Posted on

मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं सुनंदा, जानें- मौत से पहले क्या-क्या हुआ था

सुनंदा शशि थरूर पुष्कर की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस की एसआइटी ने सवा चार साल बाद चार्जशीट तो दाखिल कर दी, लेकिन इससे उसकी कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सुनंदा की मौत के एक साल बाद जब पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था तब किसी को नामजद नहीं किया गया था। अब पुलिस ने उनके पति वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर को मुख्य संदिग्ध आरोपी माना है।

कई सवाल छोड़ गई सुनंदा की मौत 

एसआइटी ने थरूर पर सुनंदा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। सवाल यह है कि जब सुनंदा ने आत्महत्या ही की थी तो पुलिस ने साल भर जांच के बाद हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज क्यों किया था। सुनंदा अपनी मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गईं हैं।

फोन पर की थी लंबी बातचीत 

17 जनवरी 2014 की शाम चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा लीला होटल के सुइट नंबर 345 में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं थीं। उस समय पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि मरने से तीन घंटे पहले उन्होंने अपने स्टाफ से कहा था कि वह उनके लिए सफेद रंग का सूट निकालकर रख दें, उन्हें आइपीएल के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जाना है। उन्होंने मीडिया के आठ कर्मियों को फोन कर उनसे लंबी बातचीत भी की थी।होटल के कमरे को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्होंने खुदकशी की हो।

शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे

घटना के दौरान सुनंदा के सभी मोबाइल को केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त करने के बजाए तत्कालीन संयुक्त आयुक्त (सदर्न रेंज) विवेक गोगिया ने उसे शशि थरूर को क्यों सौंप दिया था। कमरे में नींद की दवा अल्प्रेक्स के दो खाली पत्ते मिले थे, जबकि वह यह दवा नहीं लेती थीं। आखिर यह दवा वहां कैसे पहुंची, इस बात का भी पुलिस पता नहीं लगा पाई है। बिस्तर पर खून की छींटे व यूरीन और शरीर पर 12 ताजे घाव के निशान मिले थे। बांह पर इंजेक्शन के भी निशान मिले थे। कमरे में ग्लास टूटे हुए मिले थे।

कोई बड़ी साजिश तो नहीं

बड़ा सवाल यह भी है कि होटल की जिस तीसरी मंजिल पर सुनंदा ठहरी हुईं थीं, उस तल के सभी सीसीटीवी कैमरे खराब क्यों थे। क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। पुलिस ने इस पहलू पर भी तहकीकात नहीं की। दूसरी बार मेडिकल बोर्ड ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा था कि सुनंदा की मौत जहर से ही हुई है, लेकिन जहर किसी खाद्य पदार्थ में मिलाकर खिलाया गया या इंजेक्शन के द्वारा दिया गया, इसका पता अभी तक नहीं लग सका है।

शशि थरूर को लेकर थीं परेशान

एम्स फोरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शरीर में पाए गए केमिकल की जांच के बाद दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंपते हुए कहा था कि उनकी मौत जहर से हुई है। अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ही तत्कालीन पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी के निर्देश पर सरोजनी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। मरने से एक दिन पहले 16 जनवरी की रात 12.10 बजे उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह से लंबी बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह शशि थरूर को लेकर काफी परेशान हैं। वह बातचीत के दौरान काफी रोई भी थीं।

Posted on

उन्नाव केस: BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के साथ किया था रेप, CBI ने की पुष्टि

 उन्नाव केस की जांच कर रही सीबीआई ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगे रेप के आरोपों की पुष्टि कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने आरोपों की पुष्टि कर दी है. वहीं दुष्कर्म में शशि सिंह की भूमिका पर सीबीआई ने कहना है कि शशि सिंह ही पीड़ित को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुलदीप सिंह के घर लाई थी. 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह ने उसके साथ रेप किया था और 11 जून को पीड़िता को तीन युवकों ने अगवा किया और कार में गैंगरेप किया. सूत्रों का कहना है कि अब सीबीआई स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर रही है.

बयानों से नहीं पलटी पीड़िता
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किए. कोर्ट के समझ भी उसने वहीं बयान दिए जो उसने पुलिस को अपनी शिकायत में दिए थे.

सीबीआई ने आमने-सामने बैठकर की थी जांच
आपको बता दें कि उन्नाव रेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और पीड़िता का आमना-सामना कराया था. पीड़िता ने पिछले वर्ष चार जून को विधायक द्वारा रेप किए जाने का आरोप दोहराया लेकिन, विधायक इससे इनकार करते रहे. सीबीआई के अफसरों ने दोनों से अलग-अलग हुई पूछताछ के तथ्यों को भी सामने रखा और एक-दूसरे से पुष्टि की.

सेंगर को सीतापुर जेल में किया गया शिफ्ट
आपको बता दें, बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मंगलवार (8 मई) को सुबह उन्नाव जेल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अपील दायर कर आरोपी विधायक को उन्नाव जेल से शिफ्ट करने की याचिका दायर की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया.

अब तक मामले में क्या-क्या हुआ

  • रेप पीड़िता ने 11 जून 2017 को कोर्ट में शिकायत दर्ज की.
  • कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए और आरोपी अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, इस मुकदमे में विधायक और शशि सिंह का नाम नहीं था.
  • 3 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह ने केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया.
  • जब पिता द्वारा इनकार किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और फर्जी मुकदमा लिखवाकर उसे जेल भिजवा दिया.
  • 8 अप्रैल, 2018 को पीड़िता ने परिवार समेत सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की.
  • 9 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई.
  • 10 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार किया गया.

केस में अब आगे क्या होगा

  • विधायक कुलदीप पर रेप के आरोपों की पुष्टि हुई.
  • अब आरोपी विधायक पर शिकंजा कस सकता है.
  • बीजेपी भी विधायक कुलदीप के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है.
  • ये भी संभव है कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दे.
  • सीबीआई अब मामले में पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी.
  • सीबीआई की रिपोर्ट पर कोर्ट मामले में फैसला सुनाएगा.
Posted on

#Kathua: कठुआ गैंगरेप मामले में दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा

कश्मीर से कन्याकुमारी तक दिल को झकझोर देने वाले कठुआ गैंग रेप मामले में एक अहम खबर सामने आई है, इस केस के तमाम सबूतों की जांच करने वाली दिल्ली की फॉरेंसिक लैब (FSL) ने सभी सबूतों को सच माना है। FSL की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होती है कि मंदिर में मिले खून के निशान पीड़िता के ही है, जिससे ये बात सत्यापित होती है कि मंदिर के अंदर ही आठ साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था।

आरोपी शुभम सांगरा के खिलाफ अहम सबूत

रिपोर्ट के हिसाब से मंदिर में मिले बाल का डीएनए इस केस के आठ आरोपियों में से एक शुभम सांगरा से मिलते हैं, पीड़िता के कपड़े पर मिले खून के निशान का डीएनए भी शुभभ के डीएनए से मिलता है। रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि पीड़िता के यौनांग में खून पाया गया था। आपको बता दें कि इस केस की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) टीम को इस बात की शिकायत थी कि उसे जो सबूत मिले हैं, वो आरोपियों को गुनाहगार साबित करने को काफी नहीं थी क्योंकि ऐसी बात सामने आई थी कि आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके। ये ही वजह थी कि एसआईआटी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पा रही थी।

शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे

मार्च में ही पीडि़ता के कपड़ों, खून, बाल, मल जैसे सबूतों को दिल्ली की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था और इसके साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे। इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले के रासना गांव में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी में अगवा किया गया था। एक हफ्ते बाद घर से कुछ दूर उसका शव बरामद हुआ था। 10 अप्रैल को दायर पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी।आरोप गांव के एक मंदिर के सेवादार पर लगा। कहा जा रहा है कि बकरवाल समुदाय को गांव से बेदखल करने के इरादे से यह साजिश रची गई थी। इस मामले में एक नाबालिग समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। सेशन कोर्ट इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

Posted on

मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

मैं बार-बार बस यही सोच रहा हूँ, आसिफा की ये फोटो किसने और क्यूँ ली?

बड़ी और गौर करने वाली बात ये है कि फोटो खींचने वाले को कैसे पता था ये फोटो पूरे भारत में एक एजेंडा चलाने में काम आएगी क्यूंकि आसिफा की लाश भी इन्हीं कपड़ों में मिली थी। क्या आपने निर्भया रेप कांड की प्रताड़ित दामिनी(जिसकी पहचान भी अब तक किसी को नहीं पता) की तस्वीर कभी देखी, तो सोचिये सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन्स के उलट एक रेप प्रताड़ित की तस्वीर वायरल होना भी एक बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रही है।

प्रारम्भिक जाँच के बाद लिखी गयी FIR में सिर्फ हत्या का केस दर्ज हुआ था और वारदात की जगह भी लकड़ी का गोदाम था। फिर जाँच राज्य की क्राइम ब्रांच के पास आते ही यह केस ऐसे पलटा की अब इसके सहारे कुछ नेतागण अपनी बिखर चुकी राजनीति पलटने की कोशिश कर रहे हैं!

कौन हैं आखिर वो लोग?? मानो या न मानो षड्यंत्र बहुत ही योजनाबद्ध है।

जहाँ एक तरफ आरोपियों के बार बार बोलने पर भी जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच उनका नार्को टेस्ट नहीं करवा रही और बस आरोप थोप के कबूल करने के लिए प्रताड़ित कर रही है, यह बेहद ही संघीन है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती का CBI जाँच की मंजूरी अब तक न देना उनके कर्तव्य-परायण पर भी संदेह उत्पन्न करता है।

भारतीय राजनीतिज्ञों का स्तर भी अब इतना गिर चुका है कि बस रोटियां सिंकनी चाहिए, फिर चाहें वो छोटे बच्चों के रेप और मौत करने के बाद उनकी लाशों पर ही क्यों न सेंकनी पड़े!

आइये आपको ABP News का एक विश्लेषण दिखाएं जिसमे उस मंदिर के बारे में रची गयी मनगढ़ंत बातें बिलकुल साफ हो जाएँगी।

इस मुहीम को आगे बढ़ाएं और निष्पक्ष जाँच की मांग करें। #JusticeForAsifa #CBI4KathuaCase #CBI4Ashifa

(लेख: संपादकीय)

Posted on

ताजमहल Ownership केस: सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां का वक्फनामा पेश नहीं कर पाया सुन्नी बोर्ड

ताजमहल पर मालिकाना हक जताने वाला सुन्नी वक्फ बोर्ड मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां के दस्तखत वाला वक्फनामा पेश नहीं कर पाया। इस पर, चीफ जस्टिस ने कहा कि बोर्ड कोर्ट का वक्त बर्बाद कर रहा है। बता दें कि वक्फ बोर्ड ने पिछली सुनवाई में दावा किया था कि मुगल बादशाह शाहजहां ने बोर्ड के पक्ष में ताजमहल का वक्फनामा किया था। इस पर कोर्ट ने सबूत मांगे थे। यह विवाद सुन्नी वक्फ बोर्ड और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के बीच चल रहा है।

दावेदारी पर नरम पड़ा वक्फ बोर्ड
– ताजमहल पर दावेदारी कर रहा वक्फ बोर्ड मंगलवार को कोर्ट में नरम नजर आया। उसने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि उसे कोई दिक्क्त नहीं है कि ताजमहल की देखरेख एएसआई करे, लेकिन बोर्ड का यहां नमाज पढ़ने और उर्स जारी रखने का हक बरकरार रहे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से कहा कि उसे इस बारे में एएसआई से बात करनी चाहिए। इस पर एएसआई ने विचार करने के लिए वक्त मांगा। केस की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- शाहजहां जेल में थे तो दस्तखत कैसे किए?
– पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस ने वक्फ बोर्ड के वकील से पूछा था, “शाहजहां ने वक्फनामे पर दस्तखत कैसे किए? वह तो जेल में बंद थे। वह हिरासत से ही ताजमहल देखते थे।”
– कोर्ट ने शाहजहां के दस्तखत वाला हलफनामा पेश करने को कहा तो बोर्ड के वकील ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी।

बोर्ड के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था स्टे
– सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जुलाई 2005 में आदेश जारी कर ताजमहल को अपनी प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर करने को कहा था।
– एएसआई ने इसके खिलाफ 2010 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर कोर्ट ने बोर्ड के फैसले पर स्टे लगा दिया था।
– बता दें कि वक्फ का मतलब किसी मुस्लिम द्वारा धार्मिक, शैक्षणिक या चैरिटी के लिए जमीन का दान देना होता है।

एएसआई कहता है- ताजमहल भारत सरकार का
– एएसआई की ओर से पेश एडवोकेट एडीएन राव ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने जैसा दावा किया है, वैसा कोई वक्फनामा नहीं है।
– 1858 की घोषणा के मुताबिक, आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर से ली गई संपत्तियों का स्वामित्व ब्रिटिश महारानी के पास चला गया था। वहीं, 1948 के कानून के तहत यह इमारतें अब भारत सरकार के पास हैं।

1666 में हुआ था शाहजहां का निधन
– बता दें कि वारियाना हक की लड़ाई के चलते शाहजहां के बेटे औरंगजेब ने जुलाई 1658 में उन्हें आगरा के किले में नजरबंद कर दिया था। अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाने के करीब 18 साल बाद 1666 में शाहजहां का निधन आगरा के किले में ही हुआ था।

Posted on

जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

Posted on

राजनाथ बोले- उन्नाव-कठुआ कांड शर्मनाक, ऐसे मामलों में राज्य सरकारें तुरंत लें एक्शन

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप की घटना से पूरा देश आग बबूला है. लोग सरकार से इन दोनों मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन मामलों बात की.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खास बातचीत करते हुए कहा कि जहां तक महिला सुरक्षा का प्रश्न है हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. महिला सुरक्षा से जुड़े मामले राज्य सरकारों से संबंधित होते हैं. लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि आरोपियों को सजा मिलेगी.

अगर नाबालिग लड़की के साथ रेप होता है तो तुरंत एफआईआर होनी चाहिए. अगर किसी प्रकार का संदेह है तो प्राथमिकी कार्रवाई और जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्नाव मामला काफी दुखी है.

कठुआ मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती से भी बात की है. वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राम माधव से भी बात की गई है. राजनाथ ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कठुआ की स्थिति को गंभीर रूप से देखा जाना चाहिए. कठुआ में पाकिस्तान का हाथ होने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी हो सकता है.

कश्मीर मुद्दे पर भी की बात

कश्मीर की समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी छोटी चुनौती एक बड़ी चुनौती की तरह ही होती है. कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए जो भी केंद्र सरकार से हो सकता है वो किया जा रहा है. कश्मीर के जो हालात हैं वो सामान्य नहीं हैं, वहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है. कश्मीर में बच्चों को बहकाया जाता है, कोई बच्चा खुद पत्थर लेकर सुरक्षाकर्मियों के सामने नहीं आता है.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं जो ऐसा करती हैं. पाकिस्तान की कोशिश लगातार भारत में इस प्रकार की कोशिशें करता है, पाकिस्तान को अपनी इन हरकतों से बाज आना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि अब आतंकी फंडिंग में काफी कमी आई है लेकिन अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है.

गृहमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों पर हमें गर्व है. एक-दो घटनाएं ऐसी हुई हैं जिनपर कार्रवाई की गई है वो राज्य सरकार ने किया होगा. राजनाथ ने कहा कि हमारी तरफ से वहां के लोगों से बातचीत की कोशिशें जारी है. कश्मीर धरती का स्वर्ग है उसे बर्बाद नहीं होने देंगे.

देश के मुसलमानों पर हमें गर्व

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें अपने देश के मुसलमानों पर गर्व है. भारत में ISIS ना के बराबर है. भारत में हम ISIS को बढ़ने नहीं देंगे, हमें अपने मुसलमानों पर पूरा विश्वास है. पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन पर राजनाथ ने कहा कि दोनों के बीच में कोई गड़बड़ नहीं है. पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है, हमें पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाने हैं. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पूरी दुनिया को हमारी सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक मंच पर लाया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को संरक्षण देना बंद कर दे तो उससे भी बात हो सकती है. हमारा रुख नहीं बदला है. राजनाथ ने कहा कि बहुत ही शालीनता से भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

हमने खत्म की नक्सल समस्या

नक्सल समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समस्या अब धीरे-धीरे खत्म हो गई है. नॉर्थ ईस्ट में भी इस प्रकार की समस्या को काफी कम कर दिया गया है. हमारा संकल्प नक्सल मुक्त भारत का है और पूरी उम्मीद है कि ये पूरा होगा.

सरकार बैकफुट पर नहीं है

राहुल गांधी के इंडिया गेट पर निकाले गए मार्च को उन्होंने कहा कि हम बैकफुट पर नहीं हैं, हमने कोई अपराध नहीं किया है. समस्याएं आती हैं, चुनौतियां आती हैं उसका सामना किया जाता है. किसी मुद्दे विशेष पर राज्य सरकार की कमी हो सकती है.

योगी की जमकर तारीफ

योगी आदित्यनाथ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह काफी अच्छी तरीके से सरकार चला रहे हैं. उन्नाव मामले में उन्होंने तुरंत सीबीआई जांच की अपील की, लेकिन अभी इस मामले में क्या कमी हुई उसकी भी जांच की जा रही है. उन्नाव में जिस प्रकार की घटना हुई है उसका कोई समर्थन नहीं करेगा. योगी जी पूरी ईमानदारी के साथ यूपी में काम कर रहे हैं. जो लोग एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं उनके सामने अदालत है वो वहां पर जा सकते हैं.

 आपराधिक केस पर राज्य सरकार करती है फैसला

राजनाथ ने कहा कि आपराधिक मामलों में केस वापस करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है. लेकिन जाति या मजहब के आधार पर ऐसा नहीं होता है. बिहार और बंगाल में जो हुआ उस पर उन्होंने कहा कि सिर्फ बंगाल से रिपोर्ट इसलिए मांगी क्योंकि ये पूछा जा रहा था क्या उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए. बिहार से इसलिए रिपोर्ट नहीं मांगी क्योंकि बिहार ने पहले ही अतिरिक्त सुरक्षा मांग ली थी.

2019 के चुनावों पर क्या बोले राजनाथ

2019 के चुनावों के बारे में राजनाथ ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है, सरकार हमारी ही बनेगी. हमारे नंबर ठीक-ठाक आएंगे, जिन राज्यों में हमारी सरकार है वहां पर दोबारा हमारी सरकार बनेगी.

विपक्ष के एकजुट होने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ये मानता है कि इस देश में सबसे बड़ा कोई नेता है तो नरेंद्र मोदी ही हैं. विपक्ष के अंदर इस बात का डर है, दहशत है इसलिए शायद एकजुट हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी के सामने अभी कोई भी चेहरा नहीं है. इसका उत्तर कोई नहीं दे पाएगा. राहुल गांधी के परिपक्व होने पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से मना किया. विपक्ष जो करना चाहता है वो करें, हमारी पार्टी उसपर तवज्जो नहीं देती है. लेकिन गोरखपुर-फूलपुर में जो हुआ है वह दोबारा नहीं होगा.

राजनाथ ने कहा कि 2019 में भी कई राज्यों में क्लीन स्विप करेंगे. राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव के बारे में राजनाथ ने कहा कि अभी चुनाव में एक साल है, जो हाल बदलना होता है तो 15 दिन में बदल जाता है. 2019 के लिए लोगों का जन समर्थन हमारे साथ ही है.

दलितों के मुद्दे पर क्या कहा

दलितों के मुद्दे पर राजनाथ सिंह बोले कि इस बार भी दलित हमें ही बढ़ चढ़कर वोट देंगे. अगर आप पिछली सरकार और अब की सरकार की तुलना करेंगे तो अंतर साफ दिखेगा. उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं हुई हैं, कुछ ताकतों ने मामले को बढ़ाने की कोशिश की है. दलित जब गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे तो खुद समझ जाएंगे कि हमारी सरकार ने काफी अच्छा काम किया है. अगर देश को सशक्त भारत बनाना है तो सभी का विकास होना जरूरी है.

राजनाथ ने कहा कि 2 अप्रैल को छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं. ऊना जैसे मामले पर उन्होंने कहा कि एक-दो घटनाएं होती हैं लेकिन हमारी सरकार ने वहां पर कार्रवाई की है. रोजगार के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि पहले के अपेक्षा अब अवसर बढ़ें हैं. सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं बल्कि नौकरी के मौके की भी बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं कि जो कि जातिगत संघर्ष को पैदा कर निजी स्वार्थ को पूरा करना चाहती हैं. देश की जनता गुमराह नहीं होगी, कुछ लोग हो सकते हैं. अगली सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ हमारी ही बनेगी.

दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं

दाऊद इब्राहिम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम कोई ट्रंप कार्ड चलकर जीत हासिल नहीं करेंगे. हम सरकार बनाएंगे तो लोगों का दिल जीत कर चलाएंगे. उन्होंने कहा कि दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं है.

कोर्ट में है राम मंदिर मामला

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले का सही जवाब न्यायपालिका ही दे सकती है. जब वाजपेयी जी की सरकार थी तो बातचीत से मुद्दा सुलझाने की कोशिशें हुई थीं. उसके बाद अब श्रीश्री रविशंकर जी इस पर बात कर रहे हैं, लेकिन सभी को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

पक्ष-विपक्ष के उपवास पर उन्होंने कहा कि क्या कभी कोई सरकार चाहेगी कि संसद ना चले. संसद को चलाना सरकार और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. क्या विपक्ष के लोगों को संसद से बाहर फेंकवा दें. हमने सभी के साथ बातचीत की है.

Posted on

उन्नाव गैंगरेप: BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का भाई गिरफ्तार, पीड़िता बोली-फांसी पर लटका दो

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में युवती ने गैंगरेप मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के आरोपी भाई अतुल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुई है. पीड़ित परिवार की ओर से लगातार आरोप लगाए जा रहे थे कि मौजूदा बीजेपी सरकार विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके परिवार को बचा रही है. इसके बाद सीएम योगी ने आश्वासन दिया था कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

इस गिरफ्तारी पर पीड़िता ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, ‘कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. मैं नहीं जानती की उसके भाई को गिरफ्तार किया गया है. मैं चाहती हूं कि उसे फांसी पर लटका दिया जाए. उन्होंने मेरी जिंदगी को नरक बना दिया है. मेरे पिता की हत्या कर दी.’

View image on Twitter

ANI UP

@ANINewsUP

Kuldeep Singh (Sengar) isn’t being arrested. I don’t know if his brother is arrested. I demand that they be hanged till death. They’ve made my life miserable. I want justice. They killed my father: Woman who has leveled rape allegations against BJP MLA Kuldeep Singh Sengar #Unnao

BJP विधायक पर आरोप लगाने वाले शख्स की जेल में मौत
पीड़िता के पिता ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके परिवार वालों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था. आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता के पिता के कहने पर मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया था, लेकिन विधायक की ओर से छवि खराब करने का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पीड़िता के पिता को जेल में डाल दिया गया था, जहां रविवार रात उनकी मौत हो गई.

पीड़िता के पिता की मौत पर 2 अफसर समेत 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत पर 2 पुलिस अधिकारी और 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है. उन्नाव की पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी ने कहा, ‘घटना की गंभीरता को देखते हुए 2 पुलिस अधिकारी और 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि बलात्कार पीड़िता के पिता को पीटने वाले चार आरोपियों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया है.’ विधायक पर जेल में हत्या कराये जाने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिये गए हैं. साथ ही मृतक का डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए गए हैं.

एफआईआर में विधायक का नाम नहीं
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक FIR की कॉपी में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम ही दर्ज नहीं है. एफआईआर में विधायक का नाम नहीं होने को लेकर रेप पीड़ित की बहन ने कहा कि मेरे पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, अब पुलिस कह रही है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आगे उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि FIR में विधायक कुलदीप सिंह और अरुण सिंह का नाम शामिल कर दोनों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.

Unnao gangrape

आरोपों के बाद सीएम से मिलने पहुंचे थे विधायक
अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद बीजेपी विधायक सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे थे. आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश हुई है, मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आने को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे बुलाया नहीं गया है, बल्कि मैं खुद उनसे मिलने आया हूं. उन्होंने कहा कि मुझे जांच से कोई समस्या नहीं है. जांच होने दीजिए और दोषी को कड़ी सजा होनी चाहिए. जांच में यदि मैं दोषी पाया जाता हूं तो मैं सजा का सामना करने के लिए तैयार हूं.

सीएम ने ADG लखनऊ को सौंपी है मामले की जांच
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि लखनऊ के ADG को इस मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इस मामले में जो कोई आरोपी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. युवती और उसके परिवार वालों ने रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर खुदकुशी करने की कोशिश की थी. युवती ने रविवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास के पास परिवार के साथ पहुंचकर आत्मदाह करने की कोशिश की थी.

जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि जब दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था तो एक पक्ष को ही जेल क्यों भेजा गया, इसकी जांच कराई जाएगी.

Posted on

सलमान को मिली जमानत, घर ले जाने बॉडीगार्ड के साथ पहुंची बहन

काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान की जमानत की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली। शनिवार को जोधपुर सेशन कोर्ट में वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद 3 बजे कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर सलमान को जमानत दे दी। उनके परिजनों को पूरी उम्मीद थी कि सलमान आज जेल से बाहर आ जाएंगे। इसी वजह से उनकी बहन अलवीरा सेशन्स कोर्ट पहुंची थीं

 

शेरा ने किया गार्ड

– जोधपुर सेशन्स कोर्ट के बाहर सलमान खान के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। भीड़ से बचाने के लिए सलमान की बहन अलवीरा के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे।

– शेरा लगातार अलवीरा को भीड़ से प्रॉटेक्ट करते रहे। उन्होंने मीडिया को भी उसके पास फटकने नहीं दिया।

आगे क्या होगा?

– विश्नोई समाज के वकील महीपाल विश्नोई ने बताया, “सलमान खान को 25-25 हजार के दो मुचलके भरने के ऑर्डर कोर्ट ने दिए हैं। वे अदालत की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ सकते हैं। उन्हें 7 मई को खुद अदालत के सामने पेश होना होगा।”

कोर्ट रूम में क्या हुआ?

– सलमान के वकील महेश बोड़ा ने कहा कि 20 साल से जारी इस केस में सलमान हमेशा जमानत पर रहे। उन्होंने हमेशा कोर्ट के आदेश का पालन किया और जब भी बुलाया गया वे हाजिर हुए। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए।

– इस पर सरकारी वकील पोकरराम ने कहा कि गवाहों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ है कि सलमान ने गोली मारकर हिरण का शिकार किया। इसी आधार पर उन्हें ट्रायल कोर्ट ने दोषी करार दिया था। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
– वहीं, विश्नोई समाज के वकील महिपाल विश्नोई ने कहा कि सलमान के खिलाफ आरोप साबित हो चुका है। ऐसे में उन्हें जमानत देने के बजाय जेल में रखने के मामले की सुनवाई जल्द करनी चाहिए। सबूतों के आधार पर उन्हें आगे भी दोषी ही माना जाएगा।

Posted on

CM केजरीवाल को मानहानि मामले में लगा जोर का झटका

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हालांकि दूसरी ओर कोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 11 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर निचली अदालत में चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुये उसे खारिज करने की मांग की थी। मानहानि की यह शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने 2012 में दायर की थी।

जस्टिस एके पाठक ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। उस फैसले के मुताबिक सांसद व विधायकों के मामलों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिये।

याचिका पर जिरह करते हुये वरिष्ठ सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मानहानि की यह शिकायत दायर करने का पवन खेड़ा को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी मानहानि नहीं हुई है। इसलिये इस मामले को खारिज किया जाना चाहिये।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पूर्व राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने शिकायत दायर कर कहा था कि एक टीवी शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अक्तूबर 2012 में बिजली की बढ़ी दरों पर बोलते हुये ऐसी बातें कही जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री की बदनामी हुई थी।

पटियाला हाउस अदालत ने इस शिकायत पर अरविंद केजरीवाल को 31 जनवरी 2013 को बतौर आरोपी समन जारी किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने 28 अक्तूबर 2013 को आरोप तय किये थे।