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कुमारस्वामी ने आठवीं पास को बनाया कर्नाटक का उच्च शिक्षा मंत्री

59 वर्षीय कुमारस्वामी खुद बीएससी डिग्रीधारक हैं। उन्होंने सवाल किया-‘क्या मुझे वित्त विभाग मिलना चाहिए?’ जीटी देवेगौड़ा ने मैसुरु जिले में चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस नाते वह कोई अहम विभाग की अपेक्षा रखते थे।

इस संबंध में कुमारस्वामी ने कहा– ‘कुछ लोगों की इच्छा खास विभागों में काम करने की होगी, लेकिन सभी विभागों में प्रभावी तरीके से काम करने का मौका है। हमें दक्षतापूर्वक काम करना है।’ उन्होंने कहा-‘क्या काम करने के लिए उच्च शिक्षा और लघु सिंचाई से भी अच्छा विभाग है?’

कर्नाटक में विभागों के बंटवारे से जद एस कोटे के दो मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं। उनमें एक हैं, जीटी देवेगौड़ा, जो आठवीं पास हैं और उन्हें उच्च शिक्षा विभाग मिला है।

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आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे येदियुरप्पा, BJP सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर

चुनाव के नतीजे आ गए हैं. लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. कर्नाटक में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदुरप्पा ने आज सुबह साढे दस बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है. बैठक के बाद, येदुरप्पा विधायक दल के नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को देंगे और सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे.

राज्यपाल के पाले में है गेंद

वहीं, एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस की बैठक भी आज है. जेडीएस कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा कर रही है. बता दें कि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं. अब गेंद राज्यपाल के पाले में है और देखना होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं.

हम सबसे बड़ी पार्टी, मौका मिले- येदियुरप्पा

बीएस येदियुरप्पा ने कहा है, ‘’हम सबसे बड़ी पार्टी हैं और ऐसे में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. बीजेपी 100 प्रतिशत सरकार बनाएगी और विधानसभा में बहमत भी साबित करेगी.’’

पहली प्राथमिकता सरकार का गठन, शर्तों पर फैसला बाद में- सिद्धारमैया

उधर, राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मीडिया से मुखातिब सिद्धारमैया ने कहा, कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है. सिद्धारमैया ने कहा कि गठबंधन की शर्तों पर बाद में फैसला होगा. पहली प्राथमिकता सरकार का गठन है. सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनके पास मैजिक नंबर है.  उन्होंने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के साथ है

बता दें कि अगर कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन का दावा चल गया तो जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम भी बन सकते हैं.

कौन हैं कुमारस्वामी?

कुमारस्वामी साल 2006 से 2007 तक कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं. कुमारस्वामी रामानगरम से तीन बार विधायक रह चुके हैं. रामानगरम सीट कुमारस्वामी का गढ़ मानी जाती है. साल 2013 में कुमारस्वामी रामानगरम से 40 हजार वोटों से जीते थे. कुमारस्वामी दो बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं.

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।

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केरल की विधानसभा में ग्रेनेड लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, मच गया हंगामा

केरल विधानसभा में बुधवार को चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला. विधानसभा के अंदर एक विधायक ग्रेनेड शेल लेकर पहुंच गए. इतना ही नहीं विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ग्रेनेड भी दिखाया.

दरअसल, बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक थिरुवंचूर राधाकृष्णन इस्तेमाल किया हुआ ग्रेनेड शेल लेकर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ग्रेनेड हाथ में लेकर विधानसभा स्पीकर को दिखाया और उन्हें बताया कि इस ग्रेनेड का इस्तेमाल पिछले हफ्ते यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए किया गया था.

कांग्रेस विधायक ने विधानसभा स्पीकर को ये भी बताया कि पुलिस ने जो ग्रेनेड कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस्तेमाल किया, उसकी समयावधि खत्म हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे ग्रेनेड इस्तेमाल कर रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं.

सदन में हंगामा

कांग्रेस विधायक के इस कदम पर विधानसभा में हंगामा मच गया. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना पर ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि ऐसा होना बड़ा सुरक्षा खतरा है. हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक ने ग्रेनेड विधानसभा अधिकारियों को सौंप दिया.

हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर ने सत्ताधारी विधायकों को मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर थिरुवंचूर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.