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दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले शख्स बने निकेश अरोड़ा, अब हैं पालो अल्टो नेटवर्क के नए CEO

50 साल के अरोड़ा ने मार्क मिकलॉकलीन जगह ली है. जो पिछले सात सालों से पालो अल्टो के सीईओ के पद पर बने हुए थे. निकेश अरोड़ा सीईओ के साथ ही इस ग्रुप के नए चेयरमैन भी बन गए हैं. निकेश का सालाना वेतन 1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6.7 करोड़ रुपये होगा और इतना ही उन्हें बोनस मिलेगा. इसके साथ ही उन्हें 40 मिलियन डॉलर यानी 268 करोड़ रुपए के रिस्ट्रीक्टेड शेयर मिलेंगे।

कौन हैं निकेश अरोड़ा?
निकेश अरोड़ा का जन्म 6 फरवरी 1968 को उत्तर प्रदेश के गाजि‍याबाद में हुआ. निकेश के पिता इंडियन एयरफ़ोर्स में अधिकारी थे. उन्होंने दिल्ली के एयरफ़ोर्स के स्कूल से पढ़ाई की. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग आआईटी वाराणसी (बीएचयू) से साल 1989 में किया. आईआईटी की डिग्री के बाद उन्हें विप्रो में नौकरी मिली लेकिन उन्होंने जल्द ही ये नौकरी छोड़ दी औऱ आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया. इसके बाद उन्होंने अमेरिका नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री ली.

निकेश अरोड़ा ने साल 2004 में गूगल कंपनी ज्वाइन की. गूगल में वे कई ऑपरेशन के लीडर के तौर पर काम करते रहे. साल 2004 से 2007 के बीच वे गूगल के यूरोप ऑपरेशन के वाइस प्रेसिडेंट रहे. इसके बाद अफ्रीका रिजन के लिए साल 2009 तक काम किया. साल 2009 से 2010 तक वे गूगल के ग्लोबल बिजनेस डेवपमेंट के प्रेसिडेंट रहे. 2011 में वो गूगल में चीफ़ बिज़नेस ऑफिसर बन गए और इसके साथ ही वो उस लीग में आ गए जिन्हें गूगल सबसे ज्यादा सैलरी देता है. साल 2014 में अरोड़ा ने गूगल की नौकरी छोड़ दी.

इसके बाद निकेश ने बतौर सीओओ (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) सॉफ़्ट बैंक ज्वाइन किया था और यहां उन्हें दो सालों में 200 मिलियन डॉलर का कंपेंसेशन पैकेज मिला. निकेश यहां जून 2016 तक रहे थे. अब जून 2018 में उन्होंने पालो अल्टो का हाथ थामा है.

 

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फ्लिपकॉर्ट में 77% हिस्सेदारी के बाद अब 85% की तैयारी में वॉलमार्ट

देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद अब वॉलमार्ट 3 अरब डॉलर का निवेश कर फ्लिपकॉर्ट की 85 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है।

 

इस बात की जानकारी दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर ने शुक्रवार को अमेरिकी सिक्यॉरिटीज और एक्सचेंज कमिशन को दी। रिटेलर ने ये भी बताया कि वॉलमार्ट के बाकी शेयर भी उसी कीमत पर खरीदे जाएंगे जिस कीमत पर 77 फीसदी शेयर खरीदे गए थे।

वॉलमार्ट ने किस दर पर फ्लिपकॉर्ट के शेयरों को हासिल किया यह जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। वॉलमार्ट की फाइलिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फ्लिपकॉर्ट के बड़े निवेशक जापानी इंटरनेट और टैलीकॉम कंपनी सॉफ्टबैंक ने शेयरों को बेचने पर कोई फैसला नहीं किया है। सॉफ्टबैंक के पास फ्लिपकॉर्ट के करीब 22 फीसदी शेयर हैं। इससे पहले मीडिया रिपोर्टस से भी ये बात साने आई थी कि वॉलमार्ट और सॉफ्टबैंक पहले की कीमत पर ही शेयर ट्रांजेक्शन के लिए वक्त निकाल कर बातचीत करने की तैयारी कर रहे थे।

एसईसी फाइलिंग के अनुसार, वॉलमार्ट 2 अरब डॉलर कैश में निवेश कर रहा है और फ्लिपकॉर्ट के मौजूदा शेयर होल्डर्स से 14 अरब डॉलर मूल्य के शेयर खरीद रहा है। वॉलमार्ट ने कहा है कि वह बोर्ड और फाउंडर की सलाह से फ्लिपकॉर्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ और प्रिंसिपल एग्जिक्युटिव्ज को अपॉइंट या रिप्लेस कर सकता है। फिलहाल कल्याण कृष्णमूर्ति फ्लिपकॉर्ट के सीईओ हैं और को-फाउंडर बिन्नी बंसल ग्रुप सीईओ हैं। को-फाउंडर और एग्जिक्युटिव चैयरमैन सचिन बसंल ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया।

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ट्रंप के ट्वीट से अमेजॉन को 45 अरब डॉलर का नुक्सान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑनलाइन रिटेल कंपनी अमेजॉन पर लगातार निशाना साधे जाने के बाद कंपनी के शेयरों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेजॉन का शेयर वैल्यू 5.9 प्रतिशत गिर गया यानी 45 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। अमेजन की मार्केट वैल्यू $1,362.48 है। उन्होंने कंपनी पर सस्ते शिपिंग लागत को लेकर अमेरिकी डाक सेवा (यू.एस.पी.एस.) घोटाले को अंजाम देने का आरोप लगाया है।

पोस्ट ऑफिस घोटाला बंद हो
ट्रंप ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘चूंकि हम इस विषय में बात कर रहे हैं, यह जानकारी मिली है कि अमेरिकी पोस्ट ऑफिस को अमेजन के लिए डिलीवर किए जाने वाले हर पैकेज पर औसतन 1.50 डॉलर की चपत लगेगी। यह रकम अरबों डॉलर में है।’ ट्वीट में उन्होंने कहा था कि अगर यूएस पोर्टल सर्विस अपने पार्सल रेट बढ़ाता है तो अमेजॉन का शिपिंग लागत बढ़कर 2.6 अरब हो जाएगा। ट्रंप ने लिखा कि यह पोस्ट ऑफिस घोटाला जरूर बंद होना चाहिए।

पिछले साल सिटीग्रुप द्वारा जारी एक विश्लेषण के मुताबिक, अगर लागत निष्पक्ष तरीके से निर्धारित किया जाता है तो अमेजॉन को यू.एस.पी.एस. के जरिए भेजने पर औसतन एक पैकेज पर 1.46 डॉलर से ज्यादा का शिपिंग लागत आएगा। अमेजॉन पर यह नया निशाना ट्रंप के उस दावे के दो दिन बाद साधा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेजॉन द्वारा शिपिंग लागत में धांधली करने से खुदरा व्यवसाय और स्थानीय सरकारों पर नकारात्मक असर पड़ा है।

अमेजॉन के साथ चिंता जाहिर की
ट्रंप अक्सर समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट की आलोचना करते रहते हैं। जिसका स्वामित्व अमेजॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ बेजोस के पास है। ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा था, ‘मैंने चुनाव के काफी पहले अमेजॉन के साथ अपनी चिंता जाहिर की थी। दूसरों के विपरीत, वे देश और स्थानीय सरकारों को कर का भुगतान बहुत कम करते हैं या नहीं करते हैं। हमारी डाक प्रणाली का इस्तेमाल वे डिलीवरी का काम करने वाले शख्स की तरह करते हैं (जिससे अमेरिका को काफी नुकसान हो रहा है) और हजारों खुदरा व्यापारियों के व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रहे हैं।’ ट्रंप के दौलतमंद मित्रों ने भी उनसे शिकायत की है कि अमेजॉन उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रहा है।

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जय शाह ने वेब पोर्टल द वायर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ की आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया

खास बातें

  1. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जय शाह ने कुछ भी ग़लत नहीं किया है
  2. गुजरात चुनावों से पहले इस विवाद के जल्दी खत्म होने के आसार नहीं
  3. इस मामले पर असली लड़ाई सियासत के मैदान में लड़ी जाएगी

नई दिल्‍ली: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह ने वेब पोर्टल द वायर के ख़िलाफ़ 100 करोड़ की आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया है. रविवार को को जय शाह के बचाव में उतरे बीजेपी के बड़े नेता सोमवार को इस मुद्दे पर दिल्ली में ख़ामोश रहे, जबकि विपक्ष हमले पर हमला बोलता रहा. हमले की जद में अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी तक हैं. कांग्रेस को लग रहा है कि गुजरात चुनाव से पहले उसे वो मुद्दा मिल गया जिसकी तलाश थी. अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार में नाटकीय उछाल को लेकर दिल्ली, जयपुर और लखनऊ तीनों शहरों में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पार्टी ने अमित शाह से इस्तीफा मांगा और प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ते हुए इस मामले की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार पर ख़बर लिखने के मामले में जय शाह ने न्यूज़ वेबसाइट द वायर के ख़िलाफ़ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है.

सोमवार को अपने ख़िलाफ़ छपी रिपोर्ट को लेकर जय शाह ने अहमदाबाद की कोर्ट में 100 करोड़ का केस कर दिया. रविवार को ही बीजेपी की तरफ़ से रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जय शाह ने कुछ भी ग़लत नहीं किया है, उन्होंने सारे लोन चुकाए हैं और कुछ भी ग़लत नहीं किया है. उधर सोमवार को उनके बचाव में उतरी बीजेपी दिल्ली में चुप रही, लेकिन लखनऊ में उसने जवाबी हमला बोला.

योगी सरकार में स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि गुजरात चुनावों से पहले कांग्रेस जानबूझ कर इस मामले को तूल दे रही है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल पूछा कि क्यों नेशनल हेराल्ड मामले में उन्होंने डिफेमेशन केस दायर किया था. इस राजनीतिक बयानबाज़ी से साफ है कि गुजरात चुनावों से पहले ये विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल दिखाई नहीं देते. मामला अदालत में है, लेकिन इसकी असली लड़ाई सियासत के मैदान में लड़ी जानी है, ये एहसास अब सबको है.