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टीवीएस की नई Apache RTR 200 रेस एडिशन हुई लॉन्च, जानिए कीमत

TVS मोटर ने अपनी पीमियम और पॉपुलर बाइक Apache RTR 200 4V को लॉन्च कर दिया है यह अपाचे 200 का रेसिंग मॉडल है। इस बाइक में ऐंटी रिवर्स टॉर्क स्लिपर क्लचर और नए ग्राफिक्स शामिल किये हैं। जिसकी वजह से राइडर को इसे चलाते हुए नयापन महसूस होगा।

Apache RTR 200 4V अपने सेगमेंट की पहली ऐसी बाइक है जिसमें एडवांस्ड ‘A-RT स्लिपर कल्च’ दिया गया है इसे ऐंटी रिवर्स टॉर्क यूनिट कहा जाता है इसकी मदद से क्लच ऑपरेट करने में 22 फिसद तक कम ताकत लगती है। इससे कल्च हैंडलिंग आसानी से और तेजी से होती है।

कीमत की बात करें तो स्लिपर कल्च टेक्नोलॉजी वाले कार्ब्युरेटर वेरिएंट की कीमत 95,185 रुपये रखी है जबकि EFI इंजन के साथ स्लिपर कल्च वाले वेरिएंट की कीमत 1, 07,885 रुपये है तो वही स्लिपर कल्च के साथ कार्ब्युरेटर और ABS वाले वेरिएंट की कीमत 1, 08,985 रुपये रखी गई है।

बाइक के इंजन में कोई मैकेनिकल बदलाव नहीं किया है। इसमें मौजूदा 197.5cc का इंजन लगा है जो 20.21bhp कार्ब्युरेटर वेरिएंट में और 20.71bhp EFI वेरिएंट में जेनरेट करता है। हालांकि दोनों में पिक टॉर्क 18.1Nm ही रहेगा।

बजाज की पल्सर से है मुकाबला

TVS अपाचे 200 का मुकाबला बजाज की पल्सर NS200 से होगा। पल्सर NS200 में एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम की सुविधा है और कीमत 1.09 लाख रुपये है। पल्सर NS 200 में 200cc का सिंगल सिलेंडर, लिक्विड कूल्ड, इंजन लगा है। जो 23.5bhp की पॉवर और और 18.3Nm का टॉर्क देता है जनरेट करता है यह इंजन BS-IV मानकों पर खरा उतरता है।

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1984 सिख विरोधी दंगे: दोबारा खुलेंगे बंद किए गए 186 मामले

1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े 186 मामलों की फिर से जांच होगी और इसके लिए एक तीन सदस्‍यीय कमेटी का गठन होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया है। इससे पहले विशेष जांच दल (एसआइटी) ने इन मामलों को बंद कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में एसआइटी के इस फैसले को चुनौती दी गई, जिसे कोर्ट ने मान लिया। 186 मामलों की जांच के लिए गठित कमेटी में तीन सदस्‍य होंगे, जिनकी अध्यक्षता होई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज करेंगे।

आपको बता दें कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख दंगे भड़के थे। इसमें अकेले दिल्ली में हजारों लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में दिल्ली कांग्रेस के नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ को दंगों के लिए उकसाया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से इन नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं दंगा पीड़ितों के लिए यह जरूर एक राहत भरी खबर है।

इससे पहले भी केंद्र सरकार की ओर से गठित एसआइटी द्वारा 293 में से 240 मामलों को बंद करने के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। इस फैसले पर संदेह जताते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार से इनमें में 199 मामलों को बंद करने का कारण बताने के लिए कहा था।

3000 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में हजारों की संख्या में सिख मारे गए थे। याद दिला दें कि इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सिख अंगरक्षकों ने की थी। इंदिरा की हत्या के बाद पूरे भारत में दंगे की आग भड़की थी। इन दंगों में 3000 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। 2000 से ज्यादा लोग सिर्फ दिल्ली में ही मारे गये थे। नरंसहार के बाद सीबीआइ ने कहा था कि ये दंगे राजीव गांधी के नेतृ्त्व वाली कांग्रेस सरकार और दिल्ली पुलिस ने मिल कर कराये हैं। उस समय तत्कालीन पीएम राजीव गांधी का एक बयान भी काफी सुर्खियों में था जिसमें उन्होंने कहा था कि जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तब पृथ्वी भी हिलती है।