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कौन हैं इस साल के भारतीय यूनिकॉर्न हंटर्स। मिलिए सभी शीर्ष इंवेस्टर्स से!

इंवेस्टर्स किसी कंपनी में अपना निवेश एक नीति के तहत करते हैं। हर इंवेस्टर की अपनी एक विशेष नीति और कुछ मानक होते हैं जिनसे वो आवेदक कंपनी को परखता है।

Indian unicorn

जब किसी स्टार्टअप की मार्किट वेल्युएशन 1 अरब डॉलर या 7000 करोड़ रुपए हो जाती है तब वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है। ऐसे ही स्टार्टअप को पहचान कर उसके प्रारंभिक काल मे निवेश करने वाले इंवेस्टर यूनिकॉर्न हंटर कहलाते हैं। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ कर विश्व भर को आचम्भित कर दिया। अभी बीती छमाही की बात करें तो सेकोइया इंडिया सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाली प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट कंपनी रही वहीं एस्सेल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स के साथ साथ कुछ और कम्पनियों ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं इन कम्पनियों के बारे में!

सेकोइया कैपिटल इंडिया

सेकोइया कैपिटल इंडिया देश की अग्रणी इंवेस्टर कंपनी है जो कि सीड, अर्ली, ग्रोथ और लेट स्टेज कंपनियों को फंड्स प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में भारत और साउथ ईस्ट एशिया की 200 से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमे जिलिंगो, बीरा, म्यु सिग्मा, फ्रेशवर्क्स, ध्रुवा, पाइन लैब्स, फ्रीचार्ज और जस्ट डायल जैसी यूनिकॉर्न कम्पनियां हैं। इस साल इस कंपनी ने डाउटनट, खाताबूक, अजानी स्पोर्ट्स, बुलबुल, फ्लाईनोट, हिप्पो वीडियो, स्किलमैटिक्स और इंटरव्यूबिट अकैडमी जैसे स्टार्टअप्स को फंड्स प्रदान किए हैं।

एस्सेल पार्टनर्स

Accel partners logo

2008 में एरस्मिक वेंचर फण्ड के अधिग्रहण के साथ एस्सेल पार्टनर्स का भारत मे पदार्पण हुआ और तब से यह 100 से ज्यादा कंपनियों को फंड्स प्रदान कर चुकी है। इस कंपनी की डाउनलिस्ट में बुकमाईशो, ब्लैकबक, ब्लूस्टोन, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, पोर्शिया, पावर2एसएमई, स्विगी और अर्बनक्लैप जैसे यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।

ब्लूम वेंचर एडवाइजर्स

Blume venture advisors

ब्लूम वेंचर्स अर्ली स्टेज, सीड और प्राइवेट इक्विटी फंडिंग प्रदान करने के साथ साथ एक्टिव मेंटरिंग और सपोर्ट भी प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में कैशीफाई, डुंजो, प्रिंटो, यूनोकोइन, हेल्दीफाईमी, बीहाइव वर्कस्पेस जैसी बड़ी कंपनियां हैं। इस साल के बड़े इन्वेस्टमेंट्स में मुंबई की हेल्थअश्योर को सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर का फंड्स प्रदान किया गया, वहीं बैंगलोर की कंपनी आगारा लैब्स को प्री सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान किए गए।

इन बड़ी फर्म्स के अतिरिक्त बहुत सी कम्पनियां स्टार्टअप्स को भिन्न स्टेज के फंड्स प्रदान करती हैं जिनसे वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके आप अप्लाई कर सकते हैं।

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मिलिए सबसे ज्यादा एंजेल इन्वेस्टमेंट करने वाले भारतीयों से। जानें कैसे पाएं इन्वेस्टमेंट!

आपके बिज़नेस के लिए फंड्स बहुत ही अहम हिस्सा है। बात तब और आसान हो जाती है जब हम जानते हों कि फंड्स पाने के लिए किसको अप्प्रोच करना है। आज हम आपको उन भारतीयों से मिलवाएंगे जो सबसे ज्यादा फंडिंग करने के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। सभी डेटा को क्रंचबेस के सहयोग से तैयार किया गया है!

1. नवल रविकांत:

Naval Ravikant Angel

नवल रविकांत सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले विश्व के जाने माने एंजेल इन्वेस्टर हैं जो कि हिटफोर्ज के मालिक हैं और 1999 से इन्वेस्टमेंट का कार्य कर रहे हैं। कुल 121 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में पहले स्थान पर हैं।

2. सेमिल शाह:

Semil Shah Angel

सेमिल शाह मेनलो पार्क, कैलिफोर्निया में रहने वाले प्रीमियम एंजेल इन्वेस्टर्स हैं जो कि हैस्टेक के मालिक हैं। ये लाइटस्पीड वेंचर्स के पार्टनर हैं और 74 इन्वेस्टमेंट्स के साथ भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में दूसरे स्थान पर हैं।

3. राजन आनंदन:

Rajan Anandan Angel

राजन दिल्ली में रहने वाले गूगल इंडिया और साउथईस्ट एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और फ़िलहाल सिलिकॉन वैली की सिक्वेइया कैपिटल में पार्टनर हैं। यह अनअकैडमी, इंस्टामोजो और मोबाइलवाला सहित कुल 57 इन्वेस्टमेंट्स करके भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में तीसरे स्थान पर हैं।

4. शरद शर्मा:

Sharad sharma Angel

शरद शर्मा दिल्ली में रहने वाले याहू इंडिया के पूर्व CEO और ब्रांड सिग्मा के CEO हैं। ये iSPIRT के कोफॉउंडर हैं तथा वायव्य लैब्स, दूर्वा सॉफ्टवेयर और मोबाइलवाला समेत 25 इंवेस्टमेंट्स के साथ चौथे सबसे सफल भारतीय एंजेल इंवेस्टर हैं।

5. अनुपम मित्तल:

Anupam Mittal Angel

अनुपम मुंबई में रहने वाले प्यूपल ग्रुप के मालिक हैं जिन्होंने मकान और शादी डॉट कॉम की सफलता से इतिहास रचा है। इन्होंने ओला, मौज मोबाइल और फैब होटल्स समेत 20 इन्वेस्टमेंट्स की हैं और भारतीय एंजेल इन्वेस्टर्स में 5वें स्थान पर हैं।

उपरोक्त एंजेल इन्वेस्टर्स के अलावा भी बहुत सारे भारतीय उद्यमी हैं जो अपनी पूंजी एंजेल इन्वेस्ट के जरिए आपकी कम्पनी में पार्टनर बनके आपकी सफलता की कहानी में भागीदार बन सकते हैं।

ये इसलिए भी एंजेल इन्वेस्टमेंट में भागीदार बनते हैं क्योंकि इसमें हाई रेट ऑफ इंटरेस्ट मिलता है जो कि बाद के वेंचर कैपिटल में प्राप्त इंटरेस्ट से बहुत ज्यादा होता है।

Roi angel investment against venture capital

दिल्ली के स्नैपडील फेम कुणाल बहल और इनोवेट कोवर्किंग के फाउंडर डॉक्टर रितेश मलिक प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

मुंबई की बात करें तो यहां के क्युकी.कॉम के समीर बंगरा, टॉपर.कॉम के जीशान हयात, IIT मुंबई की साइन के CEO अजीत खुराना प्रमुख एंजेल इन्वेस्टर्स हैं।

बैंगलोर इस समय इस देश की स्टार्टअप राजधानी हैं। यहां से शुरू हुई कम्पनियों ने इतिहास रच देश को गौरवान्वित किया है। यहां के क्रिस गोपालकृष्णन इंफोसिस के कोफॉउंडर हैं और पदम् भूषण सम्मानित हैं। इनके अलावा फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल, ट्यूटर विस्टा के गणेश कृष्णन तथा रेजरफ्लो के पल्लव नधानी यहां के एंजेल इंवेर्टर्स में प्रमुख हैं।

आप इनको लिंक्डइन या ईमेल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं और इनसे इन्वेस्टमेंट के बारे में जरूरी पहल कर सकते हैं।

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दीपिका पादुकोण शामिल हुई बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के सीड फंडिंग इन्वेस्टर्स में। जानें क्या है इस स्पेस कंपनी की विशेषता!

फ्लिपकार्ट से भारत में शुरू हुआ स्टार्टअप युग अब और संभावनाएं लेकर आ रहा है, जहाँ परंपरागत उद्योगों से हटकर काम करने वाली अलग क्षेत्रों की कंपनियों को भी महत्व दिया जा रहा है। आज हम आपको बताएंगे बैलाट्रिक्स एरोस्पेस के बारे में जिसने बॉलीवुड की शीर्ष अदाकारा दीपिका पादुकोण को भी अपने सीड राउंड में इन्वेस्ट करने को राजी कर लिया है।

Bellatrix logo

रोहन स. गणपति(CEO), यशस कर्णम और नूथन प्रसन्ना ने मिलकर 2015 में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस की शुरुआत की और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर से इन्क्यूबेशन प्राप्त किया। वहाँ इनको अच्छा मार्गदर्शन मिला और अपनी कंपनी के लिए नई प्रतिभाओं को भी शामिल किया।

Bellatrix founders

हाल ही में बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने अपनी सीड फंडिंग के लिए कई जगह अप्रोच किया और इनकी प्रतिभा का कमाल ही है कि, दीपिका पादुकोण सहित, IDFC परंपरा, StartupXseed, Karsemven Fund, Survam Partners, GrowX Ventures, CIEE(IIM-A) और SINE(IIT-B) ने सम्मिलित रूप से 3 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट किया।

Bellatrix founders Forbes
Forbes founders under 30

बैलाट्रिक्स एरोस्पेस ने इको-फ़्रेंडली इलेक्ट्रिक बेस्ड प्रोपल्शन सिस्टम तैयार किया है जो कि माइक्रोवेव प्लाज्मा थ्रस्टर(MPT) के नाम से जाना जाता है। इस नवीन सिस्टम की बदौलत सैटेलाइट को स्पेस में ले जाना अधिक सस्ता हो जाएगा। इनको मई 2017 में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया।

Bellatrix awarded by President of India

हम आपको बता दें कि भारत मे और भी स्टार्टअप हैं जो स्पेस टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी शोध करने का कार्य कर रहे हैं जिनमें Deep Space, Momentus Space Industries और Tethers Unlimited प्रमुख कंपनियां हैं।

Bellatrix chetak rocket
Bellatrix Rocket Chetak
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यूं ही नहीं भारत की टेस्ला कहलाती है एथर एनर्जी। मई में मिली है 51 मिलियन डॉलर की फंडिंग!

Tarun mehta and swapnil jain ather 450

एथर एनर्जी को CEO तरुण मेहता और CTO स्वप्निल जैन ने 2013 में हाई परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया। ये दोनों ही आई आई टी मद्रास से इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। टेक्नोलॉजी डेवलोपमेन्ट बोर्ड अंडर डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आई आई टी मद्रास ने 2014 में इनसे प्रभावित होकर 65000 डॉलर की बूटस्ट्रेप फंडिंग दी। इसके बाद 2014 में ही इनको फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल से 1 मिलियन डॉलर की सीड इन्वेस्टमेंट मिली।

मई 2015 में टाइगर ग्लोबल ने एथर एनर्जी को 12 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग दी। 23 फरवरी 2016 को एथर एनर्जी ने अपना पहला स्मार्ट स्कूटर 75 किमी/घण्टा की तेजी से चलने वाला और टच स्क्रीन कंट्रोल डिस्प्ले वाला S340 टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस सर्ज, बैंगलोर में प्रदर्शित किया।

Ather S340 unveiled

इसके बाद ऑक्टोबर 2016 में हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी को 30 मिलियन डॉलर अर्थात 205 करोड़ रुपए की सीरीज B फंडिंग प्रदान की और बदले में कम्पनी के 32.31 % शेयर लिए।

2018 में बैंगलोर के व्हाइट फील्ड में मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाकर एथर 450 और S340 के 600 वेहिकल्स प्रति सप्ताह की दर से उत्पादन शुरू किया। इसके कुछ माह बाद हीरो मोटोकॉर्प ने कुछ और हिस्सेदारी लेने के लिए 19 मिलियन डॉलर की सीरीज C फंडिंग दी।

Electric smart scooter Ather 450 s340 view image

मई 2019 तक कम्पनी के बैंगलोर में 31 और चेन्नई में 7 फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट लगाए हैं जिनको कम्पनी द्वारा ऑटो ग्रिड का नाम दिया गया है जो कि बैटरी को 1 घण्टे में 90% चार्ज कर सकता है। इसी माह कम्पनी को 51 मिलियन डॉलर की सीरीज D फंडिंग मिली जिसमें सचिन बंसल ने 32 मिलियन डॉलर और हीरो मोटोकॉर्प ने 19 मिलियन डॉलर का निवेश किया।

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अब बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के भी पा सकते हैं अपना आधार। UIDAI ने की नई शुरुआत!

अभी तक यदि आपका आधार कार्ड गुम हो जाए तथा आपके आधार में आपका रजिस्टर्ड नंबर अपडेट न हो, तो आधार को डाउनलोड कर पाना संभव नहीं था। इसके लिए पहले आपको आधार केंद्र पर जाकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाना पड़ता था जिसके अपडेशन के बाद आधार का प्रिंट निकाल पाना संभव हो पाता है।

UIDAI ने इस समस्या का निदान करते हुए एक आधार रीप्रिंट सर्विस शुरू की है जिसके माध्यम से कुछ शुल्क का भुगतान कर आप आधार के रीप्रिंट को अपने घर पर डाक के द्वारा मंगवा सकते हैं। इसके लिए UIDAI ने 5 दिन की समयसीमा रखी है।

उपरोक्त अनुसार आधार की वेबसाइट पर ऑर्डर आधार रीप्रिंट विकल्प को चुनकर विकल्प में अपना 12 अंकों का आधार या वर्चुअल आई डी को लिखकर आप सिक्योरिटी कोड को यथानुसार अंकित करते हैं और “If you do not have registered mobile number” चेकबॉक्स पर क्लिक करते हैं। यहां से आगे आप ओटीपी की जगह शुल्क का भुगतान कर आधार को अपने घर के पते पर मंगवा सकते हैं।

आशा करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आएगी और इससे आप यथासंभव लाभ उठा पाएंगे।

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दास्ताँ फर्श से अर्श तक: सुंदर पिचाई की गूगल का सीईओ बनने तक के संघर्ष की प्रेरणादायक जीवनी

सुंदर पिचाई को आज हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या गूगल क्रोम के आने से पहले कभी आपने इनका नाम सुना था।

हम आज आपको बता रहे हैं कैसे तमिलनाडु के छोटे से गांव का लड़का दुनिया की सबसे बड़ी वेब बेस्ड कंपनी और नंबर 1 वेबसाइट गूगल का सीईओ बन जाता है। मिलिए सुंदर जी से जो मेहनत और लगन की जीती जागती मिसाल हैं!

आरंभिक जीवन

सुंदर पिचाई का जन्म 12 जनवरी 1972 को मदुरै, तमिलनाडु के निम्न मध्यम वर्ग परिवार में हुआ। पिचाई सुंदरराजन अर्थात सुंदर पिचाई के पिता चेन्नई के अशोक नगर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जिनसे बचपन से प्रभावित होने के कारण इनका लगाव टेक्नोलॉजी से जुड़ गया। पिचाई की माँ स्टेनोग्राफर थी और इनके छोटे भाई के जन्म के बाद इन्होंने यह काम छोड़ दिया।

12 साल की उम्र में पिचाई के घर फोन आने के बाद इनकी विलक्षण प्रतिभा का पता इनके घरवालों को चला। यह फोन नंबर को एक बार में याद कर लेते थे और फिर भूलते नहीं थे।

शिक्षण

सुंदर पिचाई ने 10वीं तक की पढ़ाई चेन्नई के अशोक नगर के जवाहर विद्यालय से पूरी की और 12वीं कक्षा चेन्नई के वाना वाणी स्कूल से करी। इन्होंने आई आई टी खड़गपुर से मैटलर्जिकल इंजीनियरिंग की।

इसके बाद पिचाई ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से भौतिकी में मास्टर इन साइन्स किया और एम बी ए व्हार्टन स्कूल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेंसिल्वेनिया से किया।

इन्होंने अपनी पहली जॉब संचालन परामर्श के रूप में मैकिंसे एंड कम्पनी में करी और अपनी बेहतरीन प्रतिभा का नमूना पेश किया।

सुंदर पिचाई और गूगल

2004 में गूगल से जुड़ने के बाद इन्होने एक छोटी सी टीम के साथ गूगल सर्च टूलबार पर कार्य किया जिससे आज हम इंटरनेट एक्सप्लोरर और मोज़िला फायरफॉक्स जैसे ब्रॉउज़र्स में भी सीधे गूगल सर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इन्होंने गूगल के अन्य उत्पाद जैसे Google Gear तथा Google Pack पर भी कार्य किया। सुंदर पिचाई ने एक इंटरनेट ब्रॉउज़र्स बनाने की पेशकश Google के समक्ष की लेकिन तत्कालीन Google CEO Eric Schmidt ने इसको एक बहुत महंगा प्रोजेक्ट करार देकर मना कर दिया। लेकिन पिचाई ने हार नही मानी और Google Cofounders Larry Page और Sergey Brin को इस प्रोजेक्ट के लिए मना लिया। 2008 में गूगल ने अपना इंटरनेट ब्रोउज़र लॉन्च किया जिसका नाम Chrome रखा गया और यह आज भी दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंटरनेट ब्रॉउज़र है। गूगल क्रोम की सफलता ने पिचाई को गूगल का वाइस प्रेसिडेंट ऑफ़ प्रोडक्ट डेवलेपमेंट बना दिया।

अच्छे कार्य और लगन से प्रभावित होकर गूगल ने इन्हें 2012 में Chrome and Apps का सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बना दिया। इसके बाद 2013 में एंड्रॉइड निर्माता एंडी रुबिन के किसी अन्य प्रोजेक्ट के कारण एंड्रॉइड को छोड़ दिया, जिससे पिचाई को उनकी कार्यकुशलता देखते हुए एंड्रॉइड का प्रोडक्ट इनचार्ज और 2014 में प्रोडक्ट चीफ बना दिया गया।

Google के CEO बनने का सुनहरा अवसर पिचाई को 10 अगस्त 2015 को मिला तथा अगले ही साल Google की संस्थापक कंपनी Alphabet Inc. ने इनको अपने 273,328 शेयर देकर सम्मानित किया गया।

सुंदर पिचाई का व्यक्तित्व बहुत ही साधारण है और पिचाई आज भी समय समय पर आई आई टी खड़गपुर के छात्रों से Skype के जरीर बातचीत करते हैं।

निजी जीवन

सुंदर पिचाई ने अपनी आई आई टी खड़गपुर की सहपाठी और गर्लफ्रेंड अंजलि से शादी करी और आज इनके दो सुंदर बच्चे एक लड़का और एक लड़की हैं। इन्होंने Brooklyn, New York में 6.8 मिलियन डॉलर का एक आशियाना ख़रीदा और आज भी उसी लगन और मेहनत से इंटरनेट युग को और प्रगति प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

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कामयाब लोग तरीके खोजते हैं और अन्य लोग न कर पाने के बहाने। सफलता के मंत्र!

जिंदगी में भले ही बड़ी से बड़ी मुश्किल आए लेकिन आप का वजूद वही रहेगा जो पहले था। मुसीबत में आपकी क्षमता कम हो जाए यह मात्र मन का वहम है। आपको जरूरत है अपनी क्षमता को पहचान कर उसका हल खोजने की।

आज हम आप को बेहद प्रेरणादायक कहानियां बताएंगे जो निश्चित ही आपके सोचने के रवैये को बदल के रख देगी!

इंसान की कीमत

एकबार एक टीचर क्लास में पढ़ा रहे थे| बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए टीचर ने जेब से 100 रुपये का एक नोट निकाला| अब बच्चों की तरफ वह नोट दिखाकर कहा – क्या आप लोग बता सकते हैं कि यह कितने रुपये का नोट है ?

सभी बच्चों ने कहा – “100 रुपये का”

टीचर – इस नोट को कौन कौन लेना चाहेगा ? सभी बच्चों ने हाथ खड़ा कर दिया|

अब उस टीचर ने उस नोट को मुट्ठी में बंद करके बुरी तरह मसला जिससे वह नोट बुरी तरह कुचल सा गया| अब टीचर ने फिर से बच्चों को नोट दिखाकर कहा कि अब यह नोट कुचल सा गया है अब इसे कौन लेना चाहेगा ?

सभी बच्चों ने फिर हाथ उठा दिया।

अब उस टीचर ने उस नोट को जमीन पर फेंका और अपने जूते से बुरी तरह कुचला| फिर टीचर ने नोट उठाकर फिर से बच्चों को दिखाया और पूछा कि अब इसे कौन लेना चाहेगा ?

सभी बच्चों ने फिर से हाथ उठा दिया|

अब टीचर ने कहा कि बच्चों आज मैंने तुमको एक बहुत बड़ा पाठ पढ़ाया है| ये 100 रुपये का नोट था, जब मैंने इसे हाथ से कुचला तो ये नोट कुचल गया लेकिन इसकी कीमत 100 रुपये ही रही, इसके बाद जब मैंने इसे जूते से मसला तो ये नोट गन्दा हो गया लेकिन फिर भी इसकी कीमत 100 रुपये ही रही|

ठीक वैसे ही इंसान की जो कीमत है और इंसान की जो काबिलियत है वो हमेशा वही रहती है| आपके ऊपर चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएँ, चाहें जितनी मुसीबतों की धूल आपके ऊपर गिरे लेकिन आपको अपनी कीमत नहीं गंवानी है| आप कल भी बेहतर थे और आज भी बेहतर हैं|

हाथी और रस्सी –

एक व्यक्ति रास्ते से गुजर रहा था कि तभी उसने देखा कि एक हाथी एक छोटे से लकड़ी के खूंटे से बंधा खड़ा था| व्यक्ति को देखकर बड़ी हैरानी हुई कि इतना विशाल हाथी एक पतली रस्सी के सहारे उस लकड़ी के खूंटे से बंधा हुआ है|

ये देखकर व्यक्ति को आश्चर्य भी हुआ और हंसी भी आयी| उस व्यक्ति ने हाथी के मालिक से कहा – अरे ये हाथी तो इतना विशाल है फिर इस पतली सी रस्सी और खूंटे से क्यों बंधा है ? ये चाहे तो एक झटके में इस रस्सी को तोड़ सकता है लेकिन ये फिर भी क्यों बंधा है ?

हाथी के मालिक ने व्यक्ति से कहा कि श्रीमान जब यह हाथी छोटा था मैंने उसी समय इसे रस्सी से बांधा था| उस समय इसने खूंटा उखाड़ने और रस्सी तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन यह छोटा था इसलिए नाकाम रहा| इसने हजारों कोशिश कीं लेकिन जब इससे यह रस्सी नहीं टूटी तो हाथी को यह विश्वास हो गया कि यह रस्सी बहुत मजबूत है और यह उसे कभी नहीं तोड़ पायेगा इस तरह हाथी ने रस्सी तोड़ने की कोशिश ही खत्म कर दी|

आज यह हाथी इतना विशाल हो चुका है लेकिन इसके मन में आज भी यही विश्वास बना हुआ है कि यह रस्सी को नहीं तोड़ पायेगा इसलिए यह इसे तोड़ने की कभी कोशिश ही नहीं करता| इसलिए इतना विशाल होकर भी यह हाथी एक पतली सी रस्सी से बंधा है|

दोस्तों उस हाथी की तरह ही हम इंसानों में भी कई ऐसे विश्वास बन जाते हैं जिनसे हम कभी पार नहीं पा पाते| एकबार असफल होने के बाद हम ये मान लेते हैं कि अब हम सफल नहीं हो सकते और फिर हम कभी आगे बढ़ने की कोशिश ही नहीं करते और झूठे विश्वासों में बंधकर हाथी जैसी जिंदगी गुजार देते हैं|

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तीन दोस्तों द्वारा शुरू की गयी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी को मिला 1 अरब डॉलर का निवेश। जानें कैसे मिली इन्हें सफलता!

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी कंपनी Swiggy को हाल ही में 1 अरब डॉलर का निवेश मिला है। इस निवेश में 66 करोड़ डॉलर का हिस्सा साउथ अफ्रीका की कंपनी नैस्पर का रहा जबकि बाकी निवेश टेंसेन्ट एंड हेज फंड्स और कैपिटल एंड वेलिंगटन मैनेजमेंट का रहा। इस नई फंडिंग के समय पांच साल पुरानी Swiggy की कीमत 3.3 अरब डॉलर आंकी गई। इसके साथ ही Swiggy भारतीय ऑनलाइन कम्पनियों में वैल्यूएशन के अनुसार छठे नंबर की स्टार्टअप कंपनी बन गई है।

सफलता की कहानी

Swiggy को तीन दोस्तों ने 5 साल पहले शुरू किया था। इस तिकड़ी में राहुल जैमिनी IIT खड़गपुर से, श्रीहर्ष IIT कलकत्ता से तथा नंदन रेड्डी BITS से स्नातक हैं। 5 डिलीवरी बॉयज से शुरू हुई Swiggy में अब 1.2 लाख डिलीवरी पार्टनर्स हैं और 42 शहरों के 50 हजार से ज्यादा रेस्त्रों स्विगी से जुड़े हुए हैं।

फ़ूड डिलीवरी मार्केट में स्विगी ने जोमाटो से जंग जीत ली है। गुरुग्राम की जोमाटो को 2018 में 41 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली जबकि स्विगी को तीन फंडिंग राउंड्स में 131 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली।

इस ताजा फंडिंग के बाद स्विगी ने बताया की अब वो डिलीवरी ओनली किचेन्स का विस्तार करेंगे, टीम को और मजबूती देंगे और साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित नेक्स्ट जेनेरेशन प्लेटफार्म बनाया जाएगा। आपको बता दें की स्विगी फ़िलहाल हर माह 2.5 करोड़ ऑर्डर पूरे कर रही है और भविष्य में इस आंकड़े को और बढ़ना स्वाभाविक है।

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नवरात्रि के पहले दिन आज करें देवी शैलपुत्री की आराधना। कथा एवम् पूजा विधि!

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है। शैल का अर्थ पर्वत होता है और मां का ये स्वरुप हिमालय की पुत्री का है इसलिए देवी का नाम शैलपुत्री पड़ा। यह माता सती का ही रुप है। ऐसा माना जाता है कि प्रजापति दक्ष ने शिव का अपमान करने के लिए एक यज्ञ का आयोजन किया।

शिव और अपनी पु्त्री सती को इस यज्ञ में आमंत्रित नहीं किया। जब सती को इस बात का पता चला तो उन्होंने शिव से उस यज्ञ में जाने की आज्ञा मांगी लेकिन शिव ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। बिना निमंत्रण कहीं जाना अच्छा नहीं माना जाता है।

फिर भी सती जिद्द कर शिव से आज्ञा ले यज्ञ में गई। वहां पहुंचने पर सभी अतिथियों ने उनका बिना बुलाएं आने पर अपमान किया। तब सती को एहसास हुआ कि उन्होंने शिव की बात न मान कर भूल की है। सती उस अपमान को सह न सकी और तुरन्त यज्ञाग्नि में कूद यज्ञ को भंग कर दिया।

शिव को जब इस घटना के बारे में पता चला तो अपने गणों को भेजकर यज्ञ को पूर्णत विध्वंस कर दिया। सती ने ही अगला जन्म पर्वतराज हिमालय के घर लिया। वहां मां का नाम शैलपुत्री रखा गया। इस स्वरुप में भी देवी ने शिव को ही अपना आराध्य माना।

प्रथम दिन मां की आराधना करने से कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है जिससे रोग-शोक आदि का नाश होता है। भगवती का यह रुप अपने भक्तों के मन पर राज करता है। इस दिन योगी का मन मूलाधार चक्र में स्थित रहती है। इस स्थान पर देवी आद्य शक्ति कुंडलिनी के रुप में रहती है।

नवरात्रि में ऐसे करें पूजन-

  1. स्नानादि कर माता की चौकी पर जाएं।
  2. आसन लगाकर माता की प्रतिमा के समक्ष बैठे।
  3. सर्वप्रथम धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं।
  4. मां को पुष्पों की माला चढाएं।
  5. देवी की प्रतिमा को रोली का तिलक लगाएं।
  6. जिस देवी का व्रत हो, उस देवी के निमित्त 2 लौंग, पान, सपुारी, ध्वजा और नारियल चढ़ाएं।
  7. पूजन करने से पहले हाथ में चावल लेकर संकल्प करें।
  8. देवी के मंत्रों का उच्चारण करें।
  9. दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती, महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र या दुर्गा स्तुति का पाठ करें।
  10. पाठ समाप्त होने पर आरती करें।
  11. देवी की प्रतिमा के सामने दण्डवत प्रणाम करें।
  12. भगवती के जयकारे लगाएं।
  13. जमीन पर थोड़ा जल डालकर उस जल का तिलक लगाएं। ऐसा न करने पर पूजा का फल आपको नहीं मिलेगा। क्योकि बिना जल का तिलक करें पूजा स्थल से उठने पर उस पूजा का फल इन्द्र देव ले लेते है।
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Elon Musk के बारे में हर वो बात जो आपको जरूर जाननी चाहिए

दुनिया का सबसे शक्तिशाली और दोबारा से इस्तेमाल किया जाने वाला रॉकेट फॉल्कन हैवी बनाने वाले करीब एक दर्जन कंपनियों के मालिक एलन मस्क के बारे में हम आज आपको हर वो बात बताएंगे जो आपको जरूर जाननी चाहिए।

बचपन में ही मिला कई देशों का अनुभव

एलन रीव मस्क 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में एक कनाडाई- अफ़्रीकी दंपति के यहाँ जन्मे एक सुप्रसिद्ध बिजनेस टायकून हैं। एलन की माँ एक मॉडल और डाइटीशियन रहीं थीं वहीं एलन के पिता एक इलेक्ट्रोकेमिकल इंजीनियर, पायलट और सेलर थे। 1980 में इनके माता-पिता का तलाक होने के बाद ये पिता के साथ प्रिटोरिया में रहे। स्कूल में पढ़ने वाले एलन के सहपाठी इनकी अक्सर पिटाई कर दिया करते थे। एक बार तो एलन को हॉस्पिटल भी जाना पड़ा जब सहपाठियों द्वारा इन्हें सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया गया और बेहोश होने तक पिटाई की गई। कंप्यूटर में रूचि इनकी बचपन से थी। मात्र 10 वर्ष की छोटी उम्र में इन्होंने बेसिक लैंग्वेज खुद सीखनी शुरू की और 2 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद एक गेम ‘ब्लास्टर’ बनाया जो की एक मैगजीन “PC and Office Technology” द्वारा 500 डॉलर में ख़रीदा गया।

जून 1989 को अपने जन्मदिन से एक दिन पहले एलन अपनी माँ के पास कनाडा आ गए क्योंकि वो जानते थे कि अमेरिका में सपनों को जीने का सफर कनाडा आ जाने से और आसान हो जाएगा। इसके लिए इन्होंने अफ़्रीकी मिलेट्री की अनिवार्य सर्विस छोड़ दी और कनाडा की क्वींस यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। 2 साल बाद इन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया में दाखिला लिया जहाँ इन्होंने इकोनॉमिक्स और फिजिक्स दोनों की पढ़ाई की। इसके बाद इन्होंने कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी ऑफ स्टैनफोर्ड में एनर्जी फिजिक्स में Ph.D में दाखिल लिया लेकिन 2 दिन बाद ही पढ़ाई छोड़ इंटरनेट बूम को देख कर व्यापार करने का फैसला किया।

इंटरनेट बूम मिलेनियम क्रैश और एलन के स्टार्टअप्स

एलन ने फरवरी 1995 में अपने भाई किम्भल मस्क के साथ मिलकर एक मार्केटिंग और सिटी सर्च कंपनी ‘Zip2’ बनाई जो की न्यूजपेपर्स के लिए सर्विस देती थी। Zip2 को Compaq ने 307 मिलियन डॉलर कैश और 34 मिलियन डॉलर स्टॉक ऑप्शन में ख़रीदा।

मिलेनियम क्रैश के वक्त एक ओर जहाँ सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी वहीं ऐसे मौके पर एलन के पास मिलियंस डॉलर का मुनाफा था।

इसके बाद एलन ने मार्च 1999 में इंटरनेट पेमेंट ट्रांसफर सिस्टम ‘X.com’ की शुरुआत की जो बेहद सफल रही। कैलिफोर्निया में X.com के ऑफिस के पास ही पीटर थील का भी ऑफिस था जो अपनी कंपनी ‘Confinity’ के माध्यम से यही कार्य कर रहे थे। एक साल बाद दोनों ने अपनी कम्पनियों का विलय कर ‘PayPal Services’ की शुरुआत 2001 में की जिसका बाद में नाम ‘PayPal’ कर दिया गया।

मई 2002 में एलन ने ‘SpaceX’ की शुरुआत करी जिसका उद्देश्य मार्स ओएसिस को मंगल ग्रह पर बनाना और वहाँ मानव बस्तियाँ बसाने के साथ- साथ लांच वेहिकल्स और रेवोल्यूशनरी रॉकेट बनाना है। ऑक्टूबर 2002 को PayPal को Ebay ने 1.5 बिलियन डॉलर स्टॉक ऑप्शन में ख़रीदा जिसमे से 11.7% के लिए एलन को 165 मिलियन डॉलर मिले जिसका निवेश इन्होने SpaceX में किया।

फरवरी 2004 में ‘Tesla’ की Series A फंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जून 2003 में बनी इस कम्पनी के चेयरमैन बन गए। 2007 में CEO और प्रोडक्ट आर्किटेक्ट बनने के बाद 2008 में कंपनी ने पहली इलेक्ट्रिक कार Tesla Roadster लॉन्च की जो बेहद सफल रही।

मुश्किलें आती रही और कदम बढ़ते रहे

एलन को SpaceX की सफलता रातों रात नहीं मिली। सारी पूंजी और निवेशकों का धन लगाकर जो पहले 3 रॉकेट लॉन्च हुए वो फेल रहे। हार न मानने का जज्बा ही था कि इन्होने चौथा रॉकेट सफलता पूर्ण लॉन्च किया और SpaceX को नासा से 1.6 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ।


दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट फॉल्कन हेवी एलन की ही खोज है और रॉकेट को दोबारा से इस्तेमाल किये जाने की तकनीक भी एलन की ही देन है। जरूरत पड़ने पर Tesla और SpaceX कंपनी में स्लीपिंग बैग में सो जाना एलन को बेहद पसन्द है क्योंकि एलन काम के समय सिर्फ काम पर ही अपना सारा ध्यान देते हैं और किसी भी लक्ष्य को मुश्किल नही मानते।

एलन SpaceX, Tesla और Neuralink के CEO हैं। एलन Zip2, OpenAI, PayPal और Neuralink के Co-Founder हैं तथा X.com , theboringcompany और SpaceX के Founder हैं।

एलन एक बहुआयामी सोच वाले उत्कृष्ट बुद्धि से संपन्न वैज्ञानिक और आंत्रेप्रीन्योर हैं जिनकी विलक्षण प्रतिभा का लोहा समस्त विश्व मानता है। एलन 21वें सबसे शक्तिशाली व्यक्तित्व के स्वामी और दुनिया के 54वें सबसे धनी व्यक्ति हैं। एक बेहद खास रिपोर्ट के अनुसार एलन ने वर्ष 2017 में X.com को दोबारा से ख़रीदा है और जल्द ही इसके साथ एक नई पारी शुरू करना वो जरूर पसंद करेंगे।