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देश की सबसे महंगी फिल्म 2.0 #Most #Expensive #Film of #India

देश की सबसे महंगी इस फिल्म को लेकर इनके फैन्स इंतज़ार में थे, जिनके लिए ख़ुशी का मौका है लेकिन कुछ लोगों के लिए ये डेट मुश्किल बन कर आई है ।

और वो हैं फिल्म केदारनाथ से जुड़े लोग । अभिषेक कपूर के निर्देशन में बन रही सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की ये फिल्म 30 नवंबर को रिलीज़ के लिए तय है, लेकिन शंकर निर्देशत 2.0 को 29 नवंबर को रिलीज़ किये जाने की घोषणा के साथ ही अब केदारनाथ के सामने संकट आ गया है। वैसे पहले से ही केदारनाथ संकट से घिरी रही है । निर्देशक और पूर्व निर्माता कंपनी के बीच हुए विवाद के बाद ये फिल्म लगभग ठंडे बस्ते में चली गई थी लेकिन प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला ने फिल्म को संकट से उबार लिया । सैफ़ अली खान की बेटी सारा की ये डेब्यू फिल्म है और जब ये संकेत मिलने लगे थे कि केदारनाथ बन नहीं पायेगी तो करण जौहर ने उन्हें अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म सिंबा में रणवीर सिंह के साथ कास्ट कर लिया ।

फिल्म 2.0 की 29 नवंबर को रिलीज़ का मतलब केदारनाथ को या तो अपनी डेट आगे-पीछे करनी पड़ेगी या मुकाबले के लिए तैयार होना होगा l वैसे नवंबर और दिसंबर में बड़ी फिल्मों का टकराव रहेगा । सात नवंबर को आमिर खान और अमिताभ बच्चन स्टारर ठग्स ऑफ हिंदोस्तान आएगी और 22 दिसंबर को शाहरुख़ खान की फिल्म ज़ीरो रिलीज़ होगी । फिल्म 2.0 के मेकर ने इंतज़ार करवा कर जो डेट चुनी है वो बॉक्स ऑफ़िस पर काफ़ी उपयुक्त मानी जा रही है क्योंकि करीब 500 करोड़ तक पहुंच गई फिल्म की लागत से पार पाने के लिए फिल्म को लॉन्ग रन चाहिए होगा । बताया जा रहा है कि फिल्म के बजट में 100 करोड़ रूपये का अतिरिक्त खर्च जुट गया है क्योंकि फिल्म के स्पेशल इफ़ेक्ट्स का काम लगातार बढ़ता जा रहा था । रजनीकांत और ऐश्वर्या राय बच्चन स्टारर रोबोट/ इंधीरन का सीक्वल फिल्म 2.0 का पिछले दो साल से इंतज़ार हो रहा है ।

3 डी कन्वर्जन के साथ इंटरनेशनल स्तर के स्पेशल इफ़ेक्ट्स पर अब तक समय से काम पूरा न होने के कारण हुई है l अमेरिका की जिस कंपनी को फिल्म के स्पेशल इफेक्ट्स का ठेका दिया गया था वो कंपनी ही दिवालिया हो गई l इस फिल्म में रजनीकांत अपने पुराने वाले रोल में हैं जबकि अक्षय कुमार बड़े ही विचित्र गेट अप में विलेन बने दिखेंगे। पिछली बार फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन थीं तो इस बार एमी जैक्सन फीमेल लीड में होंगी। अक्षय कुमार जिस डॉक्टर रिचर्ड का रोल कर रहे हैं उसका गेटअप एक राक्षसी कौवे जैसा है।

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मोदी सरकार को चाहिए 10 जॉइंट सेक्रेटरी, बिना UPSC किये प्रोफेशनल्स की होगी भर्ती

अब संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा पास किए बिना भी योग्य उम्मीदवार सरकार में वरिष्ठ अधिकारी बन सकते हैं.

कौन कर सकता है अप्लाई

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार इन पदों के लिए वो लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिनकी उम्र 1 जुलाई तक 40 साल हो गई है और उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होना आवश्यक है. उम्मीदवार को किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव होना भी आवश्यक है.

कब तक होगी नियुक्ति

इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल तक के लिए की जाएगी और सरकार इस कॉन्ट्रेक्ट को पांच साल तक बढ़ा भी सकती है. बता दें कि इन पदों के लिए प्रोफेशनल उम्मीदवार ही अप्लाई कर सकते हैं.

कितनी होगी सैलरी

मोदी सरकार इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 1.44 लाख से 2.18 रुपये प्रति महीना सैलरी देगी और इस सैलरी के साथ उम्मीदवारों को कई भत्ते और सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी जाएंगी.

किन विभागों में होगी नियुक्ति

सरकार ने जिन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, उनकी नियुक्ति 10 मंत्रालयों में होनी है. इनमें वित्तीय सेवा, इकोनॉमिक अफेयर, कृषि, सड़क परिवहन, शिपिंग, पर्यावरण और वन, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य क्षेत्र शामिल हैं.

बता दें कि सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी. पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 10 विभागों में बतौर जॉइंट सेक्रेटरी 10 पदों के लैटरल एंट्री से जुड़ी अधिसूचना पर कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा. गौरतलब है कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़ी नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है.

कैसे होगा चयन

इनके चयन के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा और कैबिनेट सेक्रेटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी.

आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 जुलाई 2018

सालों से ठंडे बस्ते में था प्रस्ताव

ब्यूरोक्रेसी में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था, जब प्रशासनिक सुधार पर पहली रिपोर्ट आई थी. लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया. फिर 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई. लेकिन पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई.

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फ्लिपकॉर्ट में 77% हिस्सेदारी के बाद अब 85% की तैयारी में वॉलमार्ट

देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद अब वॉलमार्ट 3 अरब डॉलर का निवेश कर फ्लिपकॉर्ट की 85 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है।

 

इस बात की जानकारी दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर ने शुक्रवार को अमेरिकी सिक्यॉरिटीज और एक्सचेंज कमिशन को दी। रिटेलर ने ये भी बताया कि वॉलमार्ट के बाकी शेयर भी उसी कीमत पर खरीदे जाएंगे जिस कीमत पर 77 फीसदी शेयर खरीदे गए थे।

वॉलमार्ट ने किस दर पर फ्लिपकॉर्ट के शेयरों को हासिल किया यह जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। वॉलमार्ट की फाइलिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्लिपकॉर्ट के बड़े निवेशक जापानी इंटरनेट और टैलीकॉम कंपनी सॉफ्टबैंक ने शेयरों को बेचने पर कोई फैसला नहीं किया है। सॉफ्टबैंक के पास फ्लिपकॉर्ट के करीब 22 फीसदी शेयर हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्टस से भी ये बात साने आई थी कि वॉलमार्ट और सॉफ्टबैंक पहले की कीमत पर ही शेयर ट्रांजेक्शन के लिए वक्त निकाल कर बातचीत करने की तैयारी कर रहे थे।

एसईसी फाइलिंग के अनुसार, वॉलमार्ट 2 अरब डॉलर कैश में निवेश कर रहा है और फ्लिपकॉर्ट के मौजूदा शेयर होल्डर्स से 14 अरब डॉलर मूल्य के शेयर खरीद रहा है। वॉलमार्ट ने कहा है कि वह बोर्ड और फाउंडर की सलाह से फ्लिपकॉर्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ और प्रिंसिपल एग्जिक्युटिव्ज को अपॉइंट या रिप्लेस कर सकता है। फिलहाल कल्याण कृष्णमूर्ति फ्लिपकॉर्ट के सीईओ हैं और को-फाउंडर बिन्नी बंसल ग्रुप सीईओ हैं। को-फाउंडर और एग्जिक्युटिव चैयरमैन सचिन बसंल ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया।

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मुम्बई इंडियन्स के सामने धराशाई हुई चेन्नई, 8 विकेट के बड़े अंतर से मिली शर्मनाक हार। देखें फोटो विश्लेषण!

IPL के 27वें मैच में पहले खेलते हुए चेन्नई ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जीत के लिए मिले 170 रन के लक्ष्य को मुंबई ने 19.4 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया और चेन्नई से अपने पहले हार का बदला भी ले लिया।

मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने 33 गेंदों पर 56 रन की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई।

दूसरी पारी में चेन्नई के खिलाफ मुंबई के ओपनर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई साथ ही 34 गेंदों पर 44 रन बनाए।

मुंबई के ओपनर बल्लेबाज इवान लुईस ने 43 गेंदों पर 47 रन की अच्छी पारी खेली।

चेन्नई के मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना ने बेहतरीन पारी खेलते हुए 47 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए।

मुंबई के खिलाफ पहली पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज वॉटसन का बल्ला नहीं चला और वो 12 रन बनाकर आउट हुए।

अंबाती रायडू अर्धशतक के चूक गए और उन्होंने 35 गेंदों पर 46 रन की पारी खेली।

कप्तान धौनी ने अपनी टीम के लिए 21 गेंदों पर 26 रन की पारी खेली।

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घरेलू मैदान पर दिल्ली ने कोलकाता को 55 रन से हराया

IPL के 26वें मैच में पहले खेलते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 219 रन बनाए। कोलकाता को जीत के लिए 220 रन बनाने थे लेकिन ये टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 164 रन ही बना पाई और उसे 55 रन से हार मिली।

आंद्र रसेल ने 30 गेंदों पर 44 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने के भरपूर कोशिश की लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए।

केकेआर के कप्तान दिनेश कार्तिक दिल्ली के विशाल स्कोर के आगे नहीं टिक पाए और 18 रन पर पवेलियन लौट गए।

केकेआर के ओपनर बल्लेबाज क्रिस लीन ने टीम को निराश किया और 5 रन पर आउट हो गए।

मैच की दूसरी पारी में रॉबिन उथप्पा सिर्फ एक रन बनाकर कैच आउट हो गए।

पहली बार आइपीएल में दिल्ली की कप्तानी करने वाले श्रेयस अय्यर ने कमाल की पारी खेलते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 93 रन बनाए।

दिल्ली के ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपनी टीम के लिए कमाल की पारी खेली और 44 गेंदों पर 62 रन बनाए।

कोलिन मुनरो ने 18 गेंदों पर 33 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत की।

दिल्ली के दिलेर बल्लेबाज रिषभ पंत कोलकाता के खिलाफ फेल रहे और शून्य के स्कोर पर आउट हो गए।

ग्लेन मैक्सवेल ने 18 गेंदों पर 27 रन बनाए हालांकि उनके बड़ी पारी का इंतजार अब भी क्रिकेट फैंस को है।

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फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियों को पहुंचाएगा फायदा प्राइवेसी लॉ!

यूरोप में अगले माह एक नया नियम का प्रस्ताव आने वाला है, जिसके तहत प्राइवेट लोगों के हाथ में लोगों के निजी डाटा को जाने से सुरक्षित रखा जा सकेगा।

इस नए नियम के तहत कंपनी डाटा शेयर करने से पहले उपभोक्ता से इसके लिए इजाजत लेगी। सरकार के इस कदम से जहां इंटरनेट पर बड़ी कंपनियों का वर्चस्व खत्म होगा। वहीं छोटी कंपनियों को भी फायदा होगा। हाल के वर्षों में कुछ छोटी कंपनियों ने निजता के नियमो का सम्मान किया है, जबकि बड़ी कंपनियों की ओर से हमेशा इन नियमों की अनदेखी की गई है।

टोरंटो विश्वविद्याल के मार्केटिंग प्रोफेसर एवी गोल्डफार्ब ने प्रतिस्पर्धा पर गोपनीयता नियमों के प्रभावों का अध्ययन किया। गोल्डफार्ब वर्ष 2013 की एक रिपोर्ट के सह-लेखक भी थे, जिसमें कहा गया था कि गोपनियाता से बाजार की प्रतिस्पर्धा पर नकारात्मक असर होगा क्योंकि उपभोक्ता से किसी चीज की इजाजत लेना एक छोटी कंपनी की लागत बढ़ा सकता है। ऐसे में ये स्टार्टअप के लिए नुकसानदायक होगा।

फेसुबक के मुताबिक एक राजनीतिक रिसर्च करने वाली कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के करीब 87 मिलियन यूजर्स की गोपनीय जानकारी हासिल करके उसका उपयोग किया। इसी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस की ओर से मार्क जुकरबर्ग को निशाना बनाया गया। गूगल की वीडियो सर्विस यूट्यूब को लेकर भी कुछ इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं।

मॉडल की जांच कर सकेंगे दूसरे देश

यूरोप और अमेरिका की तरह ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे देश प्राइवेसी को लेकर फेसबुक औऱ गूगल जैसी कंपनियों के विज्ञापन आधारित मॉडल की जांच कर सकती है। अमेरिका के कानून निर्माताओं ने इस माह जुकरबर्गक की संसद में गवाही के दौरान सिलिकॉन वैली को गोपनियता के मुद्दे पर ज्यादा विनियमित बनाने पर जोर दिया। यूरोप में ऐसा ही एक प्रयोग सफल रहा है, जब वर्ष 2014 में वहां की उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुनाया कि लोगों की इच्छा के मुताबिक उनके कंटेट को ऑनलाइट होने से हटाया जा सकेगा।

नहीं पड़ा व्‍यापार पर असर

इसके अलावा वर्ष 2011 के यूरोपियन कानून बेबसाइटों की ओर से लोगों को कूकीज के बारे में जानकारी देने को कहा गया, जिससे कि वो ब्राउजिंग हिस्ट्री को सुरक्षित रखा जा सके और कोई इसका दुरुपयोग न कर सके। इसके बाद पॉपअप वार्निंग को लेकर काम किया गया। इसी के साथ आज के दौर में डेटा की गोपनियता के बीच फेसबुक और गूगल के उपयोग को कम किया जा रहा है। फेसबुक की ओर से कहा गया कि कैंब्रिज एनालिटिका घोटाले से उनके व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ा है, जबकि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने कहा इस तिमाही में उनके कर संग्रह में 26 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है।

नजरअंदाज नहीं कर सकेंगी कंपनियां

यूरोप में डेटा रेग्यूलेशन को लेकर लाए जा रहे कानून को ‘द जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेग्यूलेशन’ का नाम दिया गया है। इस कानून के तहत टेक कंपनियों की ओर से यूजर्स के डेटा कलेक्शन, स्टोर और उनके प्रयोग पर कंट्रोल रखा जा सकेगा। यह नया नियम 25 मई से प्रभाव में आएगा। इसके बाद टेक कंपनियों को बताना होगा कि उन्होंने लोगों का डेटा किस तरह से प्राप्त किया है, कहां प्रयोग किया है, और कहां सुरक्षित किया है। ऐसे में कंपनियां उपभोक्ताओं के समझौते को नजरअंदाज नहीं कर सकेंगी।

कंपनियां होंगी मजबूत

कुछ लोगों का मानना है कि प्राइवेसी के नियन बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाले होंगे। लेकिन छोटी कंपनियों को ये प्रतियोगिता से बाहर कर देंगे। लेकिन पेरिस की एक स्टार्टअप कंपनी के सीईओ की मानें तो डेटा प्रोटेक्शन के नए नियम से कंपनी मजबूत होगी क्योंकि उनका मूल संपत्ति ग्राहक का विश्वास है। गोपनियता कानून के बाद टारगेटेड विज्ञापनों को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसके बावजूद भी फेसबूक और गूगल जैसी बड़ी कंपनियां फायदे में रहेगी, क्योंकि विज्ञापन देने वाले ज्यादा ऑडियंस उसकी ओर रुख करेंगे। ऐसे में फेसबुक और गूगल की यूट्यूब जैसी कंपनियों को ज्यादा विज्ञापन मिलेगा, जिनके पास क्रमश: 2.2 मिलियन और 1.5 बिलियन मासिक उपभोक्ता हैं।

यूजर्स देंगे सहमति

यूरोपीय डेटा संरक्षण पर्यवेक्षक जोवोवानी बुट्टारेली के मुताबिक गूगल और फेसबुक की निगरानी आयरिश डेटा अथॉरिटी की ओर से की जाएगी, उनके यूरोपीय मुख्यालय आयरलैंड में हैं। उन्होंने छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय को अलग तरह से ट्रीट करने की बात कही। गूगल प्राइवेसी इंजीनियर योनातन जुंगर के मुताबिक बड़ी कंपनियां डेटा को उपयोग करने के लिए शर्त जोड़ सकती हैं, जबकि छोटी कंपनियां ऐसी शर्त नहीं जोड़ पाएंगी। जैसा कि पिछले दिनों फेसबुक ने वैश्विक स्तर पर उपयोगकर्ताओं से नया सहमति फार्म भरवाना शुरु किया है, जिसके तहत थर्ड पार्टी को उपभोक्ता की जानकारी हासिल करने के लिए फेसबुक से इसकी इजाजत लेनी होगी।

नई चुनौती

गोपनियता के आलोचकों ने फेसबुक के नए सहमति फार्म की चुनौती दी है, उनके मुताबिक वे उपयोगकर्ताओं की सूचनाओं को व्यापक रुप में साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं। न्यू अमेरिका के ओपन टेक्नोलॉजी इंसटीट्यूट के एक वरिष्ठ सलाहकार बेन स्कॉट के मुताबिक नए कानून जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेग्यूलेशन (जीडीपीआर) को लेकर मेरी चिताएं हैं। मैं उन लोगों को लेकर चिंतित हूं, जो जीडीपीआर में काफी कुछ निवेश करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोपनियता कानून कितना सफल होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इसे किस तरह से लागू किया गया है।

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मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

मैं बार-बार बस यही सोच रहा हूँ, आसिफा की ये फोटो किसने और क्यूँ ली?

बड़ी और गौर करने वाली बात ये है कि फोटो खींचने वाले को कैसे पता था ये फोटो पूरे भारत में एक एजेंडा चलाने में काम आएगी क्यूंकि आसिफा की लाश भी इन्हीं कपड़ों में मिली थी। क्या आपने निर्भया रेप कांड की प्रताड़ित दामिनी(जिसकी पहचान भी अब तक किसी को नहीं पता) की तस्वीर कभी देखी, तो सोचिये सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन्स के उलट एक रेप प्रताड़ित की तस्वीर वायरल होना भी एक बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही है।

प्रारम्भिक जाँच के बाद लिखी गयी FIR में सिर्फ हत्या का केस दर्ज हुआ था और वारदात की जगह भी लकड़ी का गोदाम था। फिर जाँच राज्य की क्राइम ब्रांच के पास आते ही यह केस ऐसे पलटा की अब इसके सहारे कुछ नेतागण अपनी बिखर चुकी राजनीति पलटने की कोशिश कर रहे हैं!

कौन हैं आखिर वो लोग?? मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है।

जहाँ एक तरफ आरोपियों के बार बार बोलने पर भी जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच उनका नार्को टेस्ट नहीं करवा रही और बस आरोप थोप के कबूल करने के लिए प्रताड़ित कर रही है, यह बेहद ही संघीन है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती का CBI जाँच की मंजूरी अब तक न देना उनके कर्तव्य-परायण पर भी संदेह उत्पन्न करता है।

भारतीय राजनीतिज्ञों का स्तर भी अब इतना गिर चुका है कि बस रोटियां सिंकनी चाहिए, फिर चाहें वो छोटे बच्चों के रेप और मौत करने के बाद उनकी लाशों पर ही क्यों न सेंकनी पड़े!

आइये आपको ABP News का एक विश्लेषण दिखाएं जिसमे उस मंदिर के बारे में रची गयी मनगढ़ंत बातें बिलकुल साफ हो जाएँगी।

इस मुहीम को आगे बढ़ाएं और निष्पक्ष जाँच की मांग करें। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

(लेख: संपादकीय)

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Black Buck Poaching Case: सलमान खान को 5 साल की सजा

सुपरस्टार सलमान खान को आज (पांच अप्रैल) तगड़ा झटका लगा है। काले हिरण (ब्लैक बक) के शिकार मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। कोर्ट में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सजा के ऐलान के बाद सलमान को कोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया। आज की रात सलमान यहीं गुजारेंगे। चूंकि सजा की समयावधि तीन साल से अधिक है। ऐसे में उन्हें जमानत सिर्फ सेशन कोर्ट से ही मिलेगी। वक्त की कमी के कारण सेशन कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार (छह अप्रैल) को अब इस पर सुनवाई होगी।

कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाने के लिए लंच ब्रेक भी नहीं लिया, जो कि डेढ़ बजे होना था। कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों (सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम) को बरी कर दिया। काले हिरण शिकार मामले में 20 साल बाद सलमान को सजा का ऐलान हुआ है। राजस्थान के जोधपुर कोर्ट में सीजेएम देव कुमार खत्री ने इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया। सलमान इससे पहले इस संबंध में अपने होटल से कोर्ट के लिए रवाना हुए थे। वे कोर्ट पहुंच थे, जहां कार्रवाई शुरू हुई थी। सलमान यहां के ताज हरि महल होटल में ठहरे थे। उनके अलावा फैसले के लिए बॉलीवुड एक्टर सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम भी जोधपुर पहुंचे थे।

आपको बता दें कि कांकाणी काला हिरण शिकार केस साल 1998 का है। सलमान समेत पांच बॉलीवुड सितारों पर इस मामले में दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप है। अन्य कलाकारों में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर भी आरोप था। ये कलाकार उस दौरान हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के लिए जोधपुर में थे।

यहां पढ़िए Salman Khan Blackbuck Poaching Case Verdict UPDATES

– सजा के ऐलान पर सलमान के वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है। लेकिन आज उस पर सुनवाई होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोर्ट के पास वक्त की कमी है। ऐसे में आज की रात सलमान को जेल में ही गुजारनी पड़ेगी।

– पुलिस हिरासत में सलमान को कोर्टरूम से बाहर लाया गया, जिसके बाद उन्हें जेल की ओर लेकर जाया जा रहा है। सलमान की गाड़ी व पुलिस की अन्य गाड़ियों का काफिला निकालने के लिए रास्ता खाली कराया गया था।

– सलमान को सजा के ऐलान के बाद उनके वकील सेशन कोर्ट जाना चाहते हैं। लेकिन वहां सुनवाई होना मुश्किल नजर आ रहा है। अगर आज सुनवाई नहीं हुई तो सल्लू को जेल में रात गुजरनी पड़ेगी। जेल ले जाने के पहले सलमान का मेडिकल कराया जाएगा।

– सलमान को जेल भेजने की तैयारियां हो चुकी हैं। उन्हें सेंट्रल जेल ले जाने के लिए वैन बुलाई गई है। जेल के बैरक नंबर एक या दो में से किसी एक में उन्हें रखा जाएगा। ये दोनों ही बैरक इसी बाबत खाली करा लिए गए हैं।

– सलमान को 5 साल की सजा सुनाए जाने के उनकी बहनें बुरी तरह रोने लगीं। पुलिस ने उन्हें सलमान से अलग कर दिया है। इस दौरान सलमान की आंखों में भी आंसूं छलक उठे थे। अब सलमान को सीधे जेल ले जाया जाएगा, जबकि कोर्ट के बाहर ‘सलमान हाय-हाय’ के नारे लग रहे हैं।

– सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सजा के रूप में अगर सलमान को जेल हुई तो वह जोधपुर जेल नहीं जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें उदयपुर भेजा जा सकता है।

– दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान तनाव में नजर आए। उनके चेहरे पर शिकन देखते बन रही थी। बता दें कि कोर्टरूम में ठीक डेढ़ बजे लंच होता है। सलमान को सजा के ऐलान के लिए इसे स्थगित कर दिया गया। कोर्टरूम में फिलहाल फैसले की फोटोकॉपी आने का इंतजार हो रहा है। सलमान इस दौरान अपने वकील से बात कर रहे हैं।

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुईं आरोपी नीलम के पति समीर सोनी ने इस बारे में एक न्यूज चैनल से बातचीत की। उन्होंने कहा, “जो बरी हुए उनके लिए खुशी है, मगर सलमान के दोषी ठहराए जाने पर मुझे निराशा हाथ लगी।”

– बिश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवड़ ने कहा, “हम फैसले का आंकलन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ एक याचिका दायर की जाए और सलमान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान को तीन साल से कम की सजा हुई तो इसी कोर्ट से जमानत मिल जाएगी। अगर तीन साल से अधिक की सजा हुई, तब सुपरस्टार को सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

– सुपरस्टार सलमान इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं। वह सजा का ऐलान होने से पहले कोर्ट परिसर को छोड़कर नहीं जा सकते हैं। सजा के फैसले की कॉपी की फोटो-स्टेट कराई जा रही है।

– जज साहब कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान के लिए सजा लिखी जा चुकी है। कभी भी इसका ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सरकारी वकील इसके ऐलान होने में आधा घंटा बता रहे हैं।

– सजा के ऐलान को लेकर कोर्ट परिसर के बाहर भारी सुरक्षबल तैनात किया गया है। वहीं, बरी किए गए सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं। वे दोपहर एक बजकर मिनट की फ्लाईट से निकलेंगे।

– सलमान को दोषी करार दिए जाने के दौरान बहन अलवीरा भी कोर्टरूम में थीं। वह इस वक्त कोर्टरूम में हैं। फैसले के बाद वह बेहद दुखी हैं और बुरी तरह से रो रही हैं।

– जज कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान भी यहीं मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर दो बजे तक सलमान को सजा का ऐलान हो जाएगा। वहीं, सैफ अली खान कोर्ट से बाहर निकल चुके हैं।

– सलमान की सजा पर बहस पूरी हो गई है। जज थोड़ी देर के लिए अपने चैंबर में गए हैं। थोड़ी देर बाद सलमान को सजा सुनाई जाएगी।

– सरकारी वकील ने कहा कि सलमान आदतन अपराधी हैं। उन्हें अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए। जवाब में सलमान के वकील ने पूछा है कि बाकी लोगों को बरी कर दिया गया है। ऐसे में सलमान को ही दोषी क्यों ठहराया गया है?

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुए सैफ, नीलम, तब्बू और सोनाली कोर्ट के दूसरे कमरे में मौजूद है। वहीं, सलमान की सजा पर अभी भी बहस जारी है। सलमान इस दौरान कोर्टरूम में अकेले हैं।

– सलमान कोर्टरूम में शांत बैठे हैं। वह अपना चेहरा नीचे किए हुए हैं। वहीं, उनके वकील उनके लिए कम से कम सजा की मांग कर रहे हैं। कोर्ट में वह सलमान को तीन साल से कम की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

– अब सलमान की सजा पर बहस शुरू हो गई है। सुपरस्टार को तीन साल की सजा पर इसी कोर्ट से जमानत मिल सकती है। सल्लू को एक से छह साल तक की सजा का ऐलान हो सकता है। सलमान पर इस मामले में 50 हजार रुपए का जुर्मान भी लग सकता है।

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान के अलावा अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, सल्लू को दोषी करार दिया गया है।

– सलमान के अलावा बाकी मामले में आरोपी बाकी कलाकार कोर्टरूम के अंदर मौजूद हैं। जज भी कोर्टरूम के भीतर हैं। थोड़ी देर में वह अपना फैसला सुनाएंगे। कोर्ट की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

Blackbuck Poaching Case: काला हिरण शिकार मामले पर फैसले को लेकर जोधपुर कोर्ट के अंदर जाते एक्टर सलमान खान। (फोटोः पीटीआई)

– सलमान खान अपने होटल से कोर्ट पहुंच चुके हैं। उनके पीछे पीछे-पीछे सैफ और नीलम भी कोर्ट पहुंचे। इनके बाद तब्बू और सोनाली बेंद्रे भी आ गई हैं।

– सलमान होटल से कोर्ट के लिए निकल चुके हैं। उनके अलावा बहनें भी कोर्ट के लिए रवाना हुई हैं। अर्पिता और अलवीरा कोर्ट परिसर में पहुंच गई हैं।

– मामले पर फैसले को लेकर सुपस्टार सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने पूजा-अर्चना की है और उनके बरी होने के लिए दुआएं मांगी हैं। बुधवार (तीन अप्रैल) को कटरीना रैफ मुंबई में सिद्धीविनायक मंदिर सलमान के लिए दुआ मांगने गई थीं।

– काला हिरण शिकार केस पर फैसला आने के लेकर जोधपुर कोर्ट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। सैफ, नीलम और सोनाली के वकीलों का कहना है कि अगर वे दोषी पाए गए तो सभी को बराबर की सजा मिले। अधिकतम सजा छह साल के लिए होगी, जबकि न्यूनतम सजा एक साल है।

क्या है 1998 का काला हिरण शिकार केस? आरोप था कि तब एक और दो अक्टूबर की रात सलमान समेत सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम देर रात लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव पहुंचे थे। यहां इन्होंने दो काले हिरणों का शिकार किया था। ये सभी कलाकार उस दौरान जीप में बैठे थे। हिरणों के झुंड पर सलमान ने गोली चलाई थी, जिसके लिए उन्हें अन्य सितारों ने उकसाया था। गोली चलने के बाद आवाज सुनकर ग्रामीण वहां जुटे थे। ऐसे में सलमान दो मृत हिरणों को छोड़कर वहां से गाड़ी सहित फरार हो गए थे। बता दें कि काला हिरण लुप्तप्राय जाति है और इसके शिकार पर रोक है। बीते दिनों इस मामले पर सुनवाई होने के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खन्नी ने फैसला सुरक्षित रखा था।

सलमान पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/51 में आरोप लगे हैं, जबकि सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/52 व भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के अंतर्गत आरोप हैं। सलमान व अन्य सितारों को अगर सजा होगी तो उन्हें वाल्ड लाइफ एक्ट 9/51 और 9/52 के तहत एक साल से छह साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है। याद दिला दें कि संरक्षित जानवरों के शिकार से संबंधित तीन मामलों में दो बार सलमान खान जेल जा चुके हैं। साल 2006 और 2007 में उन्हें जोधपुर जेल की हवा खानी पड़ी थी।

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ICICI बैंक लोन मामलाः चंदा कोचर के पति से CBI कर सकती है पूछताछ

वीडियोकॉन लोन मामले में सीबीआई ने दीपक कोचर के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. वीडियोकॉन समूह को दिए गए एक लोन मामले में कोचर और उनके परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता की खबरें आई थीं, जिसके बाद सीबीआई ने शुक्रवार को दीपक कोचर के खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू की.

सीबीआई के एक अधिकारी ने आजतक को बताया कि सभी अधिकारियों जिनका लोन पास कराने में योगदान था, उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं. इसके अलावा सीबीआई ने इस लोन से जुड़े सभी दस्तावेजों को भी ज़ब्त कर लिया है, जिसका अध्ययन किया जा रहा है.

अब सीबीआई दीपक कोचर को पूछताछ के लिए बुला सकती है. दीपक के अलावा सीबीआई वीडियोकॉन ग्रुप के अहम लोगों से भी पूछताछ कर सकती है. यह पूछताछ सीबीआई की बैंक फ्रॉड एंड सिक्योरिटी विंग करेगी.

हालांकि, नियमों के मुताबिक, प्रारंभि‍क जांच के दौरान सीबीआई अधिकारिक नोटिस जारी नहीं कर सकती, लेकिन जरूरत पड़ने पर पूछताछ जरूर कर सकती है.

प्रारंभिक जांच के तहत इस बात का पता लगाया जाएगा कि दीपक कोचर और उनके दो रिश्तेदारों द्वारा बनाई गई फर्म को वीडियोकॉन समूह के वेणुगोपाल धूत ने रिश्वत के रूप में कितने रुपये दिए. साथ ही उन आरोपों की भी जांच होगी, जिसमें कहा जा रहा है कि वीडियोकॉन समूह को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दी गयी कर्ज सहायता कुछ ले-दे कर दी गयी और इस में कोचर और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की कथित संलिप्तता थी.

4000 करोड़ के लोन में हेरा-फेरी का आरोप

दरअसल, ICICI बैंक और वीडियोकॉन ग्रुप के निवेशक अरविंद गुप्ता ने चंदा कोचर पर आरोप लगाया था कि कोचर ने वीडियोकोन को कुल 4000 करोड़ रुपए के दो ऋण मंजूर करने के बदले में गलत तरीके से निजी लाभ लिया.

रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज में दर्ज जानकारी के मुताबिक ICICI बैंक चीफ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर ने धूत के साथ मिलकर दिसंबर 2008 में न्यू पॉवर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) के नाम से साझा कंपनी बनाई. NRPL में धूत, उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों के 50 फीसदी शेयर थे.

बाकी शेयर चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और पैसेफिक कैपिटल के नाम थे. पैसेफिक कैपिटल का स्वामित्त्व दीपक कोचर के परिवार के पास ही था. एक साल बाद जनवरी 2009 में धूत ने NRPL के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया और अपने करीब 25000 शेयर दीपक कोचर को ट्रांसफर कर दिए. मार्च 2010 में NRPL को सुप्रीम एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से लोन मिला जो कि धूत की ही कंपनी थी.

मार्च 2010 के आखिर तक सुप्रीम एनर्जी ने NRPL का अधिकतर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. दीपक कोचर के पास 5 फीसदी शेयर ही रह गए. करीब 8 महीने बाद धूत ने सुप्रीम एनर्जी में अपनी सारी होल्डिंग अपने सहयोगी महेश चंद्र पुंगलिया के नाम कर दी. दो साल बाद पुंगलिया ने सुप्रीम एनर्जी में अपना सारा स्टेक दीपक कोचर की पिनेकल एनर्जी को 9 लाख रुपए में दे दिया.

2012 में दिया 3250 करोड़ का ऋण

अरविंद गुप्ता ने इंडिया टुडे से कहा, ‘हमें जानने की जरूरत है कि क्यों दीपक कोचर और धूत ने साझा उपक्रम बनाया और फिर धूत ने उसे छोड़ दिया. हमें जानने की जरूरत है कि मारिशियन कंपनी (डीएच रीन्यूएबल्स) के पीछे असल में कौन लोग हैं.’ गुप्ता के संदेह का कारण NRPL को उसी समय विदेशी फंड का बहुतायत में मिलना है.

ICICI बैंक ने करीब 4000 करोड़ रुपए ऋण के तौर पर वीडियोकोन ग्रुप को 2010 से 2012 के बीच दिए और डीएच रीन्यूएबल्स ने 325 करोड़ और 66 करोड़ रुपए NRPL में डाले. ICICI बैंक ने 3250 करोड़ 5 वीडियोकॉन कंपनियों को अप्रैल 2012 में दिए. इसके बाद केमेन आईलैंड्स की एक शैल कंपनी को 660 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया.

सेबी भी कस सकता है ICICI बैंक पर शिकंजा

आईसीआईसीआई बैंक के विवादों में घिरने के बीच बाजार नियामक सेबी ने देखना शुरू किया है कि कहीं इस मामले में सूचनाओं के प्रकाशन या कंपनी संचालन से जुड़ा कोई मामला तो नहीं बनता है.

इसी तरह वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज व इसके प्रवर्तक भी एक मामले में नियामक की निगाह में हैं. यह मामला आईसीआईसीआई बैंक व कुछ सार्वजनिक बैंकों के समूह द्वारा कंपनी को दिए गए कर्ज में कथित प्रतिदान से जुड़ा है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि नियामक ने निजी क्षेत्र के इस बैंक द्वारा बीते कुछ साल में किए गए विभिन्न खुलासों में शुरुआती जांच शुरू की है.

वहीं शेयर बाजार भी 2012 तक के कुछ सौदों के संबंध में हालिया रपटों के बारे में अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांग सकते हैं. उल्लेखनीय है कि आईसीआईसीआई बैंक देश का चौथा सर्वाधिक मूल्यवान बैंक है, जिसका बाजार पूंजीकरण लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये है.

ICICI ने चंदा कोचर का किया बचाव

ICICI बैंक के बोर्ड ने अपनी एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा जताया है. आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष एमके शर्मा ने शुक्रवार को अपनी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के बचाव में उतरते हुए कहा कि बोर्ड को सीईओ पर पूरा भरोसा है.

साथ ही, उन्होंने वीडियोकॉन समूह को दिए लोन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है. शर्मा ने कहा कि बैंक ने कर्ज मंजूरी के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा की और उन्हें मजबूत पाया.

उन्होंने कहा कि बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि विभिन्न अफवाहों में लगाए गए आरोपों जैसी कोई गड़बड़ी/ भाई भतीजावाद/हितों का टकराव नहीं है. उन्होंने कहा कि बैंक और इसके शीर्ष प्रबंधन की छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं.