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खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।

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जानिए भारत में कैसे बढ़ती-घटती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमत

आइये जानते हैं वे कौन से फैक्टर हैं जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव डालते हैं।

कैसे तय होते हैं दाम

सबसे पहले खाड़ी या दूसरे देशों से तेल खरीदते हैं, फिर उसमें ट्रांसपोर्ट खर्च जोड़ते हैं। क्रूड आयल यानी कच्चे तेल को रिफाइन करने का व्यय भी जोड़ते हैं। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और डीलर का कमीशन जुड़ता है। राज्य वैट लगाते हैं और इस तरह आम ग्राहक के लिए कीमत तय होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बदलाव घरेलू बाजार में कच्चे तेल की कीमत को सीधे प्रभावित करता है। भारतीय घरेलू बाजार में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के लिए जिम्मेदार यह सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से है। अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि, कम उत्पादन दर और कच्चे तेल के उत्पादक देशों में किसी तरह की राजनीतिक हलचल पेट्रोल की कीमत को गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

बढ़ती मांग

भारत और अन्य विकासशील देशों में आर्थिक विकास ने भी पेट्रोल और अन्य आवश्यक ईंधन की मांग में वृद्धि की है। हाल ही में निजी वाहनों के मालिकों की संख्या बढ़ी है, जिससे भारत में पेट्रोल की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

आपूर्ति और मांग में असंतुलन
कच्चे तेल के इनपुट मूल्य की उच्च लागत के कारण भारत में तेल रिफाइनरी कंपनियों को बाजार की मांगों को पूरा करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। जिससे देश में पेट्रोल की कम आपूर्ति और अधिक मांग होती है।

टैक्स रेट
पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से लगाए जाने वाले टैक्स पर भी काफी हद तक निर्भर करती हैं। सरकार की ओर से टैक्स दरें बढ़ाने की स्थिति में कंपनियां अक्सर उसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि होती है।

चार साल में 12 बार बढ़ीं कीमतें
बीते चार साल में सरकार ने कम से कम एक दर्जन बार ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क में इजाफा किया है। नतीजतन मौजूदा सरकार को पेट्रोल पर मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में 2014 में मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी के मुकाबले 10 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मुनाफा होने लगा। इसी तरह डीजल में सरकार को पिछली सरकार के मुकाबले 11 रुपये प्रति लीटर ज्यादा मिल रहे हैं।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105. 49 फीसदी और डीजल में 240 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। दरअसल, फिलहाल पेट्रोल डीजल में कई सारे टैक्स शामिल हैं। मसलन, एक्साइज ड्यूटी और वैट (मूल्य संवर्धित कर)। इसके अलावा डीलर की ओर से लगाया गया रेट और कमीशन भी कीमतों में जुड़ते हैं। एक्साइज ड्यूटी तो केंद्र सरकार लेती है, जबकि वैट राज्यों की आमदनी (राजस्व) में जुड़ता है।

89.97 प्रति लीटर
महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल सोमवार को हो गया। यह पूरे देश में पेट्रोल की सर्वाधिक कीमत है।

रुपये की हालत
डॉलर की तुलना में रुपये की कीमत भी उन प्रमुख कारकों में से एक है, जो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत को प्रभावित करती हैं। भारतीय तेल कंपनियां अन्य देशों से आयातित तेल का भुगतान डॉलर में करती हैं। लेकिन उनके खर्च रुपये में दर्ज होते हैं। जब डॉलर की तुलना में रुपये में गिरावट आती है, तो कंपनियों के लाभ पर असर पड़ता है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ जाती है। इसी तरह रुपया मजबूत होने पर कीमतों में राहत मिलती है।

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अमेजन एक ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली दूसरी अमेरिकी कंपनी

amazon head quarter

अमेजन 1 ट्रिलियन डॉलर (71 लाख करोड़ रुपए) मार्केट कैप वाली अमेरिका की दूसरी और दुनिया की तीसरी कंपनी बन गई। इसका शेयर मंगलवार को 2% तेजी के साथ 2050.50 डॉलर पर पहुंच गया। इस बढ़त से मार्केट वैल्यू में इजाफा हुआ।

amazon jeff bezos

एपल दो अगस्त को 1 ट्रिलियन डॉलर की पहली अमेरिकी कंपनी बनी थी। अमेजन का मार्केट कैप एपल से 9900 करोड़ डॉलर कम है। एपल से पहले 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंचा था।

दुनिया की टॉप-3 मार्केट कैप वाली कंपनियां

कंपनी मार्केट कैप (डॉलर)
एपल 1099 अरब
अमेजन 1000 अरब
माइक्रोसॉफ्ट 856 अरब

एक साल में शेयर 100% से ज्यादा चढ़ा: पिछले 12 महीने में अमेजन के शेयर ने 108% रिटर्न दिया। इस साल जनवरी से अब तक इसमें 74% तेजी आई। पिछले तीन महीने में निवेशकों को 20% और एक महीने में करीब 12% मुनाफा दिया।

21 साल में शेयर प्राइस बढ़कर 114 गुना: 15 मई 1997 को 18 डॉलर पर अमेजन के शेयर की लिस्टिंग हुई। मंगलवार की तेजी के बाद शेयर 2050 के ऊपर चला गया। आईपीओ में 1000 डॉलर के निवेश की वैल्यू अब 13 लाख 41 हजार डॉलर से भी ज्यादा हो गई।

तारीख शेयर प्राइस
15 मई 1997 18 डॉलर
23 अक्टूबर 2009 100 डॉलर
27 अक्टूबर 2017 1000 डॉलर
30 अगस्त 2018 2000 डॉलर

जेफ बेजोस दुनिया में सबसे अमीर: अमेजन के फाउंडर और सीईओ लंबे समय से दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 166 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बेजोस नंबर-1 हैं। शेयर में तेजी से इस साल उनकी दौलत में 66.5 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। बिलेनियर इंडेक्स में 98.1 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ बिल गेट्स दूसरे नंबर पर हैं। एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी 47.7 अरब डॉलर के साथ 12वें नंबर पर हैं।

 

अमेजन का सफर

1994 किताब बेचने से शुरुआत
मई 1997 अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग
जून 1998 आईएमडीबी का अधिग्रहण

ऑनलाइन म्यूजिक स्टोर की शुरुआत

दिसंबर 2000 कैमरा, फोटो स्टोर शुरू किया

अमेजन मार्केटप्लेस लॉन्च

फरवरी 2005 अमेजन प्राइम लॉन्च
नवंबर 2007 अमेजन किंडल, अमेजन म्यूजिक शुरू
सितंबर 2011 किंडल फायर, किंडल टच, किंडल टच 3जी बाजार में उतारे
दिसंबर 2016 अमेजन वीडियो लॉन्च

ड्रोन सर्विस प्राइम एयर से पहली डिलीवरी

अगस्त 2017 13 अरब डॉलर में होल फूड्स का अधिग्रहण
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अब ट्रेन की लोकेशन भी बताएगा गूगल, जानें अन्य नई सुविधाओं के बारे में

Google for India Edition 4 इवेंट में गूगल के भारत के भविष्य के प्लान्स के बारे में कई घोषणाएं की गई हैं। जिनमें गूगल सर्च और मैप्स के साथ ही पेमेंट सिस्टम्स के बारे में कई घोषणाएं शामिल हैं। गूगल के सीनियर इंजीनियरिंग डायरेक्टर प्रवीर गुप्ता ने बताया कि गूगल असिस्टेंट अब मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। आइए, जानते हैं गूगल की बड़ी घोषणाओं के बारे में

गूगल तेज का नाम बदला

प्रवीर गुप्ता ने आगे कहा, Google असिस्टेंट जल्द ही अन्य 7 भाषाओं को भी सपोर्ट करेगा। इतना ही नहीं, आप अब अपने Google असिस्टेंट पर ट्रेन की लोकेशन भी जान सकते हैं। गूगल तेज ऐप का नाम बदलकर ”गूगल पे” रखा गया है। Google ने हाल में घोषणा की थी कि ”Tez” ऐप के डाउनलोड की संख्या 5 करोड़ पार कर गई है। Google के इस सालाना इवेंट में मैप्स और असिस्टेंट में भी कुछ खास फीचर जोड़ा सकता है।

भारत में अपार संभावनाएं

गूगल के वाइस प्रेसिडेंट सेल्स एंड ऑपरेशन (साउथ ईस्ट एशिया) राजन आनंदन ने कहा, भारत में इस समय 400 मिलियन इंटरनेट यूजर्स हैं, जिसमें 45 फीसद महिलाएं हैं। भारत में गूगल के लिए अपार संभावनाएं हैं।भारत में वॉयस सर्च करने के मामले में 270 फीसद की वृद्धि देखी गई है। हमारा लक्ष्य अगले 2 वर्षों में 500 मिलियन तक पहुंचने की है। हम इसलिए भारतीय भाषाओं में सर्च के ऑप्शन को बढ़ा रहे हैं।

50 फीसद से ज्यादा सर्च करने वाले यूजर्स बढ़े

आनंदन ने आगे कहा, भारत में कई यूजर्स अब गूगल पर सर्च करके अपने जवाब पा रहे हैं। पिछले 12 महीने में हर दिन मोबाइल पर 50 फीसद से ज्यादा बार भारतीय यूजर्स कुछ न कुछ सर्च कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट नवलेखा की शुरुआत

गूगल ने इस इवेंट में अपने ”प्रोजेक्ट नवलेखा” की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत अब पब्लिशर्स अपने कंटेंट को ऑनलाइन पब्लिश कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत देश के 1,35,000 भारतीय पब्लिशर्स को डिजिटाइज्ड किया जाएगा।

एंड्रॉइड गो में जोड़े दो नए फीचर्स

गूगल के एंड्रॉइड गो में दो नए फीचर्स जोड़े गए है। अब गो यूजर्स दो भाषाओं में न्यूज फीड और ऑडियो प्लेबैक के द्वारा आर्टिक्ल्स चुन सकेंगे। बाद में इस फीचर में अंग्रेजी और हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं जैसे मराठी, मलयालम आदि को जोड़ा जाएगा।

वॉयस असिस्टेंट अब भारतीय भाषाओं में करेगा काम

गूगल का वॉयस असिस्टेंट अब हिंदी और अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा को भी सपोर्ट करेगा। इसके साथ ही कंपनी वॉयस असिस्टेंट के साथ 7 अन्य भाषाओं को भी जो़ड़ेगा।

मैप्स गो ऐप में जोड़ा गया टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर

गूगल के मैप्स गो ऐप के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन फीचर को जोड़ा गया है। गूगल मैप्स के इस लाइट वर्जन में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ भी वॉयस नेविगेशन फीचर काम करेगा। इसके अलावा कोलकाता के लाखों लोगों के लिए प्लस कोड भी प्रोवाइड करेगा।

400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो स्मार्टफोन इस साल होंगे लॉन्च

सैमसंग के फ्लैगशिप वाला गैलेक्सी J2 कोर स्मार्टफोन एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम पर रन करेगा। सैमसंग का यह पहला स्मार्टफोन होगा जो गूगल के एंड्रॉइड गो को सपोर्ट करेगा। इस साल के अंत तक 400 से ज्यादा एंड्रॉइड गो ऑपरेटिंग सिस्टम वाला स्मार्टफोन लॉन्च किया जाएगा।

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विदेश व्यापार में इजाफे का जरिया बनी भारत की बदली रणनीति, बढ़ रहा निर्यात

साल 2014 में सत्ता में आने के बाद ही भारत के सभी विदेशी दूतावासों और राजदूतों व उच्चायुक्तों को उन देशों में भारतीय वस्तुओं/उत्पादों की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया था। यहां तक कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए होने वाली बातचीत में भी आपसी कारोबार को बढ़ाने के उपायों को शामिल करने पर जोर दिया गया। पूर्वी यूरोप के एक देश में रह चुके एक राजदूत के मुताबिक सरकार का यह स्पष्ट संदेश था कि भारतीय निर्यात की संभावनाओं को सदैव ध्यान में रखा जाए।

बीते चार साल में सरकार को तमाम दूतावासों से विदेश व्यापार को लेकर तमाम सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। सभी दूतावासों से यह जानकारी मांगी गई थी कि उन देशों में किन भारतीय उत्पादों की मांग की संभावना है। सरकार ने अपने दूतावासों की मदद से बीते चार साल में काफी जानकारी जुटाई है। कुछ उत्पादों के संबंध में मसलन इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के मामले में तो वाणिज्य मंत्रालय ने तत्काल कदम उठाए हैं जिनका असर निर्यात पर दिखा भी है। बीते छह महीने में निर्यात में वृद्धि का जो सिलसिला शुरू हुआ है, इसमें दूतावासों की तरफ से प्राप्त सूचनाओं का भी योगदान है।

इस पूरी एक्सरसाइज का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि सरकार को भविष्य के लिए अपनी निर्यात रणनीति तैयार करने में काफी मदद मिल रही है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इन सूचनाओं के आधार पर एक मैट्रिक्स तैयार किया जा रहा है। इसके तहत जिस देश में जिस वस्तु या उत्पादों की मांग सामने आई है वहां उसके निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह मैट्रिक्स विभिन्न देशों के आधार के साथ साथ दुनिया के विभिन्न जोनों में उत्पादों की मांग के आधार पर तैयार किया जा रहा है।

दूतावासों की सूचना के आधार पर इस मैट्रिक्स में कई ऐसे देशों के नाम भी जोड़े जा रहे हैं जो अभी तक भारत की निर्यात सूची में प्राथमिकता पर नहीं थे। लेकिन वहां से भी भारतीय वस्तुओं की मांग की सूचना मिली है। इन सूचनाओं के आधार पर ही सरकार निर्यातकों और उनके संगठनों को जानकारी उपलब्ध करा रही है ताकि भारतीय निर्यात को तेज वृद्धि की राह पर लाया जा सके। वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु की निर्यात संगठनों के साथ हुई बातचीत में भी यह मुद्दा चर्चा में आया है।

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TVS Motors Makes Its Second Bet On EBikes Startup UAPL With Additional 10.98% Stake, Holding around 25% Currently

Bengaluru-based Ultraviolette Automotive Pvt Ltd (UAPL), which is developing electric two-wheelers, has raised $862K (INR 6 Cr) in a Series A funding round from TVS Motors Company.

This is TVS’s second investment in UAPL and has increased its holding in the startup to 25.76%, according to a stock exchange filing. In 2017, TVS invested $700K (INR 5 Cr) for a 14.78% stake in UAPL. With the latest investment, UAPL’s total funding has touched close to $2.5 Mn, the founder of the startup revealed.

The UAPL was founded in 2016 by Niraj Rajmohan and Narayan Subramaniam. They plan to utilise the funds to fine-tune UAPL’s product engineering work and also to expand its core R&D team and facility.

The startup is engaged in developing an electric motorcycle equivalent of conventional bikes in the 200-250 cc segment. It plans to launch its first two-wheeler by the end of 2019, the founders said.

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बिना नौकरी के कमाना चाहते हैं अच्छी रकम, आजमाएं ये 4 आसान ऑनलाइन तरीके

जानें सोशल मीडिया पर आप क्या कुछ कर कमा सकते हैं पैसे:

ब्लॉंगिंग: लिखने का हुनर जानने वाले और भाषायी व्याकरण पर अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए ब्लॉगिंग कमाल की चीज है। यानी अगर आपको लिखना पसंद है तो आप इसके जरिए कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको गूगल की ब्लॉ गिंग साइट ‘ब्लॉ गर’ पर अकाउंट बनाना होगा और इसके बाद आप वहां लिखना शुरू कर दीजिए। बेहतर होगा कि आप अपने ब्लॉग पर जो कुछ भी लिखते हैं उसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक या ट्विटर पर शेयर करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आपका लिखा पहुंचे सके। इससे एक फायदा यह होगा कि आप अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा पाएंगे, आपकी प्रसिद्धी बढ़ेगी साथ ही आपके ब्लॉग को कई लोग जान पाएंगे। जब आपके पेज व्यूदज का काउंट काफी ज्या दा बढ़ जाएगा, तब आप गूगल एडसेंस के लिए अप्लाजई कर दें और अप्रूवल मिलते ही आपकी कमाई शुरू हो जाएगी।

वीडियो ब्लॉागिंग: फोटोग्राफी का शगल रखने वाले और इसे जज्बे के साथ अंजाम देने वालों के लिए इससे कमाल की कोई चीज नहीं हो सकती है। वीडियो ब्लॉकगिंग से भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। आप किसी एक टॉपिक को चुन लें और उस पर वीडियो बनाना शुरू कर दें। मान लीजिए आपको बाइक पसंद है तो आप उसके किसी खास टॉपिक पर रिव्यू देकर उसे हाईलाइट कर सकते हैं।

इसके लिए आपको फेसबुक और यू ट्यूब पर लगातार सक्रिय रहना होगा। आप जो भी वीडियो बनाएं उसे फेसबुक और यू ट्यूब पर शेयर करें। इससे आपके वीडियो को देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और लोग आपके यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करेंगे। जब आपके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ जाएगी फिर आपके पास पैसे आने लगेंगे। इतना ही नहीं इसके अलावा जो कंपनियां अपने प्रोडक्ट को प्रमोट करना चाहती हैं वह आपके वीडियो का सहारा ले सकती हैं। इससे भी आपकी कमाई बढ़ जाएगी।

फ्रीलांसिंग: अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं लेकिन आपको मिलने वाली सैलरी आपके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है तो यह भी पैसे कमाने का अच्छा जरिया है। यदि आपके भीतर हुनर है तो आप फ्रीलांसिंग का काम करके अच्छा पैसा कमा सकते हैं। बहुत सारी ऐसी वेबसाइट हैं जो फ्रीलांस का काम करने का मौका देती हैं। इनके टास्क अलग अलग कैटिगरी के हिसाब से लिस्ट होते हैं। आप जो काम बेहतर कर सकते हैं उनके लिए अप्लाई कर दें। फ्रीलांसिंग से प्रति असाइनमेंट 5 डॉलर से 100 डॉलर तक की कमाई की जा सकती है।

ऑनलाइन सर्वे: ऑनलाइन वर्ल्ड में यह कमाई के लिए एक नए तरीके का आसान काम है। इसमें बस आपको कंपनियों की तरफ से ऑनलाइन सर्वे आयोजित कराना होता है। दैनिक आधार पर जिन सर्वे को आप पढ़ते हैं वे बाजार अनुसंधान फर्मों और मेगा-कॉरपोरेशन द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं। दरअसल सर्वे वाले ऐसे व्यक्तियों की तलाश करते हैं जो अच्छे पैसे के बदले उत्पादों और सेवाओं पर सर्वे करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं।

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Bollywood: ये हैं 2018 के Top 10 Opening Weekends, जानिए कहां है ‘धड़क’

‘धड़क’ से बॉलीवुड विश्लेषकों को काफ़ी उम्मीदें थीं और ओपनिंग वीकेंड में फ़िल्म उस पर खरी भी उतरी है। फ़िल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ₹33.67 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है। ‘धड़क’ इस कलेक्शन के साथ साल 2018 के ”Top 10 Opening Weekend Collections” की लिस्ट में एंटर हो गयी है। इसके साथ जॉन अब्राहम की फ़िल्म ‘परमाणु द स्टोरी ऑफ़ पोखरण’ लिस्ट से बाहर हो गयी है, जिसने ₹20.78 करोड़ का कलेक्शन ओपनिंग वीकेंड में किया था। ‘धड़क’ की रिलीज़ के बाद इस साल के टॉप 10 ओपनिंग वीकेंड कलेक्शंस की लिस्ट इस प्रकार है-

10. दसवें स्थान पर इस साल की सरप्राइज़ हिट ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ है। इस फ़िल्म को लव रंजन ने डायरेक्ट किया है, जो इससे पहले प्यार का पंचनामा सीरीज़ बनाते रहे हैं। लव की इसी विश्वसनीयता ने सोनू के टीटू की स्वीटी को शानदार ओपनिंग वीकेंड दिया। फ़िल्म ने ₹26.57 करोड़ पहले तीन दिन में जमा किये। ₹100 करोड़ से ज़्यादा जमा करके फ़िल्म सुपरहिट घोषित की गयी।

9. नौवें स्थान पर आलिया भट्ट की ‘राज़ी’ है, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹32.94 करोड़ जमा किये। मेघना गुलज़ार निर्देशित ‘राज़ी’ इस साल की शानदार फ़िल्मों में शामिल है। हरिंदर सिक्का के नॉवल कॉलिंग सहमत पर बनी फ़िल्म में आलिया ने कश्मीरी लड़की का रोल निभाया, जो जासूसी के लिए पाकिस्तान जाती है।

8. आठवें स्थान पर आ गयी है धड़क, जिसने ₹33.67 करोड़ रिलीज़ के पहले तीन दिनों में जमा किये हैं। शशांक खेतान निर्देशित फ़िल्म को करण जौहर ने प्रोड्यूस किया है। जाह्नवी-ईशान की धड़क ने आलिया भट्ट की राज़ी को ओपनिंग वीकेंड में तो नीचे धकेला ही है, साथ ही ओपनिंग डे कलेक्शंस की लिस्ट में भी फ़िल्म ने आलिया की पहली फ़िल्म स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर को पीछे छोड़ा है। 2012 में आयी स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर ने ₹7.48 करोड़ का कलेक्शन पहले दिन किया था, जबक धड़क ने 8.71 करोड़ ओपनिंग डे पर बटोरे हैं। स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर के करण जौहर निर्माता-निर्देशक थे, वहीं धड़क के वो निर्माता हैं।

7. सातवें स्थान पर आ गयी है ‘वीरे दी वेडिंग’, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹36.52 करोड़ जमा किये। एक जून को रिलीज़ हुई फ़िल्म को शशांक घोष ने डायरेक्ट किया है। चार दोस्तों की इस कहानी में करीना कपूर, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा तलसानिया और सुमित व्यास ने मुख्य भूमिकाएं निभायी हैं।

6. ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन की लिस्ट में छठे नंबर पर ‘पैडमैन’ है, जिसने ₹40.05 करोड़का कलेक्शन किया था। इस बायोपिक फ़िल्म में अक्षय कुमार ने अरुणाचलम मुरुगनाथम का किरदार निभाया, जबकि राधिका आप्टे उनकी पत्नी के किरदार में थीं। सोनम कपूर ने भी फ़िल्म में एक अहम किरदार प्ले किया था। अक्षय और निर्देशक आर बाल्की का ये पहला एसोसिशन था। ‘पैडमैन’ हिट रही।

5. पांचवें स्थान पर है राजकुमार गुप्ता निर्देशित‘रेड’, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹41.01 करोड़ जमा किये। इस फ़िल्म में अजय देवगन ने इनकम टैक्स अधिकारी का रोल निभाया। इलियाना डिक्रूज़ ने उनकी पत्नी का किरदार प्ले किया। 100 करोड़ से अधिक कमाकर ये फ़िल्म भी हिट रही।

4. ओपनिंग वीकेंड की लिस्ट में चौथे स्थान पर टाइगर श्रॉफ़ की ‘बाग़ी2’ है, जिसे अहमद ख़ान ने डायरेक्ट किया। इस एक्शन-रोमांटिक फ़िल्म में दिशा पाटनी पहली बार टाइगर के साथ आयीं। एक्शन को लेकर टाइगर की इमेज के चलते फ़िल्म ने ₹73.10 करोड़ का शानदार ओपनिंग वीकेंड किया।

3. तीसरे स्थान पर आ गयी है रेस 3, जिसने ओपनिंग वीकेंड में ₹106.47 करोड़ जमा किया है। रेमो डिसूज़ा निर्देशित फ़िल्म में सलमान के अलावा बॉबी देओल, जैकलीन फ़र्नांडिस, अनिल कपूर, साक़िब सलीम और डेज़ी शाह ने मुख्य किरदार निभाये हैं।

2. लिस्ट में ‘पद्मावत’ दूसरे स्थान पर आ गयी है। संजय लीला भंसाली की इस मैग्नम ओपस ने ₹114 करोड़ का कलेक्शन किया, जिसमें ₹19 करोड़ पेड प्रीव्यूज़ का भी शामिल है। पद्मावत काफ़ी समय तक विवादों में भी रही थी, जिसकी वजह से इसे 2017 से हटाकर 2018 में रिलीज़ किया गया। फ़िल्म में दीपिका पादुकोण ने चित्तौड़ की रानी पद्मावती, शाहिद कपूर ने राजा महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह ने दिल्ली सल्तनत के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था। पद्मावत 2018 की पहली ₹300 करोड़ की फ़िल्म भी है। हालांकि बजट अधिक होने की वजह से फ़िल्म बहुत फ़ायदे में नहीं माना गया है।

1. ₹120.06 करोड़ के साथ Top 10 Opening Weekend Collections की लिस्ट में टॉप पर आ गयी है संजू। राजकुमार हिरानी निर्देशित संजय दत्त की इस बायोपिक में रणबीर कपूर, परेश रावल, सोनम कपूर, विक्की कौशल और मनीषा कोईराला ने मुख्य किरदार निभाये।

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धड़क ने मचाया तहलका, तोड़ दिया Box Office रिकॉर्ड

शशांक खेतान निर्देशित और करण जौहर निर्मित धड़क इस साल की बहुप्रीतिक्षित फ़िल्मों में शामिल थी, क्योंकि श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी इस फ़िल्म से अपना बॉलीवुड करियर शुरू कर रही थीं। सिने प्रेमियों के साथ इंडस्ट्री वाले भी जाह्नवी की अदाकारी पर्दे पर देखने के लिए बेताब थे।

20 जुलाई को आख़िरकार वो लम्हा आ गया, जब जाह्नवी हिंदी सिनेमा के उस रुपहले पर्दे पर हंसती, खिलखिलाती और रोते हुए दिखीं, जिस पर्दे पर उनकी मॉम ने कई सालों तक राज किया।

जाह्नवी के डेब्यू को लेकर इसी उत्सुकता के बीच फ़िल्म को ‘सैराट’ से तुलना के लिए भी अभिशप्त होना पड़ा, क्योंकि ‘सैराट’ मराठी ही नहीं भारतीय सिनेमा की कल्ट-क्लासिक बन गयी है। मगर, इन तमाम अवरोधों के बावजूद धड़क ने बेहद शानदार ओपनिंग ली है। ट्रेड सूत्रों के अनुसार, ‘धड़क’ ने पहले दिन ₹8.71 करोड़ का बिज़नेस किया है। मेकर्स का दावा है कि न्यू कमर्स को लेकर बनायी गयी फ़िल्मों में यह सबसे बड़ी ओपनिंग है।

‘धड़क’ में शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर ने जाह्नवी के साथ मुख्य भूमिका निभायी है। हालांकि ईशान की यह दूसरी फ़िल्म है। बड़े पर्दे पर वो ईरानी निर्देशक माजिद मजीदी की हिंदी-इंग्लिश फ़िल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ से एक्टिंग की पारी शुरू कर चुके हैं। हां, बॉलीवुड में ‘धड़क’ उनकी पहली फ़िल्म कही जाएगी। दोनों ही नवोदित कलाकारों की समीक्षकों ने काफ़ी तारीफ़ की है।

‘धड़क’ को देशभर में 2235 स्क्रींस पर रिलीज़ किया गया है, जबकि ओवरसीज़ में फ़िल्म 556 स्क्रींस पर उतारी गयी है।

  • अगर पिछले कुछ सालों में डेब्यू करने वाले बॉलीवुड किड्स की बात करें तो 2017 में अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म ‘मिर्ज़्या’ से बॉलीवुड करियर शुरू किया, जिसने सिर्फ़ ₹2.20 करोड़ का कलेक्शन पहले दिन किया था। ‘मिर्ज़्या’ 11 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन करके फ्लॉप रही।
  • 2015 में ‘हीरो’ से सूरज पंचोली और अथिया शेट्टी ने बॉलीवुड में करियर शुरू किया था। सूरज आदित्य पंचोली और ज़रीना वहाब के बेटे हैं तो अथिया सुनील शेट्टी की बेटी हैं। इस फ़िल्म को ₹6.85 करोड़ की ओपनिंग मिली थी, जबकि इसे सलमान ख़ान ने प्रोड्यूस किया था और फ़िल्म के प्रमोशन में उन्होंने अहम भूमिका निभायी थी। ‘हीरो’ ने ₹33.50 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन किया था।
  • 2014 में जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ का डेब्यू काफ़ी चर्चित रहा था, जिन्होंने ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में फ़िल्मी करियर शुूरू किया। साबिर ख़ान निर्देशित ‘हीरोपंती’ ने ₹6.50 करोड़ की ओपनिंग ली थी, जबकि ₹55 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन करके फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर हिट रही।
  • 2012 में आयी ‘स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर’ से वरुण धवन आलिया भट्ट ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। करण जौहर निर्देशित इस फ़िल्म ने ₹7.48 करोड़ की ओपनिंग ली थी, जबकि ₹70 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन करके यह फ़िल्म हिट रही थी।

‘धड़क’ ने दूसरे दिन यानि शनिवार को घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर 11 करोड़ 4 लाख रूपये का कलेक्शन किया है । फिल्म को पहले दिन 8 करोड़ 71 लाख रूपये की कमाई हुई थी।

फिल्म ने करीब 27 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ दो दिन में 19 करोड़ 75 लाख रूपये का बिज़नेस कर लिया है। । हालांकि ‘धड़क’ को सनडे में ‘संजू’ से कड़ी चुनौती मिलेगी, जिसका चौथा हफ़्ता चल रहा है और फ़िल्म अभी भी दर्शकों को खींच रही है।

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WhatsApp पर पाएं ट्रेनों का लाइव स्टेटस, जानें कैसे

आपको अब रेलवे के पूछताछ नंबर 139 पर फोन करने की या फिर इंटरनेट से पीएनआर के जरिए जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको ट्रेन के डिपार्चर से लेकर उसके स्टेशन के बारे में भी जानकारी व्हाट्सऐप के जरिए मिल जाएगी। इसके अलावा इससे टैक्सी, लाने-ले जाने की सुविधा, रिटायरिंग रूम, होटल, टूर पैकेज, ई-कैटरिंग और यात्रा से जुड़ीं अन्य जानकारियां भी हासिल की जा सकती हैं।

बस इस नंबर को करें सेव और..
ट्रेन का लाइव स्टेट्स जानने के लिए आपको अपने मोबाइल में 7349389104 नंबर को सेव करना होगा। इसके बाद आप किसी भी ट्रेन का नंबर इस नंबर पर सेंड कर उसके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। आपको ट्रेन की अपटेड स्थिति इस नंबर से मिल जाएगी। 10 सेकंड में आपको आपकी ट्रेन का लाइव स्टेटस उसी ग्रुप में मिल जाएगा। इस तरीके को अपनाकर आप महसूस करेंगे कि पहले से काफी आसान हो गया है ट्रेन का स्टेटस जानना।

पश्चिमी रेलवे के वरिष्ठ डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर आरती सिंह परीर ने कहा, ‘आम यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति के बारे में अपडेट के लिए रेलवे ने इस नंबर को लॉन्च किया है। हमारा प्रयास यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। यह यात्रियों के लिए एक बहुत उपयोगी सुविधा है और उन्होंने इसकी सराहना की है।’

10 सेकंड में रेलवे की तरफ से आएगा जवाब
आपको इस बात का ध्याोन रखना होगा कि आपका मैसेज सर्वर पर तब तक नहीं पहुंचेगा जब तक डबल टिक न हो जाए। कभी-कभी सर्वर पर ज्यादा ट्रैफिक होने से ऐसा हो सकता है। इस नंबर पर मैसेज करने पर डबल टिक आए तो समझ जाएं कि मैसेज रेलवे सर्वर तक पहुंच गया है। डबल टिक ब्लू हो जाए तो समझ जाएं कि रेलवे सर्वर ने मैसेज को रीड कर लिया है। इसका मतलब है कि अब जवाब आने ही वाला है। ब्लू टिक आने के बाद ही व्हाट्सऐप पर रिवर्ट आता है। कोई सर्वर प्रॉब्लम न होने पर आमतौर पर 10 सेकंड में रिवर्ट आ ही जाता है।