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थानेदार के 14 साल के लड़के ने बनाए ये 3 एप, गूगल ने बताया शानदार, कमाई कर दी गरीबों को दान

14 वर्ष का आर्यन राज नौवीं कक्षा का छात्र है। आर्यन मार्च-अप्रैल में स्कूल की छुट्टी के समय तीन एप मोबाइल शॉर्ट कट, कम्प्यूटर शॉर्ट कट और वाट्सएप क्लीनर लाइट तैयार किया। तीनों एप को गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड करने के लिए भेज दिया। उसके बाद वह अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया। उधर, गूगल ने उसके तीनों एप की जांच की। रिसर्च किया। पाया गया कि अच्छे और कारगर एप हैं। गूगल ने तीनों एप को अप्रैल में अपने प्ले स्टोर में अपलोड कर दिया है। एक माह में प्ले स्टोर से आर्यन के एप को दस हजार लोगों ने डाउनलोड किया है।

क्या खासियत है एप की

– मोबाइल और कंप्यूटर शॉर्टकट एप : ये दोनों एप इंटरनेट के माध्यम से किसी तरह के मॉलवेयर और वायरस का प्रवेश रोकता है।

– वाट्सएप क्लीनर लाइट एप : यह वाट्सएप के बैकग्राउंड का रंग बदल देता है। साथ ही फोटो और वीडियो के माध्यम से किसी प्रकार के वायरस का प्रवेश रोकता है।

कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता है पटना के थानेदार का बेटा

पत्रकार नगर थानाध्यक्ष संजीत सिन्हा का बेटा है आर्यन राज। कक्षा दो से ही वह कंप्यूटर फ्रेंडली हो गया। वह सेंट माइकल दीघा में नौंवी का छात्र है। संजीत सिन्हा कहते हैं कि बेटा इंजीनियर बनना चाहता है। पूर्व में आर्यन ने बिहार पुलिस को लेकर एक एक एप बनाया था, जो सफल नहीं हो सका।

एप बनाने से भी एक बड़ा काम आर्यन ने किया है। उसने पुरस्कार की राशि स्वीकार करने से मना कर दिया। गूगल को बैंक अकाउंट नंबर न देकर यह आग्रह किया है कि इस राशि को उन बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाए, जो अभाव की वजह से पढ़ाई नहीं पूरी कर पा रहे। पटना के एक थानेदार के बेटे की मेधा और बड़प्पन की खूब चर्चा हो रही।

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एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

खबर है कि महज़ 9 साल की उम्र से एप डेवलप कर रहे आदित्य आज ऑनलाइन ‘आदि” कंपनी के मालिक भी हैं. ये कारनामा है जबलपुर के जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 8वीं में पढ़ने वाले आदित्य चौबे का जो आजकल जावा लैंग्वेज की ऑनलाइन ट्यूशन दे रहे है जिस लैंग्वेज का नाम 2 साल पहले तक सुना भी नहीं था .
एक मुलाकात लिटिल ऐप डेवलपर आदित्य चौबे से

12 साल की उम्र में गूगल प्ले स्टोर में अपने बनाये हुए एप को लेकर चर्चा में आये आदित्य चौबे ने बताया की उनकी यह शुरुआत तब हुई जब एक दिन वो लैपटॉप के नोटपैड पर कुछ काम कर रहे थे जिसमे error आने पर उन्होंने उसे ओपन किया तो जावा लैंग्वेज से पहली बार उनका सामना हुआ था. जिज्ञासु प्रवृति के आदित्य ने उसके बाद से ही लगातार जावा के बारे में पढ़कर कई एप भी बनाये है जिसमे से कुछ खास एप ये है –
1 – कोडरेड बटन एप
2 – लोकेशन लाइट एप
3 – लिसिन ट्यूब एप
4 – चैट बुक एप

आदित्य के पिता धर्मेन्द्र चौबे ऑर्डिनेंस फैक्टरी खमरिया में जूनियर वर्क्स मैनेजर और मां अमिता निजी स्कूल में साइंस टीचर हैं. आदी की बड़ी बहन 12वीं की छात्रा हैं.आदित्य ने अपने पिता की लिए एक स्पेशल कैलकुलेटर एप भी बनाया है जिसमे अनलिमिटेड नंबर्स तक कैलकुलेशन किया जा सकता है . फ़िलहाल आदित्य के 48 एप अभी गूगल प्ले स्टोर व एप्टॉयड पर लोड होने के लिए वेरीफिकेशन मोड पर है जो जल्दी ही प्ले स्टोर पर देखे जा सकते है .