको इस बात का ध्याोन रखना होगा कि आपका मैसेज सर्वर पर तब तक नहीं पहुंचेगा जब तक डबल टिक न हो जाए। कभी-कभी सर्वर पर ज्यादा ट्रैफिक होने से ऐसा हो सकता है। इस नंबर पर मैसेज करने पर डबल टिक आए तो समझ जाएं कि मैसेज रेलवे सर्वर तक पहुंच गया है। डबल टिक ब्लू हो जाए तो समझ जाएं कि रेलवे सर्वर ने मैसेज को रीड कर लिया है। इसका मतलब है कि अब जवाब आने ही वाला है। ब्लू टिक आने के बाद ही व्हाट्सऐप पर रिवर्ट आता है। कोई सर्वर प्रॉब्लम न होने पर आमतौर पर 10 सेकंड में रिवर्ट आ ही जाता है।