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वर्ल्‍ड ट्रेड वार में भारत ने भी दिया अमेरिका को उसकी ही भाषा में जवाब

गौरतलब है कि पिछले दिनों अमेरिकी कारोबार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लाइटहाइजर के कार्यालय ने भारत सरकार द्वारा वस्तुओं के निर्यात को लेकर चलाई जाने वाली योजनाओं तथा निर्यात से जुड़ी इकाइयों की योजनाओं व अन्य ऐसी योजनाओं को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में भारत के खिलाफ कारोबारी विवाद आपत्तियों के निपटारे हेतु कठोर आवेदन प्रस्तुत किया था। अमेरिका की इन आपत्तियों पर भारत सरकार ने दलील दी कि उसके द्वारा दी जा रही विभिन्न राहत और सुविधाएं डब्ल्यूटीओ के नियमों के तहत ही हैं। लेकिन अमेरिका अनुचित और अन्यायपूर्ण ढंग से भारत पर व्यापार प्रतिबंध बढ़ाते हुए दिखाई दे रहा है। ऐसे में भारत ने विगत 18 मई को डब्ल्यूटीओ को अमेरिका से आयातित 30 उत्पादों की सूची सौंपी थी, जिन पर वह आयात शुल्क बढ़ाना चाहता था। अब भारत ने इनमें से 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है।

वर्ल्‍ड ट्रेड वॉर
इससे यही लगता है कि बीते कुछ दिनों से वर्ल्‍ड ट्रेड वॉर यानी वैश्विक व्यापार युद्ध को लेकर जो आशंका जताई जा रही थी, वह सही साबित होने लगी है। यह सही है कि अमेरिका ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद कोई सात दशक तक वैश्विक व्यापार, पूंजी प्रवाह और कुशल श्रमिकों के लिए न्यायसंगत आर्थिक व्यवस्था के निर्माण और पोषण में उल्लेखनीय योगदान दिया है, लेकिन अब वही वैश्विक व्यवस्था मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कदमों से जोखिम में है। इस साल अमेरिका ने चीन, मैक्सिको, कनाडा, ब्राजील, अर्जेटीना, जापान, दक्षिण कोरिया व यूरोपीय संघ के विभिन्न देशों के साथ-साथ भारत की कई वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाए हैं। जैसे-जैसे अमेरिका विभिन्न देशों के आयातों पर शुल्क बढ़ा रहा है, जवाब में वे देश भी वैसा ही कर रहे हैं। इसका दुष्प्रभाव भी भारत के वैश्विक कारोबार पर पड़ रहा है। गौरतलब है कि 19 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के 200 अरब डॉलर के आयात पर 10 फीसद शुल्क लगाने की चेतावना दी।

चीन ने लगाया शुल्‍क
इसके चार दिन पूर्व ही ट्रंप ने चीन से 50 अरब डॉलर मूल्य के सामान के आयात पर 25 फीसद शुल्क लगाने को मंजूरी दे दी। इसके बाद चीन ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भी 50 अरब डॉलर मूल्य की अमेरिकी वस्तुओं पर 25 फीसद शुल्क लगाएगा। इससे दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच ट्रेड वॉर की आशंका बढ़ गई। उल्लेखनीय है कि इसी माह कनाडा के क्यूबेक सिटी में आयोजित जी-7 देशों का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों और नीतियों की वजह से तमाशा बनकर रह गया। जी-7 के सदस्य देश कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, फ्रांस तथा ब्रिटेन जहां पहले ही ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी को लेकर नाखुश थे, वहीं जी-7 सम्मेलन के तुरंत बाद अमेरिका ने इस समूह के विभिन्न देशों से होने वाले कुछ आयातों पर नए व्यापारिक प्रतिबंध घोषित करते हुए ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंका को और गहरा दिया।

डब्ल्यूटीओ की भूमिका
इस संदर्भ में डब्ल्यूटीओ की भूमिका अहम हो जाती है। डब्ल्यूटीओ एक ऐसा संगठन है, जो सदस्य देशों के बीच व्यापार तथा वाणिज्य को सहज-सुगम बनाने का उद्देश्य रखता है। यद्यपि डब्ल्यूटीओ एक जनवरी, 1995 से प्रभावी हुआ, परंतु वास्तव में यह 1947 में स्थापित एक बहुपक्षीय व्यापारिक व्यवस्था प्रशुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौता (गैट) के नए एवं बहुआयामी रूप में अस्तित्व में आया। जहां गैट वार्ता वस्तुओं के व्यापार एवं बाजारों में पहुंच के लिए प्रशुल्क संबंधी कटौतियों तक सीमित रही थीं, वहीं इससे आगे बढ़कर डब्ल्यूटीओ का लक्ष्य वैश्विक व्यापारिक नियमों को अधिक कारगर बनाने के प्रयास के साथ-साथ सेवाओं एवं कृषि में व्यापार संबंधी वार्ता को व्यापक बनाने का रहा है। किंतु वैश्विक व्यापार को सरल और न्यायसंगत बनाने के 71 वर्ष बाद तथा डब्ल्यूटीओ के कार्यशील होने के 23 वर्ष बाद भारत सहित विकासशील देशों के करोड़ों लोग यह अनुभव कर रहे हैं कि डब्ल्यूटीओ के तहत विकासशील देशों का शोषण हो रहा है।

आर्थिक विशेषज्ञों की राय
ऐसे में दुनिया के आर्थिक विशेषज्ञ यही आशंका जता रहे हैं कि अमेरिका के संरक्षणवादी रवैये से वैश्विक व्यापार युद्ध की शुरुआत हो गई है। लिहाजा इस बारे में गंभीरतापूर्वक विचार करना जरूरी है कि यदि विश्व व्यापार व्यवस्था वैसे काम नहीं करती, जैसे उसे करना चाहिए तो डब्ल्यूटीओ ही एक ऐसा संगठन है, जो इसे दुरुस्त कर सकता है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो दुनियाभर में घातक व्यापार लड़ाइयां 21वीं सदी की हकीकत बन जाएंगी। बेहतर यही होगा कि विभिन्न देश एक-दूसरे को व्यापारिक हानि पहुंचाने की होड़ में उलझने के बजाय डब्ल्यूटीओ के मंच से ही आसन्न ग्लोबल ट्रेड वॉर के नकारात्मक प्रभावों का उपयुक्त हल निकालें। यद्यपि भारत ने कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है, लेकिन अब बेहतर यही होगा कि वह इस मामले में धैर्य का परिचय दे और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक हितों के व्यापक पहलुओं पर गौर करे।

सबसे बड़ा निर्यातक बाजार
यह इसलिए भी जरूरी है कि जहां भारत के लिए अमेरिका दुनिया का सबसे पहले क्रम का निर्यातक बाजार है, वहीं अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी है। पिछले वित्त-वर्ष में भारत ने अमेरिका को 47.9 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया था। हम उम्मीद करें कि भारत सरकार और भारतीय उद्यमी निर्यात की नई उभरती चुनौतियों के बीच विभिन्न देशों में विभिन्न वस्तुओं के निर्यात के नए मौके ढूंढने की डगर पर आगे बढ़ेंगे। खासकर चीन व अन्य देशों में अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ने के कारण अमेरिका से आयातित सोयाबीन, तंबाकू, फल, गेहूं, मक्का तथा रसायन जैसी जो कई चीजें महंगी हो गई हैं, वहां के बाजारों में ये भारतीय उत्पाद सस्ते होने के कारण सरलता से अपनी पैठ बना सकते हैं। ग्लोबल ट्रेड वॉर की स्थिति के चलते हमारे निर्यात, निवेश व आर्थिक विकास दर घटने की जो आशंकाएं बढ़ गई हैं, उनसे निपटने हेतु सरकार को पुख्ता रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।

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सस्ता हुआ LPG सिलेंडर, जानिए अब देने होंगे कितने कम दाम

होली से ठीक पहले घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी गैस सिलेंडर) के दाम कम कर दिए गए हैैं। सरकार ने बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में कटौती के साथ-साथ सब्सिडी वाले सिलेंडर के भी दाम घटा दिये हैं। इसके अलावा कॉमर्शियल इस्तेमाल में आने वाले 19 किलोग्राम के रसोई सिलेंडर के दाम में भी कटौती की गई है। नई दरें आज से ही लागू हो गई हैं।

बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में कटौती:

बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 45.50 रुपये प्रति सिलेंडर से लेकर 47 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कटौती की गई है। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम 47 रुपये की कटौती के बाद 689 रुपये हो गया है, इसके अलावा कोलकाता में यह 45.50 रुपये की कटौती के साथ 711.50 रुपये, मुंबई में 47 रुपये की कटौती के बाद 661 रुपये और चेन्नई में 46.50 रुपये घटकर 699.50 रुपये हो गया है।

सब्सिडी वाला सिलेंडर भी हुआ सस्ता

वहीं, सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में 2.5 रुपये से अधिक की कटौती की गई है। आज से, यानि कि एक मार्च से सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए दिल्ली में 493.09 रुपये देने होंगे। पहले इसकी कीमत 495.63 रुपये थी। कोलकाता में इसकी कीमत 2.53 रुपये घटाकर 496.60 रुपये, मुंबई में 2.55 रुपये घटाकर 490.80 रुपये और चेन्नई में 2.48 रुपये घटाकर 481.21 रुपये कर दी गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती

इसी तरह 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में सात रुपये से लेकर 80 रुपये तक की कटौती कर दी गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 78.50 रुपये घटाकर 1230 रुपये, कोलकाता में 77 रुपये घटाकर 1270.50 रुपये, मुंबई में 79 रुपये घटाकर 1181 रुपये और चेन्नई में 80 रुपये घटाकर 1307 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया है।

बीएसई पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का हाल-

करीब 12.45 बजे हिंदुस्तान पेट्रोलियन कॉरपोरेशन लिमिटेड 0.07 फीसद की बढ़त के साथ 380.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 384.90 और निम्नतम 367.90 का स्तर रहा है। वहीं, इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 493 और निम्नतम 327 रुपये का स्तर रहा है।

बीएसई पर आईओसी 0.13 फीसद की बढ़त के साथ 379.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 380.90 का स्तर और निम्नतम 378.05 का स्तर रहा है। वहीं 52 हफ्तों का उच्चतम 462.60 का स्तर और निम्नतम 361.85 का स्तर रहा है।

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड 2.83 फीसद की तेजी के साथ 441.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 443.85 का स्तर और निम्नतम 430.65 का स्तर रहा है। वहीं, 52 हफ्तों का उच्चतम 550 और निम्नतम 400.37 का स्तर रहा है।

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ऑटो एक्सपो 2018: जमाने के मुताबिक स्मार्ट हुए बस और ट्रक

ऑटो एक्सपो में कार और बाइक के अलावा व्यावसायिक वाहन भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। कार की तरह बस और ट्रक स्मार्ट हो गए हैं। व्यावसायिक वाहन बनाने वाली कंपनियां लग्जरी कारों जैसी सुविधा बस व ट्रक में दे रही हैं। बस में मोबाइल चार्ज तो ट्रक में रेन एंड लाइट सेंसर, इलेक्ट्रिक सनरूफ जैसी सुविधा दी है। कंपनियों ने ईंधन की खपत कम करने पर भी ध्यान दिया है।

महिंद्रा कंपनी ने एक स्मार्ट ट्रक ब्लाजो 49 बाजार में उतारा है। ट्रक में एक सेंसर लगा है, जो सामने से आ रहे वाहन की गति को भाप जाएगा और सचेत कर देगा। अगर सामने वाली कार की स्पीड ज्यादा होगी तो सेंसर चेतावनी देगा। चालक के आराम करने के लिए अलग से केबिन है। वहीं एसएमएल कंपनी ने अपने ट्रक में एसी दिया है। बसों में भी एक से बढ़कर एक सुविधा दी है। फोर्स कंपनी ने कारोबारियों के लिए एक खास बस बाजार में उतारी है, जिसमें वाई फाई से लेकर सेंटर टेबल, पढ़ने की लाइट आदि की सुविधा दी है। उधर सभी कंपनियों ने ईंधन की बचत पर भी ध्यान दिया है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक इंजन पर बस लाए हैं।

सुरक्षा के ये फीचर आएंगे काम

ऑटो एक्सपो में आईं गाड़ियों में दिए गए सुरक्षा फीचर आपके बहुत काम आएंगे। पियाजियो ने अपनी स्कूटी में ऐसा एप लगाया है, जो तय किलोमीटर तक ही सफर करेगी। इसके बाद इंजन बंद हो जाएगा। ट्वेंटी टू मोटर्स ने अपने स्कूटर जीपीएस एंड्रायड सस्टिम पर लगाया है। अगर आपका स्कूटर खो जाए तो इससे पता चल जाएगा। यहां आने वाले लोगों को ये फीचर खूब पसंद आ रहे हैं। ऑटो एक्सपो में पियाजिओ ने अपनी स्कूटी लांच की है। इस स्कूटी में सुरक्षा फीचर बेहतर दिए हैं। इसमें वेस्पा कनेक्ट एप लगाया गया है। यह एप एंड्रायड बेस्ड होगा। यह एप सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। अगर आपका बेटा स्कूल जाता है तो आप उसमें तय कर दीजिए कि यह स्कूटी कितने किलोमीटर जाएगी। अगर उससे अधिक गया तो स्कूटी बंद हो जाएगी। इससे आपका बेटा बेवजह नहीं घूमेगा।

बताएगा लोकेशन

ट्वेंटी टू मोटर्स ने अपने स्कूटर में जीपीआरएस इन बल्टि किया है। यह आपके स्मार्ट फोन से जुड़ा रहेगा। अगर आप पार्किग में स्कूटर खड़ा करके भूल गए हैं तो यह एप आपके मोबाइल में लोकेशन बता देगा। मुंबई की दो सगी बहनों ने इशा खोट और शिवानी खोट ने ऐसी चिप इजाद की है जो ट्रैफिक सिगनल पर पहुंचने पर गाड़ी बंद करने का संकेत देगी। इससे आपका ईंधन बचेगा।

अशोक लीलैंड सर्किट एस

कीमत अप्रैल में आएगी

इंजन बीएस 4

खासियत 35 सीट, स्वैपेबल, स्मार्ट लियॉन बैट्री, फास्ट चार्जिग

जेबीएम स्कूलाइफ

इंजन  5883 सीसी, सीएनजी बीएस-4

खासियत  ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन, 720 लीटर फ्यूल टैंक, 55 सीट, यूनी फ्लोर

सुरक्षा  इमरजेंशी डोर, सभी पहियों में डिश ब्रेक विथ एबीएस, जीपीआरएस तकनीकी

महिंद्रा ब्लाजो 49 स्मार्ट ट्रक

इंजन  3 मोड इंजन (टरबो हैवी लाइट)

खासियत  रेन एंड लाइट सेंसर, यूएस कैमरा, इलेक्ट्रिक सनरूफ, स्लीपर केबिन

सुरक्षा  फ्रंट कोलिजन वार्निग, एंड्रॉयड सस्टिम, ट्रैक्शन कंट्रोल

फ्यूल स्मार्ट  7.2 लीटर 6 सिलेंडर बीएस थ्र्ड मोटर, 350 लीटर टैंक

 

फोर्स ओपीसीआ

इंजन  2596 सीसी डीजल, फाइव स्पीड गीयर बॉक्स

खासियत  स्टॉक डैसबोर्ड, फ्रंट फेसिंग सीट विथ सेंटर टेबल व रीडिंग लाइट, दो एलसीडी, वाई-फाई

सुरक्षा  एबीएस ब्रेक सिस्टम, डिश ब्रेक, सीट बेल्ट अलार्म, बैक व्यू कैमरा

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एयर इंडिया की रणनीतिक जीत, सऊदी अरब एयरस्पेस के इस्तेमाल की मिली मंजूरी

एयरलाइंस एयर इंडिया को सऊदी अरब पर एक रणनीतिक जीत मिली है।सऊदी अरब ने एयर इंडिया को इसराईल  के तेल अवीव शहर की उड़ान के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। एयर इंडिया अब इजरायल के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने जा रही है। इसराईल के पर्यटन मंत्रालय ने एयर इंडिया को इन उड़ानों के लिए एकमुश्त 750,000 यूरो देने की घोषणा की है। एयर इंडिया के विमान नई दिल्ली से तेल अवीव के लिए सीधी उड़ान भर सकेंगे।  खास बात यह है कि सऊदी अरब पिछले 70 सालों से इसराईल जाने वाली कमर्शियल उड़ानों के लिए अपना हवाई रास्ते का इस्तेमाल नही करने देता था।

दरअसल सऊदी अरब इसराईल को मान्यता नहीं देता है। इसलिए वह पिछले 70 सालों से अपने उड़ान क्षेत्र पर इसराईल जाने वाले विमानों को रास्ता नहीं देता है। गौरतलब है कि इसराईल और सऊदी अरब दोनों ही अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों में से हैं। लेकिन इन दोनों देशों के बीच ईरान से जुड़ी चिंताओं के चलते तनाव रहता है। अधिकारियों के अनुसार सऊदी अरब के अपने हवाई क्षेत्र में भारतीय एयरलाइंस एयर इंडिया को उड़ान भरने की अनुमति दी है। इससे एयर लाइंस एक छोटा रास्ता लेकर अहमदाबाद, मस्कट, सऊदी अरब होते हुए अब तेल अवीव में अपने विमान उतार सकेगी। इस मार्ग से दो शहरों के बीच की दूरी तय करने में महज अढ़ाई घंटे लगेंगे। साथ ही ईंधन की भी भारी बचत होगी।

फिलहाल मुंबई से तेल अवीव की उड़ान भरने वाली इसराईल की एलएआइ उड़ानों में 7 घंटे का लंबा समय लगता है। यह विमान लाल सागर से होते हुए अदन की खाड़ी से होकर तब भारत में प्रवेश करता है। ताकि सऊदी अरब, अफगानिस्तान, यूएई, ईरान व पाकिस्तान और अन्य ऐसे देशों से गुजरने से बचा जा सके। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता और इसराईली हवाई अड्डा प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपने नियामक डीजीसीए से दिल्ली से तेल अवीव के लिए हफ्ते में तीन उड़ानों के लिए अनुमति मांगी है। एयर लाइंस की एक महिला प्रवक्ता ने बताया कि यह विमान सेवा मार्च से शुरू होगी। एयर इंडिया के एक अन्य अधिकारी के अनुसार एयरलाइंस को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और तेल अवीव के बेन गुर्सियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई उड़ानों के लिए कई टाइम स्लॉट मिलने का इंतजार है।

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ऑटो एक्सपो 2018 LIVE: शुरू हुआ कारों का मेला, यहां है रफ्तार, शान और भविष्य का संगम

ऑटो एक्सपो में 28 दुपहिया, 14 चौपहिया और 9 वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इस प्रदर्शनी के दौरान कुल 100 वाहन पेश किये जायेंगे.

14वें ऑटो एक्सपो 2018 की शुरुआत आज से हो चुकी है. ऑटो एक्सपो ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में 14 फरवरी तक चलेगा. एक्स्पो के पहले दो दिन यानि 7 और 8 फरवरी मीडिया के लिए होंगे, इन दो दिनों में मोटर कंपनियां अपने नए उत्पादों को मीडिया के सामने पेश करेंगी. वहीं 9 से 14 फरवरी तक एक्स्पो आम पब्लिक के लिए होगा.

Auto Expo 2018 LIVE Updates

    • सुजुकी ने अपनी कई एक्सक्लूसिव बाइक्स को इस एक्सपो में शोकेस किया है. कंपनी ने 125 सीसी का नया बर्गमैन स्ट्रीट स्कूटर लॉन्च किया है जो एलईडी हैडलैंप, बॉडी माउंट विंडस्क्रीन के जरिए भारत में स्कूटर्स के क्षेत्र में नया उदाहरण बनेगा.

 

    • ग्लोबल ब्रांड ‘किआ’ की भारत में एंट्री. किआ मोटर्स कोरिया की कंपनी है. ये एक्सपो में 16 गाड़ियां दिखा चुकी हैं जो 2019 में लॉन्च होंगी.

 

    • कार निर्माता कंपनी होंडा ने नई गाड़ियां पेश कीं, ये गाड़ियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस हैं

 

    • इस ऑटो एक्सपो में 28 टू व्हीलर, 14 फोर व्हीलर और 9 कमर्शियिल व्हीकल कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इस प्रदर्शनी के दौरान कुल 100 वाहन पेश किये जायेंगे.

 

    • इस बार में एक्स्पो में 100 एग्ज़िबिटर्ज़ होंगे जो पिछली बार के मुक़ाबले ज़्यादा हैं, पिछली बार के एक्स्पो में 80 एग्ज़िबिटर्ज़ ने हिस्सा लिया था.

 

    • इस बार के एक्स्पो में हालांकि गाड़ियों के एग्ज़िबिटर्ज़ की संख्या पिछले बार के मुक़ाबले कम हुई है. पिछली बार 59 थे इस बार 51 हैं.

 

    • इस शो की टिकट्स 750 रुपये और 350 रुपये के बीच है. वीकडेज में बिजनेस आवर के दौरान टिकट की कीमत 750 रुपये होगी और पब्लिक आवर के दौरान टिकट की कीमत 350 रुपये होगी.

 

  • ऑटो एक्स्पो में भाग लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट बुक करा सकते हैं. इसके साथ ही कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर भी टिकट उपलब्ध होंगी.