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मुम्बई इंडियन्स के सामने धराशाई हुई चेन्नई, 8 विकेट के बड़े अंतर से मिली शर्मनाक हार। देखें फोटो विश्लेषण!

IPL के 27वें मैच में पहले खेलते हुए चेन्नई ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 169 रन बनाए। जीत के लिए मिले 170 रन के लक्ष्य को मुंबई ने 19.4 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया और चेन्नई से अपने पहले हार का बदला भी ले लिया।

मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने 33 गेंदों पर 56 रन की नाबाद पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलाई।

दूसरी पारी में चेन्नई के खिलाफ मुंबई के ओपनर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई साथ ही 34 गेंदों पर 44 रन बनाए।

मुंबई के ओपनर बल्लेबाज इवान लुईस ने 43 गेंदों पर 47 रन की अच्छी पारी खेली।

चेन्नई के मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना ने बेहतरीन पारी खेलते हुए 47 गेंदों पर नाबाद 75 रन बनाए।

मुंबई के खिलाफ पहली पारी में चेन्नई के ओपनर बल्लेबाज वॉटसन का बल्ला नहीं चला और वो 12 रन बनाकर आउट हुए।

अंबाती रायडू अर्धशतक के चूक गए और उन्होंने 35 गेंदों पर 46 रन की पारी खेली।

कप्तान धौनी ने अपनी टीम के लिए 21 गेंदों पर 26 रन की पारी खेली।

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टीवी खरीदने से पहले जानें OLED और QLED में अंतर: क्या है खूबियां

OLED और QLED में क्या अंतर है? कौन सी तकनीक ज्यादा अच्छी है? इनमें से कौन सी तकनीक हमारे काम की है और हमें इन दो डिस्प्ले में से किसे खरीदना चाहिए? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो एक आम यूजर्स के दिमाग में हमेशा आते हैं। कहना गलत नहीं होगा कि इन टेक टर्म्स ने यूजर्स को और भी ज्यादा कन्फ्यूज कर दिया है। ऐसे में अगर आप भी OLED और QLED को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं, तो आपको हमारी ये खबर पूरी पढ़नी होगी, जिसके बाद आपकी सारी शंकाएं खत्म हो जाएंगी।

क्या है OLED?

  • ‘ओएलईडी’ टीवी को देखते ही हमारे मूंह से पहली चीज निकलती है ‘शानदार’। ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले काफी स्मूथ होता है, इसमें करल और कॉन्ट्रास्ट निखर कर आता है।
  • ‘ओएलईडी’ का फुल फॉर्म ‘ऑर्गेनिक लाइट इमिटिंग डायोड’ है।
  • इस तकनीक में डिस्प्ले अपनी ही लाइट को बाहर फेकता है, जिसके चलते टीवी में भारी बैकलाइट की जरूरत नहीं होती है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले एक वॉलपेपर की तरह पतला होता है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले का हर पिक्सल खुद रौशनी फेकता है।
  • इस तकनीक में किसी भी इमेज को पिक्सल के आधार पर कंट्रोल किया जाता है।
  • ‘ओएलईडी’ पैनल में सेमी कंडक्टर्स के बीच ऑर्गेनिक फर्म्स को लगाया जाता है, इसके बाद इसमें बिजली की सप्लाई दी जाती है, ताकि हर पिक्सल स्विच ऑन या स्विच ऑफ हो सके।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले पर अंधेरा या ज्यादा रौशनी देखने में रियल लगता है।
  • डिस्प्ले को ऐसे डिजाइन किया जाता है कि आपकी आंखें तेजी से कलर और कॉन्ट्रास्ट को एडजस्ट कर लेती हैं।

क्या है QLED?

  • ‘क्यूएलईडी’ का फुल फॉर्म ‘क्वांटम डॉट लाइट एमिटिंग डायोड’ है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले प्रीमियम टीवी में आता है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले ‘ओएलईडी’ से बिल्कुल अलग है।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले खुद लाइट इमिट नहीं करते हैं।
  • ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले की खासियत है इसका क्वांटम डॉट कलर फिल्टर है।
  • क्वांटम डॉट कलर फिल्टर की वजह से ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले में ज्यादा ब्राइटनेस होता है।

इन मामलो में ‘क्यूएलईडी’ है परफेक्ट

  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले के मुकाबले ‘क्यूएलईडी’ में ज्यादा ब्राइटनेस मिलता है।
  • ‘ओएलईडी’ के मुकाबले ‘क्यूएलईडी’ डिस्प्ले में ज्यादा शानदार कलर एक्सपीरियंस मिलता है।

इन मामलों में ‘ओएलईडी है बेस्ट’

  • रिस्पांस टाइम की बात करें तो यहां ‘ओएलईडी’ बाजी मार रहा है, जो ‘क्यूएलईडी’ से ज्यादा तेज रिस्पांस करता है।
  • ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले का कॉन्ट्रास्ट ‘क्यूएलईडी’ के मुकाबले ज्यादा अच्छा है।
  • ब्लैक कलर का एक्सपीरियंस आपको ‘ओएलईडी’ डिस्प्ले पर ज्यादा अच्छा मिलेगा।
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जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग

जानें- क्या है BSF और सेना में अंतर, सैलरी-सुविधाएं भी होती है अलग

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भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बल भारत की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं. देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में भारतीय सेना के साथ सीआरपीएफ, बीएसफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी का अहम योगदान होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं ये सुरक्षा बल, भारतीय सेना से अलग होते हैं और इन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी काफी अलग होती है. आइए जानते हैं पैरा मिलिट्री फोर्सेज और सेना में क्या अंतर होता है…
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बता दें कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और भारतीय सेना में काफी अंतर होता है. कई सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, जिसमें सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, आसाम राइफल्स और एसएसबी शामिल है. वहीं सेना में भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना आते हैं.

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अर्धसैनिक बल देश में रहकर या सीमा पर देश की सुरक्षा करते हैं और अर्धसैनिक बल पूरे देश में आतंकवाद औऱ नक्सलवाद विरोधी अभियानों में भी लगे हुए हैं. वहीं वीआईपी सिक्योरिटी में भी मुख्यतौर पर अर्धसैनिक बलों के जवान ही होते हैं. सुविधाओं के नाम पर जो सहूलियतें भारतीय सेना को मिलती हैं, वैसी सुविधाएं अर्धसैनिक बलों को नहीं मिलती है.

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बीएसएफ पीस-टाइम के दौरान तैनात की जाती है, जबकि सेना युद्ध के दौरान मोर्चा संभालती है. बीएसएफ के जवानों को हमेशा सीमा की सुरक्षा के लिए तैयार रहना पड़ता है.

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बीएसएफ के जवानों को सीमा पर तैनात किया जाता है, जबकि भारतीय सेना के जवान सीमा से दूर रहते हैं और युद्ध के लिए खुद को तैयार करते हैं. साथ ही यह क्रॉस बोर्डर ऑपरेशन भी करती है.

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भारतीय सेना के जवानों को बीएसएफ के जवानों से ज्यादा सुविधा मिलती है, इसमें कैंटीन, आर्मी स्कूल आदि की सेवाएं शामिल है.

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भारतीय सेना रक्षा मंत्रालय के अधीन आती है, जबकि बीएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन होती है.

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भारतीय सेना में रैंक लेफ्टिनेंट, मेजर, कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जर्नल आदि होती है, लेकिन बीएसएफ में पोस्ट कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल, एएसआई, डीएआई, आईजी आदि होती है.

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भारतीय सेना में अधिकारी एनडीए और सीडीएस के माध्यम से चुने जाते हैं और इस परीक्षा का चयन यूपीएससी की ओर से किया जाता है. वहीं बीएसएफ में एसआई तक के उम्मीदवार एसएससी की ओर से चुने जाते हैं. वहीं बीएसएफ के डीजी आईपीएस बनते हैं.