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पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने पत्नी सुनंदा पुष्कर हत्याकांड पर दी सफाई। जाने पूरा मामला!

थरूर ने अपनी सफाई में एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्‍होंने कहा, ‘मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं, वो ऊटपटांग और आधारहीन हैं। मेरे खिलाफ द्वेषपूर्ण और बदला लेने के उद्देश्‍य से अभियान चलाया जा रहा है।’ दरअसल, सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में आरोपी बनाए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान शशि थरूर को 7 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है। यहां पर बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोपी माना है।

वहीं, सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर भी सुनवाई हुई। स्वामी ने कहा कि अपराध हुआ था, उस समय सबूत मिटाए गए थे। एक साल बाद एफआईआर दर्ज की गई, दिल्ली पुलिस ने सही तरीके से जांच नहीं की। इस पर कोर्ट ने कहा कि स्वामी की याचिका पर हम अलग से गौर करेंगे। इस पर पुलिस को अगली सुनवाई में जवाब देना है।

यहां पर बता दें कि पिछले महीने 14 मई को बहुचर्चित सुनंदा पुष्कर मौत मामले में सवा चार साल बाद विशेष जांच दल (एसआइटी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इस चार्जशीट में सुनंदा के पति व पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की भूमिका को संदिग्ध माना था। तकरीबन 4 साल बाद दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर मामले में कोर्ट में 3000 पेज की चार्जशीट पेश की थी। चार्जशीट में आईपीसी की धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने और वैवाहिक जीवन में प्रताड़ित करने के की बात कही गई है।

प्रताड़ना से तंग आकर सुनंदा ने की थी खुदकशी

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा की 17 जनवरी 2014 को चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल लीला पैलेस के सुइट नंबर 345 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

मौत को पहले आत्महत्या बताया गया था, लेकिन एक साल बाद विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की जांच के लिए एसआइटी बनाई गई। लेकिन, सवा चार साल बाद भी न तो केस सुलझ सका और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई।

एम्स के मेडिकल बोर्ड ने सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया था। 29 सितंबर 2014 को मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि सुनंदा की मौत जहर से हुई है। बोर्ड ने कहा था कि कई ऐसे रसायन हैं जो पेट में जाने या खून में मिलने के बाद जहर बन जाते हैं। लिहाजा, बाद में उनके वास्तविक रूप के बारे में पता लगाना बहुत मुश्किल होता है।

इस रिपोर्ट के बाद 1 जनवरी, 2015 को सरोजनी नगर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद सुनंदा के विसरा को जांच के लिए फोरेंसिक ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ), अमेरिका की लैब में भेज दिया गया था। लेकिन, वहां की लैब में भी जहर के बारे में पता नहीं लग सका। उस वक्त दवाओं के ओवरडोज को मौत की वजह बताया गया था।

केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्‍‌नी सुनंदा पुष्कर का शव दिल्ली के होटल लीला से बरामद किया गया था। सुनंदा का शव कमरे के बिस्तर पर मिला था। सुनंदा और शशि थरूर की शादी 2010 में ही हुई थी। यह सुनंदा की तीसरी और शशि थरूर की दूसरी शादी थी।

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सट्टेबाजी पर पूछे गए ये 5 सवाल, जवाब देते ही फंस गए अरबाज खान

ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच 3 घंटे से ज्यादा वक्त तक अरबाज खान से पूछताछ की.

अरबाज खान को बुकी सोनू के सामने बिठाकर पूछताछ की गई. इसमें उनसे 5 सवाल दागे गए जिनका जवाब देकर अरबाज फंस गए. उनसे पूछा गया कि,

1. क्या आपने सोनू जालान के साथ सट्टा लगाया?

2. सोनू को कैसे जानते हैं आप?

3. क्या इस बारे में परिवार को पता था?

4. अब तक कितनी रकम का सट्टा लगाया है?

5. क्या जालान ने उन्हें फोन पर धमकी दी?

इन सवालों के जवाब में अरबाज ने बताया कि उन्होंने न सिर्फ आईपीएल मैचों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैचों में भी सट्टा लगाया है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल IPL मैचों में लगाए गए पैसों में उन्हें करीब 2.75 करोड़ रुपये का नुकसाना भी हुआ था. अरबाज ने बताया कि करीब 4-5 साल से वह इस धंधे में शामिल हैं.

तनाव में शुरू की सट्टेबाजी

अभिनेता अरबाज ने पूछताछ में खुलासा किया कि उनका परिवार हमेशा से सट्टा लगाने के लिए मना करता था. परिवार इस काम को गलत मानता था लेकिन वह शौक के लिए क्रिकेट मैचों में करोड़ों रुपये का खेल करते थे. उन्होंने यह भी बताया कि पारिवारिक तनाव की वजह से वह सट्टेबाजी के खेल में शामिल हुए क्योंकि उनके निजी जीवन में काफी उतार-चढ़ाव था और पत्नी मलाइका अरोड़ा से तलाक की एक वजह सट्टेबाजी भी बताई जा रही है क्योंकि मलाइका हमेशा से उन्हें इसके लिए मना करती थीं.

पुलिस की पूछताछ में अरबाज ने सोनू से लिंक की बात कबूल की है लेकिन उन्हें याद नहीं कि वह कब और कैसे सोनू से मिले थे. उन्होंने बताया कि सोनू से उन्हें किसने मिलवाया इस बारे में ठीक से याद नहीं है.

इससे पहले ठाणे पुलिस की एंटी एक्टॉर्सन सेल ने शुक्रवार को अरबाज को समन किया था. पुलिस अब अरबाज का बयान दर्ज कर सट्टेबाजी रैकेट से उनके लिंक के बारे में पड़ताल की है. पुलिस को इंटरनेशनल बुकी सोनू जालान के साथ अरबाज की तस्वीरें मिली थीं. पुलिस सोनू पर मकोका के तहत नया केस भी दर्ज करेगी. अरबाज की ओर से उनके भाई सलमान खान की लीगल टीम इस मामले में उनका पक्ष रखेगी. सुबह अरबाज सलमान के बॉडीगार्ड शेरा के साथ क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे थे.

कैसे आया अरबाज का नाम

पिछले महीने पुलिस ने डोबिंवली में सट्टेबाजी रैकिट का भंडाफोड़ करते हुए 4 सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया. शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सट्टेबाजी रैकिट चल रहा था. इतना ही नहीं, डॉन दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से भी सट्टेबाजी रैकिट के लिंक मिलते दिख रहे हैं.

पूछताछ में रैकेट के पीछे सोनू जालान का नाम सामने आया था. इसके बाद सोनू जालान को गिरफ्तार कर जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटी बेटिंग में अलग-अलग नामों से पैसा लगाते हैं. तब इस मामले में अरबाज खान को समन किया गया था. पुलिस को शक है कि इस खेल में बॉलीवुड की कई और हस्तियां भी शामिल हो सकती हैं.

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कई देशों केेेे बाद अब भारत में भी मासूमों से दुष्कर्म की सजा मौत

नाबालिग बच्चियों से दुष्‍कर्म के मामलों पर कठोर निर्णय लेते हुए पॉकसो एक्‍ट में बदलाव पर मोदी सरकार ने मुहर लगा दी है। इसके लिए पीएम आवास पर चली ढाई घंटे की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि दुष्‍कर्म के दोषियों को फांसी देने के लिए अध्यादेश लाया जाएगा।

इस बैठक में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्‍कर्म के मामलों में दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया। इसके अलावा इस बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि ऐसे मामलों में जांच तेजी से पूरी की जाएगी। आपको बता दें कि दुष्‍कर्म की हालिया घटना के बाद देश में काफी गुस्‍सा व्‍याप्‍त है। देश की जनता बार-बार इस तरह के मामलों में कठोर से कठोर सजा दिए जाने की मांग भी लगातार करती रही है। इसी जनभावना का सम्‍मान करते हुए केंद्र ने यह फैसला लिया है।

पॉक्सो के मौजूदा प्रावधान

पॉक्सो के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, दुष्कर्म के दोषियों के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है और न्यूनतम सात साल की जेल है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में आता है। इसके तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है। यह कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। गौरतलब है कि देश के कुछ राज्‍य जिनमें राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश शामिल हैं, में केबिनेट ने 12 वर्ष से कम उम्र की बच्‍ची के साथ दुष्‍कर्म के मामलों में फांसी की सजा पर मुहर लगा दी है। हालांकि इन्‍हें अभी राष्‍ट्रपति से मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन इससे यह बात साफ हो गई है कि राज्‍य इसको लेकर काफी सख्‍त रुख अपना चुके हैं।

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#Kathua: कठुआ गैंगरेप मामले में दिल्ली की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा

कश्मीर से कन्याकुमारी तक दिल को झकझोर देने वाले कठुआ गैंग रेप मामले में एक अहम खबर सामने आई है, इस केस के तमाम सबूतों की जांच करने वाली दिल्ली की फॉरेंसिक लैब (FSL) ने सभी सबूतों को सच माना है। FSL की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होती है कि मंदिर में मिले खून के निशान पीड़िता के ही है, जिससे ये बात सत्यापित होती है कि मंदिर के अंदर ही आठ साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था।

आरोपी शुभम सांगरा के खिलाफ अहम सबूत

रिपोर्ट के हिसाब से मंदिर में मिले बाल का डीएनए इस केस के आठ आरोपियों में से एक शुभम सांगरा से मिलते हैं, पीड़िता के कपड़े पर मिले खून के निशान का डीएनए भी शुभभ के डीएनए से मिलता है। रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की गई है कि पीड़िता के यौनांग में खून पाया गया था। आपको बता दें कि इस केस की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) टीम को इस बात की शिकायत थी कि उसे जो सबूत मिले हैं, वो आरोपियों को गुनाहगार साबित करने को काफी नहीं थी क्योंकि ऐसी बात सामने आई थी कि आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके। ये ही वजह थी कि एसआईआटी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पा रही थी।

शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे

मार्च में ही पीडि़ता के कपड़ों, खून, बाल, मल जैसे सबूतों को दिल्ली की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था और इसके साथ ही आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और परवेश के भी ब्लड सेम्पल भेजे गए थे। इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले के रासना गांव में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी में अगवा किया गया था। एक हफ्ते बाद घर से कुछ दूर उसका शव बरामद हुआ था। 10 अप्रैल को दायर पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी।आरोप गांव के एक मंदिर के सेवादार पर लगा। कहा जा रहा है कि बकरवाल समुदाय को गांव से बेदखल करने के इरादे से यह साजिश रची गई थी। इस मामले में एक नाबालिग समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। सेशन कोर्ट इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

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जानिए कठुआ रेप कांड का पूरा सच। डी एन ए रिपोर्ट! #Kathua #JusticeForAsifa #Truth

जानिए डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस रिपोर्ट से कठुआ रेप कांड से जुड़ा हर सच। किसी भी प्रतिक्रिया देने से पहले सच जानना जरुरी है। हम मांग करते हैं अगर उन्नाव केस की CBI जाँच हो सकती है तो कठुआ रेप कांड की भी CBI जाँच होनी चाहिए और केस को फ़ास्ट ट्रैक कर के सुप्रीम कोर्ट में जल्द से जल्द अपराधियों को सूली पर चढ़ाया जाये।

कठुआ रेप कांड का पूरा सच

 

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पंजाबी एक्टर परमीश वर्मा को एक शो के दौरान गोली मारी, इस गैंगस्टर ने हमले का जिम्मा लिया

Gaal Ni Kadni Singer Parmish Verma को मारी गोली

पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के लिए एक बुरी खबर है। पंजाबी सिंगर, अभिनेता और निर्देशक परमीश वर्मा किसी अज्ञात युवके के द्वारा गोली मार दी गई है। इसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बता दें कि उनको देर रात गोली मारकर हमलावर मौके से फरार हो गया। बैसाखी की मुबारकबाद के साथ अक्षय कुमार ने शेयर किया केसरी का नया लुक बता दें कि परमीश को मोहाली में गोली मारी गई थी और वहीं के अस्पताल में वो भर्ती है।

बता दें कि पंजाबी इंडस्ट्री का उभरता हुआ स्टार परमीश को कहा जा रहा है और उनका हाल ही में रिलीज हुआ गाना गाल नी कडनी काफी बड़ा हिट हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक वो मोहाली में शो करने गए और शो के दौरान ही किसी ने उनके ऊपर गोली चला दी। आनन फानन में उनको मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके अलावा उनके परिवार वाले फैंस काफी परेशान है क्योंकि उनको एमरजेंसी में भर्ती करवाया गया है और उनका अभी भी इलाज चल रहा है। क्षेत्रीय एसएसपी ने बताया कि उनको मोहाली के सेक्टर 19 मे गोली मारी गई है और वहीं पर उनका प्रोग्राम चल रहा था।

परमीश के फैंस के लिए खुशखबरी ये है कि उनके घुटने में गोली लगी थी और वो अब खतरे से बाहर आ चुके है और अस्पताल में उनको कुछ और समय तक रहना पड़ सकता है। बता दे कि परमीश को गोली मारने का जिम्मा एक गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह ने लिया है और वो एक लोकल गैंगस्टर बताया जा रहा है।

इस शख्स ने फेसबुक पर पोस्ट डाला है और हमले का जिम्मा लेते हुए लिखा है कि हां मैने गोली मारी है और तुझे जहां मिलना हो मिल लेना। आगे उसने कहा है कि इस बार तो तू बच गया लेकिन अब नहीं बचेगा।परमीश के जानने वालों की माने तो उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।  बता दें कि इस समय पंजाबी सिनेमा और संगीत की माने तो परमीश युवाओं के दिलों पर राज रहा है और युवा परमीश वर्मा को काफी ज्यादा पसंद कर करते है। शुक्रवार की रात कुछ ऐसा हुआ जिसने अचानक लोगों की खुशी को डर में बदल दिया और परमीश को गोली मार दी गई। हालांकि जिस शख्स ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ये पोस्ट डाला था उसको परमीश के फैंस ने खूब गालियां दी है और बुरा भला कहा था। फिलहाल परमीश अब खतरे से बाहर है और बहुत जल्द फिर से अपने फैंस के सामने अपनी आवाज और अभिनय के साथ वापस लौटेंगे।

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राजनाथ बोले- उन्नाव-कठुआ कांड शर्मनाक, ऐसे मामलों में राज्य सरकारें तुरंत लें एक्शन

उन्नाव और कठुआ गैंगरेप की घटना से पूरा देश आग बबूला है. लोग सरकार से इन दोनों मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं. देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इन मामलों बात की.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खास बातचीत करते हुए कहा कि जहां तक महिला सुरक्षा का प्रश्न है हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. महिला सुरक्षा से जुड़े मामले राज्य सरकारों से संबंधित होते हैं. लेकिन हमारी कोशिश रहती है कि आरोपियों को सजा मिलेगी.

अगर नाबालिग लड़की के साथ रेप होता है तो तुरंत एफआईआर होनी चाहिए. अगर किसी प्रकार का संदेह है तो प्राथमिकी कार्रवाई और जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्नाव मामला काफी दुखी है.

कठुआ मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती से भी बात की है. वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और राम माधव से भी बात की गई है. राजनाथ ने कहा कि इस प्रकार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कठुआ की स्थिति को गंभीर रूप से देखा जाना चाहिए. कठुआ में पाकिस्तान का हाथ होने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ भी हो सकता है.

कश्मीर मुद्दे पर भी की बात

कश्मीर की समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी छोटी चुनौती एक बड़ी चुनौती की तरह ही होती है. कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए जो भी केंद्र सरकार से हो सकता है वो किया जा रहा है. कश्मीर के जो हालात हैं वो सामान्य नहीं हैं, वहां की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सबकुछ किया जा रहा है. कश्मीर में बच्चों को बहकाया जाता है, कोई बच्चा खुद पत्थर लेकर सुरक्षाकर्मियों के सामने नहीं आता है.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं जो ऐसा करती हैं. पाकिस्तान की कोशिश लगातार भारत में इस प्रकार की कोशिशें करता है, पाकिस्तान को अपनी इन हरकतों से बाज आना चाहिए. राजनाथ ने कहा कि अब आतंकी फंडिंग में काफी कमी आई है लेकिन अभी भी काफी कुछ किया जाना बाकी है.

गृहमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों पर हमें गर्व है. एक-दो घटनाएं ऐसी हुई हैं जिनपर कार्रवाई की गई है वो राज्य सरकार ने किया होगा. राजनाथ ने कहा कि हमारी तरफ से वहां के लोगों से बातचीत की कोशिशें जारी है. कश्मीर धरती का स्वर्ग है उसे बर्बाद नहीं होने देंगे.

देश के मुसलमानों पर हमें गर्व

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें अपने देश के मुसलमानों पर गर्व है. भारत में ISIS ना के बराबर है. भारत में हम ISIS को बढ़ने नहीं देंगे, हमें अपने मुसलमानों पर पूरा विश्वास है. पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन पर राजनाथ ने कहा कि दोनों के बीच में कोई गड़बड़ नहीं है. पाकिस्तान हमारा पड़ोसी देश है, हमें पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाने हैं. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पूरी दुनिया को हमारी सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक मंच पर लाया है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को संरक्षण देना बंद कर दे तो उससे भी बात हो सकती है. हमारा रुख नहीं बदला है. राजनाथ ने कहा कि बहुत ही शालीनता से भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

हमने खत्म की नक्सल समस्या

नक्सल समस्या पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये समस्या अब धीरे-धीरे खत्म हो गई है. नॉर्थ ईस्ट में भी इस प्रकार की समस्या को काफी कम कर दिया गया है. हमारा संकल्प नक्सल मुक्त भारत का है और पूरी उम्मीद है कि ये पूरा होगा.

सरकार बैकफुट पर नहीं है

राहुल गांधी के इंडिया गेट पर निकाले गए मार्च को उन्होंने कहा कि हम बैकफुट पर नहीं हैं, हमने कोई अपराध नहीं किया है. समस्याएं आती हैं, चुनौतियां आती हैं उसका सामना किया जाता है. किसी मुद्दे विशेष पर राज्य सरकार की कमी हो सकती है.

योगी की जमकर तारीफ

योगी आदित्यनाथ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह काफी अच्छी तरीके से सरकार चला रहे हैं. उन्नाव मामले में उन्होंने तुरंत सीबीआई जांच की अपील की, लेकिन अभी इस मामले में क्या कमी हुई उसकी भी जांच की जा रही है. उन्नाव में जिस प्रकार की घटना हुई है उसका कोई समर्थन नहीं करेगा. योगी जी पूरी ईमानदारी के साथ यूपी में काम कर रहे हैं. जो लोग एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं उनके सामने अदालत है वो वहां पर जा सकते हैं.

 आपराधिक केस पर राज्य सरकार करती है फैसला

राजनाथ ने कहा कि आपराधिक मामलों में केस वापस करने का अधिकार राज्य सरकार के पास होता है. लेकिन जाति या मजहब के आधार पर ऐसा नहीं होता है. बिहार और बंगाल में जो हुआ उस पर उन्होंने कहा कि सिर्फ बंगाल से रिपोर्ट इसलिए मांगी क्योंकि ये पूछा जा रहा था क्या उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा चाहिए. बिहार से इसलिए रिपोर्ट नहीं मांगी क्योंकि बिहार ने पहले ही अतिरिक्त सुरक्षा मांग ली थी.

2019 के चुनावों पर क्या बोले राजनाथ

2019 के चुनावों के बारे में राजनाथ ने कहा कि हमारी तैयारी पूरी है, सरकार हमारी ही बनेगी. हमारे नंबर ठीक-ठाक आएंगे, जिन राज्यों में हमारी सरकार है वहां पर दोबारा हमारी सरकार बनेगी.

विपक्ष के एकजुट होने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष ये मानता है कि इस देश में सबसे बड़ा कोई नेता है तो नरेंद्र मोदी ही हैं. विपक्ष के अंदर इस बात का डर है, दहशत है इसलिए शायद एकजुट हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी के सामने अभी कोई भी चेहरा नहीं है. इसका उत्तर कोई नहीं दे पाएगा. राहुल गांधी के परिपक्व होने पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से मना किया. विपक्ष जो करना चाहता है वो करें, हमारी पार्टी उसपर तवज्जो नहीं देती है. लेकिन गोरखपुर-फूलपुर में जो हुआ है वह दोबारा नहीं होगा.

राजनाथ ने कहा कि 2019 में भी कई राज्यों में क्लीन स्विप करेंगे. राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनाव के बारे में राजनाथ ने कहा कि अभी चुनाव में एक साल है, जो हाल बदलना होता है तो 15 दिन में बदल जाता है. 2019 के लिए लोगों का जन समर्थन हमारे साथ ही है.

दलितों के मुद्दे पर क्या कहा

दलितों के मुद्दे पर राजनाथ सिंह बोले कि इस बार भी दलित हमें ही बढ़ चढ़कर वोट देंगे. अगर आप पिछली सरकार और अब की सरकार की तुलना करेंगे तो अंतर साफ दिखेगा. उन्होंने कहा कि कुछ घटनाएं हुई हैं, कुछ ताकतों ने मामले को बढ़ाने की कोशिश की है. दलित जब गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे तो खुद समझ जाएंगे कि हमारी सरकार ने काफी अच्छा काम किया है. अगर देश को सशक्त भारत बनाना है तो सभी का विकास होना जरूरी है.

राजनाथ ने कहा कि 2 अप्रैल को छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं. ऊना जैसे मामले पर उन्होंने कहा कि एक-दो घटनाएं होती हैं लेकिन हमारी सरकार ने वहां पर कार्रवाई की है. रोजगार के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि पहले के अपेक्षा अब अवसर बढ़ें हैं. सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं बल्कि नौकरी के मौके की भी बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कुछ ताकते हैं कि जो कि जातिगत संघर्ष को पैदा कर निजी स्वार्थ को पूरा करना चाहती हैं. देश की जनता गुमराह नहीं होगी, कुछ लोग हो सकते हैं. अगली सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ हमारी ही बनेगी.

दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं

दाऊद इब्राहिम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हम कोई ट्रंप कार्ड चलकर जीत हासिल नहीं करेंगे. हम सरकार बनाएंगे तो लोगों का दिल जीत कर चलाएंगे. उन्होंने कहा कि दाऊद को पकड़ना नामुमकिन नहीं है.

कोर्ट में है राम मंदिर मामला

राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले का सही जवाब न्यायपालिका ही दे सकती है. जब वाजपेयी जी की सरकार थी तो बातचीत से मुद्दा सुलझाने की कोशिशें हुई थीं. उसके बाद अब श्रीश्री रविशंकर जी इस पर बात कर रहे हैं, लेकिन सभी को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए.

पक्ष-विपक्ष के उपवास पर उन्होंने कहा कि क्या कभी कोई सरकार चाहेगी कि संसद ना चले. संसद को चलाना सरकार और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. क्या विपक्ष के लोगों को संसद से बाहर फेंकवा दें. हमने सभी के साथ बातचीत की है.

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CBSE PAPER LEAK 2018 दिल्ली पुलिस ने बतायी इकोनॉमिक्स पेपर लीक करने वाले रोहित-ऋषभ व तौकीर की साठ-गांठ की कहानी

कड़कड़डूमा कोर्ट से पुलिस को पर्चा लीक करने वाले तीनों लोगों की दो दिन की पुलिस कस्टडी मिल गयी है.

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

ANI @ANI_news

#WATCH Delhi Police Joint CP Crime Branch briefs the media on #CBSEPaperLeak case

सीबीएसइ पेपर लीक मामले में आज दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर इस संंबंध में मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा आज तड़के रोहित व ऋषभ नाम के दो स्कूल टीचर और कोचिंग के एक ट्यूटर तौकीर को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रश्न खुलने के समय पौने दस बजे से 30 से 40 मिनट पहले 12वीं इकोनॉमिक्स का प्रश्न पत्र खोल लिया गया और रोहित व ऋषभ नामक टीचर ने उसे कोचिंग ट्यूटर तौकीर को वाट्सएप पर भेजा, जिसने उसे बच्चों को भेज दिया. उन्होंने कहा कि एक बच्चे से इस संबंध में पूछताछ की गयी थी. डीसीपी ने यह नहीं बताया कि इस मामले का मास्टमाइंड तीनों में कौन है, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि ऋषभ के कहने पर रोहित ने प्रश्नपत्र तौकीर को भेजा और इन तीनों में अच्छी पहचान व दोस्ती है.

डीसीपी आलोक कुमार ने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच की दो हिस्सों में हो रही है. इकोनॉमिक्स पेपर लीक की जांच डॉ रामगोपाल नायक व दसवीं मैथ्स पेपर लीक की जांच जॉय तिर्की की अगुवाई में हो रही है और पूरी जांच का सुपरविजन डॉ रामगोपाल नायक कर रहे हैं.

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 Two teachers and a tutor were arrested. Police custody remand of all three has been taken, they will be questioned: Delhi Police Joint CP Crime Branch on #CBSEPaperLeak

उन्होंने दसवीं पेपर लीक मामले की जांच के संबंध में अभी कोई तथ्य बताने से इनकार करते हुए कहा कि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि कोर्ट से दो दिन की पुलिस कस्टडी मिली है, पुलिस दो दिन इनसे पूछताछ करेगी और मामले के तह तक जाने का प्रयास करेगी. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि तौकीर 26-27 साल का एक युवक है, जो कोचिंग में पढ़ाता है.

ऐसे लीक किया इकोनॉमिक्स का पेपर 

नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीबीएसइ पेपर लीक मामले में दो टीचर व एक कोचिंग सेंटर के मालिक सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, दोनों शिक्षकों ने 9.15 बजे सुबह हाथ से लिखे प्रश्न पत्र की तसवीर उतारी थी और फिर उसे कोचिंग सेंटर के ट्यूटर को भेज दिया था. फिर कोचिंग सेंटर के ट्यूटर ने उसे स्टूडेंट्स को भेज दिया. कोचिंग ट्यूटर एनसीआर के बवाना का है, जबकि दोनों टीचर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं. 26 मार्च को 12वीं इकोनॉमिक्स पेपर लीक की पूरी घटना परीक्षा शुुरू होने के समय 9.45 बजे के डेढ़ घंटे पहले तक में घटी. यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने दी है. इन पर आरोप है कि उन्होंने 26 मार्च को परीक्षा के  पहले इकोनाॅमिक्स के पेपर को लीक किया. हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है वे दोनों टीचर किस स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आलोक कुमार शनिवार रात मीडिया को जानकादी देते हुए.


उधर, क्राइम ब्रांच की टीम शनिवार रात इस मामले में सीबीएसइ के मुख्यालय भी पहुंची थी. सूत्रों का कहना है कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स एवं 10वीं के मैथ्स पेपर लीक मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम को कुछ अहम तथ्यों की जानकारी हाथ लगी है. पुलिस ने अबतक इस मामले में 60 लोगों से पूछताछ की है. इसमें वे दस वाट्सएप ग्रुप के संचालक भी शामिल हैं, जिनके ग्रुप में प्रश्न वायरल किया गया था.

दिल्ली के प्रीत विहार स्थित सीबीएसइ मुख्यालय पहुंची पुलिस. 

इस पूरे मामले में पुलिस को उस विह्सलब्लोअर की भी जानकारी मिली है, जिन्होंने मेल के जरिये सीबीएसइ प्रमुख को गणित के प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी दी थी. पुलिस ने उस शख्स का पता लगाने के लिए गूगल की मदद मांगी थी, क्योंकि उस व्यक्ति ने जीमेल से मेल भेजा था.

ध्यान रहे कि सीबीएसइ 12वीं के इकोनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को ली जाएगी.

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पेपर लीक: 12वीं की अर्थशास्‍त्र की परीक्षा का एलान हुआ

एजुकेशन सेक्रटरी अनिल स्‍वरूप ने बताया कि कक्षा 12वीं के इकनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को होगी। कक्षा 10वीं के गणित के पेपर की दोबारा परीक्षा की तारीखों का एलान 15 दिन में होगा। उन्‍होंने यहां साफ किया कि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा केवल दिल्ली और हरियाणा में होगी, वो भी तब, जब जांच के बाद जरूरत महसूस की जाएगी। अगर 10वीं के गणित की परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत महसूस होती है, तो वो जुलाई में कराई जा सकती है।

अनिल स्‍वरूप ने कहा कि कक्षा 12वीं के छात्रों ने कई विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों में कोर्सों के लिए आवेदन कर रखे हैं। इसलिए उनकी परीक्षा जल्‍द कराना बेहद जरूरी है। हम इन छात्रों का समय ना बर्बाद करते हुए 25 अप्रैल को अर्थशास्‍त्र के पेपर की परीक्षा करा रहे हैं। हमें छात्रों के हितों की चिंता, छात्रों को दिक्कत ना हो, इसलिए हम काम कर रहे हैं। 10वीं की परीक्षा की तारीख के बारे में फैसला अभी नहीं लिया गया है, क्‍योंकि जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि कक्षा 10वीं की दोबारा परीक्षा की तारीखों का एलान 15 दिन में कर दिया जाएगा। लेकिन अगर दोबारा परीक्षा का निर्णय लिया जाता है, तो सिर्फ दिल्ली और हरियाणा में परीक्षा होगी, अन्‍य किसी राज्‍य में नहीं। 10वीं के गणित की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय अगर लिया जाता है, तो परीक्षा जुलाई माह में होगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक होने के मामले चारों ओर से विरोध प्रदर्शन का सामना कर रहा है। कई शहरों में पेपर लीक मामले को लेकर सीबीएसई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इधर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है।

सीबीएसई पेपर लीक के खिलाफ लुधियाना, कानुपर और दिल्‍ली में छात्र और अभिभावक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों ने चेयरमैन के इस्तीफे की मांग के साथ कहा है कि सीबीएसई की गलती की सजा सभी छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए। कुछ छात्रों का कहना है कि जिस राज्‍य में पेपर लीक हुआ, वहीं पर फिर से परीक्षा होनी चाहिए। लगभग सभी छात्र पेपर लीक के लिए सीबीएसई को जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं। कुछ छात्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। इसके बाद दिल्ली में प्रकाश जावड़ेकर के घर के पास धारा 144 लागू कर दी गई है।

शुक्रवार को सुबह कांग्रेस पार्टी का स्टूडेंट्स विंग एनएसयूआइ भी छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुआ। कांग्रेस पार्टी सरकार पर और ज्यादा हमलावर हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री ने एग्जाम वॉरियर्स किताब लिखी, जो परीक्षा के दौरान छात्रों का तनाव दूर करने के लिए है। अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए, जिसे पेपर्स लीक होने के कारण तबाह हुई स्टूडेंट्स और पैरंट्स की जिंदगियों के बाद उनके तनाव को दूर करने के लिए पढ़ाया जाए।’

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह एचआरडी मिनिस्ट्री की विफलता है, 28 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है। हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। वहीं कपिल सिब्‍बल ने कहा कि सीबीएसई पेपर लीक अकेला पेपर लीक का मामला नहीं है। एसएससी पेपर घोटाला भी बड़ी चिंता का विषय है। अगर इसके लिए सरकार की जवाबदेही नहीं है, तो फिर किसकी है।

कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर राज ठाकरे ने भी सरकार को घेरा। उन्‍होंने कहा कि यह सरकार की असफलता है, इस बात को स्‍वीकार करने के बजाय क्‍यों वे चाहते हैं कि छात्र फिर से एग्‍जाम दें। मेरी अभिभावकों से अपील है कि अपने बच्‍चों को फिर से एग्‍जाम देने के लिए ना भेजें।

वैसे बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 10 से ज्यादा वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की, इनमें से हर ग्रुप में 50-60 सदस्य हैं। इन लोगों से जांच और पूछताछ जारी है। इससे पहले क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने गुरुवार को 18 छात्र समेत कुल 34 लोगों से पूछताछ की। इनमें 11 विभिन्न स्कूलों के छात्र, सात विभिन्न कॉलेजों के छात्र, पांच ट्यूटर व दो अन्य लोग शामिल हैं। ट्यूटर में एक महिला भी शामिल है, जिसका लाजपत नगर में कोचिंग सेंटर है।

एसआइटी ने बुधवार रात दिल्ली-एनसीआर में करीब 10 जगहों पर छापेमारी की। जिन 34 लोगों से पूछताछ की गई है उन्होंने कबूल किया कि 10वीं के गणित व 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर, परीक्षा शुरू होने से 24 घंटे पहले लीक हो गए थे। असली पेपर देखकर पहले हाथ से सादे कागजों पर प्रश्नों को लिखा गया, फिर उसकी तस्वीरें वाट्सएप के जरिये बांटी गईं। 24 घंटे पहले पेपर मिलने से छात्र-छात्राओं को प्रश्नों की तैयारी करने का काफी समय मिल गया।

विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच आरपी उपाध्याय के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर उनसे फिर पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल नंबर व अन्य जरूरी जानकारियां ले ली गई हैं। बता दें कि सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर दो मुकदमे दर्ज करने के बाद एसआइटी ने बुधवार रात से ही जांच शुरू कर दी थी और पेपर लीक से जुड़े सुबूत आरोपित कहीं मिटा न दें, इसलिए गुरुवार सुबह होते ही एसआइटी ने कार्रवाई तेज कर दी। सीबीएसई ने एक एफआइआर 27 मार्च व दूसरी 28 मार्च को दर्ज कराई थी। एसआइटी पता लगा रही है कि छात्र-छात्राओं के वाट्सएप पर किसने प्रश्नपत्र भेजे थे। साथ ही मुख्य आरोपित व उसके स्त्रोत के बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पूछताछ में कुछ छात्रों ने दोस्तों के जरिये पेपर मिलने की बात कही है। पेपर लीक के संभावित ठिकानों की पहचान की गई है, उनमें से कुछ जगहों की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की गई है।

एसआइटी में शामिल अधिकारी का कहना है कि सीबीएसई ने लिखित शिकायत में ओल्ड राजेंद्र नगर में पिछले दस सालों से कोचिंग सेंटर चलाने वाले विक्की पर शक जताया था। लिहाजा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वह विद्या कोचिंग सेंटर का मालिक है और सेंटर में 10वीं व 12वीं के छात्रों को गणित व अर्थशास्त्र पढ़ाता है। उसने 1996 में डीयू से बीकॉम किया है। विक्की के अलावा हिरासत में लिए गए अन्य लोगों व उनसे जब्त दस्तावेजों के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी जा रही है। एसआइटी ने सीबीएसई से कई जानकारी मांगी है। मसलन, परीक्षा केंद्रों व छात्रों तक पेपर पहुंचाने का तरीका क्या है? सुरक्षा के लिए किस तरह की सावधानियां बरती जाती हैं? पेपर किन-किन प्रिटिंग प्रेस से छपवाए गए?

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विपक्ष के बर्हिगमन के बीच विधानसभा में UP-COCA विधेयक पारित

विपक्ष के व्यापक विरोध और सदन से बर्हिगमन के बीच विधानसभा में उत्तर प्रदेश संगठित अपराध निरोधक विधेयक (यूपीकोका)आज एक बार फिर पारित हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधेयक पेश करते हुए इसे राज्य की कानून व्यवस्था के लिये जरुरी बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि यह विधेयक लोकतंत्र विरोधी है और इसका जमकर दुरुपयोग किया जायेगा। विपक्ष का कहना था कि विधेयक में कई खामियां हैं, इसलिये इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया जाये। इससे पहले विधानसभा से गत 21 दिसंबर को विधेयक पारित होने के बाद विधान परिषद भेजा गया था।

परिषद ने विधेयक को प्रवर समिति के हवाले कर दिया था। प्रवर समिति से बिना संशोधन के विधेयक परिषद वापस कर दिया गया था। परिषद में विपक्ष का बहुमत होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। इसलिये सरकार ने आज इसे फिर सदन में पेश किया। विपक्ष के व्यापक विरोध के बीच यूपीकोका विधेयक पारित हो गया।

विधेयक के पारित होने के बाद अब इसे मंजूरी के लिये राज्यपाल रामनाईक के पास भेजा जायेगा। अगर जरूरी हुआ तो राज्यपाल विधेयक को राष्ट्रपति के पास भी संदर्भित कर सकते है। सरकार का दावा है कि यूपीकोका से भूमाफिया, खनन माफिया समेत अन्य संगठित अपराधों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। सफेदपोशों को बेनकाब करने वाले इस कानून में 28 ऐसे प्रावधान है जो गिरोहबंद अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) का हिस्सा नही थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीकोका के जरिये फिरौती के लिये अपहरण,अवैध खनन, अवैध शराब की बिक्री, बाहुबल के बूते ठेकों को हथियाना, वन क्षेत्र में अतिक्रमण और वन संपत्तियों का दोहन,वन्य जीवों का शिकार और बिक्री, फर्जी दवाओं का कारोबार, सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जा, रंगदारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। इसके जरिये संगठित अपराध करने वाले लोगों की मदद करने वालों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

योगी ने कहा कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ यह कानून प्रभावी होगा। पांच वर्ष में एक से अधिक मामलों में जिसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होंगें, उन्हीं पर यह कानून लागू होगा। यूपीकोका लगाने से पहले पुलिस महानिरीक्षक या उपमहानिरीक्षक से अनुमोदन लेना जरुरी होगा। इसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने से पहले भी इन्हीं अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग रोकने के लिये उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अपील प्राधिकरण बनाया जायेगा। इसमें प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी सदस्य होगा। इसके लिये प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निगरानी समिति का भी गठन किया जायेगा। ऐसी ही समिति जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि इस कानून का कोई दुरुपयोग नहीं कर सकता। हाँ, समाज की व्यवस्था और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये एक साल में किये गये कार्यों का सिलसिलेवार ब्याैरा दिया।