Posted on Leave a comment

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आज ही के दिन वनडे में दोहरा शतक जड़ सचिन तेंदुलकर ने रच दिया था इतिहास

भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को टी-20 सीरीज का फाइनला मुकाबला खेलना है। 24 फरवरी को होने वाले इस मैच को जीतने के लिए दोनों टीमों के कप्तान पूरा जोर लगाएंगे। अगर इतिहास की बात करें तो 24 परवरी भारतीय टीम के लिए लकी साबित रहा है। 8 साल पहले आज ही के दिन भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में दोहरा शतक जड़ एक नया रिकॉर्ड अपने नाम किया था। साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर तीन वनडे मैच खेलने आई थी। सीरीज का पहले मैच बेहद रोमांचक रहा और भारतीय टीम वो मैच एक रन से जीतने में कामयाब रही। वहीं दूसरे मैच में सचिन तेंदुलकर की नाबाद 200 रनों की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 153 रनों से हरा दिया। ग्‍वालियर में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की तरफ से वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ओपनिंग करने आए। सहवाग के 9 रन पर आउट होने के बाद सचिन ने दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 150 से ऊपर रनों की साझेदारी की। इस दौरान सचिन बेहतरीन लय में नजर आ रहे थे और हर तरफ शॉट्स खेलने में कामयाब हो रहे थे।

cricket world records, Sachin Tendulkar, Chris Gayle, Virender Sehwag, Rohit Sharma, double hundred, highest individual score in ODIs, highest individual score in T20s, Highest team total in T20s, Fastest T20 Hundred, Chris Gayle 175, Chris Gayle fastest century, Jansatta Sports gallary, jansatta sports news gallary2010 में ग्वालियर कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में डबल सेंचुरी बनाई थी।

इस मैच में सचिन ने 147 गेंदों में नाबाद 200 रन बनाए और वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर बने। सचिन ने अपनी पारी के दौरान 25 चौके और 3 छक्के भी लगाए। सचिन की यह पारी आज भी फैंस के जहन में तरोताजा है। इस मैच में सचिन के अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी 35 गेंदों में 68 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, इस दौरान उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के लगाए।

Posted on Leave a comment

SOCIAL FEED: ‘आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम’

भारतीय टीम के अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने पर बधाइयों का सिलसिला जारी है.

सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है. ट्विटर पर टॉप-10 में से नौ ट्रेंड भारतीय टीम की जीत से जुड़े हैं.

बहुत सारे लोग इस जीत का श्रेय टीम के प्रदर्शन के साथ साथ कोच राहुल द्रविड़ को भी दे रहे हैं.

जीत के बाद मैदान पर भारतीय टीम ने इस तरह जश्न मनाया.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सीनियर टीम के कप्तान विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, कई खिलाड़ियों और सिने सितारों ने भी भारतीय टीम को जीत की बधाई दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा,

“हमारे नौजवान क्रिकेटरों की विलक्षण उपलब्धि से बहुत प्रसन्न हूं. अंडर-19 विश्व कप जीतने पर उन्हें बधाई. इस जीत से प्रत्येक भारतीय गर्व महसूस कर रहा है. ”

राष्ट्रपति ने भी विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ और बाकी खिलाड़ियों पर गर्व जताते हुए बधाई दी.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने एक तस्वीर पोस्ट करते हुए बधाई दी. उन्होंने लिखा, “अंडर-19 के लड़कों की यह क्या शानदार जीत है. इसे मील के पत्थर की तरह लो, अभी बहुत आगे जाना है. इस क्षण का आनंद लो.”

सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो पोस्ट करके टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं.

केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने भी ट्वीट करके टीम और कोच को बधाई दी.

वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “ये लड़के इतने सुरक्षित हाथों में हैं. राहुल द्रविड़ के सुरक्षित हाथ. इन नौजवानों और भारतीय क्रिकेट के भविष्य में महान महान योगदान. हमारे पास कुछ शानदार प्रतिभाएं हैं.”

युवराज सिंह, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, रवि शास्त्री, आर अश्विन और ज़हीर ख़ान ने भी टीम को बधाई दी है.

सुरेश रैना ने लिखा कि टीम के कोच राहुल द्रविड़ को विशेष मुबारकबाद, जिन्होंने पर्दे के पीछे लगातार कड़ी मेहनत करके इस टीम को अपनी असल क्षमता हासिल करने में मदद की.

क्रिकेट एक्सपर्ट मोहनदास मेनन ने इस जीत को पूरी तरह राहुल द्रविड़ की जीत बताते हुए लिखा, “आख़िरकार एक विश्व कप, राहुल द्रविड़ के नाम. इसका उनसे बड़ा हक़दार कोई नहीं.”

फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी ने लिखा, “अपनी उम्र को अपने स्कोर से पीछे छोड़ दिया! ‘दीवार’ की ओर से प्रशिक्षित इस टीम को शीर्ष पर पहुंचना ही था. क्या शानदार जीत है. अद्भुत राहुल द्रविड़. भारतीय होने पर गर्व है.”

अभिनेता अनिल कपूर ने लिखा, “और हमारे लड़कों ने यह फिर कर दिखाया. आप सबको खेलते देखना शानदार अनुभव था.”

भारत ने विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया..

मनजोत कालरा (101) और हार्विक देसाई (47) के बेहतरीन नाबाद पारियों की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिला 217 रनों का लक्ष्य 38.5 ओवरों में दो विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. इससे पहले भारतीय टीम साल 2000, 2008 और 2012 में ये ख़िताब अपने नाम किया था.

बीसीसीआई ने टीम के लिए पुरस्कार राशि का भी ऐलान किया है. टीम के कोच राहुल द्रविड़ को 50 लाख और टीम के खिलाड़ियों को 30-30 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

सपोर्ट स्टाफ़ के हर सदस्य को 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

Posted on Leave a comment

28 साल बाद सचिन तेंदुलकर ने किया खुलासा, डेब्यू मैच में क्यों रोने लगे थे

टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आज से ठीक 28 साल पहले कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर का डेब्यू मैच खेला था। 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी पहली पारी को याद करते हुए तेंदुलकर ने खुलासा किया कि वो क्यों रोने लगे थे। याद हो कि तेंदुलकर ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया, तब उनकी उम्र महज 16 साल की थी।
मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर ने पहली पारी में 15 रन बनाए थे। 28 साल पहले की याद ताजा करते हुए तेंदुलकर ने एक फेसबुक लाइव किया। इसमें उन्होंने कहा कि जब वो जल्दी आउट हुए तो काफी निराश थे और बाथरूम में जाकर रोने लगे। सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘जब मैं अपनी पहली पारी खेलकर ड्रेसिंग रूम में पहुंचा तो मुझे लगा कि गलत जगह पर गलत समय आ गया। बहुत मुश्किल था। मैं बाथरूम में गया और रोने लगा। फिर वहां जो सीनियर प्लेयर्स मौजूद थे, उन्होंने मुझे समझाया और प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि मुझे क्या करना चाहिए। इससे मुझे अगले मैच में विश्वास मिला।’

तेंदुलकर ने इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान जाने से पहले उन्हें मेजबान टीम के गेंदबाजी आक्रमण की कोई जानकारी नहीं थी। उन्हें नहीं पता था कि वहां कैसे मैच खेलना था। उन्होंने कहा,  ‘चयन से पहले मैंने ईरानी ट्राफी में शतक बनाया। इसके बाद टीम इंडिया में मेरा सिलेक्शन हो गया। फिर मैं पाकिस्तान गया। वहां तगड़ा गेंदबाजी आक्रमण, वहां क्या होगा मुझे कुछ नहीं पता था। वहां कुछ ओवर खेला तो पता चला कि अटैक इस तरह का होगा। उस वक्त इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस जैसे तगड़े गेंदबाज थे। उनकी बॉल को फेस करना कठिन काम था।’

भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘पहली पारी में मुश्किल से 15 रन बनाए थे। इसके बाद मैंने अपने करियर की दूसरी पारी में फिफ्टी लगाई। उस दौरान मुझे पता चला कि मैं यह कर सकता हूं। जब मैं दूसरी पारी खेलने गया, तो तय कर रखा था कि मुझे स्कोर बोर्ड को नहीं देखना है, मैं सिर्फ घड़ी देख रहा था। मैं सिर्फ वहां मैदान पर वक्त बिताना चाहता था। किसी भी कीमत पर मुझे वहां खड़ा रहना था। मुझे विश्वास हुआ कि मैं कर सकता हूं। 59 रन बनाए। यह मेरी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट था। उन लोगों के सामने खेलने के बाद आपको आनंद मिलेगा।’

अपनी याद ताजा करने के बाद सचिन ने युवाओं को ही एक पैगाम दिया है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वो कभी शॉर्ट कट्स पर विश्वास नहीं करें और हमेशा अपने सपने का पीछा करे। सचिन ने कहा, ‘आज की युवा पीढ़ी के लिए मेरा मैसेज है कि अपने सपने का पीछा करो। मैं जब दस साल का था, तो मैंने टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना देखा था। हमेशा से चैलेंज रहेगा, करियर के अंतिम दिन तक चैलेंज था। देश का प्रतिनिधित्व करने से बड़ा कोई सम्मान नहीं। कैप पहना था तो वो बेस्ट फीलिंग थी। जब ट्रॉफी उठाई तो वह दूसरी बार फीलिंग। मुश्किल टारगेट सेट करें अपने लिए। जब वो आप पाएंगे तो पूरा देश आपको चीयर्स करेगी।’