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कौन हैं इस साल के भारतीय यूनिकॉर्न हंटर्स। मिलिए सभी शीर्ष इंवेस्टर्स से!

इंवेस्टर्स किसी कंपनी में अपना निवेश एक नीति के तहत करते हैं। हर इंवेस्टर की अपनी एक विशेष नीति और कुछ मानक होते हैं जिनसे वो आवेदक कंपनी को परखता है।

Indian unicorn

जब किसी स्टार्टअप की मार्किट वेल्युएशन 1 अरब डॉलर या 7000 करोड़ रुपए हो जाती है तब वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है। ऐसे ही स्टार्टअप को पहचान कर उसके प्रारंभिक काल मे निवेश करने वाले इंवेस्टर यूनिकॉर्न हंटर कहलाते हैं। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ कर विश्व भर को आचम्भित कर दिया। अभी बीती छमाही की बात करें तो सेकोइया इंडिया सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाली प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट कंपनी रही वहीं एस्सेल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स के साथ साथ कुछ और कम्पनियों ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं इन कम्पनियों के बारे में!

सेकोइया कैपिटल इंडिया

सेकोइया कैपिटल इंडिया देश की अग्रणी इंवेस्टर कंपनी है जो कि सीड, अर्ली, ग्रोथ और लेट स्टेज कंपनियों को फंड्स प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में भारत और साउथ ईस्ट एशिया की 200 से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमे जिलिंगो, बीरा, म्यु सिग्मा, फ्रेशवर्क्स, ध्रुवा, पाइन लैब्स, फ्रीचार्ज और जस्ट डायल जैसी यूनिकॉर्न कम्पनियां हैं। इस साल इस कंपनी ने डाउटनट, खाताबूक, अजानी स्पोर्ट्स, बुलबुल, फ्लाईनोट, हिप्पो वीडियो, स्किलमैटिक्स और इंटरव्यूबिट अकैडमी जैसे स्टार्टअप्स को फंड्स प्रदान किए हैं।

एस्सेल पार्टनर्स

Accel partners logo

2008 में एरस्मिक वेंचर फण्ड के अधिग्रहण के साथ एस्सेल पार्टनर्स का भारत मे पदार्पण हुआ और तब से यह 100 से ज्यादा कंपनियों को फंड्स प्रदान कर चुकी है। इस कंपनी की डाउनलिस्ट में बुकमाईशो, ब्लैकबक, ब्लूस्टोन, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, पोर्शिया, पावर2एसएमई, स्विगी और अर्बनक्लैप जैसे यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।

ब्लूम वेंचर एडवाइजर्स

Blume venture advisors

ब्लूम वेंचर्स अर्ली स्टेज, सीड और प्राइवेट इक्विटी फंडिंग प्रदान करने के साथ साथ एक्टिव मेंटरिंग और सपोर्ट भी प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में कैशीफाई, डुंजो, प्रिंटो, यूनोकोइन, हेल्दीफाईमी, बीहाइव वर्कस्पेस जैसी बड़ी कंपनियां हैं। इस साल के बड़े इन्वेस्टमेंट्स में मुंबई की हेल्थअश्योर को सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर का फंड्स प्रदान किया गया, वहीं बैंगलोर की कंपनी आगारा लैब्स को प्री सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान किए गए।

इन बड़ी फर्म्स के अतिरिक्त बहुत सी कम्पनियां स्टार्टअप्स को भिन्न स्टेज के फंड्स प्रदान करती हैं जिनसे वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके आप अप्लाई कर सकते हैं।

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अब नहीं होगी हर काम में पैन कार्ड की जरूरत। आधार नंबर ही बन जाएगा पैन!

भारत सरकार के यूनियन बजट 2019 में इंकम टैक्स रूल में फेरबदल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इन नए रूल्स के बारे में बताया।

टैक्सदाताओं की सहूलियत के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को विनिमय योग्य कर दिया जाएगा। इसका अर्थ जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे इंकम टैक्स फाइल करते समय आधार कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही अन्य जगहों पर भी यह पैन कार्ड के विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

अब पैन अप्लाई करते समय UIDAI से आधार का डेमोग्राफिक डेटा लिया जाएगा। अगर पैन कार्ड में आपका आधार लिंक है तब आप अपनी इच्छानुसार पैन कार्ड की जगह आधार का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही बड़ी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड डेटा से वेरिफाई करवाना अनिवार्य हो गया है।

सभी इंकम टैक्स फाईलिंग के लिए आधार से वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने संसद में महत्वपूर्ण आधार अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के आधार नंबर होल्डर्स 18 वर्ष की आयु में आने पर अपना आधार कैंसिल करवा सकते हैं। इसके साथ ही इन्होंने आधार डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या हुआ महंगा

सोने के आयात शुल्क में 2.5% बढ़ाने के साथ साथ पेट्रोल, डीजल और आयातित पुस्तकों पर 5% शुल्क बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स में सिंथेटिक रबर, पी वी सी, टाइल्स, ऑप्टिकल फाइबर, चांदी, स्टेनलेस उत्पाद, मूल धातु के फिटिंग और फ्रेम्स, एयरकंडीशनर, लाउडस्पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, CCTV कैमरे, तम्बाकू उत्पाद तथा हॉर्न पर भी शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई।

क्या हुआ सस्ता

इलेक्ट्रिक कारों पर GST को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है तथा इसके लिए लोन पर ब्याज में 1.5 लाख तक कि इंकम टैक्स में छूट दी गई है। होम लोन भी सस्ते हुए जिसमे 45 लाख के होम लोन में 3 लाख की छूट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त साबुन,शैम्पू, हेयरोइल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट पौडर, पंखे, लैंप, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनेटरी वीयर, बोतल, कंटेनर, रसों बर्तन, बिस्तर, गद्दे, चश्मों के फ्रेम, बांस फर्नीचर, पास्ता, मेयोनेज़, नमकीन, सूखा नारियल, सेनेटरी नैपकिन, धूपबत्ती, ऊन तथा ऊन के उत्पादों को और सस्ता करा गया है।

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दीपिका पादुकोण शामिल हुई बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के सीड फंडिंग इन्वेस्टर्स में। जानें क्या है इस स्पेस कंपनी की विशेषता!

फ्लिपकार्ट से भारत में शुरू हुआ स्टार्टअप युग अब और संभावनाएं लेकर आ रहा है, जहाँ परंपरागत उद्योगों से हटकर काम करने वाली अलग क्षेत्रों की कंपनियों को भी महत्व दिया जा रहा है। आज हम आपको बताएंगे बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के बारे में जिसने बॉलीवुड की शीर्ष अदाकारा दीपिका पादुकोण को भी अपने सीड राउंड में इन्वेस्ट करने को राजी कर लिया है।

Bellatrix logo

रोहन स. गणपति(CEO), यशस कर्णम और नूथन प्रसन्ना ने मिलकर 2015 में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस की शुरुआत की और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर से इन्क्यूबेशन प्राप्त किया। वहाँ इनको अच्छा मार्गदर्शन मिला और अपनी कंपनी के लिए नई प्रतिभाओं को भी शामिल किया।

Bellatrix founders

हाल ही में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने अपनी सीड फंडिंग के लिए कई जगह अप्रोच किया और इनकी प्रतिभा का कमाल ही है कि, दीपिका पादुकोण सहित, IDFC परंपरा, StartupXseed, Karsemven Fund, Survam Partners, GrowX Ventures, CIEE(IIM-A) और SINE(IIT-B) ने सम्मिलित रूप से 3 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट किया।

Bellatrix founders Forbes
Forbes founders under 30

बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने इको-फ़्रेंडली इलेक्ट्रिक बेस्ड प्रोपल्शन सिस्टम तैयार किया है जो कि माइक्रोवेव प्लाज्मा थ्रस्टर(MPT) के नाम से जाना जाता है। इस नवीन सिस्टम की बदौलत सैटेलाइट को स्पेस में ले जाना अधिक सस्ता हो जाएगा। इनको मई 2017 में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया।

Bellatrix awarded by President of India

हम आपको बता दें कि भारत मे और भी स्टार्टअप हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी शोध करने का कार्य कर रहे हैं जिनमें Deep Space, Momentus Space Industries और Tethers Unlimited प्रमुख कंपनियां हैं।

Bellatrix chetak rocket
Bellatrix Rocket Chetak
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यूं ही नहीं भारत की टेस्ला कहलाती है एथर एनर्जी। मई में मिली है 51 मिलियन डॉलर की फंडिंग!

Tarun mehta and swapnil jain ather 450

एथर एनर्जी को CEO तरुण मेहता और CTO स्वप्निल जैन ने 2013 में हाई परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया। ये दोनों ही आई आई टी मद्रास से इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। टेक्नोलॉजी डेवलोपमेन्ट बोर्ड अंडर डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आई आई टी मद्रास ने 2014 में इनसे प्रभावित होकर 65000 डॉलर की बूटस्ट्रेप फंडिंग दी। इसके बाद 2014 में ही इनको फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल से 1 मिलियन डॉलर की सीड इन्वेस्टमेंट मिली।

मई 2015 में टाइगर ग्लोबल ने एथर एनर्जी को 12 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग दी। 23 फरवरी 2016 को एथर एनर्जी ने अपना पहला स्मार्ट स्कूटर 75 किमी/घण्टा की तेजी से चलने वाला और टच स्क्रीन कंट्रोल डिस्प्ले वाला S340 टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस सर्ज, बैंगलोर में प्रदर्शित किया।

Ather S340 unveiled

इसके बाद ऑक्टोबर 2016 में हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी को 30 मिलियन डॉलर अर्थात 205 करोड़ रुपए की सीरीज B फंडिंग प्रदान की और बदले में कम्पनी के 32.31 % शेयर लिए।

2018 में बैंगलोर के व्हाइट फील्ड में मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाकर एथर 450 और S340 के 600 वेहिकल्स प्रति सप्ताह की दर से उत्पादन शुरू किया। इसके कुछ माह बाद हीरो मोटोकॉर्प ने कुछ और हिस्सेदारी लेने के लिए 19 मिलियन डॉलर की सीरीज C फंडिंग दी।

Electric smart scooter Ather 450 s340 view image

मई 2019 तक कम्पनी के बैंगलोर में 31 और चेन्नई में 7 फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट लगाए हैं जिनको कम्पनी द्वारा ऑटो ग्रिड का नाम दिया गया है जो कि बैटरी को 1 घण्टे में 90% चार्ज कर सकता है। इसी माह कम्पनी को 51 मिलियन डॉलर की सीरीज D फंडिंग मिली जिसमें सचिन बंसल ने 32 मिलियन डॉलर और हीरो मोटोकॉर्प ने 19 मिलियन डॉलर का निवेश किया।

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फेसबुक ने किया भारत में अपना पहला निवेश। मीशो ने हासिल की सीरीज C फंडिंग

करीब एक साल पहले 250 मिलियन डॉलर का बाजार मूल्य साबित करने वाली मीशो ने मेनलो पार्क, केलिफोर्निया स्थित फेसबुक से 13 जून को अघोषित मूल्य की फंडिंग हासिल की है।

Meesho got funding from facebook

मीशो एप्प एक सोशल प्लेटफार्म है जो कि छोटे विक्रेताओं को व्हाट्सएप्प, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए कस्टमर्स से व्यापार करने का माध्यम प्रदान करती है। यह विक्रेताओं को कोरियर तथा पेमेंट की भी सहूलियत देती है।

Facebook mark zuckerberg

भले ही फेसबुक ने अभी तक इन्वेस्ट की गई राशि को गोपनीय रखा है परन्तु टेकक्रंच के जानकार सूत्रों से पता चला है कि यह मूल्य भी साधारण बाजार मूल्य से ज्यादा मानकर दिया गया है तथा इसके बदले में बेहद कम प्रतिशत की साझेदारी ली है।

Meesho app logo

मीशो को 2015 में आई आई टी दिल्ली के 2012 बैच के सहपाठी विदित आत्रे और संजय बर्नवाल ने मिलकर बनाया था।

Meesho founders funding round

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दास्ताँ फर्श से अर्श तक: सुंदर पिचाई की गूगल का सीईओ बनने तक के संघर्ष की प्रेरणादायक जीवनी

सुंदर पिचाई को आज हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या गूगल क्रोम के आने से पहले कभी आपने इनका नाम सुना था।

हम आज आपको बता रहे हैं कैसे तमिलनाडु के छोटे से गांव का लड़का दुनिया की सबसे बड़ी वेब बेस्ड कंपनी और नंबर 1 वेबसाइट गूगल का सीईओ बन जाता है। मिलिए सुंदर जी से जो मेहनत और लगन की जीती जागती मिसाल हैं!

आरंभिक जीवन

सुंदर पिचाई का जन्म 12 जनवरी 1972 को मदुरै, तमिलनाडु के निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ। पिचाई सुंदरराजन अर्थात सुंदर पिचाई के पिता चेन्नई के अशोक नगर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जिनसे बचपन से प्रभावित होने के कारण इनका लगाव टेक्नोलॉजी से जुड़ गया। पिचाई की माँ स्टेनोग्राफर थी और इनके छोटे भाई के जन्म के बाद इन्होंने यह काम छोड़ दिया।

12 साल की उम्र में पिचाई के घर फोन आने के बाद इनकी विलक्षण प्रतिभा का पता इनके घरवालों को चला। यह फोन नंबर को एक बार में याद कर लेते थे और फिर भूलते नहीं थे।

शिक्षण

सुंदर पिचाई ने 10वीं तक की पढ़ाई चेन्नई के अशोक नगर के जवाहर विद्यालय से पूरी की और 12वीं कक्षा चेन्नई के वाना वाणी स्कूल से करी। इन्होंने आई आई टी खड़गपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग की।

इसके बाद पिचाई ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से भौतिकी में मास्टर इन साइन्स किया और एम बी ए व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिल्वेनिया से किया।

इन्होंने अपनी पहली जॉब संचालन परामर्श के रूप में मैकिंसे एंड कम्पनी में करी और अपनी बेहतरीन प्रतिभा का नमूना पेश किया।

सुंदर पिचाई और गूगल

2004 में गूगल से जुड़ने के बाद इन्होने एक छोटी सी टीम के साथ गूगल सर्च टूलबार पर कार्य किया जिससे आज हम इंटरनेट एक्सप्लोरर और मोज़िला फायरफॉक्स जैसे ब्रॉउज़र्स में भी सीधे गूगल सर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन्होंने गूगल के अन्य उत्पाद जैसे Google Gear तथा Google Pack पर भी कार्य किया। सुंदर पिचाई ने एक इंटरनेट ब्रॉउज़र्स बनाने की पेशकश Google के समक्ष की लेकिन तत्कालीन Google CEO Eric Schmidt ने इसको एक बहुत महंगा प्रोजेक्ट करार देकर मना कर दिया। लेकिन पिचाई ने हार नही मानी और Google Cofounders Larry Page और Sergey Brin को इस प्रोजेक्ट के लिए मना लिया। 2008 में गूगल ने अपना इंटरनेट ब्रोउज़र लॉन्च किया जिसका नाम Chrome रखा गया और यह आज भी दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंटरनेट ब्रॉउज़र है। गूगल क्रोम की सफलता ने पिचाई को गूगल का वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ प्रोडक्ट डेवलेपमेंट बना दिया।

अच्छे कार्य और लगन से प्रभावित होकर गूगल ने इन्हें 2012 में Chrome and Apps का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बना दिया। इसके बाद 2013 में एंड्रॉइड निर्माता एंडी रुबिन के किसी अन्य प्रोजेक्ट के कारण एंड्रॉइड को छोड़ दिया, जिससे पिचाई को उनकी कार्यकुशलता देखते हुए एंड्रॉइड का प्रोडक्ट इनचार्ज और 2014 में प्रोडक्ट चीफ बना दिया गया।

Google के CEO बनने का सुनहरा अवसर पिचाई को 10 अगस्त 2015 को मिला तथा अगले ही साल Google की संस्थापक कंपनी Alphabet Inc. ने इनको अपने 273,328 शेयर देकर सम्मानित किया गया।

सुंदर पिचाई का व्यक्तित्व बहुत ही साधारण है और पिचाई आज भी समय समय पर आई आई टी खड़गपुर के छात्रों से Skype के जरीर बातचीत करते हैं।

निजी जीवन

सुंदर पिचाई ने अपनी आई आई टी खड़गपुर की सहपाठी और गर्लफ्रेंड अंजलि से शादी करी और आज इनके दो सुंदर बच्चे एक लड़का और एक लड़की हैं। इन्होंने Brooklyn, New York में 6.8 मिलियन डॉलर का एक आशियाना ख़रीदा और आज भी उसी लगन और मेहनत से इंटरनेट युग को और प्रगति प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

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अविराम गौसेवा के लिए जर्मन मूल की मथुरा निवासी अम्मा जी को पद्मश्री। जानें गौसेवा से जुड़ी यह अनोखी दास्तां!

42 वर्षों से मथुरा में गोसेवा कर रही जर्मन मूल की सुदेवी गोवर्धन “अम्मा जी” को पद्मश्री मिलने पर बहुत बहुत बधाई।

पाँच बीघा के क्षेत्र में फैले सुरभि गौशाला का संचालन कर रही सुदेवी ने 1,500 से भी अधिक गायों को पाल रखा है, जिनकी वह लगातार देखभाल करती हैं। इन गायों में से अधिकतर बीमार, नेत्रहीन या अपाहिज हैं। इनमें से 52 गायें नेत्रहीन है जबकि 350 पैरों से अपाहिज है। उनके पैरों की नियमित मरहम-पट्टी की जाती है।

जर्मन महिला फ्रेड्रिन इरिन ब्रूनिंग उर्फ़ ‘सुदेवी दासी गोवर्धन’ को केंद्र सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया है। सुदेवी राधाकुंड धाम में विगत 42 वर्षों से गौसेवा कर रहीं हैं। बीमार और असहाय गायों की सेवा करने के कारण उन्हें ‘गायों की मदर टेरेसा’ भी कहा जाता है। उन्हें पद्म सम्मान मिलने का समाचार पाकर स्थानीय निवासी भी ख़ुश हुए और गौशाला पहुँच कर उन्होंने सुदेवी को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्हें शनिवार (मार्च 16, 2019) को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

सुदेवी के अनुसार, जब मंत्रालय द्वारा उन्हें पुरस्कार मिलने की जानकारी दी गई, तब उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। फिर स्थानीय निवासियों ने उन्हें इस से अवगत कराया। ये तब की बात है, जब सरकार ने उन्हें पद्मश्री देने की घोषणा की थी।

अपने माता-पिता की इकलौती संतान फ्रेड्रिन 42 वर्ष पहले भारत भ्रमण पर आई थी। इस दौरान उन्होंने ब्रज आकर श्रीकृष्ण के भी दर्शन किए। कृष्ण-भक्ति ने उन्हें अपनी तरफ ऐसा खींचा कि उन्होंने भारत में रहने की ठान ली। ब्रज में उन्होंने एक गाय भी पाल रखी थी, जिसके बीमार होने के बाद उन्होंने उसकी काफ़ी देखभाल की। इसके बाद वह जहाँ भी बीमार गाय देखती, उसकी देखभाल और सेवा में लग जाती। इसके बाद तो जैसे उन्होंने गोसेवा को ही अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने अपना पूरा जीवन ही गोसेवा को समर्पित कर दिया।

सुदेवी के पिता तीस वर्ष पहले तक दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास में कार्यरत थे। इकलौती संतान होने के कारण उन्होंने पिता से मिलने वाली सारी धनराशि को गोसेवा में ही ख़र्च किया। उनकी गौशाला में गायों के लिए एक स्पेशल एम्बुलेंस भी है। अगर किसी गाय की मृत्यु निकट आ जाए और उसके बचने की कोई संभावना न रहे, तब सुदेवी उसे गंगाजल का सेवन कराती है। मरणोपरांत गायों के शरीर का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाता है।

सुदेवी बताती हैं कि गायों की सेवा में हर महीने ₹35 लाख तक ख़र्च होते हैं। गायों का इलाज डॉक्टरों द्वारा करवाया जाता है। सुदेवी दानदाताओं और जर्मनी से आने वाले रुपयों की मदद से इस गौशाला का संचालन कर रहीं हैं। सुरभि गौशाला में 70 से 80 कर्मचारी कार्यरत हैं। किराए की भूमि पर गौशाला चला रहीं सुदेवी को उम्मीद है कि उन्हें इस पुरस्कार के मिलने के बाद गौशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, उन्होंने इस बात की भी उम्मीद जताई कि अब गोसेवा के रास्ते में आने वाली अड़चनें दूर होंगी।

सुदेवी ने बताया कि अगर गौशाला के लिए उन्हें भूमि मिल जाती है तो मासिक किराए में ख़र्च हो रहे रुपयों की बचत होगी और उसका उपयोग गौसेवा में किया जाएगा। हाल ही में जब उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी तब उन्होंने मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक के दरवाज़े खटखटाए थे। इसके बाद उन्हें वीजा मिल गया था। सुदेवी अविवाहित हैं और अभी भी एक झोपड़ी में ही रहती हैं। स्थानीय निवासियों ने उन्हें भारतीय नागरिकता देने की भी माँग की है। उनके अतुलनीय सेवा कार्य के लिए हम सदा आभारी रहेंगे।

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पेमेंट सिस्टम को और आसान बनाने के लिए मोदी जी ने लांच किया One Nation One Card जानें इसके इस्तेमाल के तरीके और खूबियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात दौरे के पहले दिन अहमदाबाद में देशवासियों को One Nation One Card की सौगात दी। अब आपको अलग अलग ATM या Cash लेकर नहीं चलना पड़ेगा।

यह कार्ड भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम ‘स्वीकार’ के साथ इजात किया है। देश के सभी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इस कार्ड से जोड़ा जा चुका है और अपने पहले के रुपे कार्ड को इस कार्ड से जोड़ने पर यह कार्ड क्रेडिट कार्ड जैसे काम कर सकेगा।

कैसे करें इस्तेमाल

– एक आम डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ रुपे वन नेशन वन कार्ड एक कॉन्टेक्टलेस कार्ड है जो मेट्रो रेल स्मार्ट कार्ड की तरह होगा।

– अगर आप भी इसे पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा।

– रुपे नव नेशन वन कार्ड, नेशनल कॉमन मोबेलिटी कार्ड के सपोर्ट के साथ देश के 25 बैंकों में उपलब्ध होगा जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक भी शामिल हैं।

– वन नेशन वन कार्ड को पेटीएम पेमेंट बैंक द्वारा भी जारी किया जा सकेगा।

कहाँ करें इस्तेमाल

– रुपे का वन नेशन वन कार्ड शॉपिंग के लिए भी उपयोग किया जा सकेगा।

– इसके अलावा किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इसके माध्यम से पेमेंट किया जा सकेगा फिर वो बस हो या मेट्रो ट्रेन

– इसके अलावा वन नेशन वन कार्ड आपको पार्किंग और टोल टैक्स देने तक में काम आएगा।

– यूजर विदेश यात्रा के दौरान इस कार्ड की मदद से एटीएम पर 5 प्रतिशत कैशबैक और मर्चेंट आउटलेट्स पर 10 प्रतिशत कैशबैक का भी लाभ ले सकेंगे।

– इस नई पहल को ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट ‘ स्वागत’ ने डेवलप किया है जहां एक ओपन लूप ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम ‘ स्वीकार’ का इस्तेमाल किया गया है।

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अब हिंदी दिलाएगी आपको रोजगार, घर बैठे सिखाकर कमा सकते हैं अच्छी रकम

कई लोग जिन्हें अच्छी इंग्लिश नहीं आती है वो अपने आप को कमजोर और पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं।

लेकिन अब आपको अपनी कमजोर इंग्लिश के लिए शरमाने और अफसोस करने की जरुरत नहीं है। अगर आपकी हिंदी मजबूत है तो आप हर घंटो 2000 रुपये तक कमा सकते हैं। जी हां, आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप ऑन लाइन हिंदी की ट्यूटोरियल क्लासेज देकर हर घंटे 2000 रुपये तक कमा सकते हैं।

Italki

दुनिया की दूसरी भाषाओं को सीखने के लिए यह वेबसाइट एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। इस पर आप अपनी पसंद की भाषा को चुन सकते हैं। इसके बाद आपको उस भाषा से जुड़े टीचर्स की प्रोफाइल लिस्ट दिखेगी। आपको इन टीचर्स के लिए शुल्क देना होगा। ये शुल्क आपको घंटे के हिसाब से देना होगा। अगर आप ट्रायल क्लास करना चाहते हैं तो आपको 30 मिनट के हिसाब से भुगतान करना होगा। ऐसे में इस वेबसाइट पर आप पैसे भी कमा सकते हैं। यहां आपको वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर करना होगा। इसके अलावा आपको बताना होगा कि आप हर घंटे की क्लास के लिए कितनी फीस लेंगे। इसके लिए आपको अपनी क्वालिफिकेशन बतानी होगा और डेमो देना होगा।

Verbalplanet

आप इस वेबसाइट पर जाकर दुनिया की किसी भी भाषा को सीख सकते हैं। वेबसाइट आपको Skype क्लासेज की सुविधा देता है। आपको हर क्लास के लिए शुल्क देना होता है। यहां भी आपको टीचर्स की प्रोफाइल लिस्ट दिखाई देती है, जिसे आप अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं। हालांकि यहां आपको फ्री ट्रायल क्लासेज मिलती है। ऐसे में किसी भी भाषा को सीखने के बजाए आप यहां पैसे भी कमा सकते हैं। इस वेबसाइट पर आप अपनी प्रोफाइल बनाकर पैसे कमा सकते हैं। वेबसाइट पर पढ़ाने के लिए आपको एप्लीकेशन देना होता जिसके आधार पर वेबसाइट आपके क्लास की क्वालिटी तय करती है। ध्यान रहे, जितनी अच्छी क्वालिटी होगी उतनी ही स्टूडेंट्स आएंगे और आप उतना ही पैसा कमा सकते हैं।

Verbling

ऊपर दिए वेबसाइट्स की तरह आप यहां भी अपनी पसंद की भाषा को वीडियो क्लास के जरिए सीख सकते हैं। इसके अलावा आप इन पर प्रोफाइल बना कर पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए आपको खुद को रजिस्टर करना होगा। इस वेबसाइट पर आप 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक हर घंटे कमा सकते हैं।

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खाली समय का करें उपयोग, YouTube देखकर ऐसे कमाएं पैसे

अगर आपको यूट्यूब वीडियो देखना पसंद है तो आप इस शौक के जरिए पैसा भी कमा सकते हैं। आपका यह शौक औसतन आपको 20 से 30 हजार तक की कमाई करवा देगा। ध्यान रहे ऑनलाइन साइट्स सेकंडों के हिसाब से पेमेंट करती हैं। ऐसे में आप जितने ज्यादा वीडियोज देखेंगे, उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा। इसलिए आप अपने दिन के कुछ खाली घंटे निकालकर ये काम करें। जानिए कौन सी साइट देती हैं वीडियो देखने का पैसा।

पेड2यूट्यूब (paid2youtube): जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस साइट पर आपको सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा। यहां पर 30 सेकंड का यूट्यूब वीडियो देखने और उस पर कमेंट करने के पैसे मिलते हैं। यहां आप 200 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। आप यह काम एक साथ और कुछ-कुछ देर बाद समय निकालकर भी कर सकते हैं। आपके खाते में एक बार 670 रुपए की रकम जमा होने के सात दिन बाद पेपाल अकाउंट से आपको पेमेंट कर दी जाती है।

स्वैगबक्स (swagbucks): यहां भी आपको सबसे पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। यहां पर आप सर्वे के जरिए भी कमाई कर सकते हैं। आपकी ओर से किए गए हर क्लिक और वीडियो देखने पर स्वैगबक्स आपको एक एसबी से लेकर 30 एसबी तक प्वाइंट्स देता है। 500 एसबी प्वाइंट्स पर आपको 250 रुपए का फ्लिपकार्ट और एमेजन का गिफ्ट कार्ड दे दिया जाता है।

यू-क्यूब्ज (you-cubez): यहां पर भी आपको सबसे पहले साइन अप करना होगा। यानी अपना अकाउंट बनाना होगा। इस एजेंसी पर प्रति क्लिक आपको 0.005 सेंट का भुगतान किया जा सकता है। यानी आप इस साइट पर अगर एक दिन में 400 बार क्लिक करते हैं तो आप 134 रुपए प्रति घंटे तक की कमाई कर सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह एक एडवरटाइजिंग एजेंसी की साइट है।