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इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल सकती है 1.4 लाख रुपये की सब्सिडी

महिंद्रा और टाटा मोटर्स की मौजूदा इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1.4 लाख रुपये तक सब्सिडी की उम्मीद की जा सकती है। आपको बता दें कि यह सब्सिडी 20 फीसद से ज्यादा नही होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो महंगी और अच्छी गुणवत्ता की कारों पर सब्सिडी 4 लाख रुपये तक हो सकती हैं, यह फैसला ए. एन. झा (व्यय सचिव )की अगुवाई में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया। FAME के दूसरे चरण के तहत हुई बैठक में हाईब्रिड गाड़ियों और ट्रक्स को बाहर रखने का फैसला किया गया।

5 साल तक चलने वाली इस योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा। जबकि पहले यह राशि 4,000 करोड़ रुपये थी। वैसे फाइनल पॉलिसी पर केद्र सरकार की मुहर लगनी बाकी है। आपको बता दें कि लोगों को पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों को छोड़ने को प्रोत्साहित करने के लिए FAME-I के तहत 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर सब्सिडी देने के साथ चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क भी तैयार करेगी। लेकिन बाद में सरकार ने बदलाव करते हुए योजना को सिर्फ सरकारी बसों तक सीमित रखने का फैसला किया, लेकिन एक बार फिर नीति में बदलाव किये गये हैं। नीति आयोग ने दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई सहित 11 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

किस गाड़ी पर कितनी सब्सिडी?: अब सवाल यह आता है कि किस इलेक्ट्रिकल गाड़ी पर कितनी सब्सिडी मिलेगी, तो आपको बता दें कि यह गाड़ी की बैटरी पर निर्भर करेगा। बैटरी की हर किलोवॉट आवर (KwH) क्षमता पर 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, मौजूदा ई-कारें 14 KwH क्षमता वाली बैटरी के साथ आती हैं यानी सरकार की तरफ से इनकी खरीद पर 1.4 लाख रुपये की सब्सिडी देगी।

टू-व्हीर्ल्स और थ्री-वीलर्स पर कितनी सब्सिडी ?: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में 2 KwH क्षमता की बैटरी लगी होती हैं तो वही इलेक्ट्रिक थ्री-वीलर्स में 4 से 4.5 KwH क्षमता वाली बैटरी लगी होती हैं जिसकी वजह से टू-व्हीलर्स पर 20 हजार और थ्री-वीलर्स पर 45 हजार रुपये तक की की सब्सिडी मिलेगी।

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दुनिया की सबसे सुरक्षित जीप, कीमत 2.02 करोड़ रुपये!

Rezvani टैंक मिलिट्रि वाहन से प्रेरित नाम है, इस कार में डेड-बोल्ट मैगनेट के लगे हैं और साथ ही दरवाजों पर इलेक्ट्रिक हैंडल लगे है। इससे यात्री को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा मिलती है।

बुलेट पूफ्र इस गाड़ी में बंदूक से हमला करने पर भी कुछ नहीं हो सकता। इसके रेडियेटर, बैटरी और फ्यूल टैंक को धमाके से बचाने के लिए kevlar में लपेटा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोफोन के जरिए ड्राइवर बाहर के खतरे को भांप लेता है।

इसके लिए उसे खिड़की या दरवाजे को भी खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। इस गाड़ी में ब्लाइडिंग लाइट भी है जो रात को दिन बना देती है। साथ में फुल इंटरकॉम सिस्टम है जिसमें स्पीकर बाहर की ओर लगे हैं।

इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित जीप बताया जा रहा है। इस जीप में 6.4L V8 इंजन है जो 708HP जेनरेट करता है गाड़ी की कीमत 2.02 करोड़ रुपये है।

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जानें आपकी कार से आने वाली हर आवाज का क्या है कारण। कैसे करें इसका उपाय! #Car #Maintenance #Sounds

कार में आने वाली इस तरह की आवाजें कार की परफॉर्मेंस के बारे में बताती हैं। आइये जानते हैं इन्ही आवाजों के बारे में।

1. इंजन से फट-फट की आवाज: अगर कार के इंजन से फट-फट की आवाज सुनाई दे तो इस बात को नजरअंदाज बिलकुल न करें क्योकिं इससे इंजन स्टार्ट करने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह आवाज एयर फिल्टर गंदा होना, स्पार्क प्लग खराब होना, इग्निशन में प्रॉब्लम, गैसोलिन में पानी आना और कारब्यूरेटर में खराब पावर सर्किट के चलते आती हैं।

2. गियर शिफ्ट के दौरान आवाज: गियर शिफ्ट के दौरान जब गियर अटकने की शिकायत आये तो इसकी सर्विस जल्दी करा लें, क्योकिं इसका कारण क्लच और गियरबॉक्स दोनों में खराबी हो सकता है। इसके साथ ही इसमें क्लच की खराबी, गियर शिफ्ट लिकेज, गियरबॉक्स खराब होना और गियर ऑयल की समस्या के कारण भी यह आवाज आती हैं।

3. जब कार मोड़ते समय आये ऐसी आवाज: कार को मोड़ते समय करहाने की आवाज आने लगे तो समाज जान चाहिये कि यह आवाज सीवी एक्सेल के टूटने से भी आ सकती है या फिर एक्सेल से ग्रीस लीक खत्म होने के चलते भी आती है। ग्रीस खत्म होने के चलते कॉम्पोनेंट सूख जाता है और सीवी एक्सेल का खराब कर देता है जिसके चलते आपको सीवी एक्सेल रिप्लेस करवाना पड़ता है। इस तरह की आवाज आते ही ग्रीस फिर से फिल करवा ले ताकि कोई दिक्कत न आए।

4. स्पीड बढ़ाने पर ऐसी आवाज़ को नजरअंदाज न करें: फर्स्ट गियर में गाड़ी को रेस देते समय अगर गाड़ी आगे स्पीड पकड़ते समय आवाज़ करे तो इसका मतलब यह है कि कार की फैन बेल्ट ढीली या फिर खराब हो रही है। फैन बेल्ट हम कार में समय के साथ ढीली हो जाती है और कार स्टार्ट करते समय रबड़ से रगड़ लगते समय आवाज आने लगती है। इसके लिए आपको अंत में फैन बेल्ट बदलवानी ही पड़ती है।

5. ब्रेक लगाते समय जब आये आवाज आवाज: ब्रेक लगाने के दौरान अगर ची-ची की आवाज आए तो समझ जाओ कि ब्रेक शूज पूरी तरह खराब हो गए हैं ऐसे में जितना जल्दी हो इन्हें बदलवा लेना चाइये, वरना ब्रेक लगने में काफी दिक्कत हो सकती है।

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4 लाख से कम कीमत में आती हैं ये टॉप 3 कारें

आज हम अपनी इस खबर में हैचबैक सेगमेंट की उन टॉप मॉडल कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी कीमत 4 लाख रुपये से कम है।

1. रेनो क्विड

रेनो की एंट्री लेवल हैचबैक सेगमेंट कार क्विड की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रही है। छोटी कारों में स्टाइलिश लुक और फीचर्स के मामले में क्विड को सबसे पहले गिना जाता है। रेनो क्विड चार अलग-अलग वेरिएंट में उपलब्ध है और इसके टॉप वेरिएंट को आप 4 लाख रुपये से कम कीमत पर खरीद सकते हैं, जिसमें सेफ्टी के तौर पर आपको साइड एयरबैग का विकल्प भी मिलेगा। इसकी कीमत 2.66 लाख से 3.82 लाख रुपए (एक्‍स शोरूम दि‍ल्‍ली) है। इसमें 799 cc का इंजन दिया गया है जो 54 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 25.17 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स के तौर पर कार में ड्राइवर एयरबैग ऑप्शन, मोनो टोन डैशबोर्ड, प्लेन डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, प्लेन साइड एयर वेंट, फ्लोर कनसोल के साथ दो कैन होल्डर्स, पार्किंग ब्रेक कंसोल, सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक पावर स्टियरिंग दिए गए हैं।

2. ऑल्टो 800

मारुति सुजुकी इंडिया की सबसे सस्ती और छोटी कार ऑल्टो 800 देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। इस कार के टॉप मॉडल को भी आप 4 लाख रुपये से कम कीमत में खरीद सकते हैं। इसकी कीमत 2.54 लाख से 3.81 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) है। कार में 796cc का इंजन दिया गया है, जो 48 PS की पावर जनरेट करता है। एक लीटर पेट्रोल में यह कार 24.7 किमी का माइलेज देती है और एक किलोग्राम सीएनजी पर यह 33.44 किमी का माइलेज देती है।

फीचर्स की बात करें तो कार में फॉग लैंप, सीएनजी विकल्प, फैब्रि‍क आपहोलस्‍ट्री ऑन डोर पैनल, रीयर डोर चाइल्‍ड लॉक, रीमोट कीलेस एंट्री, डि‍जि‍टल क्‍लॉक (स्‍पीडोमीटर डि‍स्‍प्‍ले) दिए गए हैं।

3. डेटसन रेडी-गो

छोटी हैचबैक सेगमेंट में डेटसन रेडी-गो तेजी से पॉपुलर हो रही है। डैटसन की इस हैचबैक को कई वेरिएंट्स – रेडी गो स्मार्ट ड्राइव ऑटो, रेडी गो गोल्ड, रेडी-गो 1.0 लीटर और रेडी गो 0.8 लीटर में उतारा गया है। बाजार में इसकी कीमत 2.50 लाख से 4.05 लाख रुपये (एक्‍स शोरूम दि‍ल्ली) रखी गई है। कार में 799 सीसी का इंजन लगा है, जो 54 PS की पावर जनरेट करता है।

फीचर्स के तौर पर कार में डे लाइट रनिंग लैंप रेडियो, सीडी, एमपी3, यूएसबी और ऑक्स, इन फ्रंट पावर, माइलेज और डिस्टेंस टू एम्टी डिसप्ले, ब्लूटुथ ऑडियो सिस्टम, रिमोट कीलेस एंट्री दिए गए हैं।

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रेंज रोवर इवोक कन्वर्टेबल लॉन्च, कीमत 69.53 लाख रूपए

लैंड रोवर ने रेंज रोवर इवोक कन्वर्टेबल को लॉन्च कर दिया है। यह केवल टॉप वेरिएंट एचएसई डायनामिक में उपलब्ध है। इसकी कीमत 69.53 लाख रूपए (एक्स-शोरूम) हैै। यह स्टैंडर्ड इवोक एचएसई डायनामिक से 9.54 लाख रूपए महंगी है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल को स्टैंडर्ड इवोक पर तैयार किया गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसकी छत को खोला और बंद किया जा सकता है, जबकि रेग्यूलर मॉडल की छत को खोला और बंद नहीं किया जा सकता। इवोक कन्वर्टेबल की छत को फोल्ड होने में 18 सेकंड लगते हैं, जबकि वापस उसी स्थिति में आने में 21 सेकंड लग जाते हैं। इसकी छत को 48 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर खोला और बंद किया जा सकता है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल की लंबाई 4370 एमएम, चौड़ाई 1900 एमएम और ऊंचाई 1609 एमएम है। यह रेग्यूलर मॉडल से 10 एमएम ज्यादा लंबी, 220 एमएम कम चौड़ी और 26 एमएम कम ऊंची है। इसकी वाटर वेडिंग क्षमता 500 एमएम है। फोल्डेबल रूफ की वजह से इसका बूट स्पेस 73 लीटर कम हुआ है। इसका बूट स्पेस 251 लीटर है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल में नेविगेशन सपोर्ट करने वाला 10 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम, 825 वॉट का 16-स्पीकर्स वाला मैरिडयन सराउंड साउंड सिस्टम, 360 डिग्री कैमरा, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज़ कंट्रोल, फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर, रेन-सेसिंग वाइपर और 12 तरह से इलेक्ट्रिक एडजस्ट होने वाली फ्रंट सीटें दी गई है। सुरक्षा और ऑफ-रोडिंग को बेहतर बनाने के लिए इस में टरेन रिस्पॉन्स सिस्टम, एबीएस, ईबीडी, ट्रेक्शन कंट्रोल, रोल स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रेलर स्टेबिलिटी असिस्ट और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया गया है।

Range Rover Evoque Convertible

इवोक कन्वर्टेबल में 2.0 लीटर का एसआई4 पेट्रोल इंजन लगा है, जो 241 पीएस की पावर और 340 एनएम का टॉर्क देता है। यह इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है, जो सभी पहियों पर पावर सप्लाई करता है। इसकी टॉप स्पीड 217 किमी प्रति घंटा है। 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पाने में इसे 8.1 सेकंड का समय लगता है।

(Source : CARDEKHO)

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Hyundai अगले साल भारत में लांच करेगी पहली इलेक्ट्रिक कार Kona! फुल चार्ज में चलेगी 300km

ह्युंडई की पहली इलेक्ट्रिक कार जल्द ही भारत आनेवाली है. ह्युंडई ने हाल ही में जिनेवा मोटर शो 2018 में नयी इलेक्ट्रिक एसयूवी कोना से पर्दा हटाया है.

बताते चलें कि दिल्ली ऑटो एक्सपो 2018 में कोना का कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो नयी ह्युंडई कोना अगले साल तक भारत में लांच कर दी जायेगी.

कंपनी ने इस कार का प्रॉडक्शन मॉडल पेश करते हुए कंपनी ने 2018 जिनीवा मोटर शो में बताया कि फुल चार्ज पर इस कार की रेंज 300 किलोमीटर की होगी.

बात करें पावर की, तो यह गाड़ी 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड 9.2 सेकंड्स में पकड़ सकती है. इसकी टॉप स्पीड 167 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसका मोटर कार को 134 bhp की पावर और 395 Nm का टॉर्क देगा.

ह्युंडई कोना को पावर देगी 39.5 किलोवाट लिथियम आयन बैटरी. इस बैटरी को फुल चार्ज होने में 6 घंटे लगेंगे. 80 पर्सेंट चार्जिंग फास्ट चार्जर के जरिये महज एक घंटे में ही हो जायेगी.

इंटरनेशनल मार्केट में कोना इलेक्ट्रिक एसयूवी 64 किलोवाट की बड़ी बैटरी के साथ आती है. यह बैटरी 211 पीएस का पावर और 470 किलोमीटर रेंज देती है.

यह कार सीकेडी रूट यानी कंप्लीटली बिल्ट यूनिट के तौर पर भारत आ सकती है. भारत में इसकी अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है.

इस क्रॉसओवर कार में 17 इंच के अलॉय व्हील्स दिये गये हैं. इसके साथ ही एयरोडायनैमिकली डिजाइन्ड बम्पर्स और स्पॉइलर भी इसमें दिये गये हैं.

इसमें आॅल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, हेड अप डिस्प्ले और 7 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है.

इसके अलावा इसमें कम्पोजिट लाइट, टॉप पर LED DRLs और टू-टोन रूफ के साथ सात रंग के एक्सटीरियर दिये गये हैं. इसके साथ ही, इस कार में विशेष लैंप बेजल और फ्रंट बंपर दिया गया है.

सुरक्षा के लिए इस कार में अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट और आॅटोमैटिक इमर्जेंसी ब्रेकिंग आदि फीचर्स दिये गये हैं.

यहां यह जानना गौरतलब है कि अगर ह्युंडई कोना इलेक्ट्रिक कार अगले साल भारत में लांच हो जाती है तो इसके मुकाबले में कोई नहीं होगा. हालांकि, कीमत के लिहाज से इसका मुकाबला जीप कंपास, नयी होंडा सीआर-वी, फोक्सवैगन टिगुआन सरीखी कारों से होगा.

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Tata Motors की ई-विजन कॉम्पैक्ट सेडान से उठा पर्दा। जानिए खूबियां!?

88th जिनेवा मोटर शो में टाटा मोटर्स ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट सेडान ई-विजन को शोकेस किया है। इस मौके पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और रतन टाटा भी मौजूद थे। इस कार को टाटा मोटर्स ने ओमेगा प्लैटफॉर्म पर बनाया है। इस कार की टॉप-स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा है और कंपनी का दावा है कि यह 0-100 किलोमीटर की रफ़्तार पकड़ने के लिए सिर्फ 7 सेकेंड का समय लेगी।

ई-विजन में कंपनी ने स्लो और फास्ट चार्जिंग की सुविधा दी है। सोर्स की माने तो नई ई-विजन 2022 तक कार बाजार में दस्तक दे देगी लेकिन इसे सबसे पहले कहां लॉन्च किया जायेगा इस पार कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

टाटा मोटर्स ने नई ई-विजन सेडान को नए इंपैक्ट डिजाइन 2.0 पर बनाया है जिसकी वजह से यह फ्रेश लुक्स के साथ स्टाइलिश नज़र आती है और यहां पर कंपनी कामयाब भी हुई है। नई ई-विजन को देखकर साफ़ लगता है कि टाटा मोटर्स अपने डिजाइन सेक्शन पर काफी सीरियस होकर काम कर रही है।

नई ई-विजन कॉन्सेप्ट के साथ ही टाटा मोटर्स ने जिनेवा मोटर शो में अपने 20 साल भी पूरे कर लिए हैं। ई-विजन कॉन्सेप्ट से पहले टाटा इस ऑटो शो में आरिआ, नैनो, नैनो पिक्सल,मेगा पिक्सल और टामो रेसिमो कॉन्सेप्ट को भी उतार चुकी है।

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होंडा स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट से उठा पर्दा

होंडा ने नई सीआर-वीसिविक और अमेज़ के अलावा स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट से भी पर्दा उठाया है। स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट को पहली बार टोक्यो मोटर शो में पेश किया गया था।

 

Honda Sports EV

 

स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक को नए प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है। यह प्लेटफार्म कंपनी ने खासतौर पर इलेक्ट्रिक कारों के लिए तैयार किया है। इसका डिजायन काफी आकर्षक और दमदार नज़र आ रहा है। इसकी ऊंचाई को कम और चौड़ाई को ज्यादा रखा गया है। आगे और पीछे की तरफ दो ब्लैक पैनल दिए गए हैं, जो हैडलैंप्स और टेललैंप्स में मिले हुए हैं। दरअसल ये ब्लैक पैनल एक डिस्प्ले स्क्रीन है, जो दूसरी कारों के ड्राइवर को सकेंत दिखाती है। इस में कार के चार्जिंग स्टेट्स का भी पता चलता है।

 

Honda Sports EV

 

स्पोर्ट्स इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट में होंडा ऑटोमैटेड नेटवर्क असिस्टेंस भी दिया गया है, जो ड्राइवर को कही अहम जानकारियां देता है। इंजन से जुड़ी जानकारी अभी कंपनी ने साझा नहीं की है। कंपनी के अनुसार इस में लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक मोटर आएगी, जिसे बॉडी के निचले हिस्से में पोजिशन किया जाएगा।

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मस्क का एक और करिश्मा: अंतरिक्ष में भेजा गया दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट, मकसद है बेहद खास

बिजनेस टाइकून एलन मस्‍क की दिग्‍गज कंपनी ‘स्‍पेसएक्‍स’ ने दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ‘फॉल्‍कन हैवी’ को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजकर इतिहास रच दिया है। मंगल पर मानव बस्‍ती बसाने की मस्‍क की महत्‍वाकांक्षी योजना की दिशा में यह पहला महत्‍वपूर्ण कदम है। इसके साथ एक दिलचस्‍प बात ये भी है कि इस रॉकेट के साथ एक स्‍पोर्ट्स कार को भी अंतरक्षि में भेजा गया है और ये भी गौर फरमाने वाली बात है कि पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी ने बिना किसी सरकारी मदद से इतना बड़ा रॉकेट लॉन्‍च किया है। यह भी कहा जा रहा है कि इस रॉकेट को किसी 23 मंजिला इमारत के बराबर माना जा सकता है।

‘फॉल्‍कन हैवी’ के लॉन्‍च का हुआ लाइव प्रसारण

फॉल्‍कन हैवी को फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय समयानुसार मंगलवार देर रात 2 बजकर 25 मिनट पर लॉन्‍च किया गया और स्‍पेसएक्‍स ने इस पूरी प्रकिया का लाइव प्रसारण किया। इसको लेकर लोगों में जबरदस्‍त उत्‍साह देखने को मिला। फॉल्‍कन हैवी के लांच होने के बाद स्पेसएक्स के कमेंटेटर लॉरेन लियॉन्स ने कहा, ‘वाह, क्या आप लोगों ने देखा? यह बेहद शानदार था।’

स्‍पेसएक्‍स का है सबसे महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट

फॉल्‍कन हैवी पृथ्वी की ऑर्बिट से मंगल की ऑर्बिट तक चक्कर लगाता रहेगा। मस्‍क ने बताया था कि अपने ऑर्बिट में पहुंचने के बाद इसकी रफ्तार 11 किलोमीटर/सेकंड की होगी। हालांकि इसमें किसी इंसान को नहीं, बल्कि फ्यूचर स्‍पेस सूट पहने एक पुतले को भेजा गया है। यह स्‍पेसएक्‍स का अब तक का सबसे महत्‍वाकांक्षी प्रोजेक्‍ट है और विशेषज्ञों ने इसकी सराहना करते हुए इसे गेम-चेंजर करार दिया है।

इस वजह से नासा की भी है इस पर नजर

नासा की भी इस पर नजर है। चांद-मंगल पर लोगों को भेजने के मकसद को देखते हुए वह भी इस ताकतवर रॉकेट का इस्‍तेमाल कर सकता है। स्‍पेसएक्‍स का दावा है कि यह मौजूदा समय में इस्तेमाल हो रहे सबसे पॉवरफुल रॉकेट डेल्टा-4 हैवी से दोगुना वजन ले जा सकता है। मस्क ने यह दावा भी किया था कि यह रॉकेट मनुष्यों को चांद और मंगल ग्रह तक ले जा सकेगा। उन्‍होंने बताया था कि फॉल्कन हैवी को ठीक उसी जगह से लॉन्च किया जाएगा, जहां से ‘सैटन 5 अपोलो 11 मून रॉकेट’ को लॉन्च किया गया था।

जानिए क्‍या है ‘फॉल्‍कन हैवी’ की खासियत

पिछले साल दिसंबर में मस्क ने 27 मर्लिन इंजन वाले इस रॉकेट की तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। इसे फॉल्कन 9 नामक तीन रॉकेट को मिलाकर बनाया गया है। यह 40 फीट चौड़ा व 230 फीट लंबा है और इसका कुल वजन 63.8 टन है, जो दो स्पेस शटल के वजन के बराबर है। जमीन से उठने पर यह 50 लाख पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है जो बोइंग 747 एयरक्राफ्ट के 18 प्लेन द्वारा मिलाकर पैदा करने वाले थ्रस्ट के बराबर है। इससे लगभग एक लाख 40 हजार पाउंड का वजन अंतरिक्ष में भेजा जा सकता है।

इस रॉकेट का हो सकता है दोबारा इस्‍तेमाल

स्पेसएक्स काफी लंबे समय से ऐसे रॉकेट पर प्रयोग कर रही थी, जिसे एक से अधिक बार इस्तेमाल किया जा सके। मगर उसे सफलता अब जाकर मिली है। कंपनी का दावा था कि दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट से इसकी लॉन्चिंग पर होने वाले खर्च में काफी कमी आएगी। यूरोपियन स्पेस एजेंसियां, रूस और जापान भी इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, मगर अभी वह प्रायोगिक दौर में ही हैं। आपको बता दें कि अंतरिक्ष में किसी सेटेलाइट को स्थापित करने के लिए रॉकेट की सहायता ली जाती है। इसलिए ऐसे अनुसंधानों पर प्रोग्राम से ज्यादा खर्च स्थापित करने वाले सेटेलाइट व्हिकल पर होता है।

सैटर्न-5 था अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट

आपको बता दें कि सैटर्न-5 अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट था, जिसका अब इस्तेमाल बंद हो गया है। सैटर्न-5 में 140 टन पेलोड ले जाने की ताकत थी। नासा ने सैटर्न-5 की मदद से ही चांद पर खोज के लिए कई मिशन भेजे थे। स्काईलैब भी इसी से लॉन्च की गई थी। यह 1973 तक प्रचलन में था।

अंतरिक्ष में भेजी गई मस्‍क की रोडस्टर कार भी

फॉल्‍कन हैवी के साथ मस्‍क की रोडस्‍टर कार को भी अंतरिक्ष में भेजा गया। ऐसा पहली बार हुआ है। मस्क ने इस बारे में बताया था कि वह फॉल्‍कन हैवी के साथ मंगल ग्रह की ओर अपनी टेस्ला कंपनी की रोडस्टर कार भी लॉन्च करेंगे। यह एक स्पो‌र्ट्स कार है और एक बार चार्जिंग में यह एक हजार किमी की यात्रा कर सकती है। वहीं 1.9 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इस कार की अधिकतम रफ्तार 400 किमी प्रतिघंटे है।

मंगल-चांद पर मानव बस्‍ती बसाना है सपना

पृथ्‍वी से इतर दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावनाओं को ले‍कर पिछले काफी लंबे दशक से दुनियाभर में शोध और प्रयोग होते आ रहे हैं। खास तौर से सभी की नजरें मंगल और चांद पर मानव बस्‍ती बसाने पर टिकी हुई है। स्‍पेसएक्‍स के सीईओ मस्‍क का भी यह सपना है और इस सपने को पूरा करने की दिशा में उन्‍होंने अपना पहला कदम बढ़ा दिया है और इसमें उन्‍हें सफलता भी मिल गई है। फाल्‍कन हैवी को लॉन्‍च करने का मुख्‍य मकसद मंगल और चांद पर लोगों को भेजना और वहां मानव बस्‍ती बसाना ही है। यह लोगों के लिए भी बेहद रोमांचकारी है, मगर देखना होगा कि मस्‍क का यह सपना पूरा होता है या नहीं।

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ई-सर्वाइवर: मारुति सुजुकी ऑटो एक्सपो में शोकेस करेगी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार

भारत की सबसे बड़ी कारमेकर मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार, ई-सर्वाइवर का कॉन्सेप्ट मॉडल फरवरी में शुरू होने वाले दिल्ली ऑटो एक्सपो में शोकेस करेगी। यह एक ओपन टॉप वाली 2 सीटर एसयूवी है। इसको फ्यूचर ऑफ रोडर इलेक्ट्रिक कार भी कहा जा रहा है।

भारतीय सरकार ने 2030 तक देश में सभी वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने का संकल्प लिया है। यहां तक कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तो यहां तक कह चुके हैं कि वह किसी कार कंपनी से इलेक्ट्रिक बनाने के बारे में पूछने वाले नहीं हैं। ई-सर्वाइवर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक सुजुकी और टोयोटा की पार्टनरशिप से निकलेगी।

अल्ट्रा हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, बड़े पहिए इस ऑफ रोडर वाहन को अलग ही लुक देते हैं। दो सीटर लेआउट वाली इस एसयूवी में खुली छत है। इसमें जिम्नी और विटारा सरीखी कारों का भी पुट देखने को मिल जाएगा। इसे लैडर फ्रेम पर बनाया गया है। इसी फ्रेम पर लॉन्च होने वाली जिम्नी को भी बनाया गया है।

इन कारों को इस्तेमाल करने के लिए मारुति चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेट करेगी। कंपनी का मानना है कि वह यह काम खुद के बल पर कर सकती है। इसके लिए उसके किसी विदेशी कंपनी की सहायता की जरूरत नहीं होगी। ऑटो एक्सपो में ई-सर्वाइवर के साथ ही मारुति की नई स्विफ्ट भी देखने के लिए लोग बेताब हैं।

मारुति सुजुकी ऑटो एक्सपो में अपनी आने वाली कॉम्पैक्ट कारों की नई डिजाइन का कॉन्सेप्ट, फ्यूचर एस भी पेश करेगी।