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ब्रिटिश जज ने आपरेशन ब्लू स्टार में ब्रिटिश भूमिका की जाँच के लिए फाइल सार्वजनिक करने को कहा

न्यायाधीश मुरी शांक्स की अध्यक्षता में मार्च में लंदन में फ‌र्स्ट टीयर ट्रिब्यूनल (सूचना का अधिकार) में तीन दिनों तक सुनवाई चली थी। उन्होंने एक दिन पहले सोमवार को कहा कि अवधि से संबंधित अधिकांश फाइलें सार्वजनिक की जानी चाहिए।

न्यायाधीश ने ब्रिटिश सरकार की इस दलील को ठुकरा दिया कि डाउनिंग स्ट्रीट कागजात को अवर्गीकृत करने से भारत के साथ कूटनीतिक रिश्ता क्षतिग्रस्त हो जाएगा।

न्यायाधीश ने हालांकि ब्रिटेन की संयुक्त खुफिया समिति से ‘इंडिया पोलिटिकल’ के रूप में चिह्नित फाइल पर दलील स्वीकार नहीं की। इस फाइल में ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों एमआइ5, एमआइ6 और जीसीएचक्यू (गवर्नमेंट कम्युनिकेशन हेडक्वार्टर) से संबंधित सूचनाएं हो सकती हैं।

न्यायाधीश ने कहा कि इसलिए कैबिनेट कार्यालय तकनीकी रूप से उस व्यवस्था पर कायम रह सकता है जिसके तहत ऐसी सामग्री को सूचना की आजादी अपील से छूट मिली हुई है।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने पत्नी सुनंदा पुष्कर हत्याकांड पर दी सफाई। जाने पूरा मामला!

थरूर ने अपनी सफाई में एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्‍होंने कहा, ‘मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, वो ऊटपटांग और आधारहीन हैं। मेरे खिलाफ द्वेषपूर्ण और बदला लेने के उद्देश्‍य से अभियान चलाया जा रहा है।’ दरअसल, सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में आरोपी बनाए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान शशि थरूर को 7 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है। यहां पर बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी माना है।

वहीं, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर भी सुनवाई हुई। स्वामी ने कहा कि अपराध हुआ था, उस समय सबूत मिटाए गए थे। एक साल बाद एफआईआर दर्ज की गई, दिल्ली पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की। इस पर कोर्ट ने कहा कि स्वामी की याचिका पर हम अलग से गौर करेंगे। इस पर पुलिस को अगली सुनवाई में जवाब देना है।

यहां पर बता दें कि पिछले महीने 14 मई को बहुचर्चित सुनंदा पुष्कर मौत मामले में सवा चार साल बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट में सुनंदा के पति व पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की भूमिका को संदिग्ध माना था। तकरीबन 4 साल बाद दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर मामले में कोर्ट में 3000 पेज की चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में आईपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक जीवन में प्रताड़ित करने के की बात कही गई है।

प्रताड़ना से तंग आकर सुनंदा ने की थी खुदकशी

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की 17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

मौत को पहले आत्महत्या बताया गया था, लेकिन एक साल बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई गई। लेकिन, सवा चार साल बाद भी न तो केस सुलझ सका और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

एम्स के मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया था। 29 सितंबर 2014 को मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है। बोर्ड ने कहा था कि कई ऐसे रसायन हैं जो पेट में जाने या खून में मिलने के बाद जहर बन जाते हैं। लिहाजा, बाद में उनके वास्तविक रूप के बारे में पता लगाना बहुत मुश्किल होता है।

इस रिपोर्ट के बाद 1 जनवरी, 2015 को सरोजनी नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद सुनंदा के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ), अमेरिका की लैब में भेज दिया गया था। लेकिन, वहां की लैब में भी जहर के बारे में पता नहीं लग सका। उस वक्त दवाओं के ओवरडोज को मौत की वजह बताया गया था।

केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्‍‌नी सुनंदा पुष्कर का शव दिल्ली के होटल लीला से बरामद किया गया था। सुनंदा का शव कमरे के बिस्तर पर मिला था। सुनंदा और शशि थरूर की शादी 2010 में ही हुई थी। यह सुनंदा की तीसरी और शशि थरूर की दूसरी शादी थी।

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अच्छी खबर: वेटिंग लिस्ट ई-टिकट वाले यात्री अब कर सकेंगे ट्रेन में सफर

रेलवे के एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है। जिसके तहत अगर किसी भी रेल यात्री के पास ई-टिकट है और उसका नाम वेटिंग लिस्ट में शामिल है, तो उन्हें भी यात्रा करने का पूरा अधिकार रहेगा। हालांकि अब तक सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर रेलवे की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

दरअसल, साल 2014 में दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि काउंटर टिकट धारकों की तरह वेटिंग वाले ई-टिकट वालों यात्रियों का भी टिकट कैंसिल नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ रेलवे ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ई-टिकट वालों को भी राहत दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने रेलवे को यह भी आदेश दिया है कि वह जल्द से जल्द एक ऐसी स्कीम लागू करे जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फर्जी नामों से टिकट बुक कराने वालें एजेंट्स पर रोक लगाई जा सके।

वेटिंग ई-टिकट यात्रियों के लिए खुशखबरी

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 2014 में विभास कुमार झा द्वारा दायर की गई एक याचिका में कहा गया था कि काउंटर टिकट धारकों की तरह वेटिंग वाले ई-टिकट वालों का टिकट नहीं कैंसिल होना चाहिए। रेलवे के अभी तक के नियम के अनुसार वेटिंग ई-टिकट रखने वाले यात्रियों को ट्रेन मे चढ़ने की इजाजत नहीं मिलती थी, जबकि काउंटर टिकट रखने वाले लोगों पर ऐसी कोई रोक नहीं थी। इसलिए अगर कोई कन्फर्म टिकट वाला व्यक्ति नहीं आता था तो वह सीट इन्हें दे दी जाती थी।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की

जस्टिस मदन बी लोकुर की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका रद किए जाने के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश के मुताबिक रेलवे को नियम बनाने पड़ेंगे, ताकि दोनों तरह की टिकटों के बीच के अंतर को खत्म किया जा सके। बता दें कि हाईकोर्ट ने कहा था कि काउंटर टिकट और ई-टिकट लेने वाले यात्रियों के बीच भेदभाव नहीं किया जा सकता है।

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उन्नाव केस: BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के साथ किया था रेप, CBI ने की पुष्टि

 उन्नाव केस की जांच कर रही सीबीआई ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगे रेप के आरोपों की पुष्टि कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने आरोपों की पुष्टि कर दी है. वहीं दुष्कर्म में शशि सिंह की भूमिका पर सीबीआई ने कहना है कि शशि सिंह ही पीड़ित को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुलदीप सिंह के घर लाई थी. 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह ने उसके साथ रेप किया था और 11 जून को पीड़िता को तीन युवकों ने अगवा किया और कार में गैंगरेप किया. सूत्रों का कहना है कि अब सीबीआई स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर रही है.

बयानों से नहीं पलटी पीड़िता
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट के समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज किए. कोर्ट के समझ भी उसने वहीं बयान दिए जो उसने पुलिस को अपनी शिकायत में दिए थे.

सीबीआई ने आमने-सामने बैठकर की थी जांच
आपको बता दें कि उन्नाव रेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और पीड़िता का आमना-सामना कराया था. पीड़िता ने पिछले वर्ष चार जून को विधायक द्वारा रेप किए जाने का आरोप दोहराया लेकिन, विधायक इससे इनकार करते रहे. सीबीआई के अफसरों ने दोनों से अलग-अलग हुई पूछताछ के तथ्यों को भी सामने रखा और एक-दूसरे से पुष्टि की.

सेंगर को सीतापुर जेल में किया गया शिफ्ट
आपको बता दें, बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मंगलवार (8 मई) को सुबह उन्नाव जेल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. पीड़िता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अपील दायर कर आरोपी विधायक को उन्नाव जेल से शिफ्ट करने की याचिका दायर की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया.

अब तक मामले में क्या-क्या हुआ

  • रेप पीड़िता ने 11 जून 2017 को कोर्ट में शिकायत दर्ज की.
  • कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए और आरोपी अवधेश तिवारी, शुभम तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, इस मुकदमे में विधायक और शशि सिंह का नाम नहीं था.
  • 3 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह ने केस वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया.
  • जब पिता द्वारा इनकार किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई की गई और फर्जी मुकदमा लिखवाकर उसे जेल भिजवा दिया.
  • 8 अप्रैल, 2018 को पीड़िता ने परिवार समेत सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की.
  • 9 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई.
  • 10 अप्रैल 2018 को विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार किया गया.

केस में अब आगे क्या होगा

  • विधायक कुलदीप पर रेप के आरोपों की पुष्टि हुई.
  • अब आरोपी विधायक पर शिकंजा कस सकता है.
  • बीजेपी भी विधायक कुलदीप के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है.
  • ये भी संभव है कि पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दे.
  • सीबीआई अब मामले में पूरी जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी.
  • सीबीआई की रिपोर्ट पर कोर्ट मामले में फैसला सुनाएगा.
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सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट हैक, ब्राजील के हैकर्स पर शक

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट गुरुवार को हैक हो गई. इस साइबर अटैक में ब्राजीलियन हैकर्स का हाथ बताया जा रहा है. वेबसाइट supremecourtofindia.nic.in खोलने पर ‘पत्ती’ जैसी तस्वीर और ‘hackeado por HighTech Brazil HacTeam’ मैसेज दिख रहा है. हालांकि, अब वेबसाइट पर Site Under Maintenance लिखा दिख रहा है.

बताया जाता है कि 2013 में भी इन हैकरों ने भारतीय वेबसाइट को निशाना बनाया था. सुप्रीम कोर्ट के वेबसाइट न खुलने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसके हैक होने की सूचना भी दी. यूजर्स ने दावा कि साइट डाउन नहीं हुई है बल्‍कि हैक की गई है.

इससे पहले रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट भी हैक हो चुकी है. उस समय अधिकारियों ने बताया था कि वेबसाइट पर चीनी अक्षर में कुछ नजर आ रहा है, जिसके बाद बताया गया कि वेबसाइट हैक हो चुकी है.

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ताजमहल Ownership केस: सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां का वक्फनामा पेश नहीं कर पाया सुन्नी बोर्ड

ताजमहल पर मालिकाना हक जताने वाला सुन्नी वक्फ बोर्ड मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में शाहजहां के दस्तखत वाला वक्फनामा पेश नहीं कर पाया। इस पर, चीफ जस्टिस ने कहा कि बोर्ड कोर्ट का वक्त बर्बाद कर रहा है। बता दें कि वक्फ बोर्ड ने पिछली सुनवाई में दावा किया था कि मुगल बादशाह शाहजहां ने बोर्ड के पक्ष में ताजमहल का वक्फनामा किया था। इस पर कोर्ट ने सबूत मांगे थे। यह विवाद सुन्नी वक्फ बोर्ड और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के बीच चल रहा है।

दावेदारी पर नरम पड़ा वक्फ बोर्ड
– ताजमहल पर दावेदारी कर रहा वक्फ बोर्ड मंगलवार को कोर्ट में नरम नजर आया। उसने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने कहा कि उसे कोई दिक्क्त नहीं है कि ताजमहल की देखरेख एएसआई करे, लेकिन बोर्ड का यहां नमाज पढ़ने और उर्स जारी रखने का हक बरकरार रहे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से कहा कि उसे इस बारे में एएसआई से बात करनी चाहिए। इस पर एएसआई ने विचार करने के लिए वक्त मांगा। केस की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- शाहजहां जेल में थे तो दस्तखत कैसे किए?
– पिछली सुनवाई में चीफ जस्टिस ने वक्फ बोर्ड के वकील से पूछा था, “शाहजहां ने वक्फनामे पर दस्तखत कैसे किए? वह तो जेल में बंद थे। वह हिरासत से ही ताजमहल देखते थे।”
– कोर्ट ने शाहजहां के दस्तखत वाला हलफनामा पेश करने को कहा तो बोर्ड के वकील ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी थी।

बोर्ड के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था स्टे
– सुन्नी वक्फ बोर्ड ने जुलाई 2005 में आदेश जारी कर ताजमहल को अपनी प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर करने को कहा था।
– एएसआई ने इसके खिलाफ 2010 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इस पर कोर्ट ने बोर्ड के फैसले पर स्टे लगा दिया था।
– बता दें कि वक्फ का मतलब किसी मुस्लिम द्वारा धार्मिक, शैक्षणिक या चैरिटी के लिए जमीन का दान देना होता है।

एएसआई कहता है- ताजमहल भारत सरकार का
– एएसआई की ओर से पेश एडवोकेट एडीएन राव ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने जैसा दावा किया है, वैसा कोई वक्फनामा नहीं है।
– 1858 की घोषणा के मुताबिक, आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर से ली गई संपत्तियों का स्वामित्व ब्रिटिश महारानी के पास चला गया था। वहीं, 1948 के कानून के तहत यह इमारतें अब भारत सरकार के पास हैं।

1666 में हुआ था शाहजहां का निधन
– बता दें कि वारियाना हक की लड़ाई के चलते शाहजहां के बेटे औरंगजेब ने जुलाई 1658 में उन्हें आगरा के किले में नजरबंद कर दिया था। अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाने के करीब 18 साल बाद 1666 में शाहजहां का निधन आगरा के किले में ही हुआ था।

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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CM केजरीवाल को मानहानि मामले में लगा जोर का झटका

हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने से बृहस्पतिवार को इंकार कर दिया। हालांकि दूसरी ओर कोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई के लिये 11 जुलाई की तारीख तय की है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने याचिका दायर निचली अदालत में चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई पर रोक लगाते हुये उसे खारिज करने की मांग की थी। मानहानि की यह शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने 2012 में दायर की थी।

जस्टिस एके पाठक ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली सरकार व शिकायतकर्ता पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया। उस फैसले के मुताबिक सांसद व विधायकों के मामलों की सुनवाई एक साल के भीतर पूरी होनी चाहिये।

याचिका पर जिरह करते हुये वरिष्ठ सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मानहानि की यह शिकायत दायर करने का पवन खेड़ा को कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी मानहानि नहीं हुई है। इसलिये इस मामले को खारिज किया जाना चाहिये।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पूर्व राजनीतिक सचिव पवन खेड़ा ने शिकायत दायर कर कहा था कि एक टीवी शो के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अक्तूबर 2012 में बिजली की बढ़ी दरों पर बोलते हुये ऐसी बातें कही जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री की बदनामी हुई थी।

पटियाला हाउस अदालत ने इस शिकायत पर अरविंद केजरीवाल को 31 जनवरी 2013 को बतौर आरोपी समन जारी किया गया था। इस शिकायत पर अदालत ने 28 अक्तूबर 2013 को आरोप तय किये थे।

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Black Buck Poaching Case: सलमान खान को 5 साल की सजा

सुपरस्टार सलमान खान को आज (पांच अप्रैल) तगड़ा झटका लगा है। काले हिरण (ब्लैक बक) के शिकार मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। कोर्ट में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सजा के ऐलान के बाद सलमान को कोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया। आज की रात सलमान यहीं गुजारेंगे। चूंकि सजा की समयावधि तीन साल से अधिक है। ऐसे में उन्हें जमानत सिर्फ सेशन कोर्ट से ही मिलेगी। वक्त की कमी के कारण सेशन कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। शुक्रवार (छह अप्रैल) को अब इस पर सुनवाई होगी।

कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाने के लिए लंच ब्रेक भी नहीं लिया, जो कि डेढ़ बजे होना था। कोर्ट ने इस मामले में अन्य आरोपियों (सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम) को बरी कर दिया। काले हिरण शिकार मामले में 20 साल बाद सलमान को सजा का ऐलान हुआ है। राजस्थान के जोधपुर कोर्ट में सीजेएम देव कुमार खत्री ने इस मामले में उन्हें दोषी करार दिया। सलमान इससे पहले इस संबंध में अपने होटल से कोर्ट के लिए रवाना हुए थे। वे कोर्ट पहुंच थे, जहां कार्रवाई शुरू हुई थी। सलमान यहां के ताज हरि महल होटल में ठहरे थे। उनके अलावा फैसले के लिए बॉलीवुड एक्टर सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम भी जोधपुर पहुंचे थे।

आपको बता दें कि कांकाणी काला हिरण शिकार केस साल 1998 का है। सलमान समेत पांच बॉलीवुड सितारों पर इस मामले में दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप है। अन्य कलाकारों में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर भी आरोप था। ये कलाकार उस दौरान हम साथ-साथ हैं फिल्म की शूटिंग के लिए जोधपुर में थे।

यहां पढ़िए Salman Khan Blackbuck Poaching Case Verdict UPDATES

– सजा के ऐलान पर सलमान के वकील ने सेशन कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी है। लेकिन आज उस पर सुनवाई होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कोर्ट के पास वक्त की कमी है। ऐसे में आज की रात सलमान को जेल में ही गुजारनी पड़ेगी।

– पुलिस हिरासत में सलमान को कोर्टरूम से बाहर लाया गया, जिसके बाद उन्हें जेल की ओर लेकर जाया जा रहा है। सलमान की गाड़ी व पुलिस की अन्य गाड़ियों का काफिला निकालने के लिए रास्ता खाली कराया गया था।

– सलमान को सजा के ऐलान के बाद उनके वकील सेशन कोर्ट जाना चाहते हैं। लेकिन वहां सुनवाई होना मुश्किल नजर आ रहा है। अगर आज सुनवाई नहीं हुई तो सल्लू को जेल में रात गुजरनी पड़ेगी। जेल ले जाने के पहले सलमान का मेडिकल कराया जाएगा।

– सलमान को जेल भेजने की तैयारियां हो चुकी हैं। उन्हें सेंट्रल जेल ले जाने के लिए वैन बुलाई गई है। जेल के बैरक नंबर एक या दो में से किसी एक में उन्हें रखा जाएगा। ये दोनों ही बैरक इसी बाबत खाली करा लिए गए हैं।

– सलमान को 5 साल की सजा सुनाए जाने के उनकी बहनें बुरी तरह रोने लगीं। पुलिस ने उन्हें सलमान से अलग कर दिया है। इस दौरान सलमान की आंखों में भी आंसूं छलक उठे थे। अब सलमान को सीधे जेल ले जाया जाएगा, जबकि कोर्ट के बाहर ‘सलमान हाय-हाय’ के नारे लग रहे हैं।

– सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सजा के रूप में अगर सलमान को जेल हुई तो वह जोधपुर जेल नहीं जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से उन्हें उदयपुर भेजा जा सकता है।

– दोषी करार दिए जाने के बाद सलमान तनाव में नजर आए। उनके चेहरे पर शिकन देखते बन रही थी। बता दें कि कोर्टरूम में ठीक डेढ़ बजे लंच होता है। सलमान को सजा के ऐलान के लिए इसे स्थगित कर दिया गया। कोर्टरूम में फिलहाल फैसले की फोटोकॉपी आने का इंतजार हो रहा है। सलमान इस दौरान अपने वकील से बात कर रहे हैं।

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुईं आरोपी नीलम के पति समीर सोनी ने इस बारे में एक न्यूज चैनल से बातचीत की। उन्होंने कहा, “जो बरी हुए उनके लिए खुशी है, मगर सलमान के दोषी ठहराए जाने पर मुझे निराशा हाथ लगी।”

– बिश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवड़ ने कहा, “हम फैसले का आंकलन कर रहे हैं। हमारी मांग है कि बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ एक याचिका दायर की जाए और सलमान को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान को तीन साल से कम की सजा हुई तो इसी कोर्ट से जमानत मिल जाएगी। अगर तीन साल से अधिक की सजा हुई, तब सुपरस्टार को सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

– सुपरस्टार सलमान इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं। वह सजा का ऐलान होने से पहले कोर्ट परिसर को छोड़कर नहीं जा सकते हैं। सजा के फैसले की कॉपी की फोटो-स्टेट कराई जा रही है।

– जज साहब कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान के लिए सजा लिखी जा चुकी है। कभी भी इसका ऐलान किया जा सकता है। हालांकि, सरकारी वकील इसके ऐलान होने में आधा घंटा बता रहे हैं।

– सजा के ऐलान को लेकर कोर्ट परिसर के बाहर भारी सुरक्षबल तैनात किया गया है। वहीं, बरी किए गए सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम मुंबई के लिए रवाना हो रहे हैं। वे दोपहर एक बजकर मिनट की फ्लाईट से निकलेंगे।

– सलमान को दोषी करार दिए जाने के दौरान बहन अलवीरा भी कोर्टरूम में थीं। वह इस वक्त कोर्टरूम में हैं। फैसले के बाद वह बेहद दुखी हैं और बुरी तरह से रो रही हैं।

– जज कोर्टरूम में लौट आए हैं। सलमान भी यहीं मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर दो बजे तक सलमान को सजा का ऐलान हो जाएगा। वहीं, सैफ अली खान कोर्ट से बाहर निकल चुके हैं।

– सलमान की सजा पर बहस पूरी हो गई है। जज थोड़ी देर के लिए अपने चैंबर में गए हैं। थोड़ी देर बाद सलमान को सजा सुनाई जाएगी।

– सरकारी वकील ने कहा कि सलमान आदतन अपराधी हैं। उन्हें अधिक से अधिक सजा मिलनी चाहिए। जवाब में सलमान के वकील ने पूछा है कि बाकी लोगों को बरी कर दिया गया है। ऐसे में सलमान को ही दोषी क्यों ठहराया गया है?

– काला हिरण शिकार केस में बरी हुए सैफ, नीलम, तब्बू और सोनाली कोर्ट के दूसरे कमरे में मौजूद है। वहीं, सलमान की सजा पर अभी भी बहस जारी है। सलमान इस दौरान कोर्टरूम में अकेले हैं।

– सलमान कोर्टरूम में शांत बैठे हैं। वह अपना चेहरा नीचे किए हुए हैं। वहीं, उनके वकील उनके लिए कम से कम सजा की मांग कर रहे हैं। कोर्ट में वह सलमान को तीन साल से कम की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

– अब सलमान की सजा पर बहस शुरू हो गई है। सुपरस्टार को तीन साल की सजा पर इसी कोर्ट से जमानत मिल सकती है। सल्लू को एक से छह साल तक की सजा का ऐलान हो सकता है। सलमान पर इस मामले में 50 हजार रुपए का जुर्मान भी लग सकता है।

– काला हिरण शिकार मामले में सलमान के अलावा अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं, सल्लू को दोषी करार दिया गया है।

– सलमान के अलावा बाकी मामले में आरोपी बाकी कलाकार कोर्टरूम के अंदर मौजूद हैं। जज भी कोर्टरूम के भीतर हैं। थोड़ी देर में वह अपना फैसला सुनाएंगे। कोर्ट की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

Blackbuck Poaching Case: काला हिरण शिकार मामले पर फैसले को लेकर जोधपुर कोर्ट के अंदर जाते एक्टर सलमान खान। (फोटोः पीटीआई)

– सलमान खान अपने होटल से कोर्ट पहुंच चुके हैं। उनके पीछे पीछे-पीछे सैफ और नीलम भी कोर्ट पहुंचे। इनके बाद तब्बू और सोनाली बेंद्रे भी आ गई हैं।

– सलमान होटल से कोर्ट के लिए निकल चुके हैं। उनके अलावा बहनें भी कोर्ट के लिए रवाना हुई हैं। अर्पिता और अलवीरा कोर्ट परिसर में पहुंच गई हैं।

– मामले पर फैसले को लेकर सुपस्टार सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने पूजा-अर्चना की है और उनके बरी होने के लिए दुआएं मांगी हैं। बुधवार (तीन अप्रैल) को कटरीना रैफ मुंबई में सिद्धीविनायक मंदिर सलमान के लिए दुआ मांगने गई थीं।

– काला हिरण शिकार केस पर फैसला आने के लेकर जोधपुर कोर्ट के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। सैफ, नीलम और सोनाली के वकीलों का कहना है कि अगर वे दोषी पाए गए तो सभी को बराबर की सजा मिले। अधिकतम सजा छह साल के लिए होगी, जबकि न्यूनतम सजा एक साल है।

क्या है 1998 का काला हिरण शिकार केस? आरोप था कि तब एक और दो अक्टूबर की रात सलमान समेत सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम देर रात लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव पहुंचे थे। यहां इन्होंने दो काले हिरणों का शिकार किया था। ये सभी कलाकार उस दौरान जीप में बैठे थे। हिरणों के झुंड पर सलमान ने गोली चलाई थी, जिसके लिए उन्हें अन्य सितारों ने उकसाया था। गोली चलने के बाद आवाज सुनकर ग्रामीण वहां जुटे थे। ऐसे में सलमान दो मृत हिरणों को छोड़कर वहां से गाड़ी सहित फरार हो गए थे। बता दें कि काला हिरण लुप्तप्राय जाति है और इसके शिकार पर रोक है। बीते दिनों इस मामले पर सुनवाई होने के बाद जोधपुर ग्रामीण जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खन्नी ने फैसला सुरक्षित रखा था।

सलमान पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/51 में आरोप लगे हैं, जबकि सैफ, तब्बू, सोनाली और नीलम पर वन्य जीव संरक्षण की धारा 9/52 व भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के अंतर्गत आरोप हैं। सलमान व अन्य सितारों को अगर सजा होगी तो उन्हें वाल्ड लाइफ एक्ट 9/51 और 9/52 के तहत एक साल से छह साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है। याद दिला दें कि संरक्षित जानवरों के शिकार से संबंधित तीन मामलों में दो बार सलमान खान जेल जा चुके हैं। साल 2006 और 2007 में उन्हें जोधपुर जेल की हवा खानी पड़ी थी।