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अफगानिस्तान ने लगाई शर्मनाक रिकॉर्ड्स की झड़ी, तोड़ा 90 साल का रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने इस मैच की अपनी पहली पारी में 109 रन बनाने के लिए सिर्फ 27.5 ओवर तक बल्लेबाज़ी की। इसी के साथ अफगानिस्तान ने पहला टेस्ट मैच में सबसे कम ओवर बल्लेबाज़ी करने का रिकॉर्ड भी बना दिया। अफगानिस्तान से पहले ये रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था। बांग्लादेश की टीम ने अपने पहले टेस्ट की दूसरी पारी मेंं 46.3 ओवर बल्लेबाज़ी की थी। बांग्लादेश से पहले ये रिकॉर्ड न्यूज़ीलैंड के नाम था जो अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में 47.1 ओवर में ही सिमट गई थी।

भारत ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे और इसके जवाब में अफगानिस्तान अपने पहले टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 109 रनों पर सिमट गई। इस लिहाज़ से भारत को 365 रन की बढ़त मिली और फिर टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने का न्यौता दिया। पहले टेस्ट मैच में फॉलोऑन खेलते हुए ये किसी भी टीम पर बनाई गई सबसे बड़ी बढ़त रही। इससे पहले 1928 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले गए मैच में इंग्लिश टीम ने कैरिबियाई टीम पर 224 रन की बढ़त बनाई थी। वो टेस्ट मैच लॉर्ड्‍स के मैदान पर खेला गया था और वो वेस्टइंडीज़ का पहला टेस्ट मैच था।

चिन्नास्वामी में अफगानिस्तान की टीम द्वारा बनाया गया 109 रन टेस्ट की एक पारी में सबसे कम रन हैं। इससे पहले 2017 में बेंगलुरु के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की टीम के नाम इस मैदान पर सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड था। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम सिर्फ 112 रन बनाकर सिमट गई थी।

पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन खेलने पर मजबूर कर दिया और दूसरी पारी में मेहमान टीम 38.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर ऑल आउट हो गई। टेस्ट मैच में ये भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले भारत ने वर्ष 2017 में बांग्लादेश को पारी और 239 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और उसके बाद गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच में विराट की जगह रहाणे ने कप्तानी की थी और उनकी अगुआई में भारतीय टीम ने इस एतिहासिल टेस्ट मैच में जीत हासिल की। इस टेस्ट मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले अफगानिस्तान को भारत ने एक पारी और 262 रन से हराया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारत ने पहली बार किसी टीम के खिलाफ सिर्फ दो दिनों में ही टेस्ट मैच जीतकर खिताब पर कब्जा किया।

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Bollywood: Story of Big B इस फोटो को दिखाकर अमिताभ बच्‍चन ने मांगा था काम, हो गये थे रिजेक्‍ट

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्‍चन सोशल मीडिया पर सबसे ज्‍यादा एक्टिव रहनेवाले सेलेब्‍स में गिने जाते हैं. वे फोटोज़ और वीडियोज़ तो शेयर करते ही हैं, प्‍लेटफॉर्म पर अपने फैंस से बात भी करते रहते हैं. अब उन्‍होंने अपनी एक पुरानी याद साझा की है. हाल ही में अमिताभ बच्‍चन एक तसवीर इंस्‍टाग्राम पर शेयर की है जो बेहद दिलचस्‍प है.

उन्‍होंने फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा,’ फिल्‍मों में जॉब के लिए मेरी ऐप्‍ल‍िकेशन पिक्‍चर.. 1968.. कोई आश्‍चर्य नहीं कि मैं रिजेक्‍ट हो गया था!!’ इस तसवीर में बिग बी ने ऑफ-वाइट कलर का कुर्ता-पजामा पहन रखा है और एक पेड़ के नीचे बैठे हैं.

बता दें कि 75 वर्षीय अमिताभ बच्‍चन ने साल 1969 में रिलीज हुई फिल्‍म ‘सात हिंदुस्‍तानी’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. अमिताभ खुद ही बता चुके हैं कि शुरुआती दिनों में काम पाने के लिए उन्‍हें काफी संघर्ष करना पड़ा था. बिग बी यह तसवीर को फैंस को बेहद पसंद आ रही हैं और वे उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

गौरतलब है कि महानायक अमिताभ बच्‍चन इनदिनों अपनी आनेवाली फिल्‍म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की शूटिंग में बिजी हैं. 75 की उम्र में भी बिग बी अपने काम को लेकर बेहद सीरियस हैं. हाल ही में फिल्म की शूटिंग के दौरान बिग बी की तबीयत खराब हो गई थी जिसके बाद डॉक्टर्स की टीम ने उनका चेकअप किया था और वे शूटिंग प पर लौट गये आये थे. फिलहाल बिग बी बिल्‍कुल ठीक हैं.

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दोस्ती की मिसाल: बोले विनोद कांबली- सचिन के कारण फिर से आया क्रिकेट मैदान पर

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली ने कहा कि उन्होंने कोच बनने का फैसला दोस्त और टीम के साथी रहे सचिन तेंदुलकर की सलाह पर किया. तेंदुलकर और कांबली दिग्गज क्रिकेट कोच रमाकांत आचरेकर के शिष्य हैं. अपनी दोस्ती के लिए मशहूर इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया.

कांबली ने कहा कि क्रिकेट मैदान वह खिलाड़ी नहीं, बल्कि कोच के रूप में वापसी कर रहे हैं, जिसका श्रेय तेंदुलकर को जाता है. उन्होंने कहा,‘जब मैंने क्रिकेट से संन्याय लिया था, तब मैंने कमेंट्री या टीवी पर विशेषज्ञ बनने के बारे में सोचा, लेकिन क्रिकेट के प्रति मेरा प्यार हमेशा बना रहा, इसलिए मैं फिर से मैदान पर आ रहा हूं.’

बाएं हाथ का यह पूर्व बल्लेबाज मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के बांद्रा कुर्ला परिसर में एक क्रिकेट कोचिंग अकादमी के लॉन्च के मौके पर मौजूद था. इस अकादमी में वह कोचिंग सत्र आयोजित करेंगे. लगातार दो टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाले देश के पहले बल्लेबाज कांबली ने कहा, ‘सचिन को पता है मुझे क्रिकेट से कितना लगाव है, इसलिए उन्होंने मुझ से कहा कि मैं कोचिंग देना शुरू करूं. उन्होंने मुझे जो रास्ता दिखाया मैं उस पर चलने की कोशिश कर रहा हूं.’

उन्होंने कहा कि कोचिंग लेने वाले छात्रों को वह उन मूल्यों के बारे में बताएंगे जो उन्होंने आचरेकर से सिखा है. कांबली ने कहा, ‘आचरेकर सर से मिले मूल्यों को मैं छात्रों के साथ साझा करूंगा.’

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BJP की मीटिंग में भावुक हुए नरेंद्र मोदी, बोले- इंदिरा गांधी की 18 राज्यों में सत्ता थी, हमारी 19 में है

बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग में गुजरात-हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में जीत के लिए बुधवार को नरेंद्र मोदीऔर अमित शाह का सम्मान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी नेताओं से 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए बूथ लेवल पर बीजेपी को मजबूत करने की बात कही। नए चेहरों को पार्टी में अहम जिम्मेदारियां दी जाएं। इस दौरान गुजरात में पार्टी के संघर्ष के दिनों और अटल बिहारी वाजपेयी के कामकाज को याद करते हुए नरेंद्र मोदी कुछ देर के लिए भावुक हो गए। मोदी ने कहा कि एक वक्त इंदिरा गांधी की 18 राज्यों में सरकार थी, अब हमारी 19 राज्यों में है। वहीं, मीटिंग में जाते वक्त केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज गिर गए। उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।

बूथ लेवल कैंपेन चुनाव के लिए मां की तरह

– मीटिंग के बाद पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर अनंत कुमार ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने 2019 का लोकसभा इलेक्शन जीतने के लिए देशभर में बूथ लेवल पर पार्टी को मजबूत करने की बात कही है। यह चुनाव में जीत के लिए मां की तरह होता है।
– साथ ही मोदी ने कहा कि बीजेपी में युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां दी जाएं। सभी नेता सरकार के 2022 के न्यू इंडिया विजन के लिए साथ मिलकर काम करें। पीएम ने पार्टी नेताओं से कहा कि गुजरात और हिमाचल के चुनावों में विपक्ष के झूठे प्रचार से डरने की जरूरत नहीं है।

संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मोदी भावुक हुए

– पार्टी सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी गुजरात में पार्टी के संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कुछ वक्त के लिए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि एक वक्त 18 राज्यों में इंदिरा गांधी (कांग्रेस) की सरकार थी। आज बीजेपी इससे आगे 19 राज्यों तक पहुंच चुकी है।

– मोदी ने बताया कि अटलजी ने कैसे युवाओं में नई जान फूंकी थी। उन्होंने मुझे लोकसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी। तब मैं आरएसएस में स्टेट जनरल सेक्रेटरी था और बीजेपी में नई भूमिका मिली थी। मोदी ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने से 14 साल छोटे अमित शाह को पॉलिटिक्स के लिए ग्रूम किया।
– केंद्र में सरकार चलाते हुए बीजेपी ने पिछले तीन सालों में विधानसभा चुनावों जिस प्रकार से जीत हासिल की। अब तक कोई पार्टी ऐसा नहीं कर पाई।

रूपाणी अभी भी पहली पसंद

– गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर अटकलें तेज हैं। गुजरात में सीटें कम होने के बावजूद मौजूदा सीएम विजय रूपाणी पहली पसंद बताए जा रहे हैं।फिर भी 2012 से इस बार सीटें कम होने के बाद दबी जुबान में उठ रहे सवालों की वजह से यहां बदलाव भी मुमकिन है। सीएम की रेस में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का भी नाम है।स्मृति अभी गुजरात से ही राज्यसभा सांसद हैं।

स्मृति इसलिए रेस में

– बीजेपी उत्तर प्रदेश की तरह गुजरात में भी नया चेहरा दे सकती है। संगठन क्षमता और गुजराती भाषा जानने की वजह से स्मृति और पाटीदार कम्युनिटी से आने वाले केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का नाम भी सीएम रेस में चल रहा है। हालांकि, बीजेपी में ये ट्रेंड रहा है कि जिनके नाम सामने आते हैं, वो मुख्यमंत्री नहीं बनते।

हिमाचल में धूमल की हार से बढ़ी मुश्किल
– हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हार जाने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और 5 बार के विधायक जयराम ठाकुर रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

– हालांकि, सातवीं बार चुनाव जीतने वाले मोहिंदर सिंह, पांचवीं बार विधायक बने राजीव बिंदल, हिमाचल के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज और चौथी बार चुनाव जीतने वाले कृष्ण कपूर के नाम भी चल रहे हैं।