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पीएम मोदी ने इराक में मारे गए लोगों के परिवार वालों को 10 लाख रुपए की मदद की घोषणा की

इराक के मोसुल में मारे गए भारतीयों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 लाख रुपये का अनुग्रह राशि यानी मदद का ऐलान किया है. इससे पहले पीएम मोदी ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि होने के बाद दुख जताया था. बता दें कि इससे पहले मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजे की मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा था कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’.

इराक के मोसुल में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा मारे गए भारतीय नागरिकों के अवशेष लेकर विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सोमवार को भारत पहुंचे थे. इसके बाद वह सबसे पहले पंजाब गए. मोसुल में 39 भारतीय मारे गए थे. इनमें से 38 के अवशेष भारत आए हैं. एक की पहचान नहीं हो पाई. इनमें से 27 लोग में पंजाब के थे. अमृतसर एयरपोर्ट पर मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से मुआवजेकी मांग किए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है’. विदेश राज्य मंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने कहा कि इराक में आतंकवादी समूह आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए 40 भारतीयों का कोई भी रिकॉर्ड किसी दूतावास में नहीं है क्योंकि वे वहां ट्रैवल एजेंट के माध्यम से अवैध रूप से गए थे.  आतंकवादी समूहों ने 40 में से 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी जबकि उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी बताकर बच गया था. सिंह सोमवार को कहा कि इराक से एक विशेष विमान से 38 भारतीयों का शव लेकर अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचे. मारे गए लोगों में से एक के शव की अभी तक स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पाई है.

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हाफिज सईद का राजनीतिक दल आतंकी संगठन घोषित; यूएस की कार्रवाई का स्वागत- भारत

अमेरिका ने मंगलवार को मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया। यह मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का राजनीतिक संगठन है। ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब पाकिस्तान में एमएमएल को एक राजनैतिक दल के रूप में मान्यता देने की कवायद चल रही थी। वहीं, भारत ने अमेरिका की कार्रवाई का स्वागत किया है।

एमएमएल के 7 मेंबर भी आतंकी घोषित
– द यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने एक संशोधन प्रस्ताव पेश किया। जिसके तहत लश्कर-ए-तैयबा के साथ ही एमएमएल और तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर (टीएजेके) को आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया।
– इनके अलावा एमएमएल के 7 सदस्यों को लश्कर के लिए काम करने की वजह से आतंकी घोषित किया गया है।

पाकिस्तान ने नहीं की प्रभावी कार्रवाई

– भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, “भारत यूएस की कार्रवाई का स्वागत करता है। मिल्ली मुस्लिम लीग लश्कर-ए-तैयबा का ही दूसरा नाम है। यह लीग आतंकी संगठन के लिए काम कर रही थी। अमेरिका की कार्रवाई भारत के दावे को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।”

हाफिज जारी कर चुका अपना घोषणापत्र
– हाफिज ने 23 मार्च को एमएमएल का घोषणा पत्र जारी कर दिया था। मिल्ली मुस्लिम लीग को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता देने के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी रास्ता साफ कर दिया था।

17 साल पहले लश्कर घोषित किया गया था आतंकी संगठन
– लश्कर-ए-तैयबा का गठन 1980 के दशक में हुआ था। वह 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी।
– अमेरिका ने लश्कर को 26 दिसंबर 2001 में विदेशी और वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके मुखिया हाफिज सईद को भी वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था।

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Sonu Ke Titu Ki Sweety collection: Kartik Aryan’s cheeky comedy mints Rs 73 cr at Box Office

Produced by Krishan Kumar and Bhushan Kumar under the banner of T-Series, ‘Sonu Ke Titu Ki Sweety’ has performed extremely well in the International market as well.

The film also stars Alok Nath, Virendra Saxena and Ishita Raj Sharma in pivotal roles.

‘Sonu Ke Titu Ki Sweety’ marks the fourth collaboration between director Luv Ranjan and actors Kartik Aryan and Nushrat Bharucha after ‘Pyaar Ka Punchnama’, ‘Akaash Vani’ and ‘Pyaar Ka Punchnama 2’.

Looking at the Box Office figures, the film has turned out to be a success and has emerged as the third best opener of this year after ‘Padmaavat’ and ‘PadMan’.

The collection number of the film is surprisingly great as it does not feature any A-rated star. In addition, the film did not even see a festival or a Holiday release.

Anushka Sharma’s home production horror flick ‘Pari’, which released on March 2, has received a lukewarm response as the film has so far earned Rs 19.35 crore at the ticket counter.

‘Padmaavat’ starring Deepika Padukone, Ranveer Singh and Shahid Kapoor, has so far minted Rs 286 crore at the Box Office. On the other hand, Akshay Kumar-Radhika Apte-starrer ‘PadMan’ has pocketed 78 crore.

Ajay Devgn-Ileana D’Cruz-starrer ‘Raid’ is the next big release of the month before Rani Mukerji’s ‘Hichki’. ‘Raid’ releases on March 16 and Hichki hit the screens in the following week.

Kartik Aryan’s ‘Sonu Ke Titu Ki Sweety’ has turned out to be an impressive watch. After stunning the viewers with its collections on the first day, the film has crossed the 70 crore-mark on the thirteenth day.

The film, which is directed by Luv Ranjan made a net collection of Rs 2.58 crore on Wednesday thereby taking its total collections to Rs 73.26 crore.

Trade expert, Taran Adarsh took to Twitter to share the collections, he wrote, “#SonuKeTituKiSweety continues its HEROIC RUN… [Week 2] Fri 5.83 cr, Sat 6.55 cr, Sun 7.02 cr, Mon 2.71 cr, Tue 2.62 cr, Wed 2.59 cr. Total: ₹ 73.26 cr. India biz… SUPER-HIT… #SKTKS.”

Although ‘Sonu Ke Tweety’ has better chances of earning more in the coming week, one can not overlook the fact that Anushka’s ‘Pari’ has also made its way to the theatres. The audience would want to see Anushka in a spooky avatar and hence ‘Sonu…’ will end up having a tough competition at the box office.

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मालदीव में ‘महाभारत’ और भारत का धर्मसंकट

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने देश के भीतर बढ़ते राजनीतिक गतिरोध के बीच 15 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है.

देश के सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया था कि सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा किया जाए, राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के इसा आदेश को मानने से इंकार कर दिया था.

जब से सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया, तभी से मालदीव के राष्ट्रपति एक तरह से झिड़का हुआ महसूस कर रहे थे.

वे काफी समय से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और सत्ता की ताकत पूरी तरह से अपनी तरफ़ करने की कोशिशें कर रहे थे.

उन्होंने अपने विपक्षियों को जेल में डाल दिया था और फिर धीरे-धीरे सत्ता का केंद्रीकरण होने लगा था, ऐसे में उन्हें लग रहा था कि अब ताकत पूरी तरह उनके हाथों में है.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि उन्हें अपने फ़ैसले बदलने पड़ेंगे!

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सेना की भूमिका अहम

आपातकाल की घोषणा करने के बाद ऐसा लगता है कि वे अपना आखिरी दांव खेल रहे हैं और इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा था.

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे तख्तापलट की तरह बताया है.

अबदुल्ला यमीन के पास दरअसल इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता बचा ही नहीं था.

अगर वे सत्ता दोबारा नशीद के हाथों में सौंप देते तो ज़ाहिर सी बात है कि उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होती.

लेकिन अब ऐसा लगता है कि सेना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है.

इसके साथ ही विपक्षी नेता किस तरह एकजुट होते हैं और उनका समर्थन कर रहे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर क्या कदम उठाते हैं, ये देखने वाली बात होगी.

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भारत की भूमिका

मालदीव के भीतर चल रही इस राजनीतिक उठापटक में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.

मौजूदा वक्त में नशीद और यमीन के बीच जब रस्साकशी चल रही थी तब भारत पीछे से अपनी भूमिका निभा रहा था.

कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की थी कि जब लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नशीद सरकार को हटाया गया था तो उस समय भारत को खुलकर उनका समर्थन करना चाहिए था और लोकतांत्रिक ताकतों के बचाव के लिए भारत और अधिक मुखर होकर सामने आना चाहिए था.

लेकिन ये समझना चाहिए कि भारत के अपने भी कई हित हैं, जैसे भारत कभी भी ये नहीं चाहेगा कि मालदीव पूरी तरह चीन की तरफ चला जाए.

लेकिन अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि भारत को अपना रुख स्पष्ट करना ही पड़ेगा हालांकि भारत के पास कई दूसरे रास्ते अभी मौजूद हैं.

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क्या चीन देगा यामीन का साथ?

आपातकाल लगाने के बाद अब अब्दुल्ला यामीन के पास कौन से रास्ते बाकी हैं. इस मसले मे अब ये देखना होगा कि बाहरी दबावों से वे किस तरह निपटते हैं.

यामीन ये भी सोच रहे होंगे कि उन्होंने चीन के साथ अपनी घनिष्टता बढ़ाई है तो चीन उनका पक्षधर बनेगा और जब पश्चिमी देशों और भारत की तरफ से उन पर दबाव बनाया जाएगा तब चीन उनका साथ देगा.

लेकिन शायद वो चीन की रणनीति को थोड़ा गलत समझ रहे हैं क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ जब सभी वैश्विक ताकतों के ख़िलाफ़ चीन अलग से किसी का अकेले समर्थन करने आया हो, इसलिए फिलहाल तो यामीन के पास बहुत कम विकल्प नजर आते हैं.

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मालदीव में इमरजेंसी का एलान, SC जज समेत कई गिरफ्तार, भारत ने जारी की चेतावनी

मालदीव का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट से टकराव की राह पर चलते हुए राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार ने 15 दिनों के लिए इमरजेंसी लागू कर दी है। राजनेताओं की धरपकड़ तेज हो गई है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के जज अली हमीद के अलावा पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयुम को गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं राष्ट्रपति यामीन के सौतेले भाई और 30 साल तक देश के राष्ट्रपति रहे ममून अब्दुल गयूम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वह विपक्षी नेताओं का साथ दे रहे हैं। मालदीव की स्थिति को देखते हुए भारत ने अपने यात्रियों को चेतावनी जारी की है और कहा है कि जरूरी ना हो तो वहां की यात्रा पर ना जाएं। दूसरी तरफ मालदीव की सेना ने संसद पर कब्जा कर लिया है।

संसद के पूर्व स्पीकर अब्दुल्ला शाहीद ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है। उन्होंने लिखा है कि पूर्व राष्ट्रपति और उनके दामाद को मालदीव की स्पेशल ऑपरेशन पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया है।

इससे पहले सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद नशीद समेत राजनीतिक बंदियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने से इन्कार कर दिया। उसने कहा कि वह इन सभी के खिलाफ फिर से मुकदमा चलाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इमरजेंसी लागू होने पर संसद को दो दिन में इसकी जानकारी देनी होती है। लेकिन, इसे सरकार पहले ही अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर चुकी है। इस बीच, भारत सरकार ने मालदीव की राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि अगर बहुत ज्यादा जरूरी न हो, तो वहां नहीं जाएं।

राष्ट्रपति यामीन के कार्यकाल में दूसरी बार इमरजेंसी लगाई गई है। इससे पहले नवंबर 2015 में उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए इमरजेंसी लगा दी थी। इस बीच, मालदीव के विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति यामीन पर दबाव बनाने के लिए भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई है। देश में इमरजेंसी लगाने का एलान कानूनी मामलों की मंत्री अजिमा शकूर ने सोमवार को किया।

उन्होंने इस सिलसिले में सरकार का फैसला टेलीविजन पर पढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक बंदियों की रिहाई के आदेश पालन नहीं करेगी। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामले को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया था और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। साथ ही 12 सांसदों की सदस्यता बहाल कर दी थी। राष्ट्रपति यामीन की पार्टी छोड़ने के बाद इनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।

इस बीच मालदीव के स्वास्थ्य मंत्री हुसैन रशीद ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश न मानने के सरकार के फैसले के विरोध में सोमवार को इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से इस्तीफा देने वाले वह पहले मंत्री हैं।

उधर, मालदीव के विपक्षी नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से राजनीतिक नेताओं को रिहा करने और लोकतंत्र बहाल करने के लिए राष्ट्रपति यामीन पर दबाव डालने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमने भारत, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है।

गौरतलब है कि भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया और संयुक्त राष्ट्र ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था। इस बीच मालदीव के न्यायिक प्रशासन विभाग ने इस खबर का खंडन किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को लागू कराने के लिए भारत सरकार से सहायता मांगी है।

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तो क्या अगले साल फरवरी से पहले हो जायेगी कंगना रनौत की शादी!

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि वह जल्द शादी करेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें अगले साल फरवरी तक का टाइम दिया जाय।

मुंबई में हुए फैशन वीक में एक शो के लिए शो स्टॉपर बनने के बाद मीडिया के सामने आईं कंगना रनौत ने जब शादी की बात पर जवाब देना शुरू किया तो वो ख़ूब खिलखिला कर हंस रही थीं। ऐसे में उनकी बात का मतलब क्या निकाला जाय ये वहीं बता सकती हैं। कंगना ने कहा कि अपनी शादी के लिए वो फरवरी 2019 तक की डेडलाइन चाहती हैं ताकि वह उस बीच शादी कर सकें। शादी का सवाल आते ही कंगना ने कहा “ बहुत जल्द, मुझे आशा है बहुत जल्द। यह कौन सा महीना है। जनवरी या फरवरी। फरवरी। तो मुझे अगले साल फरवरी तक की डेडलाइन दीजिये।“ कंगना रनौत उनकी बेबाकी के लिए जानी जाती है। इसके पहले भी वह ऐसे कई मुद्दों पर खुलकर उनकी राय रख चुकी है। जिसके चलते वह कई बार सुर्ख़ियों में भी आ चुकी है। वंशवाद के मामले में उनकी बयानबाजी के चलते ही उनका और करण जौहर का मनमुटाव हुआ था।

कंगना रनौत इन दिनों फिल्म ‘मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ़ झाँसी ‘ की शूटिंग में व्यस्त है। इस फिल्म में वह रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभा रही है। इस फिल्म का निर्देशन कृष कर रहे हैं और फिल्म अब संभवतः जून में रिलीज़ होगी।

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भारत की ‘सुपरस्टार’ चीन में ऐसे बनी ‘बाहुबली’

आमिर खान फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार ने चीन के बॉक्स ऑफ़िस पर 500 करोड़ का कलेक्शन करने के साथ अपना बाहुबल दिखा दिया है। आमिर खान ने 14वें दिन ये मुकाम हासिल किया है।

इस फिल्म को अब चीन का बाहुबली भी कहा जा सकता है क्योंकि एस एस राजमौली की बाहुबली 2 को इंडियन बॉक्स ऑफ़िस पर 510 करोड़ 99 लाख रूपये का लाइफ़ टाइम कलेक्शन मिल चुका है और ये फिल्म भारत की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। आमिर खान प्रोडक्शन में बनी ज़ायरा वसीम स्टारर फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार ने चीन के बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ के 14वें दिन 2.82 मिलियन डॉलर यानि करीब साढ़े 18 करोड़ रूपये का कलेक्शन किया और इसी के साथ चीन में इस भारतीय फिल्म ने 500 करोड़ रूपये के जादूई आंकड़े को छू लिया है। सीक्रेट सुपरस्टार का चीन के बॉक्स ऑफ़िस पर अब कुल कलेक्शन 79.42 मिलियन डॉलर यानि 509 करोड़ रूपये हो गया है।

हाल के दिनों में चीन के बॉक्स ऑफ़िस पर रिलीज़ दुनिया की कई बेहतरीन फिल्मों को पटखनी दे कर आमिर खान की सीक्रेट सुपरस्टार पहले ही नंबर वन का स्थान हासिल कर चुकी है। लेकिन एक मामले में सीक्रेट सुपरस्टार पीछे रह गई है और वो भी आमिर खान से ही, जिनकी दंगल ने चीन के बॉक्स ऑफ़िस पर 14दिनों में 91.61 मिलियन डॉलर यानि 587 करोड़ 17 लाख रूपये जमा कर लिए थे। दंगल, चीन में 13वें दिन ही 500 करोड़ रूपये के आंकड़े को छू गई थी। सीक्रेट सुपरस्टार एक ऐसी लड़की की इमोशनल कहानी है जो अपने भीतर के गायकी के हुनर को दुनिया के सामने लाना चाहती है लेकिन उसके पिता, समाज के डर से उसे ऐसा करने से रोकते हैं। बाद में वो इंटरनेट पर वीडियो डाल कर फेमस हो जाती है। और इसी कारण फिल्म चीन वालों के दिल को छू गई।

फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार ने चीन के बॉक्स ऑफ़िस पहले चार दिन में ही 200 करोड़ रूपये का आंकड़ा पार कर लिया था।

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हिमाचल: जयराम ठाकुर ने ली CM पद की शपथ, पीएम मोदी भी रहे मौजूद

हिमाचल प्रदेश बुधवार को एक नए इतिहास का गवाह बना है। यहां पहली बार मंडी के विधायक जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पीएम मोदी भी पहली बार मौजूद रहे। शिमला के रिज मैदान पर हो रहे शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जयराम ठाकुर को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई।

जयराम ठाकुर ने खुले मैंदान में जनता के सामने शपथ ग्रहण की और उनके बाद 10 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने वालों में महेंद्र सिंह ठाकुर, सुरेश भारद्वाज, रामलाल मरकंडा, सरवीण चौधरी, राजीव सैजल, अनिल शर्मा, विपिन परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह।

पिता की आई याद

शपथ से पहले ठाकुर को अपने पिता की याद आ गई और उन्होंने कहा कि आज मेरे पिता होते तो बड़ी खुशी होती। उनका एक साल पहले निधन हो गया। मेरे माताजी भी अस्वस्थ्य हैं लेकिन उनका आशीर्वाद मेरे साथ है यही बड़ी बात है। लोगों ने हममें विश्वास दिखाया है हम उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।

वहीं जयराम ठाकुर की पत्नी साधना ने कहा कि यह आम लोगों के विश्वास की जीत है। सरकार से ढेर सारी उम्मीदें हैं कि वो लोगों की समस्याओं को समझकर उन्हें सुलझाने का प्रयास करेंगे।

मंडी के लोगों के लिए खास दिन

यद दिन मंडी के लोगों के लिए विशेष है क्योंकि पहली बार इस सीट का कोई विधायक राज्य का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। छोटा राज्य होने के कारण यहां कैबिनेट में 11 मंत्री तक रह सकते हैं लेकिन माना जा रहा है कि आज के शपथ ग्रहण में ठाकुर के साथ 6 से 8 मंत्री शपथ ले सकते हैं।

शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनने के लिए शिमला के रिज मैदान पर सुबह से ही लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, अंनत कुमार गीते, थावर चंद गहलोत मंच पर मौजूद हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा शिमला पहुंच चुके हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण अाडवाणी के अलावा राज्यों के मुख्यमंत्री व 6 राज्यों के उप-मुख्यमंत्री शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के विभिन्न भागों से करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

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विजय रूपाणी चुने गए गुजरात के मुख्‍यमंत्री, नितिन पटेल होंगे उप मुख्‍यमंत्री

गुजरात में विजय रूपाणी को राज्‍य का अगला मुख्‍यमंत्री चुन लिया गया है. साथ ही नितिन पटेल को उप मुख्‍यमंत्री चुना गया है. पार्टी विधायकों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. केंद्रीय पर्यवेक्षक अरुण जेटली और सरोज पांडे की मौजूदगी में यह फैसला हुआ. इससे पहले 5 नेता मुख्‍यमंत्री पद की रेस में थे जिनमें विजय रूपाणी के अलावा नितिन पटेल, पुरुषोत्तम रूपाला, मनसुख मांडविया और वजूभाई वाला शामिल थे. और अंतत: रूपाणी के नाम पर मुहर लग गई. इससे पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी की सीटें कम होने से रूपाणी की कुर्सी जा सकती है. सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि सोमवार को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा.

कौन हैं विजय रूपाणी
विजय भाई रूपाणी का जन्म बर्मा में हुआ था. वह 61 साल के हैं. 1960 में बर्मा में राजनीतिक उथल-पुथल के चलते उनका परिवार राजकोट आ गया था.  उन्होंने सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई की. एबीवीपी और RSS से जुड़े रहे. इमरजेंसी के दौरान वह 11 महीने जेल भी गए. 1996-97 के बीच वह राजकोट शहर के मेयर भी रहे. मुख्यमंत्री बनने से पहले वह गुजरात प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष भी रहे. आनंदीबेन पटेल मुख्यमंत्री थीं तब वह परिवहन और वाटर सप्लाई के मंत्री थे. 7 अगस्त 2016 से वह गुजरात के मुख्यमंत्री हैं. राजकोट पश्चिम से वह चुनाव लड़ते हैं और जीतते आए हैं. जैन समाज से आते हैं, उनके दो बेटे और एक बेटी है.

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कल घरेलू मैदान पर क्रिकेट को अलविदा कहेंगे नेहरा, 19 साल का रहा साथ

खास बातें

  1. दिल्‍ली टी-20 मैच के बाद संन्‍यास लेंगे तेज गेंदबाज आशीष नेहरा
  2. कल के मैच में उन्‍हें प्‍लेइंग 11 में जगह मिलना लगभग तय
  3. कानपुर वनडे में महंगे रहे भुवनेश्‍वर को दिया जा सकता है रेस्‍ट

वनडे सीरीज 2-1 के अंतर से जीतने के बाद टीम इंडिया यहां कल होने वाले पहले टी20 में भरपूर आत्‍मविश्‍वास के साथ न्‍यूजीलैंड के खिलाफ उतरेगी. विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली टीम इंडिया का पहला लक्ष्‍य ‘बुजुर्ग’ तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को विजयी विदाई देकर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपना खाता खोलना होगा. लगभग 19 साल पहले अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले नेहरा ने घोषणा की है कि घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला में होने वाला पहला टी20 मैच उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा. इस 38 वर्षीय तेज गेंदबाज ने भारत की तरफ से अपना आखिरी मैच भले ही इस साल पहले एक फरवरी को बेंगलुरू में खेला था लेकिन संन्यास की पूर्व घोषणा के कारण उनका इस मैच में खेलना तय है.

नेहरा ने अपना अंतिम टेस्ट मैच अप्रैल 2004 जबकि आखिरी वनडे वर्ल्‍डकप 2011 में खेला था लेकिन वह आईपीएल और अन्य टूर्नामेंटों में नियमित तौर पर खेलते रहे हैं. इस बीच छोटे प्रारूप में वे भारतीय टीम का हिस्सा भी बने रहे. दिल्ली का यह तेज गेंदबाज अपने परिजनों और शहर के दर्शकों के सामने जब आखिरी मैच खेलने के लिये उतरेगा तो निश्चित तौर पर मैदान के अंदर और बाहर भावनाओं का ज्वार भी उमड़ रहा होगा. यह देखना जरूर दिलचस्प होगा कि नेहरा को किस गेंदबाज के स्थान पर अंतिम एकादश में रखा जाता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टी20 मैचों में भारत भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के साथ उतरा था. भुवनेश्वर कानपुर में आखिरी वनडे में नियंत्रित गेंदबाजी नहीं कर पाए थे और उनको विश्राम दिया जा सकता है.

विराट कोहली एंड कंपनी एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश करेगी. प्रत्येक क्रिकेटर चाहता है कि उनका वरिष्‍ठ साथी जीत के साथ विदाई ले तथा वर्तमान टीम भी नेहरा को यह सम्मान देने में कसर नहीं छोड़ेगी. अगर भारत जीत दर्ज करता है तो यह उसकी न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 में पहली जीत भी होगी. इससे भारत जहां हार के अपने क्रम को तोड़ेगा वहीं आखिरी दो वनडे की जीत से मिली विजयी लय भी जारी रखेगा.

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जो पांच टी20 मैच खेले हैं उन सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा. इनमें पिछले साल वर्ल्‍ड टी20 चैंपियनशिप का नागपुर में खेला गया मैच भी शामिल है जब भारतीय टीम 79 रन पर ढेर हो गई थी. न्यूजीलैंड एकमात्र ऐसी टीम है जिसके खिलाफ भारत अब तक छोटे प्रारूप में जीत दर्ज नहीं कर पाया है. पूरी संभावना है कि यह क्रम वर्तमान सीरीज में टूट जाएगा. लेकिन कोहली की टीम के लिए यह आसान भी नहीं होगा क्योंकि जिस तरह से वनडे सीरीज में मैच काफी करीबी रहे और कीवियों ने अपने जज्बे और जोश का जानदार नमूना पेश किया उससे यह उम्मीद बन गयी है कि टी20 सीरीज भी रोमांचक होगी. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों विशेषकर मध्यक्रम का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है और कप्तान केन विलियमसन इसे टीम के लिए सकारात्मक पक्ष मानते हैं. विलियमसन के अलावा टॉम लाथम और हेनरी निकोल्स ने मध्यक्रम में अच्छी बल्लेबाजी की है जबकि सलामी बल्लेबाज कॉलिन मुनरो ने भी अपने शॉट चयन से प्रभावित किया है. मार्टिन गुप्टिल वनडे की असफलता की भरपाई टी20 में करने के लिए बेताब होंगे.

नेहरा जहां अपने आखिरी मैच को यादगार बनाना चाहेंगे वहीं कप्तान कोहली भी अपने घरेलू मैदान पर पहली बड़ी पारी खेलने की कोशिश करेंगे. फिरोजशाह कोटला पर भारत अपना पहला टी20 मैच खेलेगा जहां कोहली ने कुछ यादगार पारियां खेली हैं. शिखर धवन का भी यह घरेलू मैदान पर है जिसमें अब तक वह टेस्ट और वनडे में बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं. वह कल इसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे. केएल राहुल टी20 के लिये टीम में हैं और धवन जानते हैं कि आगे किसी तरह की असफलता से उन्हें अंतिम एकादश में अपनी जगह गंवानी पड़ सकती है. आलराउंडर पंड्या पर भी निगाहें टिकी रहेंगी. भारत ने अच्‍छे फॉर्म में चल रहे श्रेयस अय्यर और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के रूप में दो नए चेहरे टीम में लिए हैं. अय्यर को मध्यक्रम में केदार जाधव की जगह पर मौका मिल सकता है लेकिन पहले मैच में नेहरा के खेलने के कारण सिराज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिये थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. मैच शाम सात बजे शुरू होगा और ऐसे में ओस की भूमिका भी अहम होगी. बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को इससे अधिक जूझना पड़ सकता है और ऐसे में टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण बन जाएगी. भारत जहां कोटला पर अपना पहला टी20 मैच खेलेगा वहीं न्यूजीलैंड ने पिछले साल वर्ल्‍ड टी20 में एक मैच यहां खेला था जिसमें उसे इंग्लैंड के हाथों सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा था.

दोनों टीमें इस प्रकार हैं…
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद सिराज, आशीष नेहरा, अक्षर पटेल और लोकेश राहुल.

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), टाड एस्टल, ट्रेंट बोल्ट, टाम ब्रूस, कोलिन डि ग्रैंडहोम, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लाथम, एडम मिल्ने, कोलिन मुनरो, हेनरी निकोलस, ग्लेन फिलिप्स, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी और टिम साउथी.
मैच शाम सात बजे से होगा.