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लिखे हुए 500 और 2000 हजार के नोटों को लेने से मना नहीं कर सकते बैंक: आरबीआई

कोई भी बैंक 500 और 2000 रुपये के उन नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। हालां​कि व्यक्ति ऐसे नोटों को बदलवा नहीं सकता है, यह नोट सिर्फ जमाकर्ता के व्यक्तिगत खाते में जमा किये जा सकते हैं। आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रिजर्व बैंक ऑफ ​इंडिया आर्थिक साक्षरता के तहत मेला आने वाले लोगों को जागरूक कर रहा है। यहां नए नोटों के फीचर समेत लोगों को उनके अधिकारों के प्रति साक्षर किया जा रहा है। साथ में, डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रगति मैदान के हॉल संख्या 18 में लगे आरबीआई के स्टॉल में लोग अपने सवाल लेकर भी पहुंच रहे हैं। कोई यहां 500 और 2000 रुपये के ऐसे नोटों की वैधता जानना चाह रहा है जिनपर कुछ लिखा हुआ है। तो कोई बैंक के खिलाफ शिकायत करने के तरीके के बारे में जानकारी मांग रहा है। किसी को 10 रुपये के ​सिक्कों की स्थिति​ के बारे में जानकारी चाहिए।

आरबीआई के अधिकारियों ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि केंद्रीय बैंक पहले भी इस संबंध में भ्रम दूर कर चुका है। मेला के दौरान लोग हमसे 500 और 2000 रुपये के नए नोटों पर कुछ लिखा होने की स्थिति में उनकी वैधता पर सवाल कर रहे हैं। हम यहस्पष्ट करना चाहते हैं कि नोट पर कुछ लिखा होने या रंग लग जाने की स्थित में भी वह वैध हैं। बैंक उन्हें लेने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

साथ ही उन्होंने कहा, हालांकि, ग्राहक ऐसे नोटों को बैंक से बदलवा नहीं सकते हैं, लेकिन ऐसे नोट वह अपने व्यक्तिगत खातों में जमा करवा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आरबीआई स्वच्छ नोटों की नीति का अनुसरण करता है। नए नोटो को लेकर अभी रिफंड नीति नहीं आई है इसलिए जिन नोटों पर कुछ लिखा है उन्हें बदलवाया नहीं जा सकता है पर खाते में जमा किया जा सकता है। आरबीआई ने ऐसे नोटों का लीगल टेंडर वापस नहीं लिया है।

अ​धिकारियों ने कहा कि इसके अलावा हम मेला देखने आने वाले लोगों को नए नोटों के फीचर के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं ताकि वह जाली नोटों की पहचान कर सकें।

उन्होंने कहा ​कि इसके लिए हमने पैमफ्लैट्स प्रकाशित कराए हैं। इनपर नोटों के बारे में ​विस्तृत जानकारी मुद्रित है जिनका अध्ययन करके लोग नोट की सही तरीके से पहचान कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 500, 2000 और 200 रुपये के नोटों पर 17 फीचर हैं जबकि 50 रुपये के नए नोट पर 14 फीचर हैं।

उन्होंने कहा कि लोग हमारे पास शिकायतें ले कर आ रहे हैं कि दुकानदार 10 रुपये के सिक्के नहीं ले रहे हैं। हमने ऐसी शिकायतें लेकर आ रहे लोगों को स्पष्ट कर दिया है कि 10 रुपये के सभी सिक्के मान्य है। हमने संबंध में अधिसूचना को मेले में लगाया हुआ है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम मेले में डिजिटल लेन देन के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि नेट बैंकिंग का इस्तेमाल सिर्फ स्मार्ट फोन वाले ही नहीं बल्कि फीचर फोन रखने वाले भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि फीचर फोन को इस्तेमाल करने वाले लोग अपने फोन से *99# डायल करके इंटरनेट के बिना भी दो खातों के बीच लेन देन कर सकते हैं। इसके ​लिए उपयोगकर्ता को इसी नम्बर पर डायल करके अपना पंजीकरण कराना होगा।

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भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 1.13 लाख नौकरियों का सृजन किया: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)

भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 1,13,000 रोजगार के अवसरों का सृजन किया है और वहां करीब 18 अरब डॉलर का निवेश किया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इंडियन रुट्स, अमेरिकन सॉयल शीर्षक वाली यह रिपोर्ट सीआईआई ने मंगलवार को जारी की।

इसमें बताया गया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व में 14.7 करोड़ डॉलर का योगदान दिया। इसके अलावा भारतीय कंपनियों ने यहां शोध और विकास गतिविधियों पर 58.8 करोड़ डॉलर खर्च किए। इस वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिका और प्यूर्टो रिको में कारोबार कर रही 100 भारतीय कंपनियों के निवेश और रोजगार सृजन का ब्योरा दिया गया है।

करीब 50 राज्यों में इन कंपनियों ने 1,13,423 लोगों को रोजगार दिया है। भारतीय कंपनियों ने सबसे ज्यादा 8,572 नौकरियां न्यूजर्सी में दी हैं। टेक्सास में भारतीय कंपनियों ने 7,271, कैलिफोर्निया में 6,749, न्यू यॉर्क में 5,135 और जॉर्जिया में 4,554 नौकरियां दी हैं। जहां तक भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश का सवाल है तो सबसे ज्यादा निवेश न्यू यॉर्क में 1.57 अरब डॉलर का किया गया है।

न्यू जर्सी में 1.56 अरब डॉलर, मैसाचुसेट्स में 93.1 करोड डॉलर, कैलिफोर्निया में 54.2 करोड़ डॉलर और व्योमिंग में 43.5 करोड़ डॉलर का निवेश भारतीय कंपनियों द्वारा किया गया है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि अमेरिका में भारतीय कंपनियों के निवेश की कहानी से दोनों देशों द्वारा एक दूसरे की सफलता में दिए गए योगदान का पता चलता है।

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कुछ लोगों को भारत का 142 से 100वीं रैंक पर पहुंचना अच्छा नहीं लग रहा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में ‘India’s Business Reforms’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “और क्या काम है मेरे पास बस एक ही काम है-ये देश, मेरे देश के सवा सौ करोड़ लोग और उनके जीवन में बदलाव लाना।” पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज वहां पहुंच चुका है जहां से आगे बढ़ना और आसान है। उन्होंने कहा, ”और क्या काम है मेरे पास, बस एक ही काम है-ये देश… मेरे देश के सवा सौ करोड़ लोग और उनके जीवन में बदलाव लाना।”

फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में हम सबसे आगे
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग पर सवाल उठाने की जगह हम न्यू इंडिया बनाने के लिए आगे बढ़ें। कुछ लोगों को भारत का 142 से 100वीं रैंक पर पहुंचना अच्छा नहीं लग रहा है। हम एक युवा देश हैं और रोजगार देना एक अवसर है साथ ही साथ यह एक चुनौती भी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया कि फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में हम सबसे आगे हैं। हमने बिजनेसमैन लोगों के दुख दर्द और चिंताओं को समझा है।  उन्हें दूर करने की कोशिश की है। टेक्नॉलजी की मदद से बिजनेस करना आसान करने की कोशि‍श की है।

मनमोहन सिंह को लिया आढ़े हाथ
मोदी ने कहा कि विश्व बैंक ने कारोबारी सुगमता की रैंकिंग की प्रक्रिया वर्ष 2004 में शुरू की थी जिसके बाद 2014 तक किसकी सरकार रही है, यह सबको पता है। उन्होंने विश्व बैंक में शीर्ष पद पर काम कर चुके पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिए बिना कहा, ‘‘मैं ऐसा प्रधानमंत्री हूं जिसने विश्व बैंक की इमारत भी नहीं देखी है जबकि पहले विश्व बैंक को चलाने वाले लोग यहाँ बैठा करते थे। मैं तो कहता हूं कि आप विश्व बैंक की इस रैकिंग पर सवाल उठाने के बजाय हमारा सहयोग करिए ताकि हम देश को और ऊंचे पायदान पर ले जा सकें। न्यू इंडिया बनाने के लिए साथ आगे बढ़ाने का संकल्प करें।’’

नौजवान अब सिर्फ एक दिन में अपनी नई कंपनी कर सकते हैं रजिस्ट्रड
पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य निधि पंजीकरण एवं उसका पैसा निकालने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है और उसके लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि देश के नौजवान अब सिर्फ एक दिन में अपनी नई कंपनी पंजीकृत करा सकते हैं। कारोबारी मुकदमों की सुनवाई भी आसान हुई है। तीन वर्षों में भारत में निर्माण परमिट एवं बिजली कनेक्शन लेना आसान हुआ है। रेलवे आरक्षण कराना आसान हुआ है। जो पासपोर्ट पहले महीनों में मिलता था, अब एक  हफ्ते के भीतर मिल जाता है। उन्होंने पूछा, ‘‘ये जीवन जीने की सुगमता नहीं है तो क्या है?’’

 

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भारतीय मूल का किशोर बना ब्रिटेन में सबसे छोटी उम्र का करोड़पति

भारतीय मूल का एक किशोर ब्रिटेन में सबसे छोटी उम्र के करोड़पतियों में शुमार हो गया है। एक साल से कुछ ज्यादा समय में उसकी ऑनलाइन एस्टेट एजेंसी के कारोबार की कीमत 1.20 करोड़ पौंड (करीब 103 करोड़ रुपये) आंकी गई है।

अक्षय रूपारेलिया सिर्फ 19 साल के हैं। वह स्कूल में पढ़ते हैं। इस हफ्ते उनकी ‘डोरस्टेप्स. सीओ.यूके’ ब्रिटेन में 18वीं सबसे बड़ी एस्टेट एजेंसी बन गई है। सिर्फ 16 महीने पहले उन्होंने इस वेबसाइट को लांच किया था। अक्षय का दावा है कि इस अवधि में वह 10 करोड़ पौंड (करीब 860 करोड़ रुपये) कीमत की संपत्तियां बेच चुके हैं। अक्षय ने बताया कि अपनी कंपनी शुरू करने के लिए उन्होंने रिश्तेदारों से सात हजार पौंड (करीब 6 लाख रुपये) उधार लिए थे। अब उनकी कंपनी में दर्जनभर लोग कार्य करते हैं। उनकी कंपनी संपत्ति बेचने के लिए ब्रिटेन भर में स्वरोजगार माताओं की मदद लेती है। खास बात यह है कि संपत्ति बेचने के लिए हजारों पौंड वसूलने की बजाय उनकी कंपनी बहुत कम धनराशि लेती है।

अक्षय के पिता कौशिक (57) और मां रेणुका (51) दोनों ही सुन सकने में असमर्थ हैं। अक्षय को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र और गणित पढ़ने का प्रस्ताव मिला है, लेकिन उन्होंने फिलहाल कारोबार पर ही ध्यान देने का फैसला किया है।

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दिवाली की 10 धमाकेदार फिल्में, बॉक्स ऑफिस पर बने थे ऐसे रिकॉर्ड

दिवाली की 10 धमाकेदार फिल्में, बॉक्स ऑफिस पर बने थे ऐसे रिकॉर्ड

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    बॉक्स ऑफिस पर फेस्टिवल सीजन के दौरान फिल्में रिलीज करने का पुराना ट्रेंड रहा है. हर फिल्ममेकर दिवाली, होली और क्रिसमस के दौरान फिल्म की सफलता भुनाने की फिराक में रहता है. फेस्टिवल सीजन में अक्सर ही बॉक्स ऑफिस क्लैश देखने को मिलता है. बॉलीवुड के खान तिगड़ी की फिल्में त्योहारों पर रिलीज के लिए पहले से बुक हो जाती हैं. इस बार आमिर की सीक्रेट सुपरस्टार और अजय देवगन की गोलमाल अगेन में टक्कर है. चलिए एक नजर डालते हैं दिवाली पर रिलीज हुई सुपरहिट फिल्मों की लिस्ट पर.

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    कृष-3: भारतीय सुपर होरो पर बनी रितिक रोशन की कृष-3 ‘कोई मिल गया’ सीरीज का तीसरा पार्ट है. कृष बने रितिक को स्वदेशी सुपरहोरो भी कहा जाता है. जबरदस्त एक्शन से भरपूर कृष सीरीज का बच्चों और बड़ों दोनों में ही क्रेज देखने को मिलता है. रितिक के मास्क अवतार को देखने के लिए मूवी हॉल कई दिनों तक दर्शकों से पैक्ड रहे थे.

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    गोलमाल-3: रोहित शेट्टी निर्देशित फिल्म गोलमाल 3 बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट हुई थी. इसने 100 करोड़ के क्लब में एंट्री की थी. अजय, तुषार , करीना, अरशद वारसी, कुणाल खेमू, श्रेयस तलपड़े की कॉमेडी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया.

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    फैशन: मधुर भंडारकर की फिल्म फैशन ने सिनेप्रेमियों को खूब इंप्रेस किया था. कंगना और प्रियंका का फैशन बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुआ. फिल्म ने क्रिटिक्स और दर्शकों की वाहवाही बटोरी.

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    ओम शांति ओम: दीपिका पादुकोण की यह शाहरुख के अपोजिट डेब्यू फिल्म थी. फराह खान के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने ऋषि कपूर की कर्ज की याद दिलाई. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर हिट हुई थी.

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    डॉन: ‘डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है’ बोलते बोलते शाहरुख कब बॉक्स ऑफिस के सरताज बन गए पता भी नहीं चला. रोमांस के किंग को दर्शकों ने डॉन के अवतार में काफी पंसद किया. दिवाली के मौके पर रिलीज हुई शाहरुख की इस फिल्म ने सिनेप्रेमियों की दिवाली रोशन की.

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    वीर जारा: यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज भी लोगों को खूब पसंद आती है. प्रीति और शाहरुख की गजब की केमिस्ट्री और लता दीदी की आवाज में पिरोए गीतों ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. इसने बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन बिजनेस किया था.

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    हम साथ-साथ हैं: सूरज बड़जात्या की फिल्म हम साथ-साथ हैं साल की सबसे बड़ी एटंरटेनर साबित हुई थी. इस फैमिली मूवी ने दर्शकों को लंबे समय पर सिनेमाघरों में जोड़े रखा था.

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      कुछ कुछ होता है: काजोल-रानी और शाहरुख की दोस्ती और प्रेम कहानी पर बनी यह फिल्म आज भी लोगों के जहन में जिंदा है. इन तीनों के प्यार और तकरार पर बनी यह फिल्म जबरदस्त हिट हुई

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    दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: DDLJ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा पसंद की गई फिल्म है. लोगों में इसके प्रति दीवानगी का अंदाजा इस बात से ही लगता है कि यह मुंबई के मराठा मंदिर में 1000 हफ्तों तक चली थी. यह इंडियन सिनेमा की सबसे ज्यादा सक्सेसफुल फिल्मों में से एक है.

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    दिल तो पागल है: 1997 की यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म दिल तो पागल है ब्लॉकबस्टर हिट हुई थी. शाहरुख, माधुरी और करिश्मा के लव ट्रायंगल पर आधारित इस फिल्म ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया था.

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आधार से भारत सरकार के 9 बिलियन डॉलर बचे: नंदन नीलेकणी

इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी ने आधार कार्ड पर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि भारत सरकार की आधार कार्ड स्कीम ने करीब 1 बिलियन लोगों को जोड़ा है जिससे सरकारी खजाने के 9 अरब डॉलर बचे हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, इस योजना को यूपीए सरकार ने लॉन्च किया था. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे काफी जोरशोर से सपोर्ट किया. नीलेकणी ने ये बातें वर्ल्ड बैंक पैनल में डिजिटल इकोनॉमी पर चर्चा के दौरान कही. नीलेकणी बोले कि विकासशील देशों के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना आसान है. आधार कार्ड अब 100 करोड़ लोगों के पास है.

नीलेकणी ने कहा कि आधार कार्ड के यूनिक नंबर होने के कारण अब आप लोगों की पहचान कर सकते हो. जिससे पैसा सीधे उनके खाते में जाता है. उन्होंने कहा कि लगभग 50 करोड़ लोगों ने अपनी आईडी को बैंक खाते से जोड़ दिया है. भारत सरकार लगभग 12 बिलियन डॉलर सीधा बैंक खातों में भेज रही है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा कैश ट्रांसफर सिस्टम है.

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टॉप -10 अमीरों की सूची में पतंजलि के बालकृष्ण, मुकेश अंबानी पहले नंबर पर

बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण और डी-मार्ट के राधाकिशन दमनी का नाम भारत के अमीरों की सूची में शामिल हो गया है. उद्योगपति मुकेश अंबानी अब भी सबसे अमीर भारतीय बने हुए हैं.पिछले छह साल से अमीरों की सूची तैयार कर रही शोध इकाई हुरन ने बयान में कहा, एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बालकृष्ण अब देश के शीर्ष 10 अमीरों में शामिल हो गये हैं. रिटेल सेक्टर के नये सितारे दमनी सबसे लंबी छलांग लगाने वाले अमीर रहे. उनकी संपत्ति में 320 प्रतिशत का इजाफा हुआ. एवेन्यू सुपरमार्ट्स की शानदार सूचीबद्धता से अमीरों की सूची में आठ नये लोगों को जगह मिली.

बालकृष्ण पिछले साल 25वें स्थान पर थे जबकि इस बार वह आठवें स्थान पर पहुंच गये हैं. उनकी संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हजार करोड़ रुपये हो गयी है. पिछले वित्त वर्ष में पतंजलि का कारोबार 10,561 करोड रुपये पर पहुंच गया. वह कई विदेशी ब्रांडों को टक्कर दे रही है. मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय बने रहे. वैश्विक स्तर पर वह पहली बार शीर्ष 15 में जगह बनाने में कामयाब रहे. शेयर बाजार में आये उछाल से रिलायंस के शेयर बढ़ गये. इससे अंबानी की संपत्ति 58 प्रतिशत बढकर 2,570 अरब रुपये पर पहुंच गयी है. उनकी यह संपत्ति यमन देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से 50 प्रतिशत अधिक है.

कौन हैं आचार्य  बालकृ्ष्ण
आचार्य बालकृष्ण पतंजलि आयुर्वेद के एमडी है. बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि देश के शीर्ष एफएमसीजी सेक्टर में शामिल हो गया है.मूल रूप से नेपाल के रहने वाले बालकृ्ष्ण को शुरू से ही आयुर्वेद में रूचि थी. उन्होंने सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय बनारस से आचार्य की डिग्री भी ली है. पतंजलि का प्रमुख चेहरा भले ही रामदेव हो लेकिन सारे कामकाज में बालकृष्ण की भूमिका अहम होती है.
बता दें कि बाबा रामदेव का पतंजलि कंपनी में बालकृ्ष्ण की 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है. 10 साल पहले 50 -60 करोड़ के बैंक कर्ज से शुरू होने वाली यह कंपनी हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी कंपनियों की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी बन गयी है. 15 घंटा हर दिन काम करने वाले बालकृ्ष्ण किसी बिजनेस कॉलेज से एमबीए नहीं हैं और धोती – कुर्ता पहनते हैं. बाबा रामदेव जहां मीडिया में खुलकर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं. वहीं बालकृ्ष्ण अकसर पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं. दोनों की मुलाकात 30 साल पहले हरियाणा के गुरूकुल में हुई थी. जहां वे एक दूसरे के दोस्त बने.