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10000 रुपए लगाकर गोटा पट्टी से शुरू किया बिजनेस। अब है सालाना 30 करोड़ का टर्नओवर!

आज का दौर डेडिकेटेड ई कॉमर्स का है जहां फर्स्ट क्राई ने अमिताभ जी के साथ मिलकर सफलता का इतिहास रचा है। इसी कड़ी में अगला नाम है indianbeautifulart.com का जिसको प्राइवेट बैंक कर्मचारी नितिन कपूर और ई बे कर्मचारी अमित गुप्ता ने 2009 में 10000 रुपए द्वारा बिजनेस की शुरुआत की।

Nitin Kapoor
Nitin Kapoor

कंपनी की शुरुआत लेस और गोटापट्टी की बिक्री से हुई जिसको इन्होंने अमेरिका, यू के और अन्य देशों तक अपने ब्रांड के माध्यम से पहुंचाया।

कंपनी को 2010 में 40 लाख रुपए की एंजेल फंडिंग मिली जिससे अन्य आर्ट्स में भी कारोबार करना शुरू किया।

2015 में इन्होंने जस्ट इन टाइम इन्वेंट्री सिस्टम से कार्य प्रारंभ किया। जहां डिमांड बेस्ड प्रोडक्शन के द्वारा अपने कस्टमर्स की जरूरतों को पूरा किया गया।

आज इंडियन ब्यूटीफुल आर्ट गारमेंट्स के साथ साथ होम फर्निशिंग, प्रिंटिंग, ज्वेलरी, हेल्थ एंड ब्यूटी, बेड एंड बाथ, ऑटोमोबाइल एसेसरीज, पेट एसेसरीज … इत्यादि क्षेत्रों में भी बिजनेस करती है जो 1000 उत्पादकों से उत्पाद लेती है। कंपनी हर माह 31000 ऑर्डर पूरे करती है जो कि मुख्यतः यूएस, यूके, जर्मनी, साउथ ईस्ट एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका से आते हैं। कंपनी का रिकॉर्ड सालाना टर्नओवर 30 करोड़ का रहा।

इसी तरह आप भी प्रेरणा लेकर अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाकर AdTO Startup Destination की सर्विसेज द्वारा नई बुलंदियों पर पहुंच सकते हैं।

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मिल्क शेक स्टार्टअप ने हासिल किया 2 साल में 40 करोड़ का रेवेन्यू। जानें कैसे!

2 साल पहले कोरामंगलम में पहला फ्रोजेन बोटल स्टोर खोलने वाले प्रांशुल यादव और अरुण सुवर्णा ने अपनी कड़ी मेहनत और बेमिसाल बिज़नेस प्लानिंग से अब 100 आउटलेट्स खोलने का कारनामा कर लिया है।

Frozen bottle cofounders

प्रांशुल ने इससे पहले क्रीम स्टोन के कई स्टोर्स बैंगलोर में खोले थे जिससे उनका इस क्षेत्र में अनुभव और बढ़ गया। दोनों ने मिलके 36 लाख रुपए से इस बिज़नेस को बूटस्ट्रैप किया और सफलता की नई मिसाल कायम की।

Frozen bottle outlet

2017 में अपने पहले साल में बैंगलोर में 10 स्टोर्स खोलना इनकी एक बड़ी कामयाबी रही। इस साल के अंत मे फ्रोज़न बोटल ने 18 लाख रुपए में 8% सेल्स प्रति माह रॉयल्टी फीस के साथ अपनी फ्रेंचाइजी देनी शुरू करी जिससे अब मौजूदा समय मे इनके 40 कंपनी आउटलेट्स मिलाकर कुल 100 से ज्यादा स्टोर्स चल रहे हैं।

Frozen bottle products

फ्रोज़न बोटल बैंगलोर, मुंबई, चेन्नई, दिल्ली, पुणे, सूरत, मनिपाल, कोच्चि और कोयम्बटूर जैसे कुल 18 शहरों में स्टोर्स खोल चुकी है। कंपनी का प्लान 140 नए स्टोर्स खोलने का है जिसके लिए 5 करोड़ का निवेश यह अपनी कमाई में से ही कर रहे हैं। फ्रेंचाइजी मॉडल की कामयाबी से इस कंपनी को कभी एक्सटर्नल फंडिंग की भी जरूरत नही पड़ी और अपनी शर्तों पर खुद मेहनत करके कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचना सभी के लिए एक बेहद प्रेरणा दायक उदाहरण है।

यदि आपके पास भी कोई बिज़नेस आईडिया है तो यह लेख जरूर पढ़ें Starting Up Funding

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कौन हैं इस साल के भारतीय यूनिकॉर्न हंटर्स। मिलिए सभी शीर्ष इंवेस्टर्स से!

इंवेस्टर्स किसी कंपनी में अपना निवेश एक नीति के तहत करते हैं। हर इंवेस्टर की अपनी एक विशेष नीति और कुछ मानक होते हैं जिनसे वो आवेदक कंपनी को परखता है।

Indian unicorn

जब किसी स्टार्टअप की मार्किट वेल्युएशन 1 अरब डॉलर या 7000 करोड़ रुपए हो जाती है तब वह यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहलाता है। ऐसे ही स्टार्टअप को पहचान कर उसके प्रारंभिक काल मे निवेश करने वाले इंवेस्टर यूनिकॉर्न हंटर कहलाते हैं। इस साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ कर विश्व भर को आचम्भित कर दिया। अभी बीती छमाही की बात करें तो सेकोइया इंडिया सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट करने वाली प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट कंपनी रही वहीं एस्सेल पार्टनर्स, ब्लूम वेंचर्स के साथ साथ कुछ और कम्पनियों ने भी भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। आइए जानते हैं इन कम्पनियों के बारे में!

सेकोइया कैपिटल इंडिया

सेकोइया कैपिटल इंडिया देश की अग्रणी इंवेस्टर कंपनी है जो कि सीड, अर्ली, ग्रोथ और लेट स्टेज कंपनियों को फंड्स प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में भारत और साउथ ईस्ट एशिया की 200 से ज्यादा कंपनियां हैं जिनमे जिलिंगो, बीरा, म्यु सिग्मा, फ्रेशवर्क्स, ध्रुवा, पाइन लैब्स, फ्रीचार्ज और जस्ट डायल जैसी यूनिकॉर्न कम्पनियां हैं। इस साल इस कंपनी ने डाउटनट, खाताबूक, अजानी स्पोर्ट्स, बुलबुल, फ्लाईनोट, हिप्पो वीडियो, स्किलमैटिक्स और इंटरव्यूबिट अकैडमी जैसे स्टार्टअप्स को फंड्स प्रदान किए हैं।

एस्सेल पार्टनर्स

Accel partners logo

2008 में एरस्मिक वेंचर फण्ड के अधिग्रहण के साथ एस्सेल पार्टनर्स का भारत मे पदार्पण हुआ और तब से यह 100 से ज्यादा कंपनियों को फंड्स प्रदान कर चुकी है। इस कंपनी की डाउनलिस्ट में बुकमाईशो, ब्लैकबक, ब्लूस्टोन, फ्लिपकार्ट, फ्रेशडेस्क, पोर्शिया, पावर2एसएमई, स्विगी और अर्बनक्लैप जैसे यूनिकॉर्न कंपनियां शामिल हैं।

ब्लूम वेंचर एडवाइजर्स

Blume venture advisors

ब्लूम वेंचर्स अर्ली स्टेज, सीड और प्राइवेट इक्विटी फंडिंग प्रदान करने के साथ साथ एक्टिव मेंटरिंग और सपोर्ट भी प्रदान करती है। इसकी डाउनलिस्ट में कैशीफाई, डुंजो, प्रिंटो, यूनोकोइन, हेल्दीफाईमी, बीहाइव वर्कस्पेस जैसी बड़ी कंपनियां हैं। इस साल के बड़े इन्वेस्टमेंट्स में मुंबई की हेल्थअश्योर को सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर का फंड्स प्रदान किया गया, वहीं बैंगलोर की कंपनी आगारा लैब्स को प्री सीरीज A राउंड में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान किए गए।

इन बड़ी फर्म्स के अतिरिक्त बहुत सी कम्पनियां स्टार्टअप्स को भिन्न स्टेज के फंड्स प्रदान करती हैं जिनसे वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके आप अप्लाई कर सकते हैं।

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इस साल 7 नए स्टार्टअप्स बन चुके हैं यूनिकॉर्न कम्पनी। पिछले साल हुए थे 10 स्टार्टअप्स इस लिस्ट में शामिल।

पिछले 2 माह में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में बेहद सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है जहां 3 नई कम्पनियों की मार्केट वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई और इनको मिलाकर 2019 में अब तक कुल 7 कम्पनियों को यूनिकॉर्न स्टार्टअप का तमगा मिल चुका है। जेरोधा, देल्हिवरी, डेली हंट और पेटीएम मनी के साथ साथ 3 कम्पनियों ने पूरे इकोसिस्टम को हतप्रभ कर दिया है।

Startup ecosystem adto

पिछले साल भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और विश्व में बिज़नेस एस्टेब्लिशमेंट में प्रथम स्थान हासिल कर 10 नए स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न स्टार्टअप में शामिल किया गया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड वर्ष 2014 में 4 नए यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स का था।

Indian startup ecosystem adto

अभी तक 2019 में यूनिकॉर्न लिस्ट में शामिल हुए स्टार्टअप्स में कुछ तो बेहद अनापेक्षित रहे जो अन्य स्टार्टअप्स से आगे निकल गए। सिएटल और पुणे स्थित इकेर्टिस 2009 में शुरू हुई ऐसी ही कम्पनी है जो बिज़नेस सॉल्यूशन सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है। अमेरिका की ग्रेक्राफ्ट और प्रेमजी इन्वेस्ट कम्पनियों से मिली 115 मिलियन डॉलर की सीरीज E फंडिंग में इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई।

अन्य सरप्राइज यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में पुणे स्थित 2008 में बनी ध्रुवा एक क्लाउड डेटा प्रोटेक्शन और इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रदान करती है। ध्रुवा को वाइकिंग ग्लोबल इन्वेस्टर्स से मिली 130 मिलियन डॉलर की फंडिंग के समय इसकी वैल्युएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई और यह यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की लिस्ट में शामिल हो गई।

New startup funding adto

मार्च 2019 में रजिस्टर्ड हुई कम्पनी ओला इलेक्ट्रिक को सीड इन्वेस्टमेंट में रतन टाटा, टाइगर ग्लोबल और मैट्रिक्स पार्टनर से 56 मिलियन डॉलर अर्थात 400 करोड़ रुपए मिले थे और कम्पनी अभी रोलआउट स्टेज में है। कम्पनी को हाल ही में सॉफ्टबैंक से मिली 250 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग में कम्पनी का मार्केट मूल्य 1 बिलियन डॉलर लगाई गई।

इन तीनों स्टार्टअप्स के अलावा 30 से ज्यादा सुनिकोर्न्स स्टार्टअप्स भी यूनिकॉर्न की लिस्ट में आने के लिए तैयार है जिनके बारे में हम आपको अपडेट करते रहेंगें।

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अब नहीं होगी हर काम में पैन कार्ड की जरूरत। आधार नंबर ही बन जाएगा पैन!

भारत सरकार के यूनियन बजट 2019 में इंकम टैक्स रूल में फेरबदल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इन नए रूल्स के बारे में बताया।

टैक्सदाताओं की सहूलियत के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड को विनिमय योग्य कर दिया जाएगा। इसका अर्थ जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे इंकम टैक्स फाइल करते समय आधार कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही अन्य जगहों पर भी यह पैन कार्ड के विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

अब पैन अप्लाई करते समय UIDAI से आधार का डेमोग्राफिक डेटा लिया जाएगा। अगर पैन कार्ड में आपका आधार लिंक है तब आप अपनी इच्छानुसार पैन कार्ड की जगह आधार का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही बड़ी बैंकिंग ट्रांजेक्शन के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड डेटा से वेरिफाई करवाना अनिवार्य हो गया है।

सभी इंकम टैक्स फाईलिंग के लिए आधार से वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है।

रविशंकर प्रसाद ने संसद में महत्वपूर्ण आधार अमेंडमेंट बिल पेश किया जिसके अंतर्गत अब 18 वर्ष से कम उम्र के आधार नंबर होल्डर्स 18 वर्ष की आयु में आने पर अपना आधार कैंसिल करवा सकते हैं। इसके साथ ही इन्होंने आधार डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या हुआ महंगा

सोने के आयात शुल्क में 2.5% बढ़ाने के साथ साथ पेट्रोल, डीजल और आयातित पुस्तकों पर 5% शुल्क बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऑटो पार्ट्स में सिंथेटिक रबर, पी वी सी, टाइल्स, ऑप्टिकल फाइबर, चांदी, स्टेनलेस उत्पाद, मूल धातु के फिटिंग और फ्रेम्स, एयरकंडीशनर, लाउडस्पीकर, वीडियो रिकॉर्डर, CCTV कैमरे, तम्बाकू उत्पाद तथा हॉर्न पर भी शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई।

क्या हुआ सस्ता

इलेक्ट्रिक कारों पर GST को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है तथा इसके लिए लोन पर ब्याज में 1.5 लाख तक कि इंकम टैक्स में छूट दी गई है। होम लोन भी सस्ते हुए जिसमे 45 लाख के होम लोन में 3 लाख की छूट भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त साबुन,शैम्पू, हेयरोइल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट पौडर, पंखे, लैंप, ब्रीफकेस, यात्री बैग, सेनेटरी वीयर, बोतल, कंटेनर, रसों बर्तन, बिस्तर, गद्दे, चश्मों के फ्रेम, बांस फर्नीचर, पास्ता, मेयोनेज़, नमकीन, सूखा नारियल, सेनेटरी नैपकिन, धूपबत्ती, ऊन तथा ऊन के उत्पादों को और सस्ता करा गया है।

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पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को मिला निवेश पहुंचा 3.9 बिलियन डॉलर। नई बुलंदियां छू रहा हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम

भारतीय स्टार्टअप बूम आज अपनी सही राह पर चल रहा है। पूरे इकोसिस्टम पर वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

Startup growth

कुल 292 डील्स मिलाकर पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को 3.9 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ। वहीं 2018 में पहली छमाही में 2.7 बिलियन डॉलर का निवेश भारतीय स्टार्टअप्स को मिला था।

Indian startups funding report

पहले पांच माह में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा की डील्स की संख्या पिछले दो सालों की छमाही से काफी ज्यादा रही। 2016 में भारतीय स्टार्टअप्स में कुल निवेश 4.2 बिलियन डॉलर था जो कि 2017 में 4.3 बिलियन डॉलर रहा। 2018 में यह 38.3 बिलियन डॉलर के जादुई आंकड़े पर पहुंची और पहली बार एशियन स्टार्टअप्स को मिलने वाली फंडिंग अमेरिकन स्टार्टअप्स से ज्यादा हो गई।

यह सकारात्मक पहलू भारत सरकार भी जानती है। इसलिए स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के तहत नए नए चैलेंज की घोषणा की जाती है जिसे जीतने वाले को पुरुस्कार और कंपनी को मार्गदर्शन भी मिलता है तथा फंडिंग भी।

Startup funding solution

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प्रोफेसर सतीश प्लास्टिक से पेट्रोल बना कर कमा रहे हैं 2 से 3 लाख प्रतिमाह। जानें कैसे!

हैदराबाद के 45 वर्षीय प्रोफेसर सतीश ने डेड प्लास्टिक को डीपोलिमराईज़ेशन या पयरोलीसिस प्रक्रिया से पेट्रोल बनाने का सफल उद्योग शुरू किया है।

Fuel from plastic by pyrolysis

सतीश एक मेकैनिकल इंजीनियर हैं और 200 लीटर से अधिक पेट्रोल का उत्पादन प्रतिदिन कर रहे हैं।

Satish petrol from plastic

डेड प्लास्टिक वह प्लास्टिक होती है जो कि प्लास्टिक को 4 से 5 बार रिसायकल करने पर प्राप्त होती है। यह उपयोग नहीं की जा सकती तथा प्लास्टिक के सभी गुण खो चुकी होती है। यह प्लास्टिक अभी भी नष्ट नहीं होती और इसको बड़े बड़े डंपिंग ग्राउंड्स में इसको ढककर डाल दिया जाता है।

Dead plastic

प्रोफेसर सतीश की इस सफलता से पर्यावरण को बेहद ही सकारात्मक लाभ हो रहा है और इसको बड़े स्तर पर जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए। एक ओर जहां इस प्लांट में पानी का इस्तेमाल नहीं होता, साथ ही इसमें कोई चिमनी न होने से पर्यावरण को भी संरक्षित रखा जाता है।

वर्ष 2013 से सतीश ने इस विषय पर कार्य करना शुरू किया। अगस्त 2015 तक इन्होंने सफलता पाकर कारखाना लगाने का काम शुरू किया जिससे जनवरी 2016 तक काम करना शुरू कर दिया।

Satish machine petrol from plastic

प्रोफेसर सतीश की यह मशीन एक बार मे 300 लीटर डीज़ल, 100 लीटर हाई स्पीड डीज़ल और 50 लीटर पेट्रोल बनाती है।

Satish lab final products

प्रोफेसर सतीश की कंपनी हाइड्रोक्सी सिस्टम्स भारत सरकार की बायोफ्यूल पॉलिसी का फ़ायदा उठाकर सफलता पूर्वक कार्य कर रही है और हम सभी को इस पर्यावरण की रक्षा करने की प्रेरणा दे रही है।

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यूं ही नहीं भारत की टेस्ला कहलाती है एथर एनर्जी। मई में मिली है 51 मिलियन डॉलर की फंडिंग!

Tarun mehta and swapnil jain ather 450

एथर एनर्जी को CEO तरुण मेहता और CTO स्वप्निल जैन ने 2013 में हाई परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया। ये दोनों ही आई आई टी मद्रास से इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। टेक्नोलॉजी डेवलोपमेन्ट बोर्ड अंडर डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आई आई टी मद्रास ने 2014 में इनसे प्रभावित होकर 65000 डॉलर की बूटस्ट्रेप फंडिंग दी। इसके बाद 2014 में ही इनको फ्लिपकार्ट के सचिन और बिन्नी बंसल से 1 मिलियन डॉलर की सीड इन्वेस्टमेंट मिली।

मई 2015 में टाइगर ग्लोबल ने एथर एनर्जी को 12 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग दी। 23 फरवरी 2016 को एथर एनर्जी ने अपना पहला स्मार्ट स्कूटर 75 किमी/घण्टा की तेजी से चलने वाला और टच स्क्रीन कंट्रोल डिस्प्ले वाला S340 टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस सर्ज, बैंगलोर में प्रदर्शित किया।

Ather S340 unveiled

इसके बाद ऑक्टोबर 2016 में हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी को 30 मिलियन डॉलर अर्थात 205 करोड़ रुपए की सीरीज B फंडिंग प्रदान की और बदले में कम्पनी के 32.31 % शेयर लिए।

2018 में बैंगलोर के व्हाइट फील्ड में मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाकर एथर 450 और S340 के 600 वेहिकल्स प्रति सप्ताह की दर से उत्पादन शुरू किया। इसके कुछ माह बाद हीरो मोटोकॉर्प ने कुछ और हिस्सेदारी लेने के लिए 19 मिलियन डॉलर की सीरीज C फंडिंग दी।

Electric smart scooter Ather 450 s340 view image

मई 2019 तक कम्पनी के बैंगलोर में 31 और चेन्नई में 7 फ़ास्ट चार्जिंग पॉइंट लगाए हैं जिनको कम्पनी द्वारा ऑटो ग्रिड का नाम दिया गया है जो कि बैटरी को 1 घण्टे में 90% चार्ज कर सकता है। इसी माह कम्पनी को 51 मिलियन डॉलर की सीरीज D फंडिंग मिली जिसमें सचिन बंसल ने 32 मिलियन डॉलर और हीरो मोटोकॉर्प ने 19 मिलियन डॉलर का निवेश किया।

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फेसबुक ने किया भारत में अपना पहला निवेश। मीशो ने हासिल की सीरीज C फंडिंग

करीब एक साल पहले 250 मिलियन डॉलर का बाजार मूल्य साबित करने वाली मीशो ने मेनलो पार्क, केलिफोर्निया स्थित फेसबुक से 13 जून को अघोषित मूल्य की फंडिंग हासिल की है।

Meesho got funding from facebook

मीशो एप्प एक सोशल प्लेटफार्म है जो कि छोटे विक्रेताओं को व्हाट्सएप्प, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए कस्टमर्स से व्यापार करने का माध्यम प्रदान करती है। यह विक्रेताओं को कोरियर तथा पेमेंट की भी सहूलियत देती है।

Facebook mark zuckerberg

भले ही फेसबुक ने अभी तक इन्वेस्ट की गई राशि को गोपनीय रखा है परन्तु टेकक्रंच के जानकार सूत्रों से पता चला है कि यह मूल्य भी साधारण बाजार मूल्य से ज्यादा मानकर दिया गया है तथा इसके बदले में बेहद कम प्रतिशत की साझेदारी ली है।

Meesho app logo

मीशो को 2015 में आई आई टी दिल्ली के 2012 बैच के सहपाठी विदित आत्रे और संजय बर्नवाल ने मिलकर बनाया था।

Meesho founders funding round

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स्टार्टअप बिज़नेस के लिए फंडिंग पाने के सभी उपाय

किसी भी बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। आज के दौर के स्टार्टअप युग में बहुत ऐसी संस्थाएं है, जो कि बेहतर आईडिए को रूप देने में मदद करती हैं। यदि आप के पास एक आइडिया है जो कि आपके आसपास के समाज को प्रभावित करने और किसी समस्या को सुलझाने का कार्य करता है, तो आपको यह लेख जरूर पड़ना चाहिए!

Adto startup funding

अनेकों बिज़नेस पूंजी के अभाव में या तो आईडिया स्टेज तक ही सिमट के रह जाते हैं या कुछ चरण बाद पूंजी न मिलने से बंद हो जाते हैं। आप अपने स्टार्टअप बिज़नेस के लिए मुख्यतः 3 तरीकों से फंडिंग का प्रबंध कर सकते हैं।

1. सरकारी या गैर सरकारी अनुदान(ग्रांट)-

यदि आपका बिज़नेस उन विशेष क्षेत्रों में से है जिन पर अनुदान मिलता है, तो आप भी अनुदान पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। परंतु यह अनुदान मात्र बिज़नेस को लांच और थोड़े संचालन मात्र का ही फंड्स प्रदान कर पाते हैं।

2. बिज़नेस लोन- बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से आप बिज़नेस लोन पा सकते हैं जो कि ब्याज सहित तय समय सीमा के भीतर वापिस करना पड़ता है भले ही आपका बिज़नेस चले या न चले।

Adto startup funding

3. इक्विटी फंडिंग- फंडिंग के इस तरीके में आपको इन्वेस्ट करने वाले से पूंजी मिल जाती है और बदले में इन्वेस्टर को आपकी कंपनी के इक्विटी शेयर का कुछ हिस्सा मिलता है। इस दशा में कंपनी को लाभ यह होता है की आपकी कंपनी में इन्वेस्ट करने वाला उसका भागीदार बन जाता है और कंपनी के हित के लिए कार्य करता है। इक्विटी फंडिंग में इन्वेस्टर नफा और नुकसान दोनों में भागीदार होता है। आइए जानते हैं इक्विटी फंडिंग के मुख्य चरण जिनसे स्टार्टअप बिज़नेस को गुजर कर शेयर मॉर्केट तक का सफ़र तय करना होता है!

Adto startup funding stages

1. सेल्फ फंडिंग या बूटस्ट्रैपिंग या सीड इन्वेस्टमेंट– आईडिया स्टेज से बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए आपको फंड्स का प्रबंध स्वतः करना पड़ता है। चाहे आप अपनी जमा पूंजी लगाएं या अपने परिवार या मित्रों से पूंजी का अनुरोध करें। बाहरी पूंजी के बदले में आप अपने बिज़नेस का 5% से 10% तक हिस्सा पूंजी देने वाले को प्रदान कर सकते हैं जो कि आपके आपसी संबंधों पर भी निर्भर करता है। बिज़नेस आईडिए के लिए अपनी कमर कसना या फीते बांधना इस चरण का मुख्य उद्देश्य है जिससे कि आप तेजी से आगे के चरण पार करते जाएं। इस चरण को सीड इन्वेस्टमेंट भी कहते हैं जो कि आपके बिज़नेस आईडिया का बीज स्टार्टअप मार्केट में उगाने का कार्य करता है। यह सीड इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत सी संस्थाएं भी कार्यरत हैं परंतु वे आपसे 20% या अधिक की भागीदारी की अपेक्षा रखती हैं जो कि बिज़नेस के आने वाले चरणों के लिए हितकारी नहीं होगा।

2. एंजेल इन्वेस्टमेंट- इस चरण को आसानी से समझा जा सकता है, जैसे कोई फरिश्ता आपके सपनों को सच करने में आपके साथ हो और जो कि आप से ज्यादा परिपक्व तथा अनुभवी हो, साथ ही आपके आईडिया में रूचि रखता हो, आपका भागीदार बन सकता है। इस चरण को एंजेल नाम इसीलिए दिया गया है क्योंकि इस बड़े स्टार्टअप मार्केट में यह एंजेल आपको बिज़नेस की बारीकियों से परिचित कराएगा और एक अच्छी पूंजी आपके बिजनेस में लगाएगा। यह एंजेल आपके स्टार्टअप को आगे ले जाने में आपका पूरा सहयोग देगा और बदले में इक्विटी शेयर में 15% से 25% तक हिस्सेदारी की आशा करेगा। यह आपका निर्णय है कि आपको कितनी पूंजी की आवश्यकता है और आप कितनी हिस्सेदारी तक देने की इच्छा रखते हैं। एंजेल इन्वेस्टर या तो किसी कंपनी के डायरेक्टर होते हैं या खुद एक समूह होते हैं। आपकी कंपनी में इन्वेस्ट करके यह डायरेक्टर बन कर कंपनी के हितों के लिए कार्य करते हैं। इस प्रक्रिया में 50,000 डॉलर से 1 मिलियन डॉलर तक का इन्वेस्टमेंट आप हासिल कर सकते हैं जो की आपके बिज़नेस आईडिया और उसकी मार्केट संभावनाओं पर निर्भर करता है। एंजेल इन्वेस्टमेंट पाने के लिए आप एंजेल इन्वेस्टर्स को या एंजेल नेटवर्क्स को सर्च कर सकते हैं और उनको अपना बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित कर सकते हैं।

3. वेंचर कैपिटल सीरीज A- इस चरण तक आपकी कंपनी ने प्रोडक्ट डेवलपमेंट और सेलिंग का काम शुरू कर दिया है। अब आपको इस बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए और इसका स्तर बढ़ाने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है। इसके लिए वेंचर कैपिटल कंपनियों को अपना आवेदन और बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित कर सकते हैं। यह कंपनियां 1 मिलियन डॉलर से 10 मिलियन डॉलर तक का निवेश इस चरण में करती हैं और 15% से 30% तक हिस्सेदारी की आशा रखती हैं।

Adto startup funding timeline stages

4. वेंचर कैपिटल सीरीज B- फंडिंग के इस चरण तक आपकी कम्पनी एक बड़े स्तर की कंपनी बन चुकी है और इसका मूल्यांकन एंजेल राउंड से 50 गुना से ज्यादा तथा सीरीज A राउंड से 5 से 10 गुना तक हो जाता है। इस फंडिंग राउंड में आप VC कम्पनियों को अपना आगे का बिज़नेस मॉडल प्रदर्शित करते हैं तथा इस चरण में 10 मिलियन डॉलर से 100 मिलियन डॉलर तक का निवेश 5% से 15% इक्विटी शेयर के बदले में हासिल कर सकते हैं। इसके लिए सीरीज A वाली कंपनी भी दोबारा निवेश कर सकती है या अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकती है।

कुछ कंपनियां VC सीरीज C, D … इत्यादि राउंड की फंडिंग के लिए आवेदन करती हैं तथा अधिकतर कंपनियां VC सीरीज B राउंड के बाद ही आईपीओ लॉन्च कर देती हैं।

5. IPO Launch- Securities and Exchange Bureau of India, सेबी ने ग्रोथ स्टेज बिज़नेस के लिए Institutional Trading Platform, ITP के तहत कुछ नियम बनाए थे जिन्हें मोदी सरकार ने नीतियों में परिवर्तन करके स्टार्टअप्स के लिए Innovators Growth Platform, IGP नाम से नया मॉडल पेश किया जिससे कि स्टार्टअप्स के लिए अपनी कंपनी का Initial Public Offerings, IPO लांच कर शेयर मार्केट में प्रवेश करना आसान हो गया है। मोदी सरकार ने स्टार्टअप्स की मूल भावना को पहचाना और बड़ी बड़ी VC और Private Equity, PE कम्पनियों के पास न जाकर सीधे शेयर मार्केट में कदम रखने को आसान बना दिया। आइए जानते हैं क्या बदलाव हुए हैं IPO लांच की नीति में,

New IGP rules for IPO Launch Stock Market
Image Credit: Yourstory

आसान शब्दों में कहें तो यदि आपकी कंपनी टेक्नोलॉजी, आई पी, डेटा एनालिटिक्स, बायोटेक या नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र से है और आपने 25% या ज्यादा की हिस्सेदारी इन्वेस्टर्स को 2 साल या अधिक समय से दी हुई है तो आप अपनी कंपनी का 25% इक्विटी स्टॉक IGP के तहत शेयर मार्केट में बेचने के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसे 6 माह के लिए प्री-इश्यू स्टेज में 2 लाख की प्रारंभिक लॉट लिमिट और 50 आवेदकों की प्रारंभिक सीमा के साथ लॉक किया जाएगा तथा सफलता पूर्वक संचालन होने पर स्टॉक एक्सचेंज में सब लोगों के लिए खोला जाएगा।

आधुनिक भारत की अर्थव्यवस्था में जो सकारात्मकता आई है वो यकीनन्द स्टार्टअप युग का ही योगदान है। फ्लिपकार्ट, पेटीएम जैसी कम्पनियों ने जो इतिहास रचा उसे और अलग अलग क्षेत्रों की कंपनियां आगे बढ़ा रही हैं। जिन कम्पनियों का बाजार मूल्यांकन 1 अरब डॉलर(1 बिलियन डॉलर) से ज्यादा हो जाता है वे स्टार्टअप मार्केट में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के नाम से जानी जाती हैं। आइए जानते हैं कौन कौन से कम्पनियां शामिल हैं इस स्टार्टअप यूनिकॉर्न क्लब में,

Indian Startup Unicorn Club Adto

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